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भिलाई में राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन के सामने का कांच क्षतिग्रस्त

भिलाई में चलती ट्रेन पर पथराव की एक और घटना सामने आई है। सोमवार शाम बिलासपुर से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर खुर्सीपार गेट और पावर हाउस के बीच अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके। पथराव में ट्रेन के इंजन के सामने लगा कांच क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें दरार आ गई। गनीमत यह रही कि घटना के समय लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को कोई चोट नहीं पहुंची, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। खुर्सीपार और पावर हाउस के बीच हुई घटना प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी एक्सप्रेस (12441) सोमवार शाम करीब 4 बजे अपने निर्धारित मार्ग से गुजर रही थी। खुर्सीपार गेट पार कर जैसे ही ट्रेन पावर हाउस की ओर बढ़ी, तभी अचानक इंजन की ओर पत्थर फेंके गए। एक पत्थर सीधे इंजन के सामने लगे कांच से टकराया, जिससे कांच में दरार आ गई। अचानक हुई इस घटना से कुछ समय के लिए ट्रेन स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने संयम रखते हुए ट्रेन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया। आरपीएफ ने दर्ज किया केस, तलाश जारी घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। भिलाई-3 आरपीएफ प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पथराव खुर्सीपार क्षेत्र की ओर से किया गया। इसके बाद आरपीएफ टीम ने खुर्सीपार और आसपास के इलाकों में सघन जांच अभियान शुरू किया है। झुग्गी बस्तियों में भी तलाशी ली जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार खुर्सीपार क्षेत्र में इससे पहले भी वंदे भारत ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आ चुकी है। उस मामले में एक अपचारी बालक को पकड़ा गया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

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अवैध शराब कारोबार पर पुलिस का शिकंजा: देसी व कच्ची शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, बाइक जब्त

दुर्ग जिले की नगपुरा चौकी पुलिस ने अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में देसी शराब और कच्ची महुआ शराब बरामद की है, साथ ही शराब ढोने में इस्तेमाल की जा रही बाइक भी जब्त की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 73 हजार 650 रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी को नगपुरा चौकी की टीम मालूद–नगपुरा के बीच चिखली रोड पर नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति बाइक क्रमांक CG-07-CW-0849 से उरला भट्ठी की ओर से नगपुरा की दिशा में अवैध शराब लेकर आ रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली। देसी और कच्ची शराब बरामद तलाशी के दौरान आरोपी राजू पारधी के कब्जे से शोले मसाला मदिरा के 133 पौवा बरामद किए गए, जिसकी कुल मात्रा 23.940 बल्क लीटर है। बरामद देसी शराब की अनुमानित कीमत करीब 11 हजार 900 रुपये बताई गई है। वहीं दूसरे आरोपी रामधारी पारधी के पास से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 1 हजार 750 रुपये आंकी गई है। पानी की बोतलों में करता था शराब की बिक्री पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शराब को पानी की बोतलों में भरकर बिक्री करता था, ताकि आसानी से किसी को शक न हो। इसके अलावा शराब की ढुलाई में प्रयुक्त बाइक, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपये है, को भी जब्त किया गया है। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अवैध रूप से शराब के परिवहन और बिक्री में संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 49(1) के तहत मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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साहू समाज का बड़ा फैसला: प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, तलाक रोकने पारिवारिक काउंसलिंग होगी शुरू

छत्तीसगढ़ में साहू समाज ने सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में अहम निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने प्री-वेडिंग शूट पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला समाज में बढ़ते दिखावे, अनावश्यक खर्च और बदलते संस्कारों पर नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है। शनिवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से आए जिला अध्यक्षों और समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिखावे और फिजूलखर्ची पर रोक का प्रयास बैठक के दौरान समाज की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परंपराओं में आ रहे बदलाव और बढ़ती दिखावटी संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि लंबे विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से प्री-वेडिंग शूट को समाजहित में बंद करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश साहू संघ का मानना है कि साहू समाज की पहचान सादगी, संस्कार और सामाजिक सौहार्द से रही है, लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति समाज की परंपरागत जड़ों को कमजोर कर रही है। इस निर्णय के जरिए समाज को अपनी मूल संस्कृति की ओर लौटाने का प्रयास किया जा रहा है। तलाक के मामलों पर चिंता, फैमिली काउंसलिंग की पहल बैठक में समाज के भीतर बढ़ते तलाक के मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई गई। इस पर निर्णय लिया गया कि पारिवारिक विवादों को सुलझाने और रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए फैमिली काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करना और दांपत्य जीवन में संतुलन बनाए रखना है। सामाजिक अनुशासन और एकता पर जोर प्रदेश स्तरीय बैठक में सामाजिक एकता, अनुशासन और संस्कार विकास को सशक्त करने के लिए संगठित रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश साहू संघ ने स्पष्ट किया कि जो परंपराएं समाज को कमजोर करती हैं, उन्हें आगे स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघ ने समाज के सभी सदस्यों से इन निर्णयों का पालन करने और समाजहित में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।

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भगवा वेश में साधु, सवाल पूछते ही टूटा भेष: दुर्ग में भीख मांग रहा युवक मुस्लिम निकला, वीडियो वायरल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साधु का भेष धारण कर घर-घर भीख मांग रहे एक युवक की पहचान पर उस वक्त सवाल खड़े हो गए, जब स्थानीय लोगों ने उससे धार्मिक प्रश्न पूछे। युवक भगवा कपड़े पहनकर तंबूरा बजाते हुए “राम-राम” और “जय श्रीराम” का उद्घोष कर रहा था, लेकिन सवालों के जवाब नहीं दे सका और घबरा कर रोने लगा। बाद में जांच में सामने आया कि युवक मुस्लिम समुदाय से है और उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। सवालों पर घबराया, गायत्री मंत्र सुनाने को कहा तो रो पड़ा स्थानीय लोगों को युवक के हाव-भाव पर शक हुआ। शंका दूर करने के लिए उससे पूछा गया कि भगवान राम के पिता का नाम क्या था, लेकिन वह जवाब नहीं दे सका। इसके बाद लंका किसने जलाई—इस प्रश्न पर भी वह चुप रहा। जब उससे गायत्री मंत्र सुनाने को कहा गया, तो वह घबरा गया और रोते हुए छोड़ देने की गुहार लगाने लगा। बिना एंट्री दरगाह में रुका, पहचान पत्र नहीं मिले जानकारी के अनुसार, युवक बिना किसी एंट्री के एक दरगाह में ठहरा हुआ था। उसके पास कोई वैध पहचान पत्र भी नहीं मिला। पहले उसने अपना नाम यादव बताया, लेकिन पुलिस पूछताछ में उसने अपना नाम हवलदार, पिता का नाम मुस्तफा बताते हुए खुद को मुस्लिम बताया। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। निशानदेही पर दूसरा व्यक्ति भी हिरासत में पूछताछ के दौरान युवक ने अपने एक साथी के बारे में जानकारी दी, जो मौर्या टॉकिज के पास एक मजार के आसपास ठहरा होने की बात कही गई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है। पकड़े जाने पर लौटाने लगा भीख की रकम हिंदू संगठन की प्रतिनिधि ज्योति शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान युवक रोने लगा और मांगे हुए पैसे लौटाने लगा। संगठन का दावा है कि यह इकलौता मामला नहीं हो सकता, बल्कि साधु का भेष धारण कर भीख मांगने वाला 5 लोगों का समूह सक्रिय हो सकता है। बताया जा रहा है कि सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और खुद को प्रतापगढ़ का निवासी बताते हैं। पुलिस जांच जारी सीएसपी छावनी प्रशांत कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई है। संदेह के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही बीजेपी सरकार: गांधी प्रतिमा के सामने उपवास, कांग्रेस का आरोप

दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ में मनरेगा को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत रविवार से दुर्ग-भिलाई में कांग्रेस ने सार्वजनिक विरोध की शुरुआत कर दी है। शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता दुर्ग के गांधी प्रतिमा स्थल पर सुबह से शाम तक उपवास पर बैठे रहे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने और मनरेगा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया। 25 फरवरी तक चलेगा आंदोलन दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि यह आंदोलन 25 फरवरी तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीणों को 100 दिन का रोजगार देने की कानूनी गारंटी थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इस गारंटी के साथ छल किया है। उनका आरोप है कि बीते 11 वर्षों में मजदूरों को औसतन सिर्फ 38 दिन का काम मिला है और “गारंटी” शब्द को ही कानून से हटाने की कोशिश की जा रही है। हर साल घट रहे मानव दिवस राकेश ठाकुर ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि दुर्ग जिले में मनरेगा के मानव दिवस लगातार घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह साफ संकेत है कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पहले इस योजना में केंद्र सरकार का पूरा योगदान था, लेकिन अब इसे 60:40 कर दिया गया है, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सरकारी खजाने पर बढ़ाया जा रहा दबाव शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई लड़ रही है। मनरेगा में लगातार कटौती कर राज्य सरकार के अंशदान को बढ़ाया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ेगा और इसका सीधा नुकसान मजदूरों को होगा। बीजेपी अमीरों की पार्टी: कांग्रेस भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार और काम न मिलने पर भत्ता दिया जाता था। अब न सिर्फ योजना का स्वरूप बदला जा रहा है, बल्कि बजट में भी कटौती की गई है। उन्होंने भाजपा को अमीरों की पार्टी बताते हुए कहा कि यह मजदूर विरोधी सोच का परिणाम है, जिसके खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर है। 125 दिन का वादा भी जुमला: साहू कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा की थी, लेकिन भाजपा सरकार मनरेगा कानून की मूल भावना को खत्म कर रही है। उन्होंने 125 दिन रोजगार के वादे को भी 15 लाख और 2 करोड़ नौकरियों की तरह जुमला करार दिया। योजना को खत्म करने का आरोप कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। पार्टी ने VB-G RAM G योजना का हवाला देते हुए कहा कि इससे मनरेगा का संवैधानिक अधिकार कमजोर होगा और ठेकेदारी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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मुनाफे का झांसा, फर्जी ऐप का जाल: दुर्ग में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 24 लाख की साइबर ठगी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग और निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 24 लाख रुपये की साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। पहले मामले में फर्जी शेयर-ट्रेडिंग ऐप के जरिए एक युवक से 13.90 लाख रुपये ठगे गए, जबकि दूसरे मामले में QR कोड और लिंक के माध्यम से 11.15 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना दुर्ग में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। व्हाट्सऐप लिंक से शुरू हुआ फर्जी ट्रेडिंग का खेल खुर्सीपार भिलाई निवासी मनीष कुमार गजपाल (39) ने बताया कि नवंबर 2025 में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया। इसमें ट्रेडिंग ग्रुप जॉइन करने का लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने पर वे “Stock Flights D2” नामक व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े, जहां लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जा रहे थे। दिसंबर 2025 में ग्रुप के निर्देश पर उनसे GTSS LLC नामक ऐप इंस्टॉल कराया गया, जिसमें निवेश और कथित मुनाफा दिखाया जाता था। भरोसा दिलाने के लिए शुरुआती तौर पर 50 हजार रुपये का एक बार विड्रॉल भी कराया गया। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। 31 दिसंबर से 6 जनवरी के बीच पीड़ित से कुल 13.90 लाख रुपये जमा कराए गए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तो “आईपीओ पेंडिंग” बताकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया। लगातार भुगतान के बावजूद रकम नहीं मिलने पर पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उन्होंने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। QR कोड और लिंक से दूसरी ठगी, GST के नाम पर मांग दूसरा मामला कोहका भिलाई क्षेत्र का है। पीड़ित शुभम जायसवाल (29) को 20 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “ब्रड सिक्योरिटी” कंपनी का प्रतिनिधि बताया और निवेश पर मोटे मुनाफे का ऑफर दिया। लिंक भेजकर QR कोड के जरिए ट्रांजेक्शन कराए गए। शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश पर 5 हजार रुपये का मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाया गया। इसके बाद 23 दिसंबर से 6 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों और QR कोड के माध्यम से 11.15 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इस दौरान कुछ रकम विड्रॉल भी कराई गई, जिससे ठगों पर भरोसा और बढ़ गया। 7 जनवरी 2026 को लिंक आईडी में करीब 16 लाख रुपये दिखने लगे। जब पीड़ित ने 5 लाख रुपये विड्रॉल करने की कोशिश की, तो 18% GST जमा करने का मैसेज आया। शक होने पर उन्होंने भुगतान नहीं किया। बाद में संपर्क करने पर एफआईआर की धमकी दी गई, जिससे ठगी का खुलासा हुआ। साइबर पुलिस कर रही जांच दोनों मामलों में साइबर थाना दुर्ग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(2), 318(4) और 336(3) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ऐप्स, लिंक और डिजिटल ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में संगठित साइबर ठग गिरोह की आशंका जताई जा रही है।

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दुर्ग–पाटन मार्ग पर दर्दनाक हादसा: हाईवा की टक्कर से युवक की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम; लापरवाही का केस दर्ज

दुर्ग–पाटन मुख्य मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में युवक की जान चली गई। दैमार गांव के पास हाईवा ट्रक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अर्क सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना 8 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, अर्क सिंह बाइक से भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती अपनी दादी को देखकर पाटन स्थित शासकीय अस्पताल क्वार्टर में अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान राजू ढाबा के पास पीछे से आ रहे हाईवा ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि अर्क सिंह सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा पाटन थाना क्षेत्र में हुआ। इलाज के दौरान हुई मौत हादसे के बाद पाटन पुलिस ने घायल अर्क सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पाटन पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उनका इलाज जारी रखा गया, लेकिन 9 जनवरी की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सिर, चेहरे और शरीर में आई गंभीर चोटें मौत का कारण बनीं। हाईवा चालक पर लापरवाही का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवा ट्रक (CG07 BP 7880) तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया जा रहा था। मृतक के पिता विजय बहादुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पाटन एसडीओपी अनूप लकड़ा ने बताया कि मर्ग कायम कर लिया गया है और लापरवाही से मौत के अपराध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। काम की तलाश में मुंबई गए थे मृतक अर्क सिंह की पत्नी पाटन के शासकीय अस्पताल में नर्स के पद पर पदस्थ हैं। मृतक पूर्व में रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे, लेकिन घटना के समय वे बेरोजगार थे और भिलाई में रह रहे थे। निजी विवाद भी जांच के दायरे में पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक की पत्नी ने पहले पाटन थाने में नशे की हालत में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि इस शिकायत का हादसे से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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दुर्ग में गंदे पानी से पीलिया फैला: उतई नगर पंचायत के 2 वार्ड प्रभावित, हैंडपंप बंद कर भेजे गए पानी के सैंपल

दुर्ग।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की नगर पंचायत उतई में दूषित पानी पीने से पीलिया (जॉन्डिस) फैलने का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 14 और 15 में बीते करीब एक महीने से लगातार मरीज मिल रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नालियों में जमा गंदे पानी की वजह से घरों और सार्वजनिक हैंडपंपों का जल स्रोत दूषित हो गया, जिसके बाद बदबूदार पानी की शिकायतें मिलने लगीं। शुरुआत में कुछ परिवारों ने इसे व्यक्तिगत समस्या समझा, लेकिन धीरे-धीरे पूरे मोहल्ले में एक जैसे लक्षण नजर आने लगे। हैंडपंप और बोरिंग का पानी बना बीमारी की वजह सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 मरीजों के घरों में जाकर जांच की। जांच के दौरान पाया गया किअधिकांश परिवार हैंडपंप या बोरिंग के पानी का उपयोग कर रहे थे। एहतियातन वार्ड में मौजूद एक सार्वजनिक हैंडपंप को तुरंत बंद कर दिया गया है। साथ ही सभी संदिग्ध जलस्रोतों से पानी के नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक ही वार्ड में मिले 12 मरीज जानकारी के अनुसार, वहीं वार्ड 14 में पहले 12 मरीज सामने आए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी मरीज अब स्वस्थ हैं। यहां एक बोरिंग को संदिग्ध मानते हुए तुरंत बंद कर दिया गया। बीएमओ और डॉक्टरों की टीम ने किया घर-घर निरीक्षण बीएमओ डॉ. देवेंद्र बेलचंदन ने बताया किडॉक्टरों की टीम ने प्रभावित वार्डों के घरों में जाकर स्थिति का आकलन किया है।हालांकि हाल ही में दो घरों में हल्के लक्षण दिखे थे, लेकिन उनकी हालत फिलहाल सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया है। लोगों को केवल उबला हुआ पानी पीने की सख्त सलाह दी गई है। हैंडपंप बंद, टैंकर से हो रही पानी की सप्लाई सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित इलाकों में इसके साथ ही का काम भी तेज कर दिया गया है। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र नायक ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पानी के सैंपल जांच में, स्थिति नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया किप्रभावित घरों के सभी पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन वार्ड 14 और 15 में निगरानी लगातार जारी है।

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मौसम बदलते ही बीमारियां बढ़ीं: रायपुर में रोज 600 से ज्यादा वायरल और सर्दी-खांसी के मरीज, डॉक्टरों की चेतावनी

रायपुर।मौसम में अचानक आए बदलाव का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। राजधानी रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालात यह हैं कि शहर में हर दिन 600 से अधिक मरीज वायरल जैसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में बीमारी ठीक होने के बाद 2–3 दिन के भीतर दोबारा बुखार लौट रहा है, जो सामान्य वायरल से अलग संकेत माना जा रहा है। 🏥 चार दिनों में अस्पतालों पर बढ़ा दबाव पिछले चार दिनों के आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर के अलग-अलग अस्पतालों में रोज औसतन इतने मरीज पहुंच रहे हैं: अस्पतालों में ओपीडी का लोड लगातार बढ़ रहा है। 🔁 ठीक होने के बाद फिर लौट रहा बुखार डॉक्टरों का कहना है कि इस बार वायरल का पैटर्न अलग नजर आ रहा है।अधिकतर मामलों में: इस वजह से मरीज लंबे समय तक थकान और चक्कर की शिकायत कर रहे हैं। ⚠️ 3 दिन बाद दोबारा बुखार आए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें डॉक्टरों की सलाह है कि यदि तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी जांच कराएं। 💊 बिना जांच दवा लेना हो सकता है खतरनाक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया किमौसम में उतार-चढ़ाव, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर इम्यूनिटी के कारण वायरल और बुखार के मामलों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि कई मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं।ऐसे में बिना ब्लड जांच, प्लेटलेट काउंट और अन्य जरूरी टेस्ट कराए दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। 🦠 ऐसे पहचानें नया वायरल फीवर ✅ बचाव के जरूरी उपाय डॉक्टरों का कहना है कि लापरवाही इस वायरल को गंभीर और लंबा बना सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

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महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क

रायपुर / नई दिल्ली।महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई PMLA कानून के तहत की गई है और इसे अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों का संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था, जो भारत से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये विदेश भेज रहा था। 💰 किन संपत्तियों पर ED की कार्रवाई ED के अनुसार, इसके अलावा, 🌍 दुबई से संचालित हो रहा था महादेव ऐप जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल प्रमोट कर रहे थे। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और फिलहाल UAE (दुबई) में मौजूद बताए जा रहे हैं।भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। 🎰 रिग्ड गेम्स से होती थी ग्राहकों की लूट ED की जांच में खुलासा हुआ है किMahadev Online Book और Skyexchange जैसे प्लेटफॉर्म पर रिग्ड गेम्स चलाए जा रहे थे,जहां इस तरह लाखों यूजर्स से अवैध तरीके से रकम वसूली जाती थी। 💸 हवाला, क्रिप्टो और FPI से विदेश पहुंचा पैसा जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को के जरिए विदेश भेजा गया।बाद में इसी पैसे को FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया गया। 🔁 कैशबैक रैकेट का भी खुलासा ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी पर्दाफाश किया है।जांच में पता चला कि ED का दावा है कि गगन गुप्ता कोSalasar Techno Engineering और Tiger Logistics से जुड़े सौदों में करीब 98 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। 📂 अब तक की कार्रवाई ED के अनुसार, इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी का कहना है कि महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम कर रहा था। 💎 सर्राफा कारोबारी के जरिए पहुंची प्रोटेक्शन मनी EOW की जांच में यह भी सामने आया है किमहादेव बुक प्रमोटर्स ने कार्रवाई से बचने के लिएराजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अफसरों तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई। इसमें छत्तीसगढ़ के सर्राफा कारोबारी सुनील कुमार दम्मानी (श्री आभूषण ज्वैलर्स) की भूमिका सामने आई है।हवाला के जरिए पैसा कलेक्ट करचंद्रभूषण वर्मा और राहुल वक्टे के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था। 👥 पैनल चलाने वाले नाम सामने आए जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं: ⚠️ चालान में अफसरों के नाम गायब EOW द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान मेंकिसी भी ब्यूरोक्रेट या पुलिस अधिकारी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।चालान में केवल पदनामों का उल्लेख किया गया है। 🔍 जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद ED और EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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