State

छत्तीसगढ़ में अब तक 1.70 करोड़ कॉल्स 112 पर: 4 लाख से ज्यादा घायल नागरिकों को मिली समय पर मदद, जानिए कैसे काम करता है पूरा सिस्टम

छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी के वक्त डायल 112 लोगों की पहली पसंद बन चुका है। यह नंबर पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सर्विस जैसी आपातकालीन सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराता है। साल 2018 से अब तक राज्य में करीब 1.70 करोड़ कॉल्स इस नंबर पर की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 46 लाख कॉल्स सहायता योग्य पाई गईं। इन्हीं कॉल्स के माध्यम से 4 लाख 27 हजार से अधिक सड़क हादसे के पीड़ितों की जान बचाई गई है। वर्तमान में यह सेवा 17 जिलों में संचालित है, और सरकार जल्द ही बाकी जिलों तक इसे विस्तार देने की तैयारी कर रही है। कैसे काम करता है 112 सिस्टम? रायपुर स्थित सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर में पूरे राज्य की 112 कॉल्स रिसीव की जाती हैं। जब कोई व्यक्ति कॉल करता है, तो कॉल टेकर उसकी जानकारी जैसे – घटना का प्रकार, स्थान और स्थिति – पूछता है। इसके बाद यह जानकारी डिस्पैचर सेक्शन को दी जाती है, जो घटना स्थल के पास मौजूद इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) को निर्देश देता है कि वह तुरंत मौके पर पहुंचे। गाड़ी की मूवमेंट और दूरी की जानकारी स्क्रीन पर ट्रैक की जाती है। घटना स्थल पर सहायता प्रदान करने के बाद टीम क्लोजर रिपोर्ट भेजती है, जिससे केस बंद किया जाता है। एक ही जगह से दो कॉल आने पर क्या होता है? यदि एक ही स्थान से दो लोग कॉल करते हैं, तो कॉल टेकर लोकेशन की क्रॉस-चेकिंग करता है। यदि घटना एक ही है, तो दोनों कॉल्स को एक ही इवेंट में मर्ज कर दिया जाता है। अगर घटनाएं अलग हैं, तो अलग-अलग व्हीकल्स रवाना की जाती हैं। अब सोशल मीडिया से भी मदद संभव डायल 112 सिर्फ कॉल से ही नहीं, बल्कि व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से भी मदद लेता है। यह तब उपयोगी साबित होता है जब किसी स्थिति में कॉल करना संभव नहीं हो पाता। कॉलर की पहचान रहती है गोपनीय सिस्टम में यह सुनिश्चित किया गया है कि कॉल करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। उन्हें न तो केस में गवाह बनाया जाता है और न ही कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसलिए लोग बिना झिझक मदद के लिए कॉल कर सकते हैं। किन जिलों में चल रही है सेवा फिलहाल डायल 112 सेवा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बस्तर, कबीरधाम, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, सक्ती, मानपुर-मोहला अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान, गरियाबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सक्रिय है। राज्य सरकार दूसरे चरण में बाकी जिलों में भी इस सुविधा को शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

छत्तीसगढ़ में अब तक 1.70 करोड़ कॉल्स 112 पर: 4 लाख से ज्यादा घायल नागरिकों को मिली समय पर मदद, जानिए कैसे काम करता है पूरा सिस्टम Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

ट्रेन में सिलेंडर लेकर 106 किमी का सफर, बिलासपुर स्टेशन पर पकड़ा गया युवक

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में आरपीएफ ने एक युवक को घरेलू गैस सिलेंडर के साथ गिरफ्तार किया है। युवक ने यह सिलेंडर ट्रेन में रखकर करीब 106 किलोमीटर की दूरी तय की थी। देर रात स्टेशन पहुंचने के बाद उसने सिलेंडर को प्लेटफॉर्म पर छिपा दिया था, लेकिन सुबह बाहर निकालने की कोशिश करते समय वह पकड़ा गया। घटना गुरुवार सुबह की है। आरपीएफ के जवानों ने बिलासपुर स्टेशन पर एक युवक को प्लास्टिक की बोरी लेकर बाहर जाते देखा। शक होने पर जब बोरी की जांच की गई, तो उसके अंदर इंडेन कंपनी का लाल रंग का गैस सिलेंडर मिला। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह रायगढ़ जिले के राबर्टसन रेलवे स्टेशन से सिलेंडर लेकर लोकल ट्रेन से बिलासपुर आया था। आरोपी की पहचान खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम चपले निवासी शिव शंकर सारथी (21 वर्ष), पिता ननकी राम सारथी के रूप में हुई है। उसने बताया कि रात अधिक हो जाने के कारण उसने सिलेंडर प्लेटफॉर्म पर छिपा दिया था और सुबह भीड़ का फायदा उठाकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। आरपीएफ ने मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की है और जांच जारी है कि सिलेंडर को ट्रेन में लाने का उद्देश्य क्या था।

ट्रेन में सिलेंडर लेकर 106 किमी का सफर, बिलासपुर स्टेशन पर पकड़ा गया युवक Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State

रायपुर में क्रांति सेना के 1000 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अमित बघेल समेत पदाधिकारी हिरासत में

रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद के बीच पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के करीब 1,000 कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इनमें संगठन के अध्यक्ष अमित बघेल और कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी को महादेव घाट रोड स्थित चंद्राकर हॉस्टल में रखा गया है, जहां बाहर से पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्यकर्ता शहर में बंद करवाने के लिए निकले थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया। हालांकि, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते रायपुर के ज्यादातर बाजार और दुकानें खुले रहे। 🔹 विवाद की शुरुआत कैसे हुई 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। अगले दिन प्रदर्शन के दौरान, अमित बघेल ने महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उनके बयान — “इनकी मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं, कौन हैं अग्रसेन महाराज?” — के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। रायगढ़, सरगुजा और रायपुर समेत कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। 🔹 रायगढ़ में नया विवाद अमित बघेल के बयान के बाद रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर क्षेत्र में रहने वाले एक युवक विजय राजपूत ने गुरु घासीदास जी पर अपशब्द कहे। शराब के नशे में दिए गए इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज ने विरोध जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पर SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, सिंधी समाज ने भी आरोपी को अपने समाज से निष्कासित कर दिया है। 🔹 जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का रुख पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ना केवल एक मूर्तिभंजन की घटना नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता और आस्था पर हमला है। उन्होंने सभी संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण बंद में शामिल होने की अपील की। 🔹 अग्रवाल समाज की प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह बंद अनुचित है, लेकिन बाबा घासीदास जी के अपमान पर जिन्होंने भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

रायपुर में क्रांति सेना के 1000 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अमित बघेल समेत पदाधिकारी हिरासत में Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, PM मोदी ने की सराहना

गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता परेड में इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी ने सबका दिल जीत लिया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तुत की गई झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” थीम पर आधारित थी। परंपरा और विकास का संगम दर्शाती इस झांकी ने न सिर्फ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी में दिखाया गया बस्तर नए भारत के समावेशी विकास की प्रेरणादायक झलक है। लोकसंस्कृति और विकास की अनोखी प्रस्तुतिझांकी के अग्रभाग में माड़िया जनजाति के कलाकारों ने पारंपरिक गौर नृत्य के माध्यम से बस्तर की लोकसंस्कृति और सामूहिकता की झलक प्रस्तुत की। वहीं, तुरही और नंदी की आकृतियों ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था और शिव भक्ति की परंपरा को जीवंत किया। “संघर्ष से विकास” की कहानी कहता मध्य भागझांकी के मध्य भाग में बस्तर की विकास यात्रा को दिखाया गया — जहां कभी नक्सलवाद का असर था, वहीं अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह क्षेत्र “बंदूक नहीं, विकास” की नई पहचान बना रहा है। महिलाओं की भूमिका और ढोकरा कला की छटाअंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा ने बस्तर की नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक प्रस्तुत किया। पूरी झांकी ढोकरा धातु कला से सजाई गई थी, जो बस्तर के पारंपरिक शिल्प की सुंदर झलक दिखाती है। आज का बस्तर अब केवल संस्कृति का प्रतीक नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का मॉडल बन चुका है। गांवों में बिजली, इंटरनेट, शिक्षा और रोजगार अब आम दृश्य हैं। महिलाएं वनोपज और हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं, जबकि युवा “नए भारत” के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया झांकी का संदेश – “भय से विश्वास की ओर”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झांकी का मुख्य विषय “बदलता बस्तर: संघर्ष से विकास की ओर” है, जो बस्तर की नई दिशा और राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि बस्तर अब शांति, प्रगति और समृद्धि की राह पर अग्रसर है। राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयनछत्तीसगढ़ की झांकी का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने किया। मौलिकता, सांस्कृतिक विविधता और विकास की झलक के आधार पर देशभर की झांकियों में इसे प्रमुख स्थान दिया गया। अंतिम सूची में एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियां भी शामिल थीं। छत्तीसगढ़ की “बदलता बस्तर” झांकी ने अपनी कलात्मकता और “नए बस्तर – नए भारत” के संदेश से पूरे देश में छाप छोड़ी।

गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, PM मोदी ने की सराहना Read Post »

Chhattisgarh, State, Top News

अंबेडकर अस्पताल में एंबुलेंस संचालकों की गुंडागर्दी: मरीज के परिजन से मारपीट, पुलिस की मौजूदगी में शांत हुआ मामला

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार देर रात अस्पताल के मेन गेट पर एंबुलेंस चालकों और मरीज के परिजनों के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि एंबुलेंस चालकों ने न केवल परिजनों से हाथापाई की, बल्कि चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल चौकी और मौदहापारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। अगले दिन दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार से आए मरीज के परिजन अस्पताल के गेट नंबर-1 के पास चाय पी रहे थे। तभी वहां मौजूद कुछ एंबुलेंस संचालकों ने किसी बात पर बहस शुरू कर दी और झगड़ा मारपीट में बदल गया। इस घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि अस्पताल परिसर में ये प्राइवेट एंबुलेंस किसकी अनुमति से खड़ी रहती हैं? अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में खड़ा करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद मेन गेट के आसपास कई एंबुलेंसें हमेशा खड़ी रहती हैं। मेन गेट पर प्राइवेट एंबुलेंस का कब्जा, मरीजों से मनमाना किरायाअस्पताल के बाहर दर्जनों प्राइवेट एंबुलेंस और ऑटो चालक हर समय खड़े रहते हैं। इनमें से कई चालक मनमाने किराए वसूल रहे हैं। भास्कर टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित निजी अस्पताल तक ले जाने के लिए 500 रुपए की मांग की गई। वहीं धमतरी ले जाने का किराया 4000 रुपए बताया गया। निजी अस्पतालों के एजेंट सक्रियसूत्रों के अनुसार, अंबेडकर अस्पताल में कुछ एजेंट सक्रिय हैं जो मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती करवाने का काम करते हैं। बदले में इन्हें कमीशन दिया जाता है। बताया जाता है कि ऐसे तीन एजेंट अस्पताल परिसर में लगातार घूमते रहते हैं। “मेकाहारा एंबुलेंस संघ” के नाम पर ग्रुप बना4 से 6 एंबुलेंस संचालकों ने “मेकाहारा एंबुलेंस संघ” नाम से एक समूह भी बना लिया था। अस्पताल प्रबंधन को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत इस नाम का उपयोग न करने की चेतावनी दी। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को लिखा पत्रअस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पत्र भेजकर सभी प्राइवेट एंबुलेंस को अस्पताल गेट से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा गार्डों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी निजी वाहन को अस्पताल परिसर में पार्क नहीं करने दिया जाए।

अंबेडकर अस्पताल में एंबुलेंस संचालकों की गुंडागर्दी: मरीज के परिजन से मारपीट, पुलिस की मौजूदगी में शांत हुआ मामला Read Post »

Chhattisgarh, State, Top News

रायपुर में धरना-प्रदर्शन पर अब लगेगा शुल्क: संगठनों ने बताया लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश

रायपुर में अब सार्वजनिक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन या पंडाल लगाने के लिए लोगों को शुल्क देना होगा। रायपुर नगर निगम ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी धरना या प्रदर्शन के आयोजन के लिए 500 रुपए का शुल्क देना अनिवार्य होगा। वहीं, पंडाल लगाने पर 5 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से राशि वसूली जाएगी। पहले से ही नवा रायपुर के तूता धरनास्थल पर प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है, ऐसे में नगर निगम के इस फैसले का कई संगठनों और नेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और जनता की आवाज दबाने की कोशिश है। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि नगर निगम को धरना या प्रदर्शन के दौरान सफाई और व्यवस्थाओं पर खर्च उठाना पड़ता है, इसलिए यह शुल्क लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान रूट की जानकारी निगम को पहले देनी होगी ताकि सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। वहीं, किसान नेता तेजराम विद्रोही ने इस फैसले को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया और कहा कि अगर जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की गई तो विरोध और तेज होगा। उन्होंने आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल 500 रुपए शुल्क तय किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 1000 रुपए तक किया जा सकता है। निगम की सामान्य सभा ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है। इधर, नवा रायपुर के अटल नगर में रखरखाव कार्यों के चलते दो महीने तक धरना-प्रदर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है और अन्य किसी भी स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

रायपुर में धरना-प्रदर्शन पर अब लगेगा शुल्क: संगठनों ने बताया लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा का VIDEO: इको-फ्रेंडली डिजाइन, बस्तर-सरगुजा आर्ट से सजी बिल्डिंग; 120 विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाएं

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2025) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे। इस भवन की नींव 28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के समय रखी गई थी और करीब 5 साल बाद यह भव्य भवन पूरी तरह से तैयार हो चुका है। 🔹 पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 20.78 हेक्टेयर क्षेत्र में बना यह भवन पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। इसका वास्तुशिल्प पारंपरिक छत्तीसगढ़ी शैली के साथ-साथ आधुनिकता का मिश्रण है। इसमें गुम्बदनुमा संरचना राष्ट्रपति भवन जैसी झलक देती है। 🔹 भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखी गई क्षमता वर्तमान में प्रदेश में 90 विधायक हैं, लेकिन नई विधानसभा में 120 विधायकों की बैठक व्यवस्था की गई है। भवन परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। 🔹 तीन ब्लॉकों में विभाजित संरचना नई विधानसभा तीन ब्लॉकों — A, B और C — में तैयार की गई है। 🔹 बस्तर और सरगुजा कला की झलक भवन के कॉरिडोर और आर्ट गैलरी को बस्तर और सरगुजा की पारंपरिक कला से सजाया गया है। परिसर में गार्डन और लैंडस्केपिंग के लिए वास्तुशास्त्र के अनुसार पौधे लगाए जा रहे हैं। 🔹 अत्याधुनिक सुविधाएं नई विधानसभा में हाईटेक लाइब्रेरी, 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम, सेंट्रल हॉल, VIP लाउंज, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों के लिए अलग टॉयलेट, कैंटीन, और लिफ्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 🔹 ऊर्जा और जल संरक्षण की व्यवस्था भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें ऊर्जा व जल संरक्षण प्रणाली, पेपरलेस वर्क सिस्टम, और सौर ऊर्जा उपयोग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। 🔹 पुराने भवन से मिली सीख पुराना विधानसभा भवन शहर के बीचोंबीच होने के कारण ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्याओं से घिरा था। नई विधानसभा को मंत्रालय और संचालनालय के करीब रखा गया है ताकि कामकाज में सुगमता रहे। 🔹 निर्माण लागत और समय भवन के निर्माण में लगभग 273 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे पहले 394 करोड़ के डीपीआर के आधार पर प्लान किया गया था, जिसे बाद में घटाकर स्वीकृत किया गया।

छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा का VIDEO: इको-फ्रेंडली डिजाइन, बस्तर-सरगुजा आर्ट से सजी बिल्डिंग; 120 विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाएं Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

कोरबा में प्रदूषण और टूटी सड़कों पर हाईकोर्ट का सख्त रुख: कंपनियों और पीडब्ल्यूडी को दो हफ्ते में स्थायी समाधान का रोडमैप तैयार करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले में बढ़ते प्रदूषण और बदहाल सड़कों पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि फ्लाई ऐश, धूल और जर्जर सड़कों से आम नागरिकों को हो रही परेशानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कंपनियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) को दो सप्ताह के भीतर इन समस्याओं का स्थायी समाधान तैयार करने का आदेश दिया है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पहले कोर्ट कमिश्नर रविंद्र शर्मा को कोरबा की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि माणिकपुर माइंस तक जाने वाली सड़कों पर कीचड़, फ्लाई ऐश और धूल फैली हुई है। भारी वाहनों के कारण न केवल जाम की स्थिति बनती है बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। हाईकोर्ट ने कहा – जर्जर सड़कें ही प्रदूषण और हादसों की जड़ कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सड़कों की खराब स्थिति ही क्षेत्र में प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और हादसों का मुख्य कारण है। अदालत ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि वे तुरंत सड़क निर्माण का काम शुरू करें और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। पर्यावरण मंडल का जवाब – उद्योगों से वसूला गया 1.43 करोड़ का जुर्माना मुख्य सचिव और पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कोर्ट को बताया कि बीते दो वर्षों में प्रदूषण मानकों और परिवहन नियमों के उल्लंघन पर औद्योगिक इकाइयों से 1.43 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा वसूला गया है। साथ ही फ्लाई ऐश के परिवहन की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया गया है। एनटीपीसी और बालको से मांगा शपथ पत्र, सभी उद्योगों की बैठक बुलाने के आदेश हाईकोर्ट ने एनटीपीसी और बालको के चेयरमैन को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें फ्लाई ऐश प्रबंधन और सड़क रखरखाव से संबंधित कार्रवाई का पूरा ब्योरा देना होगा। इसके अलावा, एसईसीएल, एनटीपीसी, बालको और लैंको समेत सभी प्रमुख उद्योगों को पर्यावरण मंडल और राज्य सरकार के साथ मिलकर दो सप्ताह के भीतर एक संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में फ्लाई ऐश के स्थायी प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और सड़कों के सुधार के लिए एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए कोरबा नगर निगम को भी इसमें शामिल किया गया है।

कोरबा में प्रदूषण और टूटी सड़कों पर हाईकोर्ट का सख्त रुख: कंपनियों और पीडब्ल्यूडी को दो हफ्ते में स्थायी समाधान का रोडमैप तैयार करने के निर्देश Read Post »

Chhattisgarh, State

रेल पर मोंथा तूफान का असर: 10 दिन में दूसरी बार भूस्खलन, सुरंग के अंदर गिरे बोल्डर, सुबह तक बहाल हुआ रेल यातायात

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मोंथा अब भी अपना असर दिखा रहा है। दस दिनों के भीतर एक बार फिर किरंदुल-कोत्तवालसा रेललाइन पर भूस्खलन हुआ है। इस बार हादसा टायडा-चिमिड़ीपल्ली के बीच हुआ, जहां सुरंग के अंदर बड़े-बड़े बोल्डर पटरियों पर गिर पड़े। यह घटना मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात हुई। सौभाग्य से उस समय कोई ट्रेन इस रूट से नहीं गुजर रही थी। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह तक बोल्डर हटा दिए गए और रेल यातायात को बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मोंथा तूफान के कारण लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे क्षेत्र में बार-बार भूस्खलन की स्थिति बन रही है। वाल्टेयर रेलमंडल ने एहतियात के तौर पर बुधवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसी जगह पर 10 दिन पहले भी भूस्खलन हुआ था, जब एक बड़ा पत्थर पटरियों पर गिरा था और उसे हटाने में कई घंटे लगे थे। टायडा-चिमिड़ीपल्ली सेक्शन में 10 दिन के अंदर यह दूसरी घटना है, जिससे यह इलाका भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गया है। बावजूद इसके, वाल्टेयर रेलमंडल अब तक इस सेक्शन में रोकथाम की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कर सका है। मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार, चक्रवाती तूफान मोंथा उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और वर्तमान में जगदलपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। इसके आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने तथा अवदाब में बदलने की संभावना है। गुरुवार को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वाल्टेयर रेलमंडल ने तूफान के चलते 8 ट्रेनों को रद्द, 3 ट्रेनों को री-शेड्यूल और 5 ट्रेनों को डायवर्ट किया है। विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर और नाइट एक्सप्रेस को गुरुवार के लिए भी रद्द रखा गया है। इधर बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बीते 24 घंटों में 13 मिमी बारिश दर्ज हुई है और हवा में नमी का स्तर 89% तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।

रेल पर मोंथा तूफान का असर: 10 दिन में दूसरी बार भूस्खलन, सुरंग के अंदर गिरे बोल्डर, सुबह तक बहाल हुआ रेल यातायात Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State

रायगढ़ में सिंधी समाज ने जोहार छत्तीसगढ़ प्रमुख अमित बघेल पर FIR की मांग की, SP को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सिंधी समाज ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। समाज के सैकड़ों सदस्य मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और SP दिव्यांग पटेल को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि अमित बघेल ने एक मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाज के इष्ट देव भगवान झूलेलाल और भगवान वरुण देव के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह बयान समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि बघेल ने सिंधी समाज को “पाकिस्तानी” कहकर अपमानित किया है। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज के आस्था प्रतीक महाराजा अग्रसेन, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान व्यक्तित्वों पर भी अभद्र टिप्पणियां की हैं। समाज के लोगों का कहना है कि ऐसे बयान से न केवल सिंधी समाज बल्कि देशभर के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाज उग्र आंदोलन करने पर विवश होगा। SP दिव्यांग पटेल ने बताया कि समाज के लोगों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। पुलिस आवेदन की जांच कर रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रायगढ़ में सिंधी समाज ने जोहार छत्तीसगढ़ प्रमुख अमित बघेल पर FIR की मांग की, SP को सौंपा ज्ञापन Read Post »

Chhattisgarh, State
Scroll to Top