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पुलिस लाइन में 541 जवानों की जनरल परेड, एसपी ने लिया अनुशासन और फिटनेस का निरीक्षण

पुलिस लाइन में आयोजित जनरल परेड में जिले के विभिन्न थाना, शाखा और इकाइयों से कुल 541 अधिकारी और जवान शामिल हुए। परेड के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जवानों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टर्न आउट और परेड संचालन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समय पालन, फिटनेस और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम जनता के साथ संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी के दौरान सतर्क रहने, नियमित शारीरिक प्रशिक्षण करने और बेहतर समन्वय व टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए नियमित परेड और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Akshay Sabadra, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Sushil Nayak, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Aishwarya Chandraakar सहित जिले के सभी उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, रक्षित निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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UPSC Prelims 2026: छत्तीसगढ़ में 13 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, फेस स्कैन के बाद मिली एंट्री

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 आज 24 मई को छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई। परीक्षा के लिए रायपुर और बिलासपुर में केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 13 हजार 319 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। रायपुर के 22 परीक्षा केंद्रों में 8 हजार 449 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जबकि बिलासपुर के 14 केंद्रों में 4 हजार 870 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। इस बार परीक्षा में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का फेस स्कैन किया गया। पहचान सत्यापित होने के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और पुलिस पेट्रोलिंग टीम लगातार निगरानी करती रही। रायपुर कलेक्टर Gaurav Singh ने पहले ही अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की अपील की थी। निर्धारित समय के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी गई। रायपुर में परीक्षा केंद्रों के आसपास 500 मीटर के दायरे में ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्था रोकने के निर्देश भी जारी किए गए थे। गोपनीय परीक्षा सामग्री का वितरण जिला कोषालय से किया गया। बिलासपुर में कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिनमें शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कोनी, सीएमडी कॉलेज, बिलासा गर्ल्स कॉलेज और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सहित कई संस्थान शामिल रहे।

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धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

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रायपुर में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी: डॉग बाइट मरीजों को नहीं मिल रहा पूरा इलाज

रायपुर में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। स्थिति यह है कि कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को केवल पहला डोज लगाया जा रहा है, जबकि बाद के जरूरी डोज के लिए उन्हें मना कर दिया जाता है। वजह है वैक्सीन का बेहद सीमित स्टॉक। ऐसे में लोगों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोर्स से 600 से 1200 रुपए तक खर्च कर इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। जांच में कई स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी डॉक्टरों ने माना कि लगातार वैक्सीन की मांग भेजी जा रही है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही। अधिकारियों के मुताबिक डिमांड भेजने के 15 से 20 दिन बाद भी जरूरत का सिर्फ 15 से 20 प्रतिशत स्टॉक ही उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉग बाइट के मामलों में समय पर सभी डोज लगना बेहद जरूरी होता है। लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण मरीज अधूरा इलाज करवाने को मजबूर हैं, जिससे रेबीज संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। शहर के कई स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुढ़ियारी केंद्र में हर महीने 600 डोज की जरूरत होती है, लेकिन केवल 60 से 70 डोज उपलब्ध हैं। बीरगांव में 450 डोज की जरूरत के मुकाबले सिर्फ 100 डोज मौजूद हैं। वहीं भाठागांव, रामनगर और खोखोपारा केंद्रों में भी जरूरत की तुलना में बहुत कम वैक्सीन उपलब्ध है। रायपुर जिला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी Dr. Sarthak Nanda ने बताया कि कुत्तों को एक इलाके से हटाकर दूसरे इलाके में छोड़ने से उनका व्यवहार आक्रामक हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुत्तों के बधियाकरण और सही प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं Dr. Mithilesh Chaudhary ने कहा कि एंटी-रेबीज इंजेक्शन की मांग उच्च कार्यालय को भेज दी गई है और जिन केंद्रों में स्टॉक नहीं है, वहां जल्द सप्लाई उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

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रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: 9 दिन में तीसरी बार महंगा हुआ फ्यूल, पेट्रोल 105 रुपए के पार

राजधानी रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। नई दरों के बाद रायपुर में पेट्रोल की कीमत करीब 105.19 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 98.29 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा में पेट्रोल 106.52 रुपए और डीजल 99.68 रुपए प्रति लीटर हो गया है। बिलासपुर में पेट्रोल 106.05 रुपए और डीजल 99.16 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ेगा। आने वाले दिनों में बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले दाम बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने की अफवाहों के चलते रायपुर समेत कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली थीं। लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाया, जिससे कुछ जगहों पर पंप बंद होने जैसी स्थिति भी बन गई थी। हालांकि फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर कार्यालय की ओर से शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, टैक्स, रिफाइनिंग खर्च और डीलर कमीशन के आधार पर तय होती हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स दरें अलग होने की वजह से हर शहर में ईंधन के दाम भी अलग होते हैं। तेल कीमतों में ताजा बढ़ोतरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया है।

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रायपुर की सिटी बसों की खुली पोल: सीटें फटी मिलीं, कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं

राजधानी रायपुर में चल रही सिटी बसों की खराब व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। रायपुर रेलवे स्टेशन और शहीद स्मारक भवन के पास किए गए औचक निरीक्षण में कई बसों में गंभीर खामियां मिलीं। जांच के दौरान बसों की सीटें फटी हुई पाई गईं, जबकि किसी भी बस में फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद नहीं था। इसके बाद संबंधित अनुबंधित फर्म को नोटिस जारी कर जल्द सुधार के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर जिला शहरी सार्वजनिक सर्विस सोसाइटी की टीम ने 18 मई को अलग-अलग रूटों पर चल रही बसों की जांच की। निरीक्षण में रायपुर-खरोरा, रायपुर-खैरखुंट, रायपुर-चंद्रखुरी और रायपुर-मानसोज मार्ग की बसों को शामिल किया गया। जांच में यह जरूर पाया गया कि सभी बसों में अग्निशामक यंत्र मौजूद थे, लेकिन यात्रियों की आपातकालीन जरूरतों के लिए जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही माना है। सोसाइटी की ओर से कहा गया कि बसों का संचालन फिटनेस टेस्ट के बाद ही किया जाता है। बसों के ब्रेक और हेडलाइट सही स्थिति में पाए गए। अतिरिक्त रोशनी के लिए दो अतिरिक्त लाइटें भी लगाई गई हैं। हालांकि निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ बसों को रोकने के लिए पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बसों की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बसों की सीटों की मरम्मत डिपो में लगातार की जाती है और अनुबंधित कंपनी को समय-समय पर सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।

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स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और लगातार बिजली आपूर्ति में बाधा को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन के संकेत दिए हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने आरोप लगाया कि कई उपभोक्ताओं को इस महीने सामान्य से दो से तीन गुना तक ज्यादा बिजली बिल मिला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर को हटाने पर विचार किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि वह गांव-गांव और शहरों में जाकर लोगों को जागरूक करेगी और सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेगी। इसके साथ ही प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि गर्मी के मौसम में शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे आमजन परेशान हैं। दीपक बैज ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को बिजली सरप्लस राज्य माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बिगड़ चुकी है। रात के समय बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कांग्रेस का कहना है कि जनता पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों और महंगी दरों से परेशान है, और ऊपर से लगातार बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं।

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सिंघोड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 22 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण, कैंसर से बचाव अभियान तेज | महासमुंद

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कैंसर से बचाव को लेकर एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघोड़ा में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 14 वर्ष आयु वर्ग की कुल 22 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। यह अभियान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रोगों से सुरक्षित करना है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक और खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी.आर. धृतलहरे भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय मितानिनों के सहयोग से टीकाकरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम में यह भी देखा गया कि भीषण गर्मी के बावजूद बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक शिविर में पहुंचकर टीका लगवाया। ग्राम रूढ़ा की एक छात्रा ने अपनी सहपाठियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया, जिसके लिए उसे सम्मानित भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और यह कैंसर से बचाव में प्रभावी भूमिका निभाती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और समय पर टीकाकरण का लाभ लें।

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पोलियो वैक्सीन की 8500 शीशियां टूटीं, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा, लाखों का नुकसान | बस्तर-रायपुर

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सरकारी अस्पतालों में ओरल पोलियो वैक्सीन की बड़ी खेप में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। सप्लाई के दौरान करीब 8500 से अधिक वैक्सीन वायल्स टूटी और चटकी हुई हालत में पाई गईं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। यह वैक्सीन नवजात और छोटे बच्चों को पोलियो से सुरक्षा देने के लिए भेजी गई थी, जिससे लगभग 1.71 लाख बच्चों को लाभ मिल सकता था, लेकिन खराब स्थिति के कारण पूरी खेप को इस्तेमाल से रोक दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी क्षतिग्रस्त वायल्स को बायो-मेडिकल वेस्ट गाइडलाइंस के तहत तुरंत नष्ट किया जाए। प्रारंभिक जांच में इस नुकसान के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं, जिनमें अत्यधिक ठंड के कारण फ्रीजिंग स्ट्रेस, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान खराब सड़कों पर झटकों से कांच का टूटना और निर्माण स्तर पर ग्लास क्वालिटी में संभावित तकनीकी खराबी शामिल हैं। बस्तर क्षेत्र में जर्जर सड़कों और डिलीवरी के दौरान सुरक्षा पैकेजिंग की कमी को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान बस्तर संभाग में दर्ज किया गया है, जहां करीब 40,000 खुराक की खेप में से लगभग 7000 वायल टूटी हुई पाई गईं। दंतेवाड़ा जिले में भेजी गई 5000 खुराक में से 1500 वायल खराब मिलीं, जबकि सुकमा में केवल 50 वायल क्षतिग्रस्त पाई गईं जिन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकारी अनुमान के अनुसार एक वायल की कीमत लगभग 220 से 250 रुपये है, ऐसे में हजारों वायल के नष्ट होने से सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ओरल पोलियो वैक्सीन का उत्पादन देश की प्रमुख राष्ट्रीय लैब्स जैसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और अन्य केंद्रों में किया जाता है। इसके बाद इसे कोल्ड-चेन सिस्टम के तहत विशेष रेफ्रिजरेटेड वाहनों से रायपुर स्टेट वैक्सीन स्टोर और फिर अलग-अलग जिलों तक पहुंचाया जाता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग ने सप्लाई और स्टोरेज सिस्टम की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।

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12वीं बोर्ड पेपर लीक कांड: PTI शिक्षक ने 3000 रुपये में बेचा प्रश्न पत्र, जांच में बड़ा खुलासा | रायपुर

छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड हिंदी परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर कोतवाली पुलिस की जांच में सामने आया है कि बेमेतरा जिले के एक सरकारी स्कूल में पदस्थ PTI शिक्षक ने कथित तौर पर हाथ से लिखकर तैयार किया गया प्रश्न पत्र एक NSUI नेता को मात्र 3000 रुपये में उपलब्ध कराया। इस मामले में पुलिस ने PTI शिक्षक जवाहर लाल और विकास सेन को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मास्टरमाइंड के रूप में NSUI नेता वेणु कुमार जंघेल की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोप है कि लीक किया गया प्रश्न पत्र आगे टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए हजारों छात्रों तक पहुंच गया। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में कई स्तरों पर लापरवाही और संभावित मिलीभगत हो सकती है। इसी आधार पर अब बेमेतरा जिले के परीक्षा केंद्र प्रभारी और एग्जाम कंट्रोलर भी जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस के अनुसार 13 मार्च की रात टेलीग्राम पर प्रश्न पत्र की तस्वीर वायरल हुई थी, जो परीक्षा से लगभग 10 घंटे पहले छात्रों तक पहुंच गई थी। इसे बड़ी संख्या में लोगों ने डाउनलोड और शेयर किया। फिलहाल पुलिस इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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