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राजधानी के 18 प्रमुख चौराहों का बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम, बनेंगे लेफ्ट-फ्री रोड जंक्शन

राजधानी रायपुर में बढ़ते यातायात दबाव और रोज़ लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के 18 सबसे ज्यादा जामग्रस्त चौराहों को अब आधुनिक लेफ्ट-फ्री रोड जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 9.2 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारें आम समस्या बन चुकी हैं। इसी को देखते हुए निगम ने ऐसे चौराहों की पहचान की है, जहां लेफ्ट टर्न के कारण सबसे ज्यादा अवरोध होता है। नए कॉन्सेप्ट के तहत बाएं मुड़ने वाले वाहनों को सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा। इन चौराहों पर होगा काम जयस्तंभ चौक, अनुपम गार्डन चौक, शास्त्री चौक, भगत सिंह चौक, खजाना चौक, भारतमाता चौक, कालीबाड़ी, महिला थाना, राजीव गांधी चौक समेत कुल 18 चौराहों पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी। परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जयस्तंभ चौक में क्या बदलाव होंगे जयस्तंभ चौक राजधानी का सबसे व्यस्त चौराहा है, जहां से रोजाना करीब 1.25 लाख वाहन गुजरते हैं। यहां सर्कल का रेडियस बढ़ाकर 3.69 मीटर से 9.23 मीटर किया जाएगा। चारों दिशाओं के डिवाइडर को छोटा किया जाएगा और तीन लेन को स्पष्ट करने के लिए पेवमेंट मार्किंग की जाएगी। लेफ्ट टर्न को पूरी तरह फ्री बनाने के लिए चारों ओर ट्रैफिक आईलैंड बनाए जाएंगे। इससे तीसरी लेन केवल बाएं मुड़ने वाले वाहनों के लिए होगी और जाम की स्थिति कम होगी। भगत सिंह चौक का भी बदलेगा स्वरूप भगत सिंह चौक से प्रतिदिन करीब 90 हजार वाहन गुजरते हैं। यहां तीन मार्गों के डिवाइडर आगे बढ़ाए जाएंगे। शास्त्री चौक से शंकर नगर जाने वाले मार्ग पर तीसरी लेन और अलग-अलग साइज के ट्रैफिक आईलैंड बनाए जाएंगे। इसी तरह शंकर नगर से तेलीबांधा और सीएम हाउस रोड से शास्त्री चौक की ओर लेफ्ट टर्न के लिए भी अलग लेन विकसित की जाएगी। क्यों जरूरी हैं ट्रैफिक आईलैंड ट्रैफिक आईलैंड सड़क पर बनाया गया एक चिन्हित या उठा हुआ हिस्सा होता है, जो वाहनों को सही दिशा में चलने में मदद करता है। लेफ्ट टर्न के लिए अलग लेन बनने से सीधे जाने वाले वाहनों का ट्रैफिक बिना रुकावट चलता है। इससे जाम और टकराव की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। नगर निगम का दावा है कि इन 18 चौराहों पर लेफ्ट-फ्री व्यवस्था लागू होने के बाद राजधानी के ट्रैफिक में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और लोगों को रोज़मर्रा के जाम से राहत मिलेगी।

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नवा रायपुर एयर शो में उमड़ी भीड़: 5 किमी लंबा जाम, फाइटर जेट्स दिखा रहे आसमान में दमदार करतब

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मौके पर नवा रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर आज भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने जबरदस्त एयर शो का आयोजन किया। कार्यक्रम सुबह 10:40 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इस दौरान हजारों की भीड़ जुटी और तेलीबांधा से सेंध लेक रोड तक करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। यहां तक कि वीआईपी वाहन भी इस जाम में फंसे नजर आए। इस शानदार शो में 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स ने एक साथ आसमान में उड़ान भरते हुए ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट इन द स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी आकर्षक फॉर्मेशन पेश कीं। शो की कमान ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी के हाथों में टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी कर रहे हैं, जिन्होंने बताया कि ऐसे शो को सफल बनाने में अनुशासन और टीमवर्क की बड़ी भूमिका होती है। वे अब तक 50 से अधिक एयर शो कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के ही स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो महासमुंद जिले से हैं, भी इस टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा— “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मैं अपनी ही धरती पर उड़ान भर रहा हूं। जब हमारे जेट आसमान में तिरंगा बनाते हैं, तो अपने आप देशभक्ति की भावना जाग जाती है।” ‘वॉयस ऑफ द स्काई’ होंगी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू एयर शो के दौरान कमेंट्री की जिम्मेदारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं छत्तीसगढ़ की बेटियां समझें कि महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति है।कंवल संधू दर्शकों और उड़ते विमानों के बीच सेतु बनेंगी ताकि लोगों तक हर रोमांचक पल की जानकारी पहुंच सके। फ्लाइट्स री-शेड्यूल, रनवे 2 घंटे बंद एयर शो के चलते रायपुर एयरपोर्ट में सुबह 10:40 से दोपहर 12 बजे तक नो-फ्लाइंग जोन लागू किया गया। इस दौरान किसी भी फ्लाइट की लैंडिंग या टेकऑफ नहीं हुई। दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर और हैदराबाद जाने वाली कुल 5 उड़ानें री-शेड्यूल की गई हैं। हॉक एमके-132 जेट्स से हुआ प्रदर्शन इस शो में इस्तेमाल किए गए हॉक एमके-132 जेट्स अत्याधुनिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं। ये जेट्स प्रशिक्षण के साथ-साथ युद्ध के समय भी सक्षम हैं, जिनमें 30 मिमी तोप और मिसाइलें लगाने की क्षमता होती है। फ्री एंट्री और बस सुविधा आम नागरिकों के लिए एयर शो में फ्री एंट्री रखी गई है। साथ ही रायपुर शहर से नवा रायपुर राज्योत्सव स्थल तक आने-जाने के लिए 4 और 5 नवंबर को फ्री बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।बसें सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न स्थानों से चलेंगी — जिनमें रायपुर रेलवे स्टेशन, तेलीबांधा चौक, साइंस कॉलेज और भाठागांव बस स्टैंड शामिल हैं।

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रायपुर में पंजाब से लाई गई हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक और बड़ी कार्रवाई की है। पंजाब से हेरोइन लेकर आए दो तस्करों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी शहर में मादक पदार्थ की सप्लाई करने पहुंचे थे और ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से हेरोइन, तौल मशीन, मोबाइल और एक ट्रेलर वाहन जब्त किया है। मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है। ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी जानकारी के मुताबिक, पुलिस को 3 नवंबर की शाम मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रैफिक थाने से कुछ ही दूरी पर सर्विस रोड पर खड़े एक ट्रेलर वाहन में दो युवक बैठे हैं जो हेरोइन बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पंजाब से लाते थे माल, रायपुर में बेचते थे पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मंजीत सिंह और हरदीप सिंह (दोनों निवासी पंजाब) बताए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पंजाब से हेरोइन लाकर रायपुर में सप्लाई करने का काम करते हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये तस्कर पहले कितनी बार रायपुर आ चुके हैं और उनका संपर्क किस नेटवर्क से है। 3 लाख से अधिक की हेरोइन जब्त आरोपियों के पास से पुलिस ने 34.60 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), एक तौल मशीन, दो मोबाइल फोन, और एक ट्रेलर वाहन (क्रमांक CG-04-HX-622) जब्त किया है। जब्त हेरोइन की कीमत करीब 3 लाख 46 हजार रुपए और कुल बरामद सामान की कीमत 18 लाख रुपए आंकी गई है। रायपुर बनता जा रहा है ड्रग्स का नया हब पिछले कुछ महीनों में रायपुर पुलिस ने ड्रग्स के नेटवर्क पर कई बड़ी कार्रवाई की है। देवेंद्र नगर, टिकरापारा, कोतवाली, कबीर नगर, तेलीबांधा और गंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस अब तक 35 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पंजाब, दिल्ली, मुंबई और नागपुर के तस्कर शामिल हैं। कई मामलों में महिलाओं की भी संलिप्तता सामने आई है।इसके बावजूद, रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट फिर से सक्रिय हो रहा है, जिससे पुलिस सतर्क हो गई है।

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रायगढ़: छोटी बहन की हत्या करने वाली नेहा को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घरेलू विवाद के चलते एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। ग्राम पतरापाली निवासी 20 वर्षीय नेहा महतो ने अप्रैल 2024 में अपनी छोटी बहन रंजिता कुमारी की हत्या कर दी थी। अब रायगढ़ सत्र न्यायालय ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। खाना बनाने को लेकर हुआ झगड़ा कोतरा रोड थाना क्षेत्र में रहने वाली नेहा और रंजिता अक्सर घरेलू काम को लेकर विवाद करती थीं। 24 अप्रैल की रात नेहा ने रंजिता से लौकी छीलने और खाना बनाने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। गुस्से में नेहा ने खलबट्टे से रंजिता के सिर पर कई बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अपराध छिपाने की कोशिश हत्या के बाद नेहा ने शव को कंबल से ढक दिया और कमरे की लाइट बंद कर दी। मां के ड्यूटी पर जाने के बाद वह रातभर वहीं बैठी रही। अगले दिन जब पिता ने रंजिता को उठाने की कोशिश की, तो उसकी मौत का पता चला। जांच में खुला राज पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शक होने पर नेहा से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कोर्ट का फैसला सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार जैन की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद नेहा कुमारी महतो को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

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रजिस्ट्री में जुड़ी 10 नई सुविधाएं, लेकिन स्वत: नामांतरण में अभी भी देरी

राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने के लिए 10 नई सुविधाएं लागू की हैं। इनमें सबसे अहम सुविधा है “स्वतः नामांतरण”, जिसके तहत रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित खरीदार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में खुद-ब-खुद दर्ज हो जाना चाहिए। इससे पहले तक नामांतरण के लिए पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे कई बार महीनों की देरी होती थी। हालांकि इस नई सुविधा के बावजूद जिले के लोगों को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल पा रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई कई रजिस्ट्री के मामलों में स्वत: नामांतरण नहीं हो पाया है, जिससे पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं और सर्वर अपग्रेड हो रहा है, जिस कारण शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन जल्द ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और यह सुविधा आम नागरिकों के लिए पूरी तरह सुगम हो जाएगी। इस सुविधा से भविष्य में नागरिकों को न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि फर्जीवाड़े के मामलों में भी कमी आएगी। पहले रजिस्ट्री के बाद संपत्ति को नामांतरण से पहले किसी और को बेचने जैसे धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे। लेकिन अब रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: नाम दर्ज हो जाने से यह खतरा कम हो जाएगा। जांजगीर में पेंडिंग हैं दर्जनों नामांतरणजांजगीर जिले के उप पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह डिजिटल सिग्नेचर की अनुपलब्धता के कारण नामांतरण की प्रक्रिया रुकी हुई थी। हालांकि अब शुक्रवार से प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है और सभी लंबित नामांतरण जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नई 10 सुविधाएं इस प्रकार हैं: इन बदलावों के बाद उम्मीद है कि आम जनता को रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिलेगी और भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा।

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जशपुर में छह सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी, 18 करोड़ से अधिक की लागत से सुधरेगा आवागमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले में आवागमन को आसान बनाने के लिए छह प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों को 18 करोड़ 46 लाख 87 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी के साथ-साथ यातायात की भी बेहतर सुविधा मिलेगी। इन परियोजनाओं की मंजूरी से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार आएगा। इन सड़कों को मिली स्वीकृतिराज्य शासन द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जशपुर जिले की विभिन्न सड़कों के निर्माण हेतु निम्नलिखित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है: दो और सड़कों को 7 करोड़ से अधिक की स्वीकृतिइसके अतिरिक्त, जिले की दो अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए भी राज्य शासन से 7 करोड़ 65 लाख 41 हजार रुपये की मंजूरी प्राप्त हुई है। जनता में खुशी की लहरइन विकास कार्यों से जिले में आवागमन की सुविधा अत्यधिक सुगम हो जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों से जशपुर के नागरिकों में प्रसन्नता की लहर है, और विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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गरीब मां की बेबसी: जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए घूस देनी पड़ी, चावल बेचकर जुटाए पैसे

कोरबा, छत्तीसगढ़।जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बंजारी गांव की रहने वाली एक गरीब महिला, अमिषा धनुहार, इन दिनों अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में हुई गलती को सुधारवाने के लिए परेशान है। दुर्भाग्यवश, उसे यह काम बिना रिश्वत दिए मुमकिन नहीं लग रहा। अमिषा के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कर्मचारी की मांग पूरी कर सके, इसलिए उसने सरकारी राशन की दुकान से मिले चावल बेचकर 500 रुपये इकट्ठा किए ताकि वह कर्मचारी को रिश्वत दे सके। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अमिषा अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़ती है। वीडियो में उसकी आंखों से बहते आंसू उसकी बेबसी बयां कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अमिषा ने अपने 10 महीने के बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था, लेकिन उसमें कुछ त्रुटि रह गई। जब वह इसे ठीक करवाने बंजारी के उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उससे 500 रुपये की मांग की और साफ कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, प्रमाण पत्र नहीं सुधारा जाएगा। अमिषा का कहना है कि जब उसने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पहली बार बनवाया था, तब भी उसे 500 रुपये घूस देने पड़े थे। अब फिर से उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। यह सब बताते हुए महिला खुद को संभाल नहीं पाई और भावुक हो गई। वीडियो में उसकी पीड़ा स्पष्ट दिखाई देती है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जहां एक जरूरतमंद मां को अपने बच्चे का बुनियादी दस्तावेज पाने के लिए रिश्वत देने और घर का राशन तक बेचना पड़ रहा है।

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया

रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत के साथ भर्ती हुए 24 वर्षीय अनिकेत यादव की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से अनिकेत की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, अनिकेत को गुरुवार को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट दोपहर तक आई। इसके बाद डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी, लेकिन उस समय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था। लंबे इंतजार के बावजूद सोनोग्राफी नहीं हो पाई। स्थिति बिगड़ने पर अनिकेत को कोरबा के एक निजी सेंटर में सीटी स्कैन के लिए रेफर किया गया। वहीं, तबीयत और खराब होने पर उसे फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। अनिकेत को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन परिजनों के बार-बार आग्रह के बावजूद उसे समय पर ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑक्सीजन देने का आश्वासन तो दिया, लेकिन इंतजार करते-करते अनिकेत ने दम तोड़ दिया। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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भीमलत में जंगल के राजा की छवि, लव कुश वाटिका में निखर रही है प्राकृतिक सौंदर्यता

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित भीमलत क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में वन विभाग की कोशिशें रंग ला रही हैं। यहां के जंगलों को पुनर्जीवित करने की योजना के अंतर्गत लव कुश वाटिका का दूसरा चरण पूरा कर लिया गया है, जिसे जल्द ही आम पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। पिछले वर्ष नवंबर में इस वाटिका के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार हेतु लगभग 50 लाख रुपये के कार्य प्रारंभ किए गए थे। इनमें इंटरलॉकिंग पाथवे, वॉच टॉवर और वाटर फॉल व्यू पॉइंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे पर्यटकों को प्रकृति के और करीब पहुंचने का अवसर मिलेगा। वन विभाग के उपवन संरक्षक देवेंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में यहां एक नवाचार किया गया है। गुजरात की एक कंपनी द्वारा बनाए गए बाघ, चिंकारा और लव-कुश के जीवंत थ्रीडी मॉडल वाटिका की शोभा को और अधिक बढ़ा रहे हैं। ये मॉडल जंगल के वातावरण में वास्तविक वन्यजीवों की उपस्थिति का अनुभव कराते हैं। करीब दो वर्ष पूर्व 2 करोड़ रुपये की लागत से आरंभ हुई इस परियोजना का कार्य अब अंतिम चरण में है। लव कुश वाटिका में न केवल सौंदर्य को महत्व दिया गया है, बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए भी कई प्रयास किए गए हैं। विभिन्न राज्यों के राज्य वृक्ष, पक्षियों व जानवरों के लिए उपयोगी पेड़-पौधे और वनस्पतियां रोपी गई हैं। सिंचाई की बेहतर व्यवस्था के लिए नलकूप और पाइपलाइन की मदद से पौधों को नियमित पानी दिया जा रहा है, जिससे वे तेजी से वृक्ष रूप में परिवर्तित हो रहे हैं। इस वर्ष भी बरगद, पीपल जैसे छायादार वृक्ष लगाए गए हैं, जो भविष्य में एक घना जंगल बनाने में मदद करेंगे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रकार की घास और झाड़ियां यहां के जीव-जंतुओं के लिए आवास बनती जा रही हैं। वन्यजीवों के लिए पीने के पानी और जल क्रीड़ा हेतु एक विशेष तालाब भी तैयार किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि यह वाटिका शीघ्र ही पर्यटकों के लिए एक आकर्षक और रोमांचक स्थल बन जाएगी।

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“कोई मस्जिद प्रभावित नहीं होगी”: वक्फ संशोधन बिल पर बीजेपी के रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली:वक्फ (संशोधन) विधेयक, जिसे संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है, मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाएगा और वक्फ प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को एनडीटीवी से बातचीत में यह बात कही। प्रसाद ने स्पष्ट किया कि इस कानून से किसी मस्जिद, धार्मिक स्थल या कब्रिस्तान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मुद्दा सीधा है—यह सुनिश्चित करना कि ‘वक़ीफ़’ (दानदाता) की मूल भावना का पालन ‘मुतवल्ली’ (प्रबंधक) द्वारा किया जा रहा है या नहीं। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि एक कानूनी व्यवस्था है। मुतवल्ली सिर्फ एक संरक्षक है, मालिक नहीं, क्योंकि संपत्ति अल्लाह के नाम हो जाती है।” उन्होंने कहा कि यह बिल विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं, विधवाओं और वंचित तबकों को लाभ पहुंचाएगा। वक्फ ज़मीनों के दुरुपयोग पर सवालप्रसाद ने पटना के डाक बंगला क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ वक्फ ज़मीनों पर पाँच सितारा होटल और शोरूम बन गए हैं। उन्होंने कहा, “भारत में दुनिया में सबसे ज़्यादा वक्फ संपत्तियाँ हैं, लेकिन कितने अस्पताल, विश्वविद्यालय या प्रशिक्षण केंद्र बने हैं? सवाल यह है कि क्या प्रबंधक दानदाता की मंशा के अनुसार संपत्ति का उपयोग कर रहे हैं या अपनी जेब भर रहे हैं?” उन्होंने बताया कि संशोधित कानून डिजिटलीकरण और सार्वजनिक रिकॉर्ड के ज़रिए पारदर्शिता लाएगा। “अब सभी जानकारियाँ ऑनलाइन उपलब्ध होंगी—संपत्ति कहाँ है, मुतवल्ली कौन है, और संपत्ति का उपयोग कैसे हो रहा है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी,” प्रसाद ने कहा। राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाजब मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया या बिहार विधानसभा चुनाव पर इसके प्रभाव के बारे में पूछा गया, तो प्रसाद ने चिंताओं को खारिज करते हुए कहा, “1984 में बीजेपी के पास दो सीटें थीं, आज हम पूरे देश और 21 से अधिक राज्यों में सरकार चला रहे हैं। नीतीश कुमार जी, हमारे सहयोगी, 19 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।” नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी मुसलमान की नागरिकता छीनी नहीं गई। प्रसाद ने कहा, “राजनीति बदल चुकी है। पुराने नैरेटिव अब काम नहीं करते। अल्पसंख्यक समुदाय के युवा भी विकास चाहते हैं। कुछ लोग पुराने ढर्रे पर चलकर इस बदलाव को रोकना चाहते हैं, लेकिन भारत आगे बढ़ चुका है।”

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