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कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व, प्रो. मनोज दयाल बने कुलपति

छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल गया है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए प्रोफेसर मनोज दयाल की कुलपति पद पर नियुक्ति की घोषणा की है। प्रोफेसर मनोज दयाल वर्तमान में हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग से जुड़े हुए हैं। वे लंबे समय से मीडिया शिक्षा और अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम 2004 तथा संशोधित अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुलपति का कार्यकाल, सेवा शर्तें और अधिकार संबंधित अधिनियम के नियमों के अनुरूप होंगे। नई नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी और पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शोध, प्रशिक्षण और मीडिया अध्ययन से जुड़ी गतिविधियों में भी नई ऊर्जा आने की संभावना जताई जा रही है।

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महादेव घाट मंदिर में महिला की चेन चोरी, भीड़ का फायदा उठाकर वारदात

राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हटकेश्वर मंदिर परिसर में दर्शन करने पहुंची एक महिला के गले से सोने की चेन चोरी होने का मामला सामने आया है। मंदिर में उमड़ी भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। दर्शन के दौरान टूटी चेन जानकारी के अनुसार, महिला गुरुवार को महादेव घाट मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गई थीं। उन्होंने गले में सोने की चेन पहन रखी थी। मंदिर परिसर में अधिक भीड़ होने के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी चेन तोड़ ली। घर लौटने के बाद महिला ने घटना की जानकारी अपने बेटे कोणाल देवरनकर को दी। इसके बाद बेटे ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर विवेचना जारी है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को सतर्क रहने की अपील भी की गई है।

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रायपुर में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़, 10वीं पास युवक ने खुद को पोस्ट ऑफिस डायरेक्टर बताकर 2.34 करोड़ की ठगी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी और डॉक्टर बनाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। विधानसभा क्षेत्र के आमासिवनी-पंडरी इलाके में फर्जी कार्यालय खोलकर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी नरेश मनहर, जो केवल 10वीं पास है, खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताता था। वह पोस्टमास्टर और पोस्टमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से मोटी रकम वसूलता था। अब तक 52 पीड़ितों से करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपए ठगे जाने की पुष्टि हुई है। ऐसे रचा गया ठगी का जाल 17 फरवरी को पीड़ित संजय निराला ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर स्पीड पोस्ट के जरिए आवेदकों के पते पर भेजता था, जिससे उन्हें भरोसा हो जाता था कि उनकी नौकरी लग गई है। मामले की जांच के दौरान सिविल लाइन पुलिस ने आमासिवनी स्थित फर्जी ऑफिस पर छापा मारा। वहां से दो स्मार्टफोन, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कंप्यूटर सेटअप, नोट गिनने की मशीन, फर्जी नियुक्ति पत्र, सील और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। लैपटॉप से फर्जी एमबीबीएस डिग्री की सॉफ्ट कॉपी भी मिली है। गिरोह में बंटी थी जिम्मेदारी पुलिस के अनुसार गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था— जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पास एक विश्वविद्यालय से जुड़ी संदिग्ध डिग्रियां मिली हैं। साथ ही मुख्य आरोपी द्वारा एक महिला के खाते में लगभग 40 लाख रुपए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और संभावित अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस की कार्रवाई रायपुर सेंट्रल जोन के डीसीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू और थाना प्रभारी यमन देवांगन की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर लैपटॉप, मोबाइल, कार, सील-साइन, पासबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस ठगी रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।

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रायपुर में मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग तेज, 350 सिटी बसें और मेट्रो जैसी सुविधा पर जोर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार के बीच बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गई है। शहर में सस्ती, सुलभ और नियमित बस सेवा नहीं होने से आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी विषय को लेकर आयोजित फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) में शहर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी का मानना है कि जब तक मजबूत और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित नहीं होगा, तब तक ट्रैफिक और महंगे निजी साधनों पर निर्भरता कम नहीं होगी। 350 सिटी बसों की जरूरत पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक सुनील सोनी ने कहा कि शहर में कम से कम 350 सिटी बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित होनी चाहिए। उन्होंने नवा रायपुर (एससीआर) तक सुगम आवागमन की कमी पर चिंता जताई। उनका कहना है कि आम नागरिक को अपनी बात रखने के लिए भी नवा रायपुर जाने में 500 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जो अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बस संचालन शुरू किया जा सकता है, जिससे फंडिंग में देरी न हो और बेहतर परिणाम मिल सकें। मिनी बसों और लंबी दूरी के रूट पर फोकस रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने शहर के आंतरिक इलाकों के लिए मिनी सिटी बसों की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि 2008 में 40 बसों से शुरू हुई सेवा एक समय 100 बसों तक पहुंची थी, लेकिन कोरोना काल के बाद व्यवस्था चरमरा गई। ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू का कहना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शहर की “संस्कृति” का हिस्सा बनाना होगा। लंबी दूरी के रूटों पर नियमित बसें चलेंगी तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा। माना, सेजबहार जैसे इलाकों में भी मांग बढ़ रही है। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने कहा कि कई जगह बस स्टॉप तो बने हैं, लेकिन बसें नहीं चल रहीं। ई-बसों के संचालन की प्रक्रिया जारी है। उनका मानना है कि सिटी बसों के नियमित संचालन से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे। निगम और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी मेयर मीनल चौबे ने कहा कि पूर्व की व्यवस्थाओं में मेंटेनेंस और प्लानिंग की कमी रही, जिसके कारण सेवा प्रभावित हुई। वहीं नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सरकार से ठोस पहल की मांग की। परिवहन उपायुक्त कृष्णा पटेल के अनुसार 30 सिटी बसों के लिए परमिट जारी किए गए हैं, लेकिन संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम की है। ऑटो और ई-रिक्शा के किराए तय हैं, उल्लंघन पर शिकायत की जा सकती है। 100 पीएम ई-बसें और नया डिपो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए पीएम ई-बस योजना के तहत 100 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं। जरवाय क्षेत्र में लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर डिपो निर्माण कार्य जारी है, जो करीब 4 महीने में पूरा होने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सस्ती और भरोसेमंद सेवा ही समाधान जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अगर नागरिकों को 10-20 रुपए में समय पर बस सुविधा मिलेगी तो उनका भरोसा बढ़ेगा। मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम न केवल ट्रैफिक और प्रदूषण कम करेगा, बल्कि शहर की समग्र छवि भी बदलेगा।

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पलारी जनपद पंचायत में SDO 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, खेल मैदान के काम में मांगे थे 1 लाख

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी जनपद पंचायत में पदस्थ SDO को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्राम पंचायत भवानीपुर में स्कूल के खेल मैदान में मुरूम बिछाने के 10 लाख रुपए के काम की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में अधिकारी द्वारा 1 लाख रुपए की मांग की गई थी। फाइल क्लियर करने के बदले मांगी रिश्वत जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत भवानीपुर में मैदान समतलीकरण और मुरूम डालने का कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन भुगतान और अंतिम सत्यापन की प्रक्रिया लंबित थी। आरोप है कि SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने अनुकूल रिपोर्ट देने और फाइल जल्द पास करने के लिए पहले 1 लाख रुपए की मांग की। बाद में बातचीत के बाद यह राशि 80 हजार रुपए में तय हुई। शिकायतकर्ता द्वारा पहले ही 20 हजार रुपए दिए जा चुके थे। इसके बाद दूसरी किस्त के रूप में 25 हजार रुपए देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। ACB ने बिछाया जाल, 25 हजार लेते ही दबोचा पीड़ित सरपंच और ग्रामीणों ने मामले की शिकायत Anti Corruption Bureau रायपुर में दर्ज कराई। प्रारंभिक सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार (19 फरवरी) को शिकायतकर्ता तय रकम लेकर SDO के पास पहुंचा। पहले से तैनात 15 सदस्यीय एसीबी टीम ने जैसे ही अधिकारी को 25 हजार रुपए नकद लेते देखा, तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके पर रिश्वत की रकम जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। हाल ही में हुआ था प्रमोशन बताया जा रहा है कि गोपाल कृष्ण शर्मा पहले पलारी जनपद पंचायत में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। करीब दो महीने पहले ही उसे प्रमोट कर ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में SDO बनाया गया था। मामला गिधपुरी थाना क्षेत्र का है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ जारी है और संबंधित फाइलों व दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। कार्रवाई के बाद जनपद पंचायत कार्यालय में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों ने एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।

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रायपुर में शिवाजी जयंती पर कुनबी समाज का भव्य महोत्सव: शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी

रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में कुनबी समाज द्वारा भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कोटा स्थित कुनबी समाज भवन में आयोजित होगा, जहां समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं को जोड़ने की पहल समाज के अध्यक्ष महेश्वर धाण्डेकर ने बताया कि सुबह से ही विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों और युवाओं के लिए रंगोली, निबंध लेखन और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य है। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। शोभायात्रा बनेगी मुख्य आकर्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भव्य शोभायात्रा होगी। यह यात्रा कुनबी समाज भवन से शुरू होकर जगन्नाथ चौक, रामनगर और भारत माता चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। शोभायात्रा में शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां, पारंपरिक परिधान में कलाकारों की प्रस्तुति और ढोल-ताशों की गूंज माहौल को उत्सवमय बनाएगी। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति आयोजन में राजेश मूणत, मीनल चौबे, पार्षद अमन ठाकुर और श्रीकुमार मेनन विशेष रूप से शामिल होंगे। जनप्रतिनिधि शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालेंगे। समाज पदाधिकारियों—उपाध्यक्ष लखाराम बेदरे, सचिव राधेश्याम टोंडरे, कोषाध्यक्ष मानिक सिलारे, संयुक्त सचिव दिनेश मिसार और कार्यकारिणी सदस्य कुलेश्वर पारधी व रूपेश घोरमोड़े—ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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जान से खिलवाड़: पीलिया के नाम पर झाड़-फूंक और टोटकों का जाल, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बिगड़ रही हालत

रायपुर। पीलिया (जॉन्डिस) को हल्की बीमारी समझकर देरी करना और अंधविश्वासी तरीकों पर भरोसा करना मरीजों के लिए भारी पड़ रहा है। शहर से लेकर गांव तक नाभि पर अंडा रखने, अमरबेल का रस पिलाने, आंखों में पत्तियों का रस डालने, राख-चूने से झाड़ने और जड़ी-माला पहनाने जैसे “इलाज” खुलेआम किए जा रहे हैं—जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। नतीजा यह कि मरीज अस्पताल तब पहुंचते हैं जब हालत गंभीर हो चुकी होती है। क्लिनिकल रिकॉर्ड में चौंकाने वाले संकेत 50 से अधिक मरीजों के क्लिनिकल रिकॉर्ड के विश्लेषण में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग हफ्तों-महीनों तक टोना-टोटका करवाते रहे। कई मामलों में सामान्य पीलिया समझकर देरी की गई, जबकि मरीज ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस (पित्त नली में रुकावट) से जूझ रहे थे। इस देरी से बिलीरुबिन खतरनाक स्तर तक पहुंच गया और कुछ मरीजों में इलाज जटिल हो गया—यहां तक कि कैंसर रोगियों को समय पर कीमोथेरेपी देना भी संभव नहीं रहा। मेकाहारा और अंबेडकर अस्पताल की स्टडी मेकाहारा अस्पताल में सामने आए मामलों में पाया गया कि अंधविश्वासी उपचार के कारण मरीज गंभीर अवस्था में पहुंचे। वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग की 2023–2025 के बीच 250 से अधिक गंभीर मरीजों पर आधारित अध्ययन में भी यही रुझान दिखा। अनुमान है कि हर महीने करीब 20 मामले ऐसे मिलते हैं जिनमें देसी-टोटकों के कारण उपचार में देरी हुई। 251 रुपए की “माला” और मंत्र का दावा राजधानी के महादेव घाट इलाके में 251 रुपए में “मंत्र पढ़ी माला” देकर 15 दिन पहनने का दावा किया जा रहा है। जड़ी-बूटी और तंत्र-सामग्री का हवाला देकर इलाज का भरोसा दिलाया जाता है, जबकि इसका कोई चिकित्सीय प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ⚠️ ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस क्यों खतरनाक? ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस तब होता है जब पित्त नली में रुकावट आ जाती है। पित्त की पथरी, ट्यूमर, सूजन या कैंसर इसके कारण हो सकते हैं। यह छिपे हुए कैंसर का शुरुआती संकेत भी बन सकता है।पीलिया दो तरह का माना जाता है— सलाह: पीलिया के लक्षण (आंख-त्वचा पीली, गाढ़ा पेशाब, कमजोरी) दिखें तो तुरंत ब्लड टेस्ट और सोनोग्राफी कराएं। इलाज केवल योग्य डॉक्टर से कराएं; देरी जानलेवा हो सकती है।

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रायपुर में मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग तेज: 350 सिटी बसें और मेट्रो जैसी सेवा से बदल सकती है तस्वीर

रायपुर। राजधानी की तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के फैलते दायरे के बीच बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट अब बुनियादी जरूरत बन चुका है। कई योजनाएं बनीं, बस सेवाएं शुरू भी हुईं, लेकिन आज भी आम लोगों को सस्ती और नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसी मुद्दे को लेकर ‘रायपुर मांगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट’ अभियान के तहत आयोजित फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) में शहर के जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने खुलकर अपनी बात रखी। 350 बसें चलें तो बढ़े भरोसा पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक सुनील सोनी ने कहा कि नवा रायपुर और सचिवालय क्षेत्र तक पहुंचने के लिए पर्याप्त बस सुविधा नहीं है। आम लोगों को मंत्री या अधिकारियों से मिलने के लिए 400–500 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। उनका सुझाव है कि कम से कम 350 सिटी बसें अलग-अलग रूट पर चलाई जाएं। उन्होंने निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के तहत बस संचालन को व्यावहारिक विकल्प बताया, ताकि सरकारी फंड की देरी से बचा जा सके। मिनी बसें और लंबी दूरी के रूट जरूरी पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शहर के अंदरूनी इलाकों के लिए मिनी सिटी बसें शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि 2008 में 40 बसों से शुरू हुई सेवा 100 बसों तक पहुंची थी, लेकिन कोरोना काल के बाद सेवा लगभग ठप हो गई। ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू का मानना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सफल बनाने के लिए लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। लंबी दूरी के रूट पर समयबद्ध बस सेवा शुरू होने से लोगों का भरोसा बढ़ेगा। जाम से राहत का समाधान राजेश मूणत ने कहा कि शहर में कई बस स्टॉप बने हैं, लेकिन बसें नियमित नहीं चल रहीं। जब तक सिटी बस सेवा व्यवस्थित नहीं होगी, तब तक ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म नहीं होगी। वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि पिछली व्यवस्थाओं में मेंटेनेंस और रूट प्लानिंग की कमी रही। अब केंद्र की योजनाओं के तहत सुधार की कोशिश की जा रही है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि सस्ती और भरोसेमंद बस सेवा जनता का अधिकार है। सरकार को किराया और रूट निर्धारण पर स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। परिवहन विभाग की स्थिति परिवहन उपायुक्त कृष्णा पटेल ने बताया कि 30 सिटी बसों के परमिट जारी हैं, लेकिन कितनी बसें संचालित हो रही हैं, इसकी जानकारी निगम के पास है। ऑटो और ई-रिक्शा के लिए किराया निर्धारित है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पीएम ई-बस योजना पर फोकस केंद्र सरकार की पीएम ई-बस योजना के तहत रायपुर को 100 इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं। जरवाय में करीब 2 हेक्टेयर में बस डिपो का निर्माण किया जा रहा है, जो चार महीने में तैयार होने की संभावना है। इलेक्ट्रिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सरोना से 33 केवी लाइन बिछाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समयबद्ध, सस्ती और पर्याप्त संख्या में बसें चलाई जाएं तो रायपुर में निजी वाहनों की निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी।

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वैलेंटाइन डे पर दुर्ग में हाई अलर्ट: 33 पेट्रोलिंग टीमें तैनात, पार्क और मॉल में विशेष निगरानी

वैलेंटाइन डे के मद्देनजर दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शनिवार को जिलेभर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि, हुड़दंग या असामाजिक तत्वों की हरकतों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष ड्यूटी वैलेंटाइन डे को देखते हुए 1 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 नगर पुलिस अधीक्षक और 30 थाना प्रभारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी पार्क, गार्डन, मॉल, प्रमुख बाजार, पर्यटन स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेंगे और स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे। 33 अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टियां सक्रिय पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में 33 अतिरिक्त पेट्रोलिंग टीमें लगाई हैं। ये टीमें सार्वजनिक स्थानों पर लगातार गश्त करेंगी। इसके अलावा 21 प्रमुख स्थानों पर फिक्स प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां पुलिस बल स्थायी रूप से मौजूद रहेगा। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष महिला सुरक्षा टीम तैनात की गई है। पार्क और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डायल-112, कंट्रोल रूम और रिजर्व बल को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। ट्रैफिक विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन वैलेंटाइन डे के दौरान प्रेमी युगलों के साथ होने वाली घटनाओं को लेकर भीम आर्मी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि मोरल पुलिसिंग या संस्कृति के नाम पर हिंसा करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रेमी युगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने, हुड़दंग करने या कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव: रजनीश सिंह बघेल अध्यक्ष निर्वाचित, अनिल त्रिपाठी बने सचिव

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के 2026-2028 कार्यकाल के लिए संपन्न हुए चुनाव में अध्यक्ष पद पर एडवोकेट रजनीश सिंह बघेल ने जीत हासिल की है। उन्होंने सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव को 137 मतों के अंतर से पराजित किया। सचिव पद पर अनिल त्रिपाठी निर्वाचित हुए हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में गौतम खेत्रपाल और महिला उपाध्यक्ष के रूप में मांडवी भारद्वाज ने जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल रहा और समर्थकों ने जश्न मनाया। 85 प्रतिशत से अधिक मतदान गुरुवार को हुए मतदान में कुल 1418 पंजीकृत मतदाताओं में से 1213 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस प्रकार कुल मतदान प्रतिशत 85.54 रहा, जो बार एसोसिएशन चुनाव के लिए उल्लेखनीय माना जा रहा है। चुनाव में 17 पदों के लिए 61 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे से मतगणना शुरू हुई और देर शाम तक परिणाम घोषित कर दिए गए। अन्य पदों पर भी घोषित हुए परिणाम अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल 7 प्रत्याशी मैदान में थे। संयुक्त सचिव पद पर एडवोकेट विजय साहू, संयुक्त सचिव (महिला) पद पर आस्था शुक्ला विजयी रहीं। पुस्तकालय सचिव के रूप में राहुल मिश्रा, खेल सचिव (पुरुष) पद पर अमन पांडेय और खेल सचिव (महिला) पद पर प्रज्ञा पांडेय ने जीत दर्ज की। कार्यकारिणी सदस्य पद के परिणाम कार्यकारिणी के पांच पदों पर एडवोकेट अभिषेक पांडेय, त्रिवेणी शंकर साहू, आशुतोष मिश्रा, शरद मिश्रा और उज्ज्वल चौबे निर्वाचित हुए। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा वकीलों के लिए सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

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