Chhattisgarh News

9 माह की गर्भवती शिक्षिका से मारपीट का आरोप: प्राचार्य पर थप्पड़ और पेट में मुक्का मारने की शिकायत अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बसकेपी स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कार्यरत एक 9 माह की गर्भवती शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर थप्पड़ मारने और पेट में मुक्का मारने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित शिक्षिका ने इस घटना की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से करते हुए प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। छुट्टी को लेकर हुआ विवाद शिक्षिका अनिमा लकड़ा के अनुसार, बलरामपुर जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा छुट्टी घोषित की गई थी। इसी के तहत उन्होंने 6 जनवरी को ऑनलाइन माध्यम से अवकाश लिया था। अगले दिन 7 जनवरी को वह समय से पहले, सुबह 10 बजे से पूर्व स्कूल पहुंच गईं, इसके बावजूद प्राचार्य ने उन्हें उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज कर दिया। जब शिक्षिका ने इसका कारण पूछा तो प्राचार्य मंगना राम ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर उनके साथ मारपीट की। शिक्षिका का आरोप है कि प्राचार्य ने उन्हें थप्पड़ मारे और पेट में भी मुक्का मारा, जबकि वह गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में हैं। शिक्षक संघ का विरोध, निलंबन की मांग घटना की जानकारी सामने आते ही छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने मामले की कड़ी निंदा की है। संघ ने इसे महिला और गर्भवती शिक्षिका के सम्मान के खिलाफ बताते हुए प्राचार्य के तत्काल निलंबन की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Read Post »

Ambikapur, Chhattisgarh, Crime, Top News

रायपुर में कारोबारी ने की आत्महत्या, विज्ञापन एजेंसी संचालक का फ्लैट में मिला शव

राजधानी रायपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विज्ञापन एजेंसी के संचालक विश्वरंजन पुरोहित के रूप में हुई है। 10 जनवरी की सुबह न्यू राजेंद्र नगर स्थित उनके फ्लैट में उनका शव फंदे से लटका मिला। यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक हाल के दिनों में अपने व्यवसाय में हुए नुकसान के कारण मानसिक तनाव में था, हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अपने ही फ्लैट में उठाया आत्मघाती कदम बताया जा रहा है कि विश्वरंजन पुरोहित अपने परिवार के साथ न्यू राजेंद्र नगर के एक फ्लैट में रहते थे। इसी फ्लैट में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों से पूछताछ, सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस द्वारा मृतक के परिवारजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक आशंका नहीं दिख रही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

रायपुर में कारोबारी ने की आत्महत्या, विज्ञापन एजेंसी संचालक का फ्लैट में मिला शव Read Post »

Accident, Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

बिरगांव नगर निगम पर पक्षपात का आरोप: छोटे ठेले वालों पर सख्ती, बड़े व्यापारियों को खुला संरक्षण

बिरगांव (रायपुर)। बिरगांव नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि निगम जहां छोटे और गरीब ठेले–रेहड़ी लगाने वालों पर सख्ती दिखाते हुए उन्हें नोटिस थमा रहा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं बड़े व्यापारियों को खुलेआम सड़क और फुटपाथ घेरने की छूट दी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई छोटे ठेले वाले सिर्फ अपने परिवार का पेट पालने के लिए सड़क किनारे या फुटपाथ पर अस्थायी ठेला लगाते हैं, लेकिन नगर निगम की टीम उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करती है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनका ठेला हटा दिया जाता है, जिससे उनके सामने रोज़ी–रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, बिरगांव के सबसे बड़े सुपरमार्ट Ashoka Mart पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अशोका मार्ट द्वारा पुराने कपड़ों का स्टॉक फुटपाथ पर लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं, दुकान के सामने आधी सड़क पर बाइक पार्किंग कर दी जाती है, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अव्यवस्था के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह बंद हो चुका है और सड़क पर भीड़ व जाम आम बात हो गई है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नियम सिर्फ गरीब ठेले वालों के लिए हैं? अगर सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण गलत है, तो फिर बड़े व्यापारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? इस कथित दोहरे रवैये को लेकर अब बिरगांव नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नियम सभी के लिए समान रूप से लागू किए जाएं, चाहे वह छोटा ठेले वाला हो या बड़ा व्यापारी, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और आम जनता को राहत मिल सके।

बिरगांव नगर निगम पर पक्षपात का आरोप: छोटे ठेले वालों पर सख्ती, बड़े व्यापारियों को खुला संरक्षण Read Post »

Birgaon, Chhattisgarh, Raipur

रायपुर में मिलावटी पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 1700 किलो पनीर जब्त, सैंपल जांच के लिए भेजे गए

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मिलावटी और अस्वास्थ्यकर पनीर के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने भाठागांव क्षेत्र से 1700 किलो लूज पनीर जब्त किया है, जो खुले और गंदे हालात में रखा गया था। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 4.76 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। 🧪 अस्वच्छ हालत में हो रहा था पनीर का निर्माण 7 जनवरी 2026 कोफूड विभाग के अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम नेभाठागांव स्थित मेसर्स के.एल.पी. डेयरी एवं मिल्क प्रोडक्ट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि टीम ने मौके से भारी मात्रा में पनीर जब्त कर लिया और उसके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही संबंधित फर्म को सुधार नोटिस भी जारी किया गया है। 📊 2025 में 9700 किलो नकली पनीर और खोवा हुआ था जब्त खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार,जनवरी 2025 से अब तक अमानक पाए जाने पर इन सभी खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया।अब तक इस मामले में 10 प्रकरण न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। 📞 जनता से अपील, जारी रहेगी सख्ती खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है किअगर कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थ बिकने की जानकारी मिले,तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों ने साफ किया है कि पर आगे भी लगातार और सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।

रायपुर में मिलावटी पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 1700 किलो पनीर जब्त, सैंपल जांच के लिए भेजे गए Read Post »

Chhattisgarh, Health, Raipur

महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क

रायपुर / नई दिल्ली।महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई PMLA कानून के तहत की गई है और इसे अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों का संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था, जो भारत से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये विदेश भेज रहा था। 💰 किन संपत्तियों पर ED की कार्रवाई ED के अनुसार, इसके अलावा, 🌍 दुबई से संचालित हो रहा था महादेव ऐप जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल प्रमोट कर रहे थे। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और फिलहाल UAE (दुबई) में मौजूद बताए जा रहे हैं।भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। 🎰 रिग्ड गेम्स से होती थी ग्राहकों की लूट ED की जांच में खुलासा हुआ है किMahadev Online Book और Skyexchange जैसे प्लेटफॉर्म पर रिग्ड गेम्स चलाए जा रहे थे,जहां इस तरह लाखों यूजर्स से अवैध तरीके से रकम वसूली जाती थी। 💸 हवाला, क्रिप्टो और FPI से विदेश पहुंचा पैसा जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को के जरिए विदेश भेजा गया।बाद में इसी पैसे को FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया गया। 🔁 कैशबैक रैकेट का भी खुलासा ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी पर्दाफाश किया है।जांच में पता चला कि ED का दावा है कि गगन गुप्ता कोSalasar Techno Engineering और Tiger Logistics से जुड़े सौदों में करीब 98 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। 📂 अब तक की कार्रवाई ED के अनुसार, इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी का कहना है कि महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम कर रहा था। 💎 सर्राफा कारोबारी के जरिए पहुंची प्रोटेक्शन मनी EOW की जांच में यह भी सामने आया है किमहादेव बुक प्रमोटर्स ने कार्रवाई से बचने के लिएराजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अफसरों तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई। इसमें छत्तीसगढ़ के सर्राफा कारोबारी सुनील कुमार दम्मानी (श्री आभूषण ज्वैलर्स) की भूमिका सामने आई है।हवाला के जरिए पैसा कलेक्ट करचंद्रभूषण वर्मा और राहुल वक्टे के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था। 👥 पैनल चलाने वाले नाम सामने आए जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं: ⚠️ चालान में अफसरों के नाम गायब EOW द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान मेंकिसी भी ब्यूरोक्रेट या पुलिस अधिकारी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।चालान में केवल पदनामों का उल्लेख किया गया है। 🔍 जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद ED और EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Education, International, Raipur, Top News

दावरा यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप, छात्र ने लगाया भविष्य बर्बाद करने का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ की दावरा यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। यूनिवर्सिटी में फार्मेसी कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्र सागर गुप्ता ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उन्हें पीसीआई (Pharmacy Council of India) की मान्यता होने का भरोसा देकर एडमिशन कराया, लेकिन बाद में यह सामने आया कि कोर्स को पीसीआई की स्वीकृति ही नहीं मिली थी। छात्र सागर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एडमिशन से पहले कई बार यूनिवर्सिटी से PCI अप्रूवल को लेकर स्पष्ट सवाल किए थे। हर बार उन्हें यही बताया गया कि कोर्स पूरी तरह से अप्रूव्ड है। इसके बाद उन्होंने तय फीस जमा कर फार्मेसी कोर्स में एडमिशन ले लिया। 5 दिसंबर को किया गया बड़ा खुलासा सागर का आरोप है कि एडमिशन के काफी समय बाद, 5 दिसंबर को यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अचानक यह जानकारी दी कि पीसीआई अप्रूवल रिजेक्ट हो चुका है, जबकि इससे पहले दो बार इंस्पेक्शन होने के बावजूद छात्रों को आश्वासन दिया जाता रहा कि सब कुछ ठीक है। फ्रॉड जैसे विकल्प दिए गए छात्र का कहना है कि जब अप्रूवल न होने की बात सामने आई तो यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार द्वारा तीन विकल्प दिए गए, जो पूरी तरह से भ्रामक और धोखेबाज़ी से भरे थे। इन विकल्पों में न तो पढ़ाई की उचित व्यवस्था थी और न ही भविष्य की कोई गारंटी। शिक्षकों और पढ़ाई की भारी कमी सागर ने बताया कि यूनिवर्सिटी में न तो ठीक से बैठने की व्यवस्था थी, न नियमित क्लासेज़। कई दिनों तक शिक्षक ही नहीं आते थे। 17 अगस्त से 3 अक्टूबर तक छात्र लगातार शिक्षकों और प्रशासन से संघर्ष करते रहे। दो महीने बाद एक शिक्षक आईं, लेकिन वे भी अनुभवहीन बताई जा रही हैं। कंपनसेशन से भी इनकार जब छात्रों ने अपने बर्बाद हुए समय और भविष्य को देखते हुए यूनिवर्सिटी से कंपनसेशन की मांग की, तो प्रबंधन ने इस पर भी सहमति नहीं जताई। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी को बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। छात्र का आरोप सागर गुप्ता का कहना है, “हमने पूरी जानकारी लेकर एडमिशन लिया था। यूनिवर्सिटी ने झूठ बोला। हमारा कीमती समय, पैसा और भविष्य बर्बाद कर दिया गया।” ⚠️ प्रशासन से कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि बिना पीसीआई अप्रूवल के छात्रों को एडमिशन कैसे दिया गया। छात्रों और उनके परिजनों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। Note- इस पूरे मामले में लगाए गए सभी आरोप छात्र सागर गुप्ता के हैं। खबर लिखे जाने तक दावरा यूनिवर्सिटी प्रबंधन से इस विषय पर कोई लिखित या मौखिक जवाब प्राप्त नहीं हो सका है।

दावरा यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप, छात्र ने लगाया भविष्य बर्बाद करने का आरोप Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur, State, Top News

दुर्ग में शिवनाथ नदी पर ठेकेदार का 30 साल पुराना अवैध एनीकट ध्वस्त, पुलिस बल की मौजूदगी में चली बुलडोजर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी पर वर्षों से चल रही एक बड़ी अनियमितता सामने आई है। ईंट-भट्टा व्यवसाय से जुड़े ठेकेदार ने अपने निजी फायदे के लिए नदी पर अवैध एनीकट (अस्थायी पुल) का निर्माण कर लिया था, जिसकी जानकारी प्रशासन को करीब 30 साल बाद मिली। मामला सामने आते ही प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार (5 जनवरी) को पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को हटवा दिया। जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार नीलकंठ पांडे ने अपने ईंट-भट्टे के लिए कच्चा माल लाने-ले जाने की सुविधा के उद्देश्य से शिवनाथ नदी पर मिट्टी और पाइप डालकर अस्थायी पुल बना लिया था। यह पुल पथरिया और रवेलीडीह पंचायत के बीच बनाया गया था, जबकि इस क्षेत्र में पहले से ही वैकल्पिक पुल मौजूद हैं। 10 किलोमीटर की दूरी बचाने बनाया निजी रास्ता स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार ने करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर बचाने के लिए नदी के ऊपर ही निजी रास्ता तैयार कर लिया था। हैरानी की बात यह है कि उसी क्षेत्र में एक पुराना एनीकट और एक नया पक्का पुल पहले से बना हुआ है, इसके बावजूद ठेकेदार ने अपने फायदे के लिए अवैध निर्माण कर लिया। बताया जा रहा है कि इसी तरह पिछले लगभग तीन दशकों से शिवनाथ नदी पर अस्थायी बांध बनाकर ईंट-भट्टे का संचालन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान ठेकेदार ने किया विरोध सोमवार को जब प्रशासन ने एनीकट हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई थी। कार्रवाई के दौरान ठेकेदार ने विरोध शुरू कर दिया और जेसीबी मशीन को भी बंद करवा दिया। इसके बाद पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में दोबारा मशीन चालू कर एक छोर से पुल तोड़ने की कार्रवाई की गई। दोनों पंचायतों के सरपंचों ने जताया विरोध पथरिया पंचायत के सरपंच मीत कुमार निषाद ने बताया कि ईंट-भट्टा ठेकेदार ने पंचायत से किसी तरह की अनुमति नहीं ली थी। वर्षों से मिट्टी का बांध बनाकर नदी का उपयोग किया जा रहा था, जिससे ठेकेदार को लाखों रुपये का फायदा हो रहा था। वहीं रवेलीडीह पंचायत के सरपंच माधोलाल देवांगन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने अपने निजी लाभ के लिए नदी पर बांध बनाया। इससे ईंट और मिट्टी के परिवहन में उसे सुविधा मिलती थी। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदार ने पंचायत की जमीन किराए पर ली है, लेकिन उसका किराया भी नहीं दिया जा रहा है। ठेकेदार का दावा, प्रशासन का सख्त रुख ठेकेदार नीलकंठ पांडे का कहना है कि नदी में बनाए गए बांध में पानी के बहाव के लिए पाइप लगाए गए थे और इसका उपयोग ग्रामीण किसान भी करते थे। उनका दावा है कि नियमों के तहत ही यह व्यवस्था की गई थी और इससे सभी को फायदा हो रहा था। हालांकि प्रशासन ने इस दावे को खारिज करते हुए कार्रवाई जारी रखी। कलेक्टर बोले—बिना अनुमति नदी में निर्माण गलत दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि शिवनाथ नदी में मिट्टी डालकर रास्ता बनाना नियमों के खिलाफ है। इस निर्माण के लिए किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। जल संसाधन विभाग और एसडीएम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। जो हिस्सा अभी बचा है, उसे भी हटाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नदी पर इस तरह के अवैध बांध से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती थी, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।

दुर्ग में शिवनाथ नदी पर ठेकेदार का 30 साल पुराना अवैध एनीकट ध्वस्त, पुलिस बल की मौजूदगी में चली बुलडोजर कार्रवाई Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

दुर्ग: पेशाब करने पर विवाद, सगनी पुन्नी मेला से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से हमला; 13 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मामूली बात को लेकर हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। धमधा थाना क्षेत्र में सगनी पुन्नी मेला देखकर लौट रहे दो युवकों पर गांव के आउटर में चाकू से हमला कर दिया गया। इस घटना में दोनों युवक घायल हो गए। पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए 4 जनवरी को सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 11 बालिग और 2 नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है। मेला से लौटते वक्त हुई वारदात यह घटना 3 जनवरी की शाम करीब 5:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक सगनी पुन्नी मेला देखकर अपने गांव लौटे थे। गांव पहुंचने के बाद घर जाने से पहले वे गांव के बाहरी हिस्से में पेशाब करने के लिए रुके। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद युवकों के एक समूह ने इस पर आपत्ति जताई और बातों-बातों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट और चाकूबाजी में बदल गई। एकजुट होकर किया हमला, आरोपी मौके से फरार पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद आरोपी युवक एक समूह में खड़े थे और वे नंदिनी थाना क्षेत्र के चार अलग-अलग गांवों के निवासी हैं। सभी आरोपी भी मेला देखकर लौट रहे थे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने मिलकर दोनों युवकों पर चाकू से वार कर दिए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद उसी दिन छुट्टी दे दी गई, जबकि दूसरे की हालत भी अब स्थिर बताई जा रही है। दो नाबालिग समेत सभी आरोपी गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही धमधा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तफ्तीश के बाद पुलिस ने 13 आरोपियों की पहचान कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग आरोपियों के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

दुर्ग: पेशाब करने पर विवाद, सगनी पुन्नी मेला से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से हमला; 13 आरोपी गिरफ्तार Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Top News

बिलासपुर में पुलिस का एक्शन मोड: अड्डेबाजी और नशाखोरी करने वालों पर सख्ती, चाकू के साथ युवक गिरफ्तार

बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर अड्डेबाजी, नशाखोरी और ग्रुप बनाकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ रविवार रात पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 12 बदमाशों को खदेड़कर पकड़ा और सार्वजनिक स्थानों पर उनसे उठक-बैठक कराई, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी जा सके। जिलेभर में सघन अभियान, 36 से ज्यादा असामाजिक तत्व पकड़े गए पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीते 3 से 4 दिनों में जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 36 से अधिक असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें से कुछ के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में केस दर्ज किया गया, जबकि कुछ को सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाकर सख्त हिदायत दी गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से की जा रही है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि यह अभियान एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाया जा रहा है। गुंडे-बदमाशों, नशेड़ियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वारदात से पहले चाकू के साथ पकड़ा गया युवक रविवार देर रात सिविल लाइन थाना पुलिस ने मगरपारा इलाके में पेट्रोलिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को घूमते हुए देखा। पुलिस को देखकर युवक भागने लगा, जिसके बाद थाना प्रभारी एस.आर. साहू के निर्देश पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी अरशद खान के पास से बटनदार चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी, अड्डेबाजी, ग्रुप बनाकर उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर 9479193099, डायल 112 या सीएसपी सिविल लाइन (9479193006) पर संपर्क किया जा सकता है।

बिलासपुर में पुलिस का एक्शन मोड: अड्डेबाजी और नशाखोरी करने वालों पर सख्ती, चाकू के साथ युवक गिरफ्तार Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, Top News

CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का डिप्टी CM हाउस घेराव, 7 साल से भर्ती का इंतज़ार

13 दिनों से तूता में धरना, गृहमंत्री बोले – CM से चर्चा के बाद होगा फैसला छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती 2018 के वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का सब्र अब जवाब दे चुका है। नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार को डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बंगले का घेराव कर दिया। ये सभी उम्मीदवार पिछले 13 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपने परिवार के साथ आंदोलन कर रहे हैं। दरअसल, साल 2018 में CAF के 1786 पदों पर भर्ती निकली थी, जिसमें मेरिट लिस्ट के बाद 417 अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। सात साल बीतने के बावजूद इन उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है, जबकि CAF में तीन हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। धरने के दौरान बिगड़ी बच्चे की तबीयत प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी के छह महीने के बच्चे की तबीयत खराब हो गई, जिससे आंदोलनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया। इसी बीच नाराज उम्मीदवारों ने डिप्टी सीएम के बंगले का घेराव कर अपनी मांगें रखीं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कैंडिडेट्स को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली से लौटने के बाद पूरे मामले पर उनसे चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की। गृहमंत्री अमित शाह को भी लिखा पत्र CAF कैंडिडेट्स अपनी समस्या को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिख चुके हैं। कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में अभ्यर्थियों ने यहां तक कहा था कि “अगर नक्सली होते तो शायद घर वापसी पर नौकरी और करियर दोनों मिल जाता।” इसके बाद राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गुरुवार को अलग-अलग जिलों से आए कैंडिडेट्स अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ गृहमंत्री के बंगले पहुंचे थे। गृहमंत्री ने उनसे पुलिस मुख्यालय से नोटशीट लाने को कहा और हस्ताक्षर करने का भरोसा दिया, लेकिन उसके बाद वे दौरे पर निकल गए। मजदूरी कर चला रहे परिवार अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी न मिलने के कारण उन्हें मजदूरी कर परिवार का पेट पालना पड़ रहा है। एक कैंडिडेट के पिता गृहमंत्री आवास के बाहर हाथ जोड़कर मीडिया से मदद की गुहार लगाते नजर आए। आधे से ज्यादा कैंडिडेट हो चुके ओवरएज भर्ती के समय सभी अभ्यर्थियों की उम्र 28 से 32 वर्ष थी, लेकिन सात साल बीत जाने के कारण अब 50 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेट 36 से 40 साल की उम्र पार कर चुके हैं। वे अब किसी नई भर्ती के लिए भी योग्य नहीं रह गए हैं। मेरिट लिस्ट में चयनित कई उम्मीदवार मेडिकल में अनफिट हुए या नौकरी छोड़ दी, जिससे सीटें खाली हुईं। बावजूद इसके, वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स को मौका नहीं मिला। सरकार बदलने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। CAF और पुलिस बल में हजारों पद खाली छत्तीसगढ़ पुलिस बल में लंबे समय से भारी कमी बनी हुई है। प्रदेश में कुल 83,259 स्वीकृत पदों में से केवल 65,439 जवान कार्यरत हैं। यानी करीब 17,820 पद खाली पड़े हैं। प्रदेश में 13 IPS और 129 DSP अधिकारियों की कमी है। वहीं सूबेदार, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल के हजारों पद भी रिक्त हैं, जिससे अपराध जांच और कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया भी अधर में अक्टूबर 2024 में पुलिस विभाग में 341 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कॉन्स्टेबल भर्ती भी लंबे समय से अटकी हुई है। CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का कहना है कि अगर सरकार चाहे तो अभी भी खाली पदों पर उनकी नियुक्ति की जा सकती है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री से होने वाली बैठक और सरकार के फैसले पर टिकी हैं।

CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का डिप्टी CM हाउस घेराव, 7 साल से भर्ती का इंतज़ार Read Post »

Chhattisgarh, Education, Political, Raipur, Top News
Scroll to Top