Chhattisgarh

रायपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी और गहराई, प्रोफेसर बनने के बाद 17 शिक्षकों का हुआ तबादला

रायपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी लगातार बनी हुई है। हाल ही में 21 डॉक्टरों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया, लेकिन इनमें से 17 डॉक्टरों का विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तबादला कर दिया गया। इससे पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 417 में से 166 पद अब भी खाली मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के कुल 417 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 166 पद अभी भी रिक्त हैं। वर्तमान में 251 डॉक्टर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इनमें 156 नियमित और 95 संविदा पर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और पीजी सीटों की संख्या पर पड़ता है। पहले भी घट चुकी हैं पीजी सीटें शिक्षकों की कमी का असर पहले भी देखने को मिला है। वर्ष 2025 में सर्जरी विभाग में पर्याप्त फैकल्टी नहीं होने के कारण पीजी की दो सीटें कम करनी पड़ी थीं। ऐसे में यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में अन्य विभाग भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में भी स्टाफ की कमी केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेज भी फैकल्टी की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज और एक सरकारी डेंटल कॉलेज में कुल 1,934 स्वीकृत शिक्षकों के पद हैं, जिनमें से 985 पद खाली हैं। यानी लगभग 51 प्रतिशत पदों पर अब भी नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में भी डॉक्टरों की कमी रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और बिलासपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की स्थिति भी चिंताजनक है। दोनों संस्थानों में कुल 139 स्वीकृत पदों में से 81 पद खाली हैं, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। ढाई साल में 100 से अधिक डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी नियमित भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित रहने के कारण कई डॉक्टर सरकारी सेवा छोड़ चुके हैं। पिछले करीब ढाई वर्षों में आंबेडकर अस्पताल और डीकेएस अस्पताल से 100 से अधिक डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से कई डॉक्टर बेहतर अवसर मिलने पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के मेडिकल संस्थानों में कार्यरत हो गए। इन विभागों के डॉक्टरों का हुआ तबादला पदोन्नति के बाद जिन डॉक्टरों का तबादला किया गया है, वे फॉरेंसिक मेडिसिन, फार्माकोलॉजी, एनाटॉमी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिसिन, गायनिक, ईएनटी, सर्जरी, दंत रोग, एनेस्थीसिया, चर्म रोग और रेडियोथेरेपी विभाग से जुड़े हैं। इनकी नई पदस्थापना कवर्धा, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, महासमुंद, दुर्ग, कांकेर और बिलासपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में की गई है.

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रायपुर में कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा जांच तेज, कई संस्थानों को नोटिस; फायर सेफ्टी और इमरजेंसी व्यवस्था में मिली खामियां

रायपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन, लिफ्ट सुरक्षा और इमरजेंसी एग्जिट जैसी व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए। प्रमुख कोचिंग संस्थानों का हुआ निरीक्षण निरीक्षण के दौरान एलन, अनअकादमी, विद्यापीठ, आरसीसी और अकादजा कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि एलन, अनअकादमी और विद्यापीठ की कुछ कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा था। इसके अलावा कई स्थानों पर वेंटिलेशन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। वहीं आरसीसी और अकादजा में फायर सेफ्टी, प्रवेश और निकास मार्ग, वेंटिलेशन तथा अन्य सुरक्षा मानकों में कई कमियां पाई गईं। अधिकारियों ने इन संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। तीन कोचिंग सेंटरों को जारी किया गया नोटिस नगर निगम के जोन-3 की टीम ने चाणक्य, इम्पैक्ट और क्लेट कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। आनंद नगर स्थित चाणक्य कोचिंग सेंटर में संचालक फायर ऑडिट प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट के सामने फर्नीचर रखा मिला, जिसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना गया। इस पर संचालक को नोटिस जारी किया गया। शंकर नगर के गीतांजलि नगर स्थित इम्पैक्ट कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी सिस्टम पर्याप्त नहीं पाया गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसी तरह शंकर नगर सेक्टर-1 स्थित क्लेट कोचिंग सेंटर में लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद मिला। साथ ही लिफ्ट संचालन व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं पाई गई। इस मामले में भी संचालक को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया है। अन्य कोचिंग संस्थानों की भी हुई जांच निरीक्षण अभियान के तहत नगर निगम के विभिन्न जोनों में कृतविद्या, उड़ान, फुदान और दिल्ली आईएएस अकादमी स्टडी पॉइंट सहित अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सुरक्षा नियमों के पालन पर रहेगा विशेष जोर हाल के समय में देशभर में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Raipur

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के साथ-साथ विभिन्न पक्षों का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 25 जून को जारी आदेश के अनुसार, समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। किन विषयों पर करेगी अध्ययन समिति राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों (पर्सनल लॉ) का अध्ययन करेगी। इसके अंतर्गत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी। अध्ययन के आधार पर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा। आम जनता और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि वह नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करे। इसके अलावा उन राज्यों के अनुभवों का भी अध्ययन किया जाएगा, जहां यूसीसी लागू हो चुकी है या इस दिशा में ठोस पहल की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार करेगी फैसला समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट और यूसीसी का ड्राफ्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके साथ आवश्यक विधायी और प्रशासनिक सुझाव भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सरकार सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श और अध्ययन के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। यूसीसी लागू होने पर क्या बदलेगा यदि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होती है तो विवाह, तलाक, संपत्ति का उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने पर्सनल लॉ के अनुसार इन मामलों का पालन करते हैं। सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना, विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के कारण होने वाली असमानताओं को कम करना तथा महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करना है। किन राज्यों में लागू है यूसीसी उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है। इसके अलावा गुजरात और असम ने भी यूसीसी से संबंधित विधेयक पारित किए हैं। वहीं गोवा में पुर्तगाली शासनकाल से लागू गोवा सिविल कोड आज भी प्रभावी है, हालांकि इसमें कुछ विशेष प्रावधान होने के कारण इसे पूर्ण आधुनिक यूसीसी नहीं माना जाता। छत्तीसगढ़ में गठित यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में शुरुआती और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय करेगी।

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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, टैक्सीवे पर आमने-सामने आए एयर इंडिया और इंडिगो के विमान

गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर मंगलवार शाम एक संभावित बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एयर इंडिया और इंडिगो के दो विमान टैक्सीवे पर कुछ समय के लिए आमने-सामने आ गए। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से स्थिति को तुरंत संभाल लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI2493 लैंडिंग के बाद टैक्सीिंग कर रही थी। इसी दौरान विमान निर्धारित मार्ग से भटककर गलत दिशा में मुड़ गया और टेकऑफ की तैयारी कर रही इंडिगो की फ्लाइट के सामने पहुंच गया। घटना शाम करीब 7:59 बजे की बताई जा रही है। जैसे ही स्थिति की जानकारी ATC को मिली, तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए और दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर नियंत्रित कर लिया गया। एयर इंडिया ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि टैक्सीिंग के दौरान विमान अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गया था। हालांकि इस दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। बाद में विमान को सुरक्षित रूप से टो कर पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। एयरलाइन ने बताया कि घटना की जानकारी संबंधित नियामक एजेंसियों को दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संचालन के दौरान यह चूक कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। घटना के बाद एयरपोर्ट संचालन और विमान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी स्थिति नियंत्रण में थी और समय रहते हस्तक्षेप कर किसी भी संभावित खतरे को टाल दिया गया।

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बिलासपुर सेंट्रल जेल हत्याकांड: बंदी की मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी निलंबित

बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंदी की हत्या के मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी धरम कोठारी को निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआती जांच के आधार पर डीआईजी ने यह कार्रवाई की है। बुधवार सुबह सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट फोरेंसिक टीम के साथ सेंट्रल जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने ई-1 बैरक से घटना में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट स्लैब, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी जुटाने के लिए जेल कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। वहीं मामले की न्यायिक जांच के लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनूप तिग्गा भी जेल पहुंचे। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और घटना के विभिन्न पहलुओं पर जेल प्रशासन से जानकारी ली। मृतक बंदी नीलू जगत का पोस्टमार्टम सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने को मौत का कारण बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए कोटा क्षेत्र के दबनपुर रवाना हो गए। फिलहाल पुलिस, फोरेंसिक टीम और न्यायिक जांच के माध्यम से मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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Bilaspur, Crime

रायपुर की छात्रा महिमा राजपूत अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ShaktiSAT के लिए चयनित, बनाएंगी सैटेलाइट

रायपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन वैश्विक स्पेस मिशन ‘ShaktiSAT’ के लिए हुआ है। कई चरणों वाली ऑनलाइन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करने के बाद महिमा नेशनल फाइनलिस्ट बनी हैं और अब भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। महिमा का चयन देशभर से आए हजारों आवेदनों के बीच लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया गया। इस मिशन में दुनिया के 108 देशों की छात्राएं भाग लेंगी और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विशेष प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगी। अगस्त 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाली आठ दिवसीय ShaktiSAT वर्कशॉप में महिमा हिस्सा लेंगी। इस दौरान उन्हें सैटेलाइट डिजाइन, स्पेस टेक्नोलॉजी और मिशन प्लानिंग की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में छात्राएं वास्तविक स्पेस प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव प्राप्त करेंगी। 23 अगस्त से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों की छात्राएं मिलकर दो सैटेलाइट तैयार करेंगी। इनमें से एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की योजना है, जबकि दूसरा चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए विकसित किया जाएगा। मिशन के तहत तैयार किए गए सैटेलाइट्स को अक्टूबर 2026 में श्रीहरिकोटा स्थित ISRO के लॉन्च पैड से अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। यह अवसर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। महिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन और जिला प्रशासन को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी शिक्षिका योगेश्वरी लहरी और विद्यालय की प्राचार्य जॉली साहू के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। महिमा की रुचि पेंटिंग और कहानी लेखन में है, जबकि भविष्य में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना चाहती हैं। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। ShaktiSAT मिशन का उद्देश्य दुनिया भर की छात्राओं को स्पेस साइंस, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ना है। यह पहल विशेष रूप से STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने और भविष्य के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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भिलाई में पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम, नाश्ता दुकान संचालक पर चाकू से जानलेवा हमला

दुर्ग जिले के भिलाई शहर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना वैशाली नगर थाना क्षेत्र की है, जहां देर रात कुछ लोगों ने एक युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल युवक की पहचान अन्नू यादव (35) निवासी वृंदानगर, भिलाई के रूप में हुई है। अन्नू अपने घर के सामने नाश्ते की दुकान संचालित करता है। बताया जा रहा है कि देर रात उस पर अचानक हमला किया गया। हमलावरों ने उसके पेट और सीने पर कई बार चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल घायल युवक को सुपेला अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को हमले की वजह माना जा रहा है। हालांकि विवाद किस बात को लेकर था, इसकी जांच अभी जारी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और क्षेत्र में नशे से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित होती हैं, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है। उन्होंने पुलिस से क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg, Crime

बिलासपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: बाइक फिसलने के बाद हाईवा ने कुचला, रिटायर्ड कर्मचारी की मौत

बिलासपुर जिले में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड कर्मचारी की मौत हो गई। रतनपुर थाना क्षेत्र के रानीगांव चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाइक फिसलने के बाद वे सड़क पर गिर गए और पीछे से आ रहे हाईवा की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उनकी जान चली गई। मृतक की पहचान लखराम निवासी रामसनेही दिनकर के रूप में हुई है, जो इंजीनियरिंग कॉलेज से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे परिवार के साथ कोनी स्थित अपने घर में रह रहे थे। खेती-किसानी और पारिवारिक कार्यों के कारण उनका लखराम आना-जाना लगा रहता था। बताया जा रहा है कि सोमवार को भी वे किसी निजी काम से लखराम गए हुए थे। शाम को बाइक से कोनी लौटते समय रानीगांव चौक के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। संतुलन बिगड़ने से वे सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में हाईवा का पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने पर रतनपुर पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंची और शव की पहचान कर परिजनों को हादसे की जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है।

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साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, ट्रांसफर पॉलिसी और अनुपूरक बजट पर लग सकती है मुहर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन स्थित कैबिनेट हॉल में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जा रही है। सबसे ज्यादा ध्यान नई स्थानांतरण नीति, विधानसभा के आगामी मानसून सत्र और चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट पर केंद्रित है। जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक में 13 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही सरकार अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कई संशोधन विधेयकों के प्रारूप और महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता, कृषि विभाग की तैयारियों तथा धान सहित अन्य फसलों की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय नई स्थानांतरण नीति मानी जा रही है। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। यदि कैबिनेट नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी देती है, तो प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर तबादलों का रास्ता खुल सकता है। इसके अलावा वित्तीय मामलों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे विभिन्न विभागों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विधानसभा मानसून सत्र, किसानों से जुड़े मुद्दे, प्रशासनिक फेरबदल और वित्तीय निर्णयों को देखते हुए साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर राजनीतिक, प्रशासनिक और कर्मचारी संगठनों की विशेष नजर बनी हुई है।

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नाव्या मलिक ड्रग्स केस में ED की एंट्री, मनी ट्रेल और हाईप्रोफाइल नेटवर्क की होगी जांच

रायपुर के चर्चित ड्रग्स स्कैंडल में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन के लेन-देन के पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने मामले से संबंधित चार्जशीट, केस डायरी और अन्य जांच दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस से मांगी हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अब जांच केवल ड्रग्स सप्लाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन और कथित काले धन के स्रोतों की भी पड़ताल की जाएगी। जानकारी के अनुसार, ED यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ड्रग्स कारोबार से कथित रूप से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। एजेंसी उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में ला सकती है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। ED की सक्रियता के बाद उन लोगों में भी हलचल बढ़ गई है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए थे लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से किसी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बने हैं। इस मामले का खुलासा अगस्त 2025 में हुआ था, जब पुलिस ने एमडीएमए के साथ हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई करते हुए नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया। जांच में दावा किया गया कि नाव्या मलिक रायपुर समेत अन्य स्थानों पर संचालित एक कथित ड्रग्स नेटवर्क की प्रमुख कड़ी थी। पुलिस जांच के अनुसार, नाव्या मलिक का नेटवर्क मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। आरोप है कि वह शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और क्लब कल्चर से जुड़े लोगों तक ड्रग्स पहुंचाने का काम करती थी। जांच में यह भी सामने आया था कि उसके संपर्क प्रभावशाली वर्ग के लोगों तक फैले हुए थे। नाव्या की गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में करीब 850 लोगों के संपर्क और बातचीत के रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया था। इनमें व्यवसायी, होटल संचालक, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोग और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने की बात कही गई थी। हालांकि पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश चार्जशीट में केवल नौ आरोपियों को ही नामजद किया गया। चार्जशीट में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज कथित तौर पर इस पूरे मामले के सामने आने की महत्वपूर्ण कड़ी बना। दस्तावेजों के अनुसार, अयान ने दिल्ली से आने वाली कथित ड्रग्स खेप की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई थी। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि अयान स्वयं भी कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले की चार्जशीट में एक रहस्यमयी नाम ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ का भी कई बार उल्लेख किया गया है। हालांकि यह व्यक्ति कौन है और उसकी वास्तविक पहचान क्या है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। इस नाम को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल इस हाईप्रोफाइल मामले में नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब ED की जांच के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।

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