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सड़क सुरक्षा माह में मंत्री की बिना हेलमेट बाइक सवारी, सोशल मीडिया पर उठा सवाल—क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए?

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा माह के तहत ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चलाकर आम लोगों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं। इसी बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने पूरे अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, शुक्रवार को मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने खुद इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में न केवल मंत्री, बल्कि उनके साथ चल रहे अन्य लोग भी बिना हेलमेट दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब जिले में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर आम नागरिकों के चालान काटे जा रहे हैं और पेट्रोल पंपों पर भी बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को ईंधन नहीं दिया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब आम जनता पर ट्रैफिक नियम सख्ती से लागू किए जा रहे हैं, तो मंत्री और जनप्रतिनिधि इन नियमों से ऊपर कैसे हो सकते हैं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि हेलमेट पहनेंगे तो “बाहुबली का मुखड़ा” कैसे दिखेगा। वहीं, कुछ ने यह भी पूछा कि क्या अब मंत्री का चालान होगा या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए ही है। दुर्ग पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जहां आम लोगों के चालान तुरंत काटे जा रहे हैं, वहीं मंत्री के मामले में पुलिस की चुप्पी लोगों को खटक रही है। वीडियो ने यह बहस छेड़ दी है कि सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर उदाहरण पेश करने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की भी होती है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या सड़क सुरक्षा के नियम एक बार फिर दोहरे मापदंड का शिकार बनेंगे।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

बिलासपुर रेंज में QR कोड से होगी शिकायत, थानेदारों की मनमानी पर लगेगी लगाम: IG रामगोपाल गर्ग

बिलासपुर पुलिस रेंज में अब स्मार्ट और पारदर्शी पुलिसिंग की नई शुरुआत होने जा रही है। नवपदस्थ रेंज आईजी IPS रामगोपाल गर्ग ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और थाने स्तर पर किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए रेंज के सभी थानों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि पीड़ित सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचा सकें। शुक्रवार शाम पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा में आईजी गर्ग ने कहा कि पुलिस की दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। पुलिसिंग को आधुनिक और जवाबदेह बनाने के लिए मोबाइल एप और डिजिटल टूल्स को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुर्ग रेंज में सफल रहे ‘त्रिनयन’ और ‘सशक्त’ ऐप का प्रयोग अब बिलासपुर रेंज में भी किया जाएगा, जिससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया और तेज हो सकेगी। आईजी गर्ग ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी थाने में स्टाफ द्वारा गलत मंशा से बीएनएस की धाराएं जोड़ने या हटाने का प्रयास किया गया, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि पुलिस का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देना है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी शिकायतों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर झूठी शिकायतें दर्ज कराएंगे, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि बिलासपुर रेंज में बढ़ते अपराध और स्थानीय समस्याओं को लेकर पहले पुलिस अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। जो व्यवस्थाएं बेहतर काम कर रही हैं, उन्हें और मजबूत किया जाएगा, जबकि कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस रहेगा।

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Bilashpur, Chhattisgarh

रायपुर साहित्य उत्सव में हरिवंश ने उठाए देश की प्रगति और साहित्य की भूमिका पर सवाल

रायपुर। नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिन के साहित्य उत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसमें पूर्व पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने देश की आर्थिक और साहित्यिक प्रगति पर गहरा सवाल उठाया। उन्होंने मंच से उपस्थित साहित्यकारों से पूछा कि क्या साहित्य ने 2014 के बाद देश की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था के निर्माण और उसकी दिशा को सही तरीके से देखा और समझा। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए हरिवंश ने कहा कि हमारी संस्कृति और इतिहास में साहित्य ने हमेशा क्रांतियों और जन चेतना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश पर बाहरी आक्रमणकारी हावी होने की स्थिति में थे, तब संत साहित्य ने हमारी चेतना को बचाया। राजनीति नहीं, बल्कि साहित्य वह माध्यम है जो मनुष्य के मन और मस्तिष्क दोनों को बदल सकता है। हरिवंश ने यह भी चिंता व्यक्त की कि 1980 के दशक तक भारत अपने पड़ोसी देश से कई मोर्चों पर आगे था, लेकिन आज वह हमसे पांच गुना आगे है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हमारी राजनीति और साहित्यकार इस बदलाव को समय पर नहीं समझ पाए। “पड़ोसी ने स्वतंत्रता के बाद अगले सौ साल का सपना देखा, जबकि हमने यह सपना 2014 के बाद देखा। क्या यह हमारे पहले के लोगों का फर्ज नहीं था?” उन्होंने पूछा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता संग्राम और साहित्यकारों के योगदान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने विष और अमृत दोनों अनुभव किए, और उनके बलिदान से आने वाली पीढ़ियों को आज़ादी का अमृत मिला। कार्यक्रम में अभिनेता मनोज जोशी, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति कुमुद शर्मा, लेखक अनंत विजय, लेखक-विचारक सुशील त्रिवेदी और छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा भी मौजूद रहे। साहित्य उत्सव ने न केवल देश की प्रगति पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी याद दिलाया कि साहित्य की दृष्टि से सामाजिक और आर्थिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाना कितना महत्वपूर्ण है।

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Chhattisgarh, Raipur

रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम की शुरुआत, अपराध और ट्रैफिक सुधार में उम्मीद

रायपुर में शुक्रवार से पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो गया है। इस बदलाव के तहत शहर के 21 थानों का दायरा कम किया गया है, जिससे निगरानी और एक्शन दोनों में तेजी आएगी। अब फरियादी सीधे एसीपी या डीसीपी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे और तुरंत कार्रवाई संभव होगी। अतिरिक्त डीसीपी और डीएसपी की तैनाती के साथ सुपरविजन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमिश्नरी सिस्टम से पुलिस को मजिस्ट्रेट के अधिकार मिल गए हैं। अब उन्हें किसी भी मामले में कलेक्टर या एसडीएम से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इसका असर झगड़े, अवैध कब्जा, धरना प्रदर्शन और अन्य तनावपूर्ण स्थिति में पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दिखेगा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी। छेड़खानी, घरेलू हिंसा और धमकी जैसे मामलों में आरोपी को जेल भेजा जा सकता है। शहर के भीतर जोन सिस्टम लागू होने से रात्रि गश्त में सुधार होगा, चोरी और अन्य अपराधों पर काबू पाने में मदद मिलेगी। पुलिस का रिस्पॉन्स समय भी कम होगा और हर घटना पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने चार्ज संभाला। उनके साथ आईपीएस श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने रायपुर ग्रामीण एसपी का जिम्मा लिया। पुलिस कमिश्नर कार्यालय अब जीई रोड संभागीय आयुक्त कार्यालय में स्थित होगा, जबकि ग्रामीण एसपी कार्यालय नवा रायपुर अटल नगर में रहेगा। पुलिस कमिश्नरी सिस्टम से अपराधियों की निगरानी और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। धारा 144 लगाना, प्रतिबंधात्मक आदेश और हथियार लाइसेंस रद्द करने के अधिकार अब सीधे कमिश्नर के पास हैं। साथ ही ट्रैफिक सुधार, ड्रग्स तस्करी रोकने और साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए भी नई योजना बनाई जाएगी। इस बदलाव के बाद रायपुर में पुलिसिंग अधिक प्रभावी और त्वरित होगी, जिससे शहर में कानून व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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Chhattisgarh, Raipur

अंबिकापुर में भूपेश बघेल के स्वागत के दौरान युवाओं ने किया खतरनाक स्टंट, 8 गाड़ियां जब्त

अंबिकापुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वागत के दौरान युवाओं द्वारा किए गए खतरनाक स्टंट का वीडियो सामने आया है। 23 जनवरी की शाम बघेल भागवत कार्यक्रम में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। उनका स्वागत करने के लिए लगभग 15 गाड़ियों का काफिला शहर के गांधी चौक पर आया। स्वागत समारोह के बाद युवाओं ने शहर में वाहन स्टंट शुरू कर दिया। कई युवकों ने गाड़ियों में लटककर तेज गति से रोड पर हंगामा मचाया और मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। स्थानीय लोगों ने यह वीडियो पुलिस के साथ साझा किया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सरगुजा पुलिस ने आठ वाहनों को जब्त कर लिया है। जब्त किए गए वाहनों में इनोवा, स्कॉर्पियो और अर्टिगा शामिल हैं। वाहनों के चालकों के खिलाफ BNS की धारा 125, 281, 285, 3 (5) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस सभी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द करने की कार्रवाई कर रही है। बाकी वाहनों की तलाश अभी जारी है। रैली में करीब 80 से अधिक युवा शामिल थे, जिनमें से एक दर्जन युवकों ने वाहनों से लटककर खतरनाक स्टंट किए। सरगजा SSP राजेश अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे खतरनाक स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम सरगांव के द पैलेस रिसॉर्ट में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आयोजन के तहत हुआ था। इस अवसर पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष गुरप्रीत सिंघ बाबरा भी मौजूद थे। पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे खतरनाक स्टंट न करें और कानून का पालन करें, ताकि शहर में सुरक्षा बनी रहे।

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Ambikapur, Chhattisgarh

भिलाई सिसकोल प्लांट में क्रेन हादसा, मजदूर की मौत

दुर्ग जिले के भिलाई में शनिवार सुबह सिसकोल कंपनी के प्लांट में एक दुखद हादसा सामने आया। हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में क्रेन ऑपरेशन के दौरान भारी लोहे का प्लेट मजदूर के ऊपर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय लेखूराम कौशल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, लेखूराम कौशल अपनी नियमित ड्यूटी पर कार्यरत थे और ओवरहेड क्रेन की मदद से भारी लोहे के प्लेट को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर कर रहे थे। हादसे के समय वह क्रेन खुद ही ऑपरेट कर रहे थे। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण प्लेट स्लिप हो गए और सीधे उनके ऊपर गिर पड़े। प्लेट का अत्यधिक वजन होने के कारण लेखूराम को गंभीर चोटें आईं और वह घटनास्थल पर ही जीवन की जंग हार गए। हादसे की सूचना मिलते ही भिलाई-3 थाना और पुरानी भिलाई पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही या तकनीकी खामी के कारण यह दुर्घटना हुई। प्लांट में अचानक हुई यह घटना अफरा-तफरी का कारण बनी। कर्मचारी हादसे से सदमे में हैं और पूरे प्लांट में शोक का माहौल है। पुलिस और कंपनी प्रशासन मिलकर मामले की पूरी जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और क्रेन संचालन के दौरान अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

26 और 30 जनवरी को रायपुर में नहीं बिकेगा मांस-मटन: बेचते पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर। गणतंत्र दिवस और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस के अवसर पर रायपुर शहर में मांस-मटन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। महापौर के निर्देश पर नगर निगम ने 26 जनवरी और 30 जनवरी को नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी मांस-मटन की दुकानों और बूचड़खानों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया है। इन दोनों पावन अवसरों पर शहर में किसी भी प्रकार का मांस-मटन बेचने की अनुमति नहीं होगी। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है। आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्व और महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस पर सार्वजनिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखना तथा शहर में शांति और व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए निगम के सभी जोन में स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करेंगे। मांस-मटन की दुकानों के साथ-साथ होटल, ढाबे और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि कहीं भी नियमों का उल्लंघन न हो। महापौर के निर्देशानुसार, यदि कोई दुकान, होटल या ढाबा प्रतिबंध के बावजूद मांस-मटन की बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो संबंधित सामग्री को तत्काल जब्त किया जाएगा और दोषी व्यक्ति के खिलाफ नगर निगम अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के साथ किसी प्रकार की रियायत नहीं बरती जाएगी। नगर निगम ने शहर के सभी होटल संचालकों, दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर आदेश का पूर्ण रूप से पालन करें। प्रशासन का कहना है कि सभी के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है और राष्ट्रीय व ऐतिहासिक अवसरों की गरिमा को सम्मान दिया जा सकता है।

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Chhattisgarh, Raipur

रायपुर में छॉलीवुड निर्माता पर गंभीर आरोप: गर्लफ्रेंड से मारपीट का मामला, अस्पताल से छुट्टी के बाद भी शिकायत का इंतज़ार

रायपुर में छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री (छॉलीवुड) से जुड़े फिल्म निर्माता और निर्देशक मोहित साहू पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के बाद घायल युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के बाद शुक्रवार 23 जनवरी को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, अब तक पीड़िता ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, जिस वजह से पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए उसके बयान का इंतजार कर रही है। जानकारी के अनुसार, आरोपी मोहित साहू युवती को उज्जैन ले गया था, जहां दोनों के बीच शादी होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि बाद में मोहित साहू ने पहले से दूसरी शादी होने की बात कहकर इस रिश्ते से इनकार कर दिया। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो उसने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। यह पूरा मामला रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत भाटागांव स्थित सिल्वर ओक अपार्टमेंट के ब्लॉक-410 का बताया जा रहा है। 22 जनवरी को हुई इस घटना के बाद युवती लहूलुहान हालत में पुरानी बस्ती थाने पहुंची थी और शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी। पुलिस जांच के दौरान फ्लैट के अंदर टूटी हुई कुंडी और खून के निशान मिले हैं, जिससे हिंसक झड़प की पुष्टि होती है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवती के सिर से खून बहता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि उस पर किसी ठोस वस्तु से हमला किया गया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। बताया जा रहा है कि घटना के समय कॉलोनी के सुरक्षा गार्ड और कुछ स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए थे। आरोप है कि स्थिति को संभालने के लिए मोहित साहू ने सुरक्षाकर्मियों से माफी भी मांगी। पुलिस ने युवती को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा था। पुरानी बस्ती थाना प्रभारी शीलआदित्य सिंह ने बताया कि युवती के लिखित आवेदन मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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Chhattisgarh, Raipur

रायपुर T20 में भारत का जलवा, न्यूजीलैंड पर 7 विकेट से शानदार जीत

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मुकाबले में दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 7 विकेट से मात दी और 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। भारत ने 209 रन के बड़े लक्ष्य को मात्र 15.2 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। सीरीज का तीसरा मुकाबला अब 25 जनवरी को गुवाहाटी में खेला जाएगा। इस जीत के नायक कप्तान सूर्यकुमार यादव रहे, जिन्होंने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनके साथ ईशान किशन ने भी कमाल दिखाते हुए 32 गेंदों में 76 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच 122 रन की जबरदस्त साझेदारी हुई, जिसने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। भारत की जीत के बाद स्टेडियम में मौजूद फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दर्शकों ने इसे “पैसा वसूल मैच” बताया। ओडिशा से आए राजेंद्र देव ने कहा कि वे टीम इंडिया को चीयर करने आए थे और खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखकर बेहद खुश हैं। मैच देखने कई परिवार और बच्चे भी पहुंचे, जिन्होंने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों से मिलने की इच्छा जताई। मैच के चलते रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था पर भी खासा असर पड़ा। अलग-अलग जिलों और शहर से बड़ी संख्या में दर्शक दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पहुंचे, जिससे अटल एक्सप्रेस हाईवे, तेलीबांधा चौक और वीआईपी रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने रूट डायवर्जन और भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया था। वहीं छत्तीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा इस बार कुछ नए नियम भी लागू किए गए थे। पहली इनिंग के बाद स्टेडियम में एंट्री बंद कर दी गई, जिससे देर से पहुंचने वाले कई दर्शक मायूस नजर आए। इसके बावजूद रायपुर टी-20 मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गया।

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Chhattisgarh, Raipur, Sports

रायगढ़ में 75KG के 5 अजगरों का रेस्क्यू, 8–10 फीट लंबे; खेत में मच गया था हड़कंप, जानिए बचाव के तरीके

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक किसान के खेत से 5 विशाल अजगरों का एक साथ रेस्क्यू किया गया है। इन सभी अजगरों का कुल वजन करीब 75 किलोग्राम बताया जा रहा है, जबकि प्रत्येक अजगर की लंबाई 8 से 10 फीट के बीच है।स्नैक कैचर टीम ने करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी अजगरों को सुरक्षित पकड़ा। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खेत में पानी भरते समय दिखे 5 अजगर घटना पुसौर ब्लॉक के जामपाली गांव की है। किसान चित्रसेन चौहान रोज की तरह अपने खेत में पानी डाल रहे थे, तभी अचानक उन्हें एक साथ 5 अजगर दिखाई दिए। अजगरों को देखकर किसान घबरा गया और गांव वालों को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। एक साथ इतने बड़े अजगर निकलने से गांव में दहशत फैल गई और लोग खेतों की ओर जाने से डरने लगे। मेड़ के बिलों में घुस गए थे अजगर सूचना मिलने पर स्नैक रेस्क्यू फाउंडेशन की टीम मौके पर पहुंची। टीम में अजय सिंह, आयुष, प्रियांशु सहित अन्य सदस्य शामिल थे।रेस्क्यू के दौरान अजगर बेहद फुर्तीले थे। जैसे ही टीम ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, वे खेत की मेड़ों में बने बिलों में घुस गए। कई बार अजगरों ने फुफकार कर रेस्क्यू टीम को डराने की भी कोशिश की। 4 घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू रेस्क्यू टीम ने सुबह करीब 11 बजे ऑपरेशन शुरू किया, जो दोपहर 3:30 बजे तक चला। काफी संघर्ष के बाद सभी 5 अजगरों को सुरक्षित पकड़ा गया।रेस्क्यू के बाद अजगरों को बोरियों में डालकर नवापाली क्षेत्र के जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। पानी भरने से बाहर निकले थे अजगर स्नैक कैचर अजय सिंह के अनुसार, खेत में पानी भरने की वजह से अजगर अपने बिलों से बाहर निकल आए थे। शिकार की तलाश में वे खेत में इधर-उधर घूम रहे थे, जिससे ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ गया था। पहले भी मिल चुके हैं एक साथ 21 अजगर यह पहली घटना नहीं है। करीब 6 महीने पहले, बारिश के मौसम में रायगढ़ जिले के ननसियां गांव में एक ही स्थान पर अजगर के 21 अंडे मिले थे। बाद में सभी अंडों से बच्चे निकले और उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया था।

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