July 2026

चार्ल्स शोभराज से प्रेरित ठग गिरफ्तार, 300 से ज्यादा 5 स्टार होटलों को बना चुका है निशाना

देशभर के लग्जरी और 5 स्टार होटलों में ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय आरोपी बिंगसन जॉन को रायपुर पुलिस ने ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 10 राज्यों के 300 से अधिक होटलों को अपना निशाना बना चुका है। शुरुआती दौर में वह एक होटल में वेटर के रूप में काम करता था, लेकिन बाद में फर्जी पहचान के जरिए महंगे होटलों में ठहरकर ठगी करने लगा। रायपुर के हयात होटल में की थी ठगी पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून को रायपुर के तेलीबांधा स्थित हयात होटल में ठहरा था। 27 जून को वह बिना चेक-आउट किए होटल से फरार हो गया। उसने होटल का ₹63,755 का बिल नहीं चुकाया और करीब ₹1.48 लाख कीमत का किराए पर लिया गया लैपटॉप भी अपने साथ ले गया। होटल प्रबंधन द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद होटल की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू की। 72 घंटे में भुवनेश्वर से गिरफ्तारी तकनीकी जांच और होटल में जमा दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया गया। 300 से अधिक होटलों में कर चुका है ठगी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 1990 से अब तक वह देशभर के 300 से ज्यादा 5 स्टार होटलों में ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार वह पहली बार वर्ष 1996 में तिहाड़ जेल गया था और अब तक विभिन्न राज्यों की जेलों में करीब 15 साल बिता चुका है। अलग-अलग पहचान बनाकर करता था वारदात जांच में सामने आया कि बिंगसन जॉन खुद को कभी विदेशी ट्रैवल गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योग प्रशिक्षक बताकर महंगे होटलों में कमरा बुक करता था। कई दिनों तक होटल की सुविधाओं का लाभ उठाने के बाद वह बिना बिल चुकाए होटल का सामान लेकर फरार हो जाता था। चार्ल्स शोभराज से था प्रभावित पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था। इसी कारण उसने लोगों को धोखा देने और फर्जी पहचान के जरिए ठगी करने के कई तरीके अपनाए। तमिलनाडु का रहने वाला है आरोपी बिंगसन जॉन तमिलनाडु के तूतीकोरिन का निवासी है। रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब अन्य राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी भी जुटा रही है। कौन है चार्ल्स शोभराज? चार्ल्स शोभराज को दुनिया भर में “बिकिनी किलर” के नाम से जाना जाता है। उस पर 1975 से 1980 के बीच थाईलैंड, भारत, नेपाल, अफगानिस्तान, ईरान और हॉन्गकॉन्ग सहित कई देशों में लूट, धोखाधड़ी और 20 से अधिक हत्याओं के आरोप लगे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे अधिक हत्याएं उसने थाईलैंड में की थीं।

चार्ल्स शोभराज से प्रेरित ठग गिरफ्तार, 300 से ज्यादा 5 स्टार होटलों को बना चुका है निशाना Read Post »

Raipur

नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी विरोध, सीएम का पुतला दहन करेगी पार्टी

रायपुर जिले के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान 85 मकानों को तोड़े जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन करने का फैसला किया है। पार्टी ने सभी जिलों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन करने और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार ने बारिश के मौसम में कार्रवाई कर कई परिवारों को बेघर कर दिया। पार्टी का कहना है कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए लोगों के मकान गिराना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है और इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने तथा आजीविका का संकट पैदा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के आशियाने तोड़ रही है, लेकिन उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बैज ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करेगी। इसी बीच कांग्रेस विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास और राहत की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पुनर्वास सुनिश्चित किए बिना इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय और पुनर्वास नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए सभी जिला और ब्लॉक इकाइयों को विरोध प्रदर्शन की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी विरोध, सीएम का पुतला दहन करेगी पार्टी Read Post »

protest, Raipur

दुर्ग में जल संसाधन विभाग का बाबू ₹10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ दबोचा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शिव कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विभाग में कार्यरत कर्मचारी नंदकुमार ने अपने बेटे की शादी के लिए सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते से ₹5 लाख निकालने का आवेदन दिया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर ने ₹10 हजार की रिश्वत मांगी। रिश्वत की मांग से परेशान कर्मचारी ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹10 हजार की रिश्वत दी, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई। बताया जा रहा है कि रायपुर से पहुंची ACB टीम ने इस ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। आरोपी को आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई के लिए दुर्ग स्थित सर्किट हाउस लाया गया है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। ACB अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

दुर्ग में जल संसाधन विभाग का बाबू ₹10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ दबोचा Read Post »

Bhilai / Durg

स्कूलों में मंत्रोच्चार के खिलाफ याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सबूत के साथ दोबारा आने की दी छूट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने से जुड़े सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका फिलहाल खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि संबंधित आदेश का स्कूलों में वास्तव में पालन किया जा रहा है। यह याचिका पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार के आदेश को संविधान के विरुद्ध बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता डॉ. अमीर खान के अनुसार, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि केवल आदेश जारी होने के आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। जब तक यह साबित न हो कि आदेश लागू किया जा रहा है, तब तक अदालत राहत देने का आधार नहीं मान सकती। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को भविष्य में दोबारा याचिका दायर करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल में आदेश के पालन के ठोस साक्ष्य, जैसे वीडियो, फोटो या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हों, तो उन्हें रिकॉर्ड के साथ नई याचिका दाखिल की जा सकती है। फिलहाल इस फैसले के बाद स्कूलों में मंत्रोच्चार से जुड़े सरकारी आदेश पर कानूनी रोक नहीं लगी है। हालांकि, यदि भविष्य में आदेश के क्रियान्वयन के प्रमाण सामने आते हैं, तो यह मामला फिर से न्यायालय के समक्ष लाया जा सकता है.

स्कूलों में मंत्रोच्चार के खिलाफ याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सबूत के साथ दोबारा आने की दी छूट Read Post »

Bilaspur, GOVERNMENT, State, Top News

रायपुर एयरपोर्ट की जमीन पर किसान का दावा, सुप्रीम कोर्ट में ₹3500 करोड़ मुआवजे की मांग

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की जमीन को लेकर एक पुराना विवाद फिर चर्चा में है। रायपुर निवासी किसान अश्विनी बांधे का दावा है कि एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग और आसपास का हिस्सा उनके पूर्वजों की जमीन पर बना है। उनका कहना है कि वर्ष 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने यह जमीन अस्थायी रूप से सैन्य जरूरतों के लिए ली थी, जिसे युद्ध समाप्त होने के बाद वापस किया जाना था। अश्विनी बांधे पिछले करीब 35 वर्षों से इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जून 2026 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लगभग ₹3,500 करोड़ के मुआवजे की मांग की है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उनके दावे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और मामला विचाराधीन है। बांधे के अनुसार, उनके परिवार की करीब 30 एकड़ 18 डिसमिल जमीन माना क्षेत्र में थी, जिसे ब्रिटिश शासन के दौरान डिफेंस ऑफ इंडिया एक्ट के तहत अधिग्रहित किया गया था। उनका दावा है कि युद्ध समाप्त होने के बाद यह कानून समाप्त हो गया था, इसलिए जमीन वापस मिलनी चाहिए थी। किसान का कहना है कि हाल ही में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी में उन्हें ऐसे सरकारी रिकॉर्ड मिले, जिनमें उनके पूर्वजों की जमीन का उल्लेख है। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भी प्राप्त की हैं, जिन्हें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपने दावे के समर्थन में प्रस्तुत किया है। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि विभाग के अभिलेखों में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान माना एयरफील्ड के लिए अधिग्रहित जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित हैं, जिनमें कई किसानों और भू-स्वामियों के नाम दर्ज हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों से किसी के स्वामित्व या मुआवजे के दावे पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अश्विनी बांधे का कहना है कि अधिग्रहण के बाद समय पर मुआवजा नहीं मिलने और ब्याज सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के आधार पर उन्होंने करीब ₹3,500 करोड़ का दावा किया है। उनका यह भी कहना है कि नवा रायपुर क्षेत्र की कुछ अन्य जमीनों को लेकर भी अलग-अलग विवाद लंबित हैं। नोट: यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। किसान द्वारा किए गए दावे पर अभी न्यायालय का अंतिम फैसला आना बाकी है। संबंधित सरकारी विभागों का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने पर स्थिति स्पष्ट होगी।

रायपुर एयरपोर्ट की जमीन पर किसान का दावा, सुप्रीम कोर्ट में ₹3500 करोड़ मुआवजे की मांग Read Post »

Raipur

रायगढ़ में प्रोफेसर पर युवती का गंभीर आरोप, सेक्स के लिए दबाव बताकर मंगेतर संग की मारपीट, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। एक युवती ने शासकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर रेमन भार्गव पर लंबे समय से अश्लील संदेश भेजने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। आरोपों से नाराज युवती अपने मंगेतर के साथ प्रोफेसर के घर पहुंची, जहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद के दौरान युवती ने प्रोफेसर का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मार दिए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। युवती का कहना है कि प्रोफेसर पिछले करीब डेढ़ साल से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेज रहे थे। उसने आरोप लगाया कि कई बार संबंध बनाने के लिए दबाव भी बनाया गया। लगातार मानसिक रूप से परेशान होने के बाद उसने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि 1 जुलाई को युवती अपने होने वाले पति के साथ प्रोफेसर के निवास पर पहुंची थी। वहीं दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। वायरल वीडियो में युवती प्रोफेसर से नाराजगी जाहिर करते हुए कहती दिखाई दे रही है कि उसकी शादी होने वाली है और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। वीडियो में प्रोफेसर की पत्नी भी माफी मांगती नजर आ रही हैं। युवती ने यह भी दावा किया कि प्रोफेसर ने अन्य लड़कियों को भी परेशान किया है। उसने कहा कि यदि किसी और छात्रा या युवती के साथ भी ऐसा हुआ है तो वे सामने आएं, ताकि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके। उसका कहना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। इस मामले पर शासकीय कॉलेज कुंजारा के प्राचार्य एमएल पटेल ने कहा कि यह कॉलेज परिसर से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों का निजी विवाद है। कॉलेज प्रशासन को पहले कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी। शिकायत मिलने पर नियमानुसार उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाती। वहीं, लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि युवती ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते के बाद पुलिस ने मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की। नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप युवती के बयान पर आधारित हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

रायगढ़ में प्रोफेसर पर युवती का गंभीर आरोप, सेक्स के लिए दबाव बताकर मंगेतर संग की मारपीट, VIDEO वायरल Read Post »

HARASSMENT, Raigarh, State, Top News

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग अभियान, 245 यात्रियों से वसूला गया जुर्माना

रायपुर रेलवे स्टेशन पर 30 जून को विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म और 18 ट्रेनों में टिकटों की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करते हुए 158 यात्री पकड़े गए, जिनसे 1,48,555 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, गलत या अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले 72 यात्रियों से 55,635 रुपये वसूले गए। इसके अलावा अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले 12 यात्रियों से 1,750 रुपये और रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वाले 3 लोगों से 3,000 रुपये का जुर्माना लिया गया। इस तरह कुल 245 मामलों में कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य यात्रियों को सही टिकट लेकर यात्रा करने और रेलवे नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले वैध टिकट और प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए प्लेटफॉर्म टिकट जरूर लें तथा रेलवे परिसर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग अभियान, 245 यात्रियों से वसूला गया जुर्माना Read Post »

Raipur

सक्ती हत्याकांड का खुलासा: प्रेमी ने 4 लाख की सुपारी देकर कराई प्रेमिका की हत्या, 9 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 26 जून को हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या उसके प्रेमी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर साजिश रचकर कराई थी। इस वारदात के लिए 4 लाख रुपये में सुपारी देकर शूटरों को हायर किया गया था। पुलिस के अनुसार, पूर्णिमा और आरोपी मुरलीशंकर के बीच प्रेम संबंध थे। समय के साथ दोनों के रिश्तों में विवाद बढ़ने लगा। इसके बाद मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा चौहान ने मिलकर पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने हत्या के लिए अलग-अलग राज्यों के अपराधियों से संपर्क किया और 4 लाख रुपये में सौदा तय किया। 26 जून को दो बदमाश पूर्णिमा के घर पहुंचे और गोली मारकर उसकी हत्या कर फरार हो गए। घटना के बाद सक्ती पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से जुड़े कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

सक्ती हत्याकांड का खुलासा: प्रेमी ने 4 लाख की सुपारी देकर कराई प्रेमिका की हत्या, 9 आरोपी गिरफ्तार Read Post »

Crime

रायगढ़ में 25 हाथियों के दल ने सड़क पार की, वन विभाग ने रोका ट्रैफिक; गांवों में जारी किया अलर्ट

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंगलवार शाम करीब 6 बजे 25 हाथियों का एक दल घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार इलाके में सड़क पार करता दिखाई दिया। हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए वन विभाग ने कुछ समय के लिए सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी। वन विभाग को पहले ही सूचना मिल गई थी कि हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर सड़क की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और हाथियों का वीडियो बनाने लगे। वन विभाग ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की। वन विभाग के अनुसार, हाथियों का दल सड़क पार करने के बाद पानीखेत और पाकादरहा के जंगल की ओर चला गया। दल में नर, मादा और छोटे हाथी भी शामिल हैं। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से अकेले जंगल नहीं जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। इससे पहले सोमवार रात लैलूंगा वन परिक्षेत्र के कुंजारा स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में 12 हाथियों का एक अन्य दल घुस गया था। हाथियों ने फेंसिंग को कई जगह से तोड़ दिया और उद्यान में रखे पौधों व गमलों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा नारियल के पौधे और कटहल के पेड़ों को भी क्षति पहुंची।

रायगढ़ में 25 हाथियों के दल ने सड़क पार की, वन विभाग ने रोका ट्रैफिक; गांवों में जारी किया अलर्ट Read Post »

, Wildlife, Raigarh

स्मार्ट मीटर के बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लोगों का विरोध, पुराने मीटर लगाने की मांग

स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घरों का बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आने लगा है। उनका कहना है कि घर में बिजली की खपत पहले जैसी ही है, फिर भी हर महीने बिल बढ़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि इन मीटरों के जरिए बिजली की रीडिंग दूर से ली जाती है और जरूरत पड़ने पर विभाग कार्यालय से ही बिजली कनेक्शन को नियंत्रित कर सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है। लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए गए। विरोध करने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर मीटर लगाने का दबाव बनाया गया। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि मीटर लगाने वाले कर्मचारियों के पास अधिकृत पहचान पत्र नहीं थे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाए जाएं और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। लोगों ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली का उत्पादन राज्य के अपने संसाधनों से होता है, फिर भी बिजली की दरें लगातार बढ़ रही हैं। महंगाई के बीच बढ़ते बिजली बिल आम लोगों की आर्थिक परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।

स्मार्ट मीटर के बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लोगों का विरोध, पुराने मीटर लगाने की मांग Read Post »

Bhilai / Durg
Scroll to Top