Bhilai / Durg

रिसाली में करंट लगने से ठेका श्रमिक की मौत, चालू लाइन पर काम के दौरान हादसा; ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

छत्तीसगढ़ के रिसाली क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में बिजली करंट की चपेट में आने से एक ठेका श्रमिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय रोशन कुमार देवांगन के रूप में हुई है, जो नगर निगम में अनस्किल्ड लाइनमैन के रूप में कार्य कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, दुर्ग जिले के गणेश नगर इलाके में बिजली लाइन सुधार का काम चल रहा था। इसी दौरान रोशन चालू लाइन पर काम कर रहा था, तभी अचानक तेज करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नेवई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक को न तो सही प्रशिक्षण दिया गया था और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। बिना सेफ्टी किट के लाइव लाइन पर काम कराना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि ठेका श्रमिकों से जोखिम भरे काम तो कराए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होता। घटना के बाद नगर निगम की महापौर शशि सिन्हा ने तुरंत आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और परिषद सदस्य शामिल होंगे, जहां सुरक्षा व्यवस्था, ठेकेदार की भूमिका और लापरवाही के पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। महापौर ने कहा है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस भी ठेका कंपनी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

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छत्तीसगढ़ में पहली बार हाई-टेक हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, भिलाई में 2 युवक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में पहली बार ‘हाई-टेक’ तरीके से तैयार किया गया हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया है। भिलाई के भिलाई नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पुड़िया बनाकर इस महंगे और ज्यादा असरदार गांजे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि रुआबांधा इलाके में बीज विकास निगम के पास कुछ युवक नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। मौके पर पहुंचकर जब जांच की गई, तो सामान्य गांजे के साथ छोटे पैकेट में हाइड्रोपोनिक गांजा भी बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम साहू (29) और यश विश्वकर्मा (27) के रूप में हुई है, जो भिलाई के ही निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से करीब 2 किलो सामान्य गांजा, 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, 40 हजार रुपए नकद और नशे से जुड़ा सामान जब्त किया है। कुल जब्ती की कीमत करीब 1.75 लाख रुपए आंकी गई है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इस अवैध कारोबार में शामिल हुए थे। फिलहाल दुर्ग पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हाई-टेक गांजा शहर में कहां से सप्लाई हो रहा था। यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि अब तक इस तरह का हाइड्रोपोनिक गांजा बड़े शहरों और हाई-प्रोफाइल सर्कल तक ही सीमित माना जाता था। छोटे शहर में इसकी एंट्री ने पुलिस और लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा? हाइड्रोपोनिक गांजा एक आधुनिक तकनीक से उगाया जाता है, जिसमें मिट्टी की जरूरत नहीं होती। पौधों को पानी और विशेष पोषक तत्वों की मदद से बंद कमरे या लैब जैसे माहौल में तैयार किया जाता है। इसमें जड़ों को सीधे मिनरल युक्त पानी में रखा जाता है, जबकि कोको कॉयर, रॉकवूल या पेर्लाइट जैसे माध्यम सिर्फ सपोर्ट देने के लिए उपयोग किए जाते हैं। रोशनी के लिए LED या HPS लाइट्स का इस्तेमाल होता है, जो सूर्य की कमी पूरी करती हैं। पानी में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का संतुलित मिश्रण दिया जाता है और एयर पंप के जरिए ऑक्सीजन भी मिलाई जाती है। यह प्रक्रिया महंगी होती है, लेकिन इससे तैयार गांजा ज्यादा ताकतवर और महंगा होता है।

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दुर्ग में फर्जी स्वास्थ्य सचिव स्टाफ का सदस्य अस्पतालों से वसूली के आरोप में जांच

दुर्ग जिले में एक व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य-परिवार कल्याण विभाग के सचिव के स्टाफ का अधिकारी बताकर अस्पताल संचालकों से पैसे की मांग की। मोहन नगर थाना क्षेत्र के गंगोत्री अस्पताल संचालक डॉ. ओम प्रकाश कराड़े ने 17 मार्च 2026 को इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार आरोपी ने: जांच में पता चला कि अजय अग्रवाल नाम का कोई व्यक्ति स्वास्थ्य सचिव कार्यालय में कार्यरत नहीं है। इस मामले में मोहन नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। भिलाई-3 थाने में भी इसी तरह का मामला दर्ज है, जिसमें चरौदा स्थित एएम हॉस्पिटल के संचालक को टारगेट बनाया गया। पुलिस मोबाइल नंबर और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान और लोकेशन पता लगाने की कोशिश कर रही है। इस जांच के बाद पूरे वसूली नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।

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दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, 4 और आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अतिरिक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पहले पकड़े गए सात आरोपियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से सट्टा संचालन कर रहे थे। जामुल थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह का खुलासा पहले हुई छापेमारी में हुआ था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल डेटा के आधार पर भिलाई और रायपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर परमेश गेडाम, शिवा वैष्णव उर्फ समीर, मोहम्मद असलम और सत्यपाल पासवान को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी सट्टा खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराने, पैसों के लेन-देन का हिसाब रखने और तकनीकी सहायता देने जैसे काम कर रहे थे। गिरोह सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस से बचते हुए अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और 65 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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दुर्ग में आत्महत्या केस: युवक का रोते हुए वीडियो आया सामने, पत्नी समेत 3 आरोपी यूपी से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के Durg में एक युवक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। गया नगर निवासी 30 वर्षीय विशाल गुप्ता ने 11 मार्च की रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल में एक वीडियो मिला, जिसे उसने आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह रोते हुए अपनी पत्नी और उसके मायके पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगा रहा है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी पत्नी तनु उर्फ मोहनी गुप्ता, उसका भाई शिवा और मामा-ससुर कृष्ण कुमार गुप्ता फरार हो गए थे। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी जांच में पता चला कि तीनों Hamirpur में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और 29 मार्च को तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में युवक का वीडियो सबसे अहम सबूत है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में सामने आया है कि वैवाहिक विवाद के चलते युवक को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। इसी तनाव में आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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दुर्ग में आत्महत्या केस: युवक का रोते हुए वीडियो आया सामने, पत्नी समेत 3 आरोपी यूपी से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के Durg में एक युवक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। गया नगर निवासी 30 वर्षीय विशाल गुप्ता ने 11 मार्च की रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल में एक वीडियो मिला, जिसे उसने आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह रोते हुए अपनी पत्नी और उसके मायके पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगा रहा है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी पत्नी तनु उर्फ मोहनी गुप्ता, उसका भाई शिवा और मामा-ससुर कृष्ण कुमार गुप्ता फरार हो गए थे। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी जांच में पता चला कि तीनों Hamirpur में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और 29 मार्च को तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में युवक का वीडियो सबसे अहम सबूत है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में सामने आया है कि वैवाहिक विवाद के चलते युवक को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। इसी तनाव में आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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भिलाई में केमिकल फैक्ट्री हादसा: पाइपलाइन फटने से धुआं फैला, 4 घंटे तक लोग परेशान

छत्तीसगढ़ के Bhilai के हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित केएसएस हाइड्रोकार्बन फैक्ट्री में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। पिच ऑयल की लोडिंग के दौरान अचानक पाइपलाइन फट गई, जिससे गर्म केमिकल जमीन पर फैल गया और हवा के संपर्क में आते ही धुएं का गुबार बनकर पूरे इलाके में फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच हुई। हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने न तो सायरन बजाया और न ही तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। धुआं तेजी से आसपास की फैक्ट्रियों और इलाकों में फैल गया, जिससे करीब 4 घंटे तक लोग परेशान रहे। पास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को खांसी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कुछ जगहों पर बच्चों को उल्टी और घबराहट की शिकायत भी सामने आई। एक फैक्ट्री संचालक ने बताया कि धुएं के कारण मजदूर काम छोड़कर वापस चले गए। कंपनी के कर्मचारियों ने केमिकल को रोकने के लिए रेत की घेराबंदी की, लेकिन धुएं पर नियंत्रण नहीं हो सका। स्थानीय लोगों की सूचना पर रात करीब 8:30 बजे दमकल टीम मौके पर पहुंची, तब तक धुआं पूरे औद्योगिक क्षेत्र में फैल चुका था। जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह पिच ऑयल था, जिसका उपयोग औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। कंपनी का कहना है कि आग नहीं लगी थी, इसलिए उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचना नहीं दी, हालांकि यह सुरक्षा नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। कानून के मुताबिक, ऐसे हादसों में तुरंत सायरन बजाना, मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना और संबंधित एजेंसियों को सूचना देना जरूरी होता है। इस मामले में इन नियमों का पालन नहीं किया गया। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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कुम्हारी ब्रिज पर आज से वन-वे ट्रैफिक लागू, नया रूट प्लान जारी

दुर्ग-भिलाई से रायपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी सूचना है। नेशनल हाईवे-53 पर कुम्हारी टोल के पास खारून नदी पर बने पुल की मरम्मत का काम आज से शुरू हो गया है। इसके चलते अगले एक महीने तक इस मार्ग पर यातायात वन-वे रहेगा। रायपुर और दुर्ग पुलिस के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन सकती है। यातायात को नियंत्रित करने के लिए 44 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दुर्ग से रायपुर आने के लिए वैकल्पिक मार्ग:एयरपोर्ट, नया रायपुर, मंत्रालय, पुलिस मुख्यालय, आरंग और अभनपुर जाने वाले वाहन चालक सेलूद–पाटन–अभनपुर मार्ग का उपयोग करें।दुर्ग, भिलाई, रिसाली और उतई से आने वाले लोग सेलूद–फूंडा–जामगांव–मोतीपुर–अमलेश्वर होकर रायपुर पहुंच सकते हैं।चरोदा, कुम्हारी और भिलाई-3 से आने वाले वाहन सिरसा गेट–मोतीपुर–अमलेश्वर मार्ग अपनाएं।कुम्हारी अहिरवार से आने वाले वाहन कुम्हारी–उरला–खमरिया–अमलेश्वर मार्ग से यात्रा करें।कुम्हारी टोल से रायपुर की ओर जाने वाले वाहन चंदनीडीह तक वन-वे मार्ग का पालन करें। रायपुर से दुर्ग जाने के लिए मार्ग:कार और बाइक चालक चंदनीडीह से बाएं मुड़कर पुराने पुल (रपटा) के जरिए कुम्हारी टोल तक जा सकते हैं।भटगांव या रायपुरा से अमलेश्वर–मोतीपुर होते हुए भिलाई और दुर्ग की ओर जा सकते हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नए रूट प्लान का पालन करें और जरूरी कार्य जैसे एयरपोर्ट, अस्पताल, रेलवे स्टेशन या परीक्षाओं के लिए निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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दामाद हत्याकांड में सास को उम्रकैद, पत्नी को 7 साल की सजा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दामाद की हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। इस मामले में सास भारती वर्मा को आजीवन कारावास, जबकि पत्नी अनिता देशमुख को 7 वर्ष की सजा दी गई है। यह फैसला पाटन स्थित अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर द्वारा सुनाया गया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि पारिवारिक रिश्तों के भीतर हुए जघन्य अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। घटना 29 अगस्त 2024 की है, जब ग्राम दरबार मोखली में एक बंद घर से बदबू आने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों ने ताला तोड़कर अंदर देखा तो एक सड़ी हुई लाश मिली, जिसकी पहचान टिकेश्वर देशमुख (30) के रूप में हुई। वह अपनी पत्नी और सास के साथ वहीं रहता था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जन्माष्टमी के कार्यक्रम से लौटने के बाद मृतक और उसकी सास के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान मारपीट भी हुई, जिससे नाराज होकर सास ने रात में कुल्हाड़ी से दामाद पर हमला कर दिया। सिर पर कई वार होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय पत्नी अनिता देशमुख पास में मौजूद थी, लेकिन उसने पति को बचाने के बजाय अपनी मां का साथ दिया। हत्या के बाद दोनों ने मिलकर शव को घर के पास एक कमरे में छिपा दिया और अगले दिन घर में ताला लगाकर इलाज का बहाना बनाकर दुर्ग चले गए। बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां सास ने हत्या की बात कबूल कर ली। जांच के दौरान दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में पेश गवाहों और सबूतों के आधार पर यह साबित हुआ कि भारती वर्मा ने हत्या की और अनिता देशमुख ने सबूत छिपाने में सहयोग किया। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सास को उम्रकैद और जुर्माना, जबकि पत्नी को 7 साल का सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

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सब्जी मंडी में नशीली दवाएं बेचते युवक गिरफ्तार, 72 कैप्सूल जब्त

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मोहन नगर थाना क्षेत्र के धमधा रोड स्थित सब्जी मंडी में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक संदिग्ध परिस्थिति में घूम रहा है और उसके पास प्रतिबंधित नशीली दवाएं हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान युवक के कपड़ों से 72 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। आरोपी की पहचान दीपक ठाकुर (28) के रूप में हुई है, जो सिकोला भाठा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अधिक मुनाफा कमाने के लिए इन दवाओं की अवैध रूप से बिक्री करता था। पुलिस ने उसके पास से बरामद कैप्सूल की कीमत करीब 28,800 रुपए बताई है। इसके अलावा 960 रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं। इस तरह कुल 29,760 रुपए का सामान जब्त किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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