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भिलाई: नौकरी की तलाश में ऑनलाइन कंपनी से जुड़े दो इंजीनियरिंग पास युवक, फर्जीवाड़े के केस में यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के भिलाई में रहने वाले दो सगे भाई नौकरी के चक्कर में फर्जी कंपनी के झांसे में आ गए। परिवार के मुताबिक, इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब दोनों को रोजगार नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन जॉब जॉइन कर ली। अब यूपी पुलिस ने उन्हें ठगी और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट मामले में हिरासत में ले लिया है। पिता शिवशंकर शाह का कहना है कि उन्होंने 36 साल तक अंडे की दुकान चलाकर बच्चों को इंजीनियर बनाया, इसके लिए 10 लाख रुपये तक का लोन लिया। मगर अब उनके बेटे शुभम शाह (27) और विष्णु कुमार शाह (31) जेल में हैं, जबकि जिस अरेबियन कंपनी पर मामला दर्ज है, उसका नाम उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था। भिलाई से उठाकर ले गई यूपी पुलिस 11 सितंबर की रात भिलाई कैंप-1 सुभाष चौक से चार से ज्यादा लोग अचानक पहुंचे और दोनों भाइयों को गाड़ी में बिठाकर ले गए। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और छावनी थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अगले दिन स्पष्ट हुआ कि दोनों को यूपी पुलिस ने अंबेडकर नगर ज़िले के सुल्तानपुर राजे थाने में दर्ज केस में पकड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी में विदेश भेजने और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट तैयार कराने के आरोप में FIR दर्ज है। FIR कंपनी के खिलाफ हुई है, लेकिन यूपी पुलिस ने पूछताछ के आधार पर शुभम और विष्णु को भी अज्ञात आरोपी मानकर गिरफ्तार किया है। फर्जी कंपनी में HR हेड बने थे विष्णु परिवार का कहना है कि बड़ा बेटा विष्णु “बी फॉर एफ माइक्रो फाइनेंस” नामक कंपनी से जुड़ा था। उसे छत्तीसगढ़ का HR हेड बनाया गया था। उसका काम केवल मोबाइल पर इंटरव्यू लेकर रिपोर्ट भेजना था, पैसों का लेन-देन उसके पास नहीं था। 5 महीने काम करने के बाद भी उसे सिर्फ एक बार 25 हजार रुपए मिले, तीन महीने की सैलरी आज तक नहीं मिली। पिता ने बताया कि कंपनी ने पहले गाजियाबाद बुलाया था, फिर घर से काम करने को कहा। ऑफिस खोलने की बात भी हुई, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह संभव नहीं हो पाया। परिवार पर संकट, शादी पर भी खतरा विष्णु की फरवरी में शादी तय है, सगाई हो चुकी है। पिता को डर है कि जेल जाने से बेटों का भविष्य और शादी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि दोनों बेटे ठगी के आरोपी नहीं हैं, बल्कि फर्जी कंपनी के शिकार हुए हैं। दुर्ग पुलिस बोली- जांच यूपी में दुर्ग पुलिस का कहना है कि अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज है और वहीं की पुलिस जांच कर रही है। आगे का फैसला यूपी की अदालत ही करेगी।

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रायगढ़: मछली कंपनी के ड्राइवर से 2.57 लाख की लूट, बदमाश एक्टिवा छोड़कर भागे

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम बड़ी लूट की वारदात हुई। एमएम फिश कंपनी के ड्राइवर मोहम्मद रफीक से तीन अज्ञात बदमाशों ने करीब 2 लाख 57 हजार 660 रुपये लूट लिए। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद रफीक मछली की सप्लाई के बाद रकम कलेक्शन कर बिलासपुर लौट रहा था। इसी दौरान खड़गांव-सिथरा रोड पर एक्टिवा सवार तीन बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। उन्होंने हथियार दिखाकर उससे नकदी छीन ली। आरोपी एक्टिवा छोड़कर जंगल भागे वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपी स्कूटी वहीं छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए। आरोपियों ने स्कूटी का नंबर प्लेट भी ढका हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और वारदात की जांच जारी है।

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रायपुर: डायल-112 पुलिसकर्मी से मारपीट, वर्दी फाड़ी और गाड़ी जलाने की धमकी; 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम पर हमला करने और सरकारी वाहन जलाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कैसे हुआ विवाद सूत्रों के मुताबिक, 11 सितंबर को अमलीडीह के जोसेफ कॉलोनी रोड पर कुछ लोगों के सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने की शिकायत मिली थी। डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची तो वहां चार युवक नशे में थे और पुलिसकर्मी से बहस करने लगे। शिकायतकर्ता तुलेश मनहरे, जो जुलाई 2023 से 112 पर कार्यरत हैं, ने बताया कि आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की, फिर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी और 112 की गाड़ी को जला देने की धमकी भी दी। आरोपियों की पहचान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई — सभी आरोपी इस समय रायपुर के राजेंद्र नगर इलाके में रह रहे थे। पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और चारों युवकों को थाने ले आए। आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और धमकी देने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है।

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शादी का झांसा देकर यौन शोषण की कोशिश का आरोप, BJYM अध्यक्ष बोले- बेबुनियाद

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि राहुल टिकरिहा ने पहले उससे नजदीकियां बढ़ाईं, हग-स्मूच किया, जबरन छूने की कोशिश की और फिर सेक्स करने की कोशिश की। पीड़िता का आरोप युवती ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि उसका राहुल टिकरिहा से अफेयर था। वह बताती है कि जब वह कक्षा 10वीं में थी, तब पहली बार राहुल से उसका संपर्क हुआ। शुरुआत में वह मोहल्ले की समस्या (लाउडस्पीकर) को लेकर मिली थी। इसके बाद राहुल ने उसे मैसेज भेजना शुरू कर दिया और रात-रात भर परेशान करता था। पीड़िता के मुताबिक, 5 अप्रैल की रात 12 बजे वह राहुल से मिलने गई थी। खेत के पास राहुल उसे अपने साथ ले गया और रात 1 बजे उसने सेक्स करने की कोशिश की। युवती ने कहा कि उस दौरान उसका पीरियड चल रहा था और गर्भवती होने के डर से उसने मना कर दिया। इसके बाद राहुल ने उसे छोड़ दिया, लेकिन बात करते रहने की बात कही। युवती का यह भी आरोप है कि राहुल ने शादी का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में मुकर गए। इस विवाद के बाद उसका परिवार भी उससे दूरी बनाने लगा है। अब युवती चाहती है कि राहुल उससे शादी करें ताकि उसकी इज्जत और जिंदगी सुरक्षित रहे। पुराने विवाद भी जुड़े कुछ दिन पहले ही राहुल टिकरिहा पर उनके कथित चाचा रविकांत टिकरिहा ने अपनी पत्नी से अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया था। तब उनका एक कथित ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस नए मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राहुल टिकरिहा का पक्ष इन आरोपों पर राहुल टिकरिहा ने कहा कि यह सब बेबुनियाद है। उनका कहना है कि कांग्रेस उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा करवा रही है। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है और कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

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रायपुर : सीनियर रेलवे अधिकारी पर FIR, 13 साल पुराने केस की CBI जांच

रायपुर रेल मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। शिकायत एडवोकेट आनंद कुमार शर्मा ने की है। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में तैनात सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी और अन्य अधिकारियों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरटीआई में गलत जानकारी देने का आरोप शिकायतकर्ता कल्पना स्वामी का कहना है कि उन्होंने रायपुर आरक्षण केंद्र के कॉमर्शियल स्टाफ से जुड़ी जानकारी RTI के जरिए मांगी थी, लेकिन जो सूचना उन्हें मिली, वह कथित रूप से गलत थी। इसी आधार पर उन्होंने सीआईडी में शिकायत दर्ज कराई। यह FIR ओडिशा के कटक में धारा 173(1) बीएनएसएस-2023 के तहत दर्ज हुई है। अब सीआईडी यह जांच करेगी कि गलत जानकारी क्यों दी गई और इसमें किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही। अधिकारी की प्रतिक्रिया सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि उन्हें इस एफआईआर की जानकारी है। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही अगला कदम तय करेंगे, इसलिए इस समय कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं करेंगे। रेलवे मंडल में चर्चा तेज आरटीआई विवाद सामने आने के बाद रेलवे मंडल में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह मामला आगे और गंभीर रूप ले सकता है। शिकायतकर्ता एडवोकेट आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने सूचना का अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन गलत सूचना दिए जाने के कारण उन्हें कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी। फिलहाल, सीआईडी इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

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रायपुर में ‘न्यूड पार्टी’ विवाद – 40 हज़ार एंट्री फीस, 21 युवक-युवती रजिस्टर्ड

रायपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘न्यूड पार्टी’ के पोस्टर्स ने सनसनी फैला दी है। अलग-अलग नामों से चल रहे इन पोस्टर्स में युवाओं को बिना कपड़ों के पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया था। शनिवार को यह पोस्टर कांग्रेस नेताओं और हिंदू संगठनों तक पहुंचने के बाद मामला तूल पकड़ गया। नेताओं ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच में सामने आया कि भाठागांव स्थित एक फार्महाउस में 21 सितंबर की शाम 4 बजे से देर रात 3 बजे तक यह ‘न्यूड पार्टी’ आयोजित की जानी थी, जहां नशीले पदार्थ भी परोसे जाने की तैयारी थी। इस मामले में तेलीबांधा थाने में दो एफआईआर दर्ज की गईं—एक ‘न्यूड पार्टी’ आयोजकों पर और दूसरी ‘स्ट्रेंजर पूल पार्टी’ आयोजकों के खिलाफ। छह लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से एक आरोपी मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह आरोपी पहले भी एक बड़े घोटाले में फंस चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक ‘अपरिचित क्लब’ नाम से अलग-अलग फार्महाउस, रिसॉर्ट और क्लब में ऐसे इवेंट आयोजित करते थे। एफआईआर के बाद ‘न्यूड पार्टी’ को रद्द कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण पर राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल प्रमुख से 2 दिन में रिपोर्ट मांगी है। ‘न्यूड पार्टी’ क्या है? पश्चिमी देशों में ‘न्यूड पार्टी’ या ‘न्यूडिस्ट इवेंट्स’ आम हैं। इनका उद्देश्य शरीर के प्रति झिझक खत्म करना और समान विचारधारा वाले लोगों के बीच रहना होता है। यूरोप-अमेरिका में न्यूडिस्ट बीच और रिसॉर्ट कानूनी हैं। भारत में कानूनी व सांस्कृतिक कारणों से सार्वजनिक रूप से ऐसे आयोजनों की अनुमति नहीं है, फिर भी गुपचुप आयोजन की खबरें आती रहती हैं। रायपुर में क्यों मचा हंगामा इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘न्यूड पार्टी’, ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ और ‘हाउस पूल पार्टी’ के नाम से इवेंट्स के पोस्टर तेजी से वायरल हुए। इनमें तारीख, समय और 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को आमंत्रण जैसी जानकारी भी थी। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पहले ही इन पोस्टर्स में शराब और ड्रग्स का संकेत था, अब नग्नता का लालच देकर युवाओं को फंसाने की कोशिश सामने आई है। एंट्री फीस और गुप्त आयोजन पुलिस के मुताबिक, पूल पार्टी के बाद चुने हुए मेहमानों के लिए अलग क्लोज्ड पार्टी आयोजित होती थी। यह पार्टी रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक चलती थी, जिसमें एंट्री फीस 40 हजार रुपए और कपल एंट्री 1 लाख रुपए तय थी। यहां कमरों की व्यवस्था भी होती थी। इन पार्टियों में हेरोइन और एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ की एंट्री फीस 2 से 5 हजार रुपए थी, जिसमें खाने-पीने की अलग व्यवस्था थी और शराब व हुक्का की कीमत अलग से वसूली जाती थी। पार्टी में 110 लोगों के शामिल होने की तैयारी थी। 10 दिन पहले शुरू किया प्रमोशन आयोजकों ने 10 दिन पहले सोशल मीडिया पर ‘न्यूड पार्टी’ का प्रमोशन शुरू किया था। इवेंट से जुड़ी आईडी अब डिलीट कर दी गई है। अभी तक 21 युवक-युवतियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया था, जबकि 24 से अधिक लोग लोकेशन मिलते ही रजिस्ट्रेशन कराने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है और महिला आयोग ने सख्त रिपोर्ट मांगी है।

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बिरगांव का आज़ाद चौक बना हंगामे का केंद्र, युवक डीजे पर चढ़कर तलवार लहराए

रायपुर। बिरगांव के आज़ाद चौक में गणेशोत्सव के दौरान रविवार रात माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। जानकारी के अनुसार, कुछ युवक डीजे पर चढ़कर फिल्मी गाना “नायक नहीं खलनायक हूं मैं” बजवाते हुए तलवार लहराने लगे। यही नहीं, उन्होंने इस करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर “बिहारी खलनायक” कैप्शन के साथ पोस्ट भी किया। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक पर्व जैसे मौके पर ऐसी हरकतें न केवल त्योहार की पवित्रता को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाती हैं। पुलिस की कार्रवाईमामले की खबर लगते ही उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तलवार को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपित युवकों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लोगों की मांगनिवासियों ने कहा कि बिरगांव क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। त्योहारों की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

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जगदलपुर के नवोदय विद्यालय में 7 छात्रों की बेरहमी से पिटाई: लाइट जाने पर हॉस्टल में मस्ती कर रहे थे, टीचर ने रॉड से पीटा, परिजन पहुंचे स्कूल

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां हॉस्टल में रह रहे 7 छात्रों की एक शिक्षक द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई। आरोप है कि सोमवार रात हॉस्टल में बिजली गुल हो जाने के बाद बच्चे मस्ती कर रहे थे, उसी दौरान वार्डन और जियोग्राफी टीचर सौरभ अवस्थी रूम में आए और लोहे की रॉड से बच्चों को पीटना शुरू कर दिया। टीचर की पिटाई से बच्चे चिल्लाने लगे, कुछ को आई गंभीर चोटें बच्चों के अनुसार, पिटाई इतनी जोरदार थी कि वे चीखने लगे। छात्र आशीष भारती ने बताया कि वह अपने बेड पर बैठा था, तभी सर आए और सिर, कनपटी सहित शरीर के कई हिस्सों पर जोर से मारा। जब एक और छात्र, नीलेश, पिटाई रोकने की कोशिश करने लगा तो उसे भी बुरी तरह पीटा गया। सुबह हॉस्टल से परिजनों को मिली सूचना, मां रो पड़ी घटना के बाद मंगलवार सुबह किसी ने छात्रों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। बच्चे प्रिंस की मां को जब पता चला कि उसके बेटे को मारा गया है और उसकी कमर में चोट आई है, तो वह तुरंत स्कूल पहुंचीं और भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि बच्चे मस्ती करते हैं, इसमें इतनी बुरी तरह मारना निंदनीय है। प्रबंधन बना हुआ है मौन, जिम्मेदारों से संपर्क नहीं घटना के बाद अब तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पत्रकारों द्वारा जब जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे अभिभावकों और आम जनता के बीच नाराजगी बढ़ रही है।

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बिलासपुर में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: मौलाना पति पर क्रूरता और हत्या का आरोप, बिना पोस्टमॉर्टम शव दफनाया गया

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पांच माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसके मौलाना पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि महिला को पहले गर्म प्रेस से जलाया गया, पेट पर लात मारी गई और फिर जबरदस्ती टॉयलेट क्लीनर पिलाया गया। इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमॉर्टम शव यूपी ले जाकर दफनाया घटना के बाद आरोपी मौलाना ने शव का पोस्टमॉर्टम कराए बिना उसे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित अपने पैतृक गांव ले जाकर दफना दिया। पड़ोसियों और मृतका के परिजनों ने मामले को लेकर बिलासपुर एसएसपी से शिकायत की है, जिसके बाद मिर्जापुर प्रशासन और पुलिस को शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराने के लिए पत्र लिखा गया है। 11 जुलाई को हुआ था विवाद, 12 को बिगड़ी तबीयत यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तालापारा इलाके का है, जहां मौलाना कारी बशीर अहमद अपने तीन भाइयों के साथ रहता है और होटल संचालित करता है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई को उसकी पत्नी सलमा का किसी अन्य महिला को लेकर विवाद हुआ था। उसी रात कथित तौर पर कारी बशीर और उसके भाइयों ने मिलकर सलमा के साथ बर्बरता की। गर्भवती पर अत्याचार, बेटी ने दी सूचना 12 जुलाई को बशीर ने कथित तौर पर सलमा को टॉयलेट क्लीनर (हार्पिक) पिला दिया। हालत बिगड़ने पर महिला बेहोश हो गई। उस समय उसकी 10 वर्षीय बेटी ने मोहल्लेवालों को सूचना दी। जब पड़ोसी पहुंचे, तो देखा कि फर्श पर हार्पिक फैला था और चादर खून से सनी हुई थी। इसके बाद बशीर को कॉल किया गया, जिसने महिला को यूनिटी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में हुई मौत, अस्पताल से मिलीभगत का आरोप रात करीब 10:45 बजे सलमा की मौत हो गई। मोहल्लेवालों का आरोप है कि मर्ग रिपोर्ट से बचने के लिए मौलाना ने अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। फिर वह शव को चुपचाप एंबुलेंस से मिर्जापुर ले गया और बिना किसी को बताए 13 जुलाई को अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का आरोप – हत्या कर साक्ष्य मिटाया गया मृतका के भाई रागीब खान ने बताया कि सलमा की शादी 14 साल पहले हुई थी और वह लगातार दहेज व खर्च को लेकर प्रताड़ित की जा रही थी। पति बशीर के खिलाफ हत्या और सबूत छिपाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बशीर, उसके भाई अनस, फरीद, जेट नसीर, ससुर ईद्रीस और ननद सबीना भी सलमा को प्रताड़ित करते थे। निष्पक्ष जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग परिजनों का कहना है कि उन्हें यह जानकारी दी गई थी कि सलमा ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था, लेकिन असलियत छिपाई जा रही थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है और FIR दर्ज कर आरोपियों को सजा दिलाने की अपील की है। पोस्टमॉर्टम के लिए कब्र से शव निकालने की प्रक्रिया शुरू सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि मोहल्लेवालों की शिकायत के बाद जांच पहले से चल रही थी। अब मिर्जापुर के एसडीएम और स्थानीय पुलिस को पत्र भेजकर कब्र से शव निकालने और पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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3-लेयर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश: 11 राज्यों में करोड़ों का साइबर ठगी नेटवर्क, रायपुर से 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाईटेक मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बेहद संगठित ढंग से मोबाइल चोरी कर, पासवर्ड क्रैक कर, लोगों के खातों से लाखों की रकम उड़ा देते थे। इन अपराधों को तीन लेयर में अंजाम दिया जाता था। जांच में अब तक करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन का खुलासा हो चुका है। सब्जी बाजार से हुई शुरुआत, मोबाइल चोरी से खुला राज यह मामला तब सामने आया जब गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक स्थित सब्जी बाजार में एक युवक के मोबाइल चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। पीड़ित मुन्नालाल पटेल, जो नागरिक आपूर्ति निगम में ड्राइवर हैं, सब्जी लेने पहुंचे थे। उसी दौरान किसी ने उनकी शर्ट की जेब से मोबाइल पार कर लिया। कुछ देर बाद पता चला कि उनके फोन-पे से 99 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल अनलॉक पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल चोरी के बाद टेक एक्सपर्ट की मदद से डिवाइस का लॉक तोड़ते थे। फिर UPI ऐप्स से खातों से पैसे निकालकर अपने या गैंग से जुड़े अन्य खातों में भेज देते थे। पैसा जल्द ही विभिन्न अकाउंट्स में घूमकर ATM से निकाला जाता था, ताकि ट्रैक न हो सके। बंगाल और झारखंड से जुड़े तार, 6 आरोपी दबोचे गए फोन-पे से ट्रांसफर हुए पैसों की जांच में पुलिस को कोलकाता निवासी मुकेश कुमार के बैंक खाते का सुराग मिला। लेकिन असल इस्तेमालकर्ता थे शेख सुलेमान उर्फ राजन और अंकित शर्मा, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी पूछताछ में गिरोह के झारखंड (साहेबगंज) और पश्चिम बंगाल में फैले नेटवर्क का पता चला। इसके बाद पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपी चोरी के मोबाइल से बैंकिंग ऐप्स खोलकर फोन-पे और पेटीएम से रकम ट्रांसफर करते थे। मोबाइल डेटा से सामने आया करोड़ों का लेनदेन एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइलों की जांच में करोड़ों की साइबर फ्रॉड ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस को इस रैकेट की गतिविधियों के सबूत 11 राज्यों में मिले हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की जांच तेज़ कर दी गई है।

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