Chhattisgarh

रायपुर में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: कूरियर से मंगाई कोकीन के साथ युवक गिरफ्तार, गांजा तस्करी में महिला समेत 2 पकड़े गए

राजधानी में पार्सल के जरिए पहुंच रही नशे की खेप, दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद किए राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। देवेंद्र नगर इलाके में एक युवक को कूरियर से मंगाई गई कोकीन के साथ पकड़ा गया, जबकि गंज थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी करते महिला समेत दो लोगों को दबोचा गया। जांच एजेंसियां अब पूरे ड्रग नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई हैं। (विस्तार से) रायपुर पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक युवक को कोकीन की सप्लाई करते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ड्रग्स कूरियर के जरिए मंगवाई थी, जिससे शहर में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट के नए तरीके का खुलासा हुआ है। कूरियर से मंगाई गई कोकीन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि देवेंद्र नगर सेक्टर-5 इलाके में ड्रग्स की खेप पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर कृष्ण गोपाल अग्रवाल (28) को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 4.55 ग्राम कोकीन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तारी के समय आरोपी अपनी कार में मौजूद था। पुलिस ने कोकीन के साथ उसकी लग्जरी कार और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ड्रग्स पार्सल सर्विस के जरिए रायपुर भेजी गई थी। पुलिस अब कूरियर कंपनी, भेजने वाले और संभावित रिसीवर की जानकारी जुटा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के नए तरीके पुलिस के अनुसार ड्रग तस्कर अब सीधे सप्लाई की बजाय पार्सल सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पहचान छिपाना आसान हो जाता है। यह तरीका कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। गांजा तस्करी करते महिला समेत दो गिरफ्तार इधर गंज थाना पुलिस ने भी नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला और पुरुष तस्कर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी स्टेशन रोड स्थित राजपूताना होटल के सामने गांजे की खेप खपाने की फिराक में थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर कैलाश कुशवाहा (40) और पूजा पटेल (30) को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पिट्ठू बैग से 5 किलो 260 ग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की कीमत लगभग 2 लाख 62 हजार 500 रुपये आंकी गई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई और किसे सप्लाई की जानी थी। निष्कर्ष रायपुर में ड्रग्स तस्करी के मामलों में बढ़ती सक्रियता पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। कूरियर के माध्यम से नशे की खेप पहुंचना शहर में संगठित ड्रग नेटवर्क की मौजूदगी की ओर संकेत करता है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।

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पंडरी बाजार में फिर लौटा जाम का संकट: सील खुलते ही सड़कों पर खड़ी गाड़ियां, पार्किंग व्यवस्था का वादा अधूरा

शर्तों के साथ खुलीं 19 दुकानें, लेकिन सड़क पर ही पार्किंग से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था; नियम तोड़ने पर दोबारा कार्रवाई की चेतावनी राजधानी के सबसे व्यस्त कपड़ा बाजार पंडरी में एक बार फिर ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या लौट आई है। मुख्य सड़क की ओर खुलने वाली 19 दुकानों की सील हटते ही ग्राहकों की गाड़ियां फिर सड़क पर खड़ी होने लगी हैं, जबकि सील हटाने की प्रमुख शर्त यह थी कि दुकानदार अपने ग्राहकों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था करेंगे। (विस्तार से) पंडरी कपड़ा बाजार की मुख्य सड़क से लगी 19 दुकानों में अवैध रूप से लगाए गए शटर को हटाने के बाद नगर निगम ने इन्हें शर्तों के साथ खोला था, लेकिन दुकानें खुलते ही स्थिति पहले जैसी हो गई है। ग्राहक अब फिर से अपनी गाड़ियां सीधे दुकानों के सामने मुख्य सड़क पर खड़ी कर रहे हैं, जिससे पूरे दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। यह मार्ग देवेंद्रनगर, फाफाडीह सहित आसपास की कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन लगभग 50 हजार से अधिक लोग आवाजाही करते हैं। पीक आवर्स में यहां वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं। थोक बाजार के रूप में हुआ था विकास पंडरी कपड़ा मार्केट को आरडीए ने 1980 के दशक में थोक बाजार के रूप में विकसित किया था। उस समय स्वीकृत नक्शे के अनुसार दुकानों के दरवाजे अंदर की ओर खुलते थे और पूरा बाजार कवर संरचना में था। लेकिन वर्ष 2000 के बाद मुख्य सड़क से लगी दुकानों के कारोबारियों ने पीछे की दीवार तोड़कर सड़क की ओर शटर लगा लिए और वहीं से दुकान संचालित करना शुरू कर दिया। इसके कारण ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा करने लगे और मुख्य मार्ग संकरा हो गया। शपथ पत्र के बावजूद नियमों का उल्लंघन पहले हुई कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने लिखित शपथ पत्र दिया था कि मुख्य सड़क की ओर केवल शो-केस लगाए जाएंगे और वहां से दुकान संचालित नहीं होगी। इसके बावजूद दुकानदार इस शर्त का पालन नहीं कर रहे हैं और सड़क की ओर से ही व्यापार जारी है। 3 जून 2025 को सील, 10 महीने बाद खुलीं दुकानें लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम ने 3 जून 2025 को इन 19 दुकानों को सील कर दिया था। लगभग 10 महीनों तक सड़क की ओर के दरवाजे बंद रहे। इसके बाद व्यापारी जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों की मदद से सील हटवाने के प्रयास करते रहे। 12 मार्च को महापौर, विधायक और निगम आयुक्त की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें दुकानदारों ने अपने ग्राहकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने पर सहमति दी। इसी आधार पर अगले दिन दुकानों की सील हटा दी गई। जनप्रतिनिधियों के बयान सहमति के आधार पर खोली गई दुकानें विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर दुकानदारों से सहमति बनने के बाद ही दुकानें खोली गई हैं। यदि शर्तों का पालन नहीं होता है तो निगम दोबारा कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। नियमों का उल्लंघन हुआ तो फिर होगी कार्रवाई महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट कहा कि सील हटाने के साथ यह शर्त रखी गई थी कि सड़क पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा। यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो नगर निगम फिर से सख्त कार्रवाई करेगा। निष्कर्ष पंडरी बाजार की दुकानों से सील हटाने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था फिर से बिगड़ती दिखाई दे रही है। यदि जल्द पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा और प्रशासन को दोबारा कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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विधानसभा में बड़ा खुलासा: 665 खतरनाक अपशिष्ट फैलाने वाले उद्योग सक्रिय, OPS पर भी गरमाई बहस

प्रदेश में 665 खतरनाक उद्योगों का संचालन, 2.91 लाख कर्मचारियों ने चुना OPS — बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में गूंजे कई बड़े मुद्दे विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान पर्यावरण, कर्मचारियों की पेंशन और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने पहली बार खुलासा किया कि प्रदेश में सैकड़ों ऐसे उद्योग चल रहे हैं जो खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं। साथ ही OPS बनाम NPS पर भी आंकड़े सामने आए, जिससे कर्मचारियों से जुड़े सवालों को नई दिशा मिली। ⚖️ पूरी खबर (विस्तार से) विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। नेता प्रतिपक्ष द्वारा प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट पैदा करने वाले उद्योगों की संख्या और नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठाया गया। 665 खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योग संचालित सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि प्रदेश में कुल 665 औद्योगिक इकाइयाँ ऐसी हैं जो खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों की निगरानी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और अभी तक 19 उद्योगों में ऑनलाइन एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम उद्योगों द्वारा अपने खर्च पर स्थापित किया जाता है और प्रदूषण पर लगातार निगरानी रखी जाती है। 🌫️ इस मुद्दे पर सदन में हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, क्योंकि विपक्ष ने निगरानी व्यवस्था को पर्याप्त नहीं बताया। छातिम (सप्तपर्णी) वृक्ष पर रोक नहीं भाजपा विधायक द्वारा छातिम वृक्ष के दुष्प्रभावों को लेकर सवाल पूछा गया कि क्या इसके रोपण पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि: ➡️ छातिम वृक्ष के रोपण पर फिलहाल कोई रोक नहीं➡️ इसे हटाने की भी कोई योजना नहीं यह पेड़ अक्टूबर में फूलता है और इसकी तेज गंध व परागकण कई लोगों में एलर्जी और सांस की समस्या पैदा करते हैं। OPS बनाम NPS: 2.91 लाख कर्मचारियों ने चुना OPS सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था भी चर्चा का प्रमुख विषय रही। सरकार ने बताया कि: ➡️ कुल 2,91,797 अधिकारी-कर्मचारियों ने NPS छोड़कर OPS का विकल्प चुना➡️ पेंशन योजना निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है इस मुद्दे पर भी सदन में तीखी बहस हुई क्योंकि OPS वित्तीय बोझ से जुड़ा बड़ा विषय माना जाता है। छातिम (सप्तपर्णी) वृक्ष: फायदे और नुकसान संभावित नुकसान औषधीय महत्व निष्कर्ष बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में पर्यावरण प्रदूषण, स्वास्थ्य, पेड़-पौधों के प्रभाव और कर्मचारियों की पेंशन जैसे जनहित के मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। सरकार ने आंकड़े तो दिए, लेकिन कई सवाल अभी भी जवाब की प्रतीक्षा में हैं।

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बिरगांव (रायपुर) में LPG गैस महंगाई के खिलाफ आम आदमी पार्टी का अनोखा विरोध, सिलेंडर की निकाली शवयात्रा

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से लगे Birgaon क्षेत्र में आज Aam Aadmi Party (AAP) ने बढ़ती LPG गैस कीमतों, सिलेंडर की कमी और कथित कालाबाजारी के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर की प्रतीकात्मक “शवयात्रा” निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती रसोई गैस कीमतों से आम आदमी का घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग पर महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है, जिससे परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है। AAP नेताओं का आरोप है कि कई जगहों पर LPG सिलेंडर की उपलब्धता भी समस्या बनी हुई है और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी के विरोध में यह प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर सरकार का ध्यान आम जनता की परेशानियों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। रैली के दौरान “महंगाई वापस लो” और “सस्ती गैस दो” जैसे नारे लगाए गए। 🚩 राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती महंगाई देशभर में एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है और विभिन्न राजनीतिक दल इस पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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रायपुर में ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर बवाल: नोरा फतेही–संजय दत्त के खिलाफ FIR की मांग, वकील ने बताया अश्लील

रायपुर में फिल्म केडी: द डेविल के एक गीत को लेकर कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में रिलीज हुए गाने “सरके चुनर तेरी सरके” के खिलाफ शहर के एक वकील ने आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त की प्रस्तुति को कथित तौर पर अश्लील बताया गया है। रायपुर के अधिवक्ता अनुराग गुप्ता सिविल लाइंस थाने पहुंचे और फिल्म के निर्माताओं व कलाकारों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गीत के बोल और दृश्य सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत हैं तथा इसमें डबल मीनिंग शब्दों का प्रयोग किया गया है, जो सार्वजनिक प्रसारण के लिए उपयुक्त नहीं हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की सामग्री समाज के नैतिक मूल्यों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वकील ने नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, संगीतकार अर्जुन जन्या और फिल्म के मेकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है। इस बीच विवाद बढ़ने के बाद नोरा फतेही ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह गाना उन्होंने लगभग तीन वर्ष पहले कन्नड़ भाषा में शूट किया था और उन्हें इसके अर्थ के बारे में गलत जानकारी दी गई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि बाद में इस गीत को हिंदी में बिना उनकी अनुमति के तैयार किया गया और रिलीज कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि लिरिकल वीडियो में उनकी एआई से बनाई गई छवि का उपयोग किया गया, जिसके लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई। नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें इस पूरे विवाद की जानकारी देर से मिली क्योंकि वह निजी कारणों से व्यस्त थीं और नेटवर्क से दूर थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हिंदी संस्करण देखा तो वह स्वयं भी चौंक गईं। अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस गाने के आपत्तिजनक रूप से सहमत नहीं हैं। विवाद गहराने के बाद फिल्म के निर्माताओं ने गाने का हिंदी संस्करण यूट्यूब से हटा दिया है। अब लिंक खोलने पर वीडियो उपलब्ध नहीं होने का संदेश दिखाई देता है। नोरा फतेही ने भी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस गीत से जुड़ी सामग्री हटा दी है। हालांकि, यह गाना अन्य भाषाओं—कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम—में अभी भी ऑनलाइन उपलब्ध बताया जा रहा है। इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में एक बार फिर सेंसरशिप, कलाकारों की सहमति और डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

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रायपुर में आज चेट्रीचंड्र महोत्सव, कृष्णा अभिषेक होंगे शामिल; भव्य शोभायात्रा और खास आतिशबाजी

Raipur में आज सिंधी समाज का प्रमुख पर्व चेट्रीचंड्र महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। पूज्य छग सिंधी सेवा महापंचायत की युवा विंग द्वारा निकाली जाने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर शहर में खास उत्साह देखा जा रहा है। इस बार आयोजन की सबसे बड़ी खासियत मशहूर कॉमेडियन Krushna Abhishek की मौजूदगी है, जो टीवी के लोकप्रिय शो The Kapil Sharma Show से घर-घर में पहचाने जाते हैं। उनके रायपुर आगमन से प्रशंसकों में उत्साह चरम पर है। समिति के प्रवक्ता दिनेश आनंद अठवानी के अनुसार भगवान Jhulelal के अवतरण दिवस पर निकाली जाने वाली यह शोभायात्रा 59वें वर्ष लाखेनगर से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए एमजी रोड स्थित मंजू ममता होटल के सामने समाप्त होगी। मुंबई से आए कलाकार भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। कृष्णा अभिषेक के साथ देव आशीष गुरु और भूमिका मीरचंदानी का प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। आयोजकों ने बताया कि इस बार विदेशी तकनीक से तैयार विशेष सुरक्षित आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे आयोजन की भव्यता कई गुना बढ़ जाएगी और दर्शकों को नया अनुभव मिलेगा। शोभायात्रा लाखेनगर, पुरानी बस्ती, ककाली पारा, तात्यापारा चौक, बढ़ई पारा, रामसागर पारा, राठौर चौक और संजय गांधी चौक होते हुए गुरूनानक चौक से एमजी रोड पहुंचेगी। रात 9 बजे के बाद इसका समापन होगा। आयोजकों ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद लेने की अपील की है।

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धर्मांतरण पर सख्त कानून: छत्तीसगढ़ में आजीवन कारावास तक की सजा, शादी के लिए धर्म बदलना भी अवैध

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने “धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026” को पास कर दिया है, जिसके तहत अवैध धर्मांतरण कराने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया गया है। \ नए कानून के अनुसार, अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर दोषी व्यक्ति को 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना होगा। यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से है, तो सजा 10 से 20 साल तक और न्यूनतम जुर्माना 10 लाख रुपये होगा। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और भी कठोर है—10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की जेल और कम से कम 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति पहले भी ऐसे मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और दोबारा अपराध करता है, तो उसे सीधे उम्रकैद हो सकती है। कानून में यह भी प्रावधान है कि स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला कलेक्टर को आवेदन देना होगा। धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले पादरी, मौलवी या पुजारी को भी पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति धर्मांतरण कराना अवैध माना जाएगा और तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है। शादी के लिए धर्म बदलने पर भी सख्ती की गई है। यदि विवाह केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया पाया गया, तो अदालत उसे शून्य घोषित कर सकती है। सरकार ने विदेशी फंडिंग और संस्थाओं की भूमिका पर भी निगरानी कड़ी कर दी है। दोषी पाए जाने पर संस्था का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। मामलों की सुनवाई के लिए प्रत्येक जिले में विशेष अदालतें बनाई जाएंगी, ताकि छह महीने के भीतर फैसला हो सके।

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डिप्टी रेंजर की मिलीभगत से बाघ-तेंदुए का शिकार: आरोपियों ने मांस पकाकर खाया, कई गिरफ्तार

Indravati Tiger Reserve क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें वन विभाग के ही एक डिप्टी रेंजर की संलिप्तता उजागर हुई है। आरोप है कि वह शिकारियों को वन्यजीवों की आवाजाही की गोपनीय जानकारी देता था, जिसके आधार पर गिरोह जंगल में जाल बिछाकर शिकार करता था। जांच में सामने आया कि बाघ को नैमेड़ के जंगलों में और तेंदुए को Dantewada जिले के वन क्षेत्र में फंसाकर मारा गया। शिकार के बाद आरोपियों ने जानवरों का मांस काटकर वहीं पकाया और खाया। वन विभाग ने उनके कब्जे से बाघ और तेंदुए के नाखून समेत अन्य अवशेष बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह जानवरों की खाल, दांत और नाखूनों की तस्करी से भी जुड़ा हुआ था। मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है। आरोपियों की निशानदेही पर केशापुर इलाके में छापेमारी कर तेंदुए की एक खाल भी बरामद की गई, जिसके बाद दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले बालूद मार्ग पर भी कुछ आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया था। वन अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का जल्द बड़ा खुलासा किया जाएगा और विभाग से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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ट्रेलर की चपेट में स्कूटी सवार की मौत: रायपुर से लौट रहे युवक ने मौके पर तोड़ा दम

Raipur से Durg लौट रहे एक युवक की दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना Kumhari क्षेत्र में हुई, जहां स्कूटी सवार युवक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयानक था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान दुर्ग निवासी शुभम गुप्ता (37) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे किसी काम से रायपुर गए थे और देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुम्हारी के पास ट्रेलर से टकराने पर स्कूटी उसके पिछले पहिए में फंस गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर भी रायपुर से दुर्ग की ओर जा रहा था। हादसे के बाद स्कूटी काफी देर तक वाहन के नीचे फंसी रही, जिसे पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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दुर्ग में गैस कंपनी पर छापा: 599 सिलेंडर और भारी मात्रा में LPG जब्त, बिना अनुमति चल रहा था कारोबार

Durg में प्रशासन ने घरेलू गैस की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Papusha Gases Private Limited पर अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई Borei Industrial Growth Center स्थित प्लांट में की गई, जहां बिना वैध दस्तावेजों के गैस कारोबार संचालित होने का मामला सामने आया। जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके से 599 गैस सिलेंडर बरामद किए, साथ ही तीन बड़े स्टोरेज टैंकों में करीब 2,841 किलोग्राम एलपीजी भी पाया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। बताया गया कि यहां से ‘गो गैस’ और ‘गैस प्वाइंट’ ब्रांड के सिलेंडर डीलरों के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे थे, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अलग समानांतर सप्लाई मानी गई। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के समय फैक्ट्री में सिलेंडरों की पेंटिंग और मार्किंग का काम चल रहा था, लेकिन जरूरी लाइसेंस और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज संख्या और मौके पर मिले सिलेंडरों की संख्या में भी अंतर पाया गया, जिससे रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी का संदेह हुआ। कंपनी प्रबंधन ने एक डीलर फर्म को गैस सप्लाई करने की बात कही, लेकिन उससे जुड़ा कोई वैध अनुबंध या पंजीकरण दस्तावेज नहीं दिखा सका। साथ ही समानांतर विपणन (Parallel Marketing) के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र भी मौजूद नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि इस कारोबार की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी। बिना अनुमति बिक्री, स्टॉक विवरण प्रदर्शित न करना और आवश्यक कागजात न रखना—इन सभी को नियमों का उल्लंघन माना गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापेमारी जारी रहेगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को नियमित और सुरक्षित सप्लाई मिल सके।

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