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कांकेर में 6 साल की बच्ची से गैंगरेप, महुआ चोरी के इरादे से घर में घुसे थे आरोपी; दो गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कांकेर में 6 साल की बच्चे से गैंगरेप हुआ है। आरोपी घर में चोरी के इरादे से घुसे थे। इस दौरान बच्ची को कमरे में अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात आरोपी महुआ चोरी करने के लिए घर में घुसे थे। इस दौरान माता-पिता कमरे में सो रहे थे। जबकि बच्ची अलग कमरे में सो रही थी। इसके बाद आरोपी उसे उठा ले गए और करीब 300 मीटर दूर ले जाकर बारी-बारी से रेप किया। फिर भाग निकले। जब परिजनों ने बच्ची को बिस्तर पर नहीं पाया तो उन्होंने तलाश शुरू की। आसपास तलाश करने पर भी बच्ची नहीं मिली, जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने देर रात करीब 12:30 बजे कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। घर से 300 मीटर दूर मिली बच्ची पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। बच्ची घर से 300 मीटर दूर एक खेत में अचेत अवस्था में मिली। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। फिलहाल, बच्ची मेडिकल कॉलेज में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। आरोपियों के भेजा गया जेल शनिवार को पुलिस ने जांच के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपी अमित जैन और रोहित जैन को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एडिशनल एसपी योगेश साहू ने पुष्टि की कि गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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दुर्ग में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। समोदा और झेनझरी गांव के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उगाए गए अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में खेत से करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त पौधों की कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। डिजिटल सर्वे में गेहूं और मक्का की खेती दिखाई गई जांच में सामने आया कि फार्महाउस के रिकॉर्ड में डिजिटल सर्वे के दौरान गेहूं और मक्का की खेती दर्ज कराई गई थी, लेकिन उन्हीं फसलों की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने खेती को छिपाने के लिए यह तरीका अपनाया था। सुरक्षा के लिए लगाए गए थे बाउंसर और गेट बताया जा रहा है कि फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे और चारों तरफ गेट लगाए गए थे। इस कारण आम लोगों का फार्महाउस के अंदर जाना लगभग असंभव था। इसी वजह से गांव के लोगों को लंबे समय तक इस अवैध खेती की जानकारी नहीं हो पाई। राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खेती के काम के लिए राजस्थान के जयपुर क्षेत्र से मजदूर बुलाए गए थे। आरोपी विकास बिश्नोई और उसका भाई श्रवण बिश्नोई पहले यहां कपास की खेती करने आए थे, लेकिन बाद में अफीम की खेती शुरू कर दी गई। पूछताछ में विकास बिश्नोई ने बताया कि वह पिछले करीब चार साल से विनायक ताम्रकार के संरक्षण में इस काम में लगा हुआ था। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। दो आरोपी फरार, राजस्थान में तलाश कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई है। जमीन के मालिकों से भी होगी पूछताछ अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह मुधमति बाला और प्रीति बाला के नाम दर्ज है। पुलिस अब दोनों से भी पूछताछ करेगी और उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। अगर जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। कुछ लोगों ने फार्महाउस के अंदर जाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। राजनीति भी हुई तेज इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि अफीम की इस अवैध खेती से जुड़े सभी लोगों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि राम सिंह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्हें देशद्रोही बताया गया और ईरान भेजने की बात कही गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के बाद उजागर हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। घटना का क्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद बिलासपुर में ठाकुर राम सिंह ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खामेनेई के प्रति मातम मनाने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही करार देते हुए ईरान भेजने की बात कही। मुस्लिम समाज में नाराजगी राम सिंह के इस व्यवहार और पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सरकंडा थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि राम सिंह की टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और शहर की शांति भी प्रभावित हो सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला शहर रहा है। ऐसे भड़काऊ बयानों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की संभावना होती है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की किसी भी भड़काऊ टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पुलिस की कार्रवाई सरकंडा थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पंचायत द्वारा उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक दंड सुनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़िता के परिवार को 12 साल तक समाज से अलग रखने का फैसला किया और कई अपमानजनक शर्तें भी रख दीं। यह मामला वाड्रफनगर विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पंचायत की बैठक में सरपंच और पंचों ने आरोपी युवक को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके बहिष्कार का निर्णय लिया। पंचायत के कथित फैसले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार अगले 12 वर्षों तक गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। पंचायत की विवादित शर्तें परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अपमानजनक शर्तें रखीं। सरपंच जवाहिर लाल के अनुसार, अगर परिवार समाज में वापस आना चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। इसके अलावा पूरे गांव को बकरा-भात और शराब का भोज देने की भी बात कही गई। पंचायत के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी डरा और परेशान है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी लेकर पंचायत को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में सरपंच जवाहिर लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंचायत द्वारा परिवार के बहिष्कार की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और यह पंचायत को बदनाम करने की साजिश है। सात महीने की गर्भवती है पीड़िता जानकारी के अनुसार युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में शादी से इंकार करता रहा। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने परिवार को इस बारे में बताया, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी को बसंतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि 25 फरवरी को गांव में पंचायत की बैठक हुई, जिसके बाद पीड़िता के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन जांच कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती का मामला: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्म हाउस में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार विनायक ताम्रकार ने शिवनाथ नदी के किनारे करीब 110 एकड़ क्षेत्र में फार्म हाउस बना रखा था, जिसे चारों ओर से फेंसिंग कर सुरक्षित किया गया था। इसी फार्म हाउस के करीब 11 एकड़ हिस्से में मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस की जांच में खेत से लगभग 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस की निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। फार्म हाउस के गेट पर सख्त निगरानी रहती थी और आम लोगों को आसपास जाने की अनुमति नहीं थी। मौके पर जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि राजस्थान से आए मजदूरों को वहां काम पर रखा गया था और उनके रहने की व्यवस्था भी फार्म हाउस में ही की गई थी। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक, अफीम की खेती निजी जमीन पर की जा रही थी। अगस्त में हुए डिजिटल सर्वे के दौरान यहां मक्का और गेहूं की खेती की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उन्हीं फसलों के बीच अफीम के पौधे भी लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए थे। फार्म हाउस के अंदर जाने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी अवैध खेती कैसे चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बड़े लोगों की संलिप्तता हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और सरकार को जवाब देना होगा कि इस अवैध खेती में कौन-कौन शामिल है। आरोपी का दावा – जमीन मेरी नहीं वहीं मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया पर दी गई थी और जिस हिस्से में अफीम की खेती की गई, वह उनकी जमीन नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार के साथ उसके सहयोगी विकास विश्नोई और फार्म हाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को भी गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम राजस्थान तक पहुंची हुई है।

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छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगम सीटों पर चुनाव लड़ेगी AAP, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी नगर निगम सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसके लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। रायपुर में आयोजित एक संगठनात्मक बैठक में दिल्ली के पूर्व मंत्री और छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी मुकेश अहलावत ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है और पार्टी आने वाले चुनावों में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। मुकेश अहलावत ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के आरोपों से मुक्त होने के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से साफ और ईमानदार राजनीति की बात करती आई है और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देती है। बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि संगठन को बूथ स्तर से लेकर विधानसभा, जिला और लोकसभा स्तर तक मजबूत किया जाए। इसके अलावा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और नगरीय निकाय चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अहलावत ने कार्यकर्ताओं से प्रदेश में चल रही “छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा” और “किसान न्याय जनसभा” जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील भी की, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की बात पहुंच सके।

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रायपुर की किरण निषाद बनीं ‘बिजनेस दीदी’, कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर से बनीं आत्मनिर्भर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम नगपुरा की रहने वाली किरण निषाद महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने प्रयास और सरकारी योजनाओं के सहयोग से खुद का व्यवसाय खड़ा किया और अब अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में चल रही इस योजना से कई महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इसी पहल के तहत किरण निषाद ने भी अपना व्यवसाय शुरू किया। किरण निषाद वर्ष 2014 से बिहान समूह से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन के सहयोग से उन्होंने अपने गांव में कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की, जिससे न केवल उन्हें रोजगार मिला बल्कि आसपास की महिलाओं को भी सुविधाएं मिलने लगीं। किरण बताती हैं कि इस व्यवसाय से उन्हें हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख रुपए तक की आय हो जाती है। इस कमाई से वह अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के खर्चों में मदद कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी’ से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला, जिसके लिए वह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की इस तरह की योजनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

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छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के अस्पताल में ली अंतिम सांस

छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) विश्वरंजन का शनिवार रात निधन हो गया। उन्होंने पटना के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले महीने उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार विश्वरंजन को गंभीर हृदय संबंधी समस्या हुई थी। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठे डीजीपी रहे हैं। वर्ष 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद राज्य सरकार ने उन्हें पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने करीब चार साल तक इस पद पर रहकर कार्य किया और अपने कार्यकाल में पुलिस प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए। उनके नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया था। 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था, हालांकि 2007 से पहले वे राज्य में पदस्थ नहीं रहे थे। वे लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति पर भी रहे और वहां एडिशनल डायरेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

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रायपुर में युवती के फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी, 5 लाख की मांग; आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

रायपुर में एक युवती के कथित अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने का मामला सामने आया है। आरोपी ने युवती की मां से 5 लाख रुपए की मांग की और पैसे नहीं देने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना शहर के टैगोर नगर क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां एक निजी अपार्टमेंट में रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि 5 मार्च की रात करीब 10 बजे वह पुजारी पार्क के पीछे अपने पालतू कुत्ते को टहलाने गई थीं। इसी दौरान बैजनाथपारा निवासी हार्दिक जैन वहां पहुंचा और उनसे बातचीत करते हुए धमकाने लगा। महिला के अनुसार आरोपी ने दावा किया कि उसके पास उनकी बेटी के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हैं। उसने कहा कि अगर परिवार की भलाई चाहती हैं तो 5 लाख रुपए दे दें, नहीं तो वह इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। अचानक मिली इस धमकी से महिला घबरा गईं। उन्होंने उससे सवाल किए तो आसपास कुछ लोग इकट्ठा हो गए, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि अगले दिन 6 मार्च की दोपहर करीब 4 बजे आरोपी ने उन्हें फोन कर दोबारा धमकी दी। इस बार उसने पैसे नहीं देने पर उनके पति को चाकू मारने और उनकी बेटी को घर से उठाने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों से महिला और उनका परिवार काफी डरे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी सतीश ठाकुर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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रायपुर में महिला समेत दो आरोपी गांजा तस्करी करते गिरफ्तार, 6 किलो से ज्यादा गांजा और एक्टिवा जब्त

रायपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 6.140 किलोग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 3.57 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान माधुरी जैन उर्फ डॉली (37) के रूप में हुई है, जो खमतराई थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर उदय जैन की पत्नी है। उदय जैन फिलहाल नारकोटिक एक्ट से जुड़े एक मामले में जेल में बंद है। वहीं दूसरे आरोपी का नाम कृष्ण साहू (18) है, जो रायपुर के सन्यासी पारा इलाके का निवासी है। इस कार्रवाई को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में अंजाम दिया गया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर आरोपियों को पकड़ा। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस को 7 मार्च को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि एक महिला और एक युवक एक्टिवा से आरंग की तरफ से रायपुर की ओर आ रहे हैं और उनके बैग में गांजा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आरंग-रायपुर रिंग रोड पर एक कार शोरूम के पास नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए से मिलती-जुलती एक्टिवा वहां पहुंची। पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। बैग की तलाशी में मिला गांजा पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर आरोपियों के बैग से 6.140 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने गांजा और एक्टिवा (CG-04-NY-9483) को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला गांजा कहां से लेकर आई थी और इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे सिंडिकेट का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।

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