Chhattisgarh

BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सड़क हादसे में घायल, यूपी में ट्रक से टकराई कार; हालत खतरे से बाहर

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के झांसी-ललितपुर मार्ग पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उन्हें कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। बागेश्वर धाम से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार किरण देव गुरु पूर्णिमा के अवसर पर निजी कार्यक्रम के तहत परिवार के साथ बागेश्वर धाम दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटने के दौरान झांसी और ललितपुर के बीच उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। वाहन बचाने के दौरान अनियंत्रित हुई कार प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झांसी-ललितपुर मार्ग पर सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे के समय किरण देव जिस वाहन में सवार थे, उसमें उनके साथ सुरक्षा कर्मी (PSO) मौजूद थे। वहीं परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी में यात्रा कर रहे थे। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उनके करीबियों के मुताबिक किरण देव को गंभीर चोट नहीं आई है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन हादसे की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। घटना को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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Accident, Raipur

रायपुर तेलीबांधा में भीषण आग: ऑक्टोपस बार समेत 4 दुकानें खाक, छतों से कूदकर लोगों ने बचाई जान

रायपुर के तेलीबांधा में आग का तांडव, ऑक्टोपस बार समेत चार दुकानें जलकर खाक रायपुर के तेलीबांधा इलाके में देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। ऑक्टोपस बार के पास स्थित एक हार्डवेयर दुकान से शुरू हुई आग कुछ ही देर में आसपास की कई दुकानों तक फैल गई। इस हादसे में ऑक्टोपस बार समेत चार दुकानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए 13 दमकल वाहनों को लगाया गया। घंटों की मशक्कत के बाद सुबह आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हार्डवेयर दुकान से शुरू हुई आग तेलीबांधा थाना प्रभारी अजय झा के अनुसार, शुरुआती जांच में आग हार्डवेयर दुकान से फैलने की बात सामने आई है। दुकान में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से बढ़ी और आसपास के प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज बारिश के बावजूद आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। बार की छत से कूदकर लोगों ने बचाई जान आग इतनी तेजी से फैली कि ऑक्टोपस बार की ऊपरी मंजिल में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि कुछ लोग जान बचाने के लिए आसपास की छतों से कूदकर बाहर निकले। वहीं पास के होटल में ठहरे लोगों को जैसे ही आग की जानकारी मिली, वे तुरंत बाहर निकल आए। कई लोगों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। बाहर खड़ी गाड़ियां भी जलीं आग की चपेट में आने से हार्डवेयर दुकान के सामने खड़ी कई गाड़ियां भी जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पास के भोजनालय संचालक बॉबी तोलानी ने बताया कि रात करीब 1 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आग काफी फैल चुकी थी। चार दुकानों को भारी नुकसान इस अग्निकांड में ऑक्टोपस बार समेत आसपास की तीन अन्य दुकानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और पुलिस की टीम अब आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

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मेकाहारा में फायर सेफ्टी सिस्टम पर सवाल: AC ब्लास्ट से आग, स्प्रिंकलर नहीं चला; धुएं से मचा हड़कंप

मेकाहारा अस्पताल में आग के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार दोपहर एसी में खराबी के चलते आग लग गई। घटना के बाद फॉल सीलिंग और प्लास्टिक सामग्री के जलने से कुछ ही समय में पूरे वार्ड में धुआं भर गया। मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि अस्पताल में लगाए गए फायर फाइटिंग सिस्टम और स्प्रिंकलर सिस्टम जरूरत के समय सक्रिय नहीं हुए। धुआं निकालने के लिए कर्मचारियों को कूलर और अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ा। AC से निकला धुआं, फिर लगी आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में लगे एसी से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। कुछ देर बाद तेज आवाज के साथ आग भड़क गई। बताया जा रहा है कि एसी के आसपास लगी प्लास्टिक सामग्री और फॉल सीलिंग ने आग को तेजी से फैलाने का काम किया। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। डॉक्टरों और कर्मचारियों ने किया मरीजों का रेस्क्यू आग लगने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। वार्ड में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ऑक्सीजन पाइपलाइन को देखते हुए सबसे पहले ऑक्सीजन सप्लाई बंद की गई, इसके बाद गंभीर मरीजों को दूसरे वार्ड और ICU में शिफ्ट किया गया। रेस्क्यू के दौरान कई डॉक्टर और कर्मचारी धुएं की चपेट में आए, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं चला, फायर सेफ्टी पर सवाल घटना के दौरान अस्पताल में लगे स्प्रिंकलर सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई है। वहीं धुआं बाहर निकालने के लिए हाई कैपेसिटी स्मोक एग्जॉस्ट सिस्टम उपलब्ध नहीं होने की भी जानकारी मिली। कर्मचारियों ने कूलर लगाकर धुआं बाहर निकालने का प्रयास किया। देर शाम तक वार्ड और आसपास के क्षेत्र में जले हुए प्लास्टिक की गंध बनी रही। कई फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता पर सवाल ग्राउंड रिपोर्ट में अस्पताल के कुछ हिस्सों में ऐसे फायर एक्सटिंग्विशर मिलने की बात सामने आई, जिनकी रिफिलिंग अवधि समाप्त हो चुकी थी। इससे अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और नियमित मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब जांच का विषय यह है कि अस्पताल में लगे फायर सिस्टम का समय पर निरीक्षण और रखरखाव किया गया था या नहीं। SDRF ने दिए सुरक्षा सुधार के निर्देश फायर अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को फायर सेफ्टी व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि फॉल सीलिंग और प्लास्टिक सामग्री आग लगने की स्थिति में तेजी से जलती है और ज्यादा धुआं पैदा करती है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा- कोई जनहानि नहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनवानी ने बताया कि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया। सभी मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रभावित वार्ड की व्यवस्था दूसरे स्थान पर की गई है। पहले भी हो चुकी है आग की घटना मेकाहारा अस्पताल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले नवंबर 2024 में भी ट्रॉमा ऑपरेशन थिएटर परिसर में आग लगी थी। उस घटना में शॉर्ट सर्किट के कारण उपकरण और मशीनें प्रभावित हुई थीं। पुरानी घटनाओं के बावजूद फायर सेफ्टी सिस्टम में पर्याप्त सुधार नहीं होने के आरोप एक बार फिर सामने आए हैं। अब इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठ रही है।

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बिलासपुर में 50 ई-बसों के रूट पर जनता की राय लेगा निगम, यात्रियों के सुझाव से तय होगा नया रूट प्लान

बिलासपुर। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होने से पहले बिलासपुर में इलेक्ट्रिक बसों के रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर में चलने वाली 50 ई-बसों के संचालन को लेकर अब यात्रियों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं, ताकि लोगों की जरूरत और आवागमन के आधार पर बेहतर रूट तैयार किया जा सके। बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी ने छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोगों से राय मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मार्गों पर रोजाना अधिक संख्या में लोगों का आना-जाना होता है, उन रूटों को प्राथमिकता दी जाएगी। ई-बसों के रूट तय करते समय विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल, औद्योगिक क्षेत्र, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी-निजी कार्यालयों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आसपास के गांवों और कस्बों से रोज शहर आने वाले लोगों की सुविधा को भी इसमें शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिलासपुर को 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है। इनमें पहले चरण में 35 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा, जबकि बाद में 15 और बसें चलाई जाएंगी। ई-बसों के संचालन के लिए कोनी में करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से डिपो तैयार किया जा रहा है। डिपो में चार्जिंग स्टेशन, वर्कशॉप, सब-स्टेशन और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां 14 चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जहां एक साथ 14 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, नागरिक अपने सुझाव ई-मेल के माध्यम से या नगर निगम के विकास भवन स्थित अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी के कक्ष क्रमांक-42 में जमा कर सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम रूट चार्ट तैयार किया जाएगा।

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बिलासपुर में चाकूबाजी का VIDEO सामने आया, दोस्त को बचाने पहुंचे युवक पर हमला, दो घायल

बिलासपुर। शहर के तोरवा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात दो गुटों के बीच जमकर विवाद और मारपीट के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस घटना में दो युवक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, हेमूनगर इलाके में देर रात दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। इसी दौरान अपने दोस्त को बचाने पहुंचे अमन सिन्हा पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। घायल युवक के अनुसार, वह विवाद शांत कराने और अपने दोस्त को बचाने के लिए मौके पर पहुंचा था, लेकिन आरोपियों ने उसे घेर लिया और पहले मारपीट की। इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उसके चेहरे और गाल पर चोट पहुंचाई। इस हमले में अमन सिन्हा समेत एक अन्य युवक घायल हुआ है। दोनों को मौके पर मौजूद लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद तोरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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इमरजेंसी कॉल के बहाने मोबाइल लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार, 48 घंटे में 6 आरोपी पकड़े गए

बिलासपुर। कोटा पुलिस ने राहगीरों को इमरजेंसी कॉल करने के बहाने रोककर मोबाइल लूटने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात के 48 घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार, जोगीपुर निवासी 19 वर्षीय योगेश यादव ने 24 जुलाई को कोटा थाने में मोबाइल लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे वह अपने साथी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सूरजपुर पुल के पास कुछ युवकों ने इमरजेंसी कॉल करने की बात कहकर उन्हें रोका। जैसे ही योगेश ने कॉल के लिए मोबाइल निकाला, आरोपियों ने अचानक झपट्टा मारकर फोन छीन लिया। इसके बाद उनकी बाइक को धक्का देकर गिराया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पीड़ित द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने राकेश उर्फ टार्जन पोर्ते, दिव्यांशु उर्फ कोल और तुषार साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों अभय यादव, सुरेश पोर्ते और राहुल उर्फ भोला पोर्ते के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी राकेश पोर्ते के पास से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में राकेश उर्फ टार्जन पोर्ते (19), दिव्यांशु उर्फ कोल (20), तुषार साहू (25), अभय यादव (19), सुरेश पोर्ते (18) और राहुल उर्फ भोला पोर्ते (19) शामिल हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

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मनरेगा घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई, पूर्व जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ 6 हजार पन्नों की चार्जशीट

कांकेर। छत्तीसगढ़ में करीब 18 साल पुराने कथित मनरेगा घोटाले मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत कांकेर में तत्कालीन जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ करीब 6 हजार पन्नों का चालान पेश किया है। यह मामला वर्ष 2006-07 और 2007-08 के दौरान मनरेगा योजना के तहत 8 ग्राम पंचायतों में सामग्री खरीदी से जुड़ा है। जांच में करीब 1 करोड़ 69 लाख 14 हजार 247 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आने का दावा किया गया है। EOW की जांच के अनुसार, तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए जिला स्तर से सामग्री की केंद्रीकृत खरीदी कराई। जबकि नियमानुसार खरीद प्रक्रिया जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर से की जानी थी। जांच में फ्लेक्सी बोर्ड, मस्टर रोल सत्यापन पत्रक, रोजगार गारंटी योजना से जुड़े दस्तावेज, रजिस्टर और अन्य सामग्री की खरीदी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन के अलावा 7 जनपद पंचायत CEO को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में राधाकांत कर, गोवर्धन गजबल्ला, परदेशी राम मरकाम, भारत राम नेताम, रामकिशुन ध्रुव, जीआर ठाकुर और संवालदास बघेल शामिल हैं। EOW ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120-B, 409 और 420 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी खरीद नियमों का उल्लंघन कर शासकीय राशि का गलत उपयोग किया गया। EOW के मुताबिक, मुख्य आरोपी केपी देवांगन के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े मामले दर्ज हैं। इनमें चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले शामिल हैं।

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रायपुर मेकाहारा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगी आग, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट

रायपुर। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल (मेकाहारा) के मेडिसिन विभाग स्थित इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार दोपहर अचानक आग लगने से अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया। आग के कारण इमरजेंसी वार्ड में धुआं भर गया, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दिया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में तकनीकी खराबी आने या उसके फटने की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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सूरजपुर में प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, पार्क में युवती की गला रेतकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्रेम संबंध के विवाद ने एक युवती की जान ले ली। पुलिस के अनुसार, दूसरे अफेयर के शक में एक युवक ने अपनी 19 वर्षीय गर्लफ्रेंड की नेहरू पार्क में चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने एक पर्ची छोड़कर हत्या की जिम्मेदारी ली और आत्महत्या करने रेलवे ट्रैक पहुंच गया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रितेश राजवाड़े ने रविवार शाम अपनी परिचित राधिका राजवाड़े को फोन कर नेहरू पार्क मिलने बुलाया। दोनों के बीच बातचीत के दौरान विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने चाकू से राधिका के गले पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल राधिका मदद के लिए कुछ दूर तक भागी, लेकिन खून अधिक बहने के कारण सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। गले में गंभीर चोट होने के कारण वह बोल नहीं पा रही थी। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में राधिका ने इशारे से कागज और पेन मंगाया और उस पर कथित तौर पर हमलावर का नाम लिख दिया। इलाज के दौरान रात करीब 10:30 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने पार्क और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान रितेश राजवाड़े के रूप में हुई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने की कोशिश में था, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दोनों के बीच प्रेम संबंध होने और दूसरे अफेयर के शक को लेकर विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

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रायगढ़ में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव से पहले पुलिस ने रोका

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव का प्रयास किया। महात्मा गांधी चौक से निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना देने लगे। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं विरोध जारी रखा। पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल ने प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कटौती बढ़ रही है और उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने सामान्य बिजली मीटर दोबारा लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने वाटर कैनन चलाने की मांग भी की और बैरिकेड्स के सामने फिल्मी गानों की धुन पर विरोध दर्ज कराया। इस अनोखे प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि पार्टी प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि गली-मोहल्लों में जाकर लोगों से आवेदन भरवाए जा रहे हैं ताकि स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाने की मांग सरकार तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार की बिजली बिल हाफ योजना से लोगों को राहत मिलती थी, जबकि वर्तमान सरकार जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाकर पुराने मीटर बहाल किए जाएं।

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