Bhupesh Baghel

भूपेश बघेल का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलते हैं पीएम मोदी

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री भाजपा नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलते रहते हैं और अन्य दलों को राजनीतिक नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए। बघेल ने आरोप लगाया कि NEET और CBSE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए भूपेश बघेल और अजय शर्मा को झारखंड का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों में विभिन्न राज्यों की 24 सीटों के लिए मतदान होगा। कांग्रेस ने कई राज्यों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और झारखंड सहित कई राज्यों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं।

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भूपेश बघेल का सीएम साय पर तंज: बिना देखे वंदे मातरम नहीं गा पाएंगे मंत्री

रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों, कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति और छत्तीसगढ़ से जुड़े मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पंजाब को लेकर बघेल ने बताया कि हाल ही में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ लगभग तीन घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ‘वंदे मातरम’ से जुड़े बयान पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि लोकसभा में इस विषय पर पहले भी चर्चा हो चुकी है और कई लोग पूरा वंदे मातरम गाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने सभी मंत्रियों को खड़ा करके बिना देखे पूरा वंदे मातरम गवाकर दिखाएं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यक्रम राष्ट्रगान और वंदे मातरम से शुरू और समाप्त होते हैं। बघेल ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के कार्यक्रमों में भी ऐसा नियमित रूप से होता है या नहीं। एलपीजी और ईंधन आपूर्ति के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए बघेल ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की स्थिति को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को खाद और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को लेकर सरकार पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।

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साय सरकार पर कांग्रेस का बड़ा हमला, दीपक बैज बोले- लोकतंत्र को दबाने में लगी BJP सरकार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने और विपक्षी नेताओं को परेशान करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में ही दमनकारी रवैया अपनाने लगी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव में सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया गया। बैज के मुताबिक, कांग्रेस के चुनाव संचालक और जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नरेंद्र जैन पर आर्म्स एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया और बाद में आमरण अनशन शुरू किया। बैज ने कहा कि करीब 30 घंटे बाद प्रशासन और सरकार को झुकना पड़ा और कांग्रेस की मांगें माननी पड़ीं। इस आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा चुनावी हार के डर से सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भी लोकतंत्र को दबाने की कोशिश होगी, कांग्रेस मजबूती से विरोध करेगी। दीपक बैज ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रायपुर, बिलासपुर, जशपुर, कवर्धा समेत कई जिलों में हत्या, गोलीबारी और चाकूबाजी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राजधानी रायपुर में गैंगवार और बमबाजी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार अपराध पर नियंत्रण करने के बजाय विपक्ष को दबाने में लगी हुई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी, विकास उपाध्याय, सीमा वर्मा, धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेंद्र वर्मा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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भूपेश बघेल का तंज- धीरेंद्र शास्त्री से पेट्रोल-डीजल सस्ता कराने की पर्ची निकलवाएं

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं और धर्म संतों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। बिलासपुर दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू का जिक्र करते हुए कहा कि वे गौमांस खाते हैं, फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रामभद्राचार्य इसे सही मानते हैं। भूपेश बघेल ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तंज कसते हुए कहा कि अगर पर्ची निकालकर लोगों की समस्याएं बताई जाती हैं, तो पेट्रोल-डीजल के दाम कम कराने की भी पर्ची निकलवानी चाहिए। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक बताते हुए कहा था कि वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते। वहीं कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने चिरमिरी में आयोजित रामकथा के दौरान कहा कि संत समाज और अखाड़ों ने उन्हें जगद्गुरु की मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी उनके जगद्गुरुत्व को चुनौती देगा तो वह उसे स्वीकार नहीं करेंगे। रामभद्राचार्य ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें भगवान राम से प्रेम करने वालों से परेशानी है, उन्हें यह सब अच्छा नहीं लग रहा। उन्होंने यह भी कहा कि जो राम से प्रेम करेगा, उसे उनका आशीर्वाद मिलेगा।

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संतों पर कांग्रेस नेताओं के बयान से छिड़ा सियासी विवाद, रामभद्राचार्य से लेकर धीरेंद्र शास्त्री तक गरमाई राजनीति

छत्तीसगढ़ में संतों और कथावाचकों को लेकर एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। Charan Das Mahant के बयान के बाद धर्म और राजनीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कोरिया जिले के चिरमिरी में आयोजित रामकथा के दौरान Jagadguru Rambhadracharya ने मंच से कहा कि यदि कोई उनके जगद्गुरु होने पर सवाल उठाएगा तो वे उसे स्वीकार नहीं करेंगे। उनका यह बयान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें महंत ने कहा था कि वे रामभद्राचार्य को जगद्गुरु नहीं मानते और उन्हें भाजपा का प्रचारक मानते हैं। इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा ने इसे सनातन संस्कृति और संत समाज का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने कहा कि टिप्पणी राजनीतिक संदर्भ में की गई थी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह पहला अवसर नहीं है जब किसी संत या कथावाचक को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी कई धार्मिक मंच राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन चुके हैं। साल 2025 में भिलाई में आयोजित Dhirendra Krishna Shastri की कथा के दौरान भी बड़ा विवाद सामने आया था। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज को जोड़ने की बात कही थी। बाद में भूपेश बघेल ने उन्हें भाजपा का एजेंट बताया था। हालांकि इससे पहले 2023 में रायपुर में आयोजित बागेश्वर धाम कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सार्वजनिक मंच से धीरेंद्र शास्त्री को भगवान स्वरूप बताया था। कांग्रेस और संत समाज के रिश्ते हमेशा टकरावपूर्ण नहीं रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल कई धार्मिक आयोजनों में शामिल हुए थे। वे Pradeep Mishra की शिव महापुराण कथा में भी पहुंचे थे और मंच साझा किया था। इसके अलावा वे Riteshwar Maharaj से भी मुलाकात कर चुके हैं। इधर, सांसद Jyotsna Mahant ने कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा धर्म जनता की सेवा है। वहीं भाजपा सांसद Santosh Pandey ने चरणदास महंत के बयान को सनातन विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े संतों का अपमान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि धार्मिक मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए।

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सूरजपुर धरने में साथ दिखे भूपेश और टीएस सिंहदेव, बोले- हमारी एकजुटता हमेशा कायम

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर में चल रहे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo एक साथ नजर आए। धरना स्थल से शिवनंदपुर में आयोजित चुनावी सभा तक दोनों नेता एक ही कार में पहुंचे। खास बात यह रही कि गाड़ी खुद टीएस सिंहदेव चला रहे थे, जबकि भूपेश बघेल उनके बगल वाली सीट पर बैठे थे। मीडिया से बातचीत में टीएस सिंहदेव ने कहा कि वे और भूपेश बघेल हमेशा साथ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियों और परिस्थितियों के कारण हर समय साथ दिखाई देना संभव नहीं होता, लेकिन दोनों नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रहती है। दरअसल, विश्रामपुर थाना क्षेत्र में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही थी। भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर पुलिस ने नरेंद्र जैन पर धमकी, गाली-गलौज और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने धरना शुरू किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। दो दिन से चल रहे आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij भूख हड़ताल पर बैठे थे, जबकि टीएस सिंहदेव भी अनशन में शामिल हुए। बुधवार को एसडीएम और एएसपी धरना स्थल पहुंचे और कांग्रेस नेताओं से चर्चा की। अधिकारियों ने कांग्रेस की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है तो पुलिस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि हथियार कहां मिला और क्या बरामद किया गया। उनका आरोप था कि चुनावी माहौल में कांग्रेस नेताओं को परेशान करने के लिए यह कार्रवाई की गई। वहीं दीपक बैज ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के गंभीर धाराएं लगाना गलत है और कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता देर रात तक थाने के सामने धरने पर डटे रहे। मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने 7 सदस्यीय समिति भी गठित की है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद राजनीतिक दबाव में एफआईआर दर्ज की गई।

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कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह! भूपेश बोले- सिंहदेव के बयानों पर नहीं देता प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी सियासी बयानबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के बीच चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सिंहदेव के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करते। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि Deepak Baij पिछले साढ़े तीन साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी में किसे नेता प्रतिपक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, यह फैसला कांग्रेस हाईकमान का होता है और वे इस मामले में अपनी ओर से कोई राय नहीं देते। दरअसल, हाल ही में T. S. Singh Deo ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है, तो वे उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे छत्तीसगढ़ में रहकर ही संगठन और जनता के बीच काम करना चाहते हैं। सिंहदेव के इस बयान पर दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बाबा साहब बड़े नेता हैं और उन्हें दिल्ली में जाकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में यह भी कहा था कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी अपने क्षेत्र और संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने इशारों में चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भी देखा जाना चाहिए कि कौन चुनाव जीता और कौन हारा। सिंहदेव ने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद चुनाव हार चुके हैं, जबकि दीपक बैज भी चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कई क्षेत्रों और लोकसभा चुनाव में भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के भीतर चल रही इस बयानबाजी को लेकर निशाना साधा है। प्रदेश के मंत्री Ramvichar Netam ने कहा कि कांग्रेस का अंदरूनी विवाद समय-समय पर सार्वजनिक होता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और पार्टी “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करती है।

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भिलाई में भूपेश बघेल का BJP पर हमला, बोले- पुराने नेताओं को दूध की मक्खी की तरह बाहर कर दिया

Bhupesh Baghel ने भिलाई में भाजपा सरकार और संगठन को लेकर तीखा बयान दिया है। एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने अपने पुराने और वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से किनारे कर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर Ramvichar Netam और Brijmohan Agrawal का नाम लेते हुए कहा कि दोनों नेताओं को “दूध की मक्खी की तरह बाहर कर दिया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने पुराने नेताओं को महत्व नहीं दे रही है। गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा के संगठनात्मक बदलाव के दौरान रामविचार नेताम और बृजमोहन अग्रवाल को छत्तीसगढ़ भाजपा के कोर ग्रुप से बाहर कर दिया गया था। Bhilai में मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि सरकार वास्तव में चला कौन रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि फैसले मंत्रिमंडल ले रहा है या अधिकारी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब यह ही साफ नहीं है कि “परीक्षार्थी कौन है”, तब सरकार को नंबर कैसे दिए जाएं। बघेल ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह भ्रम की स्थिति में नजर आ रही है। कानून व्यवस्था को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अवैध शराब, सट्टा और अफीम खेती जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने कहा कि देशभर में ईंधन संकट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है और कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने Narendra Modi की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की उपलब्धियों के बारे में देश को जानकारी मिलनी चाहिए।

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दुर्ग कुम्हारी में दर्दनाक हादसा: सिलेंडर ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट से एक ही परिवार के 4 लोग जिंदा जले, प्रशासन और नेताओं ने जताया शोक

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में एक भीषण हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मकान में बिजली के खंभे से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया। आग तेजी से फैलते हुए घर के किचन तक पहुंच गई, जहां गैस सिलेंडर में धमाका हो गया। जोरदार ब्लास्ट के बाद घर में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। मृतकों में पिता अनिल वैष्णव, उनकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी, तथा डेढ़ साल की मासूम बच्ची शामिल हैं। परिवार मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था। हादसे के समय घर में कुछ सदस्य मौजूद थे, जबकि कुछ लोग बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन घर के अंदर मौजूद मासूम बच्ची भी आग की चपेट में आ गई और उसकी भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। मौके से चारों शव बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये और जिला प्रशासन की ओर से 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटनास्थल का दौरा कर बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, परिवार ने उसी दिन सिलेंडर भरवाकर लाया था। हादसे के समय परिवार के सदस्य सो रहे थे, तभी अचानक आग फैल गई और फिर सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल, सांसद विजय बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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संगीता सिन्हा बनीं छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रभारी अध्यक्ष, स्थायी नियुक्ति तक संभालेंगी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच संजारी बालोद से विधायक संगीता सिन्हा को प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस संबंध में ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की ओर से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पहले संगीता सिन्हा और छन्नी साहू के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी। संगठन के भीतर दोनों नेताओं को लेकर अलग-अलग मत थे, जिसके चलते फैसला लंबित था। ऐसे में फिलहाल संगठन ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर संगीता सिन्हा को प्रभारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। वे स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक पद संभालेंगी। बताया जाता है कि जनवरी में दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा की मौजूदगी में अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा ने अपनी दावेदारी रखी थी। स्थायी अध्यक्ष पद के लिए मुख्य प्रतिस्पर्धा संगीता सिन्हा और छन्नी साहू के बीच मानी जा रही थी। संगठन के एक वर्ग का समर्थन छन्नी साहू को मिल रहा था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने के कारण संगीता सिन्हा की स्थिति भी मजबूत थी। अंततः फिलहाल उनके नाम पर प्रभारी अध्यक्ष के रूप में सहमति बन गई है। संगीता सिन्हा संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है और धमतरी के शासकीय महाविद्यालय से पढ़ाई की है। उन्हें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का सदस्य भी बनाया जा चुका है। साथ ही उन्हें उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

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