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महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क

रायपुर / नई दिल्ली।महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई PMLA कानून के तहत की गई है और इसे अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों का संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था, जो भारत से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये विदेश भेज रहा था। 💰 किन संपत्तियों पर ED की कार्रवाई ED के अनुसार, इसके अलावा, 🌍 दुबई से संचालित हो रहा था महादेव ऐप जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल प्रमोट कर रहे थे। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और फिलहाल UAE (दुबई) में मौजूद बताए जा रहे हैं।भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। 🎰 रिग्ड गेम्स से होती थी ग्राहकों की लूट ED की जांच में खुलासा हुआ है किMahadev Online Book और Skyexchange जैसे प्लेटफॉर्म पर रिग्ड गेम्स चलाए जा रहे थे,जहां इस तरह लाखों यूजर्स से अवैध तरीके से रकम वसूली जाती थी। 💸 हवाला, क्रिप्टो और FPI से विदेश पहुंचा पैसा जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को के जरिए विदेश भेजा गया।बाद में इसी पैसे को FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया गया। 🔁 कैशबैक रैकेट का भी खुलासा ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी पर्दाफाश किया है।जांच में पता चला कि ED का दावा है कि गगन गुप्ता कोSalasar Techno Engineering और Tiger Logistics से जुड़े सौदों में करीब 98 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। 📂 अब तक की कार्रवाई ED के अनुसार, इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी का कहना है कि महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम कर रहा था। 💎 सर्राफा कारोबारी के जरिए पहुंची प्रोटेक्शन मनी EOW की जांच में यह भी सामने आया है किमहादेव बुक प्रमोटर्स ने कार्रवाई से बचने के लिएराजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अफसरों तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई। इसमें छत्तीसगढ़ के सर्राफा कारोबारी सुनील कुमार दम्मानी (श्री आभूषण ज्वैलर्स) की भूमिका सामने आई है।हवाला के जरिए पैसा कलेक्ट करचंद्रभूषण वर्मा और राहुल वक्टे के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था। 👥 पैनल चलाने वाले नाम सामने आए जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं: ⚠️ चालान में अफसरों के नाम गायब EOW द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान मेंकिसी भी ब्यूरोक्रेट या पुलिस अधिकारी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।चालान में केवल पदनामों का उल्लेख किया गया है। 🔍 जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद ED और EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड: ₹2.48 लाख प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंची, सोने के दाम भी मजबूत

कीमती धातुओं के बाजार में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला। 7 जनवरी को चांदी के दाम अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹4,850 की उछाल आई और यह बढ़कर ₹2,48,000 प्रति किलो हो गई। इससे पहले चांदी का भाव ₹2,43,150 प्रति किलो था। वहीं सोने की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज ₹15 बढ़कर ₹1,36,615 पर पहुंच गया। हालांकि, 29 दिसंबर 2025 को सोना अपने ऑल टाइम हाई ₹1,38,161 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुका है। 2025 में कीमती धातुओं की रिकॉर्ड तेजी पिछले साल यानी 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया— सोने की कीमत बढ़ने के 3 बड़े कारण चांदी में उछाल के 3 प्रमुख कारण आगे और महंगी हो सकती है चांदी और सोना केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, चांदी की मांग फिलहाल मजबूत बनी हुई है और यह ₹2.75 लाख प्रति किलो तक जा सकती है। वहीं सोने की बात करें तो साल के अंत तक इसका भाव ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार जाने की संभावना जताई जा रही है।

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एअर इंडिया का बड़ा निर्णय: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 15% कटौती, सुरक्षा जांच होगी सख्त

अहमदाबाद में हुए हालिया विमान हादसे के बाद एअर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन ने ऐलान किया है कि जुलाई मध्य तक बड़े विमानों की इंटरनेशनल उड़ानों में 15% की कटौती की जाएगी। कंपनी ने यह फैसला अतिरिक्त सावधानी के तौर पर लिया है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि बोइंग 777 जैसे बड़े विमानों की गहन सुरक्षा जांच कराई जाएगी। पिछले कुछ दिनों से एअर इंडिया को तकनीकी व संचालन संबंधी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, बीते छह दिनों में एयरलाइन ने अपनी कम से कम 83 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया है। उड़ानों की अचानक रद्दीकरण से यात्री परेशान बुधवार को एअर इंडिया की मुंबई से लखनऊ जाने वाली फ्लाइट अचानक रद्द कर दी गई। बताया गया कि दिल्ली में भारी बारिश के कारण डायवर्जन हुआ, जिससे उड़ान प्रभावित हुई। इसके अलावा, एयरलाइन ने रखरखाव और तकनीकी कारणों से तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया। इनमें दो उड़ानों को उस समय रद्द किया गया, जब यात्री विमान में सवार हो चुके थे। एयर इंडिया ने एक बयान में बताया कि 18 जून को टोरंटो से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI188 को ऑपरेशनल और मेंटेनेंस मानकों के तहत रद्द करना पड़ा। यात्रियों को विमान से उतारा गया और वैकल्पिक इंतज़ाम किए गए। इसी प्रकार, दुबई से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI996 को भी तकनीकी खामी के कारण उड़ान भरने से पहले ही रोक दिया गया। कर्मचारी बरत रहे हैं अतिरिक्त सावधानी एअर इंडिया के अनुसार, कंपनी का इंजीनियरिंग स्टाफ और पायलट फिलहाल अतिरिक्त सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। भविष्य में किसी भी दुर्घटना को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए व्यापक स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं।

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पुतिन की पहल: ईरान-इस्राइल के बीच शांति वार्ता को तैयार रूस, मध्यस्थता का प्रस्ताव अमेरिका को भी भेजा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे संघर्ष को शांतिपूर्वक सुलझाने की पेशकश की है। सेंट पीटर्सबर्ग में इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान मीडिया से बातचीत में पुतिन ने कहा कि रूस के ईरान के साथ लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं, और उन्होंने यह विश्वास जताया कि मॉस्को इस टकराव को सुलझाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। पुतिन ने बताया कि रूस ने ईरान के बुशेहर में पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना में मदद की थी, और इस समय वहां दो अन्य प्लांट्स के निर्माण में करीब 200 रूसी विशेषज्ञ सहायता दे रहे हैं। पुतिन ने सुझाव दिया कि अगर दोनों पक्ष राज़ी हों, तो रूस एक ऐसा समझौता करवा सकता है जिससे ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रख सके और इस्राइल की सुरक्षा चिंताओं को भी समाधान मिल सके। उन्होंने इसे एक “संवेदनशील लेकिन सुलझाया जा सकने वाला मसला” बताया। रूस ने यह मध्यस्थता प्रस्ताव न केवल ईरान और इस्राइल, बल्कि अमेरिका को भी भेजा है। पुतिन ने साफ कहा कि रूस किसी पर अपनी राय थोपना नहीं चाहता, बस सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। पुतिन ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की थी और पश्चिम एशिया में शांति की संभावनाओं पर चर्चा की थी। हालांकि, ट्रंप ने पुतिन को सलाह दी कि वे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम पर ध्यान दें। पुतिन ने ट्रंप की कूटनीतिक सोच की सराहना की और कहा कि अगर ट्रंप 2022 में राष्ट्रपति होते तो शायद रूस-यूक्रेन युद्ध हुआ ही नहीं होता। उन्होंने एक बार फिर शांति वार्ता के लिए यूक्रेन से बातचीत की इच्छा जताई, लेकिन साथ ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की संवैधानिक वैधता पर सवाल भी उठाए, यह कहते हुए कि उनका कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है।

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दक्षिण अफ्रीका में भीषण बाढ़: 78 लोगों की मौत, राष्ट्रपति रामाफोसा प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे दौरा

दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी केप प्रांत में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है। यह प्रांत देश के सबसे गरीब इलाकों में शामिल है। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां राहत और बचाव अभियान चौथे दिन भी जारी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। राष्ट्रपति की यात्रा, आलोचनाओं के बीच राष्ट्रपति रामाफोसा म्थाथा शहर जाएंगे, जहां मंगलवार सुबह आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब आपदा प्रबंधन में सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर आलोचना हो रही है। भीषण मौसम ने बढ़ाई मुसीबत इस आपदा का कारण अत्यधिक खराब मौसम को माना जा रहा है। क्षेत्र में तीव्र बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग ने पिछले हफ्ते ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी। संसाधनों की कमी से जूझ रहा प्रांत पूर्वी केप प्रांत के प्रमुख ऑस्कर माबुयाने ने बताया कि 72 लाख की आबादी वाले इस प्रांत में मात्र एक ही बचाव हेलीकॉप्टर उपलब्ध है, जिसे 500 किलोमीटर दूर से मंगवाया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद शुरुआती घंटों में राहत कार्य ठप हो गया था, क्योंकि विशेष बचाव दल, गोताखोर और खोजी कुत्तों की कमी थी। बाढ़ ने ली नींद में ही जान बाढ़ सुबह के समय आई, जब अधिकांश लोग सो रहे थे। कई लोग पानी में बह गए, उनके घर और सामान तबाह हो गए। अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान जारी है और और शव मिलने की आशंका है, क्योंकि बचावकर्मी बाढ़ के पानी और मलबे में जाँच कर रहे हैं। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल हैं।

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अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त; 242 यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता

गुरुवार को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान, जिसमें 242 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह भारत में पिछले तीन दशकों की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक हो सकती है। प्रमुख घटनाक्रम:

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पाकिस्तान देगा मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए परिजनों के नाम पर हर्जाना!

भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान सरकार उसे 14 करोड़ रुपये की बड़ी राशि देने वाली है। यह रकम भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए मसूद के परिजनों की मौत के हर्जाने के तौर पर दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य अड्डे बहावलपुर में कार्रवाई की थी, जिसमें मसूद अजहर के परिवार के करीब 14 सदस्य मारे गए थे। अब पाकिस्तान सरकार हर मृतक के नाम पर 1 करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 14 करोड़ रुपये का मुआवजा देने जा रही है। हालांकि पाकिस्तान अक्सर ये दावा करता है कि उसे मसूद अजहर की लोकेशन की जानकारी नहीं है, लेकिन इस मुआवजे से साफ है कि मसूद पाकिस्तान में ही मौजूद है और वहां की सरकार उसे संरक्षण दे रही है। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी हुई है क्योंकि यह आशंका जताई जा रही है कि मसूद इस राशि का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को फिर से खड़ा करने, हथियार जुटाने और नए आतंकियों की भर्ती व ट्रेनिंग में कर सकता है। पाकिस्तान सरकार के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकने और आतंकवाद को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के रूप में देखा जा रहा है।

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तुर्की की पोल खुली: पाकिस्तान को भारत पर हमले में दी थी बड़ी मदद, एयरस्ट्राइक में मारे गए तुर्की ऑपरेटर्स

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस एयरस्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। जवाबी कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों को ड्रोन्स और मिसाइलों से निशाना बनाया, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए तुर्की से मदद ली थी। सूत्रों के अनुसार, तुर्की ने पाकिस्तान को 350 से ज्यादा ड्रोन उपलब्ध कराए और उन्हें ऑपरेट करने के लिए अपने सैन्य विशेषज्ञ भी भेजे। ड्रोन अटैक की योजना और क्रियान्वयन में तुर्की के सैन्य सलाहकारों की सीधी भागीदारी थी। पाकिस्तानी कार्रवाई से पहले तुर्की का एक युद्धपोत कराची बंदरगाह पर भी पहुंचा था, जिसे लेकर पाक मीडिया ने दावा किया कि उसमें हथियार थे। हालांकि, तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने इसे झूठा बताया था। अब ताजा रिपोर्ट्स से यह पुष्टि हो गई है कि तुर्की ने पाकिस्तान को हथियार और सैन्य सहायता प्रदान की थी। भारत की जवाबी कार्रवाई में सिर्फ पाकिस्तानी सैनिक ही नहीं, बल्कि तुर्की के दो ड्रोन ऑपरेटर्स भी मारे गए। इसके अलावा पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच एक और गंभीर चिंता का विषय सामने आया है। भारत की एयरस्ट्राइक से पाकिस्तान के सरगोधा स्थित मुशाफ एयरबेस और किराना हिल्स इलाके में परमाणु विकिरण फैलने की खबरें हैं। किराना हिल्स में ही पाकिस्तान की परमाणु हथियार भंडारण सुविधा मौजूद है। विकिरण खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपने ऊर्जा विभाग की परमाणु आपातकालीन टीम का विमान मौके पर भेजा है, ताकि स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके अलावा मिस्र ने भी बोरोन नामक रसायन, जो रेडिएशन को कम करने में इस्तेमाल होता है, विमान से पाकिस्तान भेजा है। हालांकि इस गंभीर मुद्दे पर न ही पाकिस्तान और न ही अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट मोड में, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियाँ रद्द, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट

भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालातों के बीच, केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना द्वारा की गई कार्रवाई – ऑपरेशन सिंदूर – के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए गृह मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। साथ ही, सभी अर्धसैनिक बलों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जवानों को ड्यूटी पर तुरंत लौटने का आदेश दिया गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। केंद्रीय एजेंसियों और राज्यों की पुलिस को चौकन्ना रहने और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके के आतंकी अड्डों पर किए गए हमलों के बाद सीमा पर तनाव बढ़ गया है। गृह मंत्रालय ने यह कदम किसी भी संभावित खतरे या आतंकी जवाबी कार्रवाई को रोकने के उद्देश्य से उठाया है। इस फैसले की व्यापक चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है, जहां कई यूजर्स ने इसे भारत की सख्त और निर्णायक सुरक्षा नीति का प्रतीक बताया है। केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर बनी रहेंगी।

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छत्तीसगढ़: पहलगाम आतंकी हमले के बाद दुर्ग पुलिस अलर्ट, मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में छापामारी, फरार वारंटी गिरफ्तार

दुर्ग, 27 अप्रैल 2025:जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में दुर्ग पुलिस ने रविवार तड़के जिले के विभिन्न मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई में फरार चार वारंटियों को हिरासत में लिया गया है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं, जिनका नेतृत्व एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर, अभिषेक झा और पद्मश्री तंवर कर रहे थे। सभी टीमों ने रविवार सुबह 4 बजे से छापेमारी शुरू की। एएसपी अभिषेक झा के नेतृत्व में मोहन नगर थाना क्षेत्र के उरला स्थित बॉम्बे आवास में छापा मारा गया, वहीं एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने भिलाई तीन थाना क्षेत्र के हथखोज इलाके में और एएसपी पद्मश्री तंवर ने सुपेला थाना क्षेत्र में सुपेला मस्जिद के पीछे के इलाके में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने हर घर की गहन तलाशी ली, निवास से संबंधित दस्तावेजों की जांच की और स्थानीय निवासियों के फिंगर प्रिंट लिए। इन फिंगर प्रिंट्स को पुलिस के आपराधिक रिकॉर्ड डेटाबेस से मिलान किया जाएगा। बॉम्बे आवास क्षेत्र से फरार चल रहे चार वारंटियों को हिरासत में लिया गया है। एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई रविवार तड़के 4:30 बजे शुरू हुई थी। पुलिस की इस सघन कार्रवाई का मकसद संभावित संदिग्धों की पहचान कर राज्य में किसी भी आपराधिक या आतंकी गतिविधि को रोकना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद राज्य भर में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नागरिकों की भी तलाश की जा रही है।

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