Chhattisgarh

बिना चीर-फाड़ हार्ट सर्जरी से बुजुर्ग को मिला नया जीवन, स्टेंट से बनी ‘चिमनी’ ने बचाई जान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में डॉक्टरों ने बिना ओपन हार्ट सर्जरी किए एक बुजुर्ग महिला की जान बचाई। मरीज के हार्ट की बंद नसों में स्टेंट डालकर ‘चिमनी तकनीक’ अपनाई गई और ट्रांसकैथेटर ऑर्टिक वॉल्व इंप्लांटेशन (TAVI) के जरिए नया वॉल्व लगाया गया। यह जटिल प्रोसीजर 2 जनवरी को किया गया, जिसकी अनुमानित लागत करीब 18 लाख रुपए है। यह संपूर्ण इलाज मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत नि:शुल्क किया गया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया है। ओपन हार्ट सर्जरी थी बेहद जोखिम भरी रायपुर निवासी बुजुर्ग महिला लंबे समय से सांस फूलने और हार्ट फेलियर की समस्या से जूझ रही थीं। जांच में सामने आया कि उनका ऑर्टिक वॉल्व पूरी तरह कैल्शियम से सख्त हो चुका था, जिससे हृदय की पंपिंग क्षमता घटकर सिर्फ 20 प्रतिशत रह गई थी। इस स्थिति में ओपन हार्ट सर्जरी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव और कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में विशेषज्ञों की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने बिना चीर-फाड़, पैर की नस के जरिए वॉल्व प्रत्यारोपण का निर्णय लिया। ‘चिमनी तकनीक’ से टला बड़ा खतरा मरीज की नसें पतली और कैल्शियम युक्त होने के कारण वॉल्व को हार्ट तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। इसके अलावा जन्मजात संरचनात्मक समस्या के चलते कोरोनरी धमनियां वॉल्व के बेहद करीब थीं, जिससे प्रोसीजर के दौरान धमनियों के बंद होने का खतरा बना हुआ था। डॉक्टरों ने एहतियातन दोनों कोरोनरी धमनियों में पहले स्टेंट डालकर ‘चिमनी स्ट्रक्चर’ तैयार किया, ताकि वॉल्व डालते समय ब्लड फ्लो बाधित न हो। अंतिम चरण में बाएं पैर की नस में अचानक ब्लॉकेज हो गया, जिसे दाहिने पैर से तुरंत बलून एंजियोप्लास्टी कर ठीक किया गया। चार घंटे के ऑपरेशन के बाद चमत्कारी सुधार करीब 4 घंटे तक चली इस अत्यंत जटिल प्रक्रिया के बाद ऑपरेशन टेबल पर ही मरीज के ऑर्टिक वॉल्व का प्रेशर 80 से घटकर शून्य हो गया। वहीं हार्ट की पंपिंग क्षमता 20 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच गई। हृदय की धड़कन स्थिर रही और दोनों कोरोनरी धमनियों में रक्त प्रवाह सामान्य पाया गया। कार्डियोलॉजी विभाग की बड़ी उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि वर्ष 2025 में कार्डियोलॉजी विभाग में 2600 से अधिक जटिल हार्ट प्रोसीजर किए गए हैं। वर्ष 2009 में जहां यह विभाग मात्र 41 मामलों से शुरू हुआ था, वहीं आज यह सालाना 2000 से अधिक हार्ट प्रोसीजर कर रहा है। प्रोसीजर टीम में ये रहे शामिल इस सफल सर्जरी में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवकुमार शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, जूनियर रेजिडेंट डॉ. प्रतीक गुप्ता, डॉ. सौम्या, डॉ. वैभव, डॉ. प्रिस, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. बालस्वरूप साहू, डॉ. संकल्प दीवान, कैथ लैब टेक्नीशियन जितेंद्र, बद्री, प्रेमचंद, स्टाफ नर्स आनंद, डिगेन्द्र और एमएसडब्ल्यू खोगेंद्र साहू शामिल रहे।

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9 माह की गर्भवती शिक्षिका से मारपीट का आरोप: प्राचार्य पर थप्पड़ और पेट में मुक्का मारने की शिकायत अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बसकेपी स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कार्यरत एक 9 माह की गर्भवती शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर थप्पड़ मारने और पेट में मुक्का मारने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित शिक्षिका ने इस घटना की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से करते हुए प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। छुट्टी को लेकर हुआ विवाद शिक्षिका अनिमा लकड़ा के अनुसार, बलरामपुर जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा छुट्टी घोषित की गई थी। इसी के तहत उन्होंने 6 जनवरी को ऑनलाइन माध्यम से अवकाश लिया था। अगले दिन 7 जनवरी को वह समय से पहले, सुबह 10 बजे से पूर्व स्कूल पहुंच गईं, इसके बावजूद प्राचार्य ने उन्हें उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज कर दिया। जब शिक्षिका ने इसका कारण पूछा तो प्राचार्य मंगना राम ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर उनके साथ मारपीट की। शिक्षिका का आरोप है कि प्राचार्य ने उन्हें थप्पड़ मारे और पेट में भी मुक्का मारा, जबकि वह गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में हैं। शिक्षक संघ का विरोध, निलंबन की मांग घटना की जानकारी सामने आते ही छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने मामले की कड़ी निंदा की है। संघ ने इसे महिला और गर्भवती शिक्षिका के सम्मान के खिलाफ बताते हुए प्राचार्य के तत्काल निलंबन की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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अंबिकापुर में सनसनीखेज हत्या: युवती की धमकी के बाद दो युवकों ने सीने में घोंपा चाकू, CCTV में कैद वारदात

अंबिकापुर शहर के गांधीनगर वार्ड क्रमांक 7 में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है। एक युवती और उसके साथ मौजूद दो युवकों ने मिलकर एक अधेड़ व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। शनिवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। वार्ड पार्षद विपिन पांडेय की सूचना पर गांधीनगर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतक के सीने पर चाकू के गंभीर निशान पाए गए। CCTV में कैद युवती की धमकी पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि वारदात से पहले युवती मृतक से कहती है—“तू मेरे को हाथ कैसे लगाया, तू जानता नहीं है कि मैं कौन हूं?”इसके तुरंत बाद उसके साथ मौजूद दो युवक चाकू से हमला कर देते हैं, जिससे मौके पर ही व्यक्ति की मौत हो जाती है। युवती गिरफ्तार, दो आरोपी फरार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल दोनों युवक फरार हैं। उनकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मृतक की पहचान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गांधीनगर पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बबलू मंडल (50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सुभाषनगर वार्ड क्रमांक 2, बाबरा पेट्रोल पंप के सामने गली में रहता था। वह ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक के पुत्र दीप मंडल (24 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि उसके पिता रात करीब 10:30 बजे तक घर के पास ही बैठे थे, इसके बाद वे घर नहीं लौटे। सुबह उनकी हत्या की खबर मिली। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री का अफसरों को सख्त संदेश: लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, शिकायतों पर समय पर कार्रवाई के निर्देश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस पर आधारित है और योजनाओं में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह बातें मुख्यमंत्री ने रायपुर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस अवसर पर जिला और विभाग स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और विभागों को सम्मानित किया गया। 10 पुरस्कार विजेताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में ई-गवर्नेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचारों के लिए जिला और विभागीय श्रेणी में कुल 10 पुरस्कार प्रदान किए गए। यह सम्मान सुशासन दिवस के अवसर पर घोषित किए गए। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारी, विभिन्न जिलों के कलेक्टर, सीएस, एसीएस, सचिव, प्रमुख सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मौजूद रहे। इन जिलों और विभागों को मिला पुरस्कार जिला श्रेणी में बेहतर कार्य और नवाचार के लिए दंतेवाड़ा, जशपुर, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और नारायणपुर को सम्मानित किया गया।विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पुरस्कार मिला। सांसद-विधायकों के पत्रों पर समय पर जवाब देने के निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों का समय पर जवाब देना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों को गंभीरता से लें और उनका त्वरित निराकरण करें। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों से नियमित फीडबैक लेने को भी कहा। सुशासन सिर्फ शब्द नहीं, काम की संस्कृति सीएम ने कहा कि सुशासन केवल एक नारा नहीं बल्कि हर नीति और निर्णय की आत्मा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दो वर्षों में 400 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं।ई-ऑफिस व्यवस्था से भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं और इसे जल्द ही संभाग व जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर सख्ती, तकनीक बनेगी हथियार मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं की राशि को भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। जेम पोर्टल से खरीदी को अनिवार्य किया गया है, फिर भी यदि कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।खनिज से जुड़े परमिट को ऑनलाइन कर पहले होने वाले भ्रष्टाचार पर भी रोक लगाई गई है। अधिकारियों से फील्ड में जाने की अपील सीएम ने अधिकारियों से कहा कि योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका सही क्रियान्वयन होगा। इसके लिए अधिकारियों को फील्ड में जाकर लोगों की समस्याएं समझनी होंगी। उन्होंने नियमित समीक्षा, प्रेस कॉन्फ्रेंस और पारदर्शी कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अधिकारी को अपने भीतर बदलाव लाना होगा, तभी विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

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दुर्ग–पाटन मार्ग पर दर्दनाक हादसा: हाईवा की टक्कर से युवक की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम; लापरवाही का केस दर्ज

दुर्ग–पाटन मुख्य मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में युवक की जान चली गई। दैमार गांव के पास हाईवा ट्रक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अर्क सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना 8 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, अर्क सिंह बाइक से भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती अपनी दादी को देखकर पाटन स्थित शासकीय अस्पताल क्वार्टर में अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान राजू ढाबा के पास पीछे से आ रहे हाईवा ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि अर्क सिंह सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा पाटन थाना क्षेत्र में हुआ। इलाज के दौरान हुई मौत हादसे के बाद पाटन पुलिस ने घायल अर्क सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पाटन पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उनका इलाज जारी रखा गया, लेकिन 9 जनवरी की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सिर, चेहरे और शरीर में आई गंभीर चोटें मौत का कारण बनीं। हाईवा चालक पर लापरवाही का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवा ट्रक (CG07 BP 7880) तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया जा रहा था। मृतक के पिता विजय बहादुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पाटन एसडीओपी अनूप लकड़ा ने बताया कि मर्ग कायम कर लिया गया है और लापरवाही से मौत के अपराध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। काम की तलाश में मुंबई गए थे मृतक अर्क सिंह की पत्नी पाटन के शासकीय अस्पताल में नर्स के पद पर पदस्थ हैं। मृतक पूर्व में रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे, लेकिन घटना के समय वे बेरोजगार थे और भिलाई में रह रहे थे। निजी विवाद भी जांच के दायरे में पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक की पत्नी ने पहले पाटन थाने में नशे की हालत में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि इस शिकायत का हादसे से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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हाईकोर्ट का अहम फैसला: बिना सबूत अफेयर का आरोप लगाना मानसिक क्रूरता, डॉक्टर पति को तलाक, पत्नी को 25 लाख गुजारा भत्ता

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के जीवनसाथी पर अवैध संबंधों का आरोप लगाना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने एक डॉक्टर पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार मानते हुए डॉक्टर पति की तलाक याचिका स्वीकार कर ली। साथ ही पत्नी को 25 लाख रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता देने का आदेश भी दिया गया है। क्या है पूरा मामला मामला सारंगढ़ निवासी डॉक्टर से जुड़ा है, जिनकी शादी वर्ष 2008 में रायगढ़ में भिलाई की रहने वाली महिला डॉक्टर से हुई थी। शादी के बाद दंपती की एक बेटी हुई, लेकिन कुछ वर्षों बाद ही दोनों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया। अंततः वर्ष 2014 से दोनों अलग-अलग रहने लगे। पति का आरोप था कि पत्नी का व्यवहार शादी के कुछ समय बाद ही अपमानजनक और संदेहपूर्ण हो गया था। उस पर बार-बार अवैध संबंधों के आरोप लगाए गए, जिससे उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पति ने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी छोटी-छोटी बातों पर विवाद करती थी, मांग में सिंदूर लगाने और मंगलसूत्र पहनने से इनकार करती थी, यहां तक कि एक बार जानलेवा हमला भी किया गया। फैमिली कोर्ट से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला पति ने दुर्ग स्थित फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी, जिसे फैमिली कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में अपील की। सुनवाई के दौरान सामने आया कि पत्नी ने अपने लिखित बयान में पति पर किसी अन्य महिला डॉक्टर से संबंध होने का गंभीर आरोप लगाया था। पत्नी का यह भी दावा था कि कथित महिला ने उसके घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी, लेकिन इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका। कोर्ट की टिप्पणी: चरित्र हनन सबसे गंभीर क्रूरता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षित पत्नी द्वारा बिना आधार के पति के चरित्र पर लांछन लगाना मानसिक क्रूरता का सबसे गंभीर रूप है। कोर्ट ने माना कि पत्नी अपने आरोपों को साबित करने में असफल रही, जिससे पति को गंभीर मानसिक पीड़ा हुई। हालांकि कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि केवल अलग रहने के आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता, लेकिन मानसिक क्रूरता के आधार पर तलाक उचित है। 25 लाख रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता हाईकोर्ट ने तलाक मंजूर करते हुए यह भी कहा कि दोनों पति-पत्नी डॉक्टर हैं और आर्थिक रूप से सक्षम हैं, फिर भी बेटी की परवरिश और भविष्य के कानूनी विवादों से बचने के लिए पति को पत्नी को 25 लाख रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता देना होगा। यह राशि 6 महीने के भीतर अदा करनी होगी।

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रायपुर की सड़कों पर हथियारों के साथ युवकों की रील, कट्टा–चाकू लहराते VIDEO वायरल; पुलिस ने शुरू की तलाश

राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वायरल फुटेज में कुछ युवक कार चलाते हुए खुलेआम कट्टा और चाकू लहराते नजर आ रहे हैं। ये युवक शहर की सड़कों, गलियों और सुनसान इलाकों में फिल्मी और बदमाश-लाडले जैसे गानों पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन युवकों ने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पेज और आईडी बना रखी हैं, जहां लगातार ऐसे वीडियो साझा कर खुद को ‘डॉन’ और ‘भाई’ के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हाथ और कमर में हथियार, दबंगई का प्रदर्शन वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक हाथ में कट्टा और कमर में चाकू रखकर गानों पर रील बना रहे हैं। कुछ वीडियो में आपत्तिजनक भाषा और गालियों का भी इस्तेमाल किया गया है। बताया जा रहा है कि शहर में अपना वर्चस्व दिखाने और सोशल मीडिया पर दबंग छवि बनाने के लिए ये युवक ग्रुप बनाकर वीडियो शूट कर वायरल कर रहे हैं। 18 से 25 साल के बताए जा रहे युवक प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिख रहे युवकों की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में ये युवक कानून को ताक पर रखकर इस तरह की खतरनाक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये वीडियो खमतराई, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती और डीडी नगर जैसे इलाकों में शूट किए गए हैं। जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाने वालों की पहचान की जा रही है। सभी वायरल वीडियो की जांच कर संबंधित युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे असामाजिक तत्वों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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रायपुर में कारोबारी ने की आत्महत्या, विज्ञापन एजेंसी संचालक का फ्लैट में मिला शव

राजधानी रायपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विज्ञापन एजेंसी के संचालक विश्वरंजन पुरोहित के रूप में हुई है। 10 जनवरी की सुबह न्यू राजेंद्र नगर स्थित उनके फ्लैट में उनका शव फंदे से लटका मिला। यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक हाल के दिनों में अपने व्यवसाय में हुए नुकसान के कारण मानसिक तनाव में था, हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अपने ही फ्लैट में उठाया आत्मघाती कदम बताया जा रहा है कि विश्वरंजन पुरोहित अपने परिवार के साथ न्यू राजेंद्र नगर के एक फ्लैट में रहते थे। इसी फ्लैट में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों से पूछताछ, सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस द्वारा मृतक के परिवारजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक आशंका नहीं दिख रही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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रायपुर में आबकारी विभाग की सख्त कार्रवाई, स्कूटी से हो रही थी अवैध शराब की सप्लाई; आरोपी गिरफ्तार

रायपुर जिले में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी मदिरा की खेप बरामद की है। विभाग की टीम ने स्कूटी के जरिए शराब की डिलीवरी करते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 5.76 बल्क लीटर देसी शराब और एक स्कूटी जब्त की गई है। यह कार्रवाई सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. संगीता के मार्गदर्शन और कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर की गई। जिला आबकारी विभाग रायपुर की टीम ने 8 जनवरी 2026 को आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम बाना में यह कार्रवाई अंजाम दी। जांच के दौरान नवीन प्राथमिक शाला के सामने एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में रोका गया। तलाशी लेने पर उसकी स्कूटी (हीरो डेस्टिनी प्राइम) की डिक्की से 32 पाव देसी मदिरा मसाला यूनीक बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 5.76 बल्क लीटर बताई गई है, जो अन्य जिला महासमुंद की होने की जानकारी सामने आई है। आरोपी जेल भेजा गया गिरफ्तार आरोपी की पहचान ग्राम बाना निवासी उजेंद्र बंजारे के रूप में हुई है। आबकारी विभाग ने मौके से अवैध शराब और वाहन को जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस प्रकरण की जांच आबकारी उपनिरीक्षक प्रीति कुशवाहा कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान आरक्षक राकेश दुबे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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‘मोदी की गारंटी’ पर सवाल: पीएम मोदी का मुखौटा पहन अमित जोगी ने BJP को घेरा

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़–जे (JCC-J) के अध्यक्ष अमित जोगी ने डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को जारी एक वीडियो में अमित जोगी प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा पहने हुए नजर आए। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए उन्होंने भाजपा को विधानसभा चुनाव 2023 से पहले किए गए वादों की याद दिलाई। अमित जोगी ने कहा कि वे नवा रायपुर के तूता मैदान जा रहे हैं, जहां डीएड अभ्यर्थी सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वे आंदोलनरत अभ्यर्थियों के साथ बैठकर उनका समर्थन करेंगे। जोगी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले “मोदी की गारंटी” के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और रिक्त पदों पर भर्ती का भरोसा दिलाया था, लेकिन सरकार बनने के बाद दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार लगभग 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति नहीं कर रही है। अमित जोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी को पूरा न करना संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की कि डीएड अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय को तत्काल रोका जाए और सभी 2300 रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। 🟡 अनशन के बाद मौन व्रत में बदला आंदोलन डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब आमरण अनशन से आगे बढ़कर मौन व्रत में बदल चुका है। पिछले 15 दिनों से नवा रायपुर के तूता मैदान में जारी इस प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। अब तक करीब 30 अभ्यर्थियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जबकि चार अभ्यर्थियों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती 2023 से जुड़े मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सरकार ने मेरिट सूची को सही तरीके से पुनर्व्यवस्थित नहीं किया। मार्च 2023 में राज्य सरकार ने 6285 सहायक शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें डीएड और बीएड दोनों को पात्र माना गया। बाद में अदालतों ने बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक पद के लिए अयोग्य ठहराया और डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया। इसके बावजूद दिसंबर 2024 में हुई पांचवीं काउंसलिंग के बाद भी करीब 2300 पद खाली रह गए। हाईकोर्ट द्वारा 26 सितंबर 2024 को दो महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी है। डीएड अभ्यर्थियों की मांग है कि छठवें चरण की काउंसलिंग कर तुरंत नियुक्ति दी जाए।

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