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UP में गांजा तस्करों की तलाश में गई रायपुर पुलिस पर हमला, ग्रामीणों ने चोर समझकर की पिटाई

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में गांजा तस्करी के आरोपियों की तलाश में पहुंची रायपुर पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सादे कपड़ों में कार्रवाई कर रही टीम को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया और मारपीट शुरू कर दी। घटना में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य जवानों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बचाया। जानकारी के अनुसार रायपुर के गंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम गांजा तस्करी के एक मामले में आरोपियों की तलाश करते हुए कौशांबी जिले के ईचौली गांव पहुंची थी। टीम स्थानीय पुलिस की मदद से आकाश, शिवम और एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पहले एक आरोपी आकाश को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद जब टीम दूसरे आरोपी शिवम को पकड़ने उसके घर पहुंची, तो उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से “चोर-चोर” चिल्लाना शुरू कर दिया। आरोपी के शोर मचाते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में होने के कारण ग्रामीण उन्हें पहचान नहीं सके और उन्हें चोर समझ बैठे। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और धक्का-मुक्की के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में पुलिसकर्मी जगदेव प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में चोटें आई हैं। वहीं अन्य पुलिसकर्मी किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कौशांबी की अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रायपुर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की सहायता से एक आरोपी को पकड़ा था। हालांकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय पुलिस को पूरी जानकारी दिए बिना कार्रवाई किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है।

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रायपुर में मृत घोषित युवक में दिखी हरकत, अंतिम संस्कार से पहले अस्पताल लौटाया गया, इलाज के दौरान मौत

रायपुर के एक निजी अस्पताल से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल द्वारा मृत घोषित किए गए एक युवक के शरीर में अंतिम संस्कार से पहले हलचल दिखाई देने लगी। इसके बाद परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, भिलाई के पुरानी भिलाई क्षेत्र स्थित देव बलोदा निवासी रामअवतार रात्रे 3 जून को अपने घर के बाथरूम में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें उपचार के लिए रायपुर के लोधी पारा चौक स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि रामअवतार की पसलियों में गंभीर चोट है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। कुछ समय तक इलाज चलने के बाद अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और शव परिजनों को सौंप दिया। मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया। घर पर अर्थी सजाई गई, रिश्तेदारों को सूचना दी गई और अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गईं। इसी दौरान जब शव को एम्बुलेंस से घर ले जाया जा रहा था, तब परिजनों ने युवक के शरीर में हरकत महसूस की। रिश्तेदारों का दावा है कि रामअवतार के हाथ-पैर हिलने लगे थे, जिससे सभी हैरान रह गए। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तत्काल रोक दी गई और युवक को तुरंत रायपुर के मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। हालांकि, डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक के शरीर में हलचल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार का कहना है कि यदि युवक के शरीर में हरकत हो रही थी, तो उसे मृत घोषित कैसे किया गया। परिजनों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मरीज को मृत घोषित करने से पहले सभी आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रियाओं और जांचों का पालन किया गया था या नहीं। मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं और जांच की मांग तेज हो गई है।

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छत्तीसगढ़ में घरेलू LPG सिलेंडर फिर महंगा, कीमत 1000 रुपये के पार पहुंची

छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। रविवार से लागू नई दरों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर करीब 1013 रुपये हो गई है। इससे पहले रायपुर में यही सिलेंडर 984 रुपये में उपलब्ध था। नई कीमतों के साथ उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बीते तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले मार्च में सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे। ताजा 29 रुपये की वृद्धि के बाद तीन महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है। घरेलू गैस के अलावा हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी। लगभग एक सप्ताह पहले कमर्शियल सिलेंडर के दाम करीब 53 रुपये तक बढ़ाए गए थे। इससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में वृद्धि और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर प्रति सिलेंडर सैकड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसकी केवल आंशिक भरपाई ही इस बढ़ोतरी से हो पाएगी। एलपीजी से पहले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले कुछ सप्ताह में पेट्रोल और डीजल के दाम कई रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं, जबकि सीएनजी भी महंगी हुई है। इससे परिवहन और घरेलू बजट दोनों पर असर पड़ रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमत कई कारकों के आधार पर तय की जाती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की दरें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात और परिवहन लागत, बॉटलिंग एवं वितरण खर्च, तेल कंपनियों की लागत और सरकार की कर एवं सब्सिडी नीतियां शामिल होती हैं। लगातार बढ़ती ईंधन और गैस की कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई का खर्च और अधिक बढ़ गया है।

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रायपुर में यूजर चार्ज बढ़ने पर बवाल, जनता बोली- सफाई नहीं तो अतिरिक्त शुल्क क्यों?

रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण के लिए यूजर चार्ज में वृद्धि किए जाने के बाद शहर में विरोध शुरू हो गया है। बढ़े हुए शुल्क को लेकर आम नागरिकों, व्यापारियों और कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि जब शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, तो अतिरिक्त शुल्क वसूलना उचित नहीं है। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं पर सालाना 120 रुपये और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर करीब 600 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले को लेकर लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। विपक्ष के नेता Aakash Tiwari ने कहा कि नगर निगम पहले नियमित कचरा संग्रहण और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे, उसके बाद ही यूजर चार्ज बढ़ाने पर विचार किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर तेलीबांधा क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। वहीं महापौर Meenal Choubey ने कहा कि यूजर चार्ज में बढ़ोतरी का निर्णय नया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इसकी प्रक्रिया वर्ष 2022 में तत्कालीन कांग्रेस परिषद के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उनके अनुसार, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली एजेंसी के साथ हुए अनुबंध के तहत यूजर चार्ज से भुगतान का प्रावधान किया गया था। महापौर ने यह भी स्वीकार किया कि शहर में अभी शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है, लेकिन नगर निगम सफाई व्यवस्था में सुधार और एजेंसी की निगरानी को प्राथमिकता दे रहा है। व्यापारी संगठनों और नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और नियमित सफाई भी नहीं होती। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगाने से पहले सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होना चाहिए। यूजर चार्ज के विरोध में कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। पार्टी का कहना है कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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भूपेश बघेल का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलते हैं पीएम मोदी

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री भाजपा नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलते रहते हैं और अन्य दलों को राजनीतिक नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए। बघेल ने आरोप लगाया कि NEET और CBSE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए भूपेश बघेल और अजय शर्मा को झारखंड का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों में विभिन्न राज्यों की 24 सीटों के लिए मतदान होगा। कांग्रेस ने कई राज्यों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और झारखंड सहित कई राज्यों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं।

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रायपुर में नशीली सिरप की तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 249 शीशियों के साथ आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में गुढ़ियारी थाना पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली सिरप की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि झाबक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली सिरप बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गुढ़ियारी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल कुमार साहू (33 वर्ष), निवासी मंगलवाड़ा, चरौदा, जिला दुर्ग बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 249 शीशियां कोडीन युक्त प्रतिबंधित नशीली सिरप बरामद हुईं। जब पुलिस ने सिरप रखने और बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित सिरप और एक मोबाइल फोन सहित लगभग 1.40 लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त कर ली। आरोपी के खिलाफ गुढ़ियारी थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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News22 Bharat की रिपोर्ट का असर: बिरगांव की Analogue Paneer यूनिट पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू

रायपुर। बिरगांव स्थित एक Analogue Paneer निर्माण इकाई के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम News22 Bharat द्वारा प्रसारित की गई ग्राउंड रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जिसमें फैक्ट्री की कार्यप्रणाली और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े कई सवाल सामने आए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष ध्रुव द्वारा किए गए निरीक्षण और जांच के आधार पर संबंधित इकाई के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता व्यवस्था और उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अनियमितताएं दर्ज की गईं। उल्लेखनीय है कि News22 Bharat की टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री की स्थिति का जायजा लिया था। रिपोर्ट में उत्पादन क्षेत्र की साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण और वितरण में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें। फिलहाल विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। मामले से जुड़ी आगामी अपडेट और विभागीय निर्णय पर सभी की नजर बनी हुई है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के विजेताओं को 2 महीने बाद भी नहीं मिली पुरस्कार राशि, नियमों में फंसी फाइल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषित पुरस्कार राशि का इंतजार अब भी खिलाड़ियों को है। घोषणा हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन पदक विजेताओं के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची है। इससे खिलाड़ियों में निराशा बढ़ रही है। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में प्रदेश के करीब 81 खिलाड़ियों ने विभिन्न व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक जीते थे। समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए क्रमशः 2 लाख, 1.5 लाख और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की थी। वहीं टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए भी अलग-अलग प्रोत्साहन राशि घोषित की गई थी। हालांकि, पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया प्रशासनिक और वित्तीय नियमों के कारण अटक गई है। खेल विभाग ने राशि जारी करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभागों को भेजा, लेकिन वित्त विभाग ने नियमों और बजट प्रावधानों का हवाला देते हुए फाइल वापस लौटा दी। वित्त विभाग का कहना है कि मौजूदा बजट में इस पुरस्कार राशि के लिए अलग से प्रावधान नहीं है। साथ ही वर्तमान अधिसूचित योजनाओं में ट्राइबल गेम्स के पदक विजेताओं को इस प्रकार की राशि देने का उल्लेख भी नहीं किया गया है। ऐसे में स्पष्ट नियमों और वित्तीय स्वीकृति के बिना भुगतान संभव नहीं है। जानकारी के अनुसार, खेल एवं युवा कल्याण विभाग अब नियमों में संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि संशोधित प्रस्ताव जल्द ही दोबारा वित्त विभाग को भेजा जाएगा, जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। मौजूदा क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री की घोषणा के बीच कई विसंगतियां सामने आई हैं। वर्तमान योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित और अपेक्षाकृत कम राशि दी जाती है, जबकि ट्राइबल गेम्स के लिए घोषित पुरस्कार राशि इससे कहीं अधिक है। इसके अलावा वर्तमान नियम आयु वर्ग और खिलाड़ी आधारित पात्रता पर केंद्रित हैं, जबकि ट्राइबल गेम्स में कई स्पर्धाएं ओपन कैटेगरी और टीम आधारित स्वरूप में आयोजित की गई थीं। पुरस्कार राशि में देरी से खिलाड़ियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्राइबल गेम्स में कई पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का कहना है कि कोचिंग, डाइट, उपकरण और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर लगातार खर्च होता है। समय पर राशि मिल जाती तो उनकी तैयारियों को काफी मदद मिल सकती थी। कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए उन्हें अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है, लेकिन पुरस्कार राशि नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक दबाव में हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि देर से मिलने वाली सहायता कई बार अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाती। अब सभी की नजरें नियम संशोधन और वित्त विभाग की मंजूरी पर टिकी हैं। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और उन्हें घोषित पुरस्कार राशि प्राप्त हो सकेगी।

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रायपुर में सफाई ठेकेदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 70 वार्डों की सफाई व्यवस्था पर पड़ा असर

रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था बुधवार से गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। भुगतान में देरी से नाराज सफाई ठेकेदारों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। इसका सीधा असर शहर के सभी 70 वार्डों में दिखाई देने लगा है, जहां कई क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण और सफाई कार्य बाधित हो गए हैं। सफाई ठेकेदारों का कहना है कि उन्हें पिछले चार महीनों से उनके कार्यों का भुगतान नहीं मिला है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने दो दिन पहले नगर निगम आयुक्त और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो वे कार्य बंद करने के लिए मजबूर होंगे। हड़ताल शुरू होते ही शहर की सफाई व्यवस्था पर असर दिखने लगा है। कई वार्डों में सुबह कचरा उठाव नहीं हो पाया, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच, नगर निगम द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए यूजर चार्ज के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने भी प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने बढ़ते यूजर चार्ज और खराब होती सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। गौरतलब है कि नगर निगम ने हाल ही में आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी के यूजर चार्ज में वृद्धि की है, जिसका विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। ऐसे समय में सफाई ठेकेदारों की हड़ताल ने निगम की वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि शहर में पहले से ही सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। ऐसे में भुगतान न मिलने के कारण ठेकेदारों का हड़ताल पर जाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने निगम से तत्काल बकाया भुगतान कर सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य करने की मांग की। यदि यह हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है, तो शहर में कचरे के ढेर लगने की आशंका बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से संक्रमण और विभिन्न बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। फिलहाल नगर निगम प्रशासन ठेकेदारों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने और सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहा है।

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ग्रीष्मकालीन खेल शिविर से बैगा बच्चों को मिल रही नई पहचान, तैराकी में निखर रही प्रतिभा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय कल्याण और युवा विकास की पहल के तहत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस शिविर के माध्यम से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक खेल सुविधाओं और पेशेवर प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के तरणताल में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों को प्राथमिकता दी गई है। जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रयासों से बच्चों को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने का अवसर मिल रहा है। पहाड़ों, जंगलों और प्राकृतिक जलस्रोतों के बीच जीवन बिताने वाले इन बच्चों के लिए स्वीमिंग पूल में प्रशिक्षण एक नया अनुभव साबित हो रहा है। यहां वे केवल तैराकी नहीं सीख रहे, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी खेल संस्कृति को भी समझ रहे हैं। बच्चों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर वे भविष्य में बड़े खिलाड़ी बनने का सपना देख रहे हैं। शिविर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक बच्चों को तैराकी की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। फ्री-स्टाइल, बैक-स्ट्रोक, बटरफ्लाई, ब्रेस्ट-स्ट्रोक और मेडले जैसी प्रतिस्पर्धी विधाओं में नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह और शाम दो पालियों में संचालित सत्रों के माध्यम से बच्चों की तकनीकी दक्षता और शारीरिक क्षमता को विकसित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बैगा समुदाय के बच्चों में स्वाभाविक सहनशक्ति, साहस और सीखने की क्षमता मौजूद है। उचित प्रशिक्षण और संसाधन मिलने पर वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह पहल केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को भी समान अवसर मिलें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

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