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करीब ढाई साल बाद छत्तीसगढ़ दौरे पर आ सकते हैं राहुल गांधी, चंपारण में कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रस्तावित

छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। इसी सिलसिले में जून महीने में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के छत्तीसगढ़ दौरे की संभावना जताई जा रही है। अगर कार्यक्रम तय होता है, तो यह उनका करीब ढाई साल बाद राज्य का पहला दौरा होगा। इससे पहले वे सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ आए थे। जानकारी के मुताबिक 21 जून से 30 जून तक रायपुर के चंपारण में कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा सकता है। इस शिविर में छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा के जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भी शामिल किए जाने की तैयारी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है और अब राहुल गांधी के कार्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। इस शिविर में हाल ही में नियुक्त 41 जिला कांग्रेस अध्यक्षों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। संगठन संचालन, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है। यह पूरा कार्यक्रम कांग्रेस के “संगठन सृजन अभियान” का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी 2025-26 की रणनीति के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर फोकस कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह मॉडल गुजरात की संगठनात्मक रणनीति की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसमें बूथ से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने पर जोर रहेगा। इसी अभियान के तहत 10 फरवरी 2026 को दिल्ली में कई राज्यों के नव नियुक्त जिलाध्यक्षों का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। अब दूसरे चरण में अलग-अलग राज्यों में 10 दिन के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित शिविर को भी कांग्रेस के संगठन विस्तार अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी की रणनीति बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में आगे लाने, समय सीमा के भीतर समितियों का गठन करने और एससी, एसटी, ओबीसी तथा अल्पसंख्यक वर्ग की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है।

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Political, Raipur, State, Top News

कवर्धा में चक्काजाम से थमा ट्रैफिक, गृहमंत्री विजय शर्मा का काफिला भी फंसा

कवर्धा जिले के पोंडी क्षेत्र में शराब भट्ठी हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और स्कूली छात्रों ने रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से शराब भट्ठी को हटाने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते छात्र और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और हाईवे जाम कर विरोध जताया। धरना और चक्काजाम का असर इतना ज्यादा रहा कि प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री Vijay Sharma का काफिला भी जाम में फंस गया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करती रही। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बसों समेत कई वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि शराब भट्ठी के कारण आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा है और इसका गलत असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।

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Accident, kawardha

बेमेतरा SDM कार्यालय में बड़ा हादसा टला, चैंबर की फॉल सीलिंग गिरी

बेमेतरा जिले में गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसडीएम प्रकाश भारद्वाज के कार्यालय की फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। घटना के बाद दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय चैंबर के भीतर कोई मौजूद नहीं था। कर्मचारियों के अनुसार, जब वे वापस कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने एसडीएम चैंबर की पूरी फॉल सीलिंग जमीन पर गिरी हुई देखी। यदि उस समय कोई कर्मचारी या अधिकारी अंदर मौजूद होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि कार्यालय में हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मरम्मत और रिनोवेशन का कार्य कराया गया था। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। फिलहाल अधिकारियों से मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

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bemetara, GOVERNMENT, Top News

जशपुर सड़क हादसा: पुलिया से गिरी पिकअप, चालक की मौत

जशपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहां कच्चे आम से भरी एक पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई। इस हादसे में वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन ओडिशा से अंबिकापुर की ओर कच्चे आम लेकर जा रहा था। इसी दौरान कुनकुरी थाना क्षेत्र के खारीझाड़िया स्थित श्रीनदी पुलिया के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सीधे नीचे जा गिरा। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिया संकरी होने के कारण यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

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Accident, jashpur

कोरबा में बड़ा रेल हादसा टला, तेज आंधी में मालगाड़ी का तिरपाल OHE तार में फंसा

छत्तीसगढ़ के Korba में शुक्रवार सुबह तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने के बीच बड़ा रेल हादसा टल गया। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं, जिसका असर कोयला परिवहन पर भी देखने को मिला। जानकारी के अनुसार पवन टॉकीज से दुरपा रोड के पास खदान से कोयला लेकर प्लांट की ओर जा रही एक मालगाड़ी को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। ट्रेन में कोयले को ढकने के लिए लगाया गया तिरपाल तेज हवा के कारण उड़कर फट गया और रेलवे के ओएचई तार तथा खंभे में जाकर फंस गया। तिरपाल के ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) लाइन में फंसने से शॉर्ट सर्किट और बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई थी। स्थिति को देखते हुए तुरंत मालगाड़ी को रोका गया और रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। समय रहते ट्रेन रोक दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ समय तक रेल संचालन प्रभावित रहा, जबकि अधिकारियों ने सुरक्षा जांच के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की। मौसम विभाग के अनुसार अचानक तेज आंधी और बारिश के चलते जिले में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ।

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दुर्ग में दो बड़े हादसे टले, हाईवा टक्कर में ड्राइवरों का रेस्क्यू; छावनी चौक की दुकान में लगी आग पर पाया काबू

छत्तीसगढ़ के Durg में पुलिस की तत्परता से दो अलग-अलग घटनाओं में बड़ा हादसा टल गया। एक ओर पुलगांव इलाके में दो हाईवा वाहनों की जोरदार भिड़ंत के बाद फंसे चालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, वहीं दूसरी ओर छावनी चौक पर एक दुकान में लगी आग को समय रहते बुझाकर बड़ा नुकसान होने से रोक लिया गया। पहली घटना Pulgaon Police Station क्षेत्र की है, जहां देर रात भारती कॉलेज के पास दो हाईवा वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चालक अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी Gurvinder Singh Sandhu के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों चालकों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान विजय कुमार यादव (23) निवासी मोहला-मानपुर और वीरेंद्र (34) निवासी झारखंड के रूप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दूसरी घटना दुर्ग के Chhawani Chowk इलाके की है। गुरुवार सुबह यातायात पुलिस की टीम सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई के लिए निकली थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक दुकान से धुआं निकलते देखा। सहायक उप निरीक्षक Sushil Pandey और उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान मालिक को सूचना देकर बुलाया और स्थानीय लोगों की मदद से दुकान खुलवाकर आग बुझाने का काम शुरू किया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों तक आग फैलने से बच गई। घटना की जानकारी तुरंत बिजली विभाग और अग्निशमन विभाग को भी दी गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की सतर्कता से दोनों घटनाओं में बड़ा नुकसान टल गया।

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भिलाई में भूपेश बघेल का BJP पर हमला, बोले- पुराने नेताओं को दूध की मक्खी की तरह बाहर कर दिया

Bhupesh Baghel ने भिलाई में भाजपा सरकार और संगठन को लेकर तीखा बयान दिया है। एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने अपने पुराने और वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से किनारे कर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर Ramvichar Netam और Brijmohan Agrawal का नाम लेते हुए कहा कि दोनों नेताओं को “दूध की मक्खी की तरह बाहर कर दिया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने पुराने नेताओं को महत्व नहीं दे रही है। गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा के संगठनात्मक बदलाव के दौरान रामविचार नेताम और बृजमोहन अग्रवाल को छत्तीसगढ़ भाजपा के कोर ग्रुप से बाहर कर दिया गया था। Bhilai में मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि सरकार वास्तव में चला कौन रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि फैसले मंत्रिमंडल ले रहा है या अधिकारी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब यह ही साफ नहीं है कि “परीक्षार्थी कौन है”, तब सरकार को नंबर कैसे दिए जाएं। बघेल ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह भ्रम की स्थिति में नजर आ रही है। कानून व्यवस्था को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अवैध शराब, सट्टा और अफीम खेती जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने कहा कि देशभर में ईंधन संकट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है और कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने Narendra Modi की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की उपलब्धियों के बारे में देश को जानकारी मिलनी चाहिए।

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Bhilai / Durg, Political, State, Top News

रायपुर-बिलासपुर NH पर नो-पार्किंग नियम फेल, रातभर सड़क पर खड़े ट्रक बन रहे हादसों की वजह

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में तेलीबांधा से टाटीबंध चौक तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे National Highway 130 पर नो-पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह कमजोर दिखाई दे रही है। रात के समय सड़क किनारे और कई जगहों पर मुख्य मार्ग पर भी भारी ट्रक और ट्रेलर खड़े मिलते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि अधिकांश ट्रकों में इंडिकेटर या कोई चेतावनी संकेत नहीं होता, जिससे देर रात गुजरने वाले वाहन चालकों को खड़े वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता। हाल ही में ऐसे ही हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 621 लोगों की मौत हुई थी। देर रात निरीक्षण के दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर तक ट्रकों की कतारें खड़ी मिलीं, जबकि यह पूरा इलाका नो-पार्किंग जोन घोषित है। इस मामले में Vivek Shukla ने कहा कि अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ट्रकों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हाईवे के दोनों ओर बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय और ढाबे मौजूद हैं। यहां लोडिंग-अनलोडिंग और ड्राइवरों के रुकने के कारण ट्रक सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। कई निजी पार्किंग मौजूद होने के बावजूद पार्किंग शुल्क बचाने के लिए वाहन चालकों द्वारा सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे चार लेन का मार्ग है, लेकिन दोनों तरफ भारी वाहनों की पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है। इससे ओवरटेकिंग मुश्किल हो जाती है और थोड़ी देर में जाम जैसी स्थिति बन जाती है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरे में बिना संकेतक खड़े ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते। कई वाहनों में लोहे की लंबी छड़ और भारी सामान लोड रहता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। सड़क पर घूमते मवेशी भी स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं। National Highways Authority of India द्वारा हाईवे के रखरखाव और सुरक्षा सुधार के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में हजारों स्थानों पर सड़क मरम्मत और पैनल बदलने का काम किया गया था। इसके अलावा कई जगहों पर क्रैश बैरियर, सोलर लाइट, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। हादसों को रोकने के लिए पिछले साल 11 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण भी कराया गया। इसके बावजूद सड़क पर अवैध पार्किंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं लगातार जारी हैं। हाल ही में Amanaka Police Station में दर्ज एक मामले में बताया गया कि टाटीबंध के पास बिना संकेतक खड़े ट्रेलर से दूसरा ट्रेलर टकरा गया, जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी तरह Dharsiwa Police Station क्षेत्र में चरौदा गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार टकराने के बाद एक युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ा था।

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Bilaspur, Raipur, State, Top News

157 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur के नयापारा स्थित ऐतिहासिक Banke Bihari Temple में गुरुवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह पुराने मंदिर परिसर से भगवान की विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल नजर आए। शोभायात्रा एडवर्ड रोड, चिकनी मंदिर, कोतवाली चौक और सदर बाजार मार्ग से होते हुए पेठा लाइन स्थित नव-निर्मित मंदिर परिसर पहुंची। यहां वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ भगवान बांके बिहारी समेत सात विग्रहों की विधिवत स्थापना की गई। कार्यक्रम में यज्ञाचार्य Om Prakash Joshi के मार्गदर्शन में भगवान बांके बिहारी, शिव पंचायतन, भवानी शंकर, दुर्गा माता, बजरंगबली, लक्ष्मी माता और अग्रसेन माधवी देवता की प्रतिमाओं का जलाभिषेक किया गया। इसके साथ ही 56 प्रकार के द्रव्यों से विशेष अभिषेक भी संपन्न कराया गया। नेत्रोन्मीलन और आकर्षक श्रृंगार के बाद मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष Ashok Agrawal ने बताया कि यह मंदिर करीब 157 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना वर्ष 1870 में बैजू अग्रवाल ने कराई थी। उन्होंने कहा कि मंदिर का पुनर्निर्माण राजस्थानी वास्तुकला शैली में कराया गया है। भगवान बांके बिहारी की लगभग 5 फीट ऊंची प्रतिमा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मकराना के सफेद संगमरमर से जयपुर में तैयार कराई गई हैं। मंदिर के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा था। महोत्सव के दौरान राजस्थान के सालासर धाम से विशेष लड्डू मंगवाकर भगवान को भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को ड्राई फ्रूट और फलों से युक्त प्रसाद वितरित किया गया। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत कलश यात्रा, बेदी पूजा, अधिवास और शोभायात्रा जैसे धार्मिक कार्यक्रम 8 मई से लगातार आयोजित किए जा रहे थे। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से मंदिर में नियमित दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने की अपील की है।

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10 साल से खांसी में खून आने से परेशान युवक की मेकाहारा में सफल सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा निकालकर बचाई जान

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur स्थित Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital में डॉक्टरों ने एक 25 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई। युवक पिछले करीब 10 वर्षों से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। हाल के दिनों में उसकी स्थिति और बिगड़ गई थी। हर बार खांसने पर अधिक मात्रा में खून निकलने लगा था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवक के दाएं फेफड़े के निचले हिस्से में गंभीर संक्रमण फैल चुका है और वहां कैविटी बन गई है। अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ Dr. Krishnakant Sahu ने बताया कि मरीज के फेफड़े में “एस्परजिलोमा” नाम का फंगल इंफेक्शन पाया गया। यह संक्रमण अक्सर पुराने टीबी मरीजों के फेफड़ों में विकसित हो जाता है और समय के साथ खून आने जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में “हीमोप्टाइसिस” कहा जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिनमें टीबी, फेफड़ों का संक्रमण और कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने “लोबेक्टॉमी” सर्जरी करने का फैसला लिया। इस प्रक्रिया में फेफड़े के संक्रमित और खराब हिस्से को निकाल दिया जाता है ताकि संक्रमण शरीर के बाकी हिस्सों में न फैले और स्वस्थ फेफड़ा सुरक्षित रह सके। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने आधुनिक “लंग स्टेपलर” तकनीक का इस्तेमाल किया। यह तकनीक सर्जरी के बाद खून और हवा के रिसाव को कम करने में मदद करती है और मरीज की रिकवरी तेज होती है। सफल सर्जरी के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पूरा इलाज आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया। Dr. Vivek Choudhary ने बताया कि समय पर इलाज और सर्जरी से मरीज को नई जिंदगी मिल सकी। वहीं Dr. Santosh Sonkar ने कहा कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।

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