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बिलासपुर में प्रार्थना सभा के दौरान बाइबिल मिलने पर हंगामा, बिना अनुमति कार्यक्रम; तीन पर FIR

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रार्थना सभा के बहाने कथित धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में आयोजित इस सभा में पुलिस को 30 से अधिक लोगों के पास बाइबिल मिली। आयोजन की सूचना पर बजरंग दल के सदस्यों ने विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। ग्राम चिल्हाटी के अटल चौक निवासी अनिता नायक के घर बुधवार को यह प्रार्थना सभा रखी गई थी। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवतियां मौजूद थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपस्थित व्यक्तियों को लुभावने प्रस्ताव देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। विरोध के बाद पहुंची पुलिस प्रार्थना सभा की खबर मिलते ही बजरंग दल के नारायण पटेल सहित कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और आपत्ति जताई। विरोध बढ़ने की स्थिति बनी तो पचपेड़ी पुलिस भी स्थल पर पहुंची और भीड़ को शांत कराया। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि कार्यक्रम के लिए बाहरी जिले से पास्टर बुलाया गया था, लेकिन किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति सभा, तीन लोगों पर केस दर्ज पुलिस ने पहले आयोजक और पास्टर से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, परंतु कुछ भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने अनिता नायक (32), अम्बद देवदास (52) निवासी बलौदाबाज़ार और जे. प्रभाकर राव (38) निवासी बलौदाबाज़ार को हिरासत में लिया।पूछताछ के बाद तीनों के खिलाफ धारा 299 और 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सभा के बाद भोजन की व्यवस्था, प्रलोभन का आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सभा के बाद भोजन की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इकट्ठा किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों को लेकर गांव में भारी नाराज़गी है और भविष्य में इस तरह की गतिविधियाँ नहीं होने दी जाएँगी।

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छत्तीसगढ़ में लोहा कारोबारियों पर IT की बड़ी कार्रवाई, 50 स्थानों पर छापेमारी जारी

छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने लोहा और स्टील से जुड़े कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में स्पंज आयरन, स्टील रोलिंग मिल, पावर प्लांट संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर टीमों ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक CRPF जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। सभी ठिकानों पर वित्तीय दस्तावेज, लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की गहन जांच की जा रही है। जमीन खरीद-फरोख्त में शामिल कारोबारियों के घर और दफ्तर भी सर्च ऑपरेशन की सूची में हैं। 5 दिन पहले हुई थी ED की बड़ी रेड 30 नवंबर को मेडिकल कॉलेजों की मान्यता से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में ED ने देशभर के 8 राज्यों में छापे मारे थे, जिनमें रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज भी शामिल था।इस दौरान ED ने मोबाइल फोन, DVR, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जैसे डिजिटल सबूत जब्त किए थे। कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी से पूछताछ भी की गई थी और बैंक खातों का विवरण मांगा गया था। सभी डिजिटल डिवाइस की जांच तकनीकी टीम कर रही है। 11 दिन पहले ACB–EOW ने 19 ठिकानों पर दी थी दबिश 24 नवंबर को ACB और EOW की टीमों ने शराब घोटाले और DMF फंड से जुड़े मामलों में संयुक्त कार्रवाई की थी। रायपुर, बिलासपुर, कोंडागांव, अंबिकापुर और दुर्ग में कुल 19 ठिकानों पर तड़के सुबह छापेमारी की गई। DMF मामले में हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े ठेकेदारों के 11 ठिकानों पर सर्च की गई थी। वहीं शराब घोटाले में जेल में बंद अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों से जुड़े रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर के कई स्थानों पर दबिश दी गई थी।

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Bhilai / Durg, Bilashpur, Chhattisgarh, Crime, Raigarh, Raipur, State, Top News

बीजापुर में विश्व दिव्यांग दिवस पर विशेष कार्यक्रम, बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

विश्व दिव्यांग दिवस पर बीजापुर में समग्र शिक्षा–समावेशी शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित कन्या आदर्श गुरुकुल आवासीय विद्यालय में हुए इस कार्यक्रम में चारों विकासखंडों से दिव्यांग बच्चे, उनके शिक्षक, अभिभावक और पालक बड़ी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, ट्रायसाइकिल रेस, मटका फोड़, रंगोली, पेंटिंग, मेहंदी, निबंध लेखन और एकल गीत जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सेदारी कर अपनी क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया। हर प्रतियोगिता में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बीजापुर की अध्यक्ष गीता सोम पुजारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उपाध्यक्ष भुवन सिंह चौहान तथा पार्षद सत्यवती परतागिरी विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सभी प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।

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रायगढ़ RPF गोलीकांड: हेड कॉन्स्टेबल को कनपटी पर मारी गोली, आरोपी पहले भी जा चुका है जेल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट में सोमवार तड़के हुए गोलीकांड में हेड कॉन्स्टेबल पीके मिश्रा की मौत हो गई। उनके ही साथी हेड कॉन्स्टेबल कुमार सिंह लादेर ने पोस्ट के कांच वाले दरवाजे के बाहर से तीन गोलियां चलाईं, जो सीधे मिश्रा की कनपटी से भीतर जाकर गले तक पहुंच गईं। इसके बाद उसने दरवाजा खोलकर एक और फायर किया, जो दाईं आंख के पास से छूकर निकल गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर कांच पर गोली के छेद, खून के निशान, एक जिंदा कारतूस और तीन खाली खोखे बरामद किए। मिश्रा का शव कुर्सी पर ही मिला था, जबकि आरोपी वहीं पास में बैठा मिला। RPF के अन्य जवान पहुंचे तो आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने गोली चलाई है। बाद में GRP ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दोनों बैचमेट थे, देर रात हुई बहस के बाद चली गोलियां जानकारी के मुताबिक मृतक पीके मिश्रा रीवा (मध्य प्रदेश) के निवासी थे, जबकि आरोपी कुमार सिंह लादेर जांजगीर-चांपा के भाटापारा इलाके का रहने वाला है। दोनों एक ही बैच के थे और उस रात दोनों की संयुक्त ड्यूटी थी।सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 4 बजे किसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई और गुस्से में आकर लादेर ने ड्यूटी पर रखी पिस्टल उठाकर मिश्रा पर चार राउंड फायर कर दिए। मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे प्लेटफॉर्म पर तैनात दो जवान—पी. खलखो और जीपी यादव—ने गोली की आवाज सुनकर तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। 3.5 साल से रायगढ़ में थे तैनात मिश्रा, परिवार भी यहीं रहता था पीके मिश्रा लगभग ढाई–तीन साल पहले अनूपपुर से रायगढ़ ट्रांसफर हुए थे। उनकी पत्नी और बेटी रायगढ़ में रहती थीं, जबकि बेटा हैदराबाद में पढ़ाई कर रहा है।आरोपी लादेर भी अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ रायगढ़ में रहता था, जबकि दो अन्य बच्चे जांजगीर में परिवार के पास रहते हैं। 2019 में भी पोस्ट प्रभारी को तलवार दिखाकर धमकाया था, दो साल रहा जेल में जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लादेर पहले भी हिंसक व्यवहार की वजह से सुर्खियों में रह चुका है। DSP एसएन अख्तर के अनुसार आरोपी का यह पुराना इतिहास उसे मानसिक रूप से अस्थिर या हिंसक प्रवृत्ति का संकेत देता है।. फॉरेंसिक रिपोर्ट: तीन गोलियां सिर में आर-पार, एक आंख के पास से गुजरी फॉरेंसिक विशेषज्ञ पीएस भगत ने बताया: प्रारंभिक जांच में साफ है कि आरोपी ने पहले बाहर से फायर किया और फिर दरवाजा खोलकर आखिरी गोली चलाई। मृतक का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना का अंतिम कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई जारी है।

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इस बार CG-बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी से, 10वीं में छात्रों की संख्या घटी; 12वीं में बढ़ी

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2025 के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस बार पंजीयन आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां 10वीं के विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज हुई है, वहीं 12वीं में छात्रों का रुझान बढ़ा है। मंडल ने परीक्षा संबंधी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों कक्षाओं की प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट परीक्षाएं 1 जनवरी से आयोजित की जाएंगी। पंजीयन आंकड़े: किस कक्षा में कितने विद्यार्थी? कक्षा 10वीं कक्षा 12वीं पिछले साल के मुकाबले 10वीं में दर्ज हुए छात्रों की संख्या 12वीं से 11,478 कम है। इस बार परीक्षाएं एक सप्ताह पहले– 20 फरवरी से शुरू पहले बोर्ड परीक्षाएं 1 मार्च से शुरू होती थीं, लेकिन इस बार तारीख आगे बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी गई है। परीक्षा शेड्यूल जारी हो चुका है। परीक्षा पहले होने के कारण प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी इस बार 10 दिन पहले यानी 1 जनवरी से शुरू होंगी। 10 साल बाद बड़ा बदलाव— नया ब्लू प्रिंट लागू नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप इस वर्ष बोर्ड परीक्षा का पैटर्न पूरी तरह बदला गया है।नए ब्लू प्रिंट के अनुसार: कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों के लिए प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट परीक्षा 1 जनवरी से होगी। पिछले वर्ष का परिणाम

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रायपुर में बढ़ता साइबर फ्रॉड: निर्दोष लोगों के खातों पर ताला, 50 से ज्यादा पीड़ित परेशान

देशभर में साइबर अपराध का दायरा तेजी से फैलता जा रहा है। ठगों द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी तो बढ़ ही रही है, लेकिन इससे भी ज्यादा परेशानी उन लोगों को झेलनी पड़ रही है जिनके खातों में ठगी की रकम पहुंच जाती है। जैसे ही किसी बैंक अकाउंट में किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की एंट्री दिखाई देती है, पुलिस और बैंक तुरंत खाते पर रोक लगा देते हैं—भले ही खाता धारक का किसी ठगी से कोई लेना-देना न हो। रायपुर में ऐसे 50 से ज्यादा लोग अब भी बैंक, थाने और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं, क्योंकि उनके खाते सिर्फ 2,000 से 20,000 रुपए की संदिग्ध राशि आने पर सीज कर दिए गए। इन लोगों में व्यापारी, नौकरीपेशा और आम नागरिक शामिल हैं। केस–1: साइबर सेल के मेल के बाद अकाउंट बंद, बैंक भी नहीं बता रहा वजह न्यू राजेंद्र नगर की बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर दिव्या का आरोप है कि उनका ICICI बैंक खाता एक साल पहले बिना किसी सूचना के ब्लॉक कर दिया गया। बैंक ने सिर्फ इतना बताया कि साइबर सेल से मेल आने के बाद यह कार्रवाई की गई है, लेकिन यह मेल किस जिले से आया–इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। पुलिस से भी मदद नहीं मिली, जिसके बाद दिव्या ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है। केस–2: सैलरी अकाउंट फ्रीज, परिवार की भेजी रकम भी नहीं निकाल पा रहीं कोतवाली क्षेत्र की मिक्की (नाम बदला हुआ) बताती हैं कि उनका सैलरी अकाउंट अचानक लॉक हो गया। बैंक ने बताया कि 11,000 रुपए का संदिग्ध अमाउंट आने पर खाता बंद किया गया है। हालांकि बैंक यह नहीं बता पाया कि उन्हें राहत कैसे मिलेगी। खाता बंद होने के कारण वे अपने परिजनों द्वारा भेजा पैसा भी नहीं निकाल पा रही हैं। केस–3: 21 हजार का संदेह, लेकिन फंस गए 20 लाख रुपए से अधिक गंज इलाके के तुषार (नाम परिवर्तित) अपना गारमेंट्स कारोबार चलाते हैं। वे बताते हैं कि फोन-पे और पेटीएम से मिलने वाले रोज़ाना भुगतान उनके बैंक खाते में आते थे, लेकिन पिछले पांच महीनों से खाता सीज है। बैंक का कहना है कि 21,000 रुपए का संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिलने पर पुलिस की ओर से मेल आया और खाता ब्लॉक कर दिया गया। लेकिन मेल भेजने वाला विभाग कौन था—यह जानकारी भी नहीं दी जाती। 50 से अधिक खाते संदिग्ध राशि पर ब्लॉक, लोग उधारी में जीवन चला रहे स्थिति यह है कि खातों के सीज होने से लोग आर्थिक संकट में घिर गए हैं। एडवोकेट की राय: संपूर्ण अकाउंट ब्लॉक करना नियमों के खिलाफ रायपुर के एडवोकेट विपिन अग्रवाल का कहना है कि साइबर ठगी का पैसा कई खातों से घूमकर आता है, और जिस खाते में संदिग्ध राशि पहुंचती है, उसे ‘लीन’ में रखा जा सकता है। लेकिन पूरे खाते को सीज करना नियमों के खिलाफ है, जबकि बैंक अक्सर ऐसा कर रहे हैं।कई मामलों में कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सिर्फ संदिग्ध राशि पर कार्रवाई हो, पूरा खाता ब्लॉक नहीं किया जाए। कैसे पहुंचती है ठगी की रकम दूसरों के खातों तक? ज्यादातर पीड़ित व्यापारी हैं, जिन्होंने ग्राहकों से ऑनलाइन भुगतान लिया था। जांच में पाया गया कि यह पैसा कई खातों से होकर उनके खाते में पहुंचा था—जिसे पुलिस भाषा में “लेयरिंग” कहा जाता है। लेयर क्या होती है? कानून के अनुसार चौथी लेयर में सिर्फ लीन लगाया जा सकता है, लेकिन अकाउंट सीज करने का प्रावधान नहीं है। निष्कर्ष साइबर ठगी का दायरा बढ़ रहा है, लेकिन इसकी मार निर्दोष लोगों पर पड़ रही है। बैंक और पुलिस की मौजूदा प्रक्रिया पीड़ितों के लिए भारी परेशानी खड़ी कर रही है। जरूरत इस बात की है कि ऐसी व्यवस्था बने जिसमें वास्तविक अपराधियों को पकड़ा जाए और निर्दोष लोगों के खाते अनावश्यक रूप से ब्लॉक न किए जाएं।

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Chhattisgarh, Crime

छत्तीसगढ़ में ब्यूटी पार्लर में तहसीलदारों पर हमला, सिर में लगी गंभीर चोटें

कोरबा जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात दो तहसीलदारों को कुछ युवकों ने बुरी तरह पीट दिया। जानकारी के अनुसार हरदीबाजार तहसीलदार अभिजीत राजभानू और दीपका तहसीलदार अमित केरकेटा ब्यूटी पार्लर में मसाज कराने गए थे। तभी उनके ड्राइवर और कुछ नशे में युवकों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद तहसीलदारों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन युवकों ने आक्रामक होकर दोनों को पिट दिया। इस हमले में तहसीलदारों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी शर्ट खून से लाल हो गई। घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 4 युवकों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए आरोपियों में पुनेश, बबन, डिंपल और हितेश सारथी शामिल हैं। मुख्य आरोपी हितेश सारथी पहले से ही आदतन अपराधियों की सूची में है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। कुसमुंडा थाना प्रभारी युवराज सिंह तिवारी ने बताया कि बाकि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और FIR दर्ज कर दी गई है।

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Chhattisgarh

ऑपरेशन साइबर शील्ड में बड़ी सफलता: मुंबई-पुणे से दो साइबर ठग गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत दो बड़े साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी देशभर में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में शामिल थे और उन्हें महाराष्ट्र के पुणे और मुंबई से पकड़ा गया। ठगों ने फिक्स्ड डिपॉजिट और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर बैंक मैनेजर और छात्रों से लाखों रुपए ठगने की वारदात को अंजाम दिया। रायपुर साइबर रेंज की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की और रेड कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पहली वारदात:रायपुर के SBI शाखा रामसागरपारा के मैनेजर आशुतोष कुमार से फिक्स्ड डिपॉजिट का झांसा देकर 17.82 लाख रुपए की ठगी की गई थी। यूपी के कुशीनगर के निवासी सरफराज अंसारी (20) वारदात के बाद पुणे भाग गया था। पुलिस ने उसे पकड़कर पीड़ित को ठगी की पूरी राशि वापस दिलाई। दूसरी वारदात:रायपुर के देवेश साहू से ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के बहाने 16 लाख रुपए की ठगी की गई थी। महाराष्ट्र के उल्हासनगर के निवासी मयूर जोशी (29) अपने सहयोगियों के साथ इस वारदात में शामिल था। आरोपी टेलीग्राम और गूगल रिव्यू टास्क के जरिए पहले कुछ राशि का भुगतान करके भरोसा जीतता और फिर बड़ी रकम लेकर फरार हो जाता था। रायपुर साइबर रेंज के अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराधियों पर नकेल कसने की दिशा में बड़ी सफलता है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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संतों ने अमित बघेल के बयानों को बताया गलत, 5 हजार का इनाम घोषित

रायपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल पर 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार बघेल गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के घरों में छिप रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि अमित बघेल की जल्द गिरफ्तारी होगी। गिरफ्तारी से बचने के लिए बघेल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग भी कर सकते हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट में कैविएट दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अमित बघेल को कोई अंतरिम राहत देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए। संतों ने जताया विरोधअखिल भारतीय संत समिति ने रायपुर के दूधाधारी मठ में एक विशेष बैठक में अमित बघेल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में छत्तीसगढ़ी-सिंधी समाज के संत भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बघेल के बयान गलत हैं और छत्तीसगढ़ियावाद के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। बैठक में महंत रामसुंदर दास, राजीव लोचन महाराज, महा मंडलेश्वर सर्वेश्वर दास, रामरूप दास, सीताराम दास, बसंत बिहारी दास, राधामोहन दास, अवधबिहारी दास और संत युधिष्ठर लाल उपस्थित थे। राजनीतिक बयानबाज़ीपूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसी धर्म या महापुरुष के खिलाफ बयान देना पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान है और कानून-व्यवस्था का पालन न होना इस स्थिति की वजह है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। वहीं, बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने भूपेश पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीयता का जहर बोया है और पुलिस अमित बघेल को भगोड़ा घोषित कर कार्रवाई कर रही है। सिंधी और अग्रवाल समाज का विरोध‘बिग बॉस 13’ में नजर आ चुके विकास पाठक उर्फ़ हिंदुस्तानी भाऊ ने भी अमित बघेल के विवादित बयानों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की वजह से पूरे धर्म और देवी-देवताओं के प्रति गलत धारणा नहीं बननी चाहिए। अमित बघेल के विवादित बयानों के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेश और देशभर में प्रदर्शन किया। रायपुर और अन्य जिलों में FIR दर्ज कराई गई। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के सलाहकार अनूप मसंद ने बताया कि समाज नाराज है और पुलिस में शिकायत की गई। मूर्ति विवाददरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को तोड़ा गया। घटना के बाद पुलिस और क्रांति सेना के सदस्यों के बीच झड़प हुई। मूर्ति को पुनः स्थापित कर दिया गया। आरोपी मनोज सतनामी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया है। अमित बघेल ने 27 अक्टूबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज पर विवादित टिप्पणी की थी। उनके इस बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज नाराज हो गया। छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमातेलीबांधा तालाब के पास 2022 में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा राज्य की कृषि प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। इसमें मातृ स्वरूपा महिला को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान और आभूषणों में दर्शाया गया है। एक हाथ में धान की बालियां, दूसरे में दीपक और सिर पर मुकुट है।

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सड़क पर मवेशियों की हाजिरी पर कड़ा एक्शन: 192 में से 140 निकायों ने नहीं भेजी रिपोर्ट, 904 पशु मालिकों से वसूला 20 हजार का जुर्माना

राज्य सरकार सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े पर गंभीर है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए एक महीने तक लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही हर हफ्ते इस अभियान की रिपोर्ट भेजने का आदेश भी जारी किया गया। लेकिन अधिकांश नगर निकायों ने इस निर्देश की अनदेखी की। रिपोर्ट न भेजने और कार्रवाई न करने पर अब उन्हें रिमाइंडर भेजकर काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिए हैं कि शहर के 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में भी पशुओं की निगरानी की जाए। आवारा और घुमंतू पशुओं को हटाने, उनके मालिकों को जागरूक करने और सड़क हादसों को रोकने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सड़कों पर रात में होने वाले हादसों को रोकने के लिए आवारा पशुओं पर रेडियम स्ट्रिप लगाने, प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और सड़क संकेतक बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थितिप्रदेश के 192 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में से 140 निकायों ने अभी तक इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। जिन्होंने कार्रवाई की, उनके मुताबिक 917 सड़कों पर कुल 2,323 मवेशी पकड़े गए, जबकि 3,600 पशु मालिकों को समझाइश दी गई। इस दौरान 904 पशु मालिकों से कुल 20,000 रुपए का जुर्माना वसूला गया। खास बात यह है कि राजधानी रायपुर और बिरगांव में मवेशियों के जमावड़े के बावजूद कोई भी पशु मालिक दंडित नहीं हुआ। वहीं, कुरुद में एक पशु मालिक से केवल 100 रुपए का जुर्माना वसूला गया। पशु मालिकों की पहचान और कानूनी कार्रवाईअब सड़कों पर पाए जाने वाले मवेशियों के मालिकों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस और जुर्माना के अलावा, खुले में पशु छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसका उद्देश्य है कि सड़क हादसों को रोकने के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

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