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1 अप्रैल से बदलेंगे कचरा प्रबंधन के नियम, 100 मेहमान वाली पार्टी की देनी होगी सूचना

1 अप्रैल से देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 अब 2016 के पुराने प्रावधानों की जगह लेंगे। नए नियमों में नागरिकों के साथ-साथ नगर निगम और नगर पालिकाओं की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। सबसे सख्त प्रावधान मौके पर जुर्माना लगाने का है, जो स्थानीय उपनियमों के अनुसार 500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक हो सकता है। राज्य के 193 नगरीय निकायों में फिलहाल 2016 के नियम लागू हैं, जिन्हें पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जा सका। नए नियमों में सामाजिक आयोजनों को लेकर भी कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि किसी निजी स्थान या घर में शादी, जन्मदिन या अन्य कार्यक्रम में 100 से अधिक लोग शामिल होने वाले हैं, तो आयोजन से कम से कम तीन कार्य दिवस पहले संबंधित नगर निगम या पालिका को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य बड़े आयोजनों से उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रबंधन की अग्रिम तैयारी करना है। सूचना नहीं देने और कार्यक्रम स्थल पर गंदगी मिलने पर आयोजक पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में कचरा वाहनों पर जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी गई है, ताकि कचरे की चोरी या अनियमित निपटान पर निगरानी रखी जा सके। स्थानीय निकायों को हर महीने इसका डेटा केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा। प्रदेश में कुल 193 शहरी निकाय प्रतिदिन लगभग 2,534 टन कचरा उत्पन्न करते हैं, जिसमें करीब 85 प्रतिशत गीला और सूखा कचरा तथा 15 प्रतिशत खतरनाक और सैनेटरी वेस्ट होता है। कुछ शहरों में ई-चालान व्यवस्था शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जगह निगरानी व्यवस्था अभी भी कमजोर है। सड़क किनारे खाद्य सामग्री या सब्जी बेचने वाले ठेले-रेहड़ी संचालकों के लिए भी कड़े नियम लागू होंगे। उन्हें अपने पास डस्टबिन रखना होगा और कचरा निर्धारित स्थान या निगम के वाहन में ही डालना होगा। इसके अलावा कचरा बीनने वालों को औपचारिक प्रणाली में शामिल करने के लिए उनका पंजीकरण, पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है। घरों में कचरा अलग करने के नियम भी बदले हैं। अब दो नहीं बल्कि चार डिब्बों में कचरा अलग करना होगा—गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनेटरी कचरा (डायपर आदि) और विशेष कचरा जैसे बैटरी या बल्ब। मिश्रित कचरा देने पर वाहन उसे उठाने से मना कर सकता है। सैनेटरी उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को अब पैकेट के साथ डिस्पोजेबल पाउच देना अनिवार्य होगा, ताकि उपयोग के बाद इन्हें सुरक्षित तरीके से अलग किया जा सके। वहीं 5,000 वर्ग मीटर से बड़े आवासीय या वाणिज्यिक परिसरों को अपने परिसर में गीले कचरे के निपटान के लिए खाद बनाने की व्यवस्था करनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर स्थानीय निकाय ई-चालान या मौके पर जुर्माना वसूल सकते हैं। भुगतान न होने पर राशि को संपत्ति कर में भी जोड़ा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नए नियम पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और तकनीकी रूप से उन्नत हैं, जिनका उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है।

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कंपनियों से निकलते ही गायब होता माल, यार्ड में चल रहा संगठित चोरी का नेटवर्क

राजधानी रायपुर के बाहरी इलाकों में इन दिनों लोहा, सरिया और पिग आयरन की चोरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आई है। कंपनियों से लोड होकर ट्रेलर सीधे यार्ड तक पहुंचते हैं, जहां से माल की चोरी कर ली जाती है। बाद में वजन संतुलित दिखाने के लिए ट्रेलर में पत्थर और कच्चा लोहा भर दिया जाता है, ताकि जांच के दौरान कोई शक न हो। बताया जा रहा है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है। जांच में खमतराई, उरला और सिलतरा थाना क्षेत्रों के कई यार्ड और कबाड़ी ठिकानों का नाम सामने आया है, जहां चोरी का सामान खपाया जाता है। इस पूरे काम में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसमें ट्रांसपोर्टर और कबाड़ी दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर विक्की द ढाबा के पीछे स्थित एक यार्ड में चोरी के सरिए और पिग आयरन की खरीद-फरोख्त होने की बात भी सामने आई है। इस मामले में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रेलर के नीचे बनाए गए गुप्त चेंबर में भारी मात्रा में लोहा रखा दिखाई दे रहा है। इस चेंबर में लोहा भरकर वाहन का वजन बढ़ा दिया जाता है, जिससे माल की कमी पकड़ में नहीं आती। सूत्रों के अनुसार, कंपनी से निकलते समय और गंतव्य पर पहुंचने पर ट्रेलर का वजन किया जाता है, लेकिन बीच रास्ते में ऐसे यार्ड में सरिया उतारकर उसकी जगह समान वजन का पत्थर और लोहा भर दिया जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में गिरफ्तार रूपेश सिंह का सहयोगी राकेश साहू भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दो अन्य ट्रांसपोर्टर भी इस काम में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके गोदाम आसपास ही स्थित हैं और वाहनों पर अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिली है।

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रायपुर के 2021 मर्डर केस का आरोपी 3 साल बाद अहमदाबाद से गिरफ्तार

रायपुर में वर्ष 2021 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में फरार आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। टिकरापारा निवासी महिला ने पारिवारिक संपत्ति विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार नामक व्यक्ति को 4 लाख रुपये दिए थे, लेकिन आरोपी ने विश्वासघात करते हुए महिला की हत्या कर दी और घर से लाखों रुपये नकद व सोना लूटकर फरार हो गया था। 21 मार्च 2026 को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार व्यक्ति अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है, जो अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम भी अहमदाबाद रवाना हो गई है और ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी। यह मामला अक्टूबर 2021 का है, जब रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान से शकुंतला देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जांच में सामने आया कि महिला का अपने बड़े बेटे के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए महिला और उनके छोटे बेटे ने अजय कुमार मिश्रा से मदद ली थी। आरोपी और महिला का बेटा पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम कर चुके थे। समझौता कराने के नाम पर आरोपी को 4 लाख रुपये नकद और 10 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। बाद में आरोपी रकम लेकर गायब हो गया, जिसके चलते महिला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदले की भावना और लूट के इरादे से आरोपी अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर पहुंचा और महिला के घर पर ही ठहर गया। मौका पाकर दोनों ने महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने घर से करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग 30–35 तोला सोना लूट लिया था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक ज्वेलर को बेच दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल बंद कर दिया और लगातार शहर बदलता रहा। वह गोवा, अहमदाबाद और मुंबई में छिपकर रह रहा था। टिकरापारा थाने में दर्ज यह मामला लंबे समय तक अनसुलझा रहा। जांच के दौरान कई थाना प्रभारी बदले, लेकिन आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। केस डायरी में केवल एक संदिग्ध का उल्लेख था। अब अहमदाबाद पुलिस की कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोल दी है। रायपुर कमिश्नरेट के अतिरिक्त डीसीपी राहुल देव शर्मा के अनुसार, अहमदाबाद पुलिस से सूचना मिलने पर एक विशेष टीम भेजी गई है। आरोपी से पूछताछ के बाद पूरे हत्या और लूट के मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।

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रायपुर में नशे पर बड़ी कार्रवाई, 42 किलो गांजा समेत ड्रग्स बरामद, 12 गिरफ्तार

रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। यह संयुक्त कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 42 किलो गांजा, 2200 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और 1.53 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। कोतवाली क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान बिना वैध दस्तावेज के बेची जा रही 1700 अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोर को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। गंज थाना क्षेत्र में दो आरोपी एमडीएमए ड्रग्स की तस्करी करते हुए पकड़े गए। पूछताछ में सामने आया कि वे नागपुर से आने वाली ट्रेन के अटेंडेंट के माध्यम से ड्रग्स मंगवाते थे। पंडरी थाना क्षेत्र में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का मामला सामने आया, जहां पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा ले जा रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 42 किलो गांजा और लगभग एक लाख रुपये नकद भी बरामद किए। कुछ आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और पुलिस को बड़े नेटवर्क की आशंका है। डीडी नगर इलाके में भी 500 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद अब तक 24 मामलों में 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लगभग 1.72 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।

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चोरी के शक में युवक की बेरहमी से पिटाई, बाल काटकर अर्धनग्न किया

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चोरी के शक में ग्रामीणों ने एक युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया। ग्राम धारानगर में युवक पर घर में घुसकर सरसों की छोटी बोरी और 300 रुपये नकद चोरी करने का आरोप था। घटना शंकरगढ़ थाना क्षेत्र की है। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, कोरंधा निवासी श्रीकांत सिंह शनिवार (21 मार्च) को अपनी बाइक से करीब 8 किलोमीटर दूर धारानगर गांव पहुंचा था। ग्रामीणों का आरोप है कि उसने किसान परशु मिंज के घर में घुसने के लिए ताला तोड़ने की कोशिश की। उस समय घर के सभी सदस्य महुआ बीनने के लिए बाहर गए हुए थे। बताया गया कि युवक खिड़की तोड़कर घर में घुसा और एक छोटी बोरी में सरसों तथा 300 रुपये नकद लेकर निकल गया। जब वह बाइक तक पहुंचा और सामान लेकर वापस जाने लगा, तभी ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने उसे रोक लिया। पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने युवक के कपड़े फाड़ दिए, उसे अर्धनग्न कर दिया, सिर के आधे बाल काट दिए और पाइप के टुकड़े से बेरहमी से पीटा। मारपीट के बाद युवक ने चोरी की बात स्वीकार करने की बात भी कही। घटना की सूचना मिलने पर युवक के पिता मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी भी पिटाई कर दी। पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर शंकरगढ़ पुलिस ने तीन नामजद ग्रामीणों सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि चोरी की अलग से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, युवक पर पहले भी चोरी के कई आरोप लग चुके हैं। शंकरगढ़ थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। दूसरे पक्ष को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे थाने नहीं पहुंचे। मामले की जांच जारी है।

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लैलूंगा में 50 डिसमिल में उगाई जा रही थी अफीम, दो गिरफ्तार, एक फरार

रायगढ़ जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में करीब 50 डिसमिल जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। जिले में दो दिनों के भीतर यह दूसरा मामला है, जबकि पिछले 17 दिनों में यह पांचवीं बार अफीम की खेती पकड़ी गई है। पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया है, जबकि साधराम नाग फरार बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लाकर अफीम की खेती कर रहे थे। पुलिस टीम अभी भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच जारी है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘सुशासन’ के नाम पर अफीम स्टार्टअप की नई शाखा अब लैलूंगा में खुल गई है। इससे पहले 23 मार्च को तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अवैध खेती का खुलासा हुआ था। वहां झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10 से 12 वर्षों से खेती कर रहा था। उसने स्थानीय किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के नाम पर खेत लिया था, लेकिन उसमें अफीम उगा रहा था। बताया जा रहा है कि झारखंड में उसके सहयोगी पहले से अफीम की खेती करते हैं, जिन्हें देखकर उसने यहां भी यह काम शुरू किया। हालांकि इस मामले की जांच जारी है। प्रदेश में हाल के दिनों में अफीम की खेती के कई मामले सामने आए हैं। 7 मार्च को दुर्ग, 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी, 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा और 21 मार्च को रायगढ़ के तमनार में भी ऐसी खेती पकड़ी जा चुकी है।

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ईद के दिन खूनी संघर्ष, 2 सगे भाइयों की हत्या

मेरठ के सरधना क्षेत्र में शनिवार रात मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला हुआ, जिसमें दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जुआ खेलने के दौरान शुरू हुआ विवाद यह घटना सरधना के मेहरमती गणेशपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक गांव के दो पक्ष छोटा कब्रिस्तान के पास खेत में जुआ खेल रहे थे। इसी दौरान कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। ग्राम प्रधान के भाइयों की मौत एक पक्ष ग्राम प्रधान सईदु का बताया जा रहा है, जिसमें उनके भाई सईमुद्दीन (48) और भूरा (38) शामिल थे। दूसरे पक्ष में चुन्नू (30) नामक युवक बताया जा रहा है। मारपीट के दौरान सईमुद्दीन और भूरा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक ही कुनबे के बताए जा रहे दोनों पक्ष पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पहले गाली-गलौज हुई, फिर नोकझोंक और उसके बाद मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों ने अपने-अपने लोगों को बुला लिया और हिंसा बढ़ गई। 15 मिनट तक चला खूनी संघर्ष करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला होता रहा। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और ग्रामीण घायलों को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां से कुछ को जिला अस्पताल रेफर किया गया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी देहात अभिजीत कुमार गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन आरोपी हिरासत में घटना के बाद इलाके में तीन थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है और अन्य हमलावरों की तलाश जारी है। खुशियों के बीच मातम बताया जा रहा है कि ईद के मौके पर गांव में उत्सव का माहौल था और रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था। लेकिन शाम को हुआ छोटा विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिससे त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यूपी दौरा, भक्ति में डूबे तीन दिन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तर प्रदेश का तीन दिवसीय दौरा पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ा रहा। पहले दिन उन्होंने राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए, जबकि अगले दो दिन मथुरा क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बिताए। प्रेमानंद महाराज से मुलाकात मथुरा प्रवास के दौरान राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की। मुलाकात के दौरान संत ने “राधे-राधे” कहकर उनका स्वागत किया, जिसे राष्ट्रपति ने सादगी से स्वीकार किया। गोवर्धन परिक्रमा की, कुछ दूरी पैदल चलीं राष्ट्रपति ने परिवार के साथ गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी की। उन्होंने परिक्रमा का कुछ हिस्सा पैदल तय किया, जिसके बाद गोल्फ कार्ट में बैठकर लगभग डेढ़ घंटे में पूरी परिक्रमा संपन्न की। इस दौरान गिरिराज जी के दर्शन भी किए। गोल्फ कार्ट से पूरी की परिक्रमा सुरक्षा और समय को ध्यान में रखते हुए शेष परिक्रमा गोल्फ कार्ट से की गई। दौरे के वीडियो में राष्ट्रपति परिवार के साथ कार्ट में बैठकर परिक्रमा करते दिखाई दे रही हैं। सांसद हेमा मालिनी ने भी की मुलाकात मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी भी राष्ट्रपति से मिलने पहुंचीं। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपति का स्वागत किया और क्षेत्र के धार्मिक महत्व की जानकारी दी। रामयंत्र स्थापना कार्यक्रम में भी शामिल दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने अयोध्या में राम मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और रामयंत्र स्थापना कार्यक्रम में भी उपस्थिति दर्ज कराई।

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भाटापारा–लिमतरा मार्ग पर निर्माण कार्य से यातायात बाधित, लोगों में नाराजगी

भाटापारा से लगभग 17 किलोमीटर दूर लिमतरा तिगड्डा चौक के पास रायपुर–बिलासपुर हाईवे पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का प्रमुख चार लेन का व्यस्त मार्ग है, जो सिमगा होते हुए लगभग 115 किलोमीटर की दूरी को जोड़ता है। 6 लेन सड़क निर्माण के चलते बढ़ी परेशानी वर्ष 2025–26 में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस मार्ग को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। सिमगा से बिलासपुर खंड में कार्य जारी है, जबकि पुराने मार्ग की मरम्मत भी चल रही है। नेशनल हाईवे 130 के तहत लिमतरा से करीब 6 किलोमीटर हिस्से में लंबे समय से काम जारी है, जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। रोज लग रहा जाम, राहगीर परेशान निर्माणाधीन सड़क पर भारी ट्रैफिक दबाव के कारण लंबे जाम की स्थिति बन रही है। विशेष रूप से भाटापारा की ओर से हाईवे पर चढ़ने वाले वाहनों को अधिक परेशानी हो रही है। मिलन होटल तिगड्डा के पास ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं होने से छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। सर्विस रोड का काम अब तक शुरू नहीं भाटापारा–लिमतरा से हाईवे तक सर्विस रोड बनाने का प्रस्ताव छह महीने पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सर्विस रोड बन जाए तो जाम और दुर्घटनाओं की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। टोल में राहत की मांग पूर्व मंडी उपाध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि जब तक सड़क पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक टोल शुल्क में कमी की जानी चाहिए, क्योंकि लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रशासन ने दिया आश्वासन कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बताया कि रायपुर–बिलासपुर हाईवे के कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य चल रहा है। लोगों की परेशानी को देखते हुए संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से इस संबंध में चर्चा की जाएगी, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

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मावली माता के ऐतिहासिक मंदिर में उमड़ी आस्था, दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु

बासंती चैत्र नवरात्र के अवसर पर भाटापारा नगर और आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति में डूबा हुआ है। सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालु माता की पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं। नगर के प्राचीन मंदिरों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। शीतला माता मंदिर में दिनभर लगी रहती है भीड़ मातादेवालय वार्ड स्थित शीतला माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं। दिनभर पूजा, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। मावली माता मंदिर सिंगारपुर बना आस्था का केंद्र क्षेत्र के ऐतिहासिक मावली माता मंदिर में इस बार प्रदेशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां कुल 7,341 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं, जिनमें 190 आजीवन ज्योति कलश और 7,151 सामान्य ज्योति कलश शामिल हैं। 500 वर्ष से अधिक पुराना मंदिर करीब 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन इस मंदिर में देशभर से भक्त अपनी मनोकामनाओं के लिए ज्योति जलाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना माता मावली अवश्य पूरी करती हैं, इसी विश्वास के कारण हर वर्ष यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दो किलोमीटर लंबी कतार में दर्शन मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु लगभग दो किलोमीटर लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था की गई है।

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