January 2026

रायगढ़ में मिलावटी दुग्ध उत्पादों पर कार्रवाई: लेबल बदलते पकड़ा गया पिकअप, 2 लाख से ज्यादा का माल जब्त

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार शाम एक पिकअप वाहन में दही और अन्य दुग्ध उत्पादों के डिब्बों पर ब्रांड का लेबल बदलते हुए लोगों ने पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी गई। मामले की जांच दो दिनों तक चली, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर करीब 2 लाख 3 हजार रुपये मूल्य के दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए हैं। चक्रधर नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग जिले से एक संदिग्ध पिकअप वाहन के जरिए रायगढ़ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी मात्रा में दुग्ध उत्पाद बेचे जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि उत्पादों के मूल लेबल से छेड़छाड़ कर दूसरे ब्रांड के रैपर चिपकाए जा रहे थे। पिकअप वाहन में दही और कॉटेज एनालॉग जैसे दुग्ध उत्पाद 5 और 15 किलोग्राम के बंद प्लास्टिक जार और पैकेटों में भरे हुए थे। पुलिस ने वाहन को थाने लाकर खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपा, जिसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ये उत्पाद कस्तूरी डेयरी, केलोविहार, रायगढ़ की प्रोपराइटर सोनिया जायसवाल द्वारा बिक्री के लिए मंगाए गए थे। यह सामग्री वैद्य फूड्स, शंकर नगर, भिलाई (दुर्ग) से लाई गई थी। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि नंदनम क्लासिक दही, जिसे कृष्णा नंदन मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर द्वारा निर्मित किया जाता है, उसके मूल लेबल हटाकर उस पर वैद्य फूड्स का रैपर चिपकाया जा रहा था। इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और लेबलिंग नियम 2020 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरी डेयरी परिसर पहुंचकर तीन खाद्य नमूने लिए। इनमें नंदनम क्लासिक दही और वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग के दो अलग-अलग पैक शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। गुणवत्ता को लेकर संदेह और नियमों का पालन न होने के चलते मौके पर रखे गए बड़ी मात्रा में दुग्ध उत्पाद जब्त कर लिए गए। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित बाजार मूल्य 2 लाख 3 हजार 750 रुपये बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान 515 किलोग्राम दही और 770 किलोग्राम कॉटेज एनालॉग दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर कमिश्नर की सख्त शुरुआत: रात 10 बजे ली अधिकारियों की बैठक, नशा-चाकूबाजी पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान

रायपुर कमिश्नरेट के नवपदस्थापित कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कार्यभार संभालते ही कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ट्रैफिक चालान के नाम पर आम वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। शनिवार रात 10 बजे सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर, सभी डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और थाना प्रभारी मौजूद रहे। नशा और चाकूबाजी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने गुंडा बदमाशों और निगरानी सूची में शामिल अपराधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा। प्रतिबंधित नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए पूरे नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने साफ कहा कि चाकूबाजी की किसी भी घटना को हल्के में न लिया जाए और छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। बिना अनुमति रैली-धरना नहीं कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में अब किसी भी रैली, धरना या सामूहिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट को अनिवार्य रूप से बंद कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। Do you like this personality? Want to keep using GPT-5? Try Plus for free.Upgrade your plan to keep getting better, faster answers. Try Plus free write keywords in english ChatGPT can make mistakes. Check important info. See Cookie Preferences.

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छत्तीसगढ़: फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन पर डांस कार्यक्रम बना विवाद की वजह, रोजगार सहायक पर नोट उड़ाने का आरोप

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक विवादित वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासन और राजनीति दोनों में हलचल मचा दी है। सोनहत ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोड़ी में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन के बाद हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान डांसर्स पर खुलेआम नोट उड़ाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी को फिल्मी गानों पर नाचती डांसर्स के ऊपर नोट लुटाते और उनके साथ ठुमके लगाते हुए देखा जा सकता है। जानकारी के मुताबिक इस डांस कार्यक्रम के लिए करीब 10 लाख रुपये खर्च कर कोरबा से नाचा पार्टी को बुलाया गया था, जिसमें तीन से चार डांसर्स शामिल थीं। स्कूल परिसर में कार्यक्रम, विपक्ष का हमला यह कार्यक्रम पोड़ी के स्कूल मैदान परिसर में आयोजित किया गया था और देर रात तक चलता रहा। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस आयोजन को लेकर कड़ा विरोध जताया है। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा ‘नाचा’ और ‘गम्मत’ की है, न कि अश्लीलता की। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया और कहा कि स्कूल परिसर में इस तरह का कार्यक्रम शर्मनाक है। जनप्रतिनिधि पहले लौटे, रात में हुआ कार्यक्रम जानकारी के अनुसार, फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य शिवकुमारी, भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू, भाजपा जिला मंत्री ईश्वर राजवाड़े और जनपद अध्यक्ष आशा सोनपाकर मौजूद थे, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे सभी लौट गए। इसके बाद रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोजगार सहायक बर्खास्त वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनहत जनपद पंचायत की सीईओ विमला द्वारा रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम की व्यवस्था रोजगार सहायक और महिला सरपंच के पति बहादुर द्वारा की गई थी। पहले भी विवादों में रहा है नाम रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी पहले भी विवादों में रह चुका है। उस पर इंदिरा आवास योजना में हितग्राहियों से अवैध रूप से पैसे लेने के आरोप लगे थे। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे पहले भी बर्खास्त किया गया था, हालांकि बाद में उसने कोर्ट से स्टे ले लिया था। फिलहाल इस मामले को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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सेक्स CD कांड: भूपेश बघेल की बढ़ीं कानूनी चुनौतियां, सेशन कोर्ट ने पलटा CBI कोर्ट का आदेश

छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स CD कांड में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आया है। रायपुर सेशन कोर्ट ने CBI की विशेष (लोअर) कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपों से मुक्त किया गया था। सेशन कोर्ट ने CBI द्वारा दायर रिव्यू पिटिशन को स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए हैं। अब इस बहुचर्चित मामले की दोबारा सुनवाई होगी। मार्च 2025 में CBI कोर्ट ने किया था बरी गौरतलब है कि मार्च 2025 में CBI की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल के खिलाफ सभी धाराएं हटाते हुए उन्हें बरी कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं। इसी आदेश को चुनौती देते हुए CBI ने सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर की थी, जिस पर अब फैसला आया है। बचाव पक्ष की दलीलें खारिज भूपेश बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने कोर्ट में पक्ष रखा था। उन्होंने तर्क दिया कि बघेल को राजनीतिक दुर्भावना के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है। उनके मुताबिक, न तो भूपेश बघेल ने CD बनवाई और न ही उसे प्रसारित किया, इसलिए कोई अपराध नहीं बनता। हालांकि, सेशन कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। मुरारका और विनोद वर्मा को भी नहीं मिली राहत इस मामले में कारोबारी कैलाश मुरारका और पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी खुद को आरोपों से मुक्त करने की मांग की थी। लेकिन सेशन कोर्ट ने उनके आवेदन खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा। इस केस में भूपेश बघेल के अलावा कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या आरोपी हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने मामले के उजागर होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ था यह कांड सितंबर 2018 में, विधानसभा चुनाव से ठीक तीन महीने पहले, तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था। भूपेश बघेल ने उस वक्त जमानत लेने से इनकार कर दिया था। इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और बीजेपी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए। पूरे राज्य में “मैं भी भूपेश हूं” के नारे लगे। कुछ दिनों बाद बघेल की रिहाई हुई और इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 90 में से 68 सीटें हासिल कीं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस CD कांड ने बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई और इसे भूपेश बघेल के राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट माना जाता है। क्या है छत्तीसगढ़ सेक्स CD कांड? अक्टूबर 2017 में एक कथित सेक्स CD सामने आई थी, जिसे तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जोड़ा गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस को दिल्ली में CD तैयार होने की जानकारी मिली। जांच के दौरान तार पत्रकार और कांग्रेस के मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा तक जुड़े। तत्कालीन रायपुर IG प्रदीप गुप्ता ने दावा किया था कि विनोद वर्मा CD तैयार करवा रहे थे। वर्मा भूपेश बघेल के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पहले विनोद वर्मा और फिर सितंबर 2018 में भूपेश बघेल को गिरफ्तार किया गया था। भाजपा नेता की शिकायत से शुरू हुआ था मामला भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में इस मामले की पहली FIR दर्ज कराई थी। शिकायत में ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया था। FIR के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति ने लैंडलाइन पर कॉल कर कहा था कि उसके पास बड़े नेताओं के अश्लील वीडियो हैं और पैसे नहीं देने पर CD बनाकर सार्वजनिक कर दी जाएगी। पुलिस ने कॉल ट्रेस कर दिल्ली की एक CD रिकॉर्डिंग दुकान तक पहुंच बनाई। जांच एजेंसियों का दावा है कि यहीं से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ और इसके बाद एक-एक कर सभी आरोपियों के नाम सामने आए।

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छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग के आरोप में विधवा महिला को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया, गोबर पोतकर की पिटाई, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पेंड्रा के खोडरी चौकी अंतर्गत रानीझाप गांव में एक विधवा महिला के साथ बर्बरता की गई। कथित प्रेम प्रसंग को लेकर महिला को सरेआम अपमानित किया गया, उसके कपड़े उतारकर पूरे गांव में घुमाया गया और जूते-चप्पलों से बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने महिला के चेहरे पर गोबर भी पोत दिया। इस अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता का गांव के ही एक शादीशुदा युवक से प्रेम संबंध था। युवक के परिजनों का आरोप है कि महिला उसके साथ घर से भाग गई थी। जब महिला गांव लौटी तो युवक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे ‘घर उजाड़ने’ की सजा देने के नाम पर हिंसा का शिकार बनाया। घटना के दौरान आरोपी यह कहते हुए नजर आए कि “घर तोड़ने की सजा क्या होती है, अब सोच ले।” ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को बचाया घटना की जानकारी मिलने पर गांव के कुछ लोगों और पीड़िता के परिजनों ने बीच-बचाव कर महिला को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को अपने साथ ले गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, जमानत पर रिहा पुलिस ने मामले में युवक की पत्नी, भाई और बहन को गिरफ्तार किया है। हालांकि, कोर्ट के निर्देशों के अनुसार तीनों आरोपियों को नोटिस पर जमानत दे दी गई। थाना प्रभारी के मुताबिक, मामले में अन्य धाराएं जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। एसपी पहुंचे गांव, शांति बनाए रखने की अपील घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी खुद पुलिस टीम के साथ रानीझाप गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। एसपी ने पीड़िता के परिजनों से भी मुलाकात की। पति की मौत के बाद शुरू हुआ संबंध बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला के पति की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसका गांव के ही एक शादीशुदा युवक से प्रेम संबंध हो गया। दोनों पिछले साल अक्टूबर में घर छोड़कर मध्य प्रदेश चले गए थे और हाल ही में गांव लौटे थे। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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अंबिकापुर में दर्दनाक सड़क हादसा, CCTV में कैद हुआ मंजरनशे में बाइक चला रहे युवक के साथ हादसा, पीछे बैठे दोस्त की मौत

अंबिकापुर के बिलासपुर चौक के पास शनिवार रात एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार 8 चक्का हाईवा की टक्कर से बाइक सवार दो युवक सड़क पर गिर पड़े, जिनमें से एक युवक हाईवा की चपेट में आ गया। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। घटना मणिपुर थाना क्षेत्र की है। फुटेज में देखा जा सकता है कि टक्कर के बाद बाइक से गिरे युवक के ऊपर से हाईवा गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गांधीनगर के मुक्तिपारा निवासी दीपक मानिकपुरी (38) अपने दोस्त रवि के साथ बाइक से मणिपुर की ओर जा रहे थे। रात करीब 9 बजे बिलासपुर चौक के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक को टक्कर मार दी। संतुलन बिगड़ने से दोनों युवक सड़क पर गिर गए। इसी दौरान दीपक हाईवा के नीचे आ गया। हादसे में रवि भी घायल हुआ, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे नशे की हालत में बाइक चलाने का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने फरार हाईवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बाइक चालक की लापरवाही और नशे की पुष्टि हुई है। वहीं, हाईवा चालक की तेज रफ्तार और मौके से फरार होना भी गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। शहर में बढ़ते हिट एंड रन पर सवाल अंबिकापुर शहर और उसके प्रवेश मार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार जानलेवा साबित हो रही है। रिंग रोड और व्यस्त इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही से हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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बीजापुर: इंद्रावती नदी में नाव पलटने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत, पिता को घटना की जानकारी नहीं

बीजापुर के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी में 21 जनवरी की शाम लगभग 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। बाजार से अपने घर लौट रहे एक ही परिवार के चार सदस्य नाव पलटने से डूब गए। मृतकों में मां पोदिया, उनके दो बच्चे राकेश और पोदिया, तथा बच्चों के दादा भादो पिता मद्दा शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम ने खोजबीन शुरू की। 18 घंटे बाद मां और बेटे की लाश नदी से बरामद की गई, जबकि 48 घंटे बाद दादा और पोते का शव नदी किनारे झाड़ियों में लटका हुआ मिला। सुनीता कवासी का शव घटना स्थल से लगभग 500 मीटर दूर पाया गया। राकेश के पिता और पोदिया के पति सन्नू वर्तमान में आंध्र प्रदेश में मजदूरी कर रहे हैं। उन्हें अब तक इस दुखद हादसे की जानकारी नहीं मिली है। परिवार के अन्य सदस्यों का निधन उनकी अनुपस्थिति में हुआ, जिससे परिवार पर दोगुना शोक छा गया है। इंद्रावती नदी के किनारे आवागमन का मुख्य साधन डोंगी है। वर्षा और बाढ़ के दौरान यह क्षेत्र असुरक्षित हो जाता है, जिससे समय-समय पर कई हादसे हो चुके हैं। इस क्षेत्र की विकास की गति नक्सल प्रभावित होने के कारण धीमी रही है। हालांकि, अब यह इलाका नक्सल मुक्त होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे सावधानी बरतने और विशेषकर बाढ़ और बारिश के दिनों में डोंगी में यात्रा करने से परहेज करने की अपील की है। यह दुखद घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी है कि नदी में यात्रा करते समय सुरक्षा उपायों का पालन करना कितना आवश्यक है।

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Bijapur, Chhattisgarh

भिलाई में हिट एंड रन: तेज रफ्तार अज्ञात सफेद कार की टक्कर से महिला की मौत, पुलिस सीसीटीवी खंगालने में जुटी

दुर्ग जिले के भिलाई शहर में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। सुपेला थाना क्षेत्र में अज्ञात सफेद कार की टक्कर से बाइक सवार महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हिट एंड रन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 22 जनवरी की सुबह करीब 8:15 बजे की है। नेहरू नगर अग्रसेन चौक स्थित कल्याण ज्वेलर्स के सामने एक तेज रफ्तार सफेद कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में भिलाई निवासी मोहना मेश्राम (52 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं। वे अपने भाई मुकेश कुमार गजभिये के साथ बाइक क्रमांक CG 07 AG 4135 से नेहरू नगर की ओर जा रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात कार चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मारी और हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी तेज थी कि मोहना मेश्राम के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल स्पर्श अस्पताल, सुपेला ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक होने के कारण निगरानी में रखा गया। इलाज के दौरान 23 जनवरी की सुबह करीब 8 बजे मोहना मेश्राम ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद सुपेला थाना पुलिस ने मर्ग क्रमांक 09/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की। मर्ग जांच के दौरान मृतिका के परिजनों और पंचों—मुकेश कुमार, विवेक कुमार मेश्राम, नितेश ताण्डी, अमित खोब्रागढ़े और जयंत खोब्रागढ़े—के बयान दर्ज किए गए। जांच में सभी ने पुष्टि की कि हादसा अज्ञात सफेद कार से हुआ था। मर्ग जांच पूर्ण होने के बाद पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ धारा 106 (1) बीएनएस एवं 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर आरोपी चालक की तलाश में जुटी हुई है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

सड़क सुरक्षा माह में मंत्री की बिना हेलमेट बाइक सवारी, सोशल मीडिया पर उठा सवाल—क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए?

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा माह के तहत ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चलाकर आम लोगों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं। इसी बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने पूरे अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, शुक्रवार को मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने खुद इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में न केवल मंत्री, बल्कि उनके साथ चल रहे अन्य लोग भी बिना हेलमेट दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब जिले में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर आम नागरिकों के चालान काटे जा रहे हैं और पेट्रोल पंपों पर भी बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को ईंधन नहीं दिया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब आम जनता पर ट्रैफिक नियम सख्ती से लागू किए जा रहे हैं, तो मंत्री और जनप्रतिनिधि इन नियमों से ऊपर कैसे हो सकते हैं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि हेलमेट पहनेंगे तो “बाहुबली का मुखड़ा” कैसे दिखेगा। वहीं, कुछ ने यह भी पूछा कि क्या अब मंत्री का चालान होगा या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए ही है। दुर्ग पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जहां आम लोगों के चालान तुरंत काटे जा रहे हैं, वहीं मंत्री के मामले में पुलिस की चुप्पी लोगों को खटक रही है। वीडियो ने यह बहस छेड़ दी है कि सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर उदाहरण पेश करने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की भी होती है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या सड़क सुरक्षा के नियम एक बार फिर दोहरे मापदंड का शिकार बनेंगे।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

बिलासपुर रेंज में QR कोड से होगी शिकायत, थानेदारों की मनमानी पर लगेगी लगाम: IG रामगोपाल गर्ग

बिलासपुर पुलिस रेंज में अब स्मार्ट और पारदर्शी पुलिसिंग की नई शुरुआत होने जा रही है। नवपदस्थ रेंज आईजी IPS रामगोपाल गर्ग ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और थाने स्तर पर किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए रेंज के सभी थानों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि पीड़ित सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचा सकें। शुक्रवार शाम पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा में आईजी गर्ग ने कहा कि पुलिस की दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। पुलिसिंग को आधुनिक और जवाबदेह बनाने के लिए मोबाइल एप और डिजिटल टूल्स को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुर्ग रेंज में सफल रहे ‘त्रिनयन’ और ‘सशक्त’ ऐप का प्रयोग अब बिलासपुर रेंज में भी किया जाएगा, जिससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया और तेज हो सकेगी। आईजी गर्ग ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी थाने में स्टाफ द्वारा गलत मंशा से बीएनएस की धाराएं जोड़ने या हटाने का प्रयास किया गया, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि पुलिस का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देना है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी शिकायतों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर झूठी शिकायतें दर्ज कराएंगे, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि बिलासपुर रेंज में बढ़ते अपराध और स्थानीय समस्याओं को लेकर पहले पुलिस अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। जो व्यवस्थाएं बेहतर काम कर रही हैं, उन्हें और मजबूत किया जाएगा, जबकि कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस रहेगा।

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Bilashpur, Chhattisgarh
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