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धर्म परिवर्तन के विवाद में झगड़ा, घर में तोड़फोड़ का आरोप: बिलासपुर में पुलिसकर्मी पर गुंडे बुलाकर पिटाई कराने का दावा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धर्म परिवर्तन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि डायल-112 में तैनात एक पायलट पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और विरोध करने पर मारपीट कराने का आरोप लगा है। यह मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कुंदरा पारा का है। जानकारी के मुताबिक, मोहितराम खांडे अपने परिवार के साथ कुंदरा पारा में रहते हैं। उनके पड़ोस में ही रिश्तेदार तोमन खांडे का घर है, जो डायल-112 में पायलट के पद पर कार्यरत है। बताया जा रहा है कि तोमन पिछले कई वर्षों से ईसाई धर्म को मानते हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तोमन खांडे उन पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने बाहरी लोगों को बुलाकर परिवार के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ कराई। हालांकि, तोमन खांडे ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा के साथ-साथ मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि घटना के बाद से वे करीब 12 दिनों से डर के कारण अपने घर नहीं लौट पाए हैं। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि 15 फरवरी को पहली बार धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद हुआ था, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। उनका कहना है कि होली के दिन भी इसी बात को लेकर दोबारा विवाद हुआ और मारपीट की गई। वहीं, तोमन खांडे का कहना है कि धर्म परिवर्तन का आरोप निराधार है। उनके अनुसार दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहितराम और उनके परिजनों ने ही उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को नुकसान पहुंचाया। साथ ही नगदी और जेवर गायब होने से उन्हें करीब 80-90 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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बिजली कर्मचारियों को होली का तोहफा: 2700 अधिकारियों को 3 करोड़ तक का बीमा कवरेज, बैंक ऑफ बड़ौदा से हुआ समझौता

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी ने अपने कर्मचारियों को होली से पहले बड़ा लाभ दिया है। कंपनी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ एक महत्वपूर्ण अनुबंध (एमओयू) किया है, जिसके तहत करीब 2700 अधिकारी और कर्मचारियों को उन्नत बैंकिंग सुविधाएं और उच्च बीमा कवरेज मिलेगा। इस समझौते पर कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार और बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि देवाकर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बैंक के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कर्मचारियों के हित में विशेष पैकेज जनरेशन कंपनी के मुख्यालय, हसदेव ताप विद्युत गृह, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह और अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र में कार्यरत कुल 2700 कर्मचारियों को इस समझौते का सीधा लाभ मिलेगा। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह पहल कर्मचारियों की मांग पर की गई है ताकि उन्हें एक ही बैंक में सैलरी पैकेज के साथ आधुनिक और किफायती सुविधाएं मिल सकें। बीमा और लोन सुविधा समझौते के तहत कर्मचारियों को 12 लाख रुपये तक का सामान्य बीमा कवर मिलेगा। इसके अतिरिक्त दुर्घटना या विमान दुर्घटना की स्थिति में 1 से 2 करोड़ रुपये तक का कवरेज प्रदान किया जाएगा। कुल मिलाकर कुछ स्थितियों में 3 करोड़ रुपये तक का सुरक्षा कवच उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे वित्तीय रूप से अधिक सुरक्षित रह सकें। कंपनी प्रबंधन ने इसे कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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शादी से इनकार के बाद युवती ने की आत्महत्या, प्रेमी गिरफ्तार; बिलासपुर की घटना

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक युवती ने कथित रूप से शादी से इनकार किए जाने के बाद अपने प्रेमी के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र की मल्हार चौकी के अंतर्गत हुई। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, मल्हार क्षेत्र की युवती का ग्राम धनगवा निवासी राजू लहरिया (33) के साथ प्रेम संबंध था। युवती शादी के लिए दबाव बना रही थी, लेकिन युवक टालमटोल कर रहा था। 24 फरवरी को युवती उसके घर पहुंची। आरोप है कि उसी दौरान युवक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब युवती ने विवाह की बात दोहराई, तो युवक ने मना कर दिया और घर छोड़कर चला गया। बताया जा रहा है कि उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया था। मानसिक तनाव में आई युवती 26 फरवरी की रात घर में ही रुकी रही। रात में उसने कमरे के रोशनदान में दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। सुबह जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा, जहां वह फंदे से लटकी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। युवती के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच के दौरान आरोपी राजू लहरिया फरार हो गया था और बिलासपुर के सरकंडा इलाके में छिपा हुआ था। पुलिस ने एक मार्च को दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़ में होली पर ड्राई डे: सरकार का यू-टर्न, राज्यभर में बंद रहेंगी शराब दुकानें

छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब बिक्री को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य सरकार ने होली पर शराब बिक्री की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। आबकारी विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करेगा। आदेश जारी होने के बाद राज्यभर में होली के दिन सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। दरअसल, नई आबकारी नीति में पहले तय सात ड्राई डे में से तीन दिन—होली, मुहर्रम और 30 जनवरी (महात्मा गांधी निर्वाण दिवस)—को हटाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद यह माना जा रहा था कि इन अवसरों पर शराब दुकानें खुली रहेंगी। लेकिन अब सरकार ने अपना रुख बदलते हुए होली पर फिर से ड्राई डे लागू करने का निर्णय लिया है। कानून-व्यवस्था और सामाजिक पहलू को देखते हुए फैसला सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से शराब बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। हालांकि, अन्य ड्राई डे पूर्व निर्धारित नीति के अनुसार ही लागू रहेंगे। 2026-27 में सिर्फ चार तय ड्राई डे नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत फिलहाल केवल चार दिन ही ड्राई डे घोषित किए गए हैं: इन तिथियों पर राज्यभर में शराब बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। 30 जनवरी को खुले दुकानों पर हुआ था विरोध गौरतलब है कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने इसे महात्मा गांधी के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे और नियमों में बदलाव की मांग की थी। अब होली को लेकर सरकार के ताजा निर्णय से स्थिति साफ हो गई है कि त्योहार के दिन शराब बिक्री नहीं होगी। हालांकि, आबकारी विभाग के आधिकारिक आदेश के बाद ही अंतिम स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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रायपुर में निजी स्कूलों का बढ़ता दायरा: 10 में से 6 छात्र प्राइवेट संस्थानों में नामांकित

रायपुर। जिले की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर जारी 2026 की ताजा APAAR आईडी स्टेटस रिपोर्ट ने बड़ा संकेत दिया है। आंकड़ों के मुताबिक अब रायपुर में सरकारी स्कूलों की तुलना में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कहीं अधिक हो चुकी है। रिपोर्ट बताती है कि जिले में कुल 5,40,869 छात्र नामांकित हैं। इनमें से 2,22,265 छात्र सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत हैं, जबकि 3,18,604 छात्र निजी स्कूलों में दर्ज हैं। यानी करीब 96 हजार से अधिक छात्र निजी स्कूलों में ज्यादा हैं। सरल शब्दों में कहें तो रायपुर में हर 10 में से लगभग 6 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में और 4 बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। राजधानी ब्लॉक में सबसे ज्यादा अंतर रायपुर शहरी ब्लॉक के आंकड़े सबसे अधिक चौंकाने वाले हैं। यहां कुल 2,34,828 छात्र नामांकित हैं, जिनमें से 1,73,825 छात्र निजी और मदरसा स्कूलों में पढ़ रहे हैं। जबकि केवल 61,003 छात्र सरकारी और एडेड स्कूलों में हैं। इसका अर्थ है कि राजधानी क्षेत्र में लगभग 70 से 80 प्रतिशत छात्र निजी संस्थानों की ओर रुख कर चुके हैं। धरसींवा जैसे औद्योगिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी निजी स्कूलों की पकड़ मजबूत नजर आती है। ब्लॉकवार स्थिति सरकारी स्कूल अपेक्षाकृत मजबूत निजी स्कूलों का दबदबा यह ट्रेंड दर्शाता है कि ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूल अब भी टिके हुए हैं, जबकि शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में निजी स्कूलों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। APAAR रिपोर्ट क्या है? APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) केंद्र सरकार की “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” पहल का हिस्सा है। इसके तहत हर छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जाती है, जो आधार सत्यापन से जुड़ी होती है। नामांकन, आधार वैलिडेशन और आईडी जनरेशन का पूरा डेटा डिजिटल डैशबोर्ड पर दर्ज किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले में 95.11% छात्रों की APAAR आईडी बन चुकी है, जो डिजिटल कवरेज के लिहाज से बेहतर स्थिति दर्शाती है। विशेषज्ञों की राय शिक्षाविदों का मानना है कि निजी स्कूलों में बढ़ती संख्या के पीछे कई सामाजिक और संरचनात्मक कारण हैं। अभिभावकों के बीच यह धारणा मजबूत हुई है कि निजी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी वातावरण बेहतर मिलता है। दूसरी ओर, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, अधोसंरचना की चुनौतियां और बार-बार तबादलों जैसी समस्याएं पढ़ाई की निरंतरता को प्रभावित करती हैं। आंकड़े क्या संकेत दे रहे हैं? APAAR रिपोर्ट के आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि रायपुर में शिक्षा का संतुलन अब निजी संस्थानों की ओर झुक चुका है। आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाएं और अभिभावकों का विश्वास कैसे मजबूत किया जाए, ताकि नामांकन का अंतर कम हो सके।

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छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर: दो अलग-अलग सड़क हादसों में 5 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को तेज रफ्तार ने पांच जिंदगियां छीन लीं। रायपुर और बिलासपुर जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में दोनों घटनाओं के पीछे तेज गति को मुख्य कारण माना जा रहा है। रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर पारागांव के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। टाटा विस्ता कार (CG 04 HD 2156) में सवार चार युवक महासमुंद से अपने रिश्तेदार को छोड़कर लौट रहे थे। वापसी के दौरान तेज रफ्तार के कारण चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर उछलकर बिजली के पोल से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में हर्ष कुमार देवांगन (21), राहुल देवांगन (20) और थानू सतनामी (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मिथलेश धीवर (23) गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू के मुताबिक, शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 📍 बिलासपुर में आमने-सामने टक्कर – 2 की मौत बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक रेलकर्मी समेत दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। जानकारी के अनुसार, भरवीडीह निवासी मनहरण कमल (61) रेलवे में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे और कोटा रेलवे स्टेशन पर तैनात थे। वे ड्यूटी के लिए निकले थे। जूना शहर के पास सामने से तेज रफ्तार में आ रही बाइक से उनकी बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरी बाइक पर शिव धनुहार (35) और कृष्णा धनुहार सवार थे, जो एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। टक्कर के बाद सभी सड़क पर गिर पड़े। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मनहरण कमल और शिव धनुहार की मौके पर ही मौत हो गई। कृष्णा धनुहार को पहले रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बिलासपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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खरोरा के पीएम श्री भरत देवांगन हाई स्कूल में पेड़ों की कटाई पर बवाल, कार्रवाई की मांग तेज

खरोरा स्थित पीएम श्री भरत देवांगन हाई स्कूल में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में शाला प्रबंधन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। शिकायतकर्ताओं ने आरटीआई आवेदन के साथ एसडीएम, कलेक्टर और वन विभाग को लिखित ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। 20 से अधिक पेड़ काटे जाने का आरोप पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि अनिल सोनी ने आरोप लगाया है कि स्कूल परिसर में सागौन, शीशम और खम्हार समेत 20 से ज्यादा पेड़ बिना संबंधित विभाग की अनुमति के कटवा दिए गए। उनका कहना है कि पेड़ों की कटाई किस आधार पर की गई और काटी गई लकड़ी का उपयोग कहां हुआ, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। प्रबंधन की ओर से भी अब तक आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र अनिल सोनी ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसा संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण की अपील कर रहे हैं, वहीं उनके नाम से संचालित पीएम श्री स्कूल में पेड़ों की कटाई होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने खरोरा के पटवारी पर भी प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पंचनामा के दौरान दोनों पक्षों की उपस्थिति आवश्यक होती है, लेकिन उन्हें सूचना नहीं दी गई। इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। पटवारी ने मानी चूक पटवारी हरिशंकर निषाद ने बताया कि तहसीलदार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने स्वीकार किया कि एक पक्ष को फोन पर सूचना दी गई, लेकिन जल्दबाजी के कारण दूसरे पक्ष को सूचित नहीं किया जा सका। शाला समिति ने दिया जवाब शाला विधायक प्रतिनिधि और शाला विकास समिति के सदस्य सुमित सेन ने कहा कि मामला जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। वहीं शाला समिति अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिसर में छातिम के पेड़ थे, जिनसे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की आशंका थी। छात्रों के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें हटाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि बाउंड्री वॉल के पास लगे पेड़ों की पत्तियां छत पर गिरकर पानी जमा कर देती थीं, जिससे भवन को नुकसान हो रहा था और पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। स्कूल के विकास और सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया।

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आज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं की परीक्षा, नए पैटर्न में बढ़े MCQ

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत आज 20 फरवरी से हो गई है। परंपरा के अनुसार इस बार भी परीक्षा का आगाज़ 12वीं कक्षा से किया गया है। खास बात यह है कि इस वर्ष परीक्षाएं निर्धारित समय से करीब 10 दिन पहले शुरू की गई हैं। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए नया ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। इसी के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार किए गए हैं। इस बार प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय (MCQ) और अति लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों की रटने की बजाय उनकी अवधारणात्मक समझ का मूल्यांकन करना है। CBSE पैटर्न पर आधारित प्रश्नपत्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस साल परीक्षा तिथियां भी CBSE की तर्ज पर पहले घोषित की हैं। नए पैटर्न में वस्तुनिष्ठ और छोटे उत्तर वाले प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाया गया है, जिससे विद्यार्थियों की विषय समझ और विश्लेषण क्षमता को परखा जा सके। 12वीं कक्षा की पहली परीक्षा भूगोल और भौतिक शास्त्र विषय से शुरू हुई। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्राध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नकल रोकने के लिए विशेष इंतजाम परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए मंडल ने सख्त व्यवस्था की है। सभी जिलों के कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिला और विकासखंड स्तर पर उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों की निगरानी करेंगे। 5.46 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल इस वर्ष 10वीं और 12वीं मिलाकर कुल 5,46,430 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। 12वीं कक्षा के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं: इस बार विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। जिला स्तर पर रायपुर सबसे आगे है, जहां से 12वीं कक्षा के लिए 21,473 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

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पैसों को करोड़ों में बदलने का झांसा: तांत्रिक की ‘नकली पैसों की बारिश’, ठगी के शिकार युवकों ने हाईवे पर रोककर की पिटाई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और फिर बदले में लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कथित तांत्रिक ने 2.50 लाख रुपए को 2.50 करोड़ बनाने का दावा कर लोगों को झांसे में लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने खुद कानून हाथ में लेते हुए आरोपी को बीच सड़क पकड़कर पीट दिया। मामला बिल्हा क्षेत्र के संबलपुरी गांव का है, जहां कथित तांत्रिक विजय कुमार राज (48) ने एक सरपंच पति के घर अनुष्ठान कर ‘पैसों की बारिश’ का नाटक रचा। अनुष्ठान का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें पैसों की गड्डियों के सामने नारियल, अगरबत्ती और पूजा सामग्री रखी गई थी। कुछ ही देर में ऊपर से नोट गिरते दिखाए गए, जिससे देखने वाले पूरी तरह प्रभावित हो गए। इस वीडियो को देखकर कोरिया जिले के चार युवक लालच में आ गए और 30 जनवरी को बिल्हा पहुंचकर तांत्रिक को ढाई लाख रुपए दे दिए। लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें ठगी का शक हुआ और पैसे वापस मांगे, तो आरोपी और उसके साथी फरार हो गए। ठगी का बदला बना लूटपाट 31 जनवरी की रात विजय कुमार राज ठगी के पैसों के साथ कोरबा की ओर जा रहा था। रतनपुर थाना क्षेत्र में एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए उसने कार रोकी, तभी दो गाड़ियों में सवार चार युवक वहां पहुंचे। उन्होंने विजय को घेरकर जमकर मारपीट की और उसकी स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन और करीब 8 हजार रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई, दोनों पक्ष गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंबिकापुर और कोरिया में दबिश देकर 2 फरवरी को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूटी गई कार, मोबाइल फोन, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा व अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। तांत्रिक पर भी केस दर्ज जांच में सामने आया कि कथित तांत्रिक विजय कुमार राज कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है और उसके साथ तीन महिलाएं और एक सरपंच पति भी इस ठगी में शामिल थे। सरपंच पति रिखीराम नवरंग कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा है, जो अनुष्ठान की व्यवस्था करता था। तीनों महिलाएं लोगों को बहला-फुसलाकर झांसे में लेने का काम करती थीं। ASP मधुलिका सिंह के अनुसार, विजय कुमार राज ने शुरुआत में ठगी की बात छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में वह खुद धोखाधड़ी का आरोपी निकला। बिल्हा थाने में तांत्रिक और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ठगी से जुड़े 1 लाख 85 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। SSP की चेतावनी SSP रजनेश सिंह ने लोगों से अपील की है कि झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र से पैसे बढ़ाने जैसे दावों पर भरोसा न करें। ऐसे ठग लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी: वैनगंगा एक्सप्रेस में गर्भवती महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म, रायपुर में सुरक्षित इलाज

हैदराबाद से चांपा जा रही ट्रेन संख्या 12251 वैनगंगा एक्सप्रेस में रविवार को मानवता और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। सफर के दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उसने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। समय पर मिली मदद के कारण मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय अंकिता कुमारी अपने पति दिनेश कुमार के साथ हैदराबाद से चांपा की यात्रा कर रही थीं। दोनों स्लीपर कोच S-2 में सवार थे। दुर्ग स्टेशन पार करने के कुछ देर बाद महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति को भांपते हुए कोच में मौजूद यात्रियों ने तुरंत ट्रेन के टीटीई ईशांत शर्मा को सूचना दी। टीटीई ने बिना देरी किए रेलवे प्रशासन को घटना की जानकारी दी। इस दौरान ट्रेन में मौजूद महिला यात्रियों ने डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही सुरक्षित प्रसव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ ही समय में रेलवे के विभिन्न विभागों को अलर्ट कर दिया गया, जिसमें रेलवे अस्पताल रायपुर, स्टेशन प्रशासन, यात्री गाड़ी नियंत्रण कक्ष और सुरक्षा विभाग शामिल थे। जैसे ही ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची, स्टेशन वाणिज्य अधीक्षक एम.एस. राजा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। रेलवे अस्पताल की डॉक्टर बिजोया और नर्स दीपमाला ने मां और नवजात की प्राथमिक जांच की। महिला के पति की सहमति के बाद दोनों को एम्बुलेंस के जरिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल भेजा गया। मेकाहारा अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मां और नवजात शिशु दोनों की हालत सामान्य है। रेलवे प्रशासन, मेडिकल टीम और सह-यात्रियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह आपात स्थिति बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक संभाली जा सकी। परिवार ने रेलवे स्टाफ और मदद करने वाले सभी यात्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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