Chhattisgarh

CG बोर्ड 10वीं रिजल्ट आज 2:30 बजे जारी, 3.20 लाख स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) आज दोपहर 2:30 बजे 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित करने जा रहा है। लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है और वे अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर के जरिए देख सकेंगे। इस साल करीब 3,20,535 छात्र-छात्राओं ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीयन कराया था। परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थी अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो अब कुछ ही घंटों में खत्म हो जाएगा। पिछले वर्ष यानी 2025 की बात करें तो लगभग 3,23,094 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 76.53 प्रतिशत छात्र सफल हुए थे। यह परिणाम पिछले चार वर्षों में सबसे बेहतर माना गया था, जिसमें करीब 2.46 लाख विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की थी। 2025 में कुल मिलाकर करीब 5.65 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जिसमें 10वीं के परीक्षार्थियों की संख्या 3.23 लाख के आसपास थी। वहीं 2026 में यह आंकड़ा थोड़ा घटकर लगभग 3.20 लाख रह गया है। पिछले साल की तरह इस बार भी रिजल्ट में छात्राओं के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी, क्योंकि बीते वर्षों में लड़कियों ने बेहतर परिणाम दिए हैं। इसके अलावा मेरिट लिस्ट, टॉपर्स और पास प्रतिशत को लेकर भी छात्रों और अभिभावकों की उत्सुकता बनी हुई है।

CG बोर्ड 10वीं रिजल्ट आज 2:30 बजे जारी, 3.20 लाख स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

बिलासपुर जिला पंचायत में भाजपा का इंडिया गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, महिला आरक्षण पर सियासत तेज

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिला पंचायत की विशेष सामान्य सभा में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। बैठक के दौरान Bharatiya Janata Party ने INDIA Alliance के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसे बहुमत के आधार पर मंजूरी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी द्वारा यह प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे भाजपा सदस्यों का समर्थन मिला। वहीं Indian National Congress समर्थित सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया और सभा में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी में प्रस्ताव बिना विरोध के पारित हो गया। बैठक के दौरान भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है। उनका कहना था कि इस तरह के कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ हैं। सभा में विकास और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि संरक्षण योजना का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक के बाद भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों ने कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के रास्ते में बाधा डाल रहा है, जबकि यह कानून महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने की दिशा में अहम कदम है। इसके अलावा बैठक में ‘सुशासन तिहार 2026’ के आयोजन पर भी निर्णय लिया गया। 1 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। यह शिविर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह स्तर पर आयोजित होंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम के तहत बिल्हा, मस्तूरी और तखतपुर में 8-8 शिविर, जबकि कोटा क्षेत्र में 7 शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को त्वरित राहत और सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।

बिलासपुर जिला पंचायत में भाजपा का इंडिया गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, महिला आरक्षण पर सियासत तेज Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, State, Top News

छत्तीसगढ़ में 5 दिन अंधड़-बारिश का अलर्ट, 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा; तापमान में और गिरावट संभव

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2 से 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि राहत के साथ-साथ मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए चेतावनी भी जारी की है। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो Durg में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं Ambikapur में न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। Raipur की बात करें तो सुबह आसमान साफ रहने के बाद दोपहर या शाम तक बादल छाने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम में इस बदलाव के पीछे पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर तेलंगाना और उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक फैले साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन को मुख्य वजह माना जा रहा है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेश में आंधी और बारिश की गतिविधियां बन रही हैं।

छत्तीसगढ़ में 5 दिन अंधड़-बारिश का अलर्ट, 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा; तापमान में और गिरावट संभव Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Raipur, State, Top News, weather

CGMSC ने आयरन-फोलिक एसिड दवा का बैच वापस मंगाया, रंग बदलने और टूटने की शिकायत के बाद एक्शन

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने आयरन-फोलिक एसिड की एक दवा के बैच को एहतियातन वापस मंगाने का फैसला लिया है। यह निर्णय तब लिया गया जब रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित इस दवा की कुछ गोलियों के रंग बदलने और टूटने की शिकायत सामने आई। यह मामला फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड (लाल रंग) टैबलेट, ड्रग कोड D221M और बैच नंबर FFR 240703 से संबंधित है। शिकायत मिलने के बाद दवा का दोबारा गुणवत्ता परीक्षण कराया गया। हालांकि जांच में दवा मानकों के अनुरूप पाई गई, फिर भी सावधानी बरतते हुए संबंधित कंपनी मेसर्स सिप्को फार्मास्यूटिकल्स को पूरा बैच वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। Raipur और Baloda Bazar के सभी अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को आदेश जारी किया गया है कि इस बैच का उपलब्ध स्टॉक तुरंत गोदाम में जमा कराया जाए। यह दवा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और एनीमिया से पीड़ित मरीजों को दी जाती है। आयरन और फोलिक एसिड शरीर में खून की कमी दूर करने, हीमोग्लोबिन बढ़ाने और नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इस दवा का उपयोग एनीमिया नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं के तहत व्यापक रूप से किया जाता है। इसी वजह से किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया है कि दवा का वितरण रोककर उसे वापस किया जाए, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

CGMSC ने आयरन-फोलिक एसिड दवा का बैच वापस मंगाया, रंग बदलने और टूटने की शिकायत के बाद एक्शन Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

शराब के नशे में दूल्हा पहुंचा बारात, दुल्हन ने तोड़ी शादी; बवाल के बीच हर्जाने को लेकर विवाद

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में एक शादी उस वक्त टूट गई जब दूल्हा नशे की हालत में बारात लेकर पहुंचा। Sirgitti थाना क्षेत्र से जुड़ा यह मामला Kasdol का है, जहां दुल्हन ने नशे में धुत दूल्हे से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक, कोरमी निवासी राजू मांडले की शादी कसडोल की सुनीता से तय हुई थी। तय तारीख 27 अप्रैल को दूल्हा अपने परिजनों और दोस्तों के साथ बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा। शुरुआत में माहौल सामान्य था और बाराती डीजे पर नाचते-गाते पहुंचे। लेकिन जैसे ही द्वार-चार की रस्म के लिए दूल्हे को गाड़ी से उतारा गया, वह नशे में लड़खड़ाने लगा। उसकी हालत देखकर लड़की पक्ष हैरान रह गया और तुरंत रस्में रोक दी गईं। जब यह बात दुल्हन तक पहुंची, तो उसने बिना देर किए शादी से इनकार कर दिया और कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ जीवन नहीं बिता सकती। दुल्हन के इस फैसले का परिवार ने भी समर्थन किया, जिसके बाद शादी वहीं रद्द कर दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और विवाद शुरू हो गया। लड़के पक्ष का आरोप है कि दूल्हे, उसके पिता और कुछ रिश्तेदारों को रोककर रखा गया और शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग की गई। बताया जा रहा है कि पहले 20 लाख रुपए की मांग की गई, बाद में बातचीत के दौरान इसे घटाकर 7 लाख रुपए तक लाया गया। वहीं लड़की पक्ष का कहना है कि उन्होंने किसी को बंधक नहीं बनाया, बल्कि सामाजिक बैठक के जरिए खर्च की भरपाई को लेकर बातचीत चल रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर कसडोल पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, किसी को बंधक नहीं बनाया गया था और लोग वहीं रुके हुए थे। सिरगिट्टी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला उनके क्षेत्र का नहीं होने के कारण संबंधित थाने को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझाइश कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

शराब के नशे में दूल्हा पहुंचा बारात, दुल्हन ने तोड़ी शादी; बवाल के बीच हर्जाने को लेकर विवाद Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, State, Top News

गुवाहाटी में हिरासत में रायपुर पुलिस टीम, 24 घंटे बाद रिहा; डिजिटल अरेस्ट केस में पैसों के लेन-देन के आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गई पुलिस टीम को असम की राजधानी Guwahati में हिरासत में लिए जाने की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी। यह मामला टिकरापारा थाने में दर्ज डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी ठगी की जांच के दौरान सामने आया, जिसमें करीब 17.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई थी। जानकारी के अनुसार, इस केस में आरोपियों की तलाश में रायपुर पुलिस की टीम Raipur से गुवाहाटी पहुंची थी। टीम में थाना प्रभारी रविंद्र यादव सहित चार पुलिसकर्मी शामिल थे। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान टीम ने कुछ आरोपियों को पकड़ने के बाद कथित रूप से पैसों के बदले दो अन्य संदिग्धों को छोड़ दिया। इसी आरोप के आधार पर असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। कार्रवाई के दौरान करीब 2.50 लाख रुपए भी जब्त किए गए, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा बताया है। वहीं, जिन आरोपियों को छोड़े जाने का दावा किया गया, उनकी शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज की गई। हालांकि, छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि यह रकम ठगी के केस में रिकवरी का हिस्सा थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के दौरान ठगी गई राशि वापस ली जा रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे रिश्वत का मामला बताकर विरोध किया और पुलिस को सूचना दे दी। पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब 24 घंटे की पूछताछ के पश्चात असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को छोड़ दिया। इसके बाद टीम वापस छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गई। यह मामला टिकरापारा क्षेत्र के एक निवासी शरद कुमार से जुड़ा है, जिन्हें वीडियो कॉल के जरिए खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले ठग ने डराकर बैंक डिटेल हासिल कर ली थी। आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में करीब 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। जब पीड़ित को रकम वापस नहीं मिली, तब उसने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। फिलहाल इस मामले की जांच दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर कर रही है और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

गुवाहाटी में हिरासत में रायपुर पुलिस टीम, 24 घंटे बाद रिहा; डिजिटल अरेस्ट केस में पैसों के लेन-देन के आरोप Read Post »

Chhattisgarh, Cyber Crime, Raipur, State, Top News

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर जंगल उजाड़, 1 लाख पेड़ों की कटाई और 265 एकड़ पर अवैध कब्जा उजागर

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े स्तर पर वन विनाश का मामला सामने आया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन सर्वे के जरिए खुलासा हुआ कि यहां करीब 1 लाख पेड़ों को काट दिया गया और लगभग 265 एकड़ (करीब 106 हेक्टेयर) वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया। वन विभाग की जांच में सामने आया कि पिछले 15 वर्षों से इस क्षेत्र में लगातार जंगल की कटाई हो रही थी। हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन इमेज में साफ दिखा कि कई जगहों पर पेड़ काटकर खेत बनाए गए हैं और ठूंठ अभी भी मौजूद हैं। सैटेलाइट डेटा (2006 से 2022) से यह भी पता चला कि जहां पहले प्रति हेक्टेयर करीब 1000 पेड़ होते थे, अब वहां केवल 25 से 50 पेड़ ही रह गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने पेड़ों को नष्ट करने के लिए ‘गर्डलिंग’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे पेड़ धीरे-धीरे सूख जाते हैं और जमीन खेती के लिए तैयार हो जाती है। हैरानी की बात यह है कि कई लोगों के पास पहले से राजस्व भूमि होने के बावजूद उन्होंने वन क्षेत्र पर कब्जा किया। मामले में वन विभाग ने अब तक 166 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सीतानदी कोर रेंज के घुरवाड़ इलाके में हाल ही में कार्रवाई करते हुए इन लोगों को पकड़ा गया, जो जंगल की जमीन पर कब्जा कर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचा रहे थे। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए विभाग डिजिटल सबूतों का सहारा ले रहा है और पुराने सैटेलाइट डेटा के आधार पर कार्रवाई तेज की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही लोक संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत भी जेल और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विभाग ने करीब 850 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और 600 से अधिक शिकारी, तस्कर और अतिक्रमणकारियों को गिरफ्तार किया है। अब खाली कराई गई जमीन पर जल संरक्षण और बड़े पैमाने पर पौधारोपण की योजना बनाई जा रही है।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर जंगल उजाड़, 1 लाख पेड़ों की कटाई और 265 एकड़ पर अवैध कब्जा उजागर Read Post »

Chhattisgarh, gariyaband, GOVERNMENT, Wildlife

बोरझारा की अऊम इंजिनियरिंग में श्रम विवाद गहराया, 30 अप्रैल को उग्र धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

रायपुर के बोरझारा स्थित अऊम इंजिनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों के साथ कथित अन्याय का मामला सामने आया है, जिसने अब बड़ा रूप ले लिया है। दो कर्मचारियों—कृष्ण कुमार कुजूर और किशोर मिर्धा—ने फैक्ट्री प्रबंधन पर बिना कारण बताए नौकरी से निकालने और बकाया भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, कृष्ण कुमार कुजूर लगभग 6 महीने से क्वालिटी इंचार्ज और किशोर मिर्धा करीब 1 महीने से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। दोनों का दावा है कि उनके काम को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं की गई। इसके बावजूद 22 अप्रैल 2026 को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उन्हें काम से निकाल दिया गया और फैक्ट्री गेट बंद कर दिया गया। आरोप यह भी है कि काम के दौरान उनका नाम ESIC और PF (PAF) में दर्ज नहीं किया गया, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने अपने बकाया वेतन और हिसाब-किताब की मांग की, तो प्रबंधन ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और धमकी भरे लहजे में बात की। इस मामले में आवेदक बेदराम साहू ने बताया कि उन्होंने दो बार फोन के माध्यम से फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत कर मजदूरों का भुगतान कराने का प्रयास किया, लेकिन यश गुप्ता नामक व्यक्ति ने गलत नियमों का हवाला देते हुए भुगतान से साफ मना कर दिया। श्रम कानूनों के तहत अब किशोर मिर्धा को दो महीने का नोटिस पेमेंट और कृष्ण कुमार कुजूर को एक महीने का नोटिस पेमेंट मिलना चाहिए। कुल मिलाकर कृष्ण कुजूर के 34,660 रुपये और किशोर मिर्धा के 43,200 रुपये बकाया बताए गए हैं। आवेदक ने फैक्ट्री प्रबंधन को दो दिन के भीतर भुगतान करने की चेतावनी दी है। अन्यथा 30 अप्रैल 2026 को फैक्ट्री गेट के सामने मजदूर परिवार और स्थानीय लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। साथ ही, इस दौरान होने वाली किसी भी स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

बोरझारा की अऊम इंजिनियरिंग में श्रम विवाद गहराया, 30 अप्रैल को उग्र धरना-प्रदर्शन की चेतावनी Read Post »

Chhattisghar, Raipur, State, Top News

रायगढ़ में तेज आंधी से बिजली व्यवस्था ठप, खंभे गिरे और तारों में फंसे बैनर; सुबह तक बहाल हुई सप्लाई

छत्तीसगढ़ के Raigarh में सोमवार रात अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं और आंधी के चलते शहर और आसपास के इलाकों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह बाधित हो गई। कई जगह बिजली के खंभे गिर गए, जबकि कुछ स्थानों पर उड़ते हुए बैनर और फ्लैक्स बिजली तारों में फंस गए, जिससे सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। देर रात तक लोगों को अंधेरे और परेशानी का सामना करना पड़ा। कोड़ातराई इलाके में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां तेज हवाओं के कारण 3 से 4 बिजली के खंभे गिर गए और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रात में ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। वहीं कोतरा रोड क्षेत्र में फ्लैक्स उड़कर तारों में फंसने से कई घंटों तक बिजली बाधित रही। इसके अलावा कोतरा रोड, श्याम टॉकीज रोड, स्टेडियम के आसपास, सर्किट हाउस मरीन ड्राइव और किरोड़ीमल जैसे इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे शहर के बड़े हिस्से में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। हवाएं थमने के बाद विभाग ने तेजी से काम करते हुए सुबह तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल कर दी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर में जगह-जगह लगाए गए बैनर और फ्लैक्स भी समस्या का बड़ा कारण बने। तेज हवाओं में ये उड़कर बिजली तारों में उलझ जाते हैं, जिससे न सिर्फ सप्लाई बाधित होती है, बल्कि मरम्मत कार्य में भी दिक्कत आती है। अधीक्षण यंत्री गुंजन शर्मा के मुताबिक, कोड़ातराई, कुसमुरा और खरसिया क्षेत्रों में आंधी का असर ज्यादा देखा गया। हालांकि विभाग की तत्परता से सभी प्रभावित स्थानों पर सुधार कार्य कर लिया गया है और अब स्थिति सामान्य हो चुकी है।

रायगढ़ में तेज आंधी से बिजली व्यवस्था ठप, खंभे गिरे और तारों में फंसे बैनर; सुबह तक बहाल हुई सप्लाई Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Raigarh, State, Top News

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर फटा तिरंगा लहराया, रेलवे की लापरवाही पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के Bilaspur स्थित Bilaspur Railway Station में राष्ट्र सम्मान से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्टेशन के वीआईपी गेट नंबर-2 के बाहर लगाया गया विशाल तिरंगा फटा हुआ और गंदगी से भरा हुआ लहराता नजर आया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। देश की आन-बान और शान माने जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज की इस स्थिति को लेकर लोगों ने इसे अपमानजनक बताया है। यह तिरंगा आमतौर पर गौरव और सम्मान का प्रतीक होता है, लेकिन मौजूदा हालात में इसकी स्थिति बदहाल दिखाई दी। झंडे का कपड़ा जगह-जगह से फटा हुआ था और उस पर धूल-मिट्टी भी जमी हुई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी महत्वपूर्ण जगह पर लगे राष्ट्रीय ध्वज की देखरेख में आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। इस मामले ने South East Central Railway के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर रेलवे “अमृत स्टेशन योजना” जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के तहत आधुनिक सुविधाओं के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय प्रतीकों की इस तरह अनदेखी चिंता का विषय बन गई है। नियमों के अनुसार, Flag Code of India में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तिरंगे को हमेशा साफ और सम्मानजनक स्थिति में ही फहराया जाना चाहिए। फटा या गंदा झंडा सार्वजनिक स्थान पर लगाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त झंडे को सम्मानपूर्वक नष्ट करने की भी प्रक्रिया निर्धारित है—या तो उसे एकांत में जलाया जाए या जमीन में दफन किया जाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही तिरंगे को तुरंत बदलने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर फटा तिरंगा लहराया, रेलवे की लापरवाही पर उठे सवाल Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, GOVERNMENT, Indian Railways, State, Top News
Scroll to Top