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मई 2026 से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, 2027 तक प्रक्रिया पूरी, 2028 में जारी होंगे अंतिम आंकड़े

देश में अगली जनगणना मई 2026 से शुरू होकर 2027 तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम आंकड़े वर्ष 2028 में जारी किए जाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, ताकि लोग बिना किसी झिझक के अपनी सही जानकारी उपलब्ध करा सकें। पिछली जनगणना के दौरान यह सामने आया था कि कई लोग निजी जानकारी साझा करने में संकोच करते हैं। डेटा की सुरक्षा और दुरुपयोग की आशंका के कारण कुछ परिवारों ने अधूरी या गलत जानकारी दी थी। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जनगणना-2026-27 को मोबाइल एप आधारित बनाया जा रहा है। मोबाइल एप और जियो-टैगिंग का उपयोग इस बार गणक (एन्यूमरेटर) स्मार्टफोन एप के माध्यम से सीधे डेटा दर्ज करेंगे। जानकारी तत्काल केंद्रीय सर्वर पर भेजी जाएगी। एप हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। अधिकांश प्रश्नों के लिए पूर्वनिर्धारित विकल्प दिए जाएंगे, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और डेटा प्रोसेसिंग तेज होगी। पहली बार नागरिकों को “सेल्फ-एन्यूमरेशन” की सुविधा भी मिलेगी। वे वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। साथ ही जियो-टैगिंग तकनीक से मकानों और स्थानों की सटीक पहचान सुनिश्चित की जाएगी। दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी।पहला चरण (मई 2026): मकानों की सूची तैयार की जाएगी और प्रत्येक घर के सदस्यों की मूल जानकारी एकत्र की जाएगी। यह चरण दूसरे चरण के लिए आधार तैयार करेगा। दूसरा चरण (फरवरी 2027): इसमें व्यक्ति आधारित विस्तृत जानकारी ली जाएगी, जैसे नाम, उम्र, लिंग, जाति, शिक्षा, रोजगार और आय आदि। अधिकारियों के अनुसार पहला चरण किसी ढांचे की तरह होगा, जबकि दूसरे चरण में विस्तृत विवरण जोड़ा जाएगा। सर्वे टीम को विशेष प्रशिक्षण जनगणना से पहले तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वे टीम को यह सिखाया जाएगा कि लोगों से सही और स्पष्ट जानकारी कैसे प्राप्त की जाए। कई बार लोग गोपनीयता के डर से गलत उत्तर दे देते हैं, जैसे पक्के मकान को कच्चा बताना या बेरोजगार होने के बावजूद खुद को कार्यरत बताना। ऐसी स्थिति में टीम को तथ्यों की पुष्टि कर विवेकपूर्ण ढंग से जानकारी दर्ज करनी होगी। गलत जानकारी से योजनाओं पर असर जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के ज्वाइंट डायरेक्टर अशोक मिश्रा के अनुसार जनगणना केवल जनसंख्या गणना नहीं है, बल्कि यही आंकड़े सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। शिक्षा, रोजगार, गरीबी और साक्षरता से जुड़े गलत आंकड़े भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि तकनीकी दक्षता को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को जनगणना कार्य में शामिल किया जाता है। उन्हें एप संचालन और डेटा एंट्री से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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हर एफआईआर की डिजिटल मॉनिटरिंग से तेज हुई कार्रवाई: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गृह विभाग ने कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि अब प्रदेश में दर्ज होने वाली हर एफआईआर की डिजिटल निगरानी की जा रही है। पहले मामलों की समीक्षा मैन्युअल तरीके से होती थी, जिससे विवेचना में देरी होती थी। अब एक विशेष अपराध समीक्षा एप्लीकेशन के माध्यम से एफआईआर का विश्लेषण, समय-सीमा में जांच और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से त्वरित कार्रवाई संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल है। किसी भी शिकायत के पीएचक्यू पहुंचते ही वह संबंधित एसपी, डीएसपी और थाने तक तत्काल प्रेषित हो जाती है। उन्होंने बताया कि यदि 30 दिनों के भीतर शिकायत का निराकरण नहीं होता, तो सिस्टम में स्वतः अलार्म सक्रिय हो जाता है। इससे लंबित मामलों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई की रफ्तार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नशे और ऑनलाइन जुए के खिलाफ कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही अनधिकृत ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स पर पहली बार व्यापक कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक और पोर्टल्स को ब्लॉक किया गया है। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कई संदिग्ध खातों को सीज किया है। फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले 165 पीओएस संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। गौ-वंश तस्करी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गौ-वंश तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां गौ-वंश वध, अवैध परिवहन और व्यापार से जुड़े आदतन आरोपियों की सूची तैयार की गई है। ऐसे 19 आरोपियों की लगातार निगरानी की जा रही है। गौ-वंश वध और अवैध परिवहन के मामलों में 142 वाहनों को राजसात किया गया है, जिनमें से 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और डीजी (जेल) हिमांशु गुप्ता भी उपस्थित रहे।

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राजधानी में 10 साल से 8 करोड़ का डायवर्सन शुल्क बकाया, कार्रवाई शून्य

राजधानी Raipur में बीते दस वर्षों के दौरान करीब 8 करोड़ रुपये का डायवर्सन शुल्क वसूल नहीं हो पाया है। हर साल की तरह इस बार भी तहसील कार्यालयों ने दो हजार से अधिक भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन वसूली की रफ्तार अब भी बेहद धीमी है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सालाना डायवर्सन शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं। पिछले डेढ़ दशक में किसी बड़े बकायादार के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोग नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे। बड़े बकायादारों में कौन? जांच में सामने आया है कि शुल्क न चुकाने वालों में अस्पताल संचालक, राइस मिलर, निजी स्कूल संचालक, पेट्रोल पंप संचालक और नए उद्योग स्थापित करने वाले व्यवसायी शामिल हैं। इन सभी ने कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कराया, लेकिन इसके बाद नियमित वार्षिक शुल्क जमा नहीं किया। बकाया के बावजूद हो रही रजिस्ट्री सबसे बड़ी समस्या यह है कि किस जमीन पर कितना डायवर्सन शुल्क बकाया है, इसकी जानकारी अब तक पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। पंजीयन कार्यालय के पास ऐसा कोई एकीकृत सॉफ्टवेयर नहीं है, जिससे जमीन की रजिस्ट्री के समय बकाया राशि की जांच की जा सके। इसी कारण लाखों रुपये बकाया होने के बावजूद जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही है। कई मामलों में नोटिस मिलने पर संबंधित व्यक्ति यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि जमीन पहले ही बेची जा चुकी है। नया डिजिटल सिस्टम लागू करने की तैयारी राजस्व विभाग का दावा है कि डायवर्सन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए नया एप और सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसके जरिए आवेदन करते ही संबंधित जमीन पर लंबित शुल्क की जानकारी सामने आ जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बकाया शुल्क जमा नहीं किया जाएगा, तब तक नई डायवर्सन प्रक्रिया को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल परीक्षण चरण में है और पूरी तरह लागू होना बाकी है। क्या हो सकती है कार्रवाई? तहसील अधिकारियों के मुताबिक, नियमों के तहत बकाया शुल्क न चुकाने पर— हालांकि, अब तक राजधानी के किसी भी तहसील क्षेत्र में इस प्रकार की सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई है। नियम क्या कहते हैं? कृषि भूमि का उपयोग बदलने के लिए डायवर्सन कराना अनिवार्य है। पहली बार लैंड यूज परिवर्तन के समय शुल्क जमा करना होता है। इसके बाद हर वर्ष निर्धारित शुल्क देना अनिवार्य है, जब तक कि जमीन पर निर्माण पूर्ण न हो जाए या वह नगरीय निकाय के रिकॉर्ड में दर्ज न हो जाए। नियमों में वार्षिक शुल्क से छूट का कोई प्रावधान नहीं है। प्रशासन का दावा राजस्व विभाग ने सभी तहसीलदारों को वसूली तेज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नोटिस के बाद भी शुल्क जमा न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और बकाया राशि हर हाल में वसूल की जाएगी।

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शराब कारोबारी के बेटे शोएब ढेबर फरार, रोडरेज में स्कूल संचालक को धमकी का आरोप

रायपुर के तेलीबांधा इलाके में रोडरेज के एक मामले में आरोपी शोएब ढेबर फरार हो गया है। स्कूल संचालक आरबी मिश्रा को कथित रूप से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। FIR दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अंडरग्राउंड बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर पर अब तक चार बार दबिश दी जा चुकी है, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि उसका मोबाइल फोन बंद है और वह लगातार ठिकाना बदल रहा है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। क्या है पूरा मामला पीड़ित आरबी मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 फरवरी की रात करीब 10 बजे वे विधायक कॉलोनी से वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर दर्शन के लिए गए थे। मंदिर से लौटते समय उनकी कार (CG-04-PY-5003) के पास एक तेज रफ्तार कार आकर टकरा गई, जिससे वाहन में स्क्रैच आ गया। मिश्रा का आरोप है कि जब उन्होंने चालक को सावधानी से गाड़ी चलाने की बात कही, तो उसने बीच सड़क पर वाहन रोक दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद मिश्रा ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला कायम किया। पुलिस का बयान तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज है और उसे पकड़ने के लिए टीम रवाना की गई है। कई बार दबिश के बावजूद आरोपी हाथ नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कौन है शोएब ढेबर शोएब ढेबर कथित शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर का बेटा है और रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर एजाज ढेबर का भतीजा बताया जा रहा है। 8 फरवरी को दर्ज शिकायत के बाद से ही वह चर्चा में है। पहले भी विवादों में रहा नाम बताया जाता है कि शोएब ढेबर का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। 7 अगस्त 2025 को वह बिना अनुमति जेल के मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर गया था, जहां अभद्र व्यवहार की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उस पर तीन महीने तक मुलाकात पर रोक लगा दी थी। इस मामले में गंज थाने में भी प्रकरण दर्ज हुआ था। इसके अलावा क्लब में मारपीट और कोरोना काल के दौरान पुलिसकर्मियों से बहस के वीडियो भी वायरल हो चुके हैं।

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वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग, इंस्टाग्राम पर किया वायरल

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से साइबर अपराध और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवती को उसके ही रिश्तेदार ने पहले प्रेमजाल में फंसाया, फिर वीडियो कॉल के दौरान उसकी आपत्तिजनक रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में इसी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की गई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी मौसी की शादी महाराष्ट्र के पुणे-बीड़ क्षेत्र में हुई है। इसी दौरान वर्ष 2025 में उसका संपर्क मौसी के देवर हम्जा शेख से हुआ। शुरुआत में दोनों के बीच मोबाइल कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने भरोसा जीतकर युवती को अपने जाल में फंसा लिया। एक दिन युवती के पिता ने उसे फोन पर बात करते हुए पकड़ लिया और फटकार लगाई। इसके बाद आरोपी ने युवती के नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट बनवाया, जिसका पासवर्ड दोनों के पास था। कुछ समय बाद वीडियो कॉल के दौरान आरोपी ने युवती पर दबाव बनाकर उससे कपड़े उतरवाए और उसकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग व स्क्रीनशॉट ले लिए। इसके बाद आरोपी ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए युवती से 50 हजार रुपए की मांग की। डर के चलते पीड़िता ने कई बार फोन-पे और नकद के माध्यम से आरोपी को करीब 990 रुपए दिए, लेकिन ब्लैकमेलिंग का सिलसिला नहीं रुका। पीड़िता के अनुसार, जब उसने और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने 27 जनवरी 2026 को उसी इंस्टाग्राम अकाउंट से उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पोस्ट कर दिए। इससे मानसिक रूप से परेशान होकर युवती ने कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले में बालोद पुलिस ने 2 फरवरी 2026 को आरोपी हम्जा शेख के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67(ए) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) एवं 296 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।बालोद जिले की युवती के साथ साइबर अपराध का गंभीर मामला

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कक्षा 1 से 11वीं तक की परीक्षाओं की जिम्मेदारी अब DEO के हाथों में, निजी स्कूलों ने जताया विरोध

छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को सौंपी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है, जो सत्र 2025-26 से लागू होगा। जारी निर्देशों के अनुसार, वार्षिक परीक्षाओं से जुड़ी पूरी प्रक्रिया—प्रश्नपत्र निर्माण, मॉडरेशन, मूल्यांकन और परिणाम घोषणा—अब DEO की निगरानी में संपन्न होगी। यह नई व्यवस्था केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अनुदान प्राप्त, अशासकीय और स्वामी आत्मानंद विद्यालयों पर भी लागू होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा संचालन के लिए जिला स्तर पर संचालन समिति, प्रश्नपत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति का गठन किया जाएगा। कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होंगी, जबकि सभी स्कूलों को 30 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी स्कूल संगठनों का विरोध तेज इस फैसले को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कड़ा ऐतराज जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि निजी स्कूलों की आंतरिक परीक्षा प्रणाली में सरकारी नियंत्रण उनकी स्वायत्तता को कमजोर करता है। साथ ही, शैक्षणिक सत्र के अंतिम चरण में नियमों में बदलाव करना व्यवहारिक नहीं है। एसोसिएशन पदाधिकारियों का आरोप है कि इस निर्णय से निजी स्कूलों की पहले से तय अकादमिक योजना प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के निजी स्कूल विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर मांग रखने की भी बात कही गई है। नए आदेश की मुख्य बातें

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पैसों को करोड़ों में बदलने का झांसा: तांत्रिक की ‘नकली पैसों की बारिश’, ठगी के शिकार युवकों ने हाईवे पर रोककर की पिटाई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और फिर बदले में लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कथित तांत्रिक ने 2.50 लाख रुपए को 2.50 करोड़ बनाने का दावा कर लोगों को झांसे में लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने खुद कानून हाथ में लेते हुए आरोपी को बीच सड़क पकड़कर पीट दिया। मामला बिल्हा क्षेत्र के संबलपुरी गांव का है, जहां कथित तांत्रिक विजय कुमार राज (48) ने एक सरपंच पति के घर अनुष्ठान कर ‘पैसों की बारिश’ का नाटक रचा। अनुष्ठान का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें पैसों की गड्डियों के सामने नारियल, अगरबत्ती और पूजा सामग्री रखी गई थी। कुछ ही देर में ऊपर से नोट गिरते दिखाए गए, जिससे देखने वाले पूरी तरह प्रभावित हो गए। इस वीडियो को देखकर कोरिया जिले के चार युवक लालच में आ गए और 30 जनवरी को बिल्हा पहुंचकर तांत्रिक को ढाई लाख रुपए दे दिए। लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें ठगी का शक हुआ और पैसे वापस मांगे, तो आरोपी और उसके साथी फरार हो गए। ठगी का बदला बना लूटपाट 31 जनवरी की रात विजय कुमार राज ठगी के पैसों के साथ कोरबा की ओर जा रहा था। रतनपुर थाना क्षेत्र में एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए उसने कार रोकी, तभी दो गाड़ियों में सवार चार युवक वहां पहुंचे। उन्होंने विजय को घेरकर जमकर मारपीट की और उसकी स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन और करीब 8 हजार रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई, दोनों पक्ष गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंबिकापुर और कोरिया में दबिश देकर 2 फरवरी को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूटी गई कार, मोबाइल फोन, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा व अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। तांत्रिक पर भी केस दर्ज जांच में सामने आया कि कथित तांत्रिक विजय कुमार राज कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है और उसके साथ तीन महिलाएं और एक सरपंच पति भी इस ठगी में शामिल थे। सरपंच पति रिखीराम नवरंग कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा है, जो अनुष्ठान की व्यवस्था करता था। तीनों महिलाएं लोगों को बहला-फुसलाकर झांसे में लेने का काम करती थीं। ASP मधुलिका सिंह के अनुसार, विजय कुमार राज ने शुरुआत में ठगी की बात छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में वह खुद धोखाधड़ी का आरोपी निकला। बिल्हा थाने में तांत्रिक और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ठगी से जुड़े 1 लाख 85 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। SSP की चेतावनी SSP रजनेश सिंह ने लोगों से अपील की है कि झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र से पैसे बढ़ाने जैसे दावों पर भरोसा न करें। ऐसे ठग लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: 10 जिलों में बनेगी नशा विरोधी टास्क फोर्स, ड्रग नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा

छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे और ड्रग तस्करी पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में जिला स्तरीय नशा विरोधी टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो नशे से जुड़े अपराधों की रोकथाम और आरोपियों पर कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य में नवाचार एवं स्टार्टअप नीति, पायलट प्रशिक्षण संस्थान, पुलिस के लिए विशेष अभियान बल, और 35 हाउसिंग कॉलोनियों के नगर निगमों को हस्तांतरण जैसे कई बड़े फैसले लिए गए। 10 जिलों में नशा विरोधी टास्क फोर्स, 100 नए पदों की स्वीकृति सरकार ने नशे के बढ़ते खतरे को गंभीरता से लेते हुए रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा में टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे ड्रग तस्करी और नशे के नेटवर्क पर निगरानी और कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। पुलिस के लिए विशेष अभियान समूह, 44 नए पद मंजूर कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय के अधीन विशेष अभियान समूह के गठन को भी हरी झंडी दी है। इस यूनिट में 44 नए पद होंगे। यह बल किसी भी आपात स्थिति, आतंकी घटना या गंभीर संकट के समय त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम होगा। छत्तीसगढ़ में ही मिलेगी पायलट बनने की ट्रेनिंग राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में उड़ान प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का फैसला लिया है। यह संस्थान निजी भागीदारी के माध्यम से हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर शुरू किए जाएंगे। इससे युवाओं को पायलट प्रशिक्षण, विमान रखरखाव, हेलीकॉप्टर सेवाएं और हवाई खेल गतिविधियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दे दी है। इस नीति से स्टार्टअप्स, इनक्यूबेशन सेंटर और नवाचार से जुड़े युवाओं को सहयोग मिलेगा, जिससे राज्य की स्टार्टअप रैंकिंग और निवेश संभावनाएं बेहतर होंगी। 35 आवासीय कॉलोनियां नगर निगमों को सौंपी जाएंगी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण की 35 पूर्ण हो चुकी आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और दोहरे मेंटेनेंस खर्च से राहत मिलेगी। नवा रायपुर में बनेगा बहुमंजिला सरकारी परिसर नवा रायपुर अटल नगर में सरकारी विभागों और निगमों के कार्यालयों के लिए एक बड़ा मल्टी-स्टोरी भवन बनाया जाएगा। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और विभागों को एक ही परिसर में सुविधाएं मिल सकेंगी। सिरपुर और अरपा क्षेत्र में कलेक्टर को मिलेगा भूमि आवंटन अधिकार सिरपुर और अरपा क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास के लिए शासकीय भूमि के आवंटन का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया गया है। विकास योजनाओं के तहत भूमि एक रुपए प्रीमियम और भू-भाटक पर उपलब्ध कराई जाएगी। क्लाउड नीति लागू, सरकारी डेटा रहेगा सुरक्षित सरकार ने क्लाउड आधारित नीति को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत सभी विभाग भारत सरकार से मान्यता प्राप्त क्लाउड सेवाओं का ही उपयोग करेंगे। इससे खर्च कम होगा, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिकों को 24×7 सेवाएं मिलेंगी। दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत होगा डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी गई है। इससे नेटवर्क विहीन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं पहुंचेंगी, जिससे राशन वितरण, DBT, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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Chhattisgarh, Top News

नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन से पहले 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे अमित शाह, रायपुर में होगी अहम सुरक्षा समीक्षा बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, वे शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन रविवार को राज्य में नक्सलवाद की स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक के बाद अमित शाह बस्तर रवाना होंगे, जहां वे पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन बेहद करीब है। यह समयसीमा खुद गृह मंत्री अमित शाह ने सार्वजनिक रूप से घोषित की थी। बीते दो महीनों में यह उनका दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे नवंबर में नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP–IGP सम्मेलन में शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, रायपुर में होने वाली बैठक को 31 मार्च की समयसीमा से पहले की अंतिम और निर्णायक सुरक्षा समीक्षा माना जा रहा है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा स्थिति, चल रहे अभियानों की प्रगति और इंटेलिजेंस इनपुट्स पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक का मुख्य फोकस बस्तर संभाग में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों पर रहेगा। पिछले कुछ महीनों में बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने कई बड़े ऑपरेशन अंजाम दिए हैं और नक्सल नेटवर्क पर दबाव बढ़ाया गया है। जानकारी यह भी है कि अमित शाह बस्तर क्षेत्र का अंदरूनी दौरा कर सकते हैं। यदि यह दौरा होता है, तो वे मौके पर तैनात सुरक्षाबलों और अधिकारियों से सीधे फीडबैक लेंगे। इसे जमीनी हालात का वास्तविक आकलन माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ आने से पहले गृह मंत्री जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और वहां उच्चस्तरीय बैठक के बाद सीधे रायपुर पहुंचेंगे। राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अमित शाह के दौरे को लेकर पहले से सतर्क हैं। रायपुर में होने वाली बैठक में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस समीक्षा के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान और अधिक तेज किए जाएंगे। कुल मिलाकर, अमित शाह का यह दौरा एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय डेडलाइन से पहले की अंतिम रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले महीनों में साफ नजर आ सकता है।

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चरित्र पर टिप्पणी का बदला बना मौत की वजह: गरियाबंद में दो महिलाओं ने मिलकर मजदूर महिला की हत्या की

गरियाबंद।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद अमानवीय और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मैनपुर ब्लॉक के शोभा थाना क्षेत्र में दो महिलाओं ने मिलकर एक मजदूर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि मृतका द्वारा उनके चरित्र पर की जा रही कथित टिप्पणियों से नाराज़ होकर दोनों ने इस वारदात को अंजाम दिया। यह घटना 2 जनवरी की है, जब 37 वर्षीय सुमित्रा नेताम का शव उसके घर के पास बनी झोपड़ी में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि सुमित्रा, आरोपी महिलाओं के साथ मजदूरी का काम करती थी और आपसी विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, सुमित्रा नेताम मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थी। पति से अलग होने के बाद वह पिछले दो वर्षों से ग्राम गरीबा के बाहर झोपड़ी में रह रही थी और मजदूरी कर जीवन यापन कर रही थी। इसी गांव में रहने वाली सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) भी मजदूरी का काम करती थीं। आरोप है कि सुमित्रा गांव में सुगतिन और ईतवारिन का नाम दूसरे पुरुषों से जोड़कर आपत्तिजनक बातें फैलाती थी, जिससे दोनों के पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ गया। पति द्वारा शक किए जाने और रोज़ाना झगड़ों से परेशान होकर दोनों ने सुमित्रा को सबक सिखाने की योजना बनाई। निर्ममता की हदें पार 2 जनवरी की दोपहर दोनों आरोपी महिलाएं सुमित्रा की झोपड़ी पर पहुंचीं। यहां तीनों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। आरोप है कि दोनों ने सुमित्रा के हाथ-पैर बांध दिए और उसके साथ क्रूरता की। बाद में उसकी छाती पर चढ़कर लाठी और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया। झोपड़ी आबादी से दूर होने के कारण सुमित्रा की चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी महिलाओं ने झोपड़ी में आग लगा दी और फरार हो गईं। घटना दबाने की कोशिश घटना की जानकारी शाम को गांव वालों को मिली। पहले पंचायत स्तर पर मामला दबाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ ग्रामीणों के विरोध के बाद 3 जनवरी को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतका के पति को सूचना दी गई, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। अंतिम संस्कार उसी व्यक्ति ने किया, जिसके साथ मृतका रह रही थी। पोस्टमॉर्टम और पुलिस कार्रवाई पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में हृदय गति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, सीने पर दबाव और मारपीट के कारण दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ा, जिससे मौत हुई। एडिशनल एसपी धीरेंद्र पटेल ने बताया कि मृतका शराब के नशे में अक्सर विवादित टिप्पणियां करती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त डंडों समेत अन्य सबूत जब्त किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी नकुल सिदार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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