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होटल में जबरन घुसी पुलिस, हाईकोर्ट ने ठोका ₹1 लाख का जुर्माना; बिना FIR होटल मालिक को भेजा था जेल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस की कथित मनमानी पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। एक होटल में बिना अनुमति घुसकर कार्रवाई करने, होटल संचालक से मारपीट करने और बिना एफआईआर के जेल भेजने के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए राज्य सरकार पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही अदालत ने सरकार को यह छूट दी है कि जांच के बाद दोषी पुलिस अधिकारियों के वेतन से यह राशि वसूल की जा सकती है। होटल में ठहरे थे आधार कार्ड देकर मेहमान मामला कोहका इलाके में संचालित एक होटल से जुड़ा है। होटल में ठहरे लोगों ने वैध पहचान दस्तावेज (आधार कार्ड) जमा किए थे। इसके बावजूद पुलिस ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के होटल में घुसकर कमरों की तलाशी ली और महिला-पुरुष को बाहर निकाल दिया। होटल संचालक ने हाईकोर्ट में दी चुनौती होटल संचालक आकाश कुमार साहू (30), जो भिलाई के अवंतीबाई चौक के निवासी और लॉ स्टूडेंट हैं, ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि वह विधिवत लाइसेंस लेकर होटल का संचालन कर रहे हैं और यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार में आता है। 8 सितंबर 2025 को हुई थी पूरी घटना याचिकाकर्ता के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को पुलिस अधिकारी होटल पहुंचे और गुमशुदा लड़की की तलाश के नाम पर रजिस्टर और पहचान पत्रों की जांच की। इसके बाद बिना महिला पुलिस की मौजूदगी एक कमरे में जबरन घुस गए, जहां महिला और पुरुष ठहरे हुए थे। मैनेजर के साथ बदसलूकी की गई और धमकाकर पुलिस वहां से चली गई। कुछ देर बाद पुलिस फिर होटल पहुंची और कर्मचारियों पर सोने के गहनों की चोरी का झूठा आरोप लगाया। जब कर्मचारियों ने CCTV कैमरे दिखाने की बात कही, तो पुलिस जांच के बजाय कमरों की तलाशी लेने लगी। मैनेजर की पिटाई, मालिक को बिना FIR किया गिरफ्तार आरोप है कि पुलिस ने होटल मैनेजर की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद होटल मालिक आकाश साहू को बुलाया गया। खुद को संचालक बताने पर पुलिस अफसर भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। बिना किसी वैध कारण और बिना एफआईआर दर्ज किए आकाश साहू को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया और बाद में जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा: सरकारी काम में डाली बाधा पुलिस का पक्ष था कि वे गुमशुदा लड़की की तलाश में होटल गए थे। उनका दावा था कि होटल संचालक ने सरकारी काम में बाधा डाली, पुलिस वाहन की चाबी छीनी और ड्राइवर से हाथापाई की, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। इसी आधार पर बीएनएस की धारा 170 के तहत हिरासत में लिया गया। हाईकोर्ट का सख्त रुख मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि: अदालत ने कहा कि ऐसी कार्रवाई मानवीय गरिमा को ठेस पहुंचाती है और यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। एसडीएम की भूमिका पर भी सवाल हाईकोर्ट ने इस मामले में एसडीएम की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। कहा कि मजिस्ट्रेट को न्यायिक प्रहरी की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने बिना सोच-विचार किए पुलिस की रिपोर्ट पर मुहर लगाकर युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सभी आपराधिक कार्रवाई रद्द हाईकोर्ट ने: हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि पुलिस की अवैध कार्रवाई और गैरकानूनी रिमांड से आपराधिक न्याय प्रणाली पर जनता का भरोसा कमजोर होता है। अदालत ने गृह विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि पुलिस बल को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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दुर्ग में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने खुद को किया आग के हवाले, 95% झुलसी; कोर्ट के आदेश पर खाली कराया जा रहा था मकान

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। गुरुवार को महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की, जिसमें वह गंभीर रूप से झुलस गई। पीड़िता को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की घटना यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा इलाके का है। पीड़िता की पहचान शबाना निशा उर्फ रानी (37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो यहां एक किराए के मकान में रहती थी। कोर्ट के आदेश पर पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार, मकान मालिक और किराएदार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला जिला न्यायालय तक पहुंचा, जहां से मकान मालिक के पक्ष में फैसला आया। कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस और कोर्ट स्टाफ मकान खाली कराने पहुंचे थे। इसी दौरान शबाना निशा अचानक घर के अंदर गई और मिट्टी तेल डालकर खुद को आग लगा ली। आग लगते ही बाहर निकली, लोगों ने चादर से बुझाई प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद शबाना जलती हालत में घर से बाहर निकली। स्थिति को देखकर पुलिस और कोर्ट स्टाफ पीछे हट गए। मौके पर मौजूद लोगों ने चादर की मदद से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक वह करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी। जिला अस्पताल से रायपुर रेफर घटना के तुरंत बाद शबाना को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। 40-45 साल से उसी मकान में रह रही थी पीड़िता के मामा लियाकत अली ने बताया कि शबाना बचपन से ही उस मकान में रह रही थी और करीब 40 से 45 वर्षों से किराएदार थी। पिछले कुछ महीनों से मकान खाली करने को लेकर उस पर दबाव बनाया जा रहा था। राजनीतिक पृष्ठभूमि भी रही शबाना निशा कांग्रेस पार्टी से जुड़ी रही हैं। उन्होंने पिछले दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 (पचरीपारा) से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव भी लड़ा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

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रायपुर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला: 15 हजार पदों पर होगी भर्ती, जानिए जरूरी दस्तावेज

राजधानी रायपुर में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला 29, 30 और 31 जनवरी को सेजबहार स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में लगेगा। इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कई नामी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जहां करीब 15,000 रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। जिलावार तय होंगे इंटरव्यू रोजगार विभाग के अनुसार, जिले के अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार की तिथियां अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।29 जनवरी (गुरुवार) को रायपुर जिले के पंजीकृत उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा, जबकि अन्य जिलों के आवेदकों के लिए अलग-अलग दिन तय किए गए हैं। मेले में शामिल होने के लिए पंजीयन अनिवार्य रोजगार मेले में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों का www.erojgar.cg.gov.in पोर्टल पर दोनों अनिवार्य हैं। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक पंजीयन नहीं कराया है, वे पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।जिन उम्मीदवारों ने पहले से राज्य स्तरीय रोजगार मेले के लिए पंजीयन कर रखा है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं होगी। अधूरे आवेदन को अपडेट किया जा सकता है। इंटरव्यू के समय ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी रोजगार मेले में साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों को निम्न दस्तावेज साथ लाने होंगे— सहायता के लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था रोजगार मेले से संबंधित अधिक जानकारी मेला स्थल पर बनाए गए हेल्पडेस्क या जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर से प्राप्त की जा सकती है।

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रायपुर में जमीन सौदे में 20 लाख की ठगी: दो बहनों पर बैंककर्मी से धोखाधड़ी का आरोप

राजधानी रायपुर में जमीन बिक्री के नाम पर 20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। एक बैंककर्मी ने आरोप लगाया है कि बैरन बाजार स्थित भूखंड को बेचने का सौदा कर दो सगी बहनों ने एडवांस राशि ले ली, लेकिन तय समय के भीतर रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि अब उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जमीन सौदे का पूरा घटनाक्रम फाफाडीह स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी बैंककर्मी विजय पटेल (44 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि बैरन बाजार की रहने वाली शहनाज खान और शफिका खान से उन्होंने जमीन खरीदने का सौदा किया था। दोनों पक्षों के बीच बैरन बाजार रायपुर स्थित भूखंड क्रमांक 16/05 और 18/05 (कुल रकबा लगभग 2604 वर्गफुट) को 1 करोड़ 40 लाख रुपए में बेचने का एग्रीमेंट हुआ था। 20 लाख बयाना, फिर टालमटोल एग्रीमेंट के तहत 18 जुलाई 2025 को पीड़ित ने 20 लाख रुपए बयाना दिया था। इसमें 15 लाख रुपए नकद और 5 लाख रुपए चेक के माध्यम से दिए गए। समझौते के अनुसार तीन महीने के भीतर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित का आरोप है कि वह लगातार संपर्क करता रहा, लेकिन हर बार उसे अलग-अलग बहानों से टाल दिया गया। कानूनी नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे रजिस्ट्री ऑफिस शक गहराने पर पीड़ित ने अपने वकील के माध्यम से 8 अक्टूबर 2025 को कानूनी नोटिस भेजा और 14 अक्टूबर को रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित रहने की सूचना दी। तय तारीख को पीड़ित रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचा, लेकिन आरोपी वहां नहीं आए। इस संबंध में फोटो और अन्य सबूत भी शिकायतकर्ता के पास मौजूद हैं। झूठे केस में फंसाने का आरोप पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि शहनाज खान का बेटा सदफ रजिस्ट्री नहीं कराना चाहता और उल्टा उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने दर्ज किया मामला कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि बैंककर्मी की शिकायत पर दोनों महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में आज IND vs NZ टी-20 मुकाबला: ट्रैफिक रूट जारी, नया रायपुर में भारी वाहनों की एंट्री बैन

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला जाएगा। मैच को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। दोनों टीमें गुरुवार को ही रायपुर पहुंच चुकी हैं। मैच देखने आने वाले दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया गया है। भीड़ और जाम से बचने के लिए नया रायपुर क्षेत्र में दोपहर 12 बजे से रात 1 बजे तक मध्यम और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। एंट्री टाइम और नियमों में बदलाव छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के अनुसार, मुकाबला शाम 7 बजे से शुरू होगा, जबकि दर्शकों के लिए स्टेडियम के गेट दोपहर 4 बजे खोल दिए जाएंगे।संघ ने स्पष्ट किया है कि पहली पारी समाप्त होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम पिछले वनडे मैच के दौरान हुई अव्यवस्था से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा को और सख्त किया गया है। स्टेडियम के सभी गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड और CSCS स्टाफ की तिहरी निगरानी रहेगी। बाउंड्री लाइन पर भी बाउंसर्स तैनात किए जाएंगे, ताकि कोई दर्शक मैदान में प्रवेश न कर सके। 800 से 25 हजार तक टिकट, सभी 35 हजार बिके इस टी-20 मुकाबले के लिए टिकट की कीमत 800 रुपए से लेकर 25 हजार रुपए तक रखी गई थी। शुरुआत के तीन दिनों में टिकट बिक्री धीमी रही, लेकिन चौथे दिन सभी 35,000 टिकट पूरी तरह बिक गए। CSCS अध्यक्ष ने क्या कहा CSCS अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली बार सुरक्षा में कुछ कमियां रही थीं, जिस पर BCCI ने भी संज्ञान लिया था। इस बार सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी की गई है और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी। IND vs NZ टीम स्क्वॉड टीम इंडिया:सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर) न्यूजीलैंड:मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फॉल्क्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, ईश सोढ़ी

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रायपुर साहित्य उत्सव की शुरुआत आज: 42 सत्र, 120 से ज्यादा साहित्यकार; आज होगा चर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन

छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को एक बड़ा मंच मिला है। अटल नगर नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आज से रायपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ हो गया है। यह आयोजन 25 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें साहित्य, संस्कृति, समाज और समकालीन मुद्दों पर व्यापक विमर्श होगा। उत्सव का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। आयोजन में देश-प्रदेश से आए लेखक, कवि, बुद्धिजीवी और विचारक हिस्सा ले रहे हैं। आज होगा पद्मश्री मनोज जोशी का बहुचर्चित नाटक ‘चाणक्य’ साहित्य उत्सव के पहले दिन, आज शाम 7 बजे पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी द्वारा चर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही बुक स्टॉल्स में साहित्य प्रेमियों की भीड़ देखने को मिलेगी। 3 दिन में 42 सत्र, 120 से अधिक नामचीन हस्तियां होंगी शामिल रायपुर साहित्य उत्सव में कुल 42 साहित्यिक और बौद्धिक सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश और प्रदेश के करीब 120 ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि, शिक्षाविद और विचारक शामिल होंगे। सत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और बौद्धिक विषयों पर चर्चा की जाएगी। लेखिका एवं पत्रकार शिखा वार्ष्णेय, कवि कमलेश कमल, डॉ. गोपाल कमल और नवगीत के शिखर पुरुष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। ये प्रमुख साहित्यकार और रचनाकार भी रहेंगे मौजूद साहित्यिक चर्चाओं में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के संचालक विकास दवे, लेखक अजय के. पांडे (यू आर माई बेस्ट वाइफ), उपन्यासकार इंदिरा दांगी, लेखिका सोनाली मिश्र, विदुषी जयश्री रॉय, फोटोग्राफर-लेखिका डॉ. कायनात काज़ी और लेखक-वक्ता अनिल पांडेय शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीतों पर विशेष सत्र उत्सव में छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीतों के लिए अलग सत्र रखे गए हैं। इसमें कवि रामेश्वर वैष्णव, रामेश्वर शर्मा, मीर अली मीर, शशि सुरेंद्र दुबे और लोकगीत सत्र में डॉ. पी.सी. लाल यादव, शकुंतला तरार, बिहारीलाल साहू, डॉ. विनय कुमार पाठक अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 10 हजार से ज्यादा पंजीकरण, स्थल पर भी होगा रजिस्ट्रेशन अब तक 10,000 से अधिक साहित्य प्रेमी रायपुर साहित्य उत्सव के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं। जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, वे आयोजन स्थल पर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। साहित्यकारों के नाम पर रखे गए मंडप उत्सव के विभिन्न मंडपों का नाम प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर रखा गया है। मुख्य मंडप का नाम ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया है। अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव के नाम पर होंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन होगा। इसमें डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, अजय सहाब, अमन अक्षर, डॉ. अंशु जोशी, त्रिलोकचंद्र महावर, हर्षराज हर्ष, डॉ. अजय पाठक और राहुल अवस्थी काव्य-पाठ करेंगे। GENZ, AI, पत्रकारिता और सिनेमा पर होगी चर्चा उत्सव में डिजिटल युग, GENZ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।‘डिजिटल युग के लेखक और पाठक’ और ‘उपनिषद से AI तक: साहित्य की यात्रा’ जैसे विषयों पर विशेष सत्र होंगे। पत्रकारिता, सिनेमा और टेलीविजन पर आयोजित सत्रों में अनुराग बसु, मनोज वर्मा, रुबिका लियाकत और हर्षवर्धन त्रिपाठी शामिल होंगे।

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रायपुर: नरैय्या तालाब के पास पेड़ से लटकी मिली युवती की लाश, पुलिस जांच में जुटी

राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत नरैय्या तालाब के पास शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने तालाब के पास एक पेड़ से लटकी युवती की लाश देखी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतका की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है, हालांकि अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। शिनाख्त के प्रयास जारी पुलिस मृत युवती की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है। साथ ही थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला कौन थी और यहां कैसे पहुंची। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि युवती मौके पर अकेली आई थी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ। आत्महत्या या हत्या, दोनों एंगल से जांच फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इलाके में फैली दहशत इस घटना के बाद नरैय्या तालाब और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को मृत महिला के बारे में कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को सूचित करें।

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बिरयानी ऑर्डर से इनकार पर जोमैटो डिलीवरी बॉय ने दी जान से मारने की धमकी

फोन पर गाली-गलौज, 6 बार कॉल कर किया परेशान; पीड़ित ठेकेदार थाने पहुंचा राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिरयानी का पार्सल लेने से मना करने पर कथित जोमैटो डिलीवरी बॉय ने एक ठेकेदार को न सिर्फ फोन पर गालियां दीं, बल्कि घर में घुसकर जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित ठेकेदार ललित प्रजापति ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। कैसे शुरू हुआ विवाद ललित प्रजापति ने पुलिस को बताया कि 21 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे वह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान एक अज्ञात नंबर से उन्हें लगातार 3 से 4 बार कॉल आए। कॉल करने वाले युवक ने खुद को जोमैटो डिलीवरी कर्मी बताते हुए कहा कि उनके नाम से बिरयानी का ऑर्डर आया है और पार्सल कहां देना है। ललित ने साफ कहा कि उन्होंने कोई फूड ऑर्डर नहीं किया है और इसे रॉन्ग नंबर बताते हुए कॉल काट दिया। गाली-गलौज और धमकी का आरोप कुछ समय बाद जब ठेकेदार घर के बाहर स्थित चाहत मेडिकल स्टोर पर सामान खरीद रहे थे, उसी नंबर से फिर कॉल आया। भुगतान में व्यस्त होने के कारण उन्होंने अपने परिचित दीपक ग्वाल से फोन स्पीकर पर उठाने को कहा। स्पीकर पर बात शुरू होते ही डिलीवरी बॉय ने दोबारा ऑर्डर की बात दोहराई। मना करने पर उसने अशब्द भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां दीं और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। घटना से भयभीत ठेकेदार सीधे थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया केस सिविल लाइन थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर के आधार पर कथित डिलीवरी बॉय की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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CGMSC घोटाला: डायसिस इंडिया के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा गिरफ्तार, 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड

सरकार को तीन गुना महंगे रिएजेंट सप्लाई कराने का आरोप, साजिश की परतें खुलीं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। नवी मुंबई स्थित डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को 22 जनवरी को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब तक 9 से ज्यादा आरोपी गिरफ्त में CGMSC घोटाले में इससे पहले 18 जनवरी 2026 को ACB/EOW ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, इससे पूर्व मोक्षित कॉर्पोरेशन, दुर्ग के संचालक शशांक चोपड़ा समेत पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तक जिन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें इन सभी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप है। 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड गिरफ्तार आरोपियों को 19 जनवरी को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें भी 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। ACB/EOW का कहना है कि जनहित से जुड़ी ‘हमर लैब योजना’ में हुए सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है। कंपनी पॉलिसी दरकिनार कर बढ़ाई गई कीमतें जांच में यह सामने आया है कि डायसिस इंडिया ने अपने रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स के लिए पहले से निश्चित एमआरपी तय कर रखी थी। इसके बावजूद कुंजल शर्मा ने जानबूझकर कंपनी की नीति को नजरअंदाज किया और मोक्षित कॉर्पोरेशन को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अधिक कीमतें प्रस्तावित कीं। शशांक चोपड़ा के साथ साजिश का आरोप ACB की जांच के अनुसार कुंजल शर्मा ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। तय एमआरपी से कहीं अधिक दरों और शर्तों को अनधिकृत रूप से CGMSC को भेजा गया, जिससे टेंडर प्रक्रिया प्रभावित हुई और मोक्षित कॉर्पोरेशन की ऊंची दरों को मंजूरी मिल गई। तीन गुना तक महंगे दामों पर सप्लाई जांच में यह भी सामने आया है कि मोक्षित कॉर्पोरेशन ने वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक महंगे दामों पर रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति की। इससे राज्य सरकार के खजाने को भारी नुकसान हुआ और निजी कंपनियों को करोड़ों का अनुचित लाभ मिला। हमर लैब योजना की गहन जांच जारी ACB/EOW ने स्पष्ट किया है कि हमर लैब योजना के अंतर्गत हुई खरीद प्रक्रिया, भुगतान और आपूर्ति से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्या है पूरा CGMSC घोटाला? CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों की मिलीभगत से सरकार को करीब 411 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि IAS और IFS अधिकारियों की सांठगांठ से महज 27 दिनों में 750 करोड़ रुपये की खरीदी कर ली गई। इस मामले में मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा फिलहाल 23 जनवरी तक ED की कस्टोडियल रिमांड पर है। 8 रुपये की चीज 2352 में, 5 लाख की मशीन 17 लाख में खरीदी जांच में सामने आया है कि इसके अलावा CGMSC ने 300 करोड़ रुपये के रिएजेंट्स की खरीद की। शिकायत से खुला घोटाले का राज दिसंबर 2024 में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने CGMSC में अनियमितताओं की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, CBI और ED से की थी। इसके बाद केंद्र से निर्देश मिलने पर EOW ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद श्री शारदा इंडस्ट्रीज बंद EOW की जांच के घेरे में आने के बाद श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने अपना कारोबार बंद कर दिया। कंपनी की वेबसाइट पर फर्म की स्थिति अस्थायी रूप से बंद दर्शाई जा रही है। यह कंपनी ग्राम तर्रा, तहसील धरसींवा, रायपुर में स्थित थी। कैसे मिलता था टेंडर? EOW की रिपोर्ट के अनुसार CGMSC अधिकारियों ने मोक्षित कॉर्पोरेशन को 27 दिनों में 750 करोड़ रुपये का काम दिया। जरूरत न होने के बावजूद मेडिकल किट और मशीनों की खरीदी की गई।मोक्षित कॉर्पोरेशन और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने कार्टेल बनाकर टेंडर कोडिंग की, जबकि CGMSC अधिकारियों ने शर्तें इस तरह तय कीं कि दूसरी कंपनियां टेंडर से बाहर हो जाएं। 27 जनवरी 2025 को हुई थी बड़ी रेड 27 जनवरी 2025 को EOW की टीम ने रायपुर, दुर्ग और हरियाणा के पंचकुला में एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान मोक्षित कॉर्पोरेशन और उससे जुड़े 16 ठिकानों से अहम दस्तावेज जब्त किए गए। जरूरत न होते हुए भी 300 करोड़ की खरीदी जांच में सामने आया कि कांग्रेस शासनकाल में जनवरी 2022 से अक्टूबर 2023 के बीच जरूरत से ज्यादा रिएजेंट खरीदे गए। 200 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रिएजेंट भेजे गए, जहां न मशीन थी, न तकनीशियन।रीएजेंट की एक्सपायरी केवल 2–3 महीने शेष थी, जिससे बचाव के लिए CGMSC 600 फ्रिज खरीदने की तैयारी में था।

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डेंटल कॉलेज के पीजी-इंटर्न छात्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, स्टाइपेंड समानता और गर्ल्स हॉस्टल की मांग

बातचीत बेनतीजा, अस्पताल सेवाएं प्रभावित राजधानी रायपुर स्थित शासकीय डेंटल कॉलेज के पीजी और इंटर्न छात्र अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। छात्र पिछले 6 दिनों से आंदोलन कर रहे थे, जिसे अब और तेज करते हुए उन्होंने पूर्ण हड़ताल का ऐलान कर दिया है। हड़ताल के दौरान छात्रों ने कॉलेज और अस्पताल परिसर में डॉक्टरों, मरीजों और स्टाफ की आवाजाही रोक दी, जिससे दंत चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। हालात को देखते हुए कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा आंदोलनकारी छात्रों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। छात्रों की प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड में समानता और गर्ल्स हॉस्टल की कमी को दूर करना शामिल है। प्रशासन से बातचीत, नहीं निकला हल हड़ताल की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से लंबी चर्चा की। अधिकारियों ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की, लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों को बसों में भरकर तूता धरना स्थल छोड़ दिया। हालांकि इसके बावजूद हड़ताल जारी रही। मरीजों को हो रही परेशानी हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ा है। इलाज के लिए पहुंचे कई मरीजों को बिना परामर्श लौटना पड़ा।पीड़ित शिव कुमार महानंद ने बताया कि उनके पिता का एक्सीडेंट हुआ है, जिसमें उनका बायां जबड़ा टूट गया, लेकिन छात्रों की हड़ताल के कारण इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के दो प्रमुख मुद्दे 1. स्टाइपेंड में समानता की मांगपीजी और इंटर्न छात्रों का कहना है कि मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों को जिस दर से स्टाइपेंड मिलता है, डेंटल कॉलेज के छात्रों को उससे कम भुगतान किया जा रहा है।छात्रों का तर्क है कि ड्यूटी टाइम, ओपीडी, सर्जरी और मरीजों की जिम्मेदारियां समान होने के बावजूद उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। वे मेडिकल कॉलेज के अनुरूप स्टाइपेंड और उसे बैकडेट से लागू करने की मांग कर रहे हैं। 2. गर्ल्स हॉस्टल की कमीछात्रों ने महिला पीजी छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल सुविधा न होने का मुद्दा भी उठाया है। कई छात्राओं को बाहर किराए के मकान या पीजी में रहना पड़ता है, जिससे सुरक्षा और आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। छात्र कॉलेज परिसर में अतिरिक्त गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। सेवाएं पूरी तरह ठप होने की आशंका हड़ताल के चलते गुरुवार को अधिकांश ओपीडी और उपचार सेवाएं प्रभावित रहीं। कई विभागों में कुर्सियां खाली नजर आईं।छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र होगा। लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने पर दंत चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई जा रही है।

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