Raipur

प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया-डीएपी देने के फैसले पर भड़का किसान संगठन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

खरीफ सीजन 2026-27 से पहले छत्तीसगढ़ में खाद वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने राज्य सरकार की नई व्यवस्था का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाएगी और उन्हें निजी दुकानों पर निर्भर होना पड़ेगा। यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि सरकार ने सहकारी समितियों में खाद और नगद वितरण का अनुपात बदल दिया है। पहले किसानों को 40 प्रतिशत उर्वरक और 60 प्रतिशत नगद राशि दी जाती थी, जबकि अब इसे 30 प्रतिशत उर्वरक और 70 प्रतिशत नगद कर दिया गया है। उनका कहना है कि इस बदलाव से समितियों में खाद की उपलब्धता कम हो जाएगी। किसान संगठन का आरोप है कि खाद की कमी होने पर किसानों को निजी दुकानों से ज्यादा कीमत पर यूरिया और डीएपी खरीदनी पड़ेगी। साथ ही निजी विक्रेता किसानों पर अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव भी बनाते हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। तेजराम विद्रोही ने सरकार के प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी देने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल समय पर खाद नहीं मिलने की वजह से धान उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत तक गिरावट आई थी और इस बार स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसान यूनियन ने सरकार की नीति को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि सीमित खाद वितरण से उत्पादन घटेगा, जिससे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दबाव भी कम हो जाएगा। संगठन ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

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छत्तीसगढ़ में जमीन रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल: रजिस्ट्री के साथ ही शुरू होगा नामांतरण, हर बदलाव पर मिलेगा SMS अलर्ट

Chhattisgarh में जमीन संबंधी व्यवस्थाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार जमीन के लगभग सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिए गए हैं। 5 मई तक रायपुर समेत पूरे प्रदेश के गांवों के 5.87 करोड़ से अधिक खसरा रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने अब जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण प्रक्रिया को भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे लोगों को तहसील और पटवारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने रजिस्ट्री में दर्ज मोबाइल नंबर को जमीन रिकॉर्ड से लिंक किया है। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी तरह की छेड़छाड़, बदलाव या संदिग्ध गतिविधि होने पर जमीन मालिक और संबंधित अधिकारियों को तुरंत एसएमएस अलर्ट मिलेगा। इससे फर्जीवाड़े और अवैध फेरबदल पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। राजस्व विभाग के अनुसार प्रदेश के 20 हजार से ज्यादा गांवों का भूमि डेटा ऑनलाइन किया जा चुका है। 20,286 गांवों के खसरा रिकॉर्ड और 19,694 गांवों के नक्शों को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। वहीं प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत 18,959 गांवों के नक्शों की जियोरेफरेंसिंग भी पूरी कर ली गई है। नई तकनीक की मदद से जमीन का लोकेशन, सीमांकन और रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इसके अलावा राज्य के सभी 105 उप-पंजीयक कार्यालयों को तहसील कार्यालयों से ऑनलाइन जोड़ा गया है, जिससे जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा तेज होगा। राज्य सरकार का दावा है कि अब लोग मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए घर बैठे खसरा, बी-1 और अन्य दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। साथ ही जमीन पर बैंक लोन या गिरवी जैसी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी, जिससे खरीदी-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी। राजस्व मंत्री Tank Ram Verma ने कहा कि डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और पेपरलेस बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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IAS संबित मिश्रा होंगे रायपुर नगर निगम के नए आयुक्त, सोमवार से संभालेंगे जिम्मेदारी

राजधानी रायपुर नगर निगम को नया आयुक्त मिल गया है। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी Sambit Mishra अब नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे सोमवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। प्रशासनिक हलकों में उनकी छवि सक्रिय और तकनीक आधारित कार्यशैली अपनाने वाले अधिकारी की रही है। ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी संबित मिश्रा ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने Indian Institute of Technology Kanpur से इंजीनियरिंग और Jawaharlal Nehru University से पब्लिक मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने नगरीय प्रशासन, पंचायत और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे Raigarh नगर निगम आयुक्त, Jashpur जिला पंचायत CEO और Korba जिला पंचायत CEO जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। Bijapur कलेक्टर रहते हुए उनकी कार्यशैली काफी चर्चा में रही। नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करना और मौके पर समस्याओं का समाधान निकालना उनकी पहचान बना। दूरस्थ गांवों तक पैदल पहुंचकर निरीक्षण करने की उनकी तस्वीरें भी काफी वायरल हुई थीं। अब रायपुर नगर निगम में उनके सामने सफाई व्यवस्था, जलभराव, ट्रैफिक प्रबंधन, अवैध निर्माण, अतिक्रमण और टैक्स वसूली जैसी चुनौतियां रहेंगी। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की निगरानी और जमीनी स्तर पर काम की गति बढ़ाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।

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आईपीएल का रोमांच रायपुर में: रो-को संग स्टेडियम में जुटेंगे सितारे, अनुष्का और अंबानी परिवार पर भी नजर

नवा रायपुर स्थित Shaheed Veer Narayan Singh International Cricket Stadium आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। करीब 10 साल बाद राजधानी रायपुर को आईपीएल मैचों की मेजबानी मिलने जा रही है, जिससे क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 10 मई को Royal Challengers Bengaluru और Mumbai Indians के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर खासा क्रेज बना हुआ है। फैंस की नजरें “रो-को” यानी Virat Kohli और Rohit Sharma पर टिकी हैं। मैच के दौरान मैदान के बाहर भी ग्लैमर का तड़का देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि Anushka Sharma और Ritika Sajdeh अपनी-अपनी टीमों को सपोर्ट करने स्टेडियम पहुंच सकती हैं। वहीं फ्रेंचाइजी से जुड़े Ananya Birla और Ambani Family की मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसके अलावा बॉलीवुड की कई नामी हस्तियों के रायपुर आने की संभावना जताई जा रही है। स्टेडियम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। टिकट फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बारकोड स्कैनिंग और आधुनिक जांच मशीनों का इस्तेमाल होगा। मैच के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या न हो, इसके लिए लाइटिंग और अन्य व्यवस्थाओं की पहले ही टेस्टिंग और रिहर्सल की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक Mumbai Indians के खिलाड़ी शुक्रवार शाम को स्टेडियम में अभ्यास करेंगे, जबकि Royal Challengers Bengaluru की टीम भी दोपहर तक रायपुर पहुंच सकती है। इस बीच Suryakumar Yadav द्वारा सोशल मीडिया पर बेटी होने की जानकारी साझा करने के बाद उनके मैच में शामिल होने को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। 13 मई को Kolkata Knight Riders और बेंगलुरु के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ऐसे में Shah Rukh Khan के रायपुर आने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। साथ ही Juhi Chawla के भी स्टेडियम पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। टिकट बिक्री को लेकर भी रिकॉर्ड उत्साह देखने को मिला है। आयोजकों के अनुसार स्टेडियम की करीब 70 प्रतिशत टिकटें बिक चुकी हैं और 600 से ज्यादा टिकटें विदेशी दर्शकों ने खरीदी हैं। रायपुर में इतनी तेज़ी से टिकट बुकिंग होना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है।

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छात्र संघ चुनाव की मांग पर NSUI का प्रदर्शन: देवेंद्र यादव बोले- जेल जाओगे तो सांसद-विधायक बनोगे

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिला थाना चौक के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया और फिर सीएम हाउस की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इलाके में चार स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस पर डंडे फेंकने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस और NSUI नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्र संघ चुनाव कराने से बचने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार को डर है कि छात्र संगठन चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बड़ी जीत दर्ज करेंगे। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं को भी राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता मजदूरी करते हैं, लेकिन संगठन ने उन्हें लगातार जिम्मेदारियां दीं और आज राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और सत्ता को चुनौती देने का आह्वान किया। वहीं कांग्रेस विधायक Devendra Yadav ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आंदोलन और जेल यात्रा राजनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग संघर्ष करेंगे, भविष्य में वही विधायक और सांसद बनेंगे।

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ताड़मेटला नरसंहार पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: 16 साल बाद भी 76 जवानों के हत्यारों का दोष साबित नहीं

साल 2010 में छत्तीसगढ़ के ताड़मेटला में हुए भीषण नक्सली हमले को देश के सबसे बड़े CRPF नरसंहारों में गिना जाता है। इस हमले में 75 सीआरपीएफ जवानों और एक राज्य पुलिसकर्मी ने शहादत दी थी। लेकिन घटना के 16 साल बाद भी किसी आरोपी के खिलाफ अपराध साबित नहीं हो सका। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां हमले में शामिल वास्तविक आरोपियों की पहचान तक कानूनी रूप से साबित नहीं कर सकीं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इतने बड़े हमले के बावजूद जांच और अभियोजन पक्ष अदालत के सामने ऐसे विश्वसनीय और स्वीकार्य साक्ष्य पेश नहीं कर पाए, जिनके आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया जा सके। अदालत ने इसे बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक स्थिति बताया। हमले के बाद पुलिस ने जांच करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा, डकैती, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष का दावा था कि आरोपी नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे और हमले में उनकी भूमिका थी। हालांकि दंतेवाड़ा की सत्र अदालत ने 7 जनवरी 2013 को सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोप संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। बाद में राज्य सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सही माना। ताड़मेटला हमले का मास्टरमाइंड कुख्यात नक्सली कमांडर Madvi Hidma को माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बस्तर क्षेत्र में हुए कई बड़े नक्सली हमलों के पीछे उसका नाम सामने आता रहा। बाद में नवंबर 2025 में आंध्र प्रदेश के मारेडूमिल्ली जंगलों में एक ऑपरेशन के दौरान हिड़मा के मारे जाने का दावा किया गया था।

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राजधानी में बढ़ते अपराधों पर कांग्रेस का हमला: बम सामग्री, गैंगवार और हत्याओं को लेकर सरकार पर उठे सवाल

रायपुर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि राजधानी में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और सरकार हालात संभालने में विफल साबित हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने उरला इलाके में कथित तौर पर बम बनाने की सामग्री मिलने की घटना और मेकाहारा अस्पताल के पास हुई गैंगवार का जिक्र करते हुए कहा कि शहर में खुलेआम हथियार लहराए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाल ही में दो युवतियों की गोली मारकर हत्या और पुराने विधानसभा क्षेत्र के पास व्यापारी से करोड़ों की लूट जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष Sushil Anand Shukla ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार कानून व्यवस्था बेहतर होने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, लूट, चाकूबाजी और डकैती जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि अपराधियों में पुलिस और कानून का डर खत्म होता जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि राजधानी में आए दिन गोलीबारी और हिंसक घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा और कहा कि दुष्कर्म एवं उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध पर नियंत्रण करने में नाकाम रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था संभालने में असफल साबित हो रहे हैं।

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रायपुर डबल मर्डर केस में नया खुलासा: हत्या के बाद मेडिकल स्टोर में घुसा आरोपी, फायरिंग कर मांगी कार की चाबी

रायपुर के चर्चित मोवा डबल मर्डर केस में एक और सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। दो सालियों की हत्या के बाद आरोपी जितेंद्र वर्मा भागते हुए मोवा इलाके के एक मेडिकल स्टोर पहुंचा, जहां उसने हथियार लहराकर एक व्यक्ति से कार की चाबी मांगने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी ने स्टोर के अंदर फायरिंग भी की, जिससे वहां मौजूद लोग डरकर बाहर भाग गए। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोपी अपनी पत्नी और 16 महीने की बेटी से जुड़ा विवाद लेकर ससुराल पहुंचा था। घर में कहासुनी बढ़ने के बाद उसने अपनी पत्नी की दोनों बहनों गीतांजलि और दुर्गेश्वरी पर गोलियां चला दीं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की मां सावित्री बाई ने बताया कि आरोपी ने उनकी आंखों के सामने बेटियों को गोली मारी। उन्होंने कहा कि वह लगातार हाथ जोड़कर रोकने की कोशिश करती रहीं, लेकिन आरोपी नहीं रुका। घटना के बाद घर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। आरोपी की पत्नी खिलेश्वरी ने भी पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के कुछ साल बाद से आरोपी का व्यवहार बदल गया था। वह शराब पीकर मारपीट करता था, परिवार पर शक करता था और कई बार पिस्टल दिखाकर धमकाता था। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी बहनों के साथ गलत हरकतें भी की थीं। परिवार के अनुसार आरोपी पहले भी घर की दीवारों पर गोली चला चुका था। घटना से कुछ दिन पहले भी उसने हथियार निकालकर धमकी दी थी, जिसके बाद पत्नी अपनी बच्ची को लेकर रिश्तेदार के घर चली गई थी। इस हत्याकांड के बाद आरोपी के लाइसेंसी हथियार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने VIP सिक्योरिटी का हवाला देकर साल 2020 में पिस्टल का लाइसेंस लिया था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि लाइसेंस जारी करते समय उसके व्यवहार और रिकॉर्ड की सही तरीके से जांच हुई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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रायपुर में IPL टिकटों की कालाबाजारी, 3000 का टिकट 6 हजार में बिक रहा

आईपीएल के रोमांच के बीच रायपुर में टिकटों की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। शहीद वीरनारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों को लेकर क्रिकेट फैंस में भारी उत्साह है, लेकिन ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू होते ही अधिकांश टिकट कुछ ही समय में सोल्ड आउट हो गए। 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला होना है, जबकि 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने होंगी। मैचों को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन टिकट नहीं मिलने से फैंस परेशान हैं। इसी बीच शहर में टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग का नेटवर्क सक्रिय हो गया है। जानकारी के मुताबिक 3 हजार रुपए कीमत वाला टिकट 6 हजार रुपए या उससे ज्यादा में बेचा जा रहा है। मामले की पड़ताल के दौरान एक एजेंट से संपर्क किया गया, जिसने खुले तौर पर ऊंचे दामों पर टिकट उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की। एजेंट ने बताया कि अपर स्टैंड का टिकट 6 हजार रुपए, लोअर स्टैंड का टिकट 7 हजार रुपए और ए-बी स्टैंड या डग आउट टिकट 16 हजार रुपए तक में उपलब्ध हैं। एजेंट ने यह भी दावा किया कि टिकट पूरी तरह कन्फर्म होंगे और स्टेडियम में प्रवेश में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। बातचीत से साफ हुआ कि टिकटों की कालाबाजारी संगठित तरीके से की जा रही है। आधिकारिक टिकट रेट आयोजकों के अनुसार टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं। टिकटों की कीमत 2000 रुपए से शुरू होकर 2500, 3500, 5000 और 8000 रुपए तक तय की गई है। क्रिकेट फैंस की नाराजगी राहुल वर्मा नाम के एक क्रिकेट फैन ने कहा कि वह कई दिनों से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार टिकट सोल्ड आउट दिख रहे हैं। उनका कहना है कि एजेंटों के पास टिकट मौजूद हैं और आम लोगों से कई गुना ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। वहीं रायपुर के निलेश साहू ने भी कहा कि आईपीएल मैच शहर में होना खुशी की बात है, लेकिन टिकटों की कालाबाजारी के कारण असली क्रिकेट फैंस स्टेडियम से दूर हो रहे हैं। पुलिस ने क्या कहा रायपुर पुलिस कमिश्नर संजय शुक्ला ने कहा कि टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर अब तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। यदि किसी के खिलाफ टिकट ब्लैक में बेचने की जानकारी मिलती है, तो पुलिस मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करेगी।

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रायपुर में ग्लोबल हॉस्पिटल पर निगम की कार्रवाई, नाले पर बने अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर

राजधानी रायपुर में नाले पर अवैध कब्जा करने के मामले में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्लोबल हॉस्पिटल परिसर के पास बने अवैध निर्माण को हटाया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड क्रमांक-40 में निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से नाले पर बनाए गए अवैध पाटे को तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। बताया जा रहा है कि नगर निगम को इस संबंध में जनशिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की गई। जोन कमिश्नर क्षीरसागर नायक के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शिकायत सही पाई। इसके बाद तत्काल बुलडोजर बुलाकर नाले के ऊपर करीब 50 मीटर तक बनाए गए अवैध पाटे को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान नाले से लगभग दो ट्रक मलबा भी निकाला गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण के कारण नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मौके पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक दिलीप साहू और प्रेम मानिकपुरी सहित निगम की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में दोबारा इस तरह का अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी है। नगर निगम ने साफ किया है कि शहर में नालों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जनशिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि सफाई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।

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