Chhattisgarh

स्कूल देर तक बंद रहने पर कार्रवाई, हेडमास्टर सस्पेंड; 5 शिक्षकों को नोटिस

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में होली के अगले दिन स्कूल देर तक बंद रहने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक (जेडी) शिक्षा संजय गुप्ता ने सावारांवा मिडिल स्कूल के हेडमास्टर संजय कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है। वहीं स्कूल के पांच अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार, भैयाथान ब्लॉक के सावारांवा स्थित मिडिल स्कूल में गुरुवार सुबह बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचे थे, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे तक स्कूल का ताला नहीं खुला था। इस दौरान छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर ही इंतजार करते रहे और कुछ बच्चे बाहर बैठकर पढ़ाई करते दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अजय मिश्रा ने जांच के लिए अधिकारियों की टीम को स्कूल भेजा। जांच टीम के पहुंचने पर भी स्कूल बंद मिला। बाद में शिक्षिका प्रीति टोप्पो करीब 12 बजे स्कूल पहुंचीं और उसके बाद स्कूल का संचालन शुरू हुआ। डीईओ की रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है और उनका मुख्यालय ओड़गी बीईओ कार्यालय तय किया गया है। इसके साथ ही संकुल समन्वयक बैजनाथपुर रामजतन कुशवाहा और शिक्षक ईशा खलखो, प्रीति टोप्पो, अजीत कुमार चंद्रा तथा रमेश चेसकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसी बीच छात्रों ने एक शिक्षक रमेश चेसकर पर शराब पीकर स्कूल आने का भी आरोप लगाया है। बच्चों के बयान का वीडियो भी अधिकारियों को भेजा गया है। डीईओ अजय मिश्रा ने कहा है कि इस शिकायत की भी अलग से जांच कराई जा रही है।

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Chhattisgarh

ऑर्डर लेट होने पर ग्राहक का हंगामा, दुर्ग के पिज्जा आउटलेट में तोड़फोड़; वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक पिज्जा आउटलेट में ऑर्डर मिलने में देरी को लेकर ग्राहक ने जमकर हंगामा कर दिया। गुस्साए युवक ने कर्मचारियों के साथ बहस की, गाली-गलौज की और काउंटर पर रखा कंप्यूटर मॉनिटर तोड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नेहरू नगर स्थित डोमिनोज पिज्जा आउटलेट में गुरुवार रात एक युवक पिज्जा लेने पहुंचा था। आउटलेट के मैनेजर ढाकेश्वर कुमार ने बताया कि नरेंद्र मानिकपुरी नाम का ग्राहक ऑर्डर देने के बाद कुछ देर तक इंतजार करता रहा। जब उसे ऑर्डर मिलने में देरी हुई तो वह नाराज हो गया और काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ने अपना ऑर्डर कैंसिल कर दिया और पैसे वापस मांगने लगा। कर्मचारियों ने उसे बताया कि ऑनलाइन पेमेंट का रिफंड 48 घंटे के भीतर मिल जाएगा। यह सुनकर युवक और भड़क गया और तुरंत कैश में पैसे लौटाने की मांग करने लगा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। गुस्से में आकर उसने काउंटर पर रखे ऑर्डर मॉनिटर पर मुक्का मार दिया, जिससे वह टूट गया। इसके अलावा आउटलेट में भी तोड़फोड़ की गई। जाते-जाते युवक ने कर्मचारियों को धमकी भी दी और वहां से फरार हो गया। घटना के समय दुकान में मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को पूरी जानकारी दी। उनके अनुसार युवक लगातार विवाद कर रहा था और माहौल खराब कर दिया था। मैनेजर की शिकायत के आधार पर सुपेला थाना पुलिस ने आरोपी नरेंद्र मानिकपुरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

धर्म परिवर्तन के विवाद में झगड़ा, घर में तोड़फोड़ का आरोप: बिलासपुर में पुलिसकर्मी पर गुंडे बुलाकर पिटाई कराने का दावा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धर्म परिवर्तन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि डायल-112 में तैनात एक पायलट पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और विरोध करने पर मारपीट कराने का आरोप लगा है। यह मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कुंदरा पारा का है। जानकारी के मुताबिक, मोहितराम खांडे अपने परिवार के साथ कुंदरा पारा में रहते हैं। उनके पड़ोस में ही रिश्तेदार तोमन खांडे का घर है, जो डायल-112 में पायलट के पद पर कार्यरत है। बताया जा रहा है कि तोमन पिछले कई वर्षों से ईसाई धर्म को मानते हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तोमन खांडे उन पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने बाहरी लोगों को बुलाकर परिवार के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ कराई। हालांकि, तोमन खांडे ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा के साथ-साथ मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि घटना के बाद से वे करीब 12 दिनों से डर के कारण अपने घर नहीं लौट पाए हैं। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि 15 फरवरी को पहली बार धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद हुआ था, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। उनका कहना है कि होली के दिन भी इसी बात को लेकर दोबारा विवाद हुआ और मारपीट की गई। वहीं, तोमन खांडे का कहना है कि धर्म परिवर्तन का आरोप निराधार है। उनके अनुसार दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहितराम और उनके परिजनों ने ही उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को नुकसान पहुंचाया। साथ ही नगदी और जेवर गायब होने से उन्हें करीब 80-90 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bilaspur, Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक रेप पीड़िता के परिवार को पंचायत के फैसले के बाद समाज से अलग कर दिया गया है। पंचायत ने परिवार पर कई अपमानजनक शर्तें भी रखी हैं, जिनकी वजह से मामला चर्चा में आ गया है।

पंचायत के सरपंच जवाहिर लाल का कहना है कि यदि पीड़िता का परिवार समाज में वापस शामिल होना चाहता है, तो उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी होगी। इसके लिए पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से नहाने जैसी शर्त रखी गई है। सरपंच का कहना है कि यह गांव के पूर्वजों के बनाए नियम हैं और इन्हें मानने के बाद ही परिवार को समाज में दोबारा जगह दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से उनके बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने शादी का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने शादी की बात कही तो युवक लगातार टालता रहा। सात महीने की गर्भावस्था होने पर जब युवती ने शादी का दबाव बढ़ाया, तो युवक ने साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने अपने परिवार को पूरी बात बताई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज किया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में पंचायत की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में पीड़िता के परिवार के साथ उसके ममेरे भाई के परिवार को भी 12 साल के लिए समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुनाया गया। सरपंच का आरोप है कि युवती युवक को झूठे मामले में फंसा रही है और उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि गर्भ में पल रहा बच्चा किसका है। इसी आधार पर पंचायत ने यह कठोर फैसला लिया। पंचायत के आदेश के अनुसार, बहिष्कृत परिवार अब गांव के सामाजिक, धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकेंगे। साथ ही गांव के लोग भी उनके किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। इसके अलावा पंचायत ने दंड के रूप में पूरे समाज को बकरा-भात और शराब खिलाने-पिलाने की शर्त भी रखी है। इस मामले में प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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Chhattisgarh

यूपीएससी 2025: रायपुर की वैभवी को 35वीं रैंक, दर्शना सिंह 383वें स्थान पर

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 के परिणाम में छत्तीसगढ़ के कई युवाओं ने सफलता हासिल की है। रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने अपने तीसरे प्रयास में 35वीं रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं रायपुर के ही रौनक अग्रवाल को 772वीं रैंक और संजय डहरिया को 946वीं रैंक मिली है। इसके अलावा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की दर्शना सिंह बघेल ने 383वीं रैंक हासिल की है। वहीं धमतरी जिले के डीएसपी डायमंड सिंह ने 623वीं रैंक प्राप्त की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। तीसरे प्रयास में मिली सफलतारायपुर के गुढ़ियारी की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती दो प्रयासों में उन्हें असफलता मिली थी। पहले प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनका सपना समाज सेवा करना था, इसी वजह से उन्होंने यूपीएससी को अपने करियर के रूप में चुना और लगातार मेहनत जारी रखी। किसान परिवार से हैं दर्शना सिंहजनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह बघेल एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने 2018 में 12वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दर्शना ने बताया कि पहले प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंच गई थीं, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बन सकी। दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली। अगर चाहो तो मैं इस खबर के लिए SEO Title, YouTube Title और Keywords भी बना सकता हूँ, जो आपके News22 Bharat चैनल के लिए काम आएंगे।

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Chhattisghar, Raipur

रायपुर में मूकबधिर दिव्यांगों के लिए रोजगार का अवसर, 9 मार्च को लगेगा प्लेसमेंट कैम्प

मूकबधिर दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रायपुर में 9 मार्च को विशेष प्लेसमेंट कैम्प आयोजित किया जा रहा है। यह कैम्प विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर और डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से लगाया जाएगा। आयोजन सुबह 10 बजे से सुंदर नगर स्थित ग्रो रायपुर केंद्र में किया जाएगा, जो कुशालपुर फ्लायओवर के पास पीडब्ल्यूडी मकान नंबर 843 में स्थित है। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में कई निजी कंपनियां भाग लेंगी और उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया में फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट और टपरी द कैफे जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होकर योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेंगे। चयनित उम्मीदवारों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार विभिन्न पदों पर काम करने का मौका दिया जाएगा। इस कैम्प में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के 18 से 35 वर्ष तक के मूकबधिर दिव्यांगजन पात्र होंगे। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। इसके अलावा 12वीं पास और स्नातक अभ्यर्थी भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। कैम्प में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा। इनमें 10वीं, 12वीं या स्नातक की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति और फोटोकॉपी के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। डॉ. शशी अतुलकर ने पात्र मूकबधिर दिव्यांगजनों से इस प्लेसमेंट कैम्प में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलता है।

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Chhattisgarh, Raipur

रायपुर: धान के बोरों पर पानी डालने का मामला, वीडियो वायरल होने के बाद 4 कर्मचारी बर्खास्त

रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र के भलेरा धान खरीदी केंद्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रखे धान के बोरों पर मोटर पंप से पानी डालकर उन्हें भिगोने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद किसानों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही कई किसान खरीदी केंद्र पहुंच गए और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए धरना भी दिया। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई। जांच समिति की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि धान के बोरों में नमी पाई गई, जो छत्तीसगढ़ सरकार की धान उपार्जन नीति 2025–26 के नियमों के खिलाफ है। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में खरीदी केंद्र के प्रभारी प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिकीय सहायक उमेश कुमार साहू, प्रोसेस सर्वर इंदरमन निषाद और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जितेंद्र कुमार साहू की लापरवाही सामने आई। प्रशासन ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। भौतिक जांच के दौरान लगभग 10,500 बोरी धान में नमी पाए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा भी तैयार किया। वहीं उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप की मदद से धान के बोरों पर पानी डाल रहा है। वह लगातार कई बोरियों को भिगोता नजर आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि धान में कृत्रिम रूप से नमी बढ़ाकर उसे खराब दिखाने और बाद में किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की जा रही थी।

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Chhattisgarh, Raipur

रायपुर के 70 गांवों में मशहूर ‘ड्रोन वाली दीदी’: 10 मिनट में एक एकड़ खेत में करती हैं कीटनाशक का छिड़काव

रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम नगपुरा में इन दिनों एक महिला अपनी अलग पहचान बना रही हैं। खेतों में ड्रोन उड़ाकर कीटनाशक का छिड़काव करने वाली चंद्रकली वर्मा अब आसपास के गांवों में “ड्रोन वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। आधुनिक तकनीक के जरिए वे किसानों का समय और मेहनत दोनों बचा रही हैं। सुबह के समय जब खेतों में हल्की धूप होती है, तब चंद्रकली वर्मा अपने ड्रोन के साथ खेतों में पहुंच जाती हैं। खेत के किनारे खड़े होकर रिमोट कंट्रोल से ड्रोन उड़ाती हैं और कुछ ही मिनटों में पूरा खेत कीटनाशक से कवर हो जाता है। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिली नई पहचान चंद्रकली वर्मा नवंबर 2023 में नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़ी थीं। इसके बाद दिसंबर 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश में ड्रोन संचालन और खेती में इसके उपयोग की ट्रेनिंग ली। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने अपने गांव और आसपास के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव की सेवा शुरू की। शुरुआत में यह काम सीमित क्षेत्र तक ही था, लेकिन धीरे-धीरे किसानों को ड्रोन तकनीक का फायदा समझ में आने लगा। इसके बाद आसपास के गांवों से भी किसानों ने उनसे संपर्क करना शुरू कर दिया। 10 मिनट में एक एकड़ खेत में छिड़काव जहां पहले मजदूरों के जरिए कीटनाशक छिड़काव में काफी समय और मेहनत लगती थी, वहीं ड्रोन तकनीक से यह काम बहुत तेजी से हो रहा है। ड्रोन की मदद से महज 10 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव हो जाता है। इससे दवा भी सही मात्रा में पूरे खेत में समान रूप से पहुंचती है। अब 70 गांवों के किसानों को दे रही सेवा ड्रोन से छिड़काव की मांग बढ़ने के साथ चंद्रकली वर्मा का काम भी लगातार बढ़ता गया। अब वे करीब 40 किलोमीटर के दायरे में आने वाले लगभग 70 गांवों के किसानों को यह सुविधा दे रही हैं। खरीफ और रबी सीजन के दौरान काम ज्यादा होने पर उन्हें कई बार दिन में दो शिफ्ट में भी काम करना पड़ता है। सीजन में डेढ़ लाख रुपये तक कमाई ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव के लिए चंद्रकली वर्मा को प्रति एकड़ लगभग 300 रुपये मिलते हैं। बढ़ते काम के साथ उनकी आय में भी इजाफा हुआ है और अब वे एक सीजन में करीब डेढ़ लाख रुपये तक कमा लेती हैं। काम बढ़ने के बाद उन्होंने अपने साथ तीन अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है। घर और काम दोनों की जिम्मेदारी चंद्रकली वर्मा घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने काम को भी पूरी लगन से निभा रही हैं। सुबह घर का काम खत्म करने के बाद वे खेतों की ओर निकल जाती हैं। उनका कहना है कि ड्रोन तकनीक ने उनकी जिंदगी बदल दी है और इससे किसानों को भी आधुनिक खेती का फायदा मिल रहा है। क्या है नमो ड्रोन दीदी योजना नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर की एक लाख महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसे कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना है। इससे खेती की लागत कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।

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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का नया पता तय, सिविल लाइंस के C-3 बंगले से होगा संचालन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय का स्थायी पता बदल दिया गया है। अब से रायपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय सिविल लाइंस स्थित C-3 बंगले से संचालित होगा। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले इसी नए कार्यालय से राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे। जानकारी के मुताबिक C-3 बंगला वही परिसर है, जहां पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का निवास था। राज्य शासन के निर्णय के बाद इस बंगले को अब पूरी तरह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के रूप में विकसित कर दिया गया है। आज से नए कार्यालय में कामकाज शुरू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में इसका संचालन अस्थायी रूप से पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय से किया जा रहा था। अब जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने C-3 बंगले में स्थित नए कार्यालय से कामकाज शुरू कर दिया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले भी इसी परिसर से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। जगह और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय में पर्याप्त जगह की कमी और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए नए और सुरक्षित परिसर की जरूरत महसूस की जा रही थी। सिविल लाइंस का C-3 बंगला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहां से कानून-व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

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रायपुर में 14 लाख का गांजा बरामद, इंटरस्टेट तस्कर गिरफ्तार; बैग में भरकर बेचने की फिराक में था आरोपी

राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 28.621 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 14.41 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई कबीर नगर थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सीतानगर गोगांव रोड स्थित अविनाश आशियाना के पीछे भाठा इलाके में एक युवक ट्रॉली बैग में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर खड़ा है और उसे बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर युवक को पकड़कर उसके ट्रॉली बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अविनाश अग्रहरी बताया, जो उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का रहने वाला है। आरोपी से पूछताछ जारी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कबीर नगर थाना में अपराध क्रमांक 60/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(C) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। जांच एजेंसियां फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं। 2026 में अब तक की कार्रवाई पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 16 अलग-अलग मामलों में 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में 185 किलोग्राम से अधिक गांजा, करीब 2.05 लाख रुपये नकद, 2 चारपहिया वाहन और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

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