Chhattisgarh

उरला–बेंद्री रोड पर सुबह-सुबह सनसनी, निशाद ढाबा के पास अज्ञात व्यक्ति का शव मिला

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत बेंद्री रोड पर बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निशाद ढाबा के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। शव कंबल से ढका हुआ था और प्रथम दृष्टया शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, निशाद ढाबा का मालिक सुबह करीब 7 बजे ढाबा खोलने पहुंचा। इसी दौरान उसकी नजर ढाबे के पास पड़े शव पर पड़ी। शव को देखकर वह घबरा गया और तुरंत उरला पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस द्वारा शव की तलाशी लेने पर मृतक का आधार कार्ड बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान तमिलनाडु निवासी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक पेशे से ट्रक चालक था। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, वहीं मुंह से खून की उल्टी होने के संकेत भी मिले हैं। उरला पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि किसी हादसे में घायल होने के बाद व्यक्ति यहां आकर सो गया होगा और रात के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, जिस स्थिति में शव मिला है, उसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस को घटनास्थल से खून के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका भी पूरी तरह खारिज नहीं की जा रही है। इसी वजह से पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उरला पुलिस का कहना है कि मौत दुर्घटना से हुई है या फिर यह हत्या का मामला है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

उरला–बेंद्री रोड पर सुबह-सुबह सनसनी, निशाद ढाबा के पास अज्ञात व्यक्ति का शव मिला Read Post »

Accident, Birgaon, Chhattisgarh, Crime, Raipur, Tech, Top News

बिरगांव नगर निगम पर पक्षपात का आरोप: छोटे ठेले वालों पर सख्ती, बड़े व्यापारियों को खुला संरक्षण

बिरगांव (रायपुर)। बिरगांव नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि निगम जहां छोटे और गरीब ठेले–रेहड़ी लगाने वालों पर सख्ती दिखाते हुए उन्हें नोटिस थमा रहा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं बड़े व्यापारियों को खुलेआम सड़क और फुटपाथ घेरने की छूट दी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई छोटे ठेले वाले सिर्फ अपने परिवार का पेट पालने के लिए सड़क किनारे या फुटपाथ पर अस्थायी ठेला लगाते हैं, लेकिन नगर निगम की टीम उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करती है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनका ठेला हटा दिया जाता है, जिससे उनके सामने रोज़ी–रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, बिरगांव के सबसे बड़े सुपरमार्ट Ashoka Mart पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अशोका मार्ट द्वारा पुराने कपड़ों का स्टॉक फुटपाथ पर लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं, दुकान के सामने आधी सड़क पर बाइक पार्किंग कर दी जाती है, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अव्यवस्था के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह बंद हो चुका है और सड़क पर भीड़ व जाम आम बात हो गई है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नियम सिर्फ गरीब ठेले वालों के लिए हैं? अगर सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण गलत है, तो फिर बड़े व्यापारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? इस कथित दोहरे रवैये को लेकर अब बिरगांव नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नियम सभी के लिए समान रूप से लागू किए जाएं, चाहे वह छोटा ठेले वाला हो या बड़ा व्यापारी, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और आम जनता को राहत मिल सके।

बिरगांव नगर निगम पर पक्षपात का आरोप: छोटे ठेले वालों पर सख्ती, बड़े व्यापारियों को खुला संरक्षण Read Post »

Birgaon, Chhattisgarh, Raipur

रायपुर में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख कैश बरामद

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा और बेटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 50 लाख 35 हजार रुपए नकद और करीब 80 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई गंज थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में खम्हारडीह निवासी रितेश गोविंदानी (32), मौदहापारा निवासी मोहम्मद अख्तर (32), डीडी नगर निवासी विक्रम राजकोरी (32) और पुरानी बस्ती निवासी सागर पिंजानी (30) शामिल हैं। आरोपी कार में बैठकर ऑनलाइन सट्टा खिलाने के साथ-साथ बेटिंग वेबसाइट्स की ID भी बेच रहे थे। कार में बैठकर चल रहा था ऑनलाइन सट्टारायपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग सिंधु भवन पार्किंग के पास कार में बैठकर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने ऑनलाइन सट्टा खिलाने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि उनके पास बेटिंग साइट्स की मास्टर ID थी, जिसके जरिए वे सट्टा संचालित करते थे और कई लोगों को ID बेच चुके हैं। इन वेबसाइट्स से जुड़ा था सट्टा नेटवर्कआरोपियों के पास Allpanelexch.com, Power7777.com, Powerexch.com और Classicexch99.com जैसी ऑनलाइन बेटिंग साइट्स की मास्टर ID होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इनसे जुड़े अन्य लोगों और सट्टा खेलने वालों की भी पहचान कर रही है। 80 लाख रुपए का सामान जब्त, खातों में करोड़ों होल्डरायपुर SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि IG रायपुर अमरेश मिश्रा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई है। आरोपियों के पास से नकद राशि के अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन, कार, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, चेक बुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। साथ ही आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में मौजूद करोड़ों रुपए की राशि को होल्ड कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ निषेध अधिनियम 2022 की धारा 7, 1

रायपुर में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख कैश बरामद Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

दुर्ग में गंदे पानी से पीलिया फैला: उतई नगर पंचायत के 2 वार्ड प्रभावित, हैंडपंप बंद कर भेजे गए पानी के सैंपल

दुर्ग।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की नगर पंचायत उतई में दूषित पानी पीने से पीलिया (जॉन्डिस) फैलने का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 14 और 15 में बीते करीब एक महीने से लगातार मरीज मिल रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नालियों में जमा गंदे पानी की वजह से घरों और सार्वजनिक हैंडपंपों का जल स्रोत दूषित हो गया, जिसके बाद बदबूदार पानी की शिकायतें मिलने लगीं। शुरुआत में कुछ परिवारों ने इसे व्यक्तिगत समस्या समझा, लेकिन धीरे-धीरे पूरे मोहल्ले में एक जैसे लक्षण नजर आने लगे। हैंडपंप और बोरिंग का पानी बना बीमारी की वजह सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 मरीजों के घरों में जाकर जांच की। जांच के दौरान पाया गया किअधिकांश परिवार हैंडपंप या बोरिंग के पानी का उपयोग कर रहे थे। एहतियातन वार्ड में मौजूद एक सार्वजनिक हैंडपंप को तुरंत बंद कर दिया गया है। साथ ही सभी संदिग्ध जलस्रोतों से पानी के नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक ही वार्ड में मिले 12 मरीज जानकारी के अनुसार, वहीं वार्ड 14 में पहले 12 मरीज सामने आए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी मरीज अब स्वस्थ हैं। यहां एक बोरिंग को संदिग्ध मानते हुए तुरंत बंद कर दिया गया। बीएमओ और डॉक्टरों की टीम ने किया घर-घर निरीक्षण बीएमओ डॉ. देवेंद्र बेलचंदन ने बताया किडॉक्टरों की टीम ने प्रभावित वार्डों के घरों में जाकर स्थिति का आकलन किया है।हालांकि हाल ही में दो घरों में हल्के लक्षण दिखे थे, लेकिन उनकी हालत फिलहाल सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया है। लोगों को केवल उबला हुआ पानी पीने की सख्त सलाह दी गई है। हैंडपंप बंद, टैंकर से हो रही पानी की सप्लाई सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित इलाकों में इसके साथ ही का काम भी तेज कर दिया गया है। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र नायक ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पानी के सैंपल जांच में, स्थिति नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया किप्रभावित घरों के सभी पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन वार्ड 14 और 15 में निगरानी लगातार जारी है।

दुर्ग में गंदे पानी से पीलिया फैला: उतई नगर पंचायत के 2 वार्ड प्रभावित, हैंडपंप बंद कर भेजे गए पानी के सैंपल Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Health, State, Top News

मौसम बदलते ही बीमारियां बढ़ीं: रायपुर में रोज 600 से ज्यादा वायरल और सर्दी-खांसी के मरीज, डॉक्टरों की चेतावनी

रायपुर।मौसम में अचानक आए बदलाव का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। राजधानी रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालात यह हैं कि शहर में हर दिन 600 से अधिक मरीज वायरल जैसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में बीमारी ठीक होने के बाद 2–3 दिन के भीतर दोबारा बुखार लौट रहा है, जो सामान्य वायरल से अलग संकेत माना जा रहा है। 🏥 चार दिनों में अस्पतालों पर बढ़ा दबाव पिछले चार दिनों के आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर के अलग-अलग अस्पतालों में रोज औसतन इतने मरीज पहुंच रहे हैं: अस्पतालों में ओपीडी का लोड लगातार बढ़ रहा है। 🔁 ठीक होने के बाद फिर लौट रहा बुखार डॉक्टरों का कहना है कि इस बार वायरल का पैटर्न अलग नजर आ रहा है।अधिकतर मामलों में: इस वजह से मरीज लंबे समय तक थकान और चक्कर की शिकायत कर रहे हैं। ⚠️ 3 दिन बाद दोबारा बुखार आए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें डॉक्टरों की सलाह है कि यदि तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी जांच कराएं। 💊 बिना जांच दवा लेना हो सकता है खतरनाक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया किमौसम में उतार-चढ़ाव, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर इम्यूनिटी के कारण वायरल और बुखार के मामलों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि कई मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं।ऐसे में बिना ब्लड जांच, प्लेटलेट काउंट और अन्य जरूरी टेस्ट कराए दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। 🦠 ऐसे पहचानें नया वायरल फीवर ✅ बचाव के जरूरी उपाय डॉक्टरों का कहना है कि लापरवाही इस वायरल को गंभीर और लंबा बना सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

मौसम बदलते ही बीमारियां बढ़ीं: रायपुर में रोज 600 से ज्यादा वायरल और सर्दी-खांसी के मरीज, डॉक्टरों की चेतावनी Read Post »

Bhilai / Durg, Bijapur, Chhattisgarh, Health, Kanker, Raigarh, Raipur, Top News

रायपुर में मिलावटी पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 1700 किलो पनीर जब्त, सैंपल जांच के लिए भेजे गए

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मिलावटी और अस्वास्थ्यकर पनीर के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने भाठागांव क्षेत्र से 1700 किलो लूज पनीर जब्त किया है, जो खुले और गंदे हालात में रखा गया था। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 4.76 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। 🧪 अस्वच्छ हालत में हो रहा था पनीर का निर्माण 7 जनवरी 2026 कोफूड विभाग के अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम नेभाठागांव स्थित मेसर्स के.एल.पी. डेयरी एवं मिल्क प्रोडक्ट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि टीम ने मौके से भारी मात्रा में पनीर जब्त कर लिया और उसके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही संबंधित फर्म को सुधार नोटिस भी जारी किया गया है। 📊 2025 में 9700 किलो नकली पनीर और खोवा हुआ था जब्त खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार,जनवरी 2025 से अब तक अमानक पाए जाने पर इन सभी खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया।अब तक इस मामले में 10 प्रकरण न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। 📞 जनता से अपील, जारी रहेगी सख्ती खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है किअगर कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थ बिकने की जानकारी मिले,तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों ने साफ किया है कि पर आगे भी लगातार और सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।

रायपुर में मिलावटी पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 1700 किलो पनीर जब्त, सैंपल जांच के लिए भेजे गए Read Post »

Chhattisgarh, Health, Raipur

महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क

रायपुर / नई दिल्ली।महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई PMLA कानून के तहत की गई है और इसे अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों का संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था, जो भारत से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये विदेश भेज रहा था। 💰 किन संपत्तियों पर ED की कार्रवाई ED के अनुसार, इसके अलावा, 🌍 दुबई से संचालित हो रहा था महादेव ऐप जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल प्रमोट कर रहे थे। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और फिलहाल UAE (दुबई) में मौजूद बताए जा रहे हैं।भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। 🎰 रिग्ड गेम्स से होती थी ग्राहकों की लूट ED की जांच में खुलासा हुआ है किMahadev Online Book और Skyexchange जैसे प्लेटफॉर्म पर रिग्ड गेम्स चलाए जा रहे थे,जहां इस तरह लाखों यूजर्स से अवैध तरीके से रकम वसूली जाती थी। 💸 हवाला, क्रिप्टो और FPI से विदेश पहुंचा पैसा जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को के जरिए विदेश भेजा गया।बाद में इसी पैसे को FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया गया। 🔁 कैशबैक रैकेट का भी खुलासा ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी पर्दाफाश किया है।जांच में पता चला कि ED का दावा है कि गगन गुप्ता कोSalasar Techno Engineering और Tiger Logistics से जुड़े सौदों में करीब 98 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। 📂 अब तक की कार्रवाई ED के अनुसार, इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी का कहना है कि महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम कर रहा था। 💎 सर्राफा कारोबारी के जरिए पहुंची प्रोटेक्शन मनी EOW की जांच में यह भी सामने आया है किमहादेव बुक प्रमोटर्स ने कार्रवाई से बचने के लिएराजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अफसरों तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई। इसमें छत्तीसगढ़ के सर्राफा कारोबारी सुनील कुमार दम्मानी (श्री आभूषण ज्वैलर्स) की भूमिका सामने आई है।हवाला के जरिए पैसा कलेक्ट करचंद्रभूषण वर्मा और राहुल वक्टे के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था। 👥 पैनल चलाने वाले नाम सामने आए जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं: ⚠️ चालान में अफसरों के नाम गायब EOW द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान मेंकिसी भी ब्यूरोक्रेट या पुलिस अधिकारी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।चालान में केवल पदनामों का उल्लेख किया गया है। 🔍 जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद ED और EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Education, International, Raipur, Top News

दावरा यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप, छात्र ने लगाया भविष्य बर्बाद करने का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ की दावरा यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। यूनिवर्सिटी में फार्मेसी कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्र सागर गुप्ता ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उन्हें पीसीआई (Pharmacy Council of India) की मान्यता होने का भरोसा देकर एडमिशन कराया, लेकिन बाद में यह सामने आया कि कोर्स को पीसीआई की स्वीकृति ही नहीं मिली थी। छात्र सागर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एडमिशन से पहले कई बार यूनिवर्सिटी से PCI अप्रूवल को लेकर स्पष्ट सवाल किए थे। हर बार उन्हें यही बताया गया कि कोर्स पूरी तरह से अप्रूव्ड है। इसके बाद उन्होंने तय फीस जमा कर फार्मेसी कोर्स में एडमिशन ले लिया। 5 दिसंबर को किया गया बड़ा खुलासा सागर का आरोप है कि एडमिशन के काफी समय बाद, 5 दिसंबर को यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अचानक यह जानकारी दी कि पीसीआई अप्रूवल रिजेक्ट हो चुका है, जबकि इससे पहले दो बार इंस्पेक्शन होने के बावजूद छात्रों को आश्वासन दिया जाता रहा कि सब कुछ ठीक है। फ्रॉड जैसे विकल्प दिए गए छात्र का कहना है कि जब अप्रूवल न होने की बात सामने आई तो यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार द्वारा तीन विकल्प दिए गए, जो पूरी तरह से भ्रामक और धोखेबाज़ी से भरे थे। इन विकल्पों में न तो पढ़ाई की उचित व्यवस्था थी और न ही भविष्य की कोई गारंटी। शिक्षकों और पढ़ाई की भारी कमी सागर ने बताया कि यूनिवर्सिटी में न तो ठीक से बैठने की व्यवस्था थी, न नियमित क्लासेज़। कई दिनों तक शिक्षक ही नहीं आते थे। 17 अगस्त से 3 अक्टूबर तक छात्र लगातार शिक्षकों और प्रशासन से संघर्ष करते रहे। दो महीने बाद एक शिक्षक आईं, लेकिन वे भी अनुभवहीन बताई जा रही हैं। कंपनसेशन से भी इनकार जब छात्रों ने अपने बर्बाद हुए समय और भविष्य को देखते हुए यूनिवर्सिटी से कंपनसेशन की मांग की, तो प्रबंधन ने इस पर भी सहमति नहीं जताई। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी को बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। छात्र का आरोप सागर गुप्ता का कहना है, “हमने पूरी जानकारी लेकर एडमिशन लिया था। यूनिवर्सिटी ने झूठ बोला। हमारा कीमती समय, पैसा और भविष्य बर्बाद कर दिया गया।” ⚠️ प्रशासन से कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि बिना पीसीआई अप्रूवल के छात्रों को एडमिशन कैसे दिया गया। छात्रों और उनके परिजनों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। Note- इस पूरे मामले में लगाए गए सभी आरोप छात्र सागर गुप्ता के हैं। खबर लिखे जाने तक दावरा यूनिवर्सिटी प्रबंधन से इस विषय पर कोई लिखित या मौखिक जवाब प्राप्त नहीं हो सका है।

दावरा यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप, छात्र ने लगाया भविष्य बर्बाद करने का आरोप Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।

राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों के आठ जिलों में शीतलहर का असर बना रहेगा। राजधानी रायपुर में रात का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वहीं प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल मैनपाट में तापमान 1.8 डिग्री तक गिर गया। अंबिकापुर में पारा 3.3 डिग्री, पेंड्रा में 7.6 डिग्री, दुर्ग और राजनांदगांव में 8 डिग्री तथा जगदलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री (जगदलपुर) और न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री (अंबिकापुर) रहा। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ❄️ ठंड के कारण स्कूल बंद कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल खुले रहेंगे, लेकिन दो पालियों में चलने वाले स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब पहली पाली सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक संचालित होगी। ⚠️ ठंड से जान का खतरा अंबिकापुर के श्रीगढ़ इलाके में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। कम कपड़ों में खुले में सोने के कारण वे हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए। यह अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले 11 दिसंबर को बस स्टैंड में सो रहे एक व्यक्ति की भी मौत हो चुकी है। 🏥 बच्चों की सेहत पर असर तेज ठंड का असर बच्चों पर भी साफ दिख रहा है। रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा हो जाता है, जिससे उन्हें NICU और SNCU तक में भर्ती कराना पड़ रहा है। 🤒 अस्पतालों की OPD में बढ़ी भीड़ ठंड के चलते वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 2000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में सबसे ज्यादा भीड़ है। 🧊 क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खो देता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति घातक साबित हो सकती है। 🔥 नगर निगम ने जलवाए अलाव शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर के 12 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। मेयर मीनल चौबे और निगम कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है। 🦟 बदलते मौसम में मलेरिया का खतरा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में अधिक और रात में कम तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। अगले कुछ दिनों में ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में मलेरिया का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरदानी के उपयोग, पानी जमा न होने देने और समय पर जांच कराने की सलाह दी है। 🛡️ ठंड से बचाव के उपाय डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में भाप लेना, नमक-पानी से गरारे करना, विटामिन-C युक्त आहार, अदरक-तुलसी की चाय और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम व वायरल संक्रमण से बचाव होता है।

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। Read Post »

Bhilai / Durg, Bijapur, Bilaspur, Chhattisgarh, Kanker, Raigarh, Raipur, State, Sukma, Top News, Wealth

खारून नदी में बिना ट्रीटमेंट छोड़ा जा रहा औद्योगिक गंदा पानी, बीरगांव की जल आपूर्ति पर बड़ा संकट

रायपुर।खारून नदी लगातार प्रदूषण की चपेट में आती जा रही है। कारा क्षेत्र में स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए उरला औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला केमिकल युक्त और जहरीला पानी बिना किसी शुद्धिकरण के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि बीरगांव नगर निगम की पेयजल व्यवस्था पर सीधा खतरा मंडराने लगा है। जानकारी के अनुसार, कारा एसटीपी में पिछले कई महीनों से ट्रीटमेंट सिस्टम लगभग बंद पड़ा है। मशीनें निष्क्रिय हैं, फिल्टर काम नहीं कर रहे और दूषित पानी नालियों व खुली पाइप लाइनों के माध्यम से सीधे खारून नदी में बहाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ट्रीटमेंट टैंकों के आसपास काले रंग का झाग, तेज दुर्गंध और केमिकल युक्त पानी जमा पाया गया। मंगलवार को बीरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन, निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा और अधिकारियों की टीम ने कारा स्थित एसटीपी का निरीक्षण किया। मौके पर कई पाइपलाइनें सीधे नदी की ओर खुली मिलीं, जिनसे बिना ट्रीटमेंट किया गया गंदा पानी लगातार बह रहा था। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए महापौर ने इसे जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ बताया और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि एसटीपी से कुछ ही दूरी पर बीरगांव नगर निगम का इंटकवेल स्थित है, जहां से हजारों घरों में पीने का पानी सप्लाई किया जाता है। खारून नदी में मिल रहा यह जहरीला पानी भू-जल को भी प्रभावित कर सकता है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए महापौर और निगम आयुक्त ने बेंद्री स्थित इंटकवेल का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी हालत में दूषित पानी जल स्रोत तक न पहुंचने पाए। गौरतलब है कि कारा एसटीपी का संचालन नगर निगम रायपुर के अधीन है, जबकि इसका सीधा असर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र पर पड़ रहा है। दोनों निकायों के बीच जिम्मेदारी तय न होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य इकराम अहमद, संतोष साहू, कार्यपालन अभियंता डी.एल. देवांगन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। महापौर नंदलाल देवांगन ने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी रायपुर कलेक्टर को दी जाएगी और दोषी अधिकारियों व एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

खारून नदी में बिना ट्रीटमेंट छोड़ा जा रहा औद्योगिक गंदा पानी, बीरगांव की जल आपूर्ति पर बड़ा संकट Read Post »

Birgaon, Chhattisgarh, Health, Raipur, Top News
Scroll to Top