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सिलतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध देशी कट्टा और कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सिलतरा थाना क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा 8 एमएम कारतूस और चार खाली कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, 4 और 5 अगस्त की दरमियानी रात सिलतरा थाना पुलिस नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम निमोरा के पंचायत भवन के सामने एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सरफराज खान के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा 8 एमएम कारतूस और चार खाली 8 एमएम कारतूस बरामद हुए। आरोपी हथियार रखने से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बरामदगी के आधार पर थाना सिलतरा में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि सरफराज खान वर्ष 2022 में मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के एक मामले में भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया और प्रयागराज से जुड़ा हुआ है। उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए संबंधित जिलों की पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वाले और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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Crime, Police Action, Raipur

चाकू की नोक पर जोमैटो डिलीवरी बॉय से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया फोन बरामद

रायपुर पुलिस ने चाकू की नोक पर जोमैटो डिलीवरी बॉय से मोबाइल फोन लूटने के मामले का खुलासा करते हुए एक युवक और विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, एक अन्य मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, जोमैटो डिलीवरी एजेंट मुकेश कुमार ध्रुव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 अगस्त की रात करीब 1:30 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवरराम चौक के पास एक ऑर्डर की डिलीवरी देने पहुंचा था। वहां एक्टिवा सवार दो युवकों ने ऑर्डर लेने के बाद भुगतान करने से इनकार कर दिया। जब डिलीवरी एजेंट ने पैसे मांगे तो दोनों ने गाली-गलौज करते हुए चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका वीवो कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान नेहरू नगर निवासी भूपेन्द्र भारती उर्फ आकु और एक विधि के साथ संघर्षरत बालक की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने वारदात करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, एक अन्य मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। दूसरे मोबाइल के संबंध में पुलिस अलग से जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी भूपेन्द्र भारती के खिलाफ पहले से आम्र्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। वहीं, विधि के साथ संघर्षरत बालक का नाम पूर्व में नकबजनी के एक मामले में भी सामने आ चुका है। दोनों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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Crime, Police, Raipur

मुख्य शीर्षक: रायपुर में 1.20 करोड़ रुपये का गांजा जब्त, पिता-पुत्र समेत दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

रायपुर में अब तक की सबसे बड़ी गांजा खेप बरामद, 191.525 किलो गांजा जब्त रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य का 191.525 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह रायपुर कमिश्नरेट में अब तक पकड़ी गई गांजे की सबसे बड़ी खेप है। भारी मशीनों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नागपुर की ओर जा रहे एक छह चक्का ट्रक में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और तेलीबांधा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के पास सर्विस रोड पर घेराबंदी की। जांच के दौरान पश्चिम बंगाल नंबर के अशोक लीलैंड ट्रक (WB-23G-1390) को रोका गया। ट्रक में भारी मशीनरी लोड थी। गहन तलाशी लेने पर मशीनों के नीचे और बीच में छिपाकर रखी गई सात बोरियों से गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी पिता-पुत्र निकले पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद लाल (36) और उसके पुत्र मोहम्मद रूस्तम (19) के रूप में हुई। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में निवास कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद लाल लंबे समय से ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ा है और इसी आड़ में विभिन्न राज्यों के बीच माल ढुलाई करता था। एक महीने से पुलिस कर रही थी निगरानी पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों और उनके नेटवर्क पर पिछले करीब एक महीने से लगातार तकनीकी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से नजर रखी जा रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। ओडिशा से नागपुर भेजी जा रही थी खेप प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजा ओडिशा के सुहेला क्षेत्र से लोड किया गया था और इसे नागपुर पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और पूरे सप्लाई चेन की जांच कर रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 332/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा, तस्करी में प्रयुक्त ट्रक और भारी मशीनरी सहित कुल लगभग 1.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में एंड-टू-एंड जांच जारी है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए पूछताछ की जा रही है।

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Crime, Raipur

1.13 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा: रायपुर पुलिस ने Wash & Wash ब्लैक मनी स्कैम में दो अंतरराज्यीय महिला आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायपुर। रायपुर पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपये की निवेश ठगी का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह की दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बालोद निवासी और एक निजी कंपनी के डायरेक्टर उमेश कुमार सिन्हा को 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का झांसा दिया। बड़े अधिकारियों से मुलाकात, विदेशी निवेश, फाइल प्रोसेसिंग, विशेष केमिकल और तकनीकी परीक्षण जैसे बहाने बनाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में कुल 1.13 करोड़ रुपये ठग लिए गए। तकनीकी जांच, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने दोनों महिलाओं को नागपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि गिरोह “Wash & Wash Black Money Scam” के जरिए लोगों को काले नोटों को विशेष केमिकल से असली नोटों में बदलने का झूठा प्रदर्शन कर ठगी करता था। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह नागपुर, लखनऊ समेत कई राज्यों में सक्रिय रहा है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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महासमुंद के पिथौरा में संदिग्ध गौ मांस तस्करी का खुलासा, नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, दो बोरे मांस बरामद

महासमुंद। जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने संदिग्ध गौ मांस तस्करी के मामले का खुलासा करते हुए एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो बोरों में रखा संदिग्ध मांस बरामद किया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पटेवा थाना क्षेत्र के झलप के आसपास के गांव से कुछ लोग संदिग्ध मांस लेकर बसना की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पिथौरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रास्ते में घेराबंदी की और एक नाबालिग युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो बोरों में संदिग्ध मांस मिला, जिसे जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी झलप क्षेत्र से मांस लेकर बसना की ओर जा रहा था। अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (गौ वध निवारण अधिनियम) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं और संदिग्ध मांस को कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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जशपुर में महिला की हत्या का खुलासा: प्रेम संबंध और जमीन विवाद बना कत्ल की वजह, 3 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिला की हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दोकड़ा चौकी क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ में एक महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाकर छिपाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम संबंध और जमीन विवाद की बात सामने आई है। दरअसल, 30 जुलाई को हरावती बाई (58) के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर के पास निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप रेत में दफन महिला का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मृतका के बेटे भूषण राम की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसका पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से प्रेम संबंध था। वहीं, दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना की रात श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमती बाई ने मिलकर हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव घर में ही रखा गया, लेकिन बदबू फैलने लगी तो भूषण राम की मदद से शव को घर से निकालकर निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास रेत में दफना दिया गया, ताकि वारदात का कोई सुराग न मिले। जांच के दौरान पुलिस ने शव को दफनाने में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले में श्यामपति बाई (42), बुधमती बाई (65) और भूषण राम (29) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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Crime, jashpur

रायपुर ट्रैफिक पुलिस के 22 जवान सम्मानित: एक महीने में 9 चोरी के वाहन बरामद, कमिश्नर ने किया पुरस्कृत

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पिछले एक महीने के दौरान वाहन जांच, पेट्रोलिंग और तकनीकी जांच के जरिए 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यातायात पुलिस केवल ट्रैफिक संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने सभी कर्मियों को भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और सतर्कता के साथ कार्य करने की शुभकामनाएं दीं। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर यातायात पुलिस लगातार बिना नंबर प्लेट, संदिग्ध, लावारिस और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच कर रही है। वाहन चेकिंग के दौरान मोबाइल तकनीक, चेसिस नंबर और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर कई मामलों का खुलासा किया गया, जिससे चोरी के वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में सफलता मिली। वीआईपी चौक पर पकड़ी गई चोरी की बाइक 26 जुलाई को वीआईपी चौक पर ड्यूटी के दौरान यातायात पुलिस ने तीन लोगों को लेकर जा रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। आगे की नंबर प्लेट के अंक मुड़े हुए थे जबकि पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जांच में सामने आया कि वाहन पर लगी नंबर प्लेट किसी दूसरे वाहन की थी। चेसिस नंबर के आधार पर जांच करने पर पता चला कि बाइक फरवरी 2025 में गरियाबंद जिले से चोरी हुई थी। इसके बाद आरोपी और वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तेलीबांधा भेजा गया। लावारिस बाइक भी निकली चोरी की 31 जुलाई को पचपेड़ी नाका क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान कमल विहार सब्जी मंडी के पास बिना नंबर प्लेट की एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली। चेसिस नंबर की जांच करने पर पता चला कि वाहन कुछ दिन पहले टिकरापारा क्षेत्र से चोरी हुआ था और संबंधित थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज थी। पुष्टि के बाद बाइक को संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। हथियार लेकर घूम रहे संदिग्ध भी पकड़े वाहन जांच के साथ-साथ यातायात पुलिस ने चौक-चौराहों पर संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखी। पिछले 15 दिनों में तीन अलग-अलग मामलों में चाकू और अन्य धारदार हथियार लेकर घूम रहे तीन लोगों को पकड़कर संबंधित थानों के हवाले किया गया। इन मामलों में सराहनीय कार्य करने वाले पांच पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने कहा कि तकनीकी संसाधनों, सतर्क पुलिसिंग और टीम वर्क के कारण यातायात पुलिस की कार्यक्षमता लगातार बेहतर हुई है। भविष्य में भी आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इसी तरह अभियान जारी रहेगा।

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रायपुर: उरला पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम मोबाइल लौटाए, लोगों से तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन अंतर्गत उरला थाना पुलिस ने CEIR पोर्टल की सहायता से गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल विधिवत सुपुर्दनामा की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित स्वामियों को लौटाए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल मेघा वर्मा निवासी भवानी नगर, कोटा और सूरज सिंह निवासी हीरापुर को सौंपे गए। अपने मोबाइल वापस मिलने पर दोनों ने उरला पुलिस और CEIR पोर्टल की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर रिपोर्ट दर्ज कराने से मोबाइल को ब्लॉक करना, उसकी लोकेशन ट्रैक करना और बरामद होने पर वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उरला थाना पुलिस ने भी नागरिकों से अधिक से अधिक CEIR पोर्टल का उपयोग करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल को सुरक्षित रखने और उसकी ट्रैकिंग के लिए प्रभावी माध्यम है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से मोबाइल की रिकवरी की संभावना बेहतर हो जाती है।

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रायपुर: रिलायंस ज्वेलर्स में 17.5 लाख की सोना हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, 80 ग्राम गोल्ड बरामद

रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत पर गोलबाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि स्टोर में रखे करीब 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगनों की जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए गए थे। इस हेराफेरी से कंपनी को लगभग 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामले की जांच डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देश पर परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा और थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के बाद उसने महत्वपूर्ण जानकारी स्वीकार कर ली। पूछताछ में सामने आया कि मनोज यादव वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित था। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने पहले ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई मासिक योजना की रकम का निजी उपयोग किया। बाद में जब ग्राहकों ने आभूषण की मांग की तो उसने स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह नकली कंगन रख दिए। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कंपनी की नियमित प्रक्रिया का फायदा उठाकर अधिकृत मेल्टिंग यूनिट में आधिकारिक यूनिफॉर्म पहनकर पहुंचता था। वहां असली सोना गलवाकर उसका उपयोग अलग-अलग लेन-देन में करता रहा। कुछ मामलों में उसने ग्राहकों को ऐसे आभूषण भी दिए जिन्हें बाद में स्टोर में एक्सचेंज कराने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने किश्तों पर सोने के आभूषण खरीदने वाली दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की। उनके पैसों और आभूषणों में हेराफेरी करने के बाद फर्जी बिलों के जरिए आभूषण सौंपे गए। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन कराने पर ये बिल फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामले में बीएनएस की धारा 336(3), 318(4), 338 और 340(2) भी जोड़ी गईं। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जांचा। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी इंटरनेट और AI आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटा रहा था। पुलिस आरोपी के आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है। आरोपी की निशानदेही पर एक रेडमी मोबाइल फोन और फर्जी बिलों के जरिए बेचे गए लगभग 80 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता और आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।

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Crime, Raigarh

रायपुर: जानलेवा हमले के मामले में फरार आरोपी आयुष ठाकुर गिरफ्तार, खमतराई पुलिस ने तीन महीने बाद दबोचा

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की खमतराई थाना पुलिस ने जानलेवा हमले के एक मामले में करीब तीन महीने से फरार चल रहे आरोपी आयुष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सन्यासीपारा तालाब के पास से पकड़कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 18 मई 2026 का है, जब खमतराई थाना क्षेत्र की आरव्हीएच कॉलोनी स्थित बालाजी चौक के पास पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक विवाद हुआ था। इस घटना में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। पहले पक्ष की शिकायत के अनुसार, पीयूष ठाकुर और दक्ष बेहरा के बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जीवन बघेल और अनिकेत डोंगरे पर आयुष ठाकुर ने कथित रूप से चाकू से हमला कर दिया, जिससे जीवन बघेल के सीने और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। इस मामले में खमतराई थाने में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। वहीं दूसरे पक्ष की शिकायत में आरोप लगाया गया कि जीवन बघेल, मुकेश डोंगरे और अनिकेत डोंगरे ने पुरानी रंजिश के चलते पीयूष ठाकुर पर धारदार हथियार से हमला कर उसके सिर, माथे और पीठ पर चोट पहुंचाई। इस मामले में भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत अलग प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों मामलों में शामिल अन्य आरोपियों पीयूष ठाकुर, जीवन बघेल और मुकेश डोंगरे को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालांकि आयुष ठाकुर घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए और तकनीकी इनपुट के आधार पर उसके सन्यासीपारा तालाब के पास छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी आयुष ठाकुर (20 वर्ष), निवासी धनलक्ष्मी नगर, भनपुरी, थाना खमतराई, के खिलाफ पहले से भी हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं समेत कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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