Chhattisgarh

रायपुर में ‘ऑपरेशन समाधान’: बांग्लादेशी और रोहिंग्या संदिग्धों की सघन जांच, 100 से अधिक मिले

रायपुर पुलिस ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर शहर में बड़े पैमाने पर सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के तहत दूसरे राज्यों से आए एक हजार से अधिक लोगों की पहचान और दस्तावेजों की तस्दीक की गई। शुरुआती जांच में करीब 100 संदिग्ध सामने आए, जिनके दस्तावेज पूर्ण या सही नहीं पाए गए। ऑपरेशन समाधान के तहत कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और पतासाजी करना है। जांच में जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इनमें से कई लोग पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। मोबाइल और तकनीकी जांच जारी संदिग्धों के मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी उपकरणों की जांच भी की जा रही है, ताकि उनके संपर्कों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पहले भी हुई कार्रवाई पुलिस ने बताया कि चार महीने पहले टिकरापारा इलाके से 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद तीन महीने पहले प्रदेशभर से 40 बांग्लादेशियों को फ्लाइट के जरिए वापस भेजा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शहर की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

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सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: नक्सलियों की अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त

सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और उसे पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। इस फैक्ट्री में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और हथियार निर्माण के उपकरण बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों का उद्देश्य इन हथियारों के माध्यम से सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाना था। एंटी-नक्सल अभियान के तहत सर्च ऑपरेशन सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में नई रणनीति के तहत एंटी-नक्सल अभियान चलाया जा रहा है। 21 दिसंबर को सीआरपीएफ की 185वीं बटालियन की जी-एफ कंपनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन किया। इस दौरान ग्राम मीनागट्टा क्षेत्र के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में नक्सलियों की अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का पता लगाया गया और उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। नक्सलियों का आत्मसमर्पण पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और लगातार दबाव के कारण अब तक 599 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सफलताएं नक्सलियों के मनोबल को कमजोर करती हैं और इलाके में सुरक्षा मजबूत करती हैं।

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भिलाई में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश: होटल में पुलिस की रेड, लखनऊ से आई दो युवतियां पकड़ी गईं

दुर्ग जिले के स्मृति नगर थाना क्षेत्र में स्थित होटल क्राउड में अवैध देह व्यापार संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि होटल में ग्राहकों को बुलाकर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्मृति नगर पुलिस ने देर रात होटल में सशक्त रेड की, जिसमें बाहर से आई दो युवतियां मौजूद पाई गईं। लखनऊ से आई थी दो युवतियां जांच में सामने आया कि दोनों युवतियां उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली थीं। वे फ्लाइट से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचीं और वहां से भिलाई आईं। पुलिस के मुताबिक, युवतियां राजनांदगांव जाने की तैयारी में थीं, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें होटल से पकड़ लिया। होटल मैनेजर और युवतियों पर कार्रवाई एएसपी और पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि रेड के दौरान पुलिस ने होटल मैनेजर से दस्तावेज और ग्राहकों की जानकारी मांगी, लेकिन मैनेजर ने पुलिस टीम के साथ विवाद शुरू कर दिया। इस पर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। जब महिला पुलिस अधिकारियों ने दोनों युवतियों से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे, तो उन्होंने भी पुलिस से बहस की। इस दौरान उनके द्वारा हाथापाई और झूमाझटकी करने का भी आरोप है। पुलिस ने दोनों युवतियों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश पुलिस ने होटल के कमरे से सभी साक्ष्य जुटाए और होटल मैनेजर तथा दोनों युवतियों को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है कि होटल में यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में स्कूल रिजल्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव: तिमाही-छमाही के अंक अब बनाएंगे फाइनल रिजल्ट

छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्र मूल्यांकन प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब छात्र केवल मुख्य परीक्षा के आधार पर नहीं बल्कि पूरे साल की पढ़ाई के आधार पर वार्षिक परिणाम तय होंगे। तिमाही और छमाही परीक्षा के अंक होंगे फाइनल रिजल्ट में शामिल नई प्रणाली के अनुसार तिमाही और छमाही परीक्षाओं के अंक सीधे वार्षिक परिणाम में जुड़ेंगे। इससे अब तक औपचारिकता बन चुकी तिमाही-छमाही परीक्षाओं का महत्व बढ़ जाएगा। हालांकि, यह बदलाव कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं पर लागू नहीं होगा। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 45 लाख छात्र प्रभावित होंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे न केवल छात्रों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। फाइनल रिजल्ट कैसे तैयार होगा 9वीं और 11वीं के लिए प्रस्ताव तैयार शिक्षा विभाग ने कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा है। प्रस्ताव पर जल्द निर्णय होने की संभावना है। सालभर पढ़ाई और बेहतर गुणवत्ता विभाग का कहना है कि इस बदलाव से छात्र पूरे साल नियमित पढ़ाई करेंगे और शिक्षक भी सिलेबस समय पर पूरा कराने और छात्रों की प्रगति पर लगातार नजर रखने के लिए जिम्मेदार होंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार यह कदम शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी, प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा और बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार करेगा।

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6 माह की गर्भवती रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति, हाईकोर्ट ने कहा— पीड़िता को अपने भविष्य का निर्णय लेने का अधिकार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने दुष्कर्म की शिकार एक नाबालिग किशोरी को गर्भपात कराने की अनुमति प्रदान की है। जस्टिस पी.पी. साहू ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शीतकालीन अवकाश के दौरान विशेष सुनवाई कर यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल और पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को निर्देश दिया है कि 23 दिसंबर को विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में पीड़िता का सुरक्षित गर्भपात कराया जाए। साथ ही अदालत ने भ्रूण का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं। शादी का झांसा देकर किया गया दुष्कर्म मामला रायपुर जिले का है, जहां 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को आरोपी युवक ने प्रेम जाल में फंसाकर शादी का वादा किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों को तब शक हुआ जब किशोरी के पेट का आकार असामान्य रूप से बढ़ने लगा। पूछताछ करने पर पीड़िता ने आपबीती बताई। इसके बाद परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच में सामने आया कि किशोरी करीब 25 सप्ताह (6 महीने) की गर्भवती है। मेडिकल रिपोर्ट के बाद कोर्ट पहुंचा मामला पीड़िता की ओर से परिजनों के माध्यम से हाईकोर्ट में गर्भपात की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने 19 दिसंबर को बीआर अंबेडकर अस्पताल और जेएनएम मेडिकल कॉलेज को मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि गर्भपात की प्रक्रिया से पीड़िता को कोई गंभीर चिकित्सकीय खतरा नहीं है। अवकाश में भी हुई सुनवाई, कोर्ट ने दी राहत रिपोर्ट आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने शीतकालीन अवकाश के बावजूद विशेष बेंच गठित कर सुनवाई की। सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए गर्भपात की अनुमति प्रदान कर दी। हाईकोर्ट की टिप्पणी— पीड़िता को मिले निर्णय की स्वतंत्रता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को यह अधिकार और स्वतंत्रता मिलनी चाहिए कि वह स्वयं तय करे कि गर्भावस्था को जारी रखना है या समाप्त करना है। अदालत ने इसे पीड़िता के जीवन और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगा गर्भपात कोर्ट ने निर्देश दिया है कि गर्भपात की प्रक्रिया मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, 1971 के तहत की जाए। यह प्रक्रिया दो पंजीकृत चिकित्सकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में संपन्न होगी। इसके साथ ही, भविष्य की जांच और ट्रायल को ध्यान में रखते हुए भ्रूण का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़िता को निर्धारित तिथि पर अस्पताल में उपस्थित होकर सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है।

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रायपुर में खेत से मिला अज्ञात युवक का अधजला शव, हत्या कर पहचान मिटाने की आशंका

राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र के छपोरा गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खेत में अज्ञात युवक का अधजला शव बरामद हुआ। ग्रामीणों ने खेत में जली हुई अवस्था में शव देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विधानसभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया। पुलिस के अनुसार, शव की हालत बेहद खराब है, जिससे मृतक की पहचान फिलहाल संभव नहीं हो सकी है। हत्या के बाद शव जलाने की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि युवक की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और बाद में पहचान छुपाने के उद्देश्य से शव को खेत में लाकर जलाने की कोशिश की गई है। घटनास्थल पर मिले साक्ष्य भी इस ओर इशारा कर रहे हैं। फोरेंसिक टीम जांच में जुटी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया है। टीम द्वारा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के गांवों और थाना क्षेत्रों में गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी खंगाली जा रही है, ताकि मृतक की पहचान की जा सके। जांच जारी, हर पहलू पर नजर पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों और घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और हर एंगल से जांच जारी है।

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निजी यूनिवर्सिटी की चौथी मंजिल से गिरने से विदेशी छात्र की मौत, गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड पर धक्का देने का आरोप

रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विदेशी छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। छात्र की मौत यूनिवर्सिटी की चार मंजिला इमारत से गिरने के कारण हुई है। मृतक छात्र की पहचान सैम के रूप में हुई है, जो लाइबेरिया का निवासी था और विश्वविद्यालय में एमबीए सेकेंड ईयर का छात्र था। घटना के पीछे आपसी विवाद की बात सामने आई है। आरोप है कि एक विदेशी मूल की छात्रा से कहासुनी के बाद उसके बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर सैम को इमारत की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। विवाद के बाद गिरा छात्र, मौके पर मौत जानकारी के अनुसार, मंगलवार को यूनिवर्सिटी परिसर की चार मंजिला बिल्डिंग से एक छात्र के गिरने की सूचना मिली। जब छात्र को देखा गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गंभीर चोटों के निशान शरीर के कई हिस्सों पर पाए गए। सूचना मिलते ही मंदिर हसौद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक छात्र सैम और एक विदेशी छात्रा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान छात्रा का बॉयफ्रेंड भी वहां पहुंच गया। कहासुनी बढ़ने के बाद सैम चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। हालांकि, परिजनों और साथियों का आरोप है कि उसे जानबूझकर नीचे धकेला गया। दो आरोपी गिरफ्तार, दो ने किया आत्मसमर्पण मामले में पुलिस ने साउथ सूडान निवासी नोई कोंडेट और उसकी गर्लफ्रेंड फेथ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में कुल चार लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें से दो अन्य आरोपियों ने भिलाई में सरेंडर किया है, जिन्हें लेने के लिए रायपुर पुलिस की टीम रवाना हो चुकी है। हर एंगल से जांच जारी मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत की वजह ऊंचाई से गिरना प्रतीत हो रही है, लेकिन यह दुर्घटना थी या हत्या—इस बिंदु पर जांच जारी है। पुलिस छात्रों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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ऑपरेटर्स की मनमानी: नेशनल परमिट बसों में फ्लाइट जैसा किराया सिस्टम, आधे घंटे में बदल रहे रेट

राजधानी रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से संचालित नेशनल परमिट बसों के यात्रियों को इन दिनों गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन बसों का किराया किसी तय सरकारी नियम या फॉर्मूले पर नहीं, बल्कि बस मालिकों और ऑपरेटर्स की मनमर्जी पर निर्भर है। हालात ऐसे हैं कि फ्लाइट टिकट की तरह बसों का किराया हर आधे घंटे में घट-बढ़ रहा है। यात्रियों की संख्या बढ़ते ही किराया अचानक बढ़ा दिया जाता है और सीटें खाली रहने पर रेट कम कर दिए जाते हैं। ऑपरेटर्स लगातार ऑनलाइन बुकिंग स्टेटस पर नजर रखते हैं। इसी वजह से एक ही रूट पर अलग-अलग ऑपरेटरों की बसों में कुछ घंटों के भीतर ही 150 से 300 रुपये तक का अंतर देखने को मिल रहा है। खासकर नेशनल परमिट और टूरिस्ट परमिट पर चलने वाली बसों में यह उतार-चढ़ाव सबसे ज्यादा है। यात्रियों का कहना है कि उन्हें टिकट लेते वक्त यह अंदाजा ही नहीं होता कि अगली बस में किराया कितना होगा। परिवहन विभाग की मजबूरी परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूसरे राज्यों में जाने वाली कई बसें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के तहत चलती हैं। इन बसों के किराए पर राज्य सरकार का कोई सीधा नियंत्रण नहीं होता। विभाग केवल सुरक्षा मानकों, दस्तावेजों और नियमों का पालन सुनिश्चित करता है। यदि टूरिस्ट परमिट वाली बसें रास्ते में सवारी चढ़ाने या उतारने के दौरान पकड़ी जाती हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन किराया तय करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। बस मालिकों का तर्क, विशेषज्ञों की आपत्ति बस ऑपरेटरों का दावा है कि डीजल-पेट्रोल की कीमतें, मौसम, ट्रैफिक और यात्रियों की संख्या के आधार पर किराया बदलना मजबूरी है। उनका कहना है कि भीड़ ज्यादा होने पर किराया बढ़ाया जाता है और बस खाली रहने पर रेट घटा दिए जाते हैं। हालांकि परिवहन विशेषज्ञ इस तर्क से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि बार-बार और बिना नियम के किराया बदलना यात्रियों के साथ खुली मनमानी है, जिसे किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। तीन महीने का होता है टूरिस्ट परमिट परिवहन विभाग के अनुसार, टूरिस्ट परमिट की बसों को करीब 90 हजार रुपये फीस देकर केवल तीन महीने के लिए परमिट मिलता है। इन बसों का उपयोग आमतौर पर शादी, टूर या अनुबंधित यात्राओं के लिए किया जाता है। इनके किराए का निर्धारण अधिकतर दिल्ली स्तर से होता है। भाठागांव बस स्टैंड पर किराए की खुली लूट प्रदेश के सबसे बड़े अंतरराज्यीय बस अड्डे भाठागांव में स्थिति और भी चौंकाने वाली है। यहां हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, मुंबई, इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों के लिए खड़ी बसों में एक ही समय पर अलग-अलग किराए वसूले जा रहे हैं। कहीं पुणे का किराया 1600 रुपये बताया जा रहा है, तो कुछ ही मिनट बाद दूसरी बस के लिए वही किराया 1900 या 2200 रुपये हो जाता है। इसी तरह बेंगलुरु और प्रतापगढ़ जैसे रूटों पर भी सैकड़ों रुपये का फर्क सामने आ रहा है। प्रदेश में बस किराए के तय नियम राज्य में स्टेज कैरिज बसों के लिए किराया पहले से निर्धारित है— नियम क्या कहता है? नियमों के मुताबिक, टूरिस्ट परमिट वाली बसें केवल अनुबंधित या पर्यटन यात्रियों को ही ले जा सकती हैं। ये नियमित इंटरस्टेट या सामान्य बस सेवाओं की तरह सवारी नहीं उठा सकतीं। इसके बावजूद, भाठागांव बस स्टैंड पर चल रही व्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी और जेब पर सीधा असर डाल रही है। अब सवाल यह है कि आखिर इस मनमानी पर लगाम कौन लगाएगा?

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रातों-रात बनी करोड़ों की सड़क, सुबह ही उधड़ गई

अंबिकापुर में NH-43 पर घटिया मरम्मत का खुलासा, वीडियो वायरल होने के बाद सब इंजीनियर निलंबित छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नेशनल हाईवे-43 पर करोड़ों रुपये की लागत से की गई सड़क मरम्मत महज एक रात भी नहीं टिक पाई। 20 दिसंबर की रात किए गए बीटी पैच रिपेयरिंग का काम अगली सुबह उखड़ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे और मामले में कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे विभाग ने संबंधित सब इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। कचरा गाड़ी में भरकर हटाया गया उखड़ा मटेरियल जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के सदर रोड पर शनिवार देर रात बीटी पैच रिपेयरिंग कराई गई थी। सुबह होते-होते करीब 7 मीटर सड़क उखड़ गई। हालात ऐसे थे कि निगम के कर्मचारियों को बेलचे से मटेरियल समेटकर कचरा वाहन में भरकर ले जाना पड़ा। स्थानीय लोगों ने इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। 6 करोड़ की योजना में केवल 600 मीटर का काम नेशनल हाईवे-43 पर कुल 12 किलोमीटर सड़क मरम्मत के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से करीब 600 मीटर हिस्से में रिपेयरिंग की गई थी, लेकिन उसी में से 7 मीटर सड़क पूरी तरह से खराब हो गई। जांच रिपोर्ट के बाद गिरी कार्रवाई की गाज घटिया कार्य को लेकर बिलासपुर स्थित नेशनल हाईवे के अधीक्षण अभियंता ने प्रतिवेदन और फोटो मुख्य अभियंता, रायपुर को भेजे थे। रिपोर्ट के आधार पर गुणवत्ता में लापरवाही बरतने के आरोप में सब इंजीनियर नवीन सिन्हा को निलंबित कर दिया गया। साथ ही उनका मुख्यालय एसई कार्यालय, बिलासपुर कर दिया गया है। ठंड और तकनीकी खराबी बताई गई वजह नेशनल हाईवे के एसडीओ निखिल लकड़ा ने सफाई देते हुए बताया कि सदर रोड शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, इसलिए दिन में काम संभव नहीं था। रात में कार्य के दौरान रोलर में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे मटेरियल ठंडा हो गया और सही ढंग से कंम्पेक्शन नहीं हो सका। इसी कारण 7 मीटर सड़क को हटवाया गया और बाद में दोबारा निर्माण कराया गया। कलेक्टर ने दिए गुणवत्ता पर सख्ती के निर्देश सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि नेशनल हाईवे के अधिकारियों को सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी कारणों से जो हिस्सा खराब हुआ था, उसे दोबारा बनवा दिया गया है।

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रायपुर में बांग्लादेशी–रोहिंग्या घुसपैठ की आशंका पर पुलिस का सर्च ऑपरेशन

ऑपरेशन समाधान’ के तहत 1,000 से अधिक लोगों की जांच, 100 संदिग्धों पर कड़ी नजर राजधानी रायपुर में अवैध घुसपैठ की आशंका को लेकर पुलिस ने मंगलवार तड़के बड़ा सर्च अभियान चलाया। ‘ऑपरेशन समाधान’ के तहत दूसरे राज्यों से आए करीब 1,000 से ज्यादा लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की गई। यह कार्रवाई संभावित बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या घुसपैठियों की तलाश के लिए की गई। प्राथमिक जांच में लगभग 100 ऐसे लोग सामने आए, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि ये लोग पश्चिम बंगाल या बांग्लादेश सीमा से जुड़े इलाकों के बताए जा रहे हैं। संदेहियों के मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है। शहर के कई इलाकों में रह रहे संदिग्ध पुलिस के अनुसार, जिन संदिग्धों की पहचान हुई है, वे मोवा, खमतराई, टिकरापारा, उरला और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों में रह रहे हैं। इनमें से कई लोग ऑटो चालक और दैनिक मजदूरी जैसे कार्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। निवास अवधि को लेकर अस्पष्ट जानकारी पूछताछ के दौरान अधिकतर संदिग्ध यह स्पष्ट नहीं कर सके कि वे कब और किस परिस्थिति में रायपुर आए। अधिकांश ने केवल पिछले एक–दो वर्षों में शहर में आने की बात कही, जिससे पुलिस की शंका और गहरी हो गई है। सुबह 4 बजे से चला सघन अभियान यह अभियान एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर सुबह करीब 4 बजे शुरू किया गया। सीएसपी स्तर के अधिकारियों की अगुवाई में पुलिस टीमों ने बीट-वाइज कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को चिन्हित किया। पूछताछ के बाद उन्हें पुलिस लाइन लाकर दस्तावेजों की गहन जांच की गई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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