Crime

रायपुर में युवती ने लगाया पहचान छिपाकर शादी का आरोप, धर्म परिवर्तन के दबाव और प्रताड़ना की शिकायत

रायपुर में एक युवती ने युवक पर अपनी पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने, शादी करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मामला पंडरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर खुद को “सोनू” बताने वाले युवक से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत के बाद संबंध बने और बाद में शादी हुई। युवती का आरोप है कि शादी के बाद उसे पता चला कि युवक का नाम “सुफरान” है और उसने पहले अपनी धार्मिक पहचान छिपाई थी। युवती ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उस पर बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने, आधार कार्ड में नाम बदलवाने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और मंदिर जाने तथा हिंदू त्योहार मनाने से रोका गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ससुराल पक्ष ने उसके हाथ पर बने टैटू को मिटाने के लिए उसे जलाने और एसिड जैसी सामग्री से रगड़ने की कोशिश की। युवती ने यह भी दावा किया कि बेटे के जन्म के दिन उसे फिनाइल पिलाई गई थी। पीड़िता का कहना है कि बाद में आरोपी एक अन्य मामले में जेल चला गया। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर साथ रहने का दबाव बनाया और मना करने पर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने तथा जान से मारने की धमकी दी। युवती ने 7 जुलाई 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अपनी व अपने बच्चे की सुरक्षा के साथ न्याय की मांग की है। वहीं, आरोपी पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि युवती ने अपनी इच्छा से शादी की थी और उस पर किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Crime, Raipur, Religion

रायपुर सेंट्रल जेल में नशा पहुंचाने की नई साजिश नाकाम, प्याज और साबुन में छिपाई जा रही थी प्रतिबंधित सामग्री

रायपुर की केंद्रीय जेल में बंदियों तक नशीले पदार्थ और प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों का खुलासा हुआ है। पिछले महीने मुलाकात के दौरान कुछ परिजनों ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं के भीतर नशीली सामग्री छिपाकर जेल के अंदर पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन जेल प्रशासन की कड़ी जांच और सुरक्षा व्यवस्था के चलते सभी प्रयास विफल हो गए। जेल प्रशासन के अनुसार, तलाशी के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। कुछ लोगों ने प्याज के अंदर गांजे की पुड़िया छिपाकर भेजने की कोशिश की, जबकि साबुन की टिकिया को खोखला कर उसमें नशीली गोलियां और अन्य प्रतिबंधित सामग्री रखी गई थी। इसके अलावा सीलबंद बिस्किट के पैकेटों से भी छेड़छाड़ कर उनमें नशीली टैबलेट छिपाने का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सामान को इस तरह दोबारा पैक किया जाता था कि पहली नजर में किसी तरह की छेड़छाड़ दिखाई नहीं देती थी। हालांकि, सघन जांच के दौरान सभी प्रतिबंधित सामग्री जब्त कर ली गई और संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की गई। लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है। अब बंदियों के दैनिक उपयोग की कुछ चयनित वस्तुएं फिलहाल केवल जेल कैंटीन के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाएंगी। यह व्यवस्था अस्थायी रूप से लागू की गई है ताकि प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अन्य स्वीकृत वस्तुएं पहले की तरह नियमों के अनुसार परिजन उपलब्ध करा सकेंगे। साथ ही कैंटीन में मिलने वाली सभी वस्तुएं गुणवत्तापूर्ण होंगी और उनकी कीमत बाजार से कम रखी जाएगी, जिससे बंदियों के परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

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Crime, Raipur

भिलाई में पिकअप हटाने की बात पर खूनी हमला, युवक वेंटिलेटर पर; 4 आरोपी गिरफ्तार

भिलाई-3 के डबरापारा में रास्ते से पिकअप हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी के बाद लोहे की रॉड, हॉकी स्टिक, डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें नीलेश साहू की हालत बेहद गंभीर है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि तेजराम उर्फ तेजा साहू का आईसीयू में इलाज चल रहा है। घटना पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सोहन वर्मा (31), मोहन वर्मा (43), रामगोपाल वर्मा (72) और राजा राजपूत (22) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल लोहे की जैक रॉड और हॉकी स्टिक भी बरामद की गई है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, बुधवार रात करीब 11 बजे पूजा साहू अपने परिवार के साथ कार से घर लौट रही थीं। डबरापारा पुल के नीचे एक पिकअप वाहन सड़क पर खड़ा था, जिससे रास्ता बाधित हो गया। परिवार ने पिकअप चालक से वाहन हटाने को कहा, लेकिन इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि कुछ ही देर में सोहन वर्मा के साथ उसके परिजन और अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद गाली-गलौज शुरू हुई और देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने नीलेश साहू और तेजराम साहू पर लोहे की रॉड से सिर और पैरों पर हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचीं महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। परिवार का आरोप है कि महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और उन्हें भी डंडों तथा हाथ-मुक्कों से पीटा गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। घायलों को पहले शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में नीलेश साहू को वेंटिलेटर पर रखा गया। तेजराम साहू का आईसीयू में उपचार जारी है, जबकि अन्य घायलों का भी इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुरानी भिलाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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Bhilai / Durg, Crime

बिलासपुर में चाकूबाजी का VIDEO सामने आया, दोस्त को बचाने पहुंचे युवक पर हमला, दो घायल

बिलासपुर। शहर के तोरवा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात दो गुटों के बीच जमकर विवाद और मारपीट के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस घटना में दो युवक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, हेमूनगर इलाके में देर रात दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। इसी दौरान अपने दोस्त को बचाने पहुंचे अमन सिन्हा पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। घायल युवक के अनुसार, वह विवाद शांत कराने और अपने दोस्त को बचाने के लिए मौके पर पहुंचा था, लेकिन आरोपियों ने उसे घेर लिया और पहले मारपीट की। इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उसके चेहरे और गाल पर चोट पहुंचाई। इस हमले में अमन सिन्हा समेत एक अन्य युवक घायल हुआ है। दोनों को मौके पर मौजूद लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद तोरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Bilaspur, Crime

इमरजेंसी कॉल के बहाने मोबाइल लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार, 48 घंटे में 6 आरोपी पकड़े गए

बिलासपुर। कोटा पुलिस ने राहगीरों को इमरजेंसी कॉल करने के बहाने रोककर मोबाइल लूटने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात के 48 घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार, जोगीपुर निवासी 19 वर्षीय योगेश यादव ने 24 जुलाई को कोटा थाने में मोबाइल लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे वह अपने साथी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सूरजपुर पुल के पास कुछ युवकों ने इमरजेंसी कॉल करने की बात कहकर उन्हें रोका। जैसे ही योगेश ने कॉल के लिए मोबाइल निकाला, आरोपियों ने अचानक झपट्टा मारकर फोन छीन लिया। इसके बाद उनकी बाइक को धक्का देकर गिराया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पीड़ित द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने राकेश उर्फ टार्जन पोर्ते, दिव्यांशु उर्फ कोल और तुषार साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों अभय यादव, सुरेश पोर्ते और राहुल उर्फ भोला पोर्ते के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी राकेश पोर्ते के पास से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में राकेश उर्फ टार्जन पोर्ते (19), दिव्यांशु उर्फ कोल (20), तुषार साहू (25), अभय यादव (19), सुरेश पोर्ते (18) और राहुल उर्फ भोला पोर्ते (19) शामिल हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

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Bilaspur, Crime

मनरेगा घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई, पूर्व जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ 6 हजार पन्नों की चार्जशीट

कांकेर। छत्तीसगढ़ में करीब 18 साल पुराने कथित मनरेगा घोटाले मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत कांकेर में तत्कालीन जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ करीब 6 हजार पन्नों का चालान पेश किया है। यह मामला वर्ष 2006-07 और 2007-08 के दौरान मनरेगा योजना के तहत 8 ग्राम पंचायतों में सामग्री खरीदी से जुड़ा है। जांच में करीब 1 करोड़ 69 लाख 14 हजार 247 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आने का दावा किया गया है। EOW की जांच के अनुसार, तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए जिला स्तर से सामग्री की केंद्रीकृत खरीदी कराई। जबकि नियमानुसार खरीद प्रक्रिया जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर से की जानी थी। जांच में फ्लेक्सी बोर्ड, मस्टर रोल सत्यापन पत्रक, रोजगार गारंटी योजना से जुड़े दस्तावेज, रजिस्टर और अन्य सामग्री की खरीदी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन के अलावा 7 जनपद पंचायत CEO को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में राधाकांत कर, गोवर्धन गजबल्ला, परदेशी राम मरकाम, भारत राम नेताम, रामकिशुन ध्रुव, जीआर ठाकुर और संवालदास बघेल शामिल हैं। EOW ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120-B, 409 और 420 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी खरीद नियमों का उल्लंघन कर शासकीय राशि का गलत उपयोग किया गया। EOW के मुताबिक, मुख्य आरोपी केपी देवांगन के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े मामले दर्ज हैं। इनमें चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले शामिल हैं।

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Crime, Kanker

सूरजपुर में प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, पार्क में युवती की गला रेतकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्रेम संबंध के विवाद ने एक युवती की जान ले ली। पुलिस के अनुसार, दूसरे अफेयर के शक में एक युवक ने अपनी 19 वर्षीय गर्लफ्रेंड की नेहरू पार्क में चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने एक पर्ची छोड़कर हत्या की जिम्मेदारी ली और आत्महत्या करने रेलवे ट्रैक पहुंच गया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रितेश राजवाड़े ने रविवार शाम अपनी परिचित राधिका राजवाड़े को फोन कर नेहरू पार्क मिलने बुलाया। दोनों के बीच बातचीत के दौरान विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने चाकू से राधिका के गले पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल राधिका मदद के लिए कुछ दूर तक भागी, लेकिन खून अधिक बहने के कारण सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। गले में गंभीर चोट होने के कारण वह बोल नहीं पा रही थी। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में राधिका ने इशारे से कागज और पेन मंगाया और उस पर कथित तौर पर हमलावर का नाम लिख दिया। इलाज के दौरान रात करीब 10:30 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने पार्क और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान रितेश राजवाड़े के रूप में हुई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने की कोशिश में था, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दोनों के बीच प्रेम संबंध होने और दूसरे अफेयर के शक को लेकर विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

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Crime, sarguja

बिलासपुर में दिनदहाड़े दो मारपीट की घटनाएं, ऑटो सवार पर हमला; वायरल वीडियो के बाद 4 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर में रविवार को मारपीट की दो अलग-अलग घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पहली घटना तोरवा थाना क्षेत्र के गुरुनानक चौक की है, जहां ऑटो में सवार एक युवक का पीछा कर बीच सड़क लाठी-डंडों से हमला किया गया। वहीं दूसरी घटना सरकंडा थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां शराब दुकान के पास एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तोरवा थाना क्षेत्र के गुरुनानक चौक पर कुछ युवक बाइक से पहुंचे और ऑटो सवार युवक का पीछा करने लगे। युवक जैसे ही ऑटो से उतरा, हमलावरों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और बीच सड़क लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास भी किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद तोरवा पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है। फिलहाल मारपीट की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा स्थित शराब दुकान के पास हुई, जहां कुछ युवकों ने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर विकास यादव (21), मानव ध्रुव (19), राहुल गोंड़ (23) और ज्ञान सिंह गोंड़ (30) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी बिलासपुर के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी मारपीट के मामले दर्ज हैं। सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।

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Bilaspur, Crime

रायपुर के आमानाका ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार का कहर, आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त, महिला चालक फरार

राजधानी रायपुर के आमानाका ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से बड़ा सड़क हादसा हो गया। हादसे में करीब आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार अनियंत्रित होकर एक के बाद एक कई वाहनों से जा टकराई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद कार चला रही महिला चालक मौके से फरार हो गई। सूचना मिलते ही सरस्वती नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार महिला चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

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Accident, Crime, Raipur

53 करोड़ की फर्जी GST बिलिंग का खुलासा, मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के बड़े मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। विभाग के अनुसार आरोपी ने करीब 53 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग के जरिए 9.54 करोड़ रुपये की GST चोरी की। उसे 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विजय कुमार यादव ने मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज के नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक कारोबार के 53 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी किए गए और 9.54 करोड़ रुपये का बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को ट्रांसफर किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने बंद हो चुकी और फर्जी कंपनियों से प्राप्त ITC का दावा कर उसका उपयोग अपनी GST देनदारी चुकाने में किया। विभाग के अनुसार 10 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीकरण रद्द हो चुका था या जो आपस में संबंधित थीं, ITC-02 के माध्यम से 6.13 करोड़ रुपये का फर्जी ITC ट्रांसफर किया गया, जबकि उनके बीच किसी प्रकार का वास्तविक विलय, डी-मर्जर या अमलगमेशन नहीं हुआ था। इसके अलावा पंजाब सहित अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीकरण रद्द था या जो अस्तित्व में नहीं थीं, 1.99 करोड़ रुपये के फर्जी ITC का दावा किया गया। जांच के दौरान इन फर्मों से किसी भी प्रकार की वास्तविक माल आपूर्ति के प्रमाण नहीं मिले। विभाग ने यह भी पाया कि बिना वास्तविक खरीद के GSTR-2B और GSTR-3B के बीच अंतर दिखाकर 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया और उसका लाभ लिया गया। GST विभाग के मुताबिक आरोपी ने केवल अन्य फर्मों को ही 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी ITC ट्रांसफर नहीं किया, बल्कि स्वयं भी समान राशि का गलत तरीके से ITC लाभ प्राप्त किया। बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के केवल कागजी बिलों के आधार पर लेनदेन दिखाकर शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। राज्य GST विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई फर्जी बिलिंग और बोगस ITC के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। मामले की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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