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लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। लाल किले के मैदान में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को लेकर एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का संरक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आज के पर्यावरण संकट के दौर में जनजातीय जीवन दर्शन पूरी दुनिया को टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है, जहां 42 प्रकार की जनजातियां निवास करती हैं और राज्य का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह जैसे जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में आयोजित ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में सरकार विशेष पहल कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के भीतर यह मांग लगातार उठ रही है कि जो लोग अपनी मूल जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी समुदाय के विरोध का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों से जनजातीय विरासत की झलक पेश की। दिनभर मांदर, ढोल और लोकधुनों से गूंजते लाल किला मैदान में यह आयोजन जनजातीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

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Political, Raipur, State, Top News

रायपुर में पुरानी दुश्मनी के चलते घर के बाहर किया धमाका, परिवार को मिली जान से मारने की धमकी

रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार के घर के बाहर देर रात धमाका किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया। आरोप है कि कुछ लोग आधी रात घर पहुंचे और बम जैसे पटाखे फेंककर परिवार को धमकाया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में सोनू पटेल, आकाश पासवान, एक युवती और तीन अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। कबीर नगर निवासी रिंकु तिवारी ने पुलिस को बताया कि 24 मई 2026 की रात करीब 1 बजे आरोपी उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने घर के बाहर विस्फोटक जैसी वस्तु फेंकी, जिससे जोरदार आवाज हुई और आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने चाकू दिखाकर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि घर का गेट बंद होने के कारण वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके। कुछ देर तक हंगामा करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद कबीर नगर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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Crime, Raipur

रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टॉल पर रेलवे की कार्रवाई, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किया सील

रायपुर रेलवे मंडल ने मुख्य रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार और एक्सप्रेस-वे के पास रेलवे सीमा से लगे क्षेत्र में संचालित एक अवैध स्टॉल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस स्टॉल की वजह से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही थीं। बिना अनुमति संचालित हो रहा था स्टॉल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर वाणिज्य विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि स्टॉल पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इसके लिए न तो रेलवे प्रशासन से अनुमति ली गई थी और न ही रायपुर नगर निगम से कोई स्वीकृति प्राप्त की गई थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टॉल राज्य सरकार की भूमि पर रेलवे क्षेत्र से सटाकर लगाया गया था, जिससे स्टेशन परिसर की व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो रहा था। शाम और रात में बढ़ रही थीं समस्याएं रेलवे प्रशासन के मुताबिक, शाम और रात के समय यह स्थान असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा था। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। साथ ही आसपास फैली गंदगी, कचरा और बचा हुआ भोजन स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा था। देर रात संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा शिकायतों के बाद रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टॉल को सील कर दिया। नगर निगम से मांगी सख्त कार्रवाई रेलवे प्रशासन ने रायपुर नगर निगम और राज्य सरकार को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही फाफाडीह प्रवेश द्वार से स्टेशन तक के पूरे क्षेत्र में अवैध स्टॉल हटाने, दोबारा अतिक्रमण रोकने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। रेलवे ने संयुक्त निरीक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए नगर निगम से सहयोग भी मांगा है।

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GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

भिलाई मारुति सुजुकी शोरूम में हंगामा: CEO पर महिला कर्मचारी का छेड़छाड़ का आरोप, थप्पड़-लात और स्याही फेंकी VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के भिलाई में चौहान ऑटोमोबाइल मारुति सुजुकी शोरूम में बड़ा विवाद सामने आया है, जहां एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के सीईओ अंकित आनंद पर छेड़छाड़ और गलत व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के बाद शोरूम परिसर में जमकर हंगामा हुआ और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महिला कर्मचारी का आरोप है कि सीईओ उसे लगातार अश्लील मैसेज भेजते थे और अनुचित तरीके से बातचीत करते थे। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब जांच के दौरान पुलिस सीईओ को शोरूम लेकर पहुंची। इसी दौरान महिला कर्मचारी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने सीईओ के चेहरे पर स्याही फेंक दी। इसके बाद उसने थप्पड़ और लात भी मारी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करते नजर आए, हालांकि स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया। घटना के समय शोरूम में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया। बताया जा रहा है कि वहां महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति के कारण स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। भिलाई नगर सीएसपी Satya Prakash Tiwari ने बताया कि महिला की शिकायत पर सीईओ के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। इस बीच यह भी सामने आया है कि शोरूम की कुछ अन्य महिला कर्मचारियों ने भी सीईओ के व्यवहार को लेकर असंतोष जताया है और शिकायत करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg, HARASSMENT

बिजली कटौती पर कांग्रेस का हमला तेज, BJP नेताओं के घर घेराव की चेतावनी

रायपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने बिजली व्यवस्था को लेकर सीधा विरोध जताते हुए CSPDCL कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बैठक की और जल्द सुधार नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष Shreekumar Shankar Menon के नेतृत्व में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने CSPDCL अधिकारी संजीव सिंह तथा शहर के सभी जोन के कार्यपालन अभियंताओं से मुलाकात की। बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अव्यवस्थित आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली गुल होने से आम जनता परेशान है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस भाजपा के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के घर जाकर धरना देगी। इससे पहले भी बिजली कटौती के मुद्दे पर कांग्रेस ने डगनिया स्थित बिजली कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान पूर्व विधायक Vikas Upadhyay के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली संकट से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री Satyanarayan Sharma, पूर्व महापौर Pramod Dubey, पूर्व विधायक Kuldeep Juneja और शिव सिंह ठाकुर सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर में मुर्गे की बलि से विवाद गहराया, बैगा समाज के राज बैगा गिरफ्तार, आंदोलन की चेतावनी

डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कथित तौर पर मंदिर परिसर में मुर्गे की बलि और बैगा परंपरा से पूजा को लेकर हुए विवाद के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में राज बैगा किशोर नेताम की गिरफ्तारी के बाद आदिवासी समाज में नाराज़गी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार 19 मई को मंदिर के ऊपरी परिसर में पुराने रोपवे के पास एक चट्टान को ‘गढ़ माता’ मानकर बैगा परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की गई थी। इसी दौरान मुर्गे की बलि देने का आरोप सामने आया, जिसके बाद स्थिति विवादित हो गई। घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष Manoj Agrawal ने डोंगरगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि इस घटना से मंदिर की धार्मिक मर्यादा भंग हुई है और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल सनातन वैदिक परंपरा के अनुसार ही पूजा की अनुमति है और किसी भी प्रकार की बलि प्रथा स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं दूसरी ओर आदिवासी और गोंड समाज ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। समाज का कहना है कि मां बम्लेश्वरी धाम से उनकी आस्था और बैगा परंपरा सदियों से जुड़ी हुई है और इसे अपराध मानकर कार्रवाई करना गलत है। आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले पर डोंगरगढ़ एसडीओपी Kesari Nandan Nayak ने बताया कि 19 मई को अनुमति लेकर आदिवासी समाज के कुछ लोगों ने पूजा की थी। प्रशासन की अनुमति के बाद चट्टान को गढ़ माता मानकर पूजा शुरू की गई थी। इसी दौरान कथित रूप से मुर्गे की बलि दी गई। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट समिति की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी किशोर नेताम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद विवाद और गहरा गया है और आदिवासी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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Religion, State, Top News

पुलिस लाइन में 541 जवानों की जनरल परेड, एसपी ने लिया अनुशासन और फिटनेस का निरीक्षण

पुलिस लाइन में आयोजित जनरल परेड में जिले के विभिन्न थाना, शाखा और इकाइयों से कुल 541 अधिकारी और जवान शामिल हुए। परेड के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जवानों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टर्न आउट और परेड संचालन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समय पालन, फिटनेस और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम जनता के साथ संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी के दौरान सतर्क रहने, नियमित शारीरिक प्रशिक्षण करने और बेहतर समन्वय व टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए नियमित परेड और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Akshay Sabadra, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Sushil Nayak, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Aishwarya Chandraakar सहित जिले के सभी उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, रक्षित निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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BASTAR, GOVERNMENT

रायगढ़ में भीषण आग: कबाड़ गोदाम से फैली लपटों ने 43 बाइक जलाईं, करोड़ों का नुकसान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां कबाड़ और प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग ने पास स्थित बाइक शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब 43 बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं। जानकारी के अनुसार, आग छातामुड़ा रोड स्थित कबाड़ और प्लास्टिक सामग्री से भरे गोदाम में अचानक भड़की। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग तेजी से फैल गई और बगल में स्थित हीरो बाइक शोरूम तक पहुंच गई। आग की लपटों ने शोरूम में खड़ी नई और पुरानी मिलाकर लगभग 43 बाइकें नष्ट कर दीं। इसके अलावा शोरूम और वर्कशॉप में रखा अन्य सामान भी जल गया। आग बढ़ते देख कर्मचारियों ने कुछ नई बाइकें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखीं। हादसे के दौरान बाहर निकाली गई 2-3 बाइक चोरी होने की भी सूचना मिली है, जिसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। आग की चपेट में एक माजदा वाहन और एक छोटा हाथी (टाटा ऐस) भी आकर पूरी तरह जल गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 11 गाड़ियों को लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन गोदाम के अंदर अभी भी धुआं उठ रहा है क्योंकि प्लास्टिक सामग्री अंदर तक सुलग रही है। जिला फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने में काफी कठिनाई आई क्योंकि ऊपर से आग बुझने के बाद भी अंदर की परतों में आग सुलगती रही और बार-बार भड़कती रही। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और जांच जारी है। शुरुआती आकलन के अनुसार कुल नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

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Accident, Raigarh, State, Top News

AIIMS रायपुर की बड़ी उपलब्धि: 10 महीने के मासूम की दुर्लभ हार्ट सर्जरी सफल, नई जिंदगी मिली

AIIMS Raipur ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों ने 10 महीने के एक मासूम बच्चे की बेहद जटिल और दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उसे नई जिंदगी मिली। बच्चा ‘एएलसीएपीए’ (Anomalous Left Coronary Artery from the Pulmonary Artery) नाम की गंभीर और जन्मजात हृदय बीमारी से पीड़ित था। यह बीमारी लगभग 3 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। रायपुर जिले के इस मासूम की हालत बेहद नाजुक थी। गंभीर जोखिम के कारण कई अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे AIIMS रायपुर रेफर किया गया। यह जटिल ऑपरेशन कई विभागों की संयुक्त टीम ने मिलकर किया, जिसमें कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभाग शामिल रहे। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का हृदय कार्य (Left Ventricular Ejection Fraction) केवल 20 प्रतिशत रह गया था, साथ ही गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन ने स्थिति को और कठिन बना दिया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के मुताबिक यह बीमारी जन्मजात हृदय रोगों में सबसे जटिल मानी जाती है और इसका इलाज दुनिया के चुनिंदा बड़े मेडिकल संस्थानों में ही संभव हो पाता है। सर्जरी के दौरान और बाद में क्रिटिकल केयर टीम ने लगातार निगरानी रखी। शुरुआती 24 घंटे बच्चे के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे, जिसमें उसे विशेष जीवन रक्षक सहायता दी गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। दूसरे ही दिन उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और 9वें दिन उसे पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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Health, Raipur, State, Top News

UPSC Prelims 2026: छत्तीसगढ़ में 13 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, फेस स्कैन के बाद मिली एंट्री

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 आज 24 मई को छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई। परीक्षा के लिए रायपुर और बिलासपुर में केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 13 हजार 319 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। रायपुर के 22 परीक्षा केंद्रों में 8 हजार 449 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जबकि बिलासपुर के 14 केंद्रों में 4 हजार 870 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। इस बार परीक्षा में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का फेस स्कैन किया गया। पहचान सत्यापित होने के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और पुलिस पेट्रोलिंग टीम लगातार निगरानी करती रही। रायपुर कलेक्टर Gaurav Singh ने पहले ही अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की अपील की थी। निर्धारित समय के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी गई। रायपुर में परीक्षा केंद्रों के आसपास 500 मीटर के दायरे में ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्था रोकने के निर्देश भी जारी किए गए थे। गोपनीय परीक्षा सामग्री का वितरण जिला कोषालय से किया गया। बिलासपुर में कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिनमें शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कोनी, सीएमडी कॉलेज, बिलासा गर्ल्स कॉलेज और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सहित कई संस्थान शामिल रहे।

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