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रायपुर में पाइपलाइन लीकेज से रोज 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद, इतने पानी से डेढ़ लाख लोगों की बुझ सकती है प्यास

राजधानी रायपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही कई इलाकों में पानी की समस्या सामने आने लगी है। नगर निगम ने कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी को देखते हुए टैंकर से जल आपूर्ति की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर शहर में पाइपलाइन लीकेज और खराब सार्वजनिक नलों के कारण हर दिन बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो रहा है। जानकारी के मुताबिक रायपुर में प्रतिदिन लगभग 20 एमएलडी यानी करीब 2 करोड़ लीटर पानी लीकेज और अन्य कारणों से बहकर व्यर्थ हो रहा है। नगर निगम की कुल जल आपूर्ति क्षमता करीब 310 एमएलडी है, जबकि फिलहाल लगभग 300 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। इसमें से करीब 280 एमएलडी पानी ही लोगों के घरों तक पहुंच पाता है। शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन लीकेज और सार्वजनिक नलों में टोटी नहीं होने के कारण घंटों तक पानी बहता रहता है। इसके बावजूद अब तक पानी के इस नुकसान को रोकने के लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं हो सकी है। जनवरी में हुई एमआईसी बैठक में जल बोर्ड को दो महीने के भीतर पानी की बर्बादी रोकने के उपाय तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। जवाहर बाजार पार्किंग में दो साल से लीकेज मालवीय रोड स्थित जवाहर बाजार पार्किंग में अमृत मिशन 24×7 योजना के तहत बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन में करीब दो साल से लीकेज बना हुआ है। इस वजह से पार्किंग की छत से लगातार पानी टपकता रहता है। दोनों फ्लोर में दिनभर पानी गिरने से जगह-जगह पानी भर जाता है। जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुभाष बजाज ने बताया कि इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई। पार्किंग में जमा पानी को हर दो दिन में पंप लगाकर बाहर निकालना पड़ता है। ढीमरपारा में भी रिसाव की समस्या ढीमरपारा क्षेत्र में जल आपूर्ति के लिए लगाए गए सार्वजनिक बोरवेल और सिंटेक्स टंकी में भी लीकेज की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरम्मत के बाद भी टंकी से पानी का रिसाव बंद नहीं हो पाया है। इस संबंध में पार्षद को भी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। कई इलाकों में नलों में टोटी नहीं ब्राह्मणपारा और शारदा चौक क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत नई पाइपलाइन बिछाई गई है। कई घरों के बाहर लगे कनेक्शन में नलों पर टोटी नहीं लगी है, जिसके कारण सुबह और शाम पानी सप्लाई के समय करीब एक-एक घंटे तक लगातार पानी बहता रहता है। इसी तरह की स्थिति गंजपारा और मौदहापारा क्षेत्रों में भी देखी जा रही है। डेढ़ लाख लोगों की जरूरत पूरी कर सकता है यह पानी भूजल वैज्ञानिक डॉ. विपिन दुबे के अनुसार यदि प्रतिदिन 20 एमएलडी यानी करीब 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, तो इससे लगभग 1.48 लाख लोगों की एक दिन की पानी की जरूरत पूरी की जा सकती है। यदि इस पानी को संरक्षित कर सही तरीके से सप्लाई किया जाए, तो शहर में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। अधिकारियों का क्या कहना है निगम आयुक्त विश्वदीप के मुताबिक पानी की बर्बादी रोकने के लिए सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में जाकर सप्लाई व्यवस्था की निगरानी करें और जहां भी लीकेज है उसे जल्द ठीक कराया जाए। वहीं जलकार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष साहू ने कहा कि इस सप्ताह होने वाली बैठक में पानी के वेस्टेज को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की जोनवार समीक्षा की जाएगी और जहां भी पाइपलाइन लीकेज या नलों की समस्या है, वहां तुरंत मरम्मत कराई जाएगी।

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भारत बना T20 वर्ल्ड कप चैंपियन, छत्तीसगढ़ में जश्न की लहर; रायपुर से अंबिकापुर तक फैंस सड़कों पर उतरे

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रशंसक तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। लोगों ने जमकर आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। देशभक्ति गीतों पर फैंस देर रात तक झूमते नजर आए। बिलासपुर, कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ समेत कई जिलों से भी जश्न की तस्वीरें सामने आईं। कई जगहों पर लोगों ने बड़ी LED स्क्रीन लगाकर फाइनल मुकाबला देखा और भारत की जीत के बाद रंग-गुलाल उड़ाकर खुशी मनाई। धमतरी के घड़ी चौक में आयोजित जश्न के दौरान महापौर रामू रोहरा भी लोगों के साथ नाचते नजर आए। वहीं अंबिकापुर के महामाया चौक पर लोगों ने रंग और गुलाल के साथ जीत का जश्न मनाया। इस दौरान मौजूद एक सेना के जवान ने कहा कि भारत की जीत पूरे देश की जीत है और हिंदुस्तान हर भारतीय के दिल में बसता है। कोरबा के अप्पू गार्डन में महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नृत्य किया। वहीं भिलाई के सिविक सेंटर और मुंगेली के लोरमी चौक में भी लोगों ने पटाखे फोड़कर और नारे लगाकर टीम इंडिया की जीत का उत्सव मनाया। रायपुर में बड़ी भीड़ के कारण जयस्तंभ चौक से शारदा चौक तक कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसने लोगों को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की व्यवस्था की। भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों को जश्न मनाने का एक बड़ा मौका दिया और छत्तीसगढ़ के शहरों में भी देर रात तक उत्सव का माहौल बना रहा।

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दुर्ग में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। समोदा और झेनझरी गांव के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उगाए गए अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में खेत से करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त पौधों की कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। डिजिटल सर्वे में गेहूं और मक्का की खेती दिखाई गई जांच में सामने आया कि फार्महाउस के रिकॉर्ड में डिजिटल सर्वे के दौरान गेहूं और मक्का की खेती दर्ज कराई गई थी, लेकिन उन्हीं फसलों की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने खेती को छिपाने के लिए यह तरीका अपनाया था। सुरक्षा के लिए लगाए गए थे बाउंसर और गेट बताया जा रहा है कि फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे और चारों तरफ गेट लगाए गए थे। इस कारण आम लोगों का फार्महाउस के अंदर जाना लगभग असंभव था। इसी वजह से गांव के लोगों को लंबे समय तक इस अवैध खेती की जानकारी नहीं हो पाई। राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खेती के काम के लिए राजस्थान के जयपुर क्षेत्र से मजदूर बुलाए गए थे। आरोपी विकास बिश्नोई और उसका भाई श्रवण बिश्नोई पहले यहां कपास की खेती करने आए थे, लेकिन बाद में अफीम की खेती शुरू कर दी गई। पूछताछ में विकास बिश्नोई ने बताया कि वह पिछले करीब चार साल से विनायक ताम्रकार के संरक्षण में इस काम में लगा हुआ था। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। दो आरोपी फरार, राजस्थान में तलाश कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई है। जमीन के मालिकों से भी होगी पूछताछ अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह मुधमति बाला और प्रीति बाला के नाम दर्ज है। पुलिस अब दोनों से भी पूछताछ करेगी और उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। अगर जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। कुछ लोगों ने फार्महाउस के अंदर जाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। राजनीति भी हुई तेज इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि अफीम की इस अवैध खेती से जुड़े सभी लोगों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि राम सिंह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्हें देशद्रोही बताया गया और ईरान भेजने की बात कही गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के बाद उजागर हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। घटना का क्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद बिलासपुर में ठाकुर राम सिंह ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खामेनेई के प्रति मातम मनाने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही करार देते हुए ईरान भेजने की बात कही। मुस्लिम समाज में नाराजगी राम सिंह के इस व्यवहार और पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सरकंडा थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि राम सिंह की टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और शहर की शांति भी प्रभावित हो सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला शहर रहा है। ऐसे भड़काऊ बयानों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की संभावना होती है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की किसी भी भड़काऊ टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पुलिस की कार्रवाई सरकंडा थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पंचायत द्वारा उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक दंड सुनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़िता के परिवार को 12 साल तक समाज से अलग रखने का फैसला किया और कई अपमानजनक शर्तें भी रख दीं। यह मामला वाड्रफनगर विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पंचायत की बैठक में सरपंच और पंचों ने आरोपी युवक को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके बहिष्कार का निर्णय लिया। पंचायत के कथित फैसले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार अगले 12 वर्षों तक गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। पंचायत की विवादित शर्तें परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अपमानजनक शर्तें रखीं। सरपंच जवाहिर लाल के अनुसार, अगर परिवार समाज में वापस आना चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। इसके अलावा पूरे गांव को बकरा-भात और शराब का भोज देने की भी बात कही गई। पंचायत के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी डरा और परेशान है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी लेकर पंचायत को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में सरपंच जवाहिर लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंचायत द्वारा परिवार के बहिष्कार की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और यह पंचायत को बदनाम करने की साजिश है। सात महीने की गर्भवती है पीड़िता जानकारी के अनुसार युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में शादी से इंकार करता रहा। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने परिवार को इस बारे में बताया, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी को बसंतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि 25 फरवरी को गांव में पंचायत की बैठक हुई, जिसके बाद पीड़िता के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन जांच कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती का मामला: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्म हाउस में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार विनायक ताम्रकार ने शिवनाथ नदी के किनारे करीब 110 एकड़ क्षेत्र में फार्म हाउस बना रखा था, जिसे चारों ओर से फेंसिंग कर सुरक्षित किया गया था। इसी फार्म हाउस के करीब 11 एकड़ हिस्से में मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस की जांच में खेत से लगभग 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस की निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्म हाउस के गेट पर सख्त निगरानी रहती थी और आम लोगों को आसपास जाने की अनुमति नहीं थी। मौके पर जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि राजस्थान से आए मजदूरों को वहां काम पर रखा गया था और उनके रहने की व्यवस्था भी फार्म हाउस में ही की गई थी। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक, अफीम की खेती निजी जमीन पर की जा रही थी। अगस्त में हुए डिजिटल सर्वे के दौरान यहां मक्का और गेहूं की खेती की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उन्हीं फसलों के बीच अफीम के पौधे भी लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए थे। फार्म हाउस के अंदर जाने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी अवैध खेती कैसे चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बड़े लोगों की संलिप्तता हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और सरकार को जवाब देना होगा कि इस अवैध खेती में कौन-कौन शामिल है। आरोपी का दावा – जमीन मेरी नहीं वहीं मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया पर दी गई थी और जिस हिस्से में अफीम की खेती की गई, वह उनकी जमीन नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार के साथ उसके सहयोगी विकास विश्नोई और फार्म हाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को भी गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान तक पहुंची हुई है।

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छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगम सीटों पर चुनाव लड़ेगी AAP, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी नगर निगम सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसके लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। रायपुर में आयोजित एक संगठनात्मक बैठक में दिल्ली के पूर्व मंत्री और छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी मुकेश अहलावत ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है और पार्टी आने वाले चुनावों में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। मुकेश अहलावत ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के आरोपों से मुक्त होने के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से साफ और ईमानदार राजनीति की बात करती आई है और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देती है। बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि संगठन को बूथ स्तर से लेकर विधानसभा, जिला और लोकसभा स्तर तक मजबूत किया जाए। इसके अलावा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और नगरीय निकाय चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अहलावत ने कार्यकर्ताओं से प्रदेश में चल रही “छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा” और “किसान न्याय जनसभा” जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील भी की, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की बात पहुंच सके।

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रायपुर की किरण निषाद बनीं ‘बिजनेस दीदी’, कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर से बनीं आत्मनिर्भर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम नगपुरा की रहने वाली किरण निषाद महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने प्रयास और सरकारी योजनाओं के सहयोग से खुद का व्यवसाय खड़ा किया और अब अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में चल रही इस योजना से कई महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इसी पहल के तहत किरण निषाद ने भी अपना व्यवसाय शुरू किया। किरण निषाद वर्ष 2014 से बिहान समूह से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन के सहयोग से उन्होंने अपने गांव में कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की, जिससे न केवल उन्हें रोजगार मिला बल्कि आसपास की महिलाओं को भी सुविधाएं मिलने लगीं। किरण बताती हैं कि इस व्यवसाय से उन्हें हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख रुपए तक की आय हो जाती है। इस कमाई से वह अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के खर्चों में मदद कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला, जिसके लिए वह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की इस तरह की योजनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

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महिला दिवस पर सीएम विष्णु देव साय ने साझा किए निजी अनुभव, कहा– पिता के निधन के बाद मां बनीं सबसे बड़ी ताकत

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने जीवन के कई व्यक्तिगत पहलुओं और महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली और वही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह महज 10 साल के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। उस कठिन समय में उनकी मां ने पिता और मां दोनों की जिम्मेदारी निभाते हुए परिवार को संभाला और बच्चों की परवरिश की। उन्होंने कहा कि उनकी मां की मेहनत और संघर्ष से ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। सीएम साय ने बताया कि 26 वर्ष की उम्र में जब वह विधायक बने, तब उनकी पत्नी ने घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल ली। इससे उन्हें राजनीति में पूरी तरह ध्यान देने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में किसी भी बड़े फैसले से पहले सभी की राय ली जाती है और घर की महिलाएं हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के समय में महिलाएं अधिकतर घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। स्व-सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में करीब 8 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाना है। बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। सीएम साय ने मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि पहले वह घर के सभी सदस्यों के कपड़े खुद खरीदते थे, लेकिन पिछले लगभग 10 वर्षों से व्यस्तता बढ़ने के कारण अब उनके ज्यादातर कपड़े उनकी पत्नी ही खरीदती हैं।

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छत्तीसगढ़ के 400 बच्चे अब भी लापता, देशभर में 33 हजार से ज्यादा केस; लड़कियों की संख्या अधिक

देश में बच्चों के लापता होने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ से अब भी 400 बच्चे लापता हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने ढूंढ लिया है। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ से कुल 982 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया है, लेकिन 400 बच्चे अभी भी लापता हैं। लापता बच्चों के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे लापता हुए हैं। इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में ज्यादा बताई गई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लापता होने के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में पहले स्थान पर है। यहां कुल 19,145 बच्चे लापता हुए। इनमें से 15,465 बच्चों को खोज लिया गया, जबकि 3,680 बच्चे अब भी नहीं मिल सके हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां इस अवधि में 4,256 बच्चे लापता हुए। इनमें से 1,059 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। कुछ राज्यों में दर्ज नहीं हुए मामले रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

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