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राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में पक रहा था खाना, प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही; IRCTC से मांगा गया जवाब

रेलवे बोर्ड द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों की पेंट्रीकार में खाना पकाने पर रोक के बावजूद बिलासपुर स्टेशन पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में स्टाफ को भोजन बनाते पाया गया। खास बात यह रही कि मौके पर IRCTC से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे जब राजधानी एक्सप्रेस की रैक प्लेटफॉर्म पर लगी, तब कुछ मीडिया कर्मियों ने पेंट्रीकार का निरीक्षण किया। अंदर तीन हीटर पर बर्तन चढ़े थे, जिनमें दाल और चावल पक रहे थे। एक बर्तन में पानी उबल रहा था, जबकि उबले हुए आलू, कटे हुए बैंगन और कच्ची सब्जियां भी रखी थीं। पैकेट में बंद रोटियां और अन्य सामग्री भी पाई गई। इस दौरान सीसीआई मनोज साहा और स्टेशन मास्टर ओझा मौके पर पहुंचे और जांच की। पूछताछ में पेंट्रीकार स्टाफ ने बताया कि भोजन स्टाफ के लिए तैयार किया जा रहा था। पेंट्रीकार के मैनेजर ने खुद को IRCTC दिल्ली से जुड़ा अधिकारी बताया, जो ट्रेन के साथ यात्रा करता है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कुछ ट्रेनों की पेंट्रीकार में गैस सिलेंडर से आग लगने की घटनाओं के बाद रेलवे बोर्ड ने सख्ती बरतते हुए एक्सप्रेस ट्रेनों में खाना पकाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियम के अनुसार भोजन बेस किचन से तैयार होकर ही ट्रेन में लोड किया जाना चाहिए। इस मामले में रेलवे प्रशासन ने IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही घटना की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी एक्सप्रेस में सामने आए मामले की भी अलग से जांच की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: कस्टोडियल डेथ से रेव पार्टी तक गूंजे कई अहम मुद्दे, सरकार पर विपक्ष का दबाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और आबकारी नीति जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर तीखी बहस के आसार हैं। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है। कस्टोडियल डेथ और जेलों की स्थिति पर सरकार घिरी पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल ने राज्य में बढ़ते कस्टोडियल डेथ के मामलों को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही जेलों में स्वीकृत क्षमता से अधिक कैदियों के बंद होने की स्थिति पर भी सवाल उठाए जाएंगे। विपक्ष का आरोप है कि जेल प्रशासन और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। 108 एंबुलेंस, रोजगार और अधूरे सड़क कार्य प्रश्नकाल में 108 एंबुलेंस सेवा के टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सरकार से जवाब तलब किया जाएगा। तकनीकी संस्थानों से पासआउट युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों और नक्सल पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा होगी। मेकाहारा की बदहाल व्यवस्था पर सवाल मेकाहारा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर सुधारात्मक कदमों की मांग की जाएगी। रायपुर के फार्महाउस और रेव पार्टी का मामला रायपुर में फार्महाउस पर कथित अवैध गतिविधियों और रेव पार्टियों के आयोजन का मुद्दा भी सदन में उठेगा। गृह विभाग से यह पूछा जाएगा कि ऐसे आयोजनों की निगरानी और कार्रवाई के लिए क्या व्यवस्था है और अब तक कितनी कार्रवाई की गई है। शराब दुकानों के आवंटन पर ध्यानाकर्षण शराब दुकानों और आहता आवंटन में पारदर्शिता और स्पष्ट मापदंडों के अभाव का मुद्दा भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उठाया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि दुकान आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। पारधी समुदाय के जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा आदिम जाति और अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से जुड़े मामलों में पारधी समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं होने का विषय भी सदन में उठेगा। बजट पर चर्चा की शुरुआत प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के बाद 24 फरवरी को पेश किए गए बजट पर चर्चा शुरू होगी। विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को बजट से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगेंगे। कुल मिलाकर, बजट सत्र का चौथा दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन बहस का साक्षी बनने जा रहा है। कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।

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भोपाल में धर्मांतरण और शोषण का जाल उजागर: मुंगेली की ब्यूटिशियन से दुष्कर्म, दो बहनें गिरफ्तार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित धर्मांतरण और यौन शोषण से जुड़े एक हाईप्रोफाइल मामले का खुलासा हुआ है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की रहने वाली एक ब्यूटिशियन और उसकी सहेली ने भोपाल के बाग सेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दो सगी बहनों—अमरीन और आफरीन—को गिरफ्तार कर लिया। मामले में चंदन यादव को भी पकड़ा गया है, जबकि बिलाल, चानू और यासिर फरार बताए जा रहे हैं। इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संपर्क, फिर जाल में फंसाया पीड़िताओं की आपसी पहचान इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। आरोप है कि अमरीन और आफरीन गरीब घरों की लड़कियों को निशाना बनाती थीं। पहले उन्हें घरेलू काम के बहाने अपने पास रखतीं, फिर हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का लालच देकर पार्टियों में ले जातीं। वहां अमीर युवकों के साथ जबरन संबंध बनाने का दबाव डाला जाता था। पीड़िताओं के अनुसार, उन्हें शराब और नशीले पदार्थ लेने के लिए मजबूर किया गया और कई बार अलग-अलग लोगों के साथ दुष्कर्म कराया गया। विरोध करने पर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। धर्म परिवर्तन का दबाव भोपाल की एक पीड़िता ने बताया कि चंदन यादव ने उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। शादी का लालच देकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए राजी किया गया। इसके बाद उसे बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। मुंगेली की पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे गुजरात और मुंबई भी ले जाया गया, जहां अन्य आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। झुग्गी से आलीशान विला तक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बहनें भोपाल के अब्बास नगर की झुग्गी से निकलकर आशिमा मॉल के पास स्थित सागर रॉयल विला में रहने लगी थीं। पुलिस को उनके मोबाइल फोन से कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। देह व्यापार से जुड़े होने के संकेत पुलिस को शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी बहनें देह व्यापार से जुड़े गिरोह का संचालन कर रही थीं। पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें 10 हजार रुपए मासिक वेतन पर घर में रखा जाता था और पार्टियों में ले जाया जाता था। काम छोड़ने की बात करने पर हत्या की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर और क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच में जुटी है।

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छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: पेशी से पहले मंदिर पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिलाओं के लिए खास प्रावधान के संकेत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी साय सरकार का तीसरा बजट सदन में प्रस्तुत करेंगे। बजट पेश करने से पहले वे अपने सरकारी निवास स्थित मंदिर में पत्नी अदिति चौधरी के साथ पूजा-अर्चना करने पहुंचे। अदिति चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट महिलाओं के लिए विशेष रहेगा। पूजा के बाद वित्त मंत्री राम मंदिर के लिए रवाना हुए और वहां से सीधे विधानसभा पहुंचेंगे। बजट दोपहर 12:30 बजे पेश किया जाएगा। सीएम साय ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में पेश हो रहा यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के विजन को मजबूती देगा। बड़े ऐलानों की संभावना इस बार के बजट में कई बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें जल बोर्ड गठन, ‘जी राम जी’ (Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास, स्टार्टअप और MSME को प्रोत्साहन, तथा राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने जैसे प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। सरकार गुड गवर्नेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासनिक सुधारों पर भी फोकस कर सकती है। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान संभव हैं। युवा, किसान और महिला वर्ग पर फोकस युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्टार्टअप नीति में नए प्रावधानों की घोषणा हो सकती है। MSME सेक्टर को निवेश प्रोत्साहन योजनाओं से मजबूती दी जा सकती है। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई और कृषि अधोसंरचना में अतिरिक्त बजट का प्रावधान संभव है। महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं को मजबूत करने के संकेत भी मिले हैं। आयुष्मान योजना और पीएम सूर्यघर योजना के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपए तक का प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। राजधानी और ग्रामीण विकास मुख्यमंत्री राजधानी विकास योजना के तहत राजधानी को आधुनिक सुविधाओं से लैस मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘जी राम जी’ योजना के जरिए सड़क, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ा बजट रखा जा सकता है। खेल, संस्कृति और शिक्षा पर भी ध्यान शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में उनकी प्रतिमा स्थापना के लिए लगभग 1.86 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सारंगढ़ इंडोर स्टेडियम के नवीनीकरण और छोटे शहरों में खेल मैदान विकसित करने की योजना भी चर्चा में है। इसके अलावा जिलों में नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए फंड जारी होने की संभावना है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन साधने वाला माना जा रहा है। अब सभी की नजरें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हैं।

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भोपाल में छत्तीसगढ़ की ब्यूटीशियन से दुष्कर्म का आरोप: धर्म परिवर्तन का दबाव, तीन आरोपी फरार

भोपाल/मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की 30 वर्षीय ब्यूटीशियन ने भोपाल में तीन युवकों और एक महिला के खिलाफ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई है। मामला बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। होटल पार्टी से शुरू हुई पहचान पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 31 दिसंबर 2024 को शाहपुरा स्थित एक होटल में आयोजित जन्मदिन पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात एक युवती से हुई। बाद में दोनों साथ रहने लगीं। जनवरी 2025 में वे बागसेवनिया क्षेत्र में रहने वाली अमरीन उर्फ माहिरा के पास शिफ्ट हो गईं। कुछ समय बाद उसे जानकारी मिली कि उसकी सहेली ने अमरीन के कहने पर धर्म परिवर्तन कर उसके भाई से शादी कर ली है। अलग-अलग समय पर दुष्कर्म का आरोप पीड़िता का आरोप है कि अगस्त 2025 में अमरीन का परिचित चंदन यादव उसे बहन से मिलाने के बहाने ले गया और धमकी देकर दुष्कर्म किया। बदनाम करने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद अलग-अलग समय पर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसे छोटे कपड़े पहनाकर शहर के पब और लाउंज में ले जाया जाता था और अनजान लोगों से मेलजोल बढ़ाने का दबाव बनाया जाता था। इसी दौरान उस पर धर्म परिवर्तन करने के लिए भी दबाव डाला गया। नशीला पदार्थ देने का आरोप नवंबर 2025 में अमरीन उसे गांधी नगर स्थित अब्बास नगर में अपने परिजनों से मिलाने ले गई। आरोप है कि वहां अमरीन के भाई बिलाल ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोशी की हालत में दुष्कर्म किया। अहमदाबाद में भी वारदात का आरोप पीड़िता का कहना है कि दिसंबर 2025 में उसे काम के बहाने अहमदाबाद ले जाया गया, जहां यासिर नाम के युवक से मिलवाया गया और वहां भी दुष्कर्म किया गया। जनवरी 2026 में वह भोपाल छोड़कर छत्तीसगढ़ में अपने मामा के घर चली गई। दूसरी युवती के संपर्क में आने के बाद शिकायत हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से एक अन्य युवती ने भी अमरीन और उसके साथियों पर इसी तरह के आरोप लगाए। इसके बाद पीड़िता भोपाल पहुंची और बागसेवनिया थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है। सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में NEET अभ्यर्थी की आत्महत्या, भांठागांव की अवधपुरी कॉलोनी में घटना

रायपुर। राजधानी के भांठागांव स्थित अवधपुरी कॉलोनी में रविवार को एक नीट अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान रायगढ़ जिले के रहने वाले पुष्पेंद्र पटेल के रूप में हुई है। मामला Raipur के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र भांठागांव में किराए के मकान में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने मकान की दूसरी मंजिल से गले में जीआई तार बांधकर छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की गई और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। कमरे की तलाशी ली गई है और कुछ सामान जब्त किया गया है। परिजनों को दी गई सूचना पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। आसपास के लोगों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, हालांकि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को लेकर मानसिक दबाव में था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर: दो अलग-अलग सड़क हादसों में 5 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को तेज रफ्तार ने पांच जिंदगियां छीन लीं। रायपुर और बिलासपुर जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में दोनों घटनाओं के पीछे तेज गति को मुख्य कारण माना जा रहा है। रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर पारागांव के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। टाटा विस्ता कार (CG 04 HD 2156) में सवार चार युवक महासमुंद से अपने रिश्तेदार को छोड़कर लौट रहे थे। वापसी के दौरान तेज रफ्तार के कारण चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर उछलकर बिजली के पोल से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में हर्ष कुमार देवांगन (21), राहुल देवांगन (20) और थानू सतनामी (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मिथलेश धीवर (23) गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू के मुताबिक, शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 📍 बिलासपुर में आमने-सामने टक्कर – 2 की मौत बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक रेलकर्मी समेत दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। जानकारी के अनुसार, भरवीडीह निवासी मनहरण कमल (61) रेलवे में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे और कोटा रेलवे स्टेशन पर तैनात थे। वे ड्यूटी के लिए निकले थे। जूना शहर के पास सामने से तेज रफ्तार में आ रही बाइक से उनकी बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरी बाइक पर शिव धनुहार (35) और कृष्णा धनुहार सवार थे, जो एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। टक्कर के बाद सभी सड़क पर गिर पड़े। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मनहरण कमल और शिव धनुहार की मौके पर ही मौत हो गई। कृष्णा धनुहार को पहले रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बिलासपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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5 दिन में सुधार का वादा, 42 दिन बाद भी हालात जस के तस: खारुन नदी में मिल रहा गंदा पानी

Raipur की जीवनदायिनी Kharun River में गंदे पानी का प्रवाह अब भी जारी है। 4 जनवरी को निरीक्षण के दौरान 5 दिन में सुधार का दावा किया गया था, लेकिन 42 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है। 261 करोड़ के एसटीपी बेअसर? शहर के अलग-अलग इलाकों से निकलने वाले सीवेज को रोकने के लिए 261 करोड़ रुपये की लागत से तीन एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाए गए थे। उद्देश्य था कि गंदा पानी सीधे खारुन नदी में न पहुंचे।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि चिंगरी नाला समेत अन्य स्थानों से गंदा पानी अब भी सीधे नदी में मिल रहा है। निरीक्षण में जताई गई थी नाराजगी 4 जनवरी को स्थानीय विधायक Rajesh Munat, महापौर Meenal Choubey और निगम आयुक्त Vishwadeep अधिकारियों के साथ चिंगरी नाला और चंदनीडीह एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान नदी में मिलते गंदे पानी को देखकर नाराजगी जताई गई और 5 दिन में व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था। सफाई और स्क्रीनिंग रॉड तक सीमित कार्रवाई निर्देश के बाद चिंगरी नाले की सफाई कराई गई और स्क्रीनिंग रॉड लगा दी गई। अधिकारियों का दावा है कि इससे कचरा रुकता है और पानी एसटीपी की ओर जाता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर अब भी नाले का गंदा पानी सीधे खारुन में मिलते देखा जा रहा है। क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि? विधायक राजेश मूणत का कहना है कि खारुन शहर की लाइफलाइन है और इसे स्वच्छ रखना सबकी जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि पिछली सरकार ने बिना ठोस प्लानिंग के प्लांट तैयार किया था। उन्होंने सुधार के लिए आवश्यक फंड देने की बात कही है। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि पाइपलाइन पर वॉल्व चैंबर बनाना जरूरी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और मॉनिटरिंग की जा रही है। निगम आयुक्त विश्वदीप के अनुसार, चैंबर वॉल्व निर्माण के प्रस्ताव पर स्टेट टीम सर्वे कर चुकी है और लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। सवाल अब भी कायम खारुन नदी शहर की पहचान और जलस्रोत दोनों है। ऐसे में इसका प्रदूषण चिंता का विषय बना हुआ है।

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दो साल का रिपोर्ट कार्ड: पीक आवर्स में बिजली बचाने पर मिलेगी छूट, रायपुर-बिलासपुर में लाइनें होंगी अंडरग्राउंड

राज्य के ऊर्जा विभाग ने अपने दो साल के कामकाज का ब्यौरा पेश करते हुए बिजली प्रबंधन से जुड़ी कई अहम योजनाओं की जानकारी दी। विभाग के अनुसार सुबह 5 से 8 बजे और शाम 5 से रात 11 बजे तक बिजली की मांग सबसे अधिक रहती है। इन पीक आवर्स में आपूर्ति का दबाव बढ़ने से पावर कंपनियों को निजी स्रोतों से 8–10 रुपये प्रति यूनिट तक की महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि इस अतिरिक्त खर्च को कम करने के लिए “टाइम ऑफ डे (TOD)” मॉडल लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत उपभोक्ताओं को पीक समय में खपत कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यदि उपभोक्ता निर्धारित समय में उपयोग घटाते हैं तो उन्हें मासिक बिल में 2 से 3 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है। विभाग उपभोक्ताओं को मैसेज और जागरूकता अभियानों के माध्यम से भारी खपत वाले उपकरण—जैसे वॉशिंग मशीन और प्रेस—का उपयोग पीक समय में टालने की सलाह देगा। सौर ऊर्जा उत्पादन सुबह-शाम कम होने से ग्रिड पर दबाव बढ़ता है। इसी को संतुलित करने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिनसे हर आधे घंटे और प्रतिदिन की खपत की जानकारी मिल रही है। उपभोक्ता “मोर बिजली” एप के जरिए अपनी बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं और अनावश्यक उपयोग कम कर सकते हैं। रायपुर और बिलासपुर में अंडरग्राउंड होंगी बिजली लाइनें राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में बिजली लाइनों को भूमिगत करने की बड़ी योजना बनाई गई है। रायपुर में 5394 किमी लाइन को अंडरग्राउंड करने पर लगभग 7600 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि बिलासपुर में 2150 किमी लाइन को करीब 3100 करोड़ रुपये में भूमिगत किया जाएगा। रायपुर के नयापारा में 18 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला जीआईएस आधारित 33 केवी सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा। साथ ही 2027-28 तक 2000 मेगावॉट क्षमता का बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाने की योजना है, जिसमें से 1260 मेगावॉट के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। इससे दिन में सौर ऊर्जा से बनी बिजली का उपयोग रात में किया जा सकेगा। 524 गांवों में ग्रिड विस्तार के जरिए बिजली पहुंचाई जाएगी। कोरबा में राखड़ बांध पर 32 मेगावॉट की सौर परियोजना (बैटरी स्टोरेज सहित) स्थापित करने की भी तैयारी है। एनटीपीसी के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं ऊर्जा विभाग ने बताया कि करीब 2000 मेगावॉट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए NTPC Green Energy Limited और राज्य की पावर जनरेशन कंपनी के साथ संयुक्त कंपनी बनाई गई है। इसके अलावा सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों के सहयोग से 32100 मेगावॉट क्षमता के बिजली संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। ऊर्जा सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में विकसित करना लक्ष्य है। इस अवसर पर वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह, ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राजेश कुमार शुक्ला और जनरेशन कंपनी के एमडी संजीव कुमार कटियार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व, प्रो. मनोज दयाल बने कुलपति

छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल गया है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए प्रोफेसर मनोज दयाल की कुलपति पद पर नियुक्ति की घोषणा की है। प्रोफेसर मनोज दयाल वर्तमान में हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग से जुड़े हुए हैं। वे लंबे समय से मीडिया शिक्षा और अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम 2004 तथा संशोधित अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुलपति का कार्यकाल, सेवा शर्तें और अधिकार संबंधित अधिनियम के नियमों के अनुरूप होंगे। नई नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी और पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शोध, प्रशिक्षण और मीडिया अध्ययन से जुड़ी गतिविधियों में भी नई ऊर्जा आने की संभावना जताई जा रही है।

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