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सिम्पलेक्स डायरेक्टर संगीता केतन शाह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने माना मामला गंभीर

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जमीन धोखाधड़ी मामले में सिम्पलेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह को बड़ा झटका लगा है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश पी.एस. मरकाम की अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां जुनवानी स्थित विवादित जमीन को लेकर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने ग्राम कोहका की जमीन को विवाद मुक्त बताकर 50 लाख रुपए में सौदा किया था, जिसमें 10 लाख रुपए एडवांस भी लिए गए थे। बाद में न तो रजिस्ट्री की गई और न ही जमीन दी गई, बल्कि उसी जमीन पर 4.5 करोड़ रुपए का लोन लेने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट में शिकायतकर्ता के वकील ने दलील दी कि आरोपियों ने जानबूझकर तथ्य छिपाए और धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद धारा 420, 467, 468, 471 और 120B सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। वहीं, आरोपी पक्ष ने अपने बचाव में कहा कि 10 लाख रुपए की राशि बाद में वापस कर दी गई थी और शिकायत में जानबूझकर देरी और तथ्यों को छिपाया गया है। उनका यह भी कहना है कि लोन की प्रक्रिया बाद में हुई थी और किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की गई। संगीता शाह ने यह भी तर्क दिया कि वे एक बड़ी कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उनके संस्थान से हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी है, इसलिए उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि मामला प्रथम दृष्टया बेहद गंभीर है और आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई। फिलहाल दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं, जबकि पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग की है।

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बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट, 13 पंप ड्राई; कई जगह 40-50 लीटर की लिमिट तय

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर और आउटर इलाकों में करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि कई जगह ईंधन की भारी कमी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पंपों पर पड़ा है, वहीं बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है। बिलासपुर-कोरबा रूट के उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू जैसे इलाकों में कई पंपों से लोग बिना ईंधन लिए लौटने को मजबूर हैं। कई जगह “नो स्टॉक” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण हालात और बिगड़ गए। जिन पंपों में थोड़ा बहुत स्टॉक बचा है, वहां भी अब सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई जगह बाइक चालकों को केवल 200 रुपए तक और कार चालकों को 1000 रुपए तक ही ईंधन दिया जा रहा है। वहीं कुछ पंपों पर 40 से 50 लीटर की सीमा तय कर दी गई है। स्थिति को देखते हुए लोगों में घबराहट भी देखने को मिल रही है और कई वाहन चालक पहले ही अपनी टंकियां फुल करवा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी पंप संचालकों ने बिक्री पर रोक लगाकर सीमित मात्रा में ही ईंधन देना शुरू कर दिया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में अभी करीब पांच दिन का स्टॉक मौजूद है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो सकती है। फूड कंट्रोलर के अनुसार, 9 पंपों का भुगतान हो चुका है और वहां सप्लाई जल्द बहाल होगी। वहीं कलेक्टर ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक बुलाई है ताकि सप्लाई व्यवस्था को ठीक किया जा सके। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का दावा है कि एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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31 मई को होगी GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा, रायपुर के बंगोली में बना परीक्षा केंद्र

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ओर से GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 31 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा Central Armed Police Forces (CAPFs), SSF और Assam Rifles में Rifleman (GD) के पदों के लिए कंप्यूटर आधारित मोड में ली जाएगी। इस परीक्षा को लेकर रायपुर जिले में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में परीक्षा का आयोजन प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्टेट हाईवे-7, विधानसभा रोड स्थित मुरा बंगोली परीक्षा केंद्र में किया जाएगा। प्रशासन की ओर से परीक्षा को सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही परीक्षा के संचालन और निगरानी के लिए अतिरिक्त तहसीलदार खरोरा सूर्यकांत कुम्भकार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना होगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अवश्य लेकर आएं। देर से पहुंचने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह परीक्षा देशभर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों में भर्ती का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। रायपुर में भी इस परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों में उत्साह देखा जा रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरी तैयारी के साथ परीक्षा के सफल आयोजन में जुटा हुआ है।

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रायपुर IPL मैच में बवाल, गेट तोड़कर स्टेडियम में घुसी भीड़, पुलिस और फैंस में झड़प

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में RCB और KKR के बीच खेले गए IPL मुकाबले के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। मैच में RCB ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन स्टेडियम के बाहर और अंदर हुए हंगामे ने आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। जानकारी के अनुसार, कई दर्शकों के पास टिकट होने के बावजूद उन्हें स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे भीड़ नाराज हो गई। स्थिति बिगड़ते ही कुछ लोग दीवार कूदकर स्टेडियम के अंदर घुसने लगे, जबकि गेट नंबर 2 पर भी भारी बवाल देखने को मिला। बताया जा रहा है कि भीड़ ने नियंत्रण खो दिया और कुछ स्थानों पर गेट तोड़कर लोग अंदर प्रवेश कर गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ जगहों पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर हटाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थिति को संभालने के दौरान मीडिया कर्मियों को वीडियो बनाने से रोकने की भी शिकायत सामने आई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है। बारिश के कारण मैच देर से शुरू हुआ, जो रात करीब 8:45 बजे शुरू हुआ। इसके बावजूद क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में दर्शक बारिश में भीगते हुए स्टेडियम पहुंचे। कई फैंस विराट कोहली को देखने के लिए पहुंचे थे, जबकि कुछ दर्शक कोलकाता से KKR का समर्थन करने आए थे। फिलहाल इस पूरे मामले ने स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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जांजगीर में दिल दहला देने वाली वारदात, एक ही परिवार के 4 लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के भंवतरा गांव से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां अज्ञात हमलावरों ने एक ही परिवार के चार सदस्यों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात यह घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य अपने निर्माणाधीन मकान में खाट पर सो रहे थे। मृतकों में 70 वर्षीय मेदनी प्रसाद कश्यप, उनकी पत्नी कांति बाई (65), नातिन मोगरा (25) और नाती पीतांबर (17) शामिल हैं। चारों के शव खून से लथपथ हालत में खाट पर पड़े मिले। घटना का खुलासा गुरुवार सुबह हुआ जब मकान में काम करने वाला मिस्त्री वहां पहुंचा। उसने चारों को मृत अवस्था में देखा और तुरंत गांव के सरपंच को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने शक के आधार पर परिवार के कुछ सदस्यों और पड़ोसियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मृतक परिवार के एक सदस्य की करीब 16-17 साल पहले भी हत्या हो चुकी थी, जिससे पुरानी रंजिश की आशंका और मजबूत हो रही है। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में एक से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरा गांव सदमे में है।

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बिरगांव नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल, खराब सफाई मशीन का वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित बिरगांव नगर निगम की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगर निगम की सफाई गाड़ी की खराब और लापरवाह स्थिति सामने आती दिख रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफाई मशीन का पानी टैंकर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। इसके अलावा मशीन का ब्रश सिस्टम भी बंद स्थिति में नजर आ रहा है। वहीं पीछे लगा वाइपर सिस्टम बिना पानी के सड़क पर सफाई करने के बजाय धूल को और अधिक फैला रहा है, जिससे सड़क की स्थिति और खराब होती दिखाई दे रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यह सफाई मशीन केवल नाम की सफाई कर रही है, जबकि वास्तविकता में यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। वहीं इस पूरे मामले पर अब तक बिरगांव नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। इससे लोगों की नाराजगी और भी बढ़ती जा रही है। फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या शहर की सफाई व्यवस्था वास्तव में ठीक से काम कर रही है या फिर यह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जैसे ही कोई आधिकारिक अपडेट आता है, उसे सबसे पहले आपके सामने रखा जाएगा।

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बालोद में सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान दर्दनाक हादसा: मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, 10 फीट गड्ढे में दबे थे

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के सीवरेज पाइपलाइन प्रोजेक्ट के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। यह घटना मंगलवार शाम दास पान ठेला चौक के पास हुई, जहां सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। काम के दौरान अचानक 10 फीट गहरा गड्ढा भरभराकर धंस गया और उसमें काम कर रहे मजदूर दब गए। मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। देर रात तक तीनों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद परिजनों और आदिवासी संगठनों ने बीएसपी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया रोक दी गई। परिजन शव लेने से भी इनकार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। न तो बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के उचित इंतजाम किए गए थे। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया ने आरोप लगाया कि मजदूरों से बिना मानक सुरक्षा के काम कराया जा रहा था और हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारी देर से पहुंचे। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं सांसद भोजराज नाग ने भी घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

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दुर्ग कुम्हारी में दर्दनाक हादसा: सिलेंडर ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट से एक ही परिवार के 4 लोग जिंदा जले, प्रशासन और नेताओं ने जताया शोक

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में एक भीषण हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मकान में बिजली के खंभे से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया। आग तेजी से फैलते हुए घर के किचन तक पहुंच गई, जहां गैस सिलेंडर में धमाका हो गया। जोरदार ब्लास्ट के बाद घर में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। मृतकों में पिता अनिल वैष्णव, उनकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी, तथा डेढ़ साल की मासूम बच्ची शामिल हैं। परिवार मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था। हादसे के समय घर में कुछ सदस्य मौजूद थे, जबकि कुछ लोग बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन घर के अंदर मौजूद मासूम बच्ची भी आग की चपेट में आ गई और उसकी भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। मौके से चारों शव बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये और जिला प्रशासन की ओर से 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटनास्थल का दौरा कर बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, परिवार ने उसी दिन सिलेंडर भरवाकर लाया था। हादसे के समय परिवार के सदस्य सो रहे थे, तभी अचानक आग फैल गई और फिर सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल, सांसद विजय बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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ग्रामीण सेवा नहीं करने वाले 43 डॉक्टरों से 17 करोड़ की वसूली करेगी सरकार

राज्य के ग्रामीण इलाकों में नियुक्ति मिलने के बावजूद ज्वाइन नहीं करने वाले 43 डॉक्टरों पर अब स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। इनमें 15 एमबीबीएस डॉक्टर और 28 विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। विभाग इन डॉक्टरों से कुल 17 करोड़ 75 लाख रुपए की पेनल्टी वसूलने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य संचालनालय ने मंगलवार से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को इस मामले में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, एमबीबीएस और पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों के लिए दो साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य होता है। इसके लिए पढ़ाई के दौरान डॉक्टरों से बांड भरवाया जाता है। एमबीबीएस छात्रों के लिए 25 लाख रुपए और पीजी छात्रों के लिए 50 लाख रुपए का बांड तय किया गया है। बांड में साफ तौर पर उल्लेख होता है कि यदि डॉक्टर पढ़ाई पूरी होने के बाद तय अवधि तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा नहीं देंगे तो उनसे बांड की राशि वसूली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने 2025 में 655 मेडिकल ऑफिसर्स और 155 विशेषज्ञ डॉक्टरों की ग्रामीण क्षेत्रों में संविदा नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। इन डॉक्टरों को दो साल की सेवा के लिए पदस्थ किया गया था। जब विभाग ने दिसंबर 2025 में ज्वाइन नहीं करने वाले डॉक्टरों को नोटिस भेजना शुरू किया, तब 54 डॉक्टरों ने जल्दबाजी में अपनी ज्वाइनिंग दे दी। इनमें 37 यूजी और 17 पीजी डॉक्टर शामिल थे। इन डॉक्टरों ने मेडिकल सर्टिफिकेट और ज्वाइनिंग दस्तावेज जमा कर दिए, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई। हालांकि 43 डॉक्टरों ने नोटिस का जवाब देने के बावजूद अपनी पोस्टिंग वाली जगह पर ज्वाइन नहीं किया। कई डॉक्टरों ने ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी, बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी और छोटे बच्चों की पढ़ाई जैसी वजहें बताईं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बांड भरते समय डॉक्टरों को पहले ही स्पष्ट कर दिया जाता है कि उनकी नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में की जाएगी। इसके बावजूद बांड स्वीकार करने के बाद सेवा नहीं देना नियमों का उल्लंघन है। अब विभाग ने इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी सूचना भेज दी है।

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छत्तीसगढ़ BJP कोर कमेटी में बड़ा बदलाव: ओपी चौधरी, विजय शर्मा और अमर अग्रवाल शामिल, कई वरिष्ठ नेता बैठक से दूर

छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। पार्टी की कोर कमेटी का पुनर्गठन करते हुए कई नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि कुछ पुराने सदस्यों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नई सूची में मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री व विधायक अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में जगह दी गई है। इसके साथ ही संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल माना जा रहा है। हालांकि कोर कमेटी की हालिया बैठक में पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि की है। वहीं पार्टी के अंदर इसे संगठन को नई दिशा देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में संगठन को बूथ और ग्रामीण स्तर तक मजबूत करने, आगामी रणनीति और विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई थी। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अब प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जहां आगामी रणनीति और संगठनात्मक दिशा को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा में यह बदलाव सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर बड़े पुनर्गठन की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने की भी चर्चाएं हैं। इसके साथ ही मंत्रिमंडल और संगठन में भविष्य में और बदलाव की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं, जिससे छत्तीसगढ़ भाजपा की राजनीतिक रणनीति नए मोड़ पर जाती दिख रही है।

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