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धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिल पा रहे किसान: ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप बंद, ऑपरेटरों की हड़ताल से अटकी खरीदी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन किसानों के लिए यह प्रक्रिया फिलहाल मुश्किलों से भरी दिख रही है। धान बेचने के लिए जरूरी ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप कई दिनों से काम नहीं कर रहा और कंप्यूटर ऑपरेटरों की राज्यव्यापी हड़ताल ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। नतीजा — किसानों का न तो पंजीयन हो पा रहा है, न ही टोकन जारी किए जा रहे हैं। ऐप ठप, पंजीयन प्रक्रिया ठप धान बेचने के लिए पहले किसानों को एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन करना पड़ता है, जिसके बाद ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप से टोकन लिया जाता है। लेकिन इन दिनों ऐप लॉगइन नहीं हो रहा। यूजर्स को “टोकन पंजीयन फिलहाल बंद है” का संदेश दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐप का नया संस्करण अभी तक प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, जिससे सर्वर कनेक्शन बाधित हो गया है। लाखों किसान पंजीयन से वंचित प्रदेश के 7 लाख से अधिक किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं। तकनीकी खराबियों, डेटा त्रुटियों और खसरा-खतौनी के मिलान में समस्या के कारण कई आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। कई जिलों में वेबसाइट घंटों तक डाउन रहने से किसानों को सोसायटी और साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से बढ़ी दिक्कत प्रदेशभर के कंप्यूटर ऑपरेटर वेतनवृद्धि, नियमितीकरण और चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे 19 नवंबर को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। अगस्त में भी हड़ताल के कारण पंजीयन कार्य ठप पड़ा था, और अब खरीदी से ठीक पहले वही स्थिति दोबारा बन गई है। किसानों ने मांगी वैकल्पिक व्यवस्था भारतीय किसान संघ के तेजराम विद्रोही ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीयन या टोकन नहीं हो पा रहा, उन्हें सोसायटी स्तर पर ऑफलाइन पंजीयन की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में हजारों किसान खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। नए नियमों से और बढ़ी परेशानी इस बार धान विक्रय के लिए किसानों को रकबा सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि डिजिटल गिरदावरी सर्वे के बाद यह प्रक्रिया दोबारा कराना बेवजह का झंझट है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है — जब पंजीयन और टोकन दोनों अटके हैं, तो 15 नवंबर से धान खरीदी आखिर कैसे शुरू होगी?

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रायपुर: शादी समारोह में मेहमान बनकर चोरी — स्टेज पर फोटो खिंचवाते रहे लोग, पीछे से शगुन का बैग और नकदी ले उड़े युवक

रायपुर के गुढ़ियारी इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में दो युवक मेहमान बनकर पहुंचे और मौका मिलते ही शगुन का बैग, कैश और चांदी की मूर्तियां चुरा ले गए। यह वारदात ओशो भवन मैरिज गार्डन में हुई थी, और पूरी घटना शादी के वीडियोग्राफर के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लाल शर्ट पहना एक युवक चोरी करते हुए नजर आ रहा है, जबकि उसी समय स्टेज पर मेहमान फोटो खिंचवा रहे थे। पुलिस के अनुसार, 6 नवंबर को राजपूत परिवार के विवाह समारोह के दौरान यह चोरी हुई। सभी लोग जश्न में व्यस्त थे और इसी बीच आरोपियों ने टेंट का कपड़ा काटकर पीछे से वारदात को अंजाम दिया। जब घरवालों ने देखा कि शगुन का बैग और अन्य सामान गायब हैं, तो उन्होंने तुरंत गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता नितेश राजपूत ने बताया कि उनकी पत्नी का पर्स चोरी हो गया था, जिसमें नकदी, मोबाइल फोन और शादी के गिफ्ट रखे हुए थे। पुलिस ने जांच के दौरान ओशो भवन और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की और शादी के वीडियोग्राफर की रिकॉर्डिंग भी खंगाली। इसी रिकॉर्डिंग में एक आरोपी की हरकतें सामने आईं। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन मानिकपुरी उर्फ लल्ला (19), निवासी नर्मदापारा और किशन साहू (21), निवासी चूना भट्‌टी, रायपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से चोरी का सामान — चांदी की मूर्ति, बिछिया, ₹14,600 नकद, मोबाइल और पर्स — कुल मिलाकर लगभग ₹60,000 की संपत्ति जब्त की है। गुढ़ियारी थाना प्रभारी बीएल चंद्राकर ने बताया कि शादी के वीडियोग्राफर की रिकॉर्डिंग इस केस को सुलझाने में सबसे अहम सबूत साबित हुई। समय पर कार्रवाई से दोनों चोरों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया गया।

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हाईकोर्ट वकील की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल: बिलासपुर में अधिवक्ताओं ने कलेक्टर-एसएसपी से की मुलाकात, स्पेशल जांच टीम की मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के अधिवक्ता राहुल अग्रवाल की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिजन और वकील साथी इसे संदिग्ध मृत्यु मान रहे हैं। सोमवार को अधिवक्ताओं ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की। वकीलों ने कहा कि राहुल अग्रवाल एक होनहार अधिवक्ता थे। घटना की रात करीब 1 बजे वे अपने सहयोगी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। कुछ घंटे बाद उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास खड़ी मिली, जबकि राहुल लापता थे। 22 घंटे बाद मिला शव, शरीर पर चोट के निशान करीब 22 घंटे बाद राहुल का शव अरपा नदी में मिला। शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए, जिससे यह मामला और अधिक संदिग्ध हो गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती — संभव है कि राहुल की मौत किसी अप्राकृतिक या आपराधिक कारण से हुई हो। निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों की पड़ताल की मांग अधिवक्ताओं ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात के दौरान कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल टीम गठित की जाए। उन्होंने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों की गहराई से जांच हो। वकीलों ने यह भी कहा कि जांच में लापरवाही से न केवल मृतक के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठेंगे। जानिए पूरा घटनाक्रम भाटापारा निवासी राहुल अग्रवाल (30) पिता सुरेश अग्रवाल, पिछले 7-8 साल से मंगला के ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। गुरुवार को वे रोज की तरह हाईकोर्ट में पेशी के बाद अपने दोस्तों मुकेश राठिया और अभिषेक आचार्य से मिले। तीनों ने पहले ट्रांसपोर्ट नगर में पार्टी की, फिर मुकेश के मोपका स्थित घर पहुंचे। देर रात तक सब साथ थे, लेकिन अगले दिन सुबह तक राहुल अपने घर नहीं लौटे। अगले दिन उनकी बाइक पुल के पास मिली और 22 घंटे बाद उनका शव नदी से बरामद किया गया। अब अधिवक्ताओं और परिवार का कहना है कि घटना के पीछे साजिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला: ब्रीथ एनालाइजर में 61 एमजी शराब, कोर्ट ने लगाया ₹60 हजार का जुर्माना

रायपुर। राजधानी रायपुर में देर रात नशे में डीजे वाहन चलाना एक चालक को महंगा पड़ गया। पुलिस की कार्रवाई में चालक की सांस की जांच के दौरान 61 एमजी शराब पाए जाने पर अदालत ने चालक और वाहन स्वामी दोनों पर कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया है। घटना लाखे नगर चौक की है, जहां पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने एक माजदा डीजे वाहन को लहराते हुए चलते देखा। रोकने पर चालक की हालत संदिग्ध लगी, जिसके बाद ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया गया। रिपोर्ट में शराब की मात्रा कानूनी सीमा से कहीं अधिक पाई गई। वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन भी पाया गया पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वाहन को बिना अनुमति मॉडिफाई किया गया था। डीजे सिस्टम को गाड़ी की बॉडी के बाहर वेल्डिंग से फिट किया गया था। इतना ही नहीं, वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी समाप्त हो चुका था। पुलिस ने चालक गोपीराम मनहरे और वाहन स्वामी बीना कौशिक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने चालक पर ₹55 हजार और वाहन स्वामी पर ₹5 हजार का जुर्माना लगाया। पुलिस की चेतावनी रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नशे में वाहन न चलाएं। पुलिस ने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाना सड़क हादसों का बड़ा कारण है। साथ ही, बिना अनुमति वाहन में तकनीकी बदलाव या असुरक्षित डीजे फिटिंग करवाना भी कानूनी अपराध है।

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रायपुर में आधी रात धरना: अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों के परिजन बैठे कलेक्ट्रेट के बाहर

रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार देर रात अनुकंपा नियुक्ति संघ की महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गईं। यह प्रदर्शन रात करीब 11 बजे से शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। धरने में शामिल महिलाएं उन दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार से हैं, जिनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिजनों को अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद सभी पात्र परिजनों को जल्द अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन सरकार बने महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में लगभग 1200 दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन इस नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से हुई थी मुलाकात अक्टूबर में अनुकंपा नियुक्ति संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धरने पर बैठी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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अमित बघेल पर 5 हजार का इनाम घोषित: हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत पर कैविएट, रायपुर में लगातार छापेमारी

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और दावा किया है कि वह जल्द गिरफ्त में होंगे। बताया जा रहा है कि बघेल रायपुर में अपने परिचितों के घरों में छिपे हुए हैं ताकि गिरफ्तारी से बच सकें। इसी बीच पुलिस ने हाईकोर्ट में एक कैविएट याचिका दाखिल की है, ताकि अगर अमित बघेल अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करें, तो कोर्ट बिना सरकारी पक्ष को सुने कोई राहत न दे। 🔸 राजनीतिक बयानबाजी तेज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अब तक सरकार या किसी मंत्री की ओर से अमित बघेल की गिरफ्तारी पर कोई बयान नहीं आया है। इस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल क्षेत्रीयता का जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और अपना एजेंडा चला रहे हैं। 🔸 पुलिस रेड और जांच अभियान 9 अक्टूबर को पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता शिवेंद्र वर्मा (सड्डू) और अजय यादव (धरमनगर, टिकरापारा) के घर पर छापे मारे थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग, धमतरी, इंदौर, नोएडा, प्रयागराज और महाराष्ट्र में भी पुलिस टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। ⚖️ मूर्ति विवाद से शुरू हुआ मामला 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना हुई थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसने नशे की हालत में यह वारदात की थी। घटना के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने विरोध प्रदर्शन किया और अगले दिन उनके प्रमुख अमित बघेल ने विवादित बयान दिया। 27 अक्टूबर को बघेल ने अग्रसेन महाराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनके बयान में कहा गया – “कौन है अग्रसेन महाराज, चोर या झूठा?” इस बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा में समाज के प्रतिनिधियों ने FIR दर्ज कराई। 🔸 समाजों का आक्रोश और बयान अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि अग्रसेन महाराज का अपमान असहनीय है। उन्होंने बघेल से माफी की मांग की और समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के कई प्रतिष्ठान और संस्थान अग्रवाल परिवारों के सहयोग से बने हैं। सिंधी समाज के नेताओं ने भी बघेल के बयान पर नाराजगी जताई। रायपुर सिटी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। 🔸 हिंदुस्तानी भाऊ का रिएक्शन ‘बिग बॉस 13’ फेम हिंदुस्तानी भाऊ (विकास पाठक) ने भी वीडियो जारी कर बघेल के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, “अमित बघेल जैसे लोग हिंदू धर्म की छवि खराब करते हैं। सिंधी समाज शांतिप्रिय है, उन्हें पाकिस्तान जाने की बात कहना शर्मनाक है।” 🕉️ छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा की पृष्ठभूमि तेलीबांधा तालाब के पास स्थित छत्तीसगढ़ महतारी उद्यान में मुख्य प्रतिमा 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थापित की थी। यह मातृत्व, गौरव और राज्य की संस्कृति का प्रतीक मानी जाती है। इस प्रतिमा से प्रेरित होकर राज्य के 33 जिलों में ऐसी ही मूर्तियां लगाने की घोषणा की गई थी।

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मैनपाट में पारा 4 डिग्री पर पहुंचा: ओस की बूंदें बनीं बर्फ, छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर का असर

छत्तीसगढ़ में ठंड ने दस्तक दे दी है। मैनपाट में तापमान घटकर 4°C तक पहुंच गया, जहां घास पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गई हैं। राज्य के उत्तरी हिस्सों — पेंड्रा और अंबिकापुर में भी लोगों को सुबह-शाम अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां रात का तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री कम होकर 10.2°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क रहेगा। राज्य में अधिकतम तापमान 30.8°C (दुर्ग) और न्यूनतम 8.6°C (अंबिकापुर) रिकॉर्ड किया गया। 🌫️ मलेरिया का खतरा बढ़ा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. विकास अग्रवाल (एमडी, मेडिसिन) ने बताया कि ऐसे मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे संक्रमण की संभावना अधिक रहती है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि शाम के बाद घर के आसपास मच्छरदानी, कॉइल या लिक्विड का उपयोग करें और पानी जमा न होने दें। बच्चों और बुजुर्गों को पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। सावधानी के उपाय: 🌾 किसानों और आम जनता के लिए मौसम संकेत 🦟 मलेरिया संक्रमण का बढ़ता खतरा मौसम विभाग की हेल्थ एडवाइजरी के मुताबिक, 7 से 11 नवंबर के बीच भारत के कई राज्यों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ में भी तापमान 14–19°C (रात) और 33–39°C (दिन) के बीच बना हुआ है — जो मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थिति है। राज्य में Plasmodium Vivax प्रकार के मलेरिया के बढ़ने की संभावना अधिक बताई गई है। ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में यह खतरा ज्यादा है। 🌧️ बारिश का रिकॉर्ड इस साल अक्टूबर में छत्तीसगढ़ में औसत से 59% अधिक बारिश दर्ज की गई।1 से 26 अक्टूबर के बीच 89.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत इससे काफी कम होता है।

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यौन उत्पीड़न केस में फंसे IG रतनलाल डांगी हटाए गए: SI की पत्नी की शिकायत के बाद PHQ अटैच, अजय यादव को मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ पुलिस अकादमी, चंदखुरी में तैनात IG रतनलाल डांगी को यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद उनके पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर में अटैच किया गया है। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। डांगी की जगह अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय यादव को चंदखुरी पुलिस अकादमी का नया निदेशक बनाया गया है। अजय यादव इससे पहले नारकोटिक्स विभाग में पदस्थ थे। यह कार्रवाई तब हुई जब SI की पत्नी ने IG रतनलाल डांगी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। विभागीय जांच लगभग 14 दिन चली, जिसके बाद गृह विभाग ने यह कदम उठाया। जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को सौंपी गई IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में IG आनंद छाबड़ा कर रहे हैं। जांच टीम ने महिला से बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। महिला के बयान दर्ज करने के बाद डांगी से पूछताछ की जाएगी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लग सकता है। क्या है पूरा मामला? पीड़िता, जो एक SI की पत्नी है, ने 15 अक्टूबर 2025 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2017 में उसकी पहचान रतनलाल डांगी से कोरबा में हुई थी, जब वे वहां एसपी के पद पर थे। शुरुआत सोशल मीडिया के ज़रिए हुई बातचीत आगे बढ़ती गई। महिला ने आरोप लगाया कि दंतेवाड़ा में पदस्थ रहते हुए वह उन्हें वीडियो कॉल के ज़रिए योग सिखाती थी। लेकिन, बाद में जब डांगी राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बने, तो उन्होंने परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर में तैनाती के दौरान यह उत्पीड़न और बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, IG डांगी अक्सर उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे। मना करने पर तबादले की धमकी देते थे। यहां तक कि चंदखुरी अकादमी में तबादले के बाद भी वह दिनभर वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव डालते थे। महिला ने कहा कि उसके पास कई डिजिटल सबूत मौजूद हैं। डांगी बोले – “यह मुझे बदनाम करने की साजिश” IG रतनलाल डांगी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। उन्होंने बताया कि इस महिला के खिलाफ पहले भी उन्होंने सीनियर अधिकारियों को शिकायत दी थी। डांगी का दावा है कि महिला ने उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह शिकायत की है और वह पहले भी इस तरह के विवादों में शामिल रह चुकी है। महिला के खिलाफ भी पुराने आरोप डांगी के परिजनों ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध रहा है। वह धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में पहले भी फंसी रही है। परिजनों ने दावा किया कि उनके पास महिला के पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेज और बयान मौजूद हैं, जिन्हें अब जांच में शामिल किया जा सकता है। Chhattisgarh Police, IG Ratanlal Dangi, Sexual Harassment Case, Ajay Yadav, Police Academy Chandkhuri, PHQ Raipur, IPS News, Chhattisgarh News

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गुरुवार से बीएलओ करेंगे फुल फील्ड वर्क: फार्म देर से मिलने से पहले दिन केवल 10% मतदाताओं तक पहुंच

रायपुर। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। हालांकि पहले दिन कई जगहों पर बीएलओ को फार्म देर से मिलने की वजह से अभियान की रफ्तार धीमी रही। अनुमान के मुताबिक केवल 10% बीएलओ ही फील्ड पर उतर सके। इन बीएलओ ने भी महज 10-12 घरों तक ही पहुंच बनाई, क्योंकि मतदाता सूची को क्रमवार जमाने और संबंधित घर ढूंढने में काफी समय लग गया। बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी के चलते अब पूरा अभियान गुरुवार से गति पकड़ने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। बीएलओ को एक पेज का फार्म दिया गया है, जिसमें मतदाताओं से व्यक्तिगत जानकारी ली जाएगी। इस वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार मानकर मिलान किया जा रहा है। 22 सालों में जो मतदाता अन्य जगह शिफ्ट हुए हैं या परिसीमन के चलते बूथ बदले हैं, उनका विवरण अपडेट किया जाएगा। बीएलओ बोले — “समझ न आए तो छोड़ दो, मैं फिर आऊंगी” राजातालाब नई बस्ती में मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे बीएलओ सुनीला फ्रैंक्लिन हाथ में फार्म लेकर घर-घर जाती दिखीं। उन्होंने मतदाताओं से कहा — “जिसका फार्म है, वह रंगीन फोटो, आधार नंबर, मोबाइल और जन्मतिथि लिख दे। जो समझ न आए, उसे छोड़ देना, मैं वापस आऊंगी।” फ्रैंक्लिन ने बताया कि वे फार्म स्कैन भी करती हैं ताकि सिस्टम में अपडेट रहे। फार्म स्कैन होते ही एप में नाम रेड से ब्लू हो जाता है, और दोबारा स्कैन करने पर ग्रीन — यानी प्रक्रिया पूरी। 15 वर्षों से बीएलओ ड्यूटी निभा रहीं सुनीला फ्रैंक्लिन की इलाके में अच्छी पहचान है। पूरे प्रदेश में इसी तरह अनुभवी शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है ताकि पुनरीक्षण कार्य सुचारू रूप से चले। घर बंद मिलने पर नोटिस चिपकाएंगे बीएलओ यदि किसी घर पर ताला मिला तो बीएलओ वहां नोटिस चिपकाकर तीन बार विज़िट करेंगे। तीसरी बार भी घर बंद मिलने पर वे रिपोर्ट आयोग को सौंप देंगे।

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सुकमा में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री तबाह, 17 राइफल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के गोमगुड़ा इलाके में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों ने नक्सलियों द्वारा बनाई गई अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है।जानकारी के अनुसार, सोमवार को मिले गोपनीय इनपुट के बाद डीआरजी की टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें यह फैक्ट्री मिली। फैक्ट्री से 17 चालू राइफलें, हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले मशीन, टूल्स, गन पार्ट्स और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि नक्सलियों ने इस फैक्ट्री का इस्तेमाल अपनी सशस्त्र ताकत बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर कंट्रीमेड हथियार तैयार करने के लिए किया था। नक्सलियों का नया वीडियो वायरल: डीआरजी जवानों को बताया ‘गद्दार’ दंतेवाड़ा जिले से एक नया नक्सली वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नक्सली गोंडी भाषा में गीत गाकर डीआरजी जवानों को ‘गद्दार’ कह रहे हैं। वीडियो में कांकेर और जगदलपुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के दृश्य भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अब अपने साथियों को आत्मसमर्पण से रोकने के लिए प्रचार अभियान चला रहे हैं। इसके तहत एरिया कमेटियों से चेतावनी पत्र जारी किए जा रहे हैं और नाट्य मंडलियों के जरिए गांवों में प्रचार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को प्रभावित किया जा सके। आत्मसमर्पण का बढ़ता सिलसिला पिछले एक साल में 545 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ दी, जबकि 454 नक्सली गिरफ्तार किए गए। अलग-अलग मुठभेड़ों में 64 नक्सली मारे गए हैं। पुलिस लगातार बच बचे नक्सलियों पर दबाव बना रही है। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास योजना के तहत बेहतर जीवन व रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, वे जल्द आत्मसमर्पण करें।

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