NEWS 22 BHARAT

कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह! भूपेश बोले- सिंहदेव के बयानों पर नहीं देता प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी सियासी बयानबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के बीच चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सिंहदेव के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करते। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि Deepak Baij पिछले साढ़े तीन साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी में किसे नेता प्रतिपक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, यह फैसला कांग्रेस हाईकमान का होता है और वे इस मामले में अपनी ओर से कोई राय नहीं देते। दरअसल, हाल ही में T. S. Singh Deo ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है, तो वे उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे छत्तीसगढ़ में रहकर ही संगठन और जनता के बीच काम करना चाहते हैं। सिंहदेव के इस बयान पर दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बाबा साहब बड़े नेता हैं और उन्हें दिल्ली में जाकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में यह भी कहा था कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी अपने क्षेत्र और संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने इशारों में चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भी देखा जाना चाहिए कि कौन चुनाव जीता और कौन हारा। सिंहदेव ने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद चुनाव हार चुके हैं, जबकि दीपक बैज भी चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कई क्षेत्रों और लोकसभा चुनाव में भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के भीतर चल रही इस बयानबाजी को लेकर निशाना साधा है। प्रदेश के मंत्री Ramvichar Netam ने कहा कि कांग्रेस का अंदरूनी विवाद समय-समय पर सार्वजनिक होता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और पार्टी “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करती है।

कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह! भूपेश बोले- सिंहदेव के बयानों पर नहीं देता प्रतिक्रिया Read Post »

Political, Raipur

इंदौर हनीट्रैप-2 में छत्तीसगढ़ के DIG का नाम आने से हड़कंप, 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो बरामद

मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आए हनीट्रैप-2 केस ने एक बार फिर देशभर में सनसनी फैला दी है। इस मामले की जांच अब मध्य प्रदेश से निकलकर छत्तीसगढ़, गुजरात और दिल्ली तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों के पास से नेताओं, अफसरों और कारोबारियों से जुड़े 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। इंदौर क्राइम ब्रांच का दावा है कि इन वीडियो में कई प्रभावशाली राजनीतिक चेहरे, बड़े कारोबारी और छत्तीसगढ़ पुलिस के DIG स्तर के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। मामले में गिरफ्तार श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, रेशू चौधरी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस से बड़ी संख्या में संवेदनशील वीडियो और डेटा मिले हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन वीडियो का इस्तेमाल कर रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल किया जाता था और उनसे करोड़ों रुपए की वसूली की जाती थी। कुछ वीडियो को बेचने की तैयारी किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पूरा नेटवर्क बेहद योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा था। भोपाल से श्वेता विजय जैन पूरे नेटवर्क को संचालित करती थी, जबकि रेशू चौधरी कथित तौर पर लोगों को संपर्क में लाकर जाल में फंसाने का काम करती थी। जांच के दायरे में मध्य प्रदेश के कुछ नेता, मालवा-निमाड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, एक पूर्व अधिकारी, छत्तीसगढ़ पुलिस के DIG रैंक के अफसर, दिल्ली के वरिष्ठ नेता और गुजरात के एक उद्योगपति के नाम सामने आने की चर्चा है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि दिल्ली के एक बड़े नेता से करीब 4 करोड़ रुपए की उगाही की साजिश रची गई थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब इंदौर के कारोबारी हितेंद्र उर्फ चिंटू ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि 28 अप्रैल को सुपर कॉरिडोर इलाके में अलका दीक्षित और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की और कथित वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जयदीप, लाखन चौधरी, पत्रकार जितेंद्र पुरोहित और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस पूरे नेटवर्क को किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण का समर्थन प्राप्त था। इधर, इंदौर हनीट्रैप कांड में छत्तीसगढ़ पुलिस के DIG स्तर के अधिकारी का नाम सामने आने की चर्चाओं के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। विभाग के भीतर इस अधिकारी की पहचान को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।

इंदौर हनीट्रैप-2 में छत्तीसगढ़ के DIG का नाम आने से हड़कंप, 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो बरामद Read Post »

Crime, Political

महासमुंद में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई: 2 मशीनें और 7 वाहन जब्त

छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता और जिला खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 चैन माउंटेन मशीनों और 7 वाहनों को जब्त किया है। 23 मई 2026 की सुबह महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील के ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 2 चैन माउंटेन मशीनें अवैध रेत उत्खनन करते मिलीं। वहीं मौके पर 3 हाइवा और 4 ट्रैक्टर रेत परिवहन में लगे पाए गए। निरीक्षण के दौरान संबंधित पक्ष वैध अनुमति, अभिवाहन पास या अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर खनन किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल अवैध खनन कार्य बंद कराया। कार्रवाई के दौरान दोनों मशीनों को जब्त कर सील कर दिया गया और अगले आदेश तक खदान मुंशी की निगरानी में रखा गया है। वहीं 3 हाइवा और 4 ट्रैक्टरों को जब्त कर साकरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। संबंधित खदान संचालक को नोटिस भी जारी किया गया है। इससे पहले भी खनिज विभाग ने मंदिर हसौद इलाके में कार्रवाई करते हुए दो चूना पत्थर खदानों को सील किया था और अवैध परिवहन में लगे 7 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया था। अधिकारियों ने साफ कहा है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

महासमुंद में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई: 2 मशीनें और 7 वाहन जब्त Read Post »

illegal, MAHASAMUND

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच Read Post »

GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और बर्ड वॉक आयोजित

रायपुर के कोपरा जलाशय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता अभियान से हुई, जिसमें नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में सफाई कर स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया। इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में लोगों ने क्षेत्र में मौजूद विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका होती है। साथ ही जैव विविधता और पक्षियों के बीच संबंधों की भी जानकारी साझा की गई। आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम के जरिए लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और बर्ड वॉक आयोजित Read Post »

State, Top News

दुर्ग में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत: बच्चों के शव बिस्तर पर मिले, पति-पत्नी फंदे से लटके मिले

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मकान में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों के शव मिले। बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे, जबकि दंपती के शव कमरे में फांसी के फंदे से लटके मिले। मृतकों की पहचान गोविंद साहू (45), उनकी पत्नी चंचल साहू (40), बेटी दृष्टि साहू (13) और बेटे यशांत साहू (11) के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से दो सुसाइड नोट भी मिले हैं, जिनमें पारिवारिक विवाद और वैवाहिक तनाव का जिक्र किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दंपती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सुसाइड नोट में महिला ने पति पर विवाहेतर संबंधों का आरोप लगाया है और शादीशुदा जीवन से परेशान होने की बात लिखी है। दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। पुलिस को घर के अंदर शराब की बोतलें भी मिली हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि घटना के समय घर में शराब का सेवन किया गया था। महिला के चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे विवाद की संभावना जताई जा रही है। मामले को लेकर एएसपी सिटी Sukhnandan Rathore ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चे Krishna Public School में पढ़ाई करते थे। गोविंद साहू शेयर ट्रेडिंग का काम करता था और भिलाई के प्रियदर्शनी परिसर में उसका कार्यालय था। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, घटनास्थल से मिले सबूत और परिजनों-पड़ोसियों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।

दुर्ग में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत: बच्चों के शव बिस्तर पर मिले, पति-पत्नी फंदे से लटके मिले Read Post »

Uncategorized

राहुल गांधी और दीपक बैज के बयान पर भाजपा का विरोध: बिलासपुर में भाजयुमो ने फूंका पुतला

लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij के बयान को लेकर बिलासपुर में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को पुराना बस स्टैंड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक पर भाजयुमो ने दोनों नेताओं का पुतला दहन कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेताओं के बयान की आलोचना की। शहर विधायक Amar Agrawal ने कहा कि लगातार चुनावों में हार के कारण कांग्रेस नेताओं में निराशा और हताशा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को संकुचित मानसिकता का प्रतीक बताया। भाजयुमो जिलाध्यक्ष Vaibhav Gupta ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है और भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत शक्ति बनकर उभरा है। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर, महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी, अजीत सिंह भोगल, मनीष अग्रवाल, महेश चंद्रिकापुरे, चंद्रप्रकाश मिश्रा, गौरी गुप्ता और मोनू रजक सहित बड़ी संख्या में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं भाजपा ग्रामीण इकाई ने भी राहुल गांधी और दीपक बैज का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष Mohit Jaiswal ने कांग्रेस के बयान को अराजक मानसिकता से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में मर्यादा और सामाजिक सद्भाव का विशेष महत्व है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष Rishabh Chaturvedi ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी देशवासियों की भावनाओं को आहत करने वाली है। प्रदर्शन में महामंत्री यश मनहर, चंद्रप्रकाश सूर्या और तुषार चंद्राकर समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

राहुल गांधी और दीपक बैज के बयान पर भाजपा का विरोध: बिलासपुर में भाजयुमो ने फूंका पुतला Read Post »

Bilaspur, Political

रायपुर में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी: डॉग बाइट मरीजों को नहीं मिल रहा पूरा इलाज

रायपुर में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। स्थिति यह है कि कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को केवल पहला डोज लगाया जा रहा है, जबकि बाद के जरूरी डोज के लिए उन्हें मना कर दिया जाता है। वजह है वैक्सीन का बेहद सीमित स्टॉक। ऐसे में लोगों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोर्स से 600 से 1200 रुपए तक खर्च कर इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। जांच में कई स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी डॉक्टरों ने माना कि लगातार वैक्सीन की मांग भेजी जा रही है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही। अधिकारियों के मुताबिक डिमांड भेजने के 15 से 20 दिन बाद भी जरूरत का सिर्फ 15 से 20 प्रतिशत स्टॉक ही उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉग बाइट के मामलों में समय पर सभी डोज लगना बेहद जरूरी होता है। लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण मरीज अधूरा इलाज करवाने को मजबूर हैं, जिससे रेबीज संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। शहर के कई स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुढ़ियारी केंद्र में हर महीने 600 डोज की जरूरत होती है, लेकिन केवल 60 से 70 डोज उपलब्ध हैं। बीरगांव में 450 डोज की जरूरत के मुकाबले सिर्फ 100 डोज मौजूद हैं। वहीं भाठागांव, रामनगर और खोखोपारा केंद्रों में भी जरूरत की तुलना में बहुत कम वैक्सीन उपलब्ध है। रायपुर जिला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी Dr. Sarthak Nanda ने बताया कि कुत्तों को एक इलाके से हटाकर दूसरे इलाके में छोड़ने से उनका व्यवहार आक्रामक हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुत्तों के बधियाकरण और सही प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं Dr. Mithilesh Chaudhary ने कहा कि एंटी-रेबीज इंजेक्शन की मांग उच्च कार्यालय को भेज दी गई है और जिन केंद्रों में स्टॉक नहीं है, वहां जल्द सप्लाई उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

रायपुर में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी: डॉग बाइट मरीजों को नहीं मिल रहा पूरा इलाज Read Post »

GOVERNMENT, Health, Raipur

रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: 9 दिन में तीसरी बार महंगा हुआ फ्यूल, पेट्रोल 105 रुपए के पार

राजधानी रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। नई दरों के बाद रायपुर में पेट्रोल की कीमत करीब 105.19 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 98.29 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा में पेट्रोल 106.52 रुपए और डीजल 99.68 रुपए प्रति लीटर हो गया है। बिलासपुर में पेट्रोल 106.05 रुपए और डीजल 99.16 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ेगा। आने वाले दिनों में बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले दाम बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने की अफवाहों के चलते रायपुर समेत कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली थीं। लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाया, जिससे कुछ जगहों पर पंप बंद होने जैसी स्थिति भी बन गई थी। हालांकि फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर कार्यालय की ओर से शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, टैक्स, रिफाइनिंग खर्च और डीलर कमीशन के आधार पर तय होती हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स दरें अलग होने की वजह से हर शहर में ईंधन के दाम भी अलग होते हैं। तेल कीमतों में ताजा बढ़ोतरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया है।

रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: 9 दिन में तीसरी बार महंगा हुआ फ्यूल, पेट्रोल 105 रुपए के पार Read Post »

GOVERNMENT, Raipur

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: बिलासपुर में बुजुर्ग की मौत, अगले 5 दिन हीटवेव का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 5 दिनों तक हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। प्रदेशभर में तापमान फिलहाल इसी स्तर पर बने रहने की संभावना जताई गई है। इस बीच बिलासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां लू लगने से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की आशंका जताई जा रही है। जोंधरा गांव में बुजुर्ग का शव बाजार स्थित एक जूता दुकान के बाहर मिला। जानकारी के मुताबिक वह पिछले दो महीनों से गांव में भीख मांगकर जीवन यापन कर रहा था और पिछले कुछ दिनों से बीमार भी था। तेज गर्मी के बीच वह अक्सर बाजार इलाके में ही पड़ा रहता था। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान UV रेज का स्तर एक्सट्रीम कैटेगरी में पहुंच सकता है, जिससे त्वचा और आंखों को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। मेकाहारा अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. Mrityunjay Singh ने बताया कि तेज धूप में कुछ ही मिनटों के भीतर सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 10 बजे के बाद UV रेज तेजी से बढ़ने लगती हैं। 11 से 12 बजे के बीच इसका स्तर सबसे ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में जरूरी काम होने पर ही दोपहर बाद बाहर निकलने की सलाह दी गई है। प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में भी तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है और अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं रायगढ़ में भी तेज गर्मी से लोग परेशान हैं। तापमान 44 डिग्री पहुंचने के कारण पंखे और कूलर भी असर नहीं दिखा रहे। हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस और गर्म हवाओं से राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ज्यादा तापमान से चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद की समस्या और मूड स्विंग जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: बिलासपुर में बुजुर्ग की मौत, अगले 5 दिन हीटवेव का अलर्ट Read Post »

Bilaspur, Health, State, Top News
Scroll to Top