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रायगढ़ में प्रोफेसर पर युवती का गंभीर आरोप, सेक्स के लिए दबाव बताकर मंगेतर संग की मारपीट, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। एक युवती ने शासकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर रेमन भार्गव पर लंबे समय से अश्लील संदेश भेजने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। आरोपों से नाराज युवती अपने मंगेतर के साथ प्रोफेसर के घर पहुंची, जहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद के दौरान युवती ने प्रोफेसर का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मार दिए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। युवती का कहना है कि प्रोफेसर पिछले करीब डेढ़ साल से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेज रहे थे। उसने आरोप लगाया कि कई बार संबंध बनाने के लिए दबाव भी बनाया गया। लगातार मानसिक रूप से परेशान होने के बाद उसने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि 1 जुलाई को युवती अपने होने वाले पति के साथ प्रोफेसर के निवास पर पहुंची थी। वहीं दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। वायरल वीडियो में युवती प्रोफेसर से नाराजगी जाहिर करते हुए कहती दिखाई दे रही है कि उसकी शादी होने वाली है और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। वीडियो में प्रोफेसर की पत्नी भी माफी मांगती नजर आ रही हैं। युवती ने यह भी दावा किया कि प्रोफेसर ने अन्य लड़कियों को भी परेशान किया है। उसने कहा कि यदि किसी और छात्रा या युवती के साथ भी ऐसा हुआ है तो वे सामने आएं, ताकि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके। उसका कहना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। इस मामले पर शासकीय कॉलेज कुंजारा के प्राचार्य एमएल पटेल ने कहा कि यह कॉलेज परिसर से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों का निजी विवाद है। कॉलेज प्रशासन को पहले कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी। शिकायत मिलने पर नियमानुसार उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाती। वहीं, लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि युवती ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते के बाद पुलिस ने मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की। नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप युवती के बयान पर आधारित हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

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HARASSMENT, Raigarh, State, Top News

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग अभियान, 245 यात्रियों से वसूला गया जुर्माना

रायपुर रेलवे स्टेशन पर 30 जून को विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म और 18 ट्रेनों में टिकटों की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करते हुए 158 यात्री पकड़े गए, जिनसे 1,48,555 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, गलत या अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले 72 यात्रियों से 55,635 रुपये वसूले गए। इसके अलावा अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले 12 यात्रियों से 1,750 रुपये और रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वाले 3 लोगों से 3,000 रुपये का जुर्माना लिया गया। इस तरह कुल 245 मामलों में कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य यात्रियों को सही टिकट लेकर यात्रा करने और रेलवे नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले वैध टिकट और प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए प्लेटफॉर्म टिकट जरूर लें तथा रेलवे परिसर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।

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Raipur

सक्ती हत्याकांड का खुलासा: प्रेमी ने 4 लाख की सुपारी देकर कराई प्रेमिका की हत्या, 9 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 26 जून को हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या उसके प्रेमी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर साजिश रचकर कराई थी। इस वारदात के लिए 4 लाख रुपये में सुपारी देकर शूटरों को हायर किया गया था। पुलिस के अनुसार, पूर्णिमा और आरोपी मुरलीशंकर के बीच प्रेम संबंध थे। समय के साथ दोनों के रिश्तों में विवाद बढ़ने लगा। इसके बाद मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा चौहान ने मिलकर पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने हत्या के लिए अलग-अलग राज्यों के अपराधियों से संपर्क किया और 4 लाख रुपये में सौदा तय किया। 26 जून को दो बदमाश पूर्णिमा के घर पहुंचे और गोली मारकर उसकी हत्या कर फरार हो गए। घटना के बाद सक्ती पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से जुड़े कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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Crime

रायगढ़ में 25 हाथियों के दल ने सड़क पार की, वन विभाग ने रोका ट्रैफिक; गांवों में जारी किया अलर्ट

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंगलवार शाम करीब 6 बजे 25 हाथियों का एक दल घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार इलाके में सड़क पार करता दिखाई दिया। हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए वन विभाग ने कुछ समय के लिए सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी। वन विभाग को पहले ही सूचना मिल गई थी कि हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर सड़क की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और हाथियों का वीडियो बनाने लगे। वन विभाग ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की। वन विभाग के अनुसार, हाथियों का दल सड़क पार करने के बाद पानीखेत और पाकादरहा के जंगल की ओर चला गया। दल में नर, मादा और छोटे हाथी भी शामिल हैं। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से अकेले जंगल नहीं जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। इससे पहले सोमवार रात लैलूंगा वन परिक्षेत्र के कुंजारा स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में 12 हाथियों का एक अन्य दल घुस गया था। हाथियों ने फेंसिंग को कई जगह से तोड़ दिया और उद्यान में रखे पौधों व गमलों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा नारियल के पौधे और कटहल के पेड़ों को भी क्षति पहुंची।

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स्मार्ट मीटर के बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लोगों का विरोध, पुराने मीटर लगाने की मांग

स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घरों का बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आने लगा है। उनका कहना है कि घर में बिजली की खपत पहले जैसी ही है, फिर भी हर महीने बिल बढ़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि इन मीटरों के जरिए बिजली की रीडिंग दूर से ली जाती है और जरूरत पड़ने पर विभाग कार्यालय से ही बिजली कनेक्शन को नियंत्रित कर सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है। लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए गए। विरोध करने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर मीटर लगाने का दबाव बनाया गया। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि मीटर लगाने वाले कर्मचारियों के पास अधिकृत पहचान पत्र नहीं थे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाए जाएं और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। लोगों ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली का उत्पादन राज्य के अपने संसाधनों से होता है, फिर भी बिजली की दरें लगातार बढ़ रही हैं। महंगाई के बीच बढ़ते बिजली बिल आम लोगों की आर्थिक परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।

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Bhilai / Durg

छत्तीसगढ़ के 16 हजार कोटवारों का सरकार को अल्टीमेटम, 15 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

छत्तीसगढ़ के कोटवारों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि यदि 15 अगस्त तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 16 हजार से अधिक कोटवार पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेंगे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ ने बताया कि कई बार शासन और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि दशकों से राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद कोटवारों को नियमित कर्मचारी का दर्जा, पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संघ का आरोप है कि वर्तमान में मिलने वाला पारिश्रमिक बेहद कम है, जिससे कोटवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता, झूठी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई और सेवा के दौरान परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं। कोटवार संघ की प्रमुख मांगों में राजस्व विभाग के अधीन नियमितीकरण, न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियुक्ति में परिवार के योग्य सदस्य को प्राथमिकता, बेबुनियाद शिकायतों पर कार्रवाई रोकना, बेगार प्रथा समाप्त करना तथा नगर निगम और नगरपालिका क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाना शामिल है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो प्रदेशभर के करीब 16 हजार कोटवार एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने अधिकारों की मांग करेंगे।

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छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कम अंक वाले छात्रों को प्रवेश से इनकार? शिक्षक संघ ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिए जाने के आरोप सामने आए हैं। इस मुद्दे को लेकर शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिक्षक संघ का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के कमजोर परिणामों के बाद कई प्राचार्यों के तबादले और प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इसी दबाव के कारण कुछ स्कूल अब कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों का दाखिला लेने से बच रहे हैं। संघ के अनुसार, कुछ सरकारी स्कूल पिछले वर्ष के बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर छात्रों का चयन कर रहे हैं। इससे कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित किया जा रहा है, जबकि सरकारी स्कूल सभी छात्रों के लिए खुले होने चाहिए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बेहतर परीक्षा परिणाम दिखाने के दबाव का असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। संघ का दावा है कि कार्रवाई के डर से कुछ स्थानों पर बोर्ड परीक्षाओं में नकल जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। उनका कहना है कि केवल अच्छे रिजल्ट पर जोर देने से शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षक संघ ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य सरकार एक ओर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट) की संख्या कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि पढ़ने के इच्छुक छात्रों को ही प्रवेश नहीं मिलेगा तो यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। संघ ने सरकार से मांग की है कि सभी सरकारी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं ताकि हर पात्र विद्यार्थी को बिना किसी भेदभाव के प्रवेश मिल सके और किसी भी छात्र को केवल कम अंक होने के आधार पर दाखिले से वंचित न किया जाए।

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रायपुर: NIT के पास 7 संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई, गंदगी और सिंगल यूज प्लास्टिक मिलने पर ₹50 हजार का जुर्माना

रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक-7 ने स्वच्छता संबंधी मिली जनशिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एनआईटी के आसपास स्थित सात संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर गंदगी और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-7 की जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी आत्मानंद साहू और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही। निरीक्षण में प्राप्त जनशिकायत सही पाए जाने के बाद सातों संस्थानों के संचालकों को भविष्य में स्वच्छता नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही नगर निगम ने सभी संस्थानों पर कुल 50 हजार रुपये का ई-चालान जारी किया। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे स्वच्छता नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने से बचें।

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नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद खुले आसमान तले गुजरी विस्थापितों की रात, सांसद के आश्वासन पर उठे सवाल

रायपुर के नकटी गांव में सोमवार तड़के हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवारों को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। प्रभावित लोगों का आरोप है कि सुबह करीब 4 बजे पहले इलाके की बिजली बंद कर दी गई और उसके बाद प्रशासन ने मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस अभियान में करीब 80 घरों को ध्वस्त किया गया, जिससे महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे बेघर हो गए। देर रात कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। लोगों ने उन्हें बताया कि पुनर्वास के नाम पर बड़े परिवारों को केवल एक कमरा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन मकानों का आवंटन किया जा रहा है, वहां बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिससे वहां रहना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले वे रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। उनका कहना है कि सांसद ने आश्वासन दिया था कि बारिश के मौसम में किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाएगा और प्रशासन के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। कार्रवाई होने के बाद प्रभावित परिवारों ने इस आश्वासन पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। कार्रवाई के दौरान कई भावुक तस्वीरें सामने आईं। कोई अपने घर का सामान मलबे के बीच समेटता नजर आया तो कोई टूटे हुए मकान के पास परिवार के साथ बैठा रहा। कई लोग पूरे दिन अपने घरों के अवशेषों के पास ही डटे रहे। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों में विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए आवंटन की कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बरसात से ठीक पहले की गई इस कार्रवाई को असंवेदनशील बताते हुए इसकी आलोचना की और सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विधायक आवास परियोजना के लिए 95 से अधिक परिवारों को बेघर किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को पहले आश्वासन दिया गया था कि बारिश के दौरान कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद मकान तोड़ दिए गए। बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित बच्चों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना था कि सुबह से घर में खाना नहीं बन पाया था और वे भूखे-प्यासे थे। इसी दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची और मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के बीच एक ओर जहां लोगों के घर गिराए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभावित लोगों को नाश्ते के पैकेट भी वितरित किए गए। पूरे घटनाक्रम के बाद नकटी गांव का माहौल देर रात तक तनावपूर्ण बना रहा।

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रायपुर के सरोना फ्लाईओवर पर 6 ट्रैक्टरों से लदा ट्रेलर पलटा, 40 मिनट बाद बहाल हुआ यातायात

राजधानी रायपुर के सरोना फ्लाईओवर पर मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दुर्ग से रायपुर की ओर आ रहा 6 ट्रैक्टरों से लदा ट्रेलर फ्लाईओवर पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के कारण दुर्ग-रायपुर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर के अनुसार, घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रेलर को हटाने का कार्य शुरू किया गया और करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद मार्ग को साफ कर यातायात दोबारा सुचारू कर दिया गया। हादसे में ट्रेलर पर लदे कुछ ट्रैक्टरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जबकि चालक पूरी तरह सुरक्षित है। प्रारंभिक जांच में ट्रेलर के अनियंत्रित होने को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यातायात बाधित होने के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की थी। पुलिस ने दुर्ग से रायपुर आने वाले हल्के वाहनों को सरोना फ्लाईओवर के बजाय एम्स-मोहबा बाजार मार्ग से शहर में प्रवेश करने की सलाह दी, ताकि जाम से बचा जा सके। ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि फिलहाल फ्लाईओवर से ट्रेलर को हटाकर सड़क पूरी तरह खाली करा दी गई है और अब दुर्ग-रायपुर मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

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