March 2026

छत्तीसगढ़ में एलपीजी सुरक्षा और वितरण व्यवस्था में कड़ा कदम: पुलिस और होमगार्ड करेंगे निगरानी

छत्तीसगढ़ सरकार ने रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए अहम निर्णय लिया है। राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने गुरुवार को ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक कर इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले किए। अब एलपीजी वितरण केंद्रों और गोदामों की निगरानी पुलिस और होमगार्ड के जवान करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामा न हो। बैठक में बढ़ती मांग और संभावित संकट को देखते हुए बड़ी घोषणा की गई। अब कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं जैसे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को पिछले महीने की उनकी कुल खपत का केवल 20 प्रतिशत ही एलपीजी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य घरेलू उपयोगकर्ताओं और अनिवार्य सेवाओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना है। डिलीवरी प्रणाली में समय-सीमा तय खाद्य सचिव ने वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की है। शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को 25 दिन के भीतर ऑनलाइन रिफिल बुकिंग की सुविधा मिलेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में यह समय-सीमा 45 दिन रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समय पर रिफिल प्राप्त कर सकें और किसी को भी गैस की कमी का सामना न करना पड़े। प्राथमिकता सूची गैस की किल्लत की स्थिति में शासन ने प्राथमिकता वाले संस्थानों की सूची भी जारी की है। सबसे पहले स्टॉक निम्नलिखित संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा: हर दिन स्टॉक की जानकारी भेजनी होगी भीड़ और हंगामा रोकने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड तैनात की जाए। इसके अलावा, ऑयल कंपनियों को हर दिन स्टॉक और वितरण की जानकारी विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है। वितरकों को यह भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रखें और किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान करें। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह कदम राज्य में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए उठाया गया है।

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पूर्व मंत्री के फॉलो वाहन ने बाइक को टक्कर मारी, 2 युवकों की मौत | VIDEO

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर-रायपुर NH-30 पर एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के काफिले की फॉलो वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों युवक टक्कर लगते ही करीब 50 मीटर दूर तक उछलते नजर आए। घटना इतनी भयानक थी कि दोनों की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बुधवार, 25 मार्च को बालेंगा पेट्रोल पंप के पास हुआ। बताया जा रहा है कि फॉलो वाहन की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बोलेरो वाहन के चालक हिमांशु चक्रवर्ती को पूर्व मंत्री के काफिले में शामिल होना था, लेकिन समय पर नहीं पहुँच पाए। काफिले को कवर करने की जल्दी में उन्होंने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान सामने से बाइक पर कमलेश उइके (40) और राम प्रसाद चिरम (30) आ रहे थे। दोनों मिस्त्री अपने निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। अचानक बाइक को मोड़ते ही तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर बिखर गए। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने गुस्से में वाहन चालक को घेर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। एक युवक की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक दुबेगांव, जगदलपुर के रहने वाले थे। प्राथमिक जांच में पुलिस ने तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ने को हादसे की मुख्य वजह बताया है। बालेंगा इलाके में निर्माण कार्य और सड़क पर बढ़ी भीड़ भी हादसे को और गंभीर बना रही थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो और तस्वीरों से यह साफ नजर आ रहा है कि सड़क पर तेज रफ्तार वाहन कितनी जानलेवा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि काफिले में वाहन तेज चलाने से जान का जोखिम बढ़ जाता है। इस हादसे ने इलाके में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद परिवार और स्थानीय लोग शोक में हैं। मृतकों के परिजनों को नुकसान की भरपाई और न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। प्रशासन और पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। यह दुखद हादसा यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन नियंत्रित करना कितना महत्वपूर्ण है। काफिले और बड़े वाहन चालक को सड़क नियमों का पालन करना चाहिए ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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बस्तर में सेंट्रल फोर्स हटेंगी, पुलिस कैंप होंगे विकास और स्वास्थ्य केंद्र: गृह मंत्री विजय शर्मा का ऐलान

छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कैंप बंद नहीं होंगे, बल्कि इन्हें पूरी तरह विकास और प्रशासनिक केंद्र के रूप में बदला जाएगा। गृह मंत्री ने बताया कि नक्सल ऑपरेशन में लगी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की वापसी तुरंत शुरू हो जाएगी और राज्य की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ पुलिस संभालेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि 31 मार्च बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की अंतिम तारीख है और इसमें कोई विस्तार नहीं होगा। सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला फैसला पुलिस कैंपों को लेकर है। अब तक खूनी संघर्ष का गवाह रहे ये कैंप भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाओं के केंद्र में बदल दिए जाएंगे। इस योजना के तहत हर कैंप में अस्पताल और विकास केंद्र खोले जाएंगे, ताकि क्षेत्र में प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को तेजी से बढ़ाया जा सके।

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रायगढ़ में नौकरी का झांसा देकर 20 लाख की ठगी, दुर्ग से आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नौकरी दिलाने के झांसे में तीन लोगों से कुल 20 लाख 4 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने नौकरी न मिलने पर पीड़ितों को फर्जी चेक देकर धोखा दिया। पुलिस ने आरोपी को दुर्ग से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा। जानकारी के अनुसार, पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम घुघवा निवासी कुंजबिहारी पटेल ने 22 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई। ग्राम गोपालपुर निवासी सितेश पाणिग्राही ने मंत्रालय में पहचान होने और सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे 4 लाख 58 हजार 300 रुपये और बाद में 3 लाख 69 हजार रुपये लिए। कुछ महीनों तक नौकरी नहीं मिलने पर जब कुंजबिहारी ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने धीरे-धीरे देने का झांसा देकर टालमटोल किया। बाद में पता चला कि उसने इसी तरह अन्य लोगों से भी ठगी की, जिनमें मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3 लाख 77 हजार और देवकुमार से 8 लाख रुपये शामिल हैं। पीड़ितों को आरोपी ने दुर्ग ले जाकर विवेक कुमार से मिलवाया। दोनों ने नौकरी का झांसा देकर फर्जी चेक दिए, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ितों को समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर विवेक कुमार को दुर्ग से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में नौकरी का झांसा देकर पैसे लेने की बात स्वीकार की। आरोपी के कब्जे से बैंक चेक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, दूसरे आरोपी सितेश पाणिग्राही की तलाश जारी है। SSP शशि मोहन सिंह ने आम जनता से सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

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रायगढ़ में शादी विवाद के दौरान जीजा ने साले को पीटा, इलाज के दौरान हुई मौत; आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शादी समारोह के दौरान जीजा ने अपने बड़े साले को बांस के डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान साले की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और उसे जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, पंचराम निषाद (43) अपने परिवार के साथ ग्राम कुजेमुरा में जाति समाज के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। 14 मार्च की रात घर जाने को लेकर उनका अपने बड़े साले झस्केतन निषाद (49) से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर पंचराम ने झस्केतन पर बांस के डंडे से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें पहले उर्जानगर के जिंदल अस्पताल में भर्ती कराए, फिर हालत गंभीर होने पर रायपुर के आरोग्य अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 19 मार्च को उनकी मौत हो गई। मामले की जांच तमनार पुलिस ने शुरू की। गवाहों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने पाया कि पंचराम ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को हुंकराडीपा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया और घटना में इस्तेमाल बांस का डंडा भी बरामद हुआ। अंततः आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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रायगढ़ में नाबालिग से छेड़छाड़: आरोपी को 5 साल की जेल, जुर्माना भी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक शराबी युवक द्वारा नाबालिग बच्ची से गलत हरकत करने का मामला सामने आया है। रात के समय आरोपी ने सुनसान जगह का फायदा उठाकर बच्ची को जबरदस्ती पकड़ लिया, लेकिन बच्ची ने हिम्मत दिखाते हुए उसे धक्का दिया और वहां से भागकर घर पहुंच गई। घर पहुंचकर उसने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। जानकारी के अनुसार, 8 जुलाई 2025 की रात गांव का 23 वर्षीय युवक चैतराम पाव शराब के नशे में बच्ची के घर पहुंचा था। उसकी हालत देखकर बच्ची की मां ने बेटी से उसे घर तक छोड़ आने को कहा। रास्ते में निर्माणाधीन पानी टंकी के पास आरोपी ने बच्ची को पास की झोपड़ी में ले जाकर गलत हरकत करने की कोशिश की। बच्ची ने विरोध किया, आरोपी को धक्का दिया और भागकर अपने घर पहुंच गई। अगले दिन मां ने महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

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गैस सिलेंडर लेने पहुंचे युवक से बाउंसरों की मारपीट, VIDEO वायरल

दुर्ग जिले के भिलाई स्थित खुर्सीपार इलाके में एक गैस एजेंसी पर बाउंसरों द्वारा ग्राहक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शताक्षी गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने आए एक युवक के साथ धक्का-मुक्की की गई, उसके कपड़े तक फट गए और बाउंसर उसे खींचते हुए ले गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े थे। भीड़ अधिक होने के कारण एजेंसी प्रबंधन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाउंसर तैनात किए थे। इसी दौरान लाइन में खड़े एक युवक और बाउंसर के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाउंसरों ने युवक के अलावा अन्य ग्राहकों के साथ भी धक्का-मुक्की की। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर खुर्सीपार पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शिकायत नहीं, प्रबंधन चुप पुलिस ने लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई, लेकिन अब तक किसी ने भी लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। एजेंसी प्रबंधन ने भी इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पहले भी बदसलूकी के आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी में अक्सर अव्यवस्था रहती है और ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शहर में गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और बाउंसरों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है, ऊपर से बदसलूकी और मारपीट जैसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।दुर्ग जिले के भिलाई स्थित खुर्सीपार इलाके में एक गैस एजेंसी पर बाउंसरों द्वारा ग्राहक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शताक्षी गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने आए एक युवक के साथ धक्का-मुक्की की गई, उसके कपड़े तक फट गए और बाउंसर उसे खींचते हुए ले गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े थे। भीड़ अधिक होने के कारण एजेंसी प्रबंधन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाउंसर तैनात किए थे। इसी दौरान लाइन में खड़े एक युवक और बाउंसर के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाउंसरों ने युवक के अलावा अन्य ग्राहकों के साथ भी धक्का-मुक्की की। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर खुर्सीपार पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शिकायत नहीं, प्रबंधन चुप पुलिस ने लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई, लेकिन अब तक किसी ने भी लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। एजेंसी प्रबंधन ने भी इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पहले भी बदसलूकी के आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी में अक्सर अव्यवस्था रहती है और ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शहर में गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और बाउंसरों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है, ऊपर से बदसलूकी और मारपीट जैसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।

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भिलाई में बन रहे 4.93 करोड़ के स्विमिंग पूल पर विवाद, गलत दिशा में निर्माण से खिलाड़ियों को होगी परेशानी

भिलाई नगर निगम द्वारा प्रियदर्शिनी परिसर (पश्चिम) में लगभग 4.93 करोड़ रुपये की लागत से नया स्विमिंग पूल बनाया जा रहा है, लेकिन इसके निर्माण को लेकर अब तकनीकी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पूल की खुदाई करीब 5 फीट तक हो चुकी है, जबकि इसकी दिशा और लोकेशन को लेकर विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई है। स्विमिंग विशेषज्ञों के अनुसार, खुले स्विमिंग पूल सामान्यतः उत्तर-दक्षिण दिशा में बनाए जाते हैं, ताकि सुबह और शाम की धूप सीधे तैराकों की आंखों में न पड़े। लेकिन यहां पूल पूर्व-पश्चिम दिशा में बनाया जा रहा है, जिससे अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों को गंभीर दिक्कत हो सकती है। उनका कहना है कि इस तरह की दिशा में बने पूल में न तो सही प्रशिक्षण हो पाएगा और न ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मानकों की अनदेखी भविष्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है और करोड़ों रुपये की लागत से बना यह पूल केवल सामान्य उपयोग तक सीमित रह सकता है। डूब क्षेत्र में निर्माण से बढ़ी चिंता स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल को लेकर भी चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि प्रियदर्शिनी परिसर का यह हिस्सा सुपेला के कोसा नाला के पास स्थित डूब क्षेत्र में आता है, जहां बारिश के मौसम में पानी भरने की समस्या रहती है। लोगों का कहना है कि जमीन की ऊंचाई बढ़ाए बिना सीधे खुदाई शुरू कर दी गई, जिससे बरसात में पूरा इलाका जलभराव की चपेट में आ सकता है। विपक्ष ने लगाए अनियमितता के आरोप नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने निर्माण कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कोचों के साथ निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि पूल की डिजाइन तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। यदि इसी तरह निर्माण जारी रहा, तो यह स्विमिंग पूल की बजाय एक साधारण तालाब जैसा बन सकता है और बड़े आयोजनों की मेजबानी का मौका भी हाथ से निकल जाएगा। मानकों के अनुसार क्या होना चाहिए एनआईएस कोच तामेश्वर घंघोरी के मुताबिक, प्रतियोगिता स्तर के स्विमिंग पूल की लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई लगभग 25–26 मीटर होती है, जिसमें 10 लेन बनाई जा सकती हैं। इसकी सामान्य गहराई करीब 2 मीटर रखी जाती है। खुले क्षेत्र में बने पूल की दिशा उत्तर-दक्षिण होना जरूरी माना जाता है, ताकि सूर्य की रोशनी तैराकों के प्रदर्शन में बाधा न बने। निगम ने दी सफाई भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने कहा कि इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि हर स्थल की भौगोलिक स्थिति अलग होती है, इसलिए दिशा का निर्धारण उसी के अनुसार किया जाता है। निगम का दावा है कि निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन और तय प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है तथा सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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सीपत में रेत लदे ट्रैक्टर से गिरकर युवक की मौत, खारंग नदी घाट पर हादसा

बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में खारंग नदी के झापबाड़ी घाट के पास मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर चालक की जान चली गई। मृतक की पहचान डंगनिया गांव निवासी 30 वर्षीय महेंद्र कश्यप के रूप में हुई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, महेंद्र कश्यप रेत से भरा ट्रैक्टर चला रहे थे। ट्रैक्टर के इंजन के आगे सुरक्षा कवर नहीं लगा था। इसी दौरान अचानक झटका लगने से वे संतुलन खोकर नीचे गिर पड़े और सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि घटना की सूचना मृतक के भाई राजेंद्र कश्यप ने दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बिना नंबर वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में अवैध रेत उत्खनन की आशंका भी जताई जा रही है, जिसे लेकर आगे जांच जारी है।

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बिलासपुर में बर्ड फ्लू का खतरा: 22,808 पक्षी और 25,896 अंडे नष्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) का खतरा बढ़ गया है। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में वायरस की पुष्टि होने के बाद बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। यहां 5 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत के बाद कुल 22,808 पक्षियों और 25,896 अंडों को नष्ट कर दिया गया। 17 मार्च से हो रही थी मौतें, सप्लाई जारी रही जानकारी के मुताबिक, 17 मार्च से पहले ही फार्म में मुर्गे-मुर्गियों की मौत शुरू हो गई थी। इसके बावजूद पूरे संभाग में मुर्गे, मुर्गियां और चूजों की सप्लाई लगातार जारी रही। जब बड़ी संख्या में मौतें हुईं, तब करीब 6 दिन बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। जू बंद, डोर-टू-डोर सर्वे शुरू संक्रमण रोकने के लिए एहतियातन कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क को 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की 14 सदस्यीय टीमें देवनंदन नगर क्षेत्र में घर-घर सर्वे कर रही हैं। प्रशासन का दावा है कि संक्रमण नियंत्रण में है और सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। खुले में फेंके गए मरे पक्षियों से बढ़ी चिंता मामले के बाद अलग-अलग इलाकों में मरे हुए पक्षियों को खुले में फेंके जाने की खबरें भी सामने आई हैं। खमतराई क्षेत्र की ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास बोरियों में भरी मृत मुर्गियों को नाली में फेंकने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षित दफनाने के दावे के बावजूद लापरवाही बरती गई, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। दो दिन में बड़े पैमाने पर नष्ट किए गए पक्षी संक्रमण फैलने से रोकने के लिए व्यापक कार्रवाई में हजारों पक्षियों को दफनाया या नष्ट किया गया। इनमें लगभग 5 हजार मुर्गियां, 5 हजार बटेर, 600 बतख, 17 हजार चूजे और 20 हजार अंडे शामिल हैं। इसके अलावा हैचरी की दवाइयों समेत करीब 13 लाख रुपए की सामग्री भी नष्ट की गई। मंगलवार और बुधवार तक कुल 22,808 पक्षी, 25,896 अंडे और 79 क्विंटल दाना नष्ट किया जा चुका है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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