Chhattisgarh News

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का तहसील ऑफिस में औचक निरीक्षण, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

रायपुर तहसील कार्यालय में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। एक महिला की शिकायत सुनने के बाद मंत्री अधिकारियों पर भड़क गए और कहा कि “जनता की सेवा के लिए बैठे हो, कुर्सियां तोड़ने के लिए नहीं।” महिला ने मंत्री को बताया कि वह पिछले एक महीने से अपनी रजिस्ट्री रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिला के अनुसार ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसके मकान का नाम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो गया है। रिकॉर्ड सुधार के लिए वह लगातार पटवारी और अधिकारियों के पास जा रही है, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता है। महिला ने यह भी बताया कि उसके ससुर की तबीयत खराब है और वे दफ्तर आने की स्थिति में नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें बार-बार बुलाया जा रहा है। शिकायत सुनने के बाद मंत्री टंकराम वर्मा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब मांगा और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे “सांप की तरह बैठे रहते हैं” और समय पर जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं करते। मंत्री की सख्ती के बाद अधिकारियों ने तुरंत महिला की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी। इससे पहले भी मंत्री टंकराम वर्मा राजस्व विभाग की लापरवाही पर सख्त रुख अपना चुके हैं। कुछ दिन पहले तिल्दा-नेवरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में उन्होंने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को जमीन रिकॉर्ड सुधार के लिए कई दिनों तक परेशान किया गया और उसकी जमीन रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दी गई थी। तिल्दा-नेवरा में आयोजित शिविर के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि जनता की समस्याओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अतिक्रमण, अपराध और लंबित मामलों पर समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। राजस्व मंत्री ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे और समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर निलंबन की चेतावनी दी थी। वहीं, बढ़ते अपराधों को लेकर मंत्री ने पुलिस विभाग को भी फटकार लगाई थी। उन्होंने नेवरा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी और अन्य वारदातों पर नाराजगी जताते हुए कानून व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले आरंग क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रायपुर सांसद Brijmohan Agrawal ने भी नायब तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। उन्होंने अधिकारियों पर लोगों से पैसे मांगने और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने के आरोपों पर नाराजगी जताई थी।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा फैसला, रिटायर्ड IAS निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड IAS अधिकारी निरंजन दास को जमानत दे दी है। निरंजन दास पूर्व आबकारी आयुक्त रह चुके हैं और जांच एजेंसियों के मुताबिक वे कथित सिंडिकेट के अहम सदस्य माने जा रहे थे। उन पर आबकारी नीति तैयार करने और शराब कारोबार से जुड़े फैसलों में प्रभावशाली भूमिका निभाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि निरंजन दास ने आबकारी नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी, जिससे कुछ लोगों को कथित रूप से फायदा पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार किस जिले में कौन अधिकारी तैनात होगा, किस ब्रांड की शराब बिकेगी और सप्लाई व्यवस्था कैसी होगी, इन फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। जांच में यह भी दावा किया गया कि उन्हें 30 करोड़ रुपए से ज्यादा का कमीशन मिला। यह मामला सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ में सुना गया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले के कई सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है। इसी आधार पर निरंजन दास को भी जमानत दी गई। हालांकि कोर्ट ने शर्त रखी है कि निरंजन दास को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। वे केवल जांच और अदालत में पेशी के लिए ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं, कारोबारी अनवर ढेबर ने भी छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) से जुड़े भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से 3 जून तक जवाब मांगा है। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट 13 मई को उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित शराब घोटाले को तत्कालीन आबकारी सिस्टम और कारोबारी नेटवर्क के जरिए संचालित किया गया। ED और EOW की जांच में दावा किया गया है कि डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी शराब पर कमीशन लिया जाता था और नकली होलोग्राम के जरिए अवैध शराब सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रदेश के 15 जिलों को शराब खपाने के लिए चिन्हित किया गया था। आरोप है कि नकली होलोग्राम लगी शराब बिना शुल्क के सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में कई अधिकारियों और कारोबारियों की भूमिका रही। बताया जा रहा है कि अब तक शराब, कोयला, DMF और अन्य आर्थिक घोटालों से जुड़े मामलों में कई बड़े अधिकारियों और कारोबारियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इनमें रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, निलंबित IAS रानू साहू, समीर विश्नोई, पूर्व मंत्री कवासी लखमा और अन्य नाम शामिल हैं। इन सभी को राज्य से बाहर रहने जैसी शर्तों के साथ राहत दी गई है।

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रायपुर में सड़क चौड़ीकरण अभियान तेज, गोगांव मार्ग से हटाए गए 17 अवैध निर्माण

रायपुर नगर निगम ने शहर में सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में गोगांव अंडरब्रिज से गोगांव पानी टंकी तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों को हटाया गया। निगम की टीम ने अभियान चलाकर करीब 17 छोटी और बड़ी दुकानों समेत कई अस्थायी कब्जों को हटाया। नगर निगम के अनुसार इस मार्ग पर 15वें वित्त आयोग मद से सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। लेकिन सड़क किनारे बनी दीवारें, पाटा, सीढ़ियां, ठेले और गुमटियां निर्माण कार्य में रुकावट पैदा कर रही थीं। इसके बाद निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान नगर निगम जोन-1 की टीम और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस अभियान में कार्यपालन अभियंता द्रोणी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता शरद देशमुख और शैलेंद्र पटेल, उप अभियंता अर्जिता दीवान, अंकिता सोनवर्षा और इम्तियाज अहमद सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इससे पहले नगर निगम ने गोंदवारा क्षेत्र में होटल पैराडाइज से गोंदवारा अंडरब्रिज तक भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। उस दौरान करीब 20 अवैध कब्जे हटाए गए थे और 15 अवैध पाटों को तोड़ा गया था। निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी। साथ ही नालियों पर बने अवैध पाटों को हटाने से सफाई कार्य में भी आसानी होगी, जिससे जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शहर में आगे भी अवैध कब्जों और यातायात बाधाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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मुर्दाघर में चोरी का सनसनीखेज मामला, मासूम के शव से गायब हुआ सोने का लॉकेट

जांजगीर-चांपा जिले में एक दर्दनाक हादसे के बाद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बिर्रा-शिवरीनारायण मार्ग स्थित केरा गांव में तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन की चपेट में आने से तीन वर्षीय हर्ष श्रीवास की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि हर्ष अपने पिता मनोज कुमार श्रीवास की सैलून दुकान के बाहर खड़ा था, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल नवागढ़ सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को रातभर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया था, तब उसके गले में सोने का लॉकेट मौजूद था, लेकिन पोस्टमार्टम के समय वह गायब मिला। इस घटना से परिवार में आक्रोश और दुख का माहौल है। परिजनों को शक है कि अस्पताल या मोर्चरी परिसर में किसी ने लॉकेट चोरी कर लिया। पुलिस ने सड़क हादसे का मामला दर्ज कर फरार वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही लॉकेट गायब होने के मामले में अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

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Janjgir Champa

सरगुजा संभाग में दर्दनाक सड़क हादसे, ट्रैक्टर और कार की टक्कर में 6 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में रविवार को हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 6 लोगों की जान चली गई। बलरामपुर जिले में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर कार की टक्कर से दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। पहली घटना बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरपान के पास हुई। बताया जा रहा है कि ईंट से लदा ट्रैक्टर तेज रफ्तार में जा रहा था, तभी मजदूरों से भरी बाइक उससे टकरा गई। हादसे में बाइक सवार चारों युवकों की मौत हो गई। मृतकों में सभी एक ही परिवार के चचेरे भाई बताए जा रहे हैं और मजदूरी का काम करते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ने वाहन नहीं रोका और घायलों को करीब 100 मीटर तक घसीटता रहा। बाद में घायलों को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान राकेश पंडो (17), रमेश पंडो (19), नरेश पंडो (19) और मनोज पंडो (21) के रूप में हुई है। परिजनों ने ट्रैक्टर चालक और मालिक पर वाहन छिपाने तथा सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-130 पर जजगा के पास हुई। यहां तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो ग्रामीणों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में जय सिंह (50) और रामकुमार (60) निवासी महुआटिकरा की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों किसी परिचित के यहां से लौट रहे थे। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। दोनों हादसों के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

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Accident, surguja

छत्तीसगढ़ में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, रायपुर में पेट्रोल ₹107.96 पहुंचा

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 25 मई को पेट्रोल की कीमत में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का रेट ₹109 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल ₹107.96 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में ईंधन की कीमतें सबसे अधिक दर्ज की गई हैं। नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर पहुंच गया है। सरगुजा संभाग के जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर दर्ज किया गया। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं प्रदेश में सबसे कम कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूरस्थ जिलों में ट्रांसपोर्टेशन लागत अधिक होने की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहती हैं। जबकि बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई बेहतर होने के कारण कुछ राहत देखने को मिलती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। माल ढुलाई खर्च बढ़ने से यात्री किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें आगे भी ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है।

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Raipur

लाल किले से CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, बोले- जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान की असली ताकत

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। लाल किले के मैदान में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को लेकर एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का संरक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आज के पर्यावरण संकट के दौर में जनजातीय जीवन दर्शन पूरी दुनिया को टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है, जहां 42 प्रकार की जनजातियां निवास करती हैं और राज्य का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह जैसे जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में आयोजित ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनजातीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में सरकार विशेष पहल कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के भीतर यह मांग लगातार उठ रही है कि जो लोग अपनी मूल जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी समुदाय के विरोध का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत की प्रस्तुतियों से जनजातीय विरासत की झलक पेश की। दिनभर मांदर, ढोल और लोकधुनों से गूंजते लाल किला मैदान में यह आयोजन जनजातीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

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Political, Raipur, State, Top News

भिलाई मारुति सुजुकी शोरूम में हंगामा: CEO पर महिला कर्मचारी का छेड़छाड़ का आरोप, थप्पड़-लात और स्याही फेंकी VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के भिलाई में चौहान ऑटोमोबाइल मारुति सुजुकी शोरूम में बड़ा विवाद सामने आया है, जहां एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के सीईओ अंकित आनंद पर छेड़छाड़ और गलत व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के बाद शोरूम परिसर में जमकर हंगामा हुआ और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महिला कर्मचारी का आरोप है कि सीईओ उसे लगातार अश्लील मैसेज भेजते थे और अनुचित तरीके से बातचीत करते थे। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब जांच के दौरान पुलिस सीईओ को शोरूम लेकर पहुंची। इसी दौरान महिला कर्मचारी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने सीईओ के चेहरे पर स्याही फेंक दी। इसके बाद उसने थप्पड़ और लात भी मारी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करते नजर आए, हालांकि स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया। घटना के समय शोरूम में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया। बताया जा रहा है कि वहां महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति के कारण स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। भिलाई नगर सीएसपी Satya Prakash Tiwari ने बताया कि महिला की शिकायत पर सीईओ के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। इस बीच यह भी सामने आया है कि शोरूम की कुछ अन्य महिला कर्मचारियों ने भी सीईओ के व्यवहार को लेकर असंतोष जताया है और शिकायत करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg, HARASSMENT

डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर में मुर्गे की बलि से विवाद गहराया, बैगा समाज के राज बैगा गिरफ्तार, आंदोलन की चेतावनी

डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कथित तौर पर मंदिर परिसर में मुर्गे की बलि और बैगा परंपरा से पूजा को लेकर हुए विवाद के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में राज बैगा किशोर नेताम की गिरफ्तारी के बाद आदिवासी समाज में नाराज़गी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार 19 मई को मंदिर के ऊपरी परिसर में पुराने रोपवे के पास एक चट्टान को ‘गढ़ माता’ मानकर बैगा परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की गई थी। इसी दौरान मुर्गे की बलि देने का आरोप सामने आया, जिसके बाद स्थिति विवादित हो गई। घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष Manoj Agrawal ने डोंगरगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि इस घटना से मंदिर की धार्मिक मर्यादा भंग हुई है और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल सनातन वैदिक परंपरा के अनुसार ही पूजा की अनुमति है और किसी भी प्रकार की बलि प्रथा स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं दूसरी ओर आदिवासी और गोंड समाज ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। समाज का कहना है कि मां बम्लेश्वरी धाम से उनकी आस्था और बैगा परंपरा सदियों से जुड़ी हुई है और इसे अपराध मानकर कार्रवाई करना गलत है। आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले पर डोंगरगढ़ एसडीओपी Kesari Nandan Nayak ने बताया कि 19 मई को अनुमति लेकर आदिवासी समाज के कुछ लोगों ने पूजा की थी। प्रशासन की अनुमति के बाद चट्टान को गढ़ माता मानकर पूजा शुरू की गई थी। इसी दौरान कथित रूप से मुर्गे की बलि दी गई। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट समिति की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी किशोर नेताम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद विवाद और गहरा गया है और आदिवासी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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रायगढ़ में भीषण आग: कबाड़ गोदाम से फैली लपटों ने 43 बाइक जलाईं, करोड़ों का नुकसान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां कबाड़ और प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग ने पास स्थित बाइक शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब 43 बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं। जानकारी के अनुसार, आग छातामुड़ा रोड स्थित कबाड़ और प्लास्टिक सामग्री से भरे गोदाम में अचानक भड़की। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग तेजी से फैल गई और बगल में स्थित हीरो बाइक शोरूम तक पहुंच गई। आग की लपटों ने शोरूम में खड़ी नई और पुरानी मिलाकर लगभग 43 बाइकें नष्ट कर दीं। इसके अलावा शोरूम और वर्कशॉप में रखा अन्य सामान भी जल गया। आग बढ़ते देख कर्मचारियों ने कुछ नई बाइकें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखीं। हादसे के दौरान बाहर निकाली गई 2-3 बाइक चोरी होने की भी सूचना मिली है, जिसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। आग की चपेट में एक माजदा वाहन और एक छोटा हाथी (टाटा ऐस) भी आकर पूरी तरह जल गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 11 गाड़ियों को लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन गोदाम के अंदर अभी भी धुआं उठ रहा है क्योंकि प्लास्टिक सामग्री अंदर तक सुलग रही है। जिला फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने में काफी कठिनाई आई क्योंकि ऊपर से आग बुझने के बाद भी अंदर की परतों में आग सुलगती रही और बार-बार भड़कती रही। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और जांच जारी है। शुरुआती आकलन के अनुसार कुल नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

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