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बिलासपुर में भाजपा-कांग्रेस नेता समेत 14 जुआरी गिरफ्तार, 2.17 लाख रुपये जब्त

बिलासपुर में बड़े होटलों के साथ अब मैरिज हॉल भी जुआ का अड्डा बन गया है। शुक्रवार की रात पुलिस ने महाराणा प्रताप चौक स्थित जीनस पैलेस में दबिश देकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं सहित 14 रसूखदार जुआरियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से कुल 2 लाख 17 हजार रुपए बरामद किए गए। 🔹 गिरफ्तारी का मामला सिविल लाइन थाना प्रभारी सुम्मत साहू के अनुसार, मैरिज हॉल में जुआ चलने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने पहली मंजिल के रूम नंबर 1 में तलाशी ली। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष कौशिक, मंडल अध्यक्ष नैन साहू और कांग्रेस पार्षद मुन्ना श्रीवास सहित कुल 14 लोग रंगे हाथ पकड़े गए। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 🔹 मैरिज हॉल संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं पुलिस ने केवल जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई की। हॉल संचालक से पूछताछ नहीं की गई और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 🔹 पहचान छिपाने की कोशिश नाकाम शुरुआत में पुलिस ने राजनीतिक दबाव के कारण आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की। आमतौर पर इस तरह की रेड के बाद फोटो और नाम जारी किए जाते हैं, लेकिन इस मामले में शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद प्रेस रिलीज नहीं दी गई। हालांकि, शनिवार रात पकड़े गए जुआरियों की जानकारी सार्वजनिक की गई। 🔹 गिरफ्तार नेताओं और अन्य जुआरियों की सूची

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Bilashpur, Chhattisgarh, Chhattisghar, State, Top News

चीफ जस्टिस ने रायपुर कोर्ट का किया आकस्मिक निरीक्षण, लंबित मामलों के निपटान के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने शनिवार को जिला न्यायालय रायपुर और परिवार न्यायालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक कर पुराने लंबित मामलों की स्थिति का अवलोकन किया और त्वरित निपटान के लिए दिशा-निर्देश दिए। 🔹 न्यायिक अधिकारियों और वकीलों से बातचीत चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों का नियमानुसार और प्राथमिकता के आधार पर निपटान होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं से भी मुलाकात की और न्यायालयीन प्रक्रियाओं में सुधार के लिए उनकी सुझाव भी लिए। 🔹 लंबित मामलों पर निगरानी जरूरी जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि न्यायपालिका में सुधार और मामलों के शीघ्र निपटान के लिए नियमित निगरानी अनिवार्य है। राज्य के सभी जिला न्यायालयों के निरंतर निरीक्षण से न्यायिक प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन और लंबित मामलों के त्वरित समाधान की संभावनाएं बढ़ती हैं। 🔹 निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला-सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा, अन्य न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। चीफ जस्टिस ने पिछले निरीक्षण में पाई गई कमियों के सुधार पर संतोष व्यक्त किया। 🔹 छुट्टियों में भी सुनवाई दीपावली की छुट्टियों के बावजूद चीफ जस्टिस कई महत्वपूर्ण प्रकरणों की सुनवाई कर रहे हैं और न्यायालयीन व्यवस्था को सुचारू और मजबूत बनाने के लिए आकस्मिक निरीक्षण कर रहे हैं।

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रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति हुई क्षतिग्रस्त, क्रांति सेना ने किया प्रदर्शन

राजधानी रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई। 🔹 घटना का विवरण शहर के VIP चौक के पास राम मंदिर के समीप छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगी थी। अज्ञात व्यक्तियों ने देर रात मूर्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे सुबह लोगों ने यह देखा और आसपास इकट्ठा हो गए। 🔹 पुलिस कार्रवाई घटना की सूचना पाते ही तेलीबांधा पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। 🔹 मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला राज्योत्सव के ठीक पहले सामने आने के कारण और भी संवेदनशील हो गया है और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।

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रायपुर नगर निगम अब शेयर मार्केट की तरह करेगा कमाई, 100 करोड़ की म्यूनिसिपल बॉन्ड योजना को मिली स्वीकृति

रायपुर नगर निगम ने अब शेयर मार्केट स्टाइल निवेश योजना शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन ने 100 करोड़ रुपए की म्यूनिसिपल बॉन्ड योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत आम नागरिक निगम की परियोजनाओं में छोटे और बड़े दोनों स्तर पर निवेश कर सकेंगे और निवेशकों को ब्याज के रूप में लाभ मिलेगा। 🔹 म्यूनिसिपल बॉन्ड का उद्देश्य म्यूनिसिपल बॉन्ड का मुख्य उद्देश्य शहर के विकास कार्यों के लिए पूंजी जुटाना है। इससे निगम अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत कर सकेगा और राज्य सरकार पर निर्भरता कम होगी। बॉन्ड से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और ग्रीन जोन परियोजनाओं में किया जाएगा। 🔹 निवेशकों के लिए खास बातें 🔹 देश में सफल मॉडल रायपुर नगर निगम की इस योजना का मॉडल पहले ही पुणे, अहमदाबाद और इंदौर में सफल साबित हो चुका है। इन शहरों में म्यूनिसिपल बॉन्ड के जरिए करोड़ों की राशि जुटाई गई और निवेशकों को मुनाफा हुआ। 🔹 निगम की जिम्मेदारी और राज्य सरकार की गारंटी नहीं राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस योजना में किसी भी घाटे या मुनाफे की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। राज्य सरकार कोई गारंटी नहीं देगी और Viability Gap Funding भी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। निगम को SEBI और RBI के नियमों के अनुसार अनुमति लेनी होगी। 🔹 बॉन्ड से होने वाले निवेश निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्यतः अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इसमें शामिल हैं: 🔹 केंद्र सरकार का योगदान केंद्र सरकार इस योजना के तहत 25% सब्सिडी देगी। यानी कुल 100 करोड़ रुपए के बॉन्ड में 25 करोड़ रुपए सीधे निगम को उपलब्ध होंगे, जिसका फायदा सीधे रायपुर नगर निगम को होगा। इस पहल से निवेशकों को आकर्षक रिटर्न के अवसर मिलेंगे और रायपुर शहर की विकास परियोजनाओं में जनभागीदारी भी बढ़ेगी।

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बस्तर में 69 वर्षीय बुजुर्ग ने लगाई फांसी, भतीजे को कॉल कर कहा- “लाश लेने आ जाना”

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के परपा थाना क्षेत्र में 69 वर्षीय टीआर ठाकुर ने अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। बिरिंगपाल गांव के गौठान में शनिवार सुबह उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला। जानकारी के अनुसार, टीआर ठाकुर स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर के पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस को शुरुआती जानकारी मिली कि सुसाइड के कारण स्पष्ट नहीं हैं, हालांकि पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है। भतीजे को किया कॉल पुलिस के अनुसार, सुसाइड से पहले टीआर ठाकुर ने अपने भतीजे को कॉल किया और कहा कि वह मरने जा रहे हैं। उन्होंने स्थान बताया और लाश लेने के लिए आने की बात भी कही। सूचना मिलते ही परपा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतारा, उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी तरह जांच की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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शराबबंदी और पेंशन की मांग पर छत्तीसगढ़ में ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, प्रदेशभर में परिवहन ठप

छत्तीसगढ़ में ड्राइवर महासंगठन ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। राज्य के लगभग 3 लाख ड्राइवरों ने वाहन स्टेयरिंग छोड़ दिया है, जिससे ट्रक, बस, टैक्सी और ऑटो सड़कों पर खड़े हैं। कई हाईवे और मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया है, जिससे माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों प्रभावित हुए हैं। संगठन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें 25 अक्टूबर तक पूरी नहीं की गईं, तो व्यापक हड़ताल और चक्काजाम किया जाएगा। अब यह चेतावनी सड़कों पर दिख रही है। महासंघ का कहना है कि वर्षों से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया। शराबबंदी मुख्य मांग ड्राइवर महासंघ की सबसे अहम मांग राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करना है। उनका दावा है कि सड़क हादसों में अक्सर ड्राइवरों पर गलत आरोप लगाए जाते हैं, जबकि असली वजह शराब और सड़क सुरक्षा की कमी होती है। संगठन का कहना है कि शराबबंदी से सड़क हादसे घटेंगे और ड्राइवरों की प्रतिष्ठा भी सुधरेगी। अन्य प्रमुख मांगें संगठन की अन्य मांगों में शामिल हैं: सड़कों पर जाम, व्यापार प्रभावित रायपुर के रायपुरा और भाठागांव बस स्टैंड के पास ड्राइवरों का प्रदर्शन जारी है। राजधानी के साथ ही राजनांदगांव, खैरागढ़ और कबीरधाम जिलों में भी व्यावसायिक वाहन सड़कों पर खड़े कर दिए गए हैं, जिससे व्यापार और आम लोगों को परेशानी हो रही है। पुलिस और प्रशासन ने जाम को नियंत्रित करने के लिए मौके पर निगरानी बढ़ा दी है।

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दुर्ग में 16 चाकूबाज गिरफ्तार: धारदार हथियारों के साथ पुलिस ने पकड़ा, 24 घंटे में बड़ी कार्रवाई

दुर्ग जिले में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी और असामाजिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई में बीते 24 घंटों के भीतर 16 आरोपियों को धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने जिले में 22 असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है, ताकि भविष्य में किसी तरह की वारदात को रोका जा सके। जानकारी के अनुसार, थाना पद्मनाभपुर पुलिस ने पोटिया चौक से मोह. एजाज, सिविल लाइन से इम्तियाज अहमद खान, सुभाष नगर से मोहित ध्रुव और आदर्श नगर से संजय साहू को पकड़ा। सभी के पास से चाकू और अन्य हथियार जब्त किए गए। वहीं, सुपेला थाना पुलिस ने एक नाबालिग, टुनटुन चौहान और श्याम तांडी को अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया। इनसे भी धारदार हथियार बरामद किए गए। थाना दुर्ग कोतवाली पुलिस ने निखिल तांडी, विजय ढीमर और भूपेंद्र साहू को पकड़ा, जबकि भिलाई नगर थाना पुलिस ने सोहेब खान और नासिर कुरैशी को गिरफ्तार किया। इनके अलावा वैशाली नगर पुलिस ने आकाश दीप विश्वास और शाहबाज खान, तथा नंदिनी नगर थाना पुलिस ने प्रदीप और पीयूष साहू को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे एंटी-क्राइम अभियान का हिस्सा है। इससे पहले भी 6 आरोपियों को इसी तरह पकड़ा गया था। अब तक कुल 22 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस ने साफ कहा है कि चाकूबाजी, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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रायपुर VIP चौक में बस से टकराई बाइक, युवक की मौके पर मौत: ड्राइवर हिरासत में, गलत तरीके से खड़ी थी बस

रायपुर के वीआईपी चौक में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां खड़ी कांकेर रोडवेज की बस से बाइक सवार युवक की टक्कर हो गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान महासमुंद निवासी ईश्वर साहू के रूप में हुई है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे ईश्वर साहू अपनी बाइक (CG07BT4836) से महासमुंद की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कांकेर रोडवेज प्राइवेट लिमिटेड की बस (CG04PB8100) सड़क किनारे गलत तरीके से खड़ी थी। तेज रफ्तार में जा रहे बाइक सवार की बस से टक्कर हो गई, जिससे उसका सिर फट गया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बस चालक को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि ड्राइवर ने लापरवाहीपूर्वक बस खड़ी की थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बीते कुछ महीनों में रायपुर और आसपास के इलाकों में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केवल चार महीनों में 78 से ज्यादा दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 28 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकतर हादसों की वजह तेज रफ्तार, लापरवाही और गलत पार्किंग बताई जा रही है।

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9 साल की बच्ची की आंख से दिमाग तक घुसी घंटी: रायपुर डीकेएस अस्पताल में 4 घंटे चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने बचाई आंख और जान

रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में डॉक्टरों ने दिवाली की रात एक चमत्कारिक सर्जरी की। बिलासपुर की 9 साल की काव्या की आंख से होते हुए दिमाग तक घुसी घंटी का हैंडल डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक निकालकर न सिर्फ उसकी जान बचाई, बल्कि उसकी आंख की रोशनी भी बरकरार रखी। घटना बिलासपुर के सिविल लाइन इलाके की है। दिवाली के दिन खेलते-खेलते काव्या मुंह के बल गिर गई। जिस घंटी से वह खेल रही थी, उसका ऊपरी सिरा बाईं आंख में घुसकर सीधा दिमाग तक जा पहुंचा। बच्ची की चीख सुनकर परिजन दौड़े और उसे तुरंत सिम्स बिलासपुर ले गए। जांच में पता चला कि घंटी की नुकीली नोक आंख की हड्डी पार कर दिमाग में लगभग 5 सेंटीमीटर तक फंसी हुई है। स्थिति गंभीर थी, इसलिए डॉक्टरों ने तुरंत रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर कर दिया। दिवाली की रात इमरजेंसी में न्यूरोसर्जन डॉ. राजीव साहू और उनकी टीम—डॉ. लवलेश राठौड़, डॉ. नमन चंद्राकर, डॉ. प्रांजल मिश्रा और डॉ. देवश्री—ने 4 घंटे तक चले ऑपरेशन में बच्ची को बचाने की जद्दोजहद की। ऑपरेशन एंडोस्कोपिक तकनीक से किया गया ताकि दिमाग के ऊत्तकों को नुकसान न पहुंचे। भौंह के ऊपर से छोटा चीरा लगाकर डॉक्टरों ने धीरे-धीरे घंटी का हिस्सा बाहर निकाला। सर्जरी के बाद जब बच्ची ने दोनों आंखों से साफ देखा और मुस्कुराई, तो ओटी में मौजूद सभी डॉक्टरों ने राहत की सांस ली। डॉक्टरों के अनुसार, यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला केस है, जिसमें आंख के रास्ते दिमाग तक घुसे मेटल ऑब्जेक्ट को सफलतापूर्वक निकाला गया। बच्ची फिलहाल सुरक्षित है और अस्पताल में निगरानी में है।

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बिलासपुर में जवाली नाले पर निगम की कार्रवाई, भेदभाव के आरोपों से घिरा प्रशासन

बिलासपुर नगर निगम ने दिवाली के बाद एक बार फिर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। शनिवार (25 अक्टूबर) को जवाली नाले के पास बने कई दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने निगम अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केवल सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को हटाया जा रहा है, जबकि अवैध निर्माणों के खिलाफ अलग से नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम छोटे व्यापारियों पर सख्ती कर रहा है, जबकि बड़े कब्जाधारियों पर कार्रवाई टाल दी गई है। जानकारी के मुताबिक, निगम ने करीब छह महीने पहले जवाली नाले के पास नजूल भूमि पर हुए अवैध निर्माणों की जांच कराई थी। तब 44 लोगों को नोटिस भेजे गए थे। बावजूद इसके, एक व्यापारी द्वारा बिना अनुमति के चार मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिया गया, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एक महीने पहले भी निगम ने जवाली पुल के पास अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई रोक दी गई थी। इस मामले में व्यापारी वर्ग ने निगम पर सिंधी समाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया था, जिस पर मेयर पूजा विधानी ने अफसरों को फटकार लगाई थी। अब दिवाली के बाद अतिक्रमण शाखा फिर से सक्रिय हुई है और चिन्हित कब्जों पर कार्रवाई शुरू की गई है। भवन शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य अवैध निर्माणों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े बिल्डरों और व्यापारियों के खिलाफ निगम की चुप्पी भ्रष्टाचार और पक्षपात की ओर इशारा करती है।

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