March 2026

दुर्ग में मामूली विवाद बना जानलेवा: सहकर्मी के हमले में घायल मजदूर की 6 दिन बाद मौत

दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में काम के दौरान हुए एक छोटे से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना 27 मार्च की बताई जा रही है। हमले में बुरी तरह घायल हुए 55 वर्षीय गोविंद यादव ने करीब छह दिन तक अस्पताल में जीवन से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, काम करते समय गोविंद यादव ने अपने सहकर्मी परमेश्वर यादव को सावधानी बरतने के लिए कहा था कि वह किनारे हट जाए, क्योंकि उसके ऊपर बोरी गिर सकती है। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर परमेश्वर यादव ने धारदार हथियार से गोविंद यादव पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और छह दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में पत्नी, एक बेटी और तीन बेटे हैं, जिन पर अब आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला अस्पताल की मरचुरी में रखा गया है।

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मूकबधिर युवती से दुष्कर्म: इशारों और गुड़िया से दी गवाही को हाईकोर्ट ने माना, आरोपी रिश्तेदार को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी रिश्तेदार को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने उसे जीवनभर के लिए कारावास (मृत्यु तक) की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब युवती घर में अकेली थी और आरोपी ने घर में घुसकर अपराध को अंजाम दिया था। घटना बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र की है। पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसने घटना के बाद अपनी मां को इशारों के माध्यम से पूरी बात बताई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नीलम कुमार देशमुख के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। अदालत में बयान दर्ज करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पीड़िता जन्म से ही मूक-बधिर है। सुनवाई के दौरान साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ की सहायता ली गई। जब कुछ तथ्यों को समझाने में कठिनाई हुई, तो कोर्ट ने एक प्लास्टिक की गुड़िया उपलब्ध कराई। पीड़िता ने उसी के जरिए संकेतों में बताया कि उसके साथ क्या हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने इस गवाही को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को पहले ही सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि केवल किसी व्यक्ति के मूक-बधिर होने से उसकी गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों के जरिए दी गई जानकारी भी कानून की नजर में मौखिक साक्ष्य मानी जाती है। साथ ही मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी अपराध की पुष्टि की। जांच में पीड़िता और आरोपी से जुड़े नमूनों में मानव शुक्राणु मिलने की बात सामने आई थी, जिसका आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। हाईकोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) के तहत मृत्यु तक आजीवन कारावास और धारा 450 के तहत अतिरिक्त पांच वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है और उसे पूरी सजा भुगतनी होगी। c

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5वीं-8वीं की परीक्षा पर सवाल: घटिया पेपर से जूझे 7 लाख छात्र, लिखते ही फट रहीं कॉपियां

प्रदेश में बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जा रही कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएं अव्यवस्थाओं के कारण विवादों में आ गई हैं। राज्य स्तर से भेजे गए प्रश्नपत्र-सह-उत्तरपुस्तिका की गुणवत्ता बेहद खराब होने से लाखों विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। कागज इतना पतला बताया जा रहा है कि पेन से लिखते ही स्याही दूसरी तरफ दिखने लगती है और हल्का दबाव पड़ते ही पन्ने फट जा रहे हैं। गणित जैसे विषय में रफ वर्क के लिए अलग जगह नहीं दी गई, जबकि सीमित पन्नों में कई प्रश्न शामिल कर दिए गए। कई छात्रों को उत्तर लिखने में कठिनाई हुई। कुछ केंद्रों पर प्रश्न अधूरे या गायब होने की शिकायत भी सामने आई, वहीं रेखा खींचते समय कागज फटने की घटनाएं भी बताई जा रही हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इस परीक्षा में प्रदेशभर के करीब 7 लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा शुल्क भी निर्धारित है—कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र। निजी स्कूलों में यह शुल्क अभिभावक देते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में खर्च शिक्षा विभाग उठाता है। प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन, कॉपी जांच और परिणाम प्रक्रिया पर कुल मिलाकर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा सामग्री में कई तकनीकी कमियां भी सामने आईं, जैसे पर्यवेक्षक और छात्रों के हस्ताक्षर के लिए स्थान का अभाव तथा उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त जगह न होना। विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नपत्र के लिए सामान्यतः 60 से 80 GSM और उत्तरपुस्तिका के लिए कम से कम 80 GSM कागज का उपयोग होना चाहिए, लेकिन इस परीक्षा में उपयोग किए गए कागज की गुणवत्ता इससे काफी कम बताई जा रही है। कम GSM वाले कागज में स्याही आर-पार दिखती है और कागज जल्दी फट जाता है। इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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हाईवे किनारे अवैध कट पर कार्रवाई तय: 320 ढाबे-होटल के एंट्री-एग्जिट बंद होंगे, FIR की तैयारी

नेशनल हाईवे के किनारे नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटल, ढाबे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब सख्त कार्रवाई होने वाली है। टाटीबंध-आरंग और रायपुर-सिमगा मार्ग के बीच करीब 320 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन्होंने बिना अनुमति सीधे हाईवे से प्रवेश और निकास के रास्ते बना लिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। अब NHAI जिला पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कार्रवाई के तहत अवैध कट और रास्तों को बंद किया जाएगा, सड़क किनारे कंक्रीट क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इन प्रतिष्ठानों को कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ऐसे में अप्रैल महीने से अभियान शुरू कर अवैध प्रवेश-निकास समाप्त करने की योजना बनाई गई है। हाईवे पर सीधे वाहनों की आवाजाही को दुर्घटनाओं की बड़ी वजह माना जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के बीच अचानक प्रवेश करने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। कार्रवाई के बाद ब्लाइंड एंट्री खत्म होगी, ट्रैफिक सुचारु रहेगा और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। नियमों के मुताबिक नेशनल हाईवे से कम से कम 30 मीटर दूरी के बाद ही निर्माण की अनुमति होती है और प्रवेश-निकास केवल तय स्थानों से ही होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता में कई प्रतिष्ठानों से सीधे हाईवे पर वाहन चढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। NHAI का कहना है कि हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

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रायपुर: सदर बाजार के ज्वेलरी शोरूम में 6.5 लाख की चोरी, कर्मचारी गहने लेकर फरार

रायपुर के सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में लाखों रुपये के गहनों की चोरी का मामला सामने आया है। सहेली ज्वेलर्स नामक दुकान से करीब 6.50 लाख रुपये मूल्य के डायमंड और सोने के आभूषण गायब पाए गए हैं। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार दुकान में कार्यरत एक कर्मचारी पर ही चोरी का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी का नाम आर्यन शर्मा है, जो घटना के बाद से फरार है। शिकायत के मुताबिक उसने दो डायमंड टॉप्स और एक सोने का टॉप्स चुरा लिया। दुकान में नियमित स्टॉक जांच के दौरान गहनों की कमी का पता चला, जिसके बाद प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है। पुलिस अब उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सदर बाजार इलाके में ज्वेलरी दुकानों में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। कई बार कर्मचारी या कारीगर सोना लेकर फरार हो जाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन होने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है, लेकिन लापरवाही के कारण बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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रामनवमी पर छत्तीसगढ़ में भक्ति की धूम: रायपुर से 100 देशों में हनुमान चालीसा लाइव, कई शहरों में भव्य आयोजन

रामनवमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। राजधानी रायपुर में हनुमान चालीसा महापाठ का विशाल आयोजन होगा, जिसका सीधा प्रसारण दुनिया के लगभग 100 देशों में किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश के श्रद्धालु एक ही समय पर सामूहिक रूप से पाठ में शामिल होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित यह कार्यक्रम श्री हनुमान महापाठ समिति द्वारा लगातार 18वें वर्ष किया जा रहा है। संस्कार टीवी के माध्यम से इसका लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार देशभर के करीब 2000 स्थानों पर भी श्रद्धालु एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे, जिससे आयोजन को वैश्विक स्वरूप मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे भजन संध्या से होगी, जिसमें भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। शाम 7 बजे से सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ होगा, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इसके बाद रात 9 बजे जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ पंडित विजय शंकर मेहता “कुमति निवार सुमति के संगी” विषय पर मार्गदर्शन देंगे। दुर्ग में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराने श्री राम पंचायती मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। यहां 108 परिक्रमा, रामायण पाठ और महाआरती के साथ लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। रायगढ़ में रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 54 समाजों और 60 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मार्ग में एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी, जबकि नगर निगम सफाई व्यवस्था संभालेगा। कार्यक्रम का समापन रामलीला मैदान में महाआरती और विशाल भंडारे के साथ होगा। कोरबा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है, वहीं अंबिकापुर के प्राचीन राम मंदिर में राजपरिवार के सदस्य विशेष पूजा करेंगे। इसके अलावा दुर्ग के चंडी मंदिर के पास स्थित करीब 650 वर्ष पुराने श्री राम जानकी मंदिर (बड़ा मठ) का भी ऐतिहासिक महत्व है। प्राचीन समय में यह स्थान साधु-संतों की तपोभूमि माना जाता था। भोसले शासकों ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बावली का पानी आज भी कभी नहीं सूखता, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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ईरान तनाव पर पीएम मोदी की आज अहम बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे CM विष्णुदेव साय

अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (27 मार्च) देश के कई मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी वर्चुअली शामिल होंगे। माना जा रहा है कि ईरान से जुड़े हालिया संघर्ष और वैश्विक तनाव के भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होगी। खासकर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, बढ़ती महंगाई, सप्लाई चेन और जरूरी सेवाओं को बनाए रखने को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर रहेगा। इस बैठक में केवल गैर-चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। प्रधानमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा चलता है तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ के लिए यह बैठक खास मानी जा रही है। राज्य सरकार को ईंधन आपूर्ति, कीमतों और परिवहन व्यवस्था को लेकर सतर्क रहना होगा। मुख्यमंत्री साय बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति और तैयारियों की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक खरीदारी से बचने की अपील की है। साथ ही अधिकारियों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार का मानना है कि संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से आज की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने 200 मीटर तैराकी में जीता गोल्ड, छत्तीसगढ़ की अनुष्का को सिल्वर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में महिला वर्ग की 200 मीटर स्विमिंग प्रतियोगिता में ओडिशा की 15 वर्षीय तैराक अंजलि मुंडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अंजलि ने फाइनल में 2:53.82 मिनट का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक प्रदर्शन माना जा रहा है। इस इवेंट में छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने भी अपनी शानदार प्रतिस्पर्धा दिखाई और 2:59.33 मिनट के समय के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। वहीं, महाराष्ट्र की तन्वी सुखदेवो धुर्वे तीसरे स्थान पर रहीं। फाइनल में ओडिशा की ही अंजलि मलिक ने 3:06.13 मिनट के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पूर्ण परिणाम (टॉप पोजीशन) अंजलि मुंडा का करियर और प्रदर्शन अंजलि मुंडा ओडिशा के जाजपुर जिले की रहने वाली हैं। पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और ट्राइबल गेम्स में यह गोल्ड उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस जीत ने ओडिशा के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्विमिंग का रोमांच स्विमिंग पूल में पहले दिन कई राज्यों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन 15 साल की अंजलि मुंडा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। युवा खिलाड़ियों का यह उत्साह और मेहनत आगामी खेलों में उनकी सफलता की संभावनाओं को और बढ़ा रही है। अनुष्का भगत के सिल्वर प्रदर्शन ने भी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को गौरवान्वित किया। उनका समय लगभग 2:59 मिनट रहा, जो युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा पैदा करता है। इस वर्ष खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में खेलों की प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और ये मुकाबले उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे। इस शानदार स्विमिंग फाइनल ने दर्शकों और प्रतियोगियों दोनों के लिए रोमांचक क्षण पैदा किए। अंजलि मुंडा की जीत ने साबित कर दिया कि भारत के युवा खिलाड़ियों में कड़ी मेहनत और प्रतिभा से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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सीनियर IPS रतन लाल डांगी निलंबित: SI की पत्नी ने लगाए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई SI की पत्नी द्वारा डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद की गई। गृह (पुलिस) विभाग ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच लंबित होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच महीने पहले ही डांगी को IG के पद से हटा दिया गया था। निलंबन के बाद उन्हें मुख्यालय, नया रायपुर PHQ पर तैनात किया गया है। आदेश के अनुसार, डांगी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। शिकायत की पृष्ठभूमि पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2017 में उनकी पहली मुलाकात डांगी से कोरबा में हुई थी, जब डांगी वहां SP के पद पर तैनात थे। प्रारंभिक बातचीत सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी, जो आगे बढ़ती गई। इसके बाद डांगी ने दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वीडियो कॉल के जरिए उन्हें योग सिखाने का प्रस्ताव दिया। राजनांदगांव और सरगुजा में IG बनने के बाद पीड़िता ने बताया कि डांगी ने उन्हें कथित रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर IG के पद पर रहते हुए उत्पीड़न की घटनाएँ और बढ़ गईं। खाली बंगले में बुलाने और धमकी देने का आरोप शिकायत में महिला ने कहा कि IPS डांगी अक्सर उन्हें अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में खाली बंगले में बुलाते थे। अगर वह नहीं जातीं, तो उन्हें तबादले की धमकी दी जाती थी। चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी डांगी वीडियो कॉल के माध्यम से सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क बनाए रखने का दबाव डालते थे। महिला ने यह भी दावा किया कि उनके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। जांच और नियमावली जारी आदेश के अनुसार, रतन लाल डांगी के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी है। इस दौरान उनके आचरण को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना गया है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। निलंबन का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखना है। इस मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं बरती जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।

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अहमदाबाद के ठगों का कॉल सेंटर सिंडिकेट फूटा, मास्टरमाइंड की तलाश में रायपुर पुलिस

रायपुर पुलिस ने मंगलवार-रविवार की रात को बड़े इंटरस्टेट ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। दो प्रमुख कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर पुलिस ने कुल 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह खुलासा हुआ कि पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड अहमदाबाद के शातिर ठग हैं, जिनके नाम विकास शुक्ला और संजय शर्मा हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है। किराए पर लिए गए ऑफिस और फ्लैट अभियुक्तों ने रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और अंजनी टावर में कॉल सेंटर चलाने के लिए ऑफिस किराए पर लिया था। इसके अलावा ‘पाम बेलागियो’ में एक लग्जरी फ्लैट भी किराए पर लिया गया था। मास्टरमाइंड खुद रायपुर में स्थायी रूप से नहीं रहते थे। वे कुछ दिनों के अंतराल पर आते, मैनेजरों को निर्देश देते और फिर वापस अहमदाबाद लौट जाते थे। फिलहाल पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय ठगी का तरीका पूरी योजना अमेरिका के समय के अनुसार तैयार की गई थी। कॉल सेंटर के कर्मचारी रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक सक्रिय रहते थे, क्योंकि उस समय अमेरिका में दिन होता है। आरोपियों के पास व्हाट्सऐप के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा आता था, जिनके पास अमेरिका के चार बड़े बैंकों से लोन थे। कॉल करने के बाद उन्हें डराया जाता था कि उनका CIBIL स्कोर खराब हो गया है या किस्त जमा नहीं हुई। इसके बाद खाते की जानकारी लेकर चाइनीज ऐप के जरिए ऑनलाइन चेक जनरेट कर लाखों डॉलर की ठगी की जाती थी। कॉल सेंटर प्रभारियों और वेतन संरचना पुलिस ने कॉल सेंटर के तीन मुख्य प्रभारियों को भी गिरफ्तार किया है। इसमें रोहित यादव, सौरभ सिंह और गौरव यादव शामिल हैं। रोहित यादव और सौरभ सिंह पिथालिया कॉम्प्लेक्स के मैनेजर थे, जबकि गौरव यादव अंजनी टावर में संचालित कॉल सेंटर का प्रभारी था।जांच में यह भी सामने आया कि इन प्रभारियों को लगभग 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। कॉल करने वाले युवाओं को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता था। हिंदी स्क्रिप्ट से अंग्रेजी कॉलिंग जांच में यह भी पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी केवल 12वीं पास थे और उन्हें अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान नहीं था। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कागज पर हिंदी में लिखी अंग्रेजी स्क्रिप्ट दी जाती थी। कर्मचारी उसी स्क्रिप्ट को पढ़कर अमेरिकी नागरिकों से बातचीत करते थे। यदि कोई ग्राहक कठिन या तकनीकी सवाल पूछता, तो कॉल तुरंत सीनियर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। युवाओं को इस ठगी के लिए दो महीने की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस का कहना है कि यह अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ठगी का नेटवर्क बहुत संगठित था, और इसके मास्टरमाइंड को पकड़ना प्राथमिकता है। मकान-मालिकों और अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।

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