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छत्तीसगढ़ में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले, एक साल बाद मजिस्ट्रेट के पास आवेदन अनिवार्य

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यदि प्रमाण पत्र बनवाने में एक साल से अधिक समय बीत गया हो, तो आवेदन न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास करना होगा। मजिस्ट्रेट जांच के बाद आदेश पारित करेंगे, फिर उप-रजिस्ट्रार प्रमाण पत्र जारी करेगा। पहले तक यह जिम्मेदारी कलेक्टर अधिकृत अधिकारी के पास थी, जो सीधे प्रमाण पत्र जारी करता था। अब नए नियमों के तहत गोद लिए गए बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र और मृत जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किया जा सकेगा। नए नियमों के मुख्य बिंदु प्रमाण पत्र जारी करने की समय सीमा छत्तीसगढ़ सरकार ने यह नियम 2026 के जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत बनाए हैं। इसमें गर्भावधि की न्यूनतम अवधि 28 सप्ताह तय की गई है।

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रायपुर में जमीन सौदे में 20 लाख की ठगी: दो बहनों पर बैंककर्मी से धोखाधड़ी का आरोप

राजधानी रायपुर में जमीन बिक्री के नाम पर 20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। एक बैंककर्मी ने आरोप लगाया है कि बैरन बाजार स्थित भूखंड को बेचने का सौदा कर दो सगी बहनों ने एडवांस राशि ले ली, लेकिन तय समय के भीतर रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि अब उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जमीन सौदे का पूरा घटनाक्रम फाफाडीह स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी बैंककर्मी विजय पटेल (44 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि बैरन बाजार की रहने वाली शहनाज खान और शफिका खान से उन्होंने जमीन खरीदने का सौदा किया था। दोनों पक्षों के बीच बैरन बाजार रायपुर स्थित भूखंड क्रमांक 16/05 और 18/05 (कुल रकबा लगभग 2604 वर्गफुट) को 1 करोड़ 40 लाख रुपए में बेचने का एग्रीमेंट हुआ था। 20 लाख बयाना, फिर टालमटोल एग्रीमेंट के तहत 18 जुलाई 2025 को पीड़ित ने 20 लाख रुपए बयाना दिया था। इसमें 15 लाख रुपए नकद और 5 लाख रुपए चेक के माध्यम से दिए गए। समझौते के अनुसार तीन महीने के भीतर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित का आरोप है कि वह लगातार संपर्क करता रहा, लेकिन हर बार उसे अलग-अलग बहानों से टाल दिया गया। कानूनी नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे रजिस्ट्री ऑफिस शक गहराने पर पीड़ित ने अपने वकील के माध्यम से 8 अक्टूबर 2025 को कानूनी नोटिस भेजा और 14 अक्टूबर को रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित रहने की सूचना दी। तय तारीख को पीड़ित रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचा, लेकिन आरोपी वहां नहीं आए। इस संबंध में फोटो और अन्य सबूत भी शिकायतकर्ता के पास मौजूद हैं। झूठे केस में फंसाने का आरोप पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि शहनाज खान का बेटा सदफ रजिस्ट्री नहीं कराना चाहता और उल्टा उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने दर्ज किया मामला कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि बैंककर्मी की शिकायत पर दोनों महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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राजधानी के 18 प्रमुख चौराहों का बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम, बनेंगे लेफ्ट-फ्री रोड जंक्शन

राजधानी रायपुर में बढ़ते यातायात दबाव और रोज़ लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के 18 सबसे ज्यादा जामग्रस्त चौराहों को अब आधुनिक लेफ्ट-फ्री रोड जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 9.2 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारें आम समस्या बन चुकी हैं। इसी को देखते हुए निगम ने ऐसे चौराहों की पहचान की है, जहां लेफ्ट टर्न के कारण सबसे ज्यादा अवरोध होता है। नए कॉन्सेप्ट के तहत बाएं मुड़ने वाले वाहनों को सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा। इन चौराहों पर होगा काम जयस्तंभ चौक, अनुपम गार्डन चौक, शास्त्री चौक, भगत सिंह चौक, खजाना चौक, भारतमाता चौक, कालीबाड़ी, महिला थाना, राजीव गांधी चौक समेत कुल 18 चौराहों पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी। परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जयस्तंभ चौक में क्या बदलाव होंगे जयस्तंभ चौक राजधानी का सबसे व्यस्त चौराहा है, जहां से रोजाना करीब 1.25 लाख वाहन गुजरते हैं। यहां सर्कल का रेडियस बढ़ाकर 3.69 मीटर से 9.23 मीटर किया जाएगा। चारों दिशाओं के डिवाइडर को छोटा किया जाएगा और तीन लेन को स्पष्ट करने के लिए पेवमेंट मार्किंग की जाएगी। लेफ्ट टर्न को पूरी तरह फ्री बनाने के लिए चारों ओर ट्रैफिक आईलैंड बनाए जाएंगे। इससे तीसरी लेन केवल बाएं मुड़ने वाले वाहनों के लिए होगी और जाम की स्थिति कम होगी। भगत सिंह चौक का भी बदलेगा स्वरूप भगत सिंह चौक से प्रतिदिन करीब 90 हजार वाहन गुजरते हैं। यहां तीन मार्गों के डिवाइडर आगे बढ़ाए जाएंगे। शास्त्री चौक से शंकर नगर जाने वाले मार्ग पर तीसरी लेन और अलग-अलग साइज के ट्रैफिक आईलैंड बनाए जाएंगे। इसी तरह शंकर नगर से तेलीबांधा और सीएम हाउस रोड से शास्त्री चौक की ओर लेफ्ट टर्न के लिए भी अलग लेन विकसित की जाएगी। क्यों जरूरी हैं ट्रैफिक आईलैंड ट्रैफिक आईलैंड सड़क पर बनाया गया एक चिन्हित या उठा हुआ हिस्सा होता है, जो वाहनों को सही दिशा में चलने में मदद करता है। लेफ्ट टर्न के लिए अलग लेन बनने से सीधे जाने वाले वाहनों का ट्रैफिक बिना रुकावट चलता है। इससे जाम और टकराव की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। नगर निगम का दावा है कि इन 18 चौराहों पर लेफ्ट-फ्री व्यवस्था लागू होने के बाद राजधानी के ट्रैफिक में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और लोगों को रोज़मर्रा के जाम से राहत मिलेगी।

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नवा रायपुर एयर शो में उमड़ी भीड़: 5 किमी लंबा जाम, फाइटर जेट्स दिखा रहे आसमान में दमदार करतब

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मौके पर नवा रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर आज भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने जबरदस्त एयर शो का आयोजन किया। कार्यक्रम सुबह 10:40 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इस दौरान हजारों की भीड़ जुटी और तेलीबांधा से सेंध लेक रोड तक करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। यहां तक कि वीआईपी वाहन भी इस जाम में फंसे नजर आए। इस शानदार शो में 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स ने एक साथ आसमान में उड़ान भरते हुए ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट इन द स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी आकर्षक फॉर्मेशन पेश कीं। शो की कमान ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी के हाथों में टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी कर रहे हैं, जिन्होंने बताया कि ऐसे शो को सफल बनाने में अनुशासन और टीमवर्क की बड़ी भूमिका होती है। वे अब तक 50 से अधिक एयर शो कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के ही स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो महासमुंद जिले से हैं, भी इस टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा— “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मैं अपनी ही धरती पर उड़ान भर रहा हूं। जब हमारे जेट आसमान में तिरंगा बनाते हैं, तो अपने आप देशभक्ति की भावना जाग जाती है।” ‘वॉयस ऑफ द स्काई’ होंगी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू एयर शो के दौरान कमेंट्री की जिम्मेदारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं छत्तीसगढ़ की बेटियां समझें कि महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति है।कंवल संधू दर्शकों और उड़ते विमानों के बीच सेतु बनेंगी ताकि लोगों तक हर रोमांचक पल की जानकारी पहुंच सके। फ्लाइट्स री-शेड्यूल, रनवे 2 घंटे बंद एयर शो के चलते रायपुर एयरपोर्ट में सुबह 10:40 से दोपहर 12 बजे तक नो-फ्लाइंग जोन लागू किया गया। इस दौरान किसी भी फ्लाइट की लैंडिंग या टेकऑफ नहीं हुई। दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर और हैदराबाद जाने वाली कुल 5 उड़ानें री-शेड्यूल की गई हैं। हॉक एमके-132 जेट्स से हुआ प्रदर्शन इस शो में इस्तेमाल किए गए हॉक एमके-132 जेट्स अत्याधुनिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं। ये जेट्स प्रशिक्षण के साथ-साथ युद्ध के समय भी सक्षम हैं, जिनमें 30 मिमी तोप और मिसाइलें लगाने की क्षमता होती है। फ्री एंट्री और बस सुविधा आम नागरिकों के लिए एयर शो में फ्री एंट्री रखी गई है। साथ ही रायपुर शहर से नवा रायपुर राज्योत्सव स्थल तक आने-जाने के लिए 4 और 5 नवंबर को फ्री बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।बसें सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न स्थानों से चलेंगी — जिनमें रायपुर रेलवे स्टेशन, तेलीबांधा चौक, साइंस कॉलेज और भाठागांव बस स्टैंड शामिल हैं।

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रायपुर में पंजाब से लाई गई हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक और बड़ी कार्रवाई की है। पंजाब से हेरोइन लेकर आए दो तस्करों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी शहर में मादक पदार्थ की सप्लाई करने पहुंचे थे और ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से हेरोइन, तौल मशीन, मोबाइल और एक ट्रेलर वाहन जब्त किया है। मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है। ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी जानकारी के मुताबिक, पुलिस को 3 नवंबर की शाम मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रैफिक थाने से कुछ ही दूरी पर सर्विस रोड पर खड़े एक ट्रेलर वाहन में दो युवक बैठे हैं जो हेरोइन बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पंजाब से लाते थे माल, रायपुर में बेचते थे पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मंजीत सिंह और हरदीप सिंह (दोनों निवासी पंजाब) बताए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पंजाब से हेरोइन लाकर रायपुर में सप्लाई करने का काम करते हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये तस्कर पहले कितनी बार रायपुर आ चुके हैं और उनका संपर्क किस नेटवर्क से है। 3 लाख से अधिक की हेरोइन जब्त आरोपियों के पास से पुलिस ने 34.60 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), एक तौल मशीन, दो मोबाइल फोन, और एक ट्रेलर वाहन (क्रमांक CG-04-HX-622) जब्त किया है। जब्त हेरोइन की कीमत करीब 3 लाख 46 हजार रुपए और कुल बरामद सामान की कीमत 18 लाख रुपए आंकी गई है। रायपुर बनता जा रहा है ड्रग्स का नया हब पिछले कुछ महीनों में रायपुर पुलिस ने ड्रग्स के नेटवर्क पर कई बड़ी कार्रवाई की है। देवेंद्र नगर, टिकरापारा, कोतवाली, कबीर नगर, तेलीबांधा और गंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस अब तक 35 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पंजाब, दिल्ली, मुंबई और नागपुर के तस्कर शामिल हैं। कई मामलों में महिलाओं की भी संलिप्तता सामने आई है।इसके बावजूद, रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट फिर से सक्रिय हो रहा है, जिससे पुलिस सतर्क हो गई है।

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रायगढ़: छोटी बहन की हत्या करने वाली नेहा को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घरेलू विवाद के चलते एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। ग्राम पतरापाली निवासी 20 वर्षीय नेहा महतो ने अप्रैल 2024 में अपनी छोटी बहन रंजिता कुमारी की हत्या कर दी थी। अब रायगढ़ सत्र न्यायालय ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। खाना बनाने को लेकर हुआ झगड़ा कोतरा रोड थाना क्षेत्र में रहने वाली नेहा और रंजिता अक्सर घरेलू काम को लेकर विवाद करती थीं। 24 अप्रैल की रात नेहा ने रंजिता से लौकी छीलने और खाना बनाने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। गुस्से में नेहा ने खलबट्टे से रंजिता के सिर पर कई बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अपराध छिपाने की कोशिश हत्या के बाद नेहा ने शव को कंबल से ढक दिया और कमरे की लाइट बंद कर दी। मां के ड्यूटी पर जाने के बाद वह रातभर वहीं बैठी रही। अगले दिन जब पिता ने रंजिता को उठाने की कोशिश की, तो उसकी मौत का पता चला। जांच में खुला राज पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शक होने पर नेहा से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कोर्ट का फैसला सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार जैन की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद नेहा कुमारी महतो को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

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रजिस्ट्री में जुड़ी 10 नई सुविधाएं, लेकिन स्वत: नामांतरण में अभी भी देरी

राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने के लिए 10 नई सुविधाएं लागू की हैं। इनमें सबसे अहम सुविधा है “स्वतः नामांतरण”, जिसके तहत रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित खरीदार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में खुद-ब-खुद दर्ज हो जाना चाहिए। इससे पहले तक नामांतरण के लिए पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे कई बार महीनों की देरी होती थी। हालांकि इस नई सुविधा के बावजूद जिले के लोगों को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल पा रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई कई रजिस्ट्री के मामलों में स्वत: नामांतरण नहीं हो पाया है, जिससे पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं और सर्वर अपग्रेड हो रहा है, जिस कारण शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन जल्द ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और यह सुविधा आम नागरिकों के लिए पूरी तरह सुगम हो जाएगी। इस सुविधा से भविष्य में नागरिकों को न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि फर्जीवाड़े के मामलों में भी कमी आएगी। पहले रजिस्ट्री के बाद संपत्ति को नामांतरण से पहले किसी और को बेचने जैसे धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे। लेकिन अब रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: नाम दर्ज हो जाने से यह खतरा कम हो जाएगा। जांजगीर में पेंडिंग हैं दर्जनों नामांतरणजांजगीर जिले के उप पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह डिजिटल सिग्नेचर की अनुपलब्धता के कारण नामांतरण की प्रक्रिया रुकी हुई थी। हालांकि अब शुक्रवार से प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है और सभी लंबित नामांतरण जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नई 10 सुविधाएं इस प्रकार हैं: इन बदलावों के बाद उम्मीद है कि आम जनता को रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिलेगी और भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा।

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जशपुर में छह सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी, 18 करोड़ से अधिक की लागत से सुधरेगा आवागमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले में आवागमन को आसान बनाने के लिए छह प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों को 18 करोड़ 46 लाख 87 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी के साथ-साथ यातायात की भी बेहतर सुविधा मिलेगी। इन परियोजनाओं की मंजूरी से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार आएगा। इन सड़कों को मिली स्वीकृतिराज्य शासन द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जशपुर जिले की विभिन्न सड़कों के निर्माण हेतु निम्नलिखित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है: दो और सड़कों को 7 करोड़ से अधिक की स्वीकृतिइसके अतिरिक्त, जिले की दो अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए भी राज्य शासन से 7 करोड़ 65 लाख 41 हजार रुपये की मंजूरी प्राप्त हुई है। जनता में खुशी की लहरइन विकास कार्यों से जिले में आवागमन की सुविधा अत्यधिक सुगम हो जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों से जशपुर के नागरिकों में प्रसन्नता की लहर है, और विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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गरीब मां की बेबसी: जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए घूस देनी पड़ी, चावल बेचकर जुटाए पैसे

कोरबा, छत्तीसगढ़।जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बंजारी गांव की रहने वाली एक गरीब महिला, अमिषा धनुहार, इन दिनों अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में हुई गलती को सुधारवाने के लिए परेशान है। दुर्भाग्यवश, उसे यह काम बिना रिश्वत दिए मुमकिन नहीं लग रहा। अमिषा के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कर्मचारी की मांग पूरी कर सके, इसलिए उसने सरकारी राशन की दुकान से मिले चावल बेचकर 500 रुपये इकट्ठा किए ताकि वह कर्मचारी को रिश्वत दे सके। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अमिषा अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़ती है। वीडियो में उसकी आंखों से बहते आंसू उसकी बेबसी बयां कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अमिषा ने अपने 10 महीने के बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था, लेकिन उसमें कुछ त्रुटि रह गई। जब वह इसे ठीक करवाने बंजारी के उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उससे 500 रुपये की मांग की और साफ कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, प्रमाण पत्र नहीं सुधारा जाएगा। अमिषा का कहना है कि जब उसने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पहली बार बनवाया था, तब भी उसे 500 रुपये घूस देने पड़े थे। अब फिर से उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। यह सब बताते हुए महिला खुद को संभाल नहीं पाई और भावुक हो गई। वीडियो में उसकी पीड़ा स्पष्ट दिखाई देती है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जहां एक जरूरतमंद मां को अपने बच्चे का बुनियादी दस्तावेज पाने के लिए रिश्वत देने और घर का राशन तक बेचना पड़ रहा है।

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया

रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत के साथ भर्ती हुए 24 वर्षीय अनिकेत यादव की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से अनिकेत की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, अनिकेत को गुरुवार को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट दोपहर तक आई। इसके बाद डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी, लेकिन उस समय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था। लंबे इंतजार के बावजूद सोनोग्राफी नहीं हो पाई। स्थिति बिगड़ने पर अनिकेत को कोरबा के एक निजी सेंटर में सीटी स्कैन के लिए रेफर किया गया। वहीं, तबीयत और खराब होने पर उसे फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। अनिकेत को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन परिजनों के बार-बार आग्रह के बावजूद उसे समय पर ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑक्सीजन देने का आश्वासन तो दिया, लेकिन इंतजार करते-करते अनिकेत ने दम तोड़ दिया। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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