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रायपुर की किरण निषाद बनीं ‘बिजनेस दीदी’, कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर से बनीं आत्मनिर्भर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम नगपुरा की रहने वाली किरण निषाद महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने प्रयास और सरकारी योजनाओं के सहयोग से खुद का व्यवसाय खड़ा किया और अब अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में चल रही इस योजना से कई महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इसी पहल के तहत किरण निषाद ने भी अपना व्यवसाय शुरू किया। किरण निषाद वर्ष 2014 से बिहान समूह से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन के सहयोग से उन्होंने अपने गांव में कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की, जिससे न केवल उन्हें रोजगार मिला बल्कि आसपास की महिलाओं को भी सुविधाएं मिलने लगीं। किरण बताती हैं कि इस व्यवसाय से उन्हें हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख रुपए तक की आय हो जाती है। इस कमाई से वह अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के खर्चों में मदद कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला, जिसके लिए वह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की इस तरह की योजनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

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महिला दिवस पर सीएम विष्णु देव साय ने साझा किए निजी अनुभव, कहा– पिता के निधन के बाद मां बनीं सबसे बड़ी ताकत

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने जीवन के कई व्यक्तिगत पहलुओं और महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली और वही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह महज 10 साल के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। उस कठिन समय में उनकी मां ने पिता और मां दोनों की जिम्मेदारी निभाते हुए परिवार को संभाला और बच्चों की परवरिश की। उन्होंने कहा कि उनकी मां की मेहनत और संघर्ष से ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। सीएम साय ने बताया कि 26 वर्ष की उम्र में जब वह विधायक बने, तब उनकी पत्नी ने घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल ली। इससे उन्हें राजनीति में पूरी तरह ध्यान देने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में किसी भी बड़े फैसले से पहले सभी की राय ली जाती है और घर की महिलाएं हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के समय में महिलाएं अधिकतर घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। स्व-सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में करीब 8 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाना है। बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। सीएम साय ने मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि पहले वह घर के सभी सदस्यों के कपड़े खुद खरीदते थे, लेकिन पिछले लगभग 10 वर्षों से व्यस्तता बढ़ने के कारण अब उनके ज्यादातर कपड़े उनकी पत्नी ही खरीदती हैं।

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छत्तीसगढ़ के 400 बच्चे अब भी लापता, देशभर में 33 हजार से ज्यादा केस; लड़कियों की संख्या अधिक

देश में बच्चों के लापता होने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ से अब भी 400 बच्चे लापता हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने ढूंढ लिया है। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ से कुल 982 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया है, लेकिन 400 बच्चे अभी भी लापता हैं। लापता बच्चों के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे लापता हुए हैं। इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में ज्यादा बताई गई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लापता होने के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में पहले स्थान पर है। यहां कुल 19,145 बच्चे लापता हुए। इनमें से 15,465 बच्चों को खोज लिया गया, जबकि 3,680 बच्चे अब भी नहीं मिल सके हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां इस अवधि में 4,256 बच्चे लापता हुए। इनमें से 1,059 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। कुछ राज्यों में दर्ज नहीं हुए मामले रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

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रायपुर के 70 गांवों में मशहूर ‘ड्रोन वाली दीदी’: 10 मिनट में एक एकड़ खेत में करती हैं कीटनाशक का छिड़काव

रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम नगपुरा में इन दिनों एक महिला अपनी अलग पहचान बना रही हैं। खेतों में ड्रोन उड़ाकर कीटनाशक का छिड़काव करने वाली चंद्रकली वर्मा अब आसपास के गांवों में “ड्रोन वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। आधुनिक तकनीक के जरिए वे किसानों का समय और मेहनत दोनों बचा रही हैं। सुबह के समय जब खेतों में हल्की धूप होती है, तब चंद्रकली वर्मा अपने ड्रोन के साथ खेतों में पहुंच जाती हैं। खेत के किनारे खड़े होकर रिमोट कंट्रोल से ड्रोन उड़ाती हैं और कुछ ही मिनटों में पूरा खेत कीटनाशक से कवर हो जाता है। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिली नई पहचान चंद्रकली वर्मा नवंबर 2023 में नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़ी थीं। इसके बाद दिसंबर 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश में ड्रोन संचालन और खेती में इसके उपयोग की ट्रेनिंग ली। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने अपने गांव और आसपास के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव की सेवा शुरू की। शुरुआत में यह काम सीमित क्षेत्र तक ही था, लेकिन धीरे-धीरे किसानों को ड्रोन तकनीक का फायदा समझ में आने लगा। इसके बाद आसपास के गांवों से भी किसानों ने उनसे संपर्क करना शुरू कर दिया। 10 मिनट में एक एकड़ खेत में छिड़काव जहां पहले मजदूरों के जरिए कीटनाशक छिड़काव में काफी समय और मेहनत लगती थी, वहीं ड्रोन तकनीक से यह काम बहुत तेजी से हो रहा है। ड्रोन की मदद से महज 10 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव हो जाता है। इससे दवा भी सही मात्रा में पूरे खेत में समान रूप से पहुंचती है। अब 70 गांवों के किसानों को दे रही सेवा ड्रोन से छिड़काव की मांग बढ़ने के साथ चंद्रकली वर्मा का काम भी लगातार बढ़ता गया। अब वे करीब 40 किलोमीटर के दायरे में आने वाले लगभग 70 गांवों के किसानों को यह सुविधा दे रही हैं। खरीफ और रबी सीजन के दौरान काम ज्यादा होने पर उन्हें कई बार दिन में दो शिफ्ट में भी काम करना पड़ता है। सीजन में डेढ़ लाख रुपये तक कमाई ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव के लिए चंद्रकली वर्मा को प्रति एकड़ लगभग 300 रुपये मिलते हैं। बढ़ते काम के साथ उनकी आय में भी इजाफा हुआ है और अब वे एक सीजन में करीब डेढ़ लाख रुपये तक कमा लेती हैं। काम बढ़ने के बाद उन्होंने अपने साथ तीन अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है। घर और काम दोनों की जिम्मेदारी चंद्रकली वर्मा घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने काम को भी पूरी लगन से निभा रही हैं। सुबह घर का काम खत्म करने के बाद वे खेतों की ओर निकल जाती हैं। उनका कहना है कि ड्रोन तकनीक ने उनकी जिंदगी बदल दी है और इससे किसानों को भी आधुनिक खेती का फायदा मिल रहा है। क्या है नमो ड्रोन दीदी योजना नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर की एक लाख महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसे कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना है। इससे खेती की लागत कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।

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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का नया पता तय, सिविल लाइंस के C-3 बंगले से होगा संचालन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय का स्थायी पता बदल दिया गया है। अब से रायपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय सिविल लाइंस स्थित C-3 बंगले से संचालित होगा। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले इसी नए कार्यालय से राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे। जानकारी के मुताबिक C-3 बंगला वही परिसर है, जहां पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का निवास था। राज्य शासन के निर्णय के बाद इस बंगले को अब पूरी तरह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के रूप में विकसित कर दिया गया है। आज से नए कार्यालय में कामकाज शुरू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में इसका संचालन अस्थायी रूप से पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय से किया जा रहा था। अब जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने C-3 बंगले में स्थित नए कार्यालय से कामकाज शुरू कर दिया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले भी इसी परिसर से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। जगह और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय में पर्याप्त जगह की कमी और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए नए और सुरक्षित परिसर की जरूरत महसूस की जा रही थी। सिविल लाइंस का C-3 बंगला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहां से कानून-व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

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छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा का नाम तय, भाजपा ने जताया भरोसा

भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने एक अनुभवी और संगठन से जुड़ी जमीनी नेता को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर काफी सक्रिय और प्रभावशाली रहा है। वे भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुकी हैं। इसके अलावा रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने एक समर्पित कार्यकर्ता की पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर बधाई दी है। दोनों नेताओं ने उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे राज्यसभा में प्रदेश का सशक्त पक्ष रखेंगी। भाजपा के इस निर्णय को महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ में कृषि महाविद्यालय के भूमिपूजन में बवाल, मंत्री-MLA की मौजूदगी में मंच पर भिड़े भाजपाई

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धोंधा में कृषि महाविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं के बीच मंच पर ही तीखा विवाद हो गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम और प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते मौजूद थे। मंच पर कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ देर तक चर्चा का विषय बना रहा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 14.91 करोड़ की लागत से बनेगा कृषि महाविद्यालय शासन ने सूरजपुर जिले के धोंधा गांव में लगभग 14.91 करोड़ रुपये की लागत से कृषि महाविद्यालय निर्माण की स्वीकृति दी है। इसी परियोजना के भूमिपूजन के लिए मंत्री रामविचार नेताम, विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी कार्यक्रम में पहुंचे थे। मंच पर कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और प्रतापपुर मंडल अध्यक्ष के बीच कहासुनी हो गई। बताया गया कि एक नेता को मंच से उठने के लिए कहा गया, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और अमर्यादित भाषा का प्रयोग भी हुआ। स्थिति तनावपूर्ण होती देख मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। मंत्री ने विधायक के आने से पहले किया भूमिपूजन सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के पहुंचने से पहले ही कार्यक्रम स्थल पर आ गए थे। मंत्री समर्थकों ने उनकी व्यस्तता का हवाला देते हुए भूमिपूजन प्रक्रिया शुरू करा दी, जबकि विधायक समर्थक उनके आने का इंतजार करने की बात कह रहे थे। इसी को लेकर दोनों पक्षों में असहमति देखने को मिली। हालांकि कुछ देर बाद विधायक भी कार्यक्रम में शामिल हो गईं। वीडियो वायरल, पार्टी की छवि पर असर पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान हुए इस विवाद ने पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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रायपुर पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप

रायपुर की राजधानी क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब पासपोर्ट कार्यालय को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। ई-मेल में 12 बम लगाने का दावा पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह पासपोर्ट कार्यालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक संदेश प्राप्त हुआ। मेल भेजने वाले ने स्वयं को तमिलनाडु का निवासी बताया और लिखा कि उसकी बात न पुलिस सुन रही है और न ही उसे न्यायालय से राहत मिल रही है। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उसने दोपहर तक कार्यालय को 12 बमों से उड़ाने की धमकी दी। परिसर खाली कराया गया, बम और डॉग स्क्वाड की जांच धमकी भरा मेल मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को खाली करवा लिया गया। एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड को भी बुलाया गया। पूरे भवन और आसपास के इलाके की सघन तलाशी ली गई। जांच में नहीं मिला कोई विस्फोटक लंबी जांच के बाद परिसर में किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया शरारत या फर्जी धमकी का प्रतीत होता है, लेकिन इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धमकी देने और अफवाह फैलाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस के आधार पर आरोपी की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।

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बिजली कर्मचारियों को होली का तोहफा: 2700 अधिकारियों को 3 करोड़ तक का बीमा कवरेज, बैंक ऑफ बड़ौदा से हुआ समझौता

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी ने अपने कर्मचारियों को होली से पहले बड़ा लाभ दिया है। कंपनी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ एक महत्वपूर्ण अनुबंध (एमओयू) किया है, जिसके तहत करीब 2700 अधिकारी और कर्मचारियों को उन्नत बैंकिंग सुविधाएं और उच्च बीमा कवरेज मिलेगा। इस समझौते पर कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार और बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि देवाकर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बैंक के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कर्मचारियों के हित में विशेष पैकेज जनरेशन कंपनी के मुख्यालय, हसदेव ताप विद्युत गृह, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह और अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र में कार्यरत कुल 2700 कर्मचारियों को इस समझौते का सीधा लाभ मिलेगा। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह पहल कर्मचारियों की मांग पर की गई है ताकि उन्हें एक ही बैंक में सैलरी पैकेज के साथ आधुनिक और किफायती सुविधाएं मिल सकें। बीमा और लोन सुविधा समझौते के तहत कर्मचारियों को 12 लाख रुपये तक का सामान्य बीमा कवर मिलेगा। इसके अतिरिक्त दुर्घटना या विमान दुर्घटना की स्थिति में 1 से 2 करोड़ रुपये तक का कवरेज प्रदान किया जाएगा। कुल मिलाकर कुछ स्थितियों में 3 करोड़ रुपये तक का सुरक्षा कवच उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे वित्तीय रूप से अधिक सुरक्षित रह सकें। कंपनी प्रबंधन ने इसे कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में पक रहा था खाना, प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही; IRCTC से मांगा गया जवाब

रेलवे बोर्ड द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों की पेंट्रीकार में खाना पकाने पर रोक के बावजूद बिलासपुर स्टेशन पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में स्टाफ को भोजन बनाते पाया गया। खास बात यह रही कि मौके पर IRCTC से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे जब राजधानी एक्सप्रेस की रैक प्लेटफॉर्म पर लगी, तब कुछ मीडिया कर्मियों ने पेंट्रीकार का निरीक्षण किया। अंदर तीन हीटर पर बर्तन चढ़े थे, जिनमें दाल और चावल पक रहे थे। एक बर्तन में पानी उबल रहा था, जबकि उबले हुए आलू, कटे हुए बैंगन और कच्ची सब्जियां भी रखी थीं। पैकेट में बंद रोटियां और अन्य सामग्री भी पाई गई। इस दौरान सीसीआई मनोज साहा और स्टेशन मास्टर ओझा मौके पर पहुंचे और जांच की। पूछताछ में पेंट्रीकार स्टाफ ने बताया कि भोजन स्टाफ के लिए तैयार किया जा रहा था। पेंट्रीकार के मैनेजर ने खुद को IRCTC दिल्ली से जुड़ा अधिकारी बताया, जो ट्रेन के साथ यात्रा करता है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कुछ ट्रेनों की पेंट्रीकार में गैस सिलेंडर से आग लगने की घटनाओं के बाद रेलवे बोर्ड ने सख्ती बरतते हुए एक्सप्रेस ट्रेनों में खाना पकाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियम के अनुसार भोजन बेस किचन से तैयार होकर ही ट्रेन में लोड किया जाना चाहिए। इस मामले में रेलवे प्रशासन ने IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही घटना की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी एक्सप्रेस में सामने आए मामले की भी अलग से जांच की जा रही है।

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