Political

बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल, हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों से संबंधित मामलों के निपटारे में पुलिस की प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने राज्य के सभी थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और बच्चों की आपातकालीन हेल्पलाइन 1098 की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नर सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश भेजे गए हैं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती। कई बार तो स्वयं पुलिसकर्मियों को भी यह जानकारी नहीं रहती। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारियों के स्थानांतरण के बाद कई बार नए बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी लंबे समय तक अपडेट नहीं हो पाती। इसके अलावा कुछ मामलों में जिला स्तर पर गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई की जानकारी भी थानों में स्पष्ट नहीं रहती। बच्चों से जुड़े मामलों में नहीं हो पाता उचित व्यवहार आयोग के अनुसार इन कमियों के कारण बच्चों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान कई बार बाल-सुलभ प्रक्रिया का पालन नहीं हो पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए थानों में स्पष्ट और स्थायी डिस्प्ले व्यवस्था लागू करने की अनुशंसा की गई है, ताकि पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। कानून में भी है स्पष्ट प्रावधान आयोग ने अपनी अनुशंसा में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस कानून के तहत हर थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन अनिवार्य है। साथ ही बच्चों से जुड़े कानूनों के बारे में जनजागरूकता फैलाना भी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। इस तरह बनाया जाएगा डिस्प्ले बोर्ड आयोग के निर्देश के अनुसार प्रत्येक थाने में प्रमुख दीवार के साथ दो अन्य स्थानों पर आयताकार डिस्प्ले बोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए दीवार पर काले रंग से पुताई की जाएगी और बॉर्डर स्लेट की तरह बनाई जाएगी ताकि यह बच्चों के लिए भी सहज और आकर्षक दिखाई दे। बोर्ड के अंदर सफेद रंग से जिले की विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी का पदनाम, थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी का पदनाम और बच्चों की हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखा जाएगा। संबंधित अधिकारियों के नाम चॉक से लिखे जाएंगे, ताकि उनके स्थानांतरण होने पर आसानी से बदला जा सके। 31 मार्च तक पूरी करनी होगी व्यवस्था आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक हर हाल में लागू कर दी जाए। साथ ही डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीरों के साथ पालन प्रतिवेदन आयोग को भेजने को भी कहा गया है।

बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल, हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी होगी प्रदर्शित Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Top News

रायपुर में महिला सुरक्षा के लिए ‘पिंक पेट्रोलिंग यूनिट’ शुरू, दो शिफ्ट में करेगी गश्त

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के नेतृत्व में शहर में “पिंक पेट्रोल यूनिट” की शुरुआत की गई। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित कांबले ने इस विशेष टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के तहत रायपुर पुलिस ने तीन पिंक पेट्रोलिंग टीमों का गठन किया है। इन टीमों में कुल 27 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जो कॉल ट्रैकिंग और नियमित पेट्रोलिंग के माध्यम से महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करेंगे। पिंक पेट्रोलिंग टीम दो शिफ्ट में कार्य करेगी। पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक रहेगी। ये टीमें शहर के संवेदनशील इलाकों में नियमित और सरप्राइज पेट्रोलिंग करेंगी। इस दौरान पुलिस टीम महिलाओं को सुरक्षा से जुड़े कानूनों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी देगी। खासतौर पर कॉलेज जाने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और हॉस्टल या पीजी में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी स्थिति में मौके पर ही सहायता और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94792-10932 भी जारी किया है। पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की छेड़छाड़, स्टॉकिंग, उत्पीड़न या किसी अन्य आपात स्थिति का सामना करना पड़े, तो वे तुरंत इस हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी पुलिस से संपर्क करें। रायपुर पुलिस का कहना है कि इस पहल से शहर में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा, डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल, सहायक पुलिस आयुक्त रुचि वर्मा और निलेश द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रायपुर में महिला सुरक्षा के लिए ‘पिंक पेट्रोलिंग यूनिट’ शुरू, दो शिफ्ट में करेगी गश्त Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Top News

रायपुर में नशे के खिलाफ सख्ती: 60 दिनों में 102 तस्कर गिरफ्तार, तीन की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

राजधानी रायपुर में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद गांजा, अफीम, ड्रग्स और नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार पिछले 60 दिनों में रायपुर में 102 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान करीब 2.10 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस अब इन तस्करों की संपत्तियों की जांच भी कर रही है। तीन बड़े तस्करों की संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है, जिन्हें तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेरकर्ता संपत्ति जब्ती अधिनियम (SAFEMA) के तहत कुर्क किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे तस्करों की सूची तैयार की जाए, जिन्होंने नशे के अवैध कारोबार से संपत्ति अर्जित की है। इन मामलों में सफेमा के तहत कार्रवाई कर उनकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी। पिछले वर्ष भी रायपुर में चार तस्करों की करीब ढाई करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी। इस वर्ष एक दर्जन से अधिक तस्करों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की तैयारी चल रही है। तीन हिस्ट्रीशीटरों की संपत्ति पर नजर कोतवाली थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर रवि साहू, मुकेश गुप्ता उर्फ बनिया और ईरानी डेरा क्षेत्र से जुड़े तस्करों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। इन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे कई बार जेल भी जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से कमाए गए पैसों से इन लोगों ने राज्य के अलग-अलग इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं। इनमें से कई संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर होने की भी जानकारी मिली है। पूरी जानकारी एकत्र करने के बाद मामला मुंबई स्थित अदालत में सफेमा के तहत कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। पुलिस के मुताबिक रवि साहू के पास करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है, जबकि मुकेश गुप्ता की संपत्ति लगभग 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। राज्य में भी बढ़ी कार्रवाई प्रदेश में पिछले साल 16 तस्करों की करीब 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की गई थी। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई बिलासपुर में हुई, जहां करीब 6 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसके अलावा रायपुर के खरोरा क्षेत्र में तस्कर राकेश वर्मा और उसके साथियों की 1.05 करोड़ रुपये मूल्य की 13 संपत्तियों को सफेमा के तहत कुर्क किया गया था। वहीं गांजा तस्कर सुशंकर सरकार की करीब 70 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई। एक अन्य तस्कर की 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति भी कुर्क की गई थी। पिछले साल 445 तस्कर गिरफ्तार रायपुर में पिछले वर्ष चलाए गए अभियान के दौरान 445 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और उनसे 2.81 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ बरामद किया गया। वर्ष 2024 में 413 तस्करों से 5.08 करोड़ रुपये और 2023 में 303 तस्करों से 1.76 करोड़ रुपये कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे। पिट एनडीपीएस के तहत भी कार्रवाई राज्य में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई तेज की गई है। पिछले साल इस कानून के तहत 101 मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को एक साल के लिए जेल भेजा गया। वर्ष 2024 में 41 तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। सभी रेंज आईजी को निर्देश दिए गए हैं कि सफेमा के तहत कार्रवाई बढ़ाई जाए और तस्करों की संपत्तियों को कुर्क कर उनके अवैध कारोबार पर रोक लगाई जाए।

रायपुर में नशे के खिलाफ सख्ती: 60 दिनों में 102 तस्कर गिरफ्तार, तीन की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, Top News

रायपुर में पाइपलाइन लीकेज से रोज 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद, इतने पानी से डेढ़ लाख लोगों की बुझ सकती है प्यास

राजधानी रायपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही कई इलाकों में पानी की समस्या सामने आने लगी है। नगर निगम ने कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी को देखते हुए टैंकर से जल आपूर्ति की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर शहर में पाइपलाइन लीकेज और खराब सार्वजनिक नलों के कारण हर दिन बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो रहा है। जानकारी के मुताबिक रायपुर में प्रतिदिन लगभग 20 एमएलडी यानी करीब 2 करोड़ लीटर पानी लीकेज और अन्य कारणों से बहकर व्यर्थ हो रहा है। नगर निगम की कुल जल आपूर्ति क्षमता करीब 310 एमएलडी है, जबकि फिलहाल लगभग 300 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। इसमें से करीब 280 एमएलडी पानी ही लोगों के घरों तक पहुंच पाता है। शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन लीकेज और सार्वजनिक नलों में टोटी नहीं होने के कारण घंटों तक पानी बहता रहता है। इसके बावजूद अब तक पानी के इस नुकसान को रोकने के लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं हो सकी है। जनवरी में हुई एमआईसी बैठक में जल बोर्ड को दो महीने के भीतर पानी की बर्बादी रोकने के उपाय तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। जवाहर बाजार पार्किंग में दो साल से लीकेज मालवीय रोड स्थित जवाहर बाजार पार्किंग में अमृत मिशन 24×7 योजना के तहत बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन में करीब दो साल से लीकेज बना हुआ है। इस वजह से पार्किंग की छत से लगातार पानी टपकता रहता है। दोनों फ्लोर में दिनभर पानी गिरने से जगह-जगह पानी भर जाता है। जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुभाष बजाज ने बताया कि इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई। पार्किंग में जमा पानी को हर दो दिन में पंप लगाकर बाहर निकालना पड़ता है। ढीमरपारा में भी रिसाव की समस्या ढीमरपारा क्षेत्र में जल आपूर्ति के लिए लगाए गए सार्वजनिक बोरवेल और सिंटेक्स टंकी में भी लीकेज की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरम्मत के बाद भी टंकी से पानी का रिसाव बंद नहीं हो पाया है। इस संबंध में पार्षद को भी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। कई इलाकों में नलों में टोटी नहीं ब्राह्मणपारा और शारदा चौक क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत नई पाइपलाइन बिछाई गई है। कई घरों के बाहर लगे कनेक्शन में नलों पर टोटी नहीं लगी है, जिसके कारण सुबह और शाम पानी सप्लाई के समय करीब एक-एक घंटे तक लगातार पानी बहता रहता है। इसी तरह की स्थिति गंजपारा और मौदहापारा क्षेत्रों में भी देखी जा रही है। डेढ़ लाख लोगों की जरूरत पूरी कर सकता है यह पानी भूजल वैज्ञानिक डॉ. विपिन दुबे के अनुसार यदि प्रतिदिन 20 एमएलडी यानी करीब 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, तो इससे लगभग 1.48 लाख लोगों की एक दिन की पानी की जरूरत पूरी की जा सकती है। यदि इस पानी को संरक्षित कर सही तरीके से सप्लाई किया जाए, तो शहर में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। अधिकारियों का क्या कहना है निगम आयुक्त विश्वदीप के मुताबिक पानी की बर्बादी रोकने के लिए सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में जाकर सप्लाई व्यवस्था की निगरानी करें और जहां भी लीकेज है उसे जल्द ठीक कराया जाए। वहीं जलकार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष साहू ने कहा कि इस सप्ताह होने वाली बैठक में पानी के वेस्टेज को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की जोनवार समीक्षा की जाएगी और जहां भी पाइपलाइन लीकेज या नलों की समस्या है, वहां तुरंत मरम्मत कराई जाएगी।

रायपुर में पाइपलाइन लीकेज से रोज 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद, इतने पानी से डेढ़ लाख लोगों की बुझ सकती है प्यास Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, Top News

भारत बना T20 वर्ल्ड कप चैंपियन, छत्तीसगढ़ में जश्न की लहर; रायपुर से अंबिकापुर तक फैंस सड़कों पर उतरे

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रशंसक तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। लोगों ने जमकर आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। देशभक्ति गीतों पर फैंस देर रात तक झूमते नजर आए। बिलासपुर, कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ समेत कई जिलों से भी जश्न की तस्वीरें सामने आईं। कई जगहों पर लोगों ने बड़ी LED स्क्रीन लगाकर फाइनल मुकाबला देखा और भारत की जीत के बाद रंग-गुलाल उड़ाकर खुशी मनाई। धमतरी के घड़ी चौक में आयोजित जश्न के दौरान महापौर रामू रोहरा भी लोगों के साथ नाचते नजर आए। वहीं अंबिकापुर के महामाया चौक पर लोगों ने रंग और गुलाल के साथ जीत का जश्न मनाया। इस दौरान मौजूद एक सेना के जवान ने कहा कि भारत की जीत पूरे देश की जीत है और हिंदुस्तान हर भारतीय के दिल में बसता है। कोरबा के अप्पू गार्डन में महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नृत्य किया। वहीं भिलाई के सिविक सेंटर और मुंगेली के लोरमी चौक में भी लोगों ने पटाखे फोड़कर और नारे लगाकर टीम इंडिया की जीत का उत्सव मनाया। रायपुर में बड़ी भीड़ के कारण जयस्तंभ चौक से शारदा चौक तक कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसने लोगों को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की व्यवस्था की। भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों को जश्न मनाने का एक बड़ा मौका दिया और छत्तीसगढ़ के शहरों में भी देर रात तक उत्सव का माहौल बना रहा।

भारत बना T20 वर्ल्ड कप चैंपियन, छत्तीसगढ़ में जश्न की लहर; रायपुर से अंबिकापुर तक फैंस सड़कों पर उतरे Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, Top News

दुर्ग में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। समोदा और झेनझरी गांव के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उगाए गए अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में खेत से करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त पौधों की कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। डिजिटल सर्वे में गेहूं और मक्का की खेती दिखाई गई जांच में सामने आया कि फार्महाउस के रिकॉर्ड में डिजिटल सर्वे के दौरान गेहूं और मक्का की खेती दर्ज कराई गई थी, लेकिन उन्हीं फसलों की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने खेती को छिपाने के लिए यह तरीका अपनाया था। सुरक्षा के लिए लगाए गए थे बाउंसर और गेट बताया जा रहा है कि फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे और चारों तरफ गेट लगाए गए थे। इस कारण आम लोगों का फार्महाउस के अंदर जाना लगभग असंभव था। इसी वजह से गांव के लोगों को लंबे समय तक इस अवैध खेती की जानकारी नहीं हो पाई। राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खेती के काम के लिए राजस्थान के जयपुर क्षेत्र से मजदूर बुलाए गए थे। आरोपी विकास बिश्नोई और उसका भाई श्रवण बिश्नोई पहले यहां कपास की खेती करने आए थे, लेकिन बाद में अफीम की खेती शुरू कर दी गई। पूछताछ में विकास बिश्नोई ने बताया कि वह पिछले करीब चार साल से विनायक ताम्रकार के संरक्षण में इस काम में लगा हुआ था। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। दो आरोपी फरार, राजस्थान में तलाश कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई है। जमीन के मालिकों से भी होगी पूछताछ अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह मुधमति बाला और प्रीति बाला के नाम दर्ज है। पुलिस अब दोनों से भी पूछताछ करेगी और उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। अगर जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। कुछ लोगों ने फार्महाउस के अंदर जाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। राजनीति भी हुई तेज इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि अफीम की इस अवैध खेती से जुड़े सभी लोगों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

दुर्ग में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Political, Top News

बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि राम सिंह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्हें देशद्रोही बताया गया और ईरान भेजने की बात कही गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के बाद उजागर हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। घटना का क्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद बिलासपुर में ठाकुर राम सिंह ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खामेनेई के प्रति मातम मनाने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही करार देते हुए ईरान भेजने की बात कही। मुस्लिम समाज में नाराजगी राम सिंह के इस व्यवहार और पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सरकंडा थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि राम सिंह की टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और शहर की शांति भी प्रभावित हो सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला शहर रहा है। ऐसे भड़काऊ बयानों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की संभावना होती है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की किसी भी भड़काऊ टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पुलिस की कार्रवाई सरकंडा थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज Read Post »

Accident, Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, Political, Religion, Top News

बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पंचायत द्वारा उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक दंड सुनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़िता के परिवार को 12 साल तक समाज से अलग रखने का फैसला किया और कई अपमानजनक शर्तें भी रख दीं। यह मामला वाड्रफनगर विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पंचायत की बैठक में सरपंच और पंचों ने आरोपी युवक को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके बहिष्कार का निर्णय लिया। पंचायत के कथित फैसले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार अगले 12 वर्षों तक गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। पंचायत की विवादित शर्तें परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अपमानजनक शर्तें रखीं। सरपंच जवाहिर लाल के अनुसार, अगर परिवार समाज में वापस आना चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। इसके अलावा पूरे गांव को बकरा-भात और शराब का भोज देने की भी बात कही गई। पंचायत के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी डरा और परेशान है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी लेकर पंचायत को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में सरपंच जवाहिर लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंचायत द्वारा परिवार के बहिष्कार की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और यह पंचायत को बदनाम करने की साजिश है। सात महीने की गर्भवती है पीड़िता जानकारी के अनुसार युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में शादी से इंकार करता रहा। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने परिवार को इस बारे में बताया, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी को बसंतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि 25 फरवरी को गांव में पंचायत की बैठक हुई, जिसके बाद पीड़िता के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन जांच कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Religion, Tech

दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती का मामला: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्म हाउस में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार विनायक ताम्रकार ने शिवनाथ नदी के किनारे करीब 110 एकड़ क्षेत्र में फार्म हाउस बना रखा था, जिसे चारों ओर से फेंसिंग कर सुरक्षित किया गया था। इसी फार्म हाउस के करीब 11 एकड़ हिस्से में मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस की जांच में खेत से लगभग 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस की निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्म हाउस के गेट पर सख्त निगरानी रहती थी और आम लोगों को आसपास जाने की अनुमति नहीं थी। मौके पर जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि राजस्थान से आए मजदूरों को वहां काम पर रखा गया था और उनके रहने की व्यवस्था भी फार्म हाउस में ही की गई थी। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक, अफीम की खेती निजी जमीन पर की जा रही थी। अगस्त में हुए डिजिटल सर्वे के दौरान यहां मक्का और गेहूं की खेती की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उन्हीं फसलों के बीच अफीम के पौधे भी लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए थे। फार्म हाउस के अंदर जाने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी अवैध खेती कैसे चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बड़े लोगों की संलिप्तता हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और सरकार को जवाब देना होगा कि इस अवैध खेती में कौन-कौन शामिल है। आरोपी का दावा – जमीन मेरी नहीं वहीं मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया पर दी गई थी और जिस हिस्से में अफीम की खेती की गई, वह उनकी जमीन नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार के साथ उसके सहयोगी विकास विश्नोई और फार्म हाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को भी गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान तक पहुंची हुई है।

दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती का मामला: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Top News

छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगम सीटों पर चुनाव लड़ेगी AAP, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी नगर निगम सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसके लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। रायपुर में आयोजित एक संगठनात्मक बैठक में दिल्ली के पूर्व मंत्री और छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी मुकेश अहलावत ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है और पार्टी आने वाले चुनावों में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। मुकेश अहलावत ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के आरोपों से मुक्त होने के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से साफ और ईमानदार राजनीति की बात करती आई है और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देती है। बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि संगठन को बूथ स्तर से लेकर विधानसभा, जिला और लोकसभा स्तर तक मजबूत किया जाए। इसके अलावा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और नगरीय निकाय चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अहलावत ने कार्यकर्ताओं से प्रदेश में चल रही “छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा” और “किसान न्याय जनसभा” जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील भी की, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की बात पहुंच सके।

छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगम सीटों पर चुनाव लड़ेगी AAP, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, Top News
Scroll to Top