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मिसिंग चिल्ड्रन रिपोर्ट: बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। पिछले लगभग पांच वर्षों से राज्य लगातार इस सूची के टॉप-10 राज्यों में बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने खोज लिया है, जबकि 400 से अधिक बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। राज्य के कुछ जिलों में बच्चों के गायब होने के मामले अधिक सामने आए हैं। जांजगीर-चांपा इस सूची में पहले स्थान पर है। इसके बाद रायपुर, बिलासपुर, सक्ती, दुर्ग और बलौदाबाजार जिलों का नाम शामिल है। लापता बच्चों की तलाश के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 559 बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया है। बरामद किए गए बच्चों में सबसे अधिक संख्या जांजगीर-चांपा जिले की बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रायपुर और बिलासपुर जैसे औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में प्रवासी परिवारों की संख्या अधिक है। कई बार उनके बच्चे परिवार से बिछड़ जाते हैं या बिना जानकारी दिए अन्य शहरों की ओर चले जाते हैं। इसके अलावा मानव तस्करी के गिरोह भी बच्चों के लापता होने का एक बड़ा कारण माने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तस्कर बच्चों को बड़े शहरों में अधिक पैसे या अन्य लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं और उनसे मजदूरी या अन्य काम करवाते हैं। ऑपरेशन मुस्कान के दौरान रेस्क्यू किए गए बच्चों से पूछताछ में ऐसे मामलों का खुलासा भी हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को खोज लिया गया है। वहीं कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादर एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार लापता बच्चों में 14 से 17 वर्ष की आयु के किशोर-किशोरियों की संख्या अधिक है और इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले ज्यादा पाई गई है।

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बिलासपुर में पत्नी की हत्या कर फरार हुआ पति, बाथरूम में सिर पटककर की वारदात

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी पति ने घर के बाथरूम में पत्नी का सिर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार यह घटना बिलासपुर के नेहरू नगर इलाके की है। सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक MIG-33 नेहरू नगर में रहने वाली 37 वर्षीय पुष्पलता यादव की हत्या उसके पति युवराज यादव (43) ने की है। युवराज मूल रूप से कोटा क्षेत्र के मोहनभाठा का निवासी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले मकान मालकिन किराएदारों से घर खाली करने की बात कहने आई थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। उस समय युवराज शराब के नशे में था और उसने पत्नी से गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी को घर के अंदर ले जाकर बाथरूम के पास उसका सिर दीवार से पटक दिया। हमले में पुष्पलता के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक दंपति करीब एक महीने पहले ही इस किराए के मकान में रहने आए थे। पुष्पलता मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाती थी, जबकि उसका पति शराब का आदी था और अक्सर उसके साथ विवाद करता था।

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कांकेर में 6 साल की बच्ची से गैंगरेप, महुआ चोरी के इरादे से घर में घुसे थे आरोपी; दो गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कांकेर में 6 साल की बच्चे से गैंगरेप हुआ है। आरोपी घर में चोरी के इरादे से घुसे थे। इस दौरान बच्ची को कमरे में अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात आरोपी महुआ चोरी करने के लिए घर में घुसे थे। इस दौरान माता-पिता कमरे में सो रहे थे। जबकि बच्ची अलग कमरे में सो रही थी। इसके बाद आरोपी उसे उठा ले गए और करीब 300 मीटर दूर ले जाकर बारी-बारी से रेप किया। फिर भाग निकले। जब परिजनों ने बच्ची को बिस्तर पर नहीं पाया तो उन्होंने तलाश शुरू की। आसपास तलाश करने पर भी बच्ची नहीं मिली, जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने देर रात करीब 12:30 बजे कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। घर से 300 मीटर दूर मिली बच्ची पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। बच्ची घर से 300 मीटर दूर एक खेत में अचेत अवस्था में मिली। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। फिलहाल, बच्ची मेडिकल कॉलेज में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। आरोपियों के भेजा गया जेल शनिवार को पुलिस ने जांच के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपी अमित जैन और रोहित जैन को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एडिशनल एसपी योगेश साहू ने पुष्टि की कि गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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दुर्ग में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। समोदा और झेनझरी गांव के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उगाए गए अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में खेत से करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त पौधों की कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। डिजिटल सर्वे में गेहूं और मक्का की खेती दिखाई गई जांच में सामने आया कि फार्महाउस के रिकॉर्ड में डिजिटल सर्वे के दौरान गेहूं और मक्का की खेती दर्ज कराई गई थी, लेकिन उन्हीं फसलों की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने खेती को छिपाने के लिए यह तरीका अपनाया था। सुरक्षा के लिए लगाए गए थे बाउंसर और गेट बताया जा रहा है कि फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे और चारों तरफ गेट लगाए गए थे। इस कारण आम लोगों का फार्महाउस के अंदर जाना लगभग असंभव था। इसी वजह से गांव के लोगों को लंबे समय तक इस अवैध खेती की जानकारी नहीं हो पाई। राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खेती के काम के लिए राजस्थान के जयपुर क्षेत्र से मजदूर बुलाए गए थे। आरोपी विकास बिश्नोई और उसका भाई श्रवण बिश्नोई पहले यहां कपास की खेती करने आए थे, लेकिन बाद में अफीम की खेती शुरू कर दी गई। पूछताछ में विकास बिश्नोई ने बताया कि वह पिछले करीब चार साल से विनायक ताम्रकार के संरक्षण में इस काम में लगा हुआ था। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। दो आरोपी फरार, राजस्थान में तलाश कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई है। जमीन के मालिकों से भी होगी पूछताछ अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह मुधमति बाला और प्रीति बाला के नाम दर्ज है। पुलिस अब दोनों से भी पूछताछ करेगी और उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। अगर जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। कुछ लोगों ने फार्महाउस के अंदर जाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। राजनीति भी हुई तेज इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि अफीम की इस अवैध खेती से जुड़े सभी लोगों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि राम सिंह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्हें देशद्रोही बताया गया और ईरान भेजने की बात कही गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के बाद उजागर हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। घटना का क्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद बिलासपुर में ठाकुर राम सिंह ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खामेनेई के प्रति मातम मनाने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही करार देते हुए ईरान भेजने की बात कही। मुस्लिम समाज में नाराजगी राम सिंह के इस व्यवहार और पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सरकंडा थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि राम सिंह की टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और शहर की शांति भी प्रभावित हो सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला शहर रहा है। ऐसे भड़काऊ बयानों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की संभावना होती है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की किसी भी भड़काऊ टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पुलिस की कार्रवाई सरकंडा थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पंचायत द्वारा उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक दंड सुनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़िता के परिवार को 12 साल तक समाज से अलग रखने का फैसला किया और कई अपमानजनक शर्तें भी रख दीं। यह मामला वाड्रफनगर विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पंचायत की बैठक में सरपंच और पंचों ने आरोपी युवक को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके बहिष्कार का निर्णय लिया। पंचायत के कथित फैसले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार अगले 12 वर्षों तक गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। पंचायत की विवादित शर्तें परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अपमानजनक शर्तें रखीं। सरपंच जवाहिर लाल के अनुसार, अगर परिवार समाज में वापस आना चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। इसके अलावा पूरे गांव को बकरा-भात और शराब का भोज देने की भी बात कही गई। पंचायत के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी डरा और परेशान है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी लेकर पंचायत को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में सरपंच जवाहिर लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंचायत द्वारा परिवार के बहिष्कार की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और यह पंचायत को बदनाम करने की साजिश है। सात महीने की गर्भवती है पीड़िता जानकारी के अनुसार युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में शादी से इंकार करता रहा। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने परिवार को इस बारे में बताया, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी को बसंतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि 25 फरवरी को गांव में पंचायत की बैठक हुई, जिसके बाद पीड़िता के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन जांच कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती का मामला: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्म हाउस में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार विनायक ताम्रकार ने शिवनाथ नदी के किनारे करीब 110 एकड़ क्षेत्र में फार्म हाउस बना रखा था, जिसे चारों ओर से फेंसिंग कर सुरक्षित किया गया था। इसी फार्म हाउस के करीब 11 एकड़ हिस्से में मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस की जांच में खेत से लगभग 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस की निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्म हाउस के गेट पर सख्त निगरानी रहती थी और आम लोगों को आसपास जाने की अनुमति नहीं थी। मौके पर जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि राजस्थान से आए मजदूरों को वहां काम पर रखा गया था और उनके रहने की व्यवस्था भी फार्म हाउस में ही की गई थी। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक, अफीम की खेती निजी जमीन पर की जा रही थी। अगस्त में हुए डिजिटल सर्वे के दौरान यहां मक्का और गेहूं की खेती की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उन्हीं फसलों के बीच अफीम के पौधे भी लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए थे। फार्म हाउस के अंदर जाने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी अवैध खेती कैसे चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बड़े लोगों की संलिप्तता हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और सरकार को जवाब देना होगा कि इस अवैध खेती में कौन-कौन शामिल है। आरोपी का दावा – जमीन मेरी नहीं वहीं मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया पर दी गई थी और जिस हिस्से में अफीम की खेती की गई, वह उनकी जमीन नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार के साथ उसके सहयोगी विकास विश्नोई और फार्म हाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को भी गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान तक पहुंची हुई है।

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रायपुर में गर्भवती इंटीरियर डिजाइनर से मारपीट, डॉग रेस्क्यू टीम पर थप्पड़ और मोबाइल छीनने का आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पालतू कुत्ते की देखभाल को लेकर हुए विवाद में एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को पशु प्रेमी रेस्क्यू संस्था की सदस्य बताने वाली महिलाओं ने बीच सड़क महिला को थप्पड़ मारा, उसकी टी-शर्ट खींची और धक्का दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो महिलाएं गर्भवती से मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। यह पूरा मामला रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता गुरप्रीत कौर, जो भिलाई के नेहरू नगर की रहने वाली हैं और इंटीरियर डिजाइनिंग का काम करती हैं, ने रेस्क्यू संस्था की सदस्य किरण घनश्याम आहूजा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी को गुरप्रीत कौर रायपुर के भाठागांव इलाके में स्थित कृष्णा होटल में ठहरी हुई थीं। उनके साथ दो पालतू कुत्ते भी थे। किसी निजी काम से बाहर जाने के दौरान उन्होंने अपने दोनों डॉग होटल में ही छोड़ दिए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब गुरप्रीत होटल वापस पहुंचीं, तब वहां खुद को पशु प्रेमी संस्था की पदाधिकारी बताने वाली किरण आहूजा और उनकी टीम मौजूद थी। आरोप है कि उन्होंने गुरप्रीत पर कुत्तों की सही तरीके से देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी। इसी दौरान किरण आहूजा ने गुरप्रीत को थप्पड़ मार दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो संस्था की एक अन्य महिला सदस्य भी आगे आई और उसने भी उन्हें थप्पड़ मार दिया। इतना ही नहीं, उनकी टी-शर्ट खींचकर धक्का दिया गया। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने उनके पालतू कुत्ते और मोबाइल फोन भी अपने साथ ले लिए। गुरप्रीत कौर का कहना है कि विवाद के दौरान संस्था के लोगों ने उन पर अपने डॉग्स को मारने का आरोप लगाया और उन्हें अपने साथ ले जाने का दबाव बनाया। मना करने पर उनके पालतू कुत्तों को जबरन अपने साथ ले जाया गया और अब तक वापस नहीं किया गया है। घटना के बाद पीड़िता ने पुरानी बस्ती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को ही आवेदन दिया गया था और पिछले कई दिनों से वह थाने के चक्कर लगा रही हैं। इस मामले में पुरानी बस्ती थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर किरण आहूजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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धर्म परिवर्तन के विवाद में झगड़ा, घर में तोड़फोड़ का आरोप: बिलासपुर में पुलिसकर्मी पर गुंडे बुलाकर पिटाई कराने का दावा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धर्म परिवर्तन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि डायल-112 में तैनात एक पायलट पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और विरोध करने पर मारपीट कराने का आरोप लगा है। यह मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कुंदरा पारा का है। जानकारी के मुताबिक, मोहितराम खांडे अपने परिवार के साथ कुंदरा पारा में रहते हैं। उनके पड़ोस में ही रिश्तेदार तोमन खांडे का घर है, जो डायल-112 में पायलट के पद पर कार्यरत है। बताया जा रहा है कि तोमन पिछले कई वर्षों से ईसाई धर्म को मानते हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तोमन खांडे उन पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने बाहरी लोगों को बुलाकर परिवार के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ कराई। हालांकि, तोमन खांडे ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा के साथ-साथ मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि घटना के बाद से वे करीब 12 दिनों से डर के कारण अपने घर नहीं लौट पाए हैं। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि 15 फरवरी को पहली बार धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद हुआ था, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। उनका कहना है कि होली के दिन भी इसी बात को लेकर दोबारा विवाद हुआ और मारपीट की गई। वहीं, तोमन खांडे का कहना है कि धर्म परिवर्तन का आरोप निराधार है। उनके अनुसार दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहितराम और उनके परिजनों ने ही उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को नुकसान पहुंचाया। साथ ही नगदी और जेवर गायब होने से उन्हें करीब 80-90 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bilaspur, Chhattisgarh

दिन में फ्लैग मार्च, रात में दोस्त की हत्या: जामुल में युवक की लोहे की रॉड से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

होली के मद्देनजर दिन में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च और सख्ती के बावजूद दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में देर रात एक युवक की उसके ही दोस्त ने हत्या कर दी। घटना रावणभाठा संगम चौक के पास की है। पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान हेमंत साहू उर्फ भूरु (19) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका दोस्त आशीष साहू (25) बताया गया है। घर से बुलाकर ले गया, फिर किया हमला हेमंत एक निजी कंपनी में कार्यरत था। सोमवार रात वह ड्यूटी से घर लौटा था। इसी दौरान आशीष उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गया। दोनों पहले भी साथ बैठकर शराब पीते थे। बताया जा रहा है कि एक मार्च को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसे उस समय दोस्तों ने शांत करा दिया था। लेकिन आरोपी ने उसी बात को लेकर मन में रंजिश रखी हुई थी। पार्टी के बाद पीछे से किया वार रात करीब 11 बजे दोनों पार्टी से लौट रहे थे। मोहल्ले के पास पहुंचते ही आरोपी ने पीछे से बाइक के शॉकब (लोहे की रॉड) से हेमंत के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। कई वार किए जाने से वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। सिर से अधिक खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना स्थल के पास ही होलिका दहन की तैयारी चल रही थी, लेकिन हमला इतना अचानक हुआ कि लोग संभल नहीं सके। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अस्पताल में मृत घोषित स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला अस्पताल भेजा गया। 10 घंटे में आरोपी गिरफ्तार एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि शुरुआती जांच में शराब के दौरान हुए विवाद की बात सामने आई है। मृतक की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को 10 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद कर ली गई है। दिन में 900 जवान तैनात, फिर भी वारदात होली को देखते हुए जिले में 900 पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। 73 पेट्रोलिंग टीमें सक्रिय हैं और 25 स्थानों पर नाकाबंदी की गई है। दिन में फ्लैग मार्च भी निकाला गया था। इसके बावजूद भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हत्या की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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