April 2026

बिलासपुर में युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, CCTV में कैद घटना

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक युवक द्वारा बीच सड़क पर खुद को आग लगाने की घटना सामने आई है। इस हादसे में युवक करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे बर्न और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो पास के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। यह मामला बिल्हा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक पहले पेट्रोल पंप से एक डिब्बे में पेट्रोल खरीदता है और फिर बाइक पर रखकर कुछ दूरी तक जाता है। इसके बाद वह सड़क किनारे रुकता है और अचानक खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा लेता है। आग की लपटों में घिरा युवक चीखते हुए करीब 20 मीटर तक भागता है और फिर सड़क पर गिरकर तड़पने लगता है। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पहुंचकर किसी तरह आग बुझाई और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, युवक बिलासपुर जिले के एक गांव का निवासी है और दोपहर के समय पेट्रोल खरीदने के बाद यह घटना हुई। पुलिस की मदद से उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बर्न और ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। प्रारंभिक बयान में युवक ने इसे दुर्घटना बताया है, लेकिन सामने आए वीडियो में वह खुद आग लगाते नजर आ रहा है। इसी वजह से पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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बिलासपुर में म्यूल अकाउंट का खुलासा, बिल्डिंग सप्लायर के खाते से 10 राज्यों की ठगी का पैसा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक म्यूल अकाउंट का पर्दाफाश किया है। मामले में एक बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर पर आरोप है कि वह पिछले कुछ महीनों से अपने बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए कर रहा था। उसके खाते से देश के कई राज्यों से आए लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए। यह कार्रवाई कोनी थाना क्षेत्र में की गई। केंद्र सरकार के पुलिस पोर्टल के जरिए संदिग्ध खाते की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। जांच में आईडीबीआई बैंक के एक खाते पर संदेह हुआ, जिसके ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच के दौरान पता चला कि इस खाते से जुड़े 10 से ज्यादा साइबर फ्रॉड की शिकायतें देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। खाते में ठगी की रकम जमा कर उसे तुरंत आगे ट्रांसफर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने 20 जनवरी 2026 को यह बैंक खाता खुलवाया था। इसके बाद से ही इसमें लगातार संदिग्ध लेनदेन हो रहे थे। आशंका है कि आरोपी ने साइबर ठगों के साथ मिलकर यह अकाउंट उपलब्ध कराया और इसके बदले कमीशन लेता था। तफ्तीश में यह भी सामने आया कि खाते में पैसा आते ही उसे यूपीआई और एटीएम के जरिए निकालकर अन्य खातों में भेज दिया जाता था, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो सके। पुलिस का कहना है कि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को छिपाने और पीड़ितों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

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गंभीर बीमारी से जंग जीतकर छात्रा ने CBSE में 90.4% हासिल किए, व्हीलचेयर पर दी परीक्षा

छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर की एक छात्रा ने असाधारण हिम्मत और संघर्ष का परिचय देते हुए गंभीर बीमारी को मात देकर सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 90.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। महज 15 साल की इस छात्रा को गुइलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसी दुर्लभ बीमारी हो गई थी, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नसों को प्रभावित करता है। बीमारी के दौरान उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और बाद में ट्रैकियोस्टोमी भी करनी पड़ी। कई महीनों तक वह बोल नहीं पा रही थी और इशारों या हाथ पर अक्षर लिखकर ही अपनी बात समझाती थी। इस दौरान उसने अपने भाई से आखिरी बार परिवार से बात कराने की इच्छा भी जताई थी। करीब डेढ़ महीने तक रायपुर में इलाज के बाद उसे नागपुर ले जाया गया, जहां लंबे समय तक उपचार चला। जब वह वापस लौटी तो उसके हाथों में इतनी कमजोरी थी कि पेन पकड़ना भी मुश्किल था। इसके बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी जारी रखी। धीरे-धीरे फिजियोथेरेपी और अभ्यास के जरिए उसने फिर से लिखना सीखा। प्री-बोर्ड परीक्षा उसने व्हीलचेयर पर बैठकर दी और अच्छे अंक हासिल किए। बोर्ड परीक्षा में उसे अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन उसने निर्धारित समय से पहले ही पेपर पूरा कर लिया और शानदार 90.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान उसने कई मरीजों को संघर्ष करते और जान गंवाते देखा, लेकिन उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। अब उसका सपना सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करने का है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह मामला काफी जटिल था और उसे आईसीयू में लगातार निगरानी में रखा गया था। विशेषज्ञों की टीम के समन्वित प्रयास और छात्रा की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही यह संभव हो सका।

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विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR, मानसिक प्रताड़ना के आरोप

रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव आत्महत्या मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण ही यह कदम उठाया गया। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है, जहां 10-11 मार्च 2026 की रात विंग कमांडर का शव उनके सरकारी आवास में फंदे पर लटका मिला था। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने वर्ष 2014 में प्रेम विवाह किया था। पुलिस ने जांच के दौरान परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे काफी समय से मानसिक दबाव में थे। परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें अपने माता-पिता से बातचीत करने तक की अनुमति नहीं थी, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। जांच में कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जो प्रताड़ना के आरोपों को बल देते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ के बाद जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। मामले में थाना प्रभारी ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है और बताया कि आरोपी से जल्द पूछताछ की जाएगी। जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। परिजनों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि मृतक पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और वे मानसिक रूप से दबाव में रहते थे। परिवार के अनुसार, उन्हें अपने बच्चों और माता-पिता से भी खुलकर बात करने का मौका नहीं मिलता था। मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा अपने निजी जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं करता था, लेकिन वे लगातार तनाव में नजर आता था। परिवार ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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RTE फीस बढ़ाने की मांग पर 5 हजार निजी स्कूल बंद, असहयोग आंदोलन तेज

छत्तीसगढ़ में आरटीई के तहत मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को प्रदेशभर के करीब 5 हजार निजी स्कूलों में ताला लगा रहा। इससे पहले एक दिन स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपनी नाराजगी जताई थी। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने साफ कहा है कि जब तक सरकार आरटीई के तहत मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी नहीं करती, तब तक लॉटरी से चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह आंदोलन 1 मार्च से जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से आरटीई प्रतिपूर्ति राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति छात्र 7,000 रुपये और माध्यमिक स्तर के लिए 11,400 रुपये दिए जाते हैं, जबकि स्कूल संचालन की लागत लगातार बढ़ रही है। इससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर कई बार सरकार से चर्चा की गई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इसी वजह से अब आंदोलन को और तेज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं होतीं, तो विरोध और उग्र हो सकता है। फिलहाल स्कूल बंद रखकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इधर, सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने स्कूलों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को पात्र छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में गर्मी को देखते हुए 20 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश भी घोषित किया जा चुका है, ऐसे में स्कूल बंद रहने से छात्रों के लिए छुट्टियों जैसी स्थिति बन गई है।

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जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का विरोध, भीषण गर्मी में सर्वे को बताया अव्यवहारिक

छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होने वाली जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मई-जून की तेज गर्मी में घर-घर जाकर सर्वे करना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा होगा। एक ओर इस समय स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां रहती हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को फील्ड में काम करने के लिए भेजा जा रहा है, जिसे उन्होंने अव्यवहारिक बताया है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि इस फैसले में मौसम की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया है। तेज धूप और उच्च तापमान में लंबे समय तक बाहर रहकर डोर-टू-डोर सर्वे करना न केवल कठिन है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना ड्यूटी के समय और प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा स्मार्टफोन की अनिवार्यता को लेकर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। सरकारी निर्देश के अनुसार, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड 12.0 या उससे ऊपर का मोबाइल होना जरूरी किया गया है। ऐसे में जिनके पास पुराने फोन हैं, उन्हें नया स्मार्टफोन खरीदना पड़ेगा, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। राज्य में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं का डेटा एकत्र किया जाएगा। कर्मचारी निर्धारित समय में घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे सर्वे के दौरान कर्मचारियों को दिखाना होगा। इस चरण में मकान की स्थिति, उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता, परिवारों की संख्या समेत कुल 33 प्रकार की जानकारियां ली जाएंगी। साथ ही पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के ईंधन, इंटरनेट और अन्य सुविधाओं से जुड़े सवाल भी शामिल रहेंगे। घर में रहने वाले सदस्यों और उपयोग किए जाने वाले वाहनों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।

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रायपुर में लोन के नाम पर 27.50 लाख की ठगी, एजेंटों ने दस्तावेज लेकर कई बैंकों से उठाया कर्ज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति को आसान प्रक्रिया से लोन दिलाने का भरोसा देकर उसके दस्तावेज हासिल किए और उन्हीं कागजात के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लाखों रुपये का कर्ज निकाल लिया। पंडरी थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के मुताबिक, पीड़ित से दो आरोपियों ने संपर्क कर उसे भरोसा दिलाया कि वे बिना किसी परेशानी के बैंक से लोन दिलवा देंगे। इस प्रक्रिया के लिए उन्होंने जरूरी दस्तावेजों के साथ 5 हजार रुपये भी जमा कराए और जल्द लोन मंजूर होने का आश्वासन दिया। बताया गया है कि जुलाई 2025 से अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने पीड़ित की जानकारी के बिना उसके नाम पर विभिन्न बैंकों से कुल 27 लाख 50 हजार रुपये का लोन ले लिया। इस पूरे मामले की भनक पीड़ित को तब लगी, जब बैंक की ओर से किस्त जमा करने और बकाया राशि के नोटिस मिलने लगे। नोटिस मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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रायपुर में जल संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन, मटका लेकर निगम जोन दफ्तर का घेराव

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मोवा स्थित नगर निगम के जोन कार्यालय का घेराव करते हुए कार्यकर्ता मटका लेकर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि तेज गर्मी के बावजूद इलाके में पानी की समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मोवा क्षेत्र की अशोका इम्प्रेशन और दुबे कॉलोनी में करीब 84 परिवार पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं। जल सप्लाई बाधित होने के कारण लोगों को पीने का पानी तक मुश्किल से मिल पा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल फरवरी से जुलाई के बीच यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है। नल सूख जाते हैं और टंकियों में पानी नहीं पहुंचता, जिससे लंबे समय तक संकट बना रहता है। मजबूरी में लोगों को टैंकर या पैकेज्ड पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे घरेलू खर्च बढ़ गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर समस्या दूर नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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अफेयर के शक में युवक ने की प्रेमिका की हत्या, दुर्ग में किराए के कमरे में गला घोंटा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर दी। युवक को शक था कि उसकी गर्लफ्रेंड का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर उसकी जान ले ली। मृतका की पहचान 26 वर्षीय युवती के रूप में हुई है, जो खैरागढ़ जिले की रहने वाली थी और दुर्ग में पढ़ाई कर रही थी। वहीं आरोपी युवक बालोद जिले का निवासी है। दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी और वे बी.एड की पढ़ाई कर रहे थे। घटना पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर आरोपी अपनी प्रेमिका को अपने किराए के कमरे में लेकर गया, जहां फिर से दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने युवती का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने खुद डायल-112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया और बताया कि युवती बेहोश हो गई है। मौके पर पहुंची टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। परिजनों के अनुसार, युवती हाल ही में अपने गांव गई थी और एक दिन पहले ही दुर्ग लौटी थी। परिवार को आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार दुर्ग पहुंचा और आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग की है।

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रायगढ़ में सड़क हादसा: ट्रेलर की चपेट में आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, मुआवजे की मांग पर चक्काजाम

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौके पर ही मौत हो गई। महिला अपने पति और बच्चे के साथ स्कूटी से जा रही थी, तभी तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से टक्कर मार दी। यह घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार ग्राम टूंड्री रामपुर निवासी 33 वर्षीय उमा राठिया शुक्रवार सुबह अपने परिवार के साथ सिंघनपुर जा रही थी। इसी दौरान लापरवाही से चलाए जा रहे ट्रेलर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उमा राठिया ट्रेलर के पहिए के नीचे आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका पति और बच्चा सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे उन्हें हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और आक्रोश जताया। मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग के अनुसार पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया गया। फिलहाल फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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