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भिलाई में रिश्वत लेते ट्रैफिक SI का VIDEO वायरल, 200 रुपए लेते दिखा अधिकारी

दुर्ग जिले के भिलाई से पुलिस विभाग से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर युवक से चालान के बदले 200 रुपए लेते दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में एक कॉन्स्टेबल धारा 307 के आरोपी से हाथ मिलाते और गले लगते नजर आ रहा है। पहला मामला दुर्ग ट्रैफिक विभाग से जुड़ा है। वायरल वीडियो में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर महेश्वर देवांगन युवक से पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी सुनाई दे रहा है कि अधिकारी युवक को पैसे गिनने के लिए कह रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक एसआई महेश्वर देवांगन को लाइन अटैच कर दिया है। ट्रैफिक टीआई टीडी चंद्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरा वीडियो पावर हाउस रेलवे स्टेशन के सामने का बताया जा रहा है। इसमें छावनी थाना में पदस्थ कॉन्स्टेबल प्रमोद साहू एक युवक से हाथ मिलाते और गले लगते नजर आ रहे हैं। युवक की पहचान बाबू खान के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक बाबू खान के खिलाफ जामुल थाना में धारा 307 के तहत मामला दर्ज है और वह फिलहाल जमानत पर बाहर है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी जेल जा चुका है। हालांकि दूसरे वीडियो को लेकर अब तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही किसी तरह की कार्रवाई की पुष्टि हुई है।

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बिलासपुर में कॉन्स्टेबल की मौत पर घिरा श्रीराम केयर अस्पताल, MLA दिलीप लहरिया ने लाइसेंस रद्द करने की मांग उठाई

बिलासपुर के श्रीराम केयर अस्पताल में पथरी के इलाज के दौरान आरक्षक सत्यकुमार पाटले की मौत के मामले में अब राजनीतिक विवाद भी गहराने लगा है। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की चेतावनी भी दी है। मामले में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार आकाश गुप्ता ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सत्यकुमार की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में डॉक्टरों ने किडनी में इंफेक्शन होने की बात कही थी, लेकिन बाद में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। इसके बाद सिम्स के चार डॉक्टरों की टीम ने बिसरा जांच कराने की सलाह दी है। परिवार ने मामले को दबाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। बुधवार को विधायक दिलीप लहरिया मृतक आरक्षक के पिता और अन्य परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर संजय अग्रवाल को शिकायत सौंपी। विधायक ने कहा कि श्रीराम केयर अस्पताल में इलाज में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल के खिलाफ शिकायतें और मुद्दे उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्यकुमार केवल सामान्य पथरी का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन गलत इलाज और लापरवाही के चलते उनकी मौत हो गई। विधायक ने कहा कि अस्पताल में हुई अन्य मौतों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है और पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जांच रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विधायक ने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। क्या है पूरा मामला? मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम एरमशाही निवासी 36 वर्षीय सत्यकुमार पाटले पुलिस विभाग में आरक्षक थे और उनकी पोस्टिंग सरकंडा थाने में थी। 26 अप्रैल को पेट दर्द की शिकायत के बाद वे नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने पथरी बताकर ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अगले दिन तक सत्यकुमार सामान्य थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस दौरान करीब चार घंटे तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उन्हें देखने नहीं पहुंचा। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी हालत गंभीर हुई और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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भीषण गर्मी में खराब खाना बेचने वालों पर प्रशासन सख्त, शहर की 12 से ज्यादा दुकानों में छापा

राजधानी में बढ़ती गर्मी के बीच खराब और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने शहर में एक साथ 12 से ज्यादा दुकानों, बेकरी, कैंटीन और पानी बनाने वाली यूनिट्स पर छापेमारी की। जांच के दौरान टीम ने तीन अस्पताल कैंटीन, पांच पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माता और विक्रेता फर्मों के साथ ही छह आइसक्रीम विक्रेताओं की जांच की। कई जगहों से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान करीब 5 किलो एक्सपायर्ड ब्रेड मौके पर ही नष्ट करवाई। वहीं दो फर्मों को सुधार सूचना नोटिस जारी किया गया है। अस्पताल कैंटीनों में साफ-सफाई की खराब व्यवस्था देखकर अधिकारी नाराज नजर आए। सभी संचालकों को साफ चेतावनी दी गई है कि गंदगी या खराब खाद्य सामग्री मिलने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण कुल्फी, आइसक्रीम, जूस और अन्य ठंडी चीजों की मांग तेजी से बढ़ी है। अधिक मुनाफा कमाने के लिए कई दुकानदार गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं और खराब सामग्री या अस्वच्छ पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसी खाद्य सामग्री के सेवन से लोगों में उल्टी, दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। खासतौर पर बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है। कई दुकानों में पुराने केक, पेस्ट्री और नाश्ते की चीजों को फ्रिज में रखकर दोबारा बेचे जाने की शिकायतें भी मिली हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए अभियान लगातार चलाया जाएगा, जो जून तक जारी रहेगा।

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रायपुर में महिला से चेन लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी का सोना खरीदने वाला सुनार भी पकड़ा गया

राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में महिला से सोने की चेन लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में चोरी की चेन खरीदने वाले सुनार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने पांच दिनों में करीब 150 CCTV फुटेज की जांच की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान तिल्दा नेवरा निवासी विवेक उर्फ छोटू के रूप में हुई है, जबकि चोरी का सोना खरीदने वाले सुनार का नाम प्रशांत उर्फ संतु केशरवानी बताया गया है। घटना 29 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6:40 बजे की है। पीड़िता हेमलता वैध अपने घर के बाहर पानी का नल लगाने निकली थीं। इसी दौरान बाइक सवार एक नाबालिग उनके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। घटना के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मयंक गुर्जर, स्मृतिक राजनाला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. मानसी साकोरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के करीब 150 CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और वाहन संबंधी जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में विवेक उर्फ छोटू ने वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने लूटी गई चेन प्रशांत उर्फ संतु केशरवानी को बेच दी थी। इसके बाद पुलिस ने सुनार को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चेन को गलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 16 ग्राम सोना, 1.5 लाख रुपए नकद और घटना में इस्तेमाल बाइक जब्त की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर NSUI का CM हाउस घेराव आज, बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने जताया समर्थन

रायपुर में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर आज 7 मई को NSUI शाम 4 बजे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और युवा नेताओं ने अपनी राय रखी। दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही छात्र संघ चुनाव के समर्थन में नजर आए, हालांकि चुनाव नहीं होने को लेकर दोनों दलों ने एक-दूसरे पर सवाल भी उठाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रायपुर के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि छात्र संघ चुनाव नेतृत्व तैयार करने की पहली पाठशाला होते हैं। उनके मुताबिक विश्वविद्यालय और कॉलेजों में होने वाले चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संगठन क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के कई बड़े नेता छात्र राजनीति से निकलकर आगे आए हैं। कांग्रेस शासनकाल में चुनाव नहीं होने के सवाल पर प्रमोद दुबे ने कहा कि सरकार तैयार थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता मृत्युंजय दुबे ने भी छात्र संघ चुनाव को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं को निर्वाचित प्रतिनिधि बेहतर तरीके से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। उनके अनुसार 18 साल का युवा जब देश के जनप्रतिनिधि चुन सकता है, तो उसे अपने कॉलेज में भी प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि मृत्युंजय दुबे ने कांग्रेस और NSUI पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी चुनाव बंद रहे, तब संगठन ने इस मुद्दे पर ज्यादा आवाज नहीं उठाई। भाजयुमो के पूर्व प्रदेश मंत्री और PTRSU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रखर मिश्रा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव गरीब और मध्यमवर्गीय युवाओं को राजनीति में आगे आने का मौका देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र राजनीति में ABVP के प्रभाव के कारण अब NSUI चुनाव की मांग को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। इस पर पलटवार करते हुए NSUI जिलाध्यक्ष शांतनु झा ने कहा कि 2019 से 2022 तक कोरोना महामारी के चलते छात्र संगठन चुनाव नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सरकार दोबारा बनती, तो चुनाव जरूर कराए जाते। उन्होंने कहा कि NSUI लगातार छात्र हित में आंदोलन कर रही है और अब भी चुनाव कराने की मांग पर अड़ी हुई है।

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हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी में LLB फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट अटका, इंग्लिश पेपर बना वजह

दुर्ग स्थित Hemchand Yadav Vishwavidyalaya में एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हो सका है। इस देरी की मुख्य वजह लीगल इंग्लिश विषय का पेपर बना है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्तर हिंदी में लिख दिए, जबकि परीक्षा के नियमों के अनुसार इसे अंग्रेजी में लिखना अनिवार्य था। जानकारी के मुताबिक करीब 80 प्रतिशत छात्रों ने इस पेपर में हिंदी का उपयोग किया, जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने मूल्यांकन को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। यदि नियमों के अनुसार कॉपियों की जांच की जाती है, तो बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने की आशंका है। वहीं, यदि छात्रों को राहत दी जाती है तो नियमों की अनदेखी का सवाल उठेगा। इसी दुविधा के चलते रिजल्ट फिलहाल रोका गया है। दुर्ग संभाग के दुर्ग, राजनांदगांव और बालोद जिलों के करीब 5-6 कॉलेज इस यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं, जहां एलएलबी की पढ़ाई होती है। छात्रों को पहले ही यह निर्देश दिया गया था कि लीगल इंग्लिश का पेपर अंग्रेजी में ही लिखना है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश छात्रों ने हिंदी में उत्तर लिख दिए। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि यह मामला अब उच्च स्तर पर विचाराधीन है। 8 मई को स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद 9 मई को कार्यपरिषद की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी बैठक में तय होगा कि रिजल्ट जारी किया जाए या फिर दोबारा परीक्षा कराई जाए। रिजल्ट में देरी से छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि पहले सेमेस्टर का परिणाम नहीं आने के बावजूद दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई और परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे वे असमंजस और तनाव में हैं। छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया है और जल्द से जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग की है, ताकि छात्र अपनी आगे की पढ़ाई की योजना स्पष्ट रूप से बना सकें।

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बिलासपुर गौधाम में अव्यवस्था: 10×26 शेड में 205 मवेशी, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के लाखासार स्थित गौधाम में गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। यहां महज 10×26 फीट के छोटे से शेड में 200 से अधिक मवेशियों को रखा गया है, जिससे उनके बैठने तक की जगह नहीं बची है। इस मामले को लेकर Chhattisgarh High Court ने राज्य सरकार से शपथपत्र के माध्यम से जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार, इस गौधाम का उद्घाटन 14 मार्च को मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने किया था। करीब 25 एकड़ में बने इस परिसर में पशु संरक्षण और विकास के लिए कई घोषणाएं भी की गई थीं, जिनमें प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस शामिल हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छोटे से शेड में 205 मवेशियों को ठूंसकर रखा गया है, जबकि पशु चिकित्सकों के अनुसार एक मवेशी के लिए कम से कम 30 से 40 वर्गफुट जगह आवश्यक होती है। इस स्थिति में पशुओं के बीमार होने और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। गौधाम में चारा और पानी की भी कमी बताई जा रही है। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध नहीं है और पूरे परिसर की देखरेख केवल एक चौकीदार के भरोसे है, जिसे सीमित वेतन पर 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। इसके अलावा, नवजात बछड़ों को उनकी मां से अलग रखने की बात भी सामने आई है, जो पशु कल्याण के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौधाम का उद्देश्य सड़कों से मवेशियों को हटाना था, लेकिन अब भी आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी घूमते नजर आते हैं। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Ravindra Kumar Agrawal की खंडपीठ में हुई। अगली सुनवाई 14 मई को निर्धारित की गई है।

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छत्तीसगढ़ में पीजी कोर्स में भी लागू होगी NEP, पाठ्यक्रम में जुड़ेगी भारतीय ज्ञान परंपरा

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्नातक (यूजी) के बाद अब स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य का उच्च शिक्षा विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है और नए पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा को भी शामिल किया जाएगा। पिछले शैक्षणिक सत्र में रायपुर के साइंस कॉलेज जैसे स्वायत्त संस्थानों और विश्वविद्यालयों के पीजी कोर्स में NEP लागू किया जा चुका है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब इसे प्रदेश के अन्य शासकीय और निजी कॉलेजों में भी विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। नई शिक्षा व्यवस्था के तहत पीजी पाठ्यक्रमों को अधिक लचीला और रोजगारपरक बनाया जाएगा। इसमें मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा, क्रेडिट आधारित सिस्टम और फ्लेक्सिबल एंट्री-एग्जिट जैसे प्रावधान शामिल होंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए पाठ्यक्रमों में बदलाव, शिक्षकों का प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में 9 शासकीय विश्वविद्यालय हैं, जिनसे सैकड़ों शासकीय और निजी कॉलेज संबद्ध हैं, जिनमें ऑटोनोमस कॉलेज भी शामिल हैं। 7 मई को होगी अहम समीक्षा बैठक:उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा 7 मई को विभागीय समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में पीजी पाठ्यक्रमों में NEP लागू करने सहित 17 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में शिक्षक भर्ती, शैक्षणिक कैलेंडर और कॉलेजों में ऑनलाइन उपस्थिति जैसे विषय भी शामिल होंगे। क्या है भारतीय ज्ञान परंपरा:भारतीय ज्ञान परंपरा भारत की प्राचीन बौद्धिक धरोहर है, जिसमें गणित, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, दर्शन और धातु विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना है, ताकि छात्र अपनी जड़ों से जुड़ सकें और समकालीन चुनौतियों का समाधान खोज सकें। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत इसे पीजी पाठ्यक्रम में शामिल करने का मकसद छात्रों में नैतिक मूल्यों का विकास करना और उन्हें प्राचीन भारतीय ज्ञान से परिचित कराना है। इसके जरिए छात्र कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लेकर वैदिक गणित जैसे विषयों का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर सकेंगे।

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खमतराई ब्रिज के पास पानी चोरी पर निगम की सख्त कार्रवाई, अवैध कनेक्शन काटे

रायपुर में खमतराई ब्रिज के पास पानी की चोरी के मामले में नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई की है। महापौर मीनल चौबे, जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जल कार्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध नल कनेक्शनों को हटाया। यह कार्रवाई रावणभाठा फिल्टर प्लांट की टीम और नगर निगम जोन क्रमांक 2 के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से की गई। जांच के दौरान पाया गया कि राइजिंग मेन पाइप लाइन से गैरकानूनी तरीके से पानी लिया जा रहा था, जिसे तत्काल प्रभाव से बंद किया गया। कार्रवाई के दौरान जोन 2 के जोन कमिश्नर संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता नर सिंह फरेन्द्र, पी.डी. धृतलहरे, सहायक अभियंता योगेन्द्र कुमार देवांगन सहित जल विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निगम ने साफ किया है कि पानी चोरी के मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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रायपुर में 136 पुलिसकर्मियों के तबादले, 2 SI समेत ASI और जवानों की बड़े स्तर पर बदली

Raipur पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 136 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। जारी सूची के अनुसार, इस तबादला आदेश में 2 सब-इंस्पेक्टर (SI), 16 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और 118 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं। सभी को अलग-अलग थानों और इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस विभाग के अनुसार, यह फेरबदल कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। आदेश जारी होते ही इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस बड़े पैमाने के तबादले के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और नए पदस्थापना के अनुसार जिम्मेदारियां संभालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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