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महादेव बेटिंग ऐप केस: ED ने शेफाली बग्गा से दो दिन की पूछताछ, 30 लाख कैश और प्रमोशन डील्स पर उठे सवाल

महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट और ‘बिग बॉस 13’ की पूर्व प्रतिभागी शेफाली बग्गा से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनके घर से बरामद 30 लाख रुपये नकद, अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रचार, विदेश यात्राओं और कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर कई सवाल किए। यह पूछताछ 30 मई को दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई ED की छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। उस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 30 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। ED का दावा है कि यह राशि कथित तौर पर अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी कमाई हो सकती है। जांच के दौरान ED ने शेफाली बग्गा से सोशल मीडिया प्रमोशन, भुगतान के तरीके और महादेव सिंडिकेट से जुड़े कथित संपर्कों के बारे में जानकारी ली। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ में शेफाली ने बताया कि बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी व्यावसायिक डील्स उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे, जिनमें एंडोर्समेंट, भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं। ED का आरोप है कि शेफाली ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रचार किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, उनके बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लोगों को एक टेलीग्राम चैनल पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर बेटिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती थीं। जांच एजेंसी ने शेफाली, उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी समन जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, शेफाली अब जांच में शामिल हो चुकी हैं, जबकि उनके पिता और भाई अब तक पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या कथित प्रमोशन से मिलने वाले भुगतान नकद में किए जाते थे और क्या यह रकम परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंची। इसके अलावा दुबई और लंदन की यात्राओं, लग्जरी होटलों में ठहरने तथा महादेव सिंडिकेट से जुड़े कथित लोगों के साथ संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज का इस्तेमाल कर नए यूजर्स को जोड़ा जाता था। इसके बाद कथित तौर पर हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और अन्य वित्तीय माध्यमों से पैसों के स्रोत को छिपाने की कोशिश की जाती थी। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है। ED आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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‘वोटर नहीं हो तो नहीं सुनूंगा’ बयान पर विवाद, विधायक की जन चौपाल में हंगामा

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक विधायक के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करैरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जन चौपाल के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पोहरी विधानसभा क्षेत्र से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीणों की शिकायतें सुनने से इनकार करने का आरोप विधायक पर लगा। जानकारी के अनुसार, नरवर तहसील स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में बुधवार को करैरा विधायक की ओर से जन चौपाल आयोजित की गई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे थे। इसी बीच पोहरी विधानसभा क्षेत्र के नानकपुर और बरखाड़ी गांव के करीब 8 से 10 ग्रामीण भी पेयजल और बिजली जैसी समस्याओं को लेकर विधायक के पास पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने उनकी शिकायतें सुनने से यह कहते हुए मना कर दिया कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं। विधायक के इस कथित बयान के बाद ग्रामीण नाराज हो गए और मौके पर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे निजी काम के लिए नहीं बल्कि सरकारी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि के पास पहुंचे हैं। उनका तर्क था कि जनता की परेशानियां विधानसभा क्षेत्र की सीमा से अलग नहीं होतीं। विरोध के दौरान मामला और बढ़ गया। इसी बीच एक ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताने के लिए अपने छोटे बच्चे को विधायक की गाड़ी के गर्म बोनट पर रख दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोग जनप्रतिनिधियों से जनता की समस्याएं सुनने की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं कई लोगों ने बच्चे को गर्म गाड़ी पर रखने की घटना को उसकी सुरक्षा के लिहाज से गलत बताया है। फिलहाल इस पूरे मामले पर विधायक की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

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कोरबा में आवारा कुत्तों के हमले से मासूम की मौत, नगर निगम देगा ₹1 लाख मुआवजा

कोरबा के दादर खुर्द क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले में एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, दादर खुर्द पुरानी बस्ती निवासी किशोर पटेल का परिवार मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करता है। बुधवार शाम करीब 5 बजे बच्चे घर में अकेले थे। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। आसपास कोई मौजूद नहीं होने के कारण घटना की जानकारी देर से मिली। काम से घर लौटी मां ने बच्चे को गंभीर हालत में देखा और तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने पीड़ित परिवार के लिए ₹1 लाख की अनुग्रह सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह सहायता महापौर के निर्देश पर प्रदान की जाएगी। हादसे के बाद नगर निगम की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 15 से 20 आवारा कुत्तों को पकड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें कुछ कुत्तों का पहले ही बंध्याकरण किया जा चुका था, जबकि अन्य को डॉग शेल्टर भेजकर नसबंदी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। निगम ने बताया कि एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) कार्यक्रम के तहत अब तक एक हजार से अधिक आवारा कुत्तों का बंध्याकरण किया जा चुका है। नगर निगम ने नागरिकों से छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ने, आवारा कुत्तों को केवल निर्धारित स्थानों पर भोजन कराने और किसी क्षेत्र में कुत्तों की संख्या अधिक होने पर तुरंत नगर निगम को सूचना देने की अपील की है। इस घटना के बाद शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से स्थायी समाधान और नियमित अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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बिलासपुर में बारिश का कहर, कई गांव और मकान बाढ़ में घिरे, लोगों का रेस्क्यू जारी

बिलासपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर मकान चारों ओर से पानी से घिर गए हैं, जिससे लोग अपने घरों में फंस गए हैं। बिलासपुर-दोमहानी क्षेत्र में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। यहां 10 से अधिक मकान पानी से घिरकर टापू जैसे बन गए। कई परिवार पूरी रात बाढ़ के पानी के बीच फंसे रहे। घरों में छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद हैं, जिन्हें भोजन और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकंडा के बंधवापारा इलाके में भी कई घरों में पानी घुस गया है। हालात बिगड़ने पर स्थानीय लोगों को घर खाली करने पड़े। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है तथा लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।

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मोबाइल हैक कर 3.94 लाख की साइबर ठगी, झारखंड से दो अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने मोबाइल हैक कर बैंक खातों से 3.94 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले दो अंतरराज्यीय आरोपियों को झारखंड से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फर्जी संदेश भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे और फिर बैंक खातों से अनधिकृत ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रकम निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार, डीडी नगर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु दत्त बघेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर कई संदेश आए। संदेश खोलने के कुछ ही समय बाद उनके यूको बैंक और एक्सिस बैंक खातों से लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होने लगे। 8 से 10 नवंबर 2025 के बीच उनके खातों से कुल 3.94 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। शिकायत के आधार पर थाना डीडी नगर में अपराध क्रमांक 186/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा डीडी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन झारखंड के बोकारो जिले में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर विशाल कुमार सिंह (26) और महेश प्रसाद सिंह (34) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी मैसेज भेजकर मोबाइल हैक करने और बैंक खातों से साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन, एक चेकबुक और ₹2,000 नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके और देश के अन्य राज्यों में की गई संभावित साइबर ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सके। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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दुर्ग-रायपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर से टकराई स्कूटी, 2 बच्चों समेत 4 की मौत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे-53 पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 2 बच्चों सहित 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक 8 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा कुम्हारी थाना क्षेत्र में उस समय हुआ जब तेज रफ्तार स्कूटी सड़क किनारे खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे ट्रैक्टर के पिछले हिस्से से जा टकराई। जानकारी के अनुसार, स्कूटी (CG 07 DE 5847) पर कुल पांच लोग सवार थे और सभी रायपुर के बसंत विहार स्थित अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि स्कूटी चला रही अमृता निर्मलकर (28), लक्ष्मी निर्मलकर (26), 7 वर्षीय यासना और 4 वर्षीय डाली की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 8 वर्षीय भावेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रैक्टर (CG 07 NA 0930) को जब्त कर लिया है और चालक भोला यादव को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला स्थित मॉर्च्युरी भेजा गया है। मामले की जांच जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि दुर्घटना के समय हाईवे से कुछ नेताओं का काफिला गुजर रहा था, जिसके चलते पुलिस प्रोटोकॉल ड्यूटी में व्यस्त थी और राहत कार्य में देर हुई। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

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रायपुर में CSCS का एंटी-डोपिंग सेमिनार, 200 क्रिकेटरों को बताए गए NADA के नियम और सावधानियां

खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने रायपुर में एंटी-डोपिंग जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। होटल मैरियट में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 पुरुष और महिला क्रिकेटरों के साथ कोच, ट्रेनर और अन्य सपोर्ट स्टाफ ने हिस्सा लिया। सेमिनार में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की विशेषज्ञ डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित दवाओं और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार सामान्य दिखने वाली दवाओं या सप्लीमेंट में भी ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो डोपिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं। डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसकी जानकारी अवश्य जांचें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को यह समझना जरूरी है कि कौन-से उत्पाद उनके करियर के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। NADA के अनुसार, किसी भी न्यूट्रिशन सप्लीमेंट को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि कई मामलों में इनमें प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए हैं या उत्पादों की लेबलिंग सही नहीं होती। एजेंसी ने खिलाड़ियों को ‘स्ट्रिक्ट लाइबिलिटी’ के नियम के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत खिलाड़ी के शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर उसकी जिम्मेदारी स्वयं खिलाड़ी की होती है, चाहे वह पदार्थ अनजाने में ही शरीर में पहुंचा हो। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को NADA के Know Your Medicine (KYM) प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से खिलाड़ी किसी दवा की प्रतिबंधित या अनुमत स्थिति की जांच कर सकते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि आयुर्वेदिक, हर्बल और अन्य सप्लीमेंट का उपयोग करते समय भी पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है। CSCS का कहना है कि क्रिकेट में डोपिंग के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सख्ती को देखते हुए खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही नियमों की जानकारी देना जरूरी है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अनजाने में होने वाली गलतियों से बचाना और निष्पक्ष खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा: नकटी बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर शिकार और सड़क-दवा खरीद जैसे मुद्दों पर गरमाया सदन

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार, अमानक दवाइयों की खरीद और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल पूछे गए। नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर हंगामा विपक्ष ने नकटी गांव में मकानों को हटाने की कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को पर्याप्त पुनर्वास के बिना बेदखल किया गया और इसे “बुलडोजर कल्चर” का उदाहरण बताया। विपक्ष ने पूरे मामले पर सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद नियमों के तहत वे स्वतः निलंबित हो गए। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी में की गई कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। सभी संबंधित लोगों को पूर्व सूचना और नोटिस दिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी किया गया और कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया और पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताई। महंत ने दावा किया कि दो बाघों के शिकार से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में निगरानी व्यवस्था सक्रिय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के आकलन के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी और रिजर्व के संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। अमानक दवाइयों की खरीद पर सरकार का जवाब सदन में CGMSC द्वारा दवाइयों की खरीद को लेकर भी सवाल उठे। विपक्ष ने गुजरात में प्रतिबंधित दवाइयों से जुड़े मामले का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में खरीद प्रक्रिया पर सवाल किए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जिस दवा पर प्रतिबंध लगाया गया था, उसकी खरीद राज्य में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहने वाली 24 दवाइयों की पहचान की गई है और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर चर्चा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की मरम्मत को लेकर भी कई विधायकों ने सवाल उठाए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अधिकांश सड़कों का पहले ही नवीनीकरण किया जा चुका है और जिन मार्गों को मरम्मत की आवश्यकता है, उन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब सड़कों की स्थिति का आकलन पारंपरिक तरीके की बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड कर AI गड्ढों और मरम्मत की आवश्यकता का स्वतः विश्लेषण करेगा, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।

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रायपुर में बदले कचरा प्रबंधन के नियम: अब गीला-सूखा ही नहीं, 4 तरह का कचरा अलग करना होगा

राजधानी रायपुर में कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के तहत नई व्यवस्था लागू करने की शुरुआत कर दी है। इसके लिए जोन-1 की साम्राज्य और अनुग्रह रेसिडेंसी सोसायटियों को मॉडल के रूप में चुना गया है। यहां रहने वाले परिवारों को अब गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग करके ही नगर निगम की एजेंसी को देना होगा। नगर निगम के अनुसार, दोनों सोसायटियों में 200 से अधिक परिवार रहते हैं। स्वच्छता दीदियों और रामकी कंपनी के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर-घर जाकर लोगों को नए नियमों की जानकारी दें। जागरूकता अभियान पूरा होने के बाद यदि कोई परिवार मिश्रित कचरा देगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में कचरा वाहन सीधे नहीं पहुंच सकते, वहां ‘व्हील गैंग’ के माध्यम से कचरा एकत्र कर मुख्य वाहनों तक पहुंचाया जाएगा। नगर निगम 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों का ऑनलाइन पंजीयन भी करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मॉडल सोसायटियों में सफलता मिलने के बाद यह चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण व्यवस्था पूरे रायपुर में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

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राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा: चलती ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में फिसला यात्री, RPF जवान ने बचाई जान

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। चलती ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया, लेकिन मौके पर मौजूद आरपीएफ के प्रधान आरक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचा ली। पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जुलाई की है। गाड़ी संख्या 12101 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस अपने निर्धारित ठहराव के बाद राजनांदगांव स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। ट्रेन के पायदान पर पैर रखते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच गिरने लगा। प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ के प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार ने तत्काल दौड़कर यात्री को पकड़ लिया और सुरक्षित प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। उनकी त्वरित सूझबूझ और बहादुरी के चलते यात्री ट्रेन के पहियों के नीचे आने से बाल-बाल बच गया। यह कार्रवाई रेलवे के ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ अभियान के तहत की गई। बचाए गए यात्री की पहचान बृजेश सकुनिया (52), निवासी झारसुगुड़ा (ओडिशा) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वे गोंदिया से झारसुगुड़ा जा रहे थे। किसी काम से राजनांदगांव स्टेशन पर उतरने के बाद ट्रेन छूटने लगी, तो जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, जिससे उनका पैर फिसल गया। घटना के बाद आरपीएफ जवानों ने यात्री को चौकी ले जाकर प्राथमिक जांच कराई और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। यात्री ने आरपीएफ और प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।

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