Bilaspur

33 फीट दूर चल रही बोरिंग बनी हादसे की वजह, मकान की पार्किंग का फर्श धमाके की तरह फटा; VIDEO वायरल

बिलासपुर। शहर के गोकुलधाम इलाके में एक रिहायशी मकान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पार्किंग का फर्श अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। जमीन के नीचे से पानी का इतना तेज दबाव निकला कि टाइल्स उखड़ गईं और पानी फव्वारे की तरह बाहर आ गया। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के समय मकान मालिक विशाल शर्मा मौके पर मौजूद थे और बाल-बाल बच गए। विशाल शर्मा का कहना है कि यदि वे दो कदम आगे होते, तो उनकी जान जा सकती थी। 33 फीट दूर हो रही थी बोरिंग मकान मालिक के अनुसार, उनके घर से करीब 33 फीट दूर एक खाली प्लॉट में बोरिंग का काम चल रहा था। यह काम बिना किसी अनुमति और भू-तकनीकी (जियोलॉजिकल) सर्वे के कराया जा रहा था। 29 जनवरी को अचानक पार्किंग का फर्श उखड़ने लगा और तेज प्रेशर के साथ पानी बाहर निकल आया। तेज पानी के बहाव से मकान की पार्किंग क्षतिग्रस्त हो गई, छत में दरारें आ गईं और पंखा भी टूट गया। कुछ ही पलों में घर के अंदर पानी भर गया। मदद की जगह धमकी देने का आरोप पीड़ित विशाल शर्मा ने आरोप लगाया है कि बोर खनन करा रहे आरक्षक ध्रुव पांडेय से जब नुकसान की शिकायत की गई, तो मदद करने के बजाय उन्हें धमकाया गया। विशाल शर्मा ने पूरे मामले की जांच और नुकसान की भरपाई की मांग की है। कैसे हुआ हादसा? विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रिलिंग के दौरान जमीन के नीचे मौजूद कन्फाइंड एक्वाइफर में छेद हो गया होगा। उच्च दबाव में भरा भूमिगत जल कमजोर परत या पहले से मौजूद दरारों के जरिए ऊपर की ओर निकल आया।संभावना यह भी जताई जा रही है कि किसी पुरानी या जंग लगी भूमिगत पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा हो, जिससे पानी फव्वारे की तरह बाहर आया। एक्सपर्ट बोले – यह सामान्य तकनीकी प्रक्रिया का परिणाम जियो-हाइड्रोलॉजिस्ट एस.पी. पराते के मुताबिक, बोरिंग के दौरान एयर प्रेशर और बीट से खुदाई की जाती है। इस प्रक्रिया में अगर अंदर इंटर-कनेक्टेड पोर स्पेस या कमजोर जोन बन जाए, तो इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन से कार्रवाई की मांग घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से अवैध बोर खनन पर सख्त निगरानी, नियमों के पालन और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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बिलासपुर में ASP–स्पा संचालक विवाद: वायरल स्टिंग वीडियो की जांच के आदेश

बिलासपुर सिटी के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेंद्र जायसवाल और एक्वा स्पा सेंटर के संचालक अमन सेन के बीच कथित लेन-देन को लेकर विवाद तेज हो गया है। एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। एसएसपी रजनेश सिंह को जांच सौंपी गई है और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। ASP कार्यालय का वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्पा संचालक अमन सेन और 36 मॉल के मैनेजर आशीष सिंह चंदेल, उस समय के एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल के कार्यालय में नजर आ रहे हैं। वीडियो में बातचीत के दौरान एएसपी स्पा संचालक से काम को लेकर सवाल करते दिखाई देते हैं। वीडियो में एएसपी यह कहते सुनाई देते हैं कि जिस व्यक्ति के माध्यम से वह आए हैं, उसके कारण अभी कार्रवाई नहीं की जा रही है, लेकिन तय किया गया “कमिटमेंट” पूरा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी और रेड की स्थिति में नुकसान कारोबारी को ही उठाना पड़ेगा। कमीशन और दबाव के आरोप वीडियो सामने आने के बाद एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनकी छवि खराब करने के लिए वीडियो को तोड़-मरोड़ कर वायरल किया गया है। वहीं स्पा सेंटर संचालक अमन सेन ने दावा किया है कि वह हर महीने 30 हजार रुपए कमीशन के तौर पर देता था। इन विरोधाभासी दावों के चलते मामला और गंभीर हो गया है, जिस पर पुलिस विभाग ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। IG ने SSP को सौंपी जांच आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी रजनेश सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच में वायरल वीडियो की सत्यता, बातचीत की परिस्थितियां और लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जाएगी। फिलहाल एएसपी राजेंद्र जायसवाल की पोस्टिंग गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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साहू समाज का बड़ा फैसला: प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, तलाक रोकने पारिवारिक काउंसलिंग होगी शुरू

छत्तीसगढ़ में साहू समाज ने सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में अहम निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने प्री-वेडिंग शूट पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला समाज में बढ़ते दिखावे, अनावश्यक खर्च और बदलते संस्कारों पर नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है। शनिवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से आए जिला अध्यक्षों और समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिखावे और फिजूलखर्ची पर रोक का प्रयास बैठक के दौरान समाज की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परंपराओं में आ रहे बदलाव और बढ़ती दिखावटी संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि लंबे विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से प्री-वेडिंग शूट को समाजहित में बंद करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश साहू संघ का मानना है कि साहू समाज की पहचान सादगी, संस्कार और सामाजिक सौहार्द से रही है, लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति समाज की परंपरागत जड़ों को कमजोर कर रही है। इस निर्णय के जरिए समाज को अपनी मूल संस्कृति की ओर लौटाने का प्रयास किया जा रहा है। तलाक के मामलों पर चिंता, फैमिली काउंसलिंग की पहल बैठक में समाज के भीतर बढ़ते तलाक के मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई गई। इस पर निर्णय लिया गया कि पारिवारिक विवादों को सुलझाने और रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए फैमिली काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करना और दांपत्य जीवन में संतुलन बनाए रखना है। सामाजिक अनुशासन और एकता पर जोर प्रदेश स्तरीय बैठक में सामाजिक एकता, अनुशासन और संस्कार विकास को सशक्त करने के लिए संगठित रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश साहू संघ ने स्पष्ट किया कि जो परंपराएं समाज को कमजोर करती हैं, उन्हें आगे स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघ ने समाज के सभी सदस्यों से इन निर्णयों का पालन करने और समाजहित में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।

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कान में ब्लूटूथ, कपड़ों में डिवाइस: SSC परीक्षा में हाईटेक नकल करते राजस्थान का युवक गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में SSC द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। सिम कार्ड से ऑपरेट होने वाले ब्लूटूथ डिवाइस को कान में छिपाकर और कपड़ों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाकर परीक्षा दे रहा राजस्थान का अभ्यर्थी रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को परीक्षा केंद्र प्रभारी ने पुलिस के हवाले कर दिया। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। संदेह हुआ तो घबराया अभ्यर्थी शुक्रवार (9 जनवरी) को सीपत के फरहदा स्थित जीटीबी कॉलेज में SSC द्वारा आयोजित हेड कांस्टेबल (लिपिक) दिल्ली पुलिस भर्ती 2025 की परीक्षा चल रही थी। शाम 4:30 से 6:30 बजे की शिफ्ट के दौरान केंद्र प्रभारी विजय कुमार लहरे को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब वह उसके नजदीक पहुंचे तो अभ्यर्थी घबरा गया। तलाशी लेने पर उसके कान से सिम-ऑपरेटेड ब्लूटूथ और कपड़ों में छिपाए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए, जिनकी मदद से वह प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर रहा था। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी पकड़े गए युवक की पहचान मोहित मीना (25) के रूप में हुई है, जो राजस्थान के दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र का निवासी है। पूछताछ में सामने आया है कि वह सभी डिवाइस राजस्थान से ही लेकर बिलासपुर पहुंचा था और उनका उपयोग कर परीक्षा में नकल कर रहा था। मामला दर्ज, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया केंद्र प्रभारी की शिकायत पर सीपत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। बड़े नकल गिरोह की आशंका कड़ी सुरक्षा और जांच व्यवस्था के बावजूद आरोपी का परीक्षा केंद्र के भीतर डिवाइस ले जाना पुलिस के लिए भी सवाल बन गया है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे किसी संगठित नकल गिरोह की भूमिका हो सकती है। फिलहाल आरोपी के मोबाइल फोन और जब्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तकनीकी जांच की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।

राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों के आठ जिलों में शीतलहर का असर बना रहेगा। राजधानी रायपुर में रात का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वहीं प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल मैनपाट में तापमान 1.8 डिग्री तक गिर गया। अंबिकापुर में पारा 3.3 डिग्री, पेंड्रा में 7.6 डिग्री, दुर्ग और राजनांदगांव में 8 डिग्री तथा जगदलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री (जगदलपुर) और न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री (अंबिकापुर) रहा। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ❄️ ठंड के कारण स्कूल बंद कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल खुले रहेंगे, लेकिन दो पालियों में चलने वाले स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब पहली पाली सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक संचालित होगी। ⚠️ ठंड से जान का खतरा अंबिकापुर के श्रीगढ़ इलाके में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। कम कपड़ों में खुले में सोने के कारण वे हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए। यह अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले 11 दिसंबर को बस स्टैंड में सो रहे एक व्यक्ति की भी मौत हो चुकी है। 🏥 बच्चों की सेहत पर असर तेज ठंड का असर बच्चों पर भी साफ दिख रहा है। रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा हो जाता है, जिससे उन्हें NICU और SNCU तक में भर्ती कराना पड़ रहा है। 🤒 अस्पतालों की OPD में बढ़ी भीड़ ठंड के चलते वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 2000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में सबसे ज्यादा भीड़ है। 🧊 क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खो देता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति घातक साबित हो सकती है। 🔥 नगर निगम ने जलवाए अलाव शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर के 12 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। मेयर मीनल चौबे और निगम कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है। 🦟 बदलते मौसम में मलेरिया का खतरा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में अधिक और रात में कम तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। अगले कुछ दिनों में ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में मलेरिया का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरदानी के उपयोग, पानी जमा न होने देने और समय पर जांच कराने की सलाह दी है। 🛡️ ठंड से बचाव के उपाय डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में भाप लेना, नमक-पानी से गरारे करना, विटामिन-C युक्त आहार, अदरक-तुलसी की चाय और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम व वायरल संक्रमण से बचाव होता है।

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कवासी लखमा से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल का हमला, ईडी–ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर उठाए सवाल

रायपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता कवासी लखमा से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ठोस सबूतों के लखमा और अन्य लोगों को परेशान किया जा रहा है और यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि फिलहाल कवासी लखमा का स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें जेल में जरूरी दवाइयां मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछली मुलाकात के दौरान लखमा को सीने और पैर में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर मेडिकल जांच की मांग की थी। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा जांच कर इलाज कराया गया। जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव का आरोप भूपेश बघेल ने कहा कि सबसे गंभीर विषय यह है कि जांच एजेंसियों के पास ठोस और तथ्यात्मक सबूतों का अभाव है, इसके बावजूद लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे केवल परेशान करने और दबाव बनाने की रणनीति बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत के निर्देश पर अपनी फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, लेकिन आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) अब तक रिपोर्ट दाखिल नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रोडक्शन वारंट जारी कर कवासी लखमा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि आदिवासी नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है। ‘एजेंसियां खुद को अदालत से ऊपर समझ रही हैं’ भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कुछ जांच एजेंसियां खुद को अदालत से ऊपर मानने लगी हैं, जो लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जाएगा, तो यह न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर तंज डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेताओं के मुंह से अनजाने में सच्चाई निकल रही है। उन्होंने कहा कि अरुण साव, केदार कश्यप और रामविचार नेताम जैसे नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि कवासी लखमा एक निर्दोष आदिवासी नेता हैं, जो पिछले एक साल से जेल में बंद हैं। भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि जब खुद भाजपा नेता उन्हें निर्दोष मान रहे हैं, तो फिर ईओडब्ल्यू की कार्रवाई आखिर किस आधार पर जारी है। आदिवासी राजनीति से जुड़ा मामला राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कवासी लखमा का मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि आदिवासी राजनीति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। भूपेश बघेल के लगातार आक्रामक बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस इस मुद्दे को आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक विषय बना सकती है। आदिवासी समाज में भी इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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बिलासपुर के मोपका सब स्टेशन में भीषण आग, आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप, मची अफरा-तफरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मोपका क्षेत्र स्थित शहर के सबसे बड़े और पुराने बिजली सब स्टेशन में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। घटना के चलते शहर के बड़े हिस्से की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे आधे शहर में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। बिजली विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद है। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। आग से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 25 साल पुराना यह सब स्टेशन 480 मेगावॉट क्षमता का है। इसमें से लगभग 320 मेगावॉट बिजली बिलासपुर शहर के बड़े हिस्से को सप्लाई की जाती है। आग लगते ही सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे आवासीय इलाकों, बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अचानक अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानों में काम ठप हो गया, वहीं घरों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बिजली विभाग और प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे।

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रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, बोले– अगर मेरे हाथ में होता तो बेटा जेल ही नहीं जाता

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने शराब घोटाले के मामले में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां राजनीतिक दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने अपने बेटे चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि उन्होंने अपने बेटे को जेल से छुड़वा लिया, जबकि हकीकत यह है कि उसे अदालत से जमानत मिली है। पूर्व सीएम ने कहा, “अगर मेरे हाथ में होता, तो मेरा बेटा जेल जाता ही नहीं। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई, तभी जाकर उसे जमानत मिली।” कवासी लखमा को लंबे समय तक जेल में रखने की कोशिश भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कवासी लखमा को जानबूझकर लंबे समय तक जेल में रखने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में समय पर जवाब दाखिल नहीं किया, जिससे मामले का फैसला टल गया। उन्होंने दावा किया कि यदि एजेंसी समय पर जवाब पेश करती, तो 17 दिसंबर को ही निर्णय आ सकता था। लेकिन जवाब रोका गया ताकि लखमा को जेल में रखा जा सके। भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उनके बयानों से सच्चाई सामने आ रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब कवासी लखमा को निर्दोष बताया जा रहा है, तो फिर EOW और ED की कार्रवाई क्यों जारी है। साथ ही भाजपा नेताओं को “घड़ियाली आंसू” न बहाने की सलाह दी। कौन हैं कवासी लखमा कवासी लखमा बस्तर अंचल के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। वे सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। 2013 के दरभा घाटी नक्सली हमले में वे उन नेताओं में शामिल थे, जो जीवित बच पाए थे। 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें आबकारी मंत्री बनाया गया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के मंत्रियों में से गिने-चुने नेता ही अपनी सीट बचा पाए, जिनमें कवासी लखमा भी शामिल रहे। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। एजेंसी का दावा है कि करीब 3,200 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है। इस मामले में एसीबी में दर्ज FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं। ED के अनुसार, पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

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बिलासपुर में पुलिस का एक्शन मोड: अड्डेबाजी और नशाखोरी करने वालों पर सख्ती, चाकू के साथ युवक गिरफ्तार

बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर अड्डेबाजी, नशाखोरी और ग्रुप बनाकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ रविवार रात पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 12 बदमाशों को खदेड़कर पकड़ा और सार्वजनिक स्थानों पर उनसे उठक-बैठक कराई, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी जा सके। जिलेभर में सघन अभियान, 36 से ज्यादा असामाजिक तत्व पकड़े गए पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीते 3 से 4 दिनों में जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 36 से अधिक असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें से कुछ के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में केस दर्ज किया गया, जबकि कुछ को सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाकर सख्त हिदायत दी गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से की जा रही है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि यह अभियान एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाया जा रहा है। गुंडे-बदमाशों, नशेड़ियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वारदात से पहले चाकू के साथ पकड़ा गया युवक रविवार देर रात सिविल लाइन थाना पुलिस ने मगरपारा इलाके में पेट्रोलिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को घूमते हुए देखा। पुलिस को देखकर युवक भागने लगा, जिसके बाद थाना प्रभारी एस.आर. साहू के निर्देश पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी अरशद खान के पास से बटनदार चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी, अड्डेबाजी, ग्रुप बनाकर उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर 9479193099, डायल 112 या सीएसपी सिविल लाइन (9479193006) पर संपर्क किया जा सकता है।

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बिलासपुर सड़क हादसा: पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, 2 श्रद्धालुओं की मौत, 3 गंभीर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोटा थाना अंतर्गत बेलगहना चौकी क्षेत्र में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और जंगल क्षेत्र में एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में रायपुर के दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कार सवार सभी लोग रायपुर से अमरकंटक पूर्णिमा स्नान के लिए जा रहे थे। मृतकों की पहचान रामकुमार धीवर (45) और राजकुमार साहू के रूप में हुई है। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जंगल में हुआ हादसा हादसा सुबह करीब 9 बजे ग्राम भसको के पास हुआ, जब कार तेज रफ्तार में जंगल के रास्ते से गुजर रही थी। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 2 घंटे तक कार में फंसा रहा शव हादसे के बाद कार के आगे बैठे राजकुमार साहू और एक अन्य यात्री वाहन में बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन राजकुमार का शव करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कार से बाहर निकाला जा सका। घायलों की हालत गंभीर हादसे में कार चला रहे निलेश्वर धीवर, पीछे बैठे सुखसागर मानिकपुरी और अमित चंद्रवंशी गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों को दी गई सूचना पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दी। परिजन रायपुर से रतनपुर पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए रायपुर रवाना किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है।

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