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तस्करों के मोबाइल से बड़ा खुलासा: रायपुर के 620 लोगों की ‘ड्रग्स लिस्ट’ तैयार, नव्या-विधि गैंग को महीने में 20 लाख तक भुगतान

रायपुर में ड्रग्स नेटवर्क की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक और विधि अग्रवाल समेत गिरफ्तार 43 तस्करों के मोबाइल फोन, चैट और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच में 620 से अधिक लोगों के नंबर सामने आए हैं। ये लोग ड्रग्स और सूखा नशा खरीदने के लिए तस्करों के संपर्क में थे। इनमें से करीब 320 युवक-युवतियां सीधे नव्या और विधि के गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक यह गिरोह हर महीने 10 से 20 लाख रुपए तक का ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस ने कॉल डिटेल, ऑनलाइन चैट और लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर पहली बार ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है। इस सूची को गृह विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजा गया है, ताकि नशे के आदी युवाओं की काउंसिलिंग कराई जा सके। हालांकि कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन ठोस सबूत न होने और रसूखदार पृष्ठभूमि के चलते उन्हें छोड़ दिया गया। ऐसे खुला नेटवर्क का राज 23 अगस्त 2025 को हरियाणा का तस्कर मोनू विश्नोई ट्रेन से ड्रग्स लेकर रायपुर पहुंचा। उसने नव्या मलिक से संपर्क किया, जो उस समय शहर में मौजूद नहीं थी। नव्या ने हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया को ड्रग्स लेने भेजा। एक्सप्रेस-वे के पास जैसे ही सौदा हुआ, पहले से सूचना पर तैनात पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कॉल डिटेल और डिजिटल डेटा खंगालने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। चार महीने से लंबित है सूची सूत्रों के अनुसार, ड्रग्स लेने वालों की यह सूची पिछले चार महीने से विभागीय स्तर पर लंबित है। अब तक काउंसिलिंग या पुनर्वास को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि कई लोग आज भी नशे के जाल में फंसे हुए हैं। हर वार्ड में नशा मुक्ति केंद्र की जरूरत पुलिस ने सुझाव दिया है कि शहर के हर वार्ड में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर काउंसिलिंग और पुनर्वास की सुविधा मिल सके। विशेषज्ञों की मदद से युवाओं और उनके परिवारों को जागरूक करने की भी योजना प्रस्तावित की गई है। फिलहाल इस दिशा में ठोस पहल का इंतजार है।

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रायपुर में सरकारी भर्ती में डेटा प्राइवेसी पर सवाल: 31 आत्मानंद स्कूलों में 151 पदों के लिए गूगल फॉर्म का इस्तेमाल

रायपुर में शिक्षा विभाग द्वारा संविदा पदों पर भर्ती के लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाने पर डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कुल 151 पदों पर भर्ती के लिए 31 स्कूलों में कलेक्टर कार्यालय से विज्ञापन जारी किया गया है। कौन-कौन से पदों पर भर्ती:इन पदों में व्याख्याता, प्रधानपाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला, ग्रंथपाल, सहायक ग्रेड-3, भृत्य और चौकीदार शामिल हैं। चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। डेटा प्राइवेसी पर उठ रहे सवाल:साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के अनुसार, “यदि भर्ती प्रक्रिया में ऑनलाइन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है तो यह अच्छा है, लेकिन सरकारी कामकाज में सरकारी सर्वर का ही उपयोग होना चाहिए। निजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभ्यर्थियों का डेटा थर्ड पार्टी सर्वर पर जाने से प्राइवेसी का खतरा बनता है। हमारे देश के लोगों की जानकारी गूगल जैसी विदेशी कंपनियों के पास क्यों जाए?” सरकारी भर्ती में आमतौर पर NIC, राज्य पोर्टल और सरकारी डेटा सेंटर का उपयोग होता रहा है, लेकिन गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन करने को लेकर तकनीकी और कानूनी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस फॉर्म में अभ्यर्थियों का नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता और संपर्क विवरण जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जा रही है। भर्ती प्रक्रिया का बयान:डीईओ हिमांशु भारतीय ने कहा कि गूगल फॉर्म पूरी तरह सुरक्षित हैं और डेटा चोरी का खतरा नहीं है। इसके माध्यम से मेरिट लिस्ट तैयार करना आसान हो जाता है और सभी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की जाती है। आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगी। इच्छुक अभ्यर्थी गूगल फॉर्म लिंक https://forms.gle/nHLLo6ERcgfAosmh9 से आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित पूरी जानकारी https://raipur.gov.in पर उपलब्ध है।

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रायपुर नगर निगम में जोन आयुक्तों का बड़ा फेरबदल, निगम आयुक्त ने जारी किए नए आदेश

रायपुर नगर निगम में प्रशासनिक सुधार और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए बड़ा परिवर्तन किया गया है। निगम आयुक्त विश्वदीप ने जोन आयुक्तों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। नई जिम्मेदारियों का बंटवारा इस प्रकार है: निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आगामी निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

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होली से पहले नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 130 वाहन जब्त

होली पर्व से पहले राजधानी में शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान 130 वाहन चालकों की गाड़ियां जब्त की गईं और कई चालक कार्रवाई के बाद पैदल ही घर लौटते नजर आए। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल विकास कुमार के मार्गदर्शन में शहरभर में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और दौलत राम पोर्ते के नेतृत्व में सहायक पुलिस आयुक्तों की टीम ने शाम से देर रात तक वाहन चालकों की सघन जांच की। सभी चेकिंग पॉइंट पर ब्रीथ एनालाइजर मशीन से वाहन चालकों की जांच की गई। जांच के दौरान 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। कार्रवाई में 39 कार, 73 मोटरसाइकिल, 3 ट्रक और 15 टाटा एस पिकअप व ई-रिक्शा जब्त किए गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। जब्त वाहन यातायात मुख्यालय और संबंधित थानों में सुरक्षित रखे गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये मामले होली के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। शराब पीकर वाहन चलाने पर प्रत्येक मामले में 10,000 से 15,000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि होली तक विशेष रूप से रात के समय चेकिंग जारी रहेगी और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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होली से पहले ट्रेनों में लंबी वेटिंग, कन्फर्म टिकट के नाम पर 600 से 1000 रुपए तक अतिरिक्त वसूली

रायपुर। होली के मौके पर घर लौटने की होड़ के बीच रायपुर जंक्शन से चलने वाली अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। दिल्ली, बिहार, यूपी और मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में 50 से 100 तक वेटिंग चल रही है, जबकि कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन चुकी है। इसी बीच शहर में सक्रिय कुछ एजेंट कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं। लंबी वेटिंग से परेशान यात्री त्योहार से पहले एसी और स्लीपर कोच लगभग फुल हैं। वाराणसी और प्रयागराज रूट पर भी राहत नहीं है। कई यात्रियों ने बताया कि लगातार कोशिश के बावजूद उन्हें सिर्फ वेटिंग टिकट ही मिल रहा है। जबलपुर जाने वाले एक यात्री ने कहा कि कई दिनों से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार लंबी वेटिंग मिल रही है। वहीं रांची जाने वाले यात्री ने बताया कि स्लीपर में वेटिंग ज्यादा होने के कारण उन्हें जनरल टिकट लेकर सफर करना पड़ेगा। एजेंटों का दावा- पैसा दो, कन्फर्म टिकट लो पड़ताल के दौरान शहर के दो एजेंटों से संपर्क किया गया। एक एजेंट ने प्रयागराज के लिए थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध कराने का दावा किया और किराए के अलावा अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा। उसने भरोसा दिलाया कि टिकट कन्फर्म मिलेगा, बस समय पर भुगतान करना होगा। स्टेशन के पास एक अन्य ट्रैवल एजेंसी ने भी तत्काल टिकट दिलाने की बात कही। एजेंट ने प्रति टिकट 600 रुपए अतिरिक्त चार्ज की मांग की और आधी रकम एडवांस देने को कहा। जब सर्वर डाउन की समस्या का सवाल उठाया गया तो जवाब मिला कि “आपको सर्वर से मतलब नहीं, टिकट मिल जाएगा।” सूत्रों के अनुसार, कुछ एजेंट अलग-अलग स्टेशनों से टिकट बुक कर या पहले से ब्लॉक टिकट के जरिए यह काम करते हैं। प्रमुख रूटों पर स्थिति दिल्ली रूट: गोंडवाना एक्सप्रेस में स्लीपर नो रूम, एसी थर्ड में वेटिंग; संपर्क क्रांति और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग। बिहार रूट: साउथ बिहार एक्सप्रेस और होली स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच में दर्जनों वेटिंग। वाराणसी-प्रयागराज रूट: कई ट्रेनों में स्लीपर फुल और एसी में भी लंबी प्रतीक्षा सूची। मुंबई रूट: हावड़ा-मुंबई और गीतांजली एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में स्लीपर में नो रूम या भारी वेटिंग। कई ट्रेनें घंटों देरी से रायपुर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें भी 5 से 8 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कोरबा-यशवंतपुर, शालीमार-मुंबई एलटीटी, आजाद हिंद और हावड़ा-अहमदाबाद जैसी ट्रेनों में लंबा विलंब दर्ज किया गया। रेलवे का क्या कहना है रायपुर मंडल के कमांडेंट रमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन एजेंटों को अधिकृत अनुमति नहीं है, उनके द्वारा टिकट बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। हाल ही में तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है और शिकायत मिलने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ एजेंट दूसरे स्टेशनों से टिकट बुक कर देते हैं या पहले से टिकट निकालकर रखते हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति दूसरे के नाम पर यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होती है। त्योहार के मौसम में बढ़ती भीड़ के बीच यात्रियों को सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करने की सलाह दी गई है।

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रायपुर में अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद स्थानीय प्रतिक्रिया, शोक और विरोध प्रदर्शन

रायपुर: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं, खासकर उस खबर के बाद जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए पैमाने पर सैन्य हमलों के कारण खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मार दिए गए हैं, जिसकी वजह से विश्वभर में तनाव और प्रतिक्रिया की लहर फैल रही है। राजधानी रायपुर के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने बुधवार को हमले का विरोध और खामेनेई की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शनों में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर भी लगाए गए, जिन पर ‘Down to America’ और ‘Down to Israel’ जैसे नारे लिखे गए थे। कुछ लोगों ने इन पोस्टरों पर नीली स्याही भी फेंकी, जबकि राहगीरों को इन पोस्टरों को पैरों से रौंदते हुए आगे बढ़ते देखा गया। स्थानीय भीड़ ने विरोध के साथ-साथ खामेनेई के लिए शोक सभाओं का आयोजन भी किया। मोमिनपारा व पंडरी क्षेत्रों के इमामबाड़ों में बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर मौन रक्षा सभाएं और मजलिसें रखीं, जिसमें समुदाय के लोगों ने भावनात्मक शोक व्यक्त किया। आम लहज़ा और समुदाय की भावनाएँ शिया समुदाय का शोक सभा आयोजन मोमिनपारा तथा पंडरी स्थित कई इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत की खबर पर शोक सभा एवं मजलिस का आयोजन किया गया। शोक सभा में लोगों ने खामेनेई के व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। खामेनेई कौन थे और क्या हुआ? अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सबसे उच्च राजनीतिक और धार्मिक नेता थे, जिन्होंने 1989 से इस पद पर कार्य किया। संयुक्त अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए गए, जिनमें हवाई हमले तथा मिसाइल दागे गए। राज्य मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की मौत की पुष्टि की गई है। हमलों में न केवल खामेनेई बल्कि उनके परिवार के सदस्यों और अनेक वरिष्ठ सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों के भी मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। क्या अमेरिका-इजराइल हमले थे? उल्लेखनीय है कि संयुक्त युद्ध अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर लक्षित हमले किए गए। इस ऑपरेशन में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की वायु सेना और मिसाइल प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया गया।

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अंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में खटमलों का प्रकोप, मरीजों की नींद हराम

अंबेडकर अस्पताल परिसर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में भर्ती मरीज इन दिनों इलाज से ज्यादा खटमलों की समस्या से जूझ रहे हैं। जनरल वार्ड से लेकर बेड, स्टूल, फाइलों और दीवारों तक खटमल रेंगते नजर आ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि रात होते ही स्थिति और भयावह हो जाती है। रातभर खटमल मारते गुजरती है रात मरीजों का आरोप है कि जैसे ही वार्ड की लाइटें धीमी होती हैं, खटमलों का प्रकोप बढ़ जाता है। कई मरीज रातभर सो नहीं पा रहे और चादरें झाड़कर खटमल मारते रहते हैं। कुछ मरीजों ने बताया कि गद्दों की सिलाई और नीचे की सतह पर बड़ी संख्या में खटमल छिपे रहते हैं। एक मरीज के परिजन ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि मच्छर काट रहे हैं, लेकिन टॉर्च की रोशनी में चादर हटाने पर खटमल दिखाई दिए। लगातार काटने से शरीर पर लाल दाने और सूजन उभर आई है। खुजली, जलन और संक्रमण का खतरा त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.के. निगम के अनुसार खटमल के काटने से तेज खुजली, लाल चकत्ते और सूजन हो सकती है। संवेदनशील मरीजों में एलर्जिक रिएक्शन की आशंका रहती है। लगातार खुजलाने से बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि कार्डियोलॉजी विभाग में वुडन इंटीरियर के कारण यह समस्या सामने आई है। फिलहाल कीटनाशक उपचार किया जा रहा है और रेनोवेशन के दौरान संबंधित हिस्सों को बदला जाएगा। मरीजों की मांग मरीजों और परिजनों का कहना है कि हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने वार्डों में नियमित फ्यूमिगेशन और साफ-सफाई की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।

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विधानसभा में नशे के मुद्दे पर सत्तापक्ष में ही सवाल: भाजपा विधायकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए प्रश्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान सत्तारूढ़ दल के ही कई विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। हालांकि गृह मंत्री ने विभाग पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई का दावा किया। “खुलेआम हो रही बिक्री” भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने कहा कि रायपुर और बिलासपुर समेत कई शहरों में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि हाल ही में पकड़े गए गांजा पैकेजिंग गिरोह के पास हाईटेक कैमरे मिले, जिनसे उन्हें पुलिस की गतिविधियों की पूर्व जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में पुलिस आरक्षक की संलिप्तता सामने आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। गृह मंत्री का जवाब: “रणनीति के तहत कार्रवाई” गृह मंत्री विजय शर्मा ने विभाग के फेल होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। टिकरापारा क्षेत्र में एक आरक्षक के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मामला प्रक्रियाधीन है। मेडिकल स्टोर्स और स्कूलों के पास बिक्री का मुद्दा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मेडिकल दुकानों से बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाइयों की बिक्री पर सख्ती जरूरी है। वहीं कुंवर सिंह निषाद ने स्कूलों के आसपास नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया। विधायक अटल श्रीवास्तव ने नशा कारोबारियों की संपत्ति राजसात करने की जानकारी दी, जबकि राजेश मूणत ने ड्रग्स की सूचना देने वालों के लिए इनाम योजना की मांग की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चर्चा दूर तक जाती है तो उसे होने दिया जाए। 📊 कार्रवाई के आंकड़े सरकार का कहना है कि सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाकर समन्वित रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर आगे भी बहस तेज रहने के संकेत हैं।

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राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम का पलटवार: कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, नक्सलवाद खत्म करने का दावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान “सिंडिकेट राज” चला और कोयला, शराब तथा डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) जैसे मामलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली होलोग्राम के जरिए शराब बिक्री, कोयला परिवहन में अनियमितता और विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी से प्रदेश की छवि प्रभावित हुई। “भाजपा विकास की, कांग्रेस विनाश की राजनीति करती है” सीएम साय ने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और कई मामलों में आरोपियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सुशासन और पारदर्शिता के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि पिछली सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त रही। बस्तर को लेकर आरोप निराधार मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र को लेकर फैलाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। सरकार कृषि, सिंचाई, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। होम-स्टे योजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। 🔴 नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और सुशासन के त्रिस्तरीय एजेंडे पर काम कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च तक प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहां पहले स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था, वहीं अब शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। बस्तर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। 🏠 आवास, धान खरीदी और रोजगार पर जोर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और शेष अंतर राशि होली से पहले देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी योजना’ मनरेगा से बेहतर मॉडल के रूप में लागू की जा रही है, जिसमें 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। राजनीतिक गरमाहट तेज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बजट सत्र के आगामी दिनों में भी इन मुद्दों पर सियासी बहस तेज रहने की संभावना है।

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रायपुर में दिन के समय रैली-जुलूस पर रोक: जयस्तंभ चौक समेत 4 किमी दायरे में 2 माह का प्रतिबंध

रायपुर। शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक और यातायात क्षेत्र में बढ़ते जाम को देखते हुए रायपुर पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। जयस्तंभ चौक और उससे जुड़े जीई रोड, मालवीय रोड, एमजी रोड और सदर रोड समेत करीब 4 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और शोभायात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश फिलहाल दो माह के लिए प्रभावी रहेगा। एक साल में 290 से अधिक जुलूस, ट्रैफिक हुआ बेपटरी पुलिस सर्वे के अनुसार, बीते 365 दिनों में इस क्षेत्र से 290 से ज्यादा छोटे-बड़े जुलूस निकले। इनमें से लगभग 190 रैलियां केवल कोतवाली–जयस्तंभ और शारदा चौक मार्ग से गुजरीं। नतीजतन, कई बार लंबा जाम लगा और एंबुलेंस तक फंस गईं, जिससे मरीजों की हालत गंभीर होने की घटनाएं सामने आईं। 1.20 लाख वाहन रोज गुजरते हैं ट्रैफिक सर्वे में पाया गया कि जयस्तंभ चौक से प्रतिदिन 1.20 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। यदि करीब हजार लोगों की भी रैली निकलती है तो दो किलोमीटर के दायरे में तीन घंटे तक यातायात ठप हो जाता है और ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं। कमिश्नर सिस्टम के बाद सख्ती पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद ट्रैफिक सुधार को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही थी। डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने नौ साल पहले एसपी रहते हुए भी इसी तरह की अनुशंसा की थी, जिसे उस समय लागू किया गया था। बाद में ढील मिलने से फिर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पहले ही दिन विरोध, समझौते से निकला समाधान प्रतिबंध लागू होते ही सिंधी समाज ने विरोध जताया। पुलिस और समाज के पदाधिकारियों के बीच बैठक के बाद सहमति बनी कि जुलूस जीई रोड के बजाय एमजी रोड पर रात 9 बजे समाप्त किया जाएगा। 🚦 इन मार्गों पर दिन में प्रतिबंध ➡️ वैकल्पिक मार्ग तय रैलियां अब शहर के आउटर मार्गों से निकाली जाएंगी। सप्रे मैदान से निकलने वाली रैली फायर ब्रिगेड चौक होते हुए कलेक्टोरेट तिराहे तक जा सकेगी। सामाजिक जुलूसों को गौरवपथ, पुलिस लाइन और निर्धारित धरनास्थल मार्गों का उपयोग करने की अनुमति होगी। दो माह के लिए प्रभावी आदेश जयस्तंभ चौक को शहर का हृदय स्थल माना जाता है। भारी ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फिलहाल दो माह के लिए यह प्रतिबंध लागू किया गया है। पुलिस का कहना है कि इससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।

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