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हाईवे किनारे अवैध कट पर कार्रवाई तय: 320 ढाबे-होटल के एंट्री-एग्जिट बंद होंगे, FIR की तैयारी

नेशनल हाईवे के किनारे नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटल, ढाबे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब सख्त कार्रवाई होने वाली है। टाटीबंध-आरंग और रायपुर-सिमगा मार्ग के बीच करीब 320 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन्होंने बिना अनुमति सीधे हाईवे से प्रवेश और निकास के रास्ते बना लिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। अब NHAI जिला पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कार्रवाई के तहत अवैध कट और रास्तों को बंद किया जाएगा, सड़क किनारे कंक्रीट क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इन प्रतिष्ठानों को कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ऐसे में अप्रैल महीने से अभियान शुरू कर अवैध प्रवेश-निकास समाप्त करने की योजना बनाई गई है। हाईवे पर सीधे वाहनों की आवाजाही को दुर्घटनाओं की बड़ी वजह माना जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के बीच अचानक प्रवेश करने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। कार्रवाई के बाद ब्लाइंड एंट्री खत्म होगी, ट्रैफिक सुचारु रहेगा और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। नियमों के मुताबिक नेशनल हाईवे से कम से कम 30 मीटर दूरी के बाद ही निर्माण की अनुमति होती है और प्रवेश-निकास केवल तय स्थानों से ही होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता में कई प्रतिष्ठानों से सीधे हाईवे पर वाहन चढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। NHAI का कहना है कि हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

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रामनवमी पर छत्तीसगढ़ में भक्ति की धूम: रायपुर से 100 देशों में हनुमान चालीसा लाइव, कई शहरों में भव्य आयोजन

रामनवमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। राजधानी रायपुर में हनुमान चालीसा महापाठ का विशाल आयोजन होगा, जिसका सीधा प्रसारण दुनिया के लगभग 100 देशों में किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश के श्रद्धालु एक ही समय पर सामूहिक रूप से पाठ में शामिल होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित यह कार्यक्रम श्री हनुमान महापाठ समिति द्वारा लगातार 18वें वर्ष किया जा रहा है। संस्कार टीवी के माध्यम से इसका लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार देशभर के करीब 2000 स्थानों पर भी श्रद्धालु एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे, जिससे आयोजन को वैश्विक स्वरूप मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे भजन संध्या से होगी, जिसमें भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। शाम 7 बजे से सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ होगा, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इसके बाद रात 9 बजे जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ पंडित विजय शंकर मेहता “कुमति निवार सुमति के संगी” विषय पर मार्गदर्शन देंगे। दुर्ग में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराने श्री राम पंचायती मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। यहां 108 परिक्रमा, रामायण पाठ और महाआरती के साथ लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। रायगढ़ में रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 54 समाजों और 60 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मार्ग में एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी, जबकि नगर निगम सफाई व्यवस्था संभालेगा। कार्यक्रम का समापन रामलीला मैदान में महाआरती और विशाल भंडारे के साथ होगा। कोरबा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है, वहीं अंबिकापुर के प्राचीन राम मंदिर में राजपरिवार के सदस्य विशेष पूजा करेंगे। इसके अलावा दुर्ग के चंडी मंदिर के पास स्थित करीब 650 वर्ष पुराने श्री राम जानकी मंदिर (बड़ा मठ) का भी ऐतिहासिक महत्व है। प्राचीन समय में यह स्थान साधु-संतों की तपोभूमि माना जाता था। भोसले शासकों ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बावली का पानी आज भी कभी नहीं सूखता, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने 200 मीटर तैराकी में जीता गोल्ड, छत्तीसगढ़ की अनुष्का को सिल्वर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में महिला वर्ग की 200 मीटर स्विमिंग प्रतियोगिता में ओडिशा की 15 वर्षीय तैराक अंजलि मुंडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अंजलि ने फाइनल में 2:53.82 मिनट का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक प्रदर्शन माना जा रहा है। इस इवेंट में छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने भी अपनी शानदार प्रतिस्पर्धा दिखाई और 2:59.33 मिनट के समय के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। वहीं, महाराष्ट्र की तन्वी सुखदेवो धुर्वे तीसरे स्थान पर रहीं। फाइनल में ओडिशा की ही अंजलि मलिक ने 3:06.13 मिनट के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पूर्ण परिणाम (टॉप पोजीशन) अंजलि मुंडा का करियर और प्रदर्शन अंजलि मुंडा ओडिशा के जाजपुर जिले की रहने वाली हैं। पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और ट्राइबल गेम्स में यह गोल्ड उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस जीत ने ओडिशा के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्विमिंग का रोमांच स्विमिंग पूल में पहले दिन कई राज्यों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन 15 साल की अंजलि मुंडा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। युवा खिलाड़ियों का यह उत्साह और मेहनत आगामी खेलों में उनकी सफलता की संभावनाओं को और बढ़ा रही है। अनुष्का भगत के सिल्वर प्रदर्शन ने भी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को गौरवान्वित किया। उनका समय लगभग 2:59 मिनट रहा, जो युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा पैदा करता है। इस वर्ष खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में खेलों की प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और ये मुकाबले उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे। इस शानदार स्विमिंग फाइनल ने दर्शकों और प्रतियोगियों दोनों के लिए रोमांचक क्षण पैदा किए। अंजलि मुंडा की जीत ने साबित कर दिया कि भारत के युवा खिलाड़ियों में कड़ी मेहनत और प्रतिभा से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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सीनियर IPS रतन लाल डांगी निलंबित: SI की पत्नी ने लगाए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई SI की पत्नी द्वारा डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद की गई। गृह (पुलिस) विभाग ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच लंबित होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच महीने पहले ही डांगी को IG के पद से हटा दिया गया था। निलंबन के बाद उन्हें मुख्यालय, नया रायपुर PHQ पर तैनात किया गया है। आदेश के अनुसार, डांगी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। शिकायत की पृष्ठभूमि पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2017 में उनकी पहली मुलाकात डांगी से कोरबा में हुई थी, जब डांगी वहां SP के पद पर तैनात थे। प्रारंभिक बातचीत सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी, जो आगे बढ़ती गई। इसके बाद डांगी ने दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वीडियो कॉल के जरिए उन्हें योग सिखाने का प्रस्ताव दिया। राजनांदगांव और सरगुजा में IG बनने के बाद पीड़िता ने बताया कि डांगी ने उन्हें कथित रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर IG के पद पर रहते हुए उत्पीड़न की घटनाएँ और बढ़ गईं। खाली बंगले में बुलाने और धमकी देने का आरोप शिकायत में महिला ने कहा कि IPS डांगी अक्सर उन्हें अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में खाली बंगले में बुलाते थे। अगर वह नहीं जातीं, तो उन्हें तबादले की धमकी दी जाती थी। चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी डांगी वीडियो कॉल के माध्यम से सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क बनाए रखने का दबाव डालते थे। महिला ने यह भी दावा किया कि उनके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। जांच और नियमावली जारी आदेश के अनुसार, रतन लाल डांगी के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी है। इस दौरान उनके आचरण को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना गया है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। निलंबन का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखना है। इस मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं बरती जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।

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अहमदाबाद के ठगों का कॉल सेंटर सिंडिकेट फूटा, मास्टरमाइंड की तलाश में रायपुर पुलिस

रायपुर पुलिस ने मंगलवार-रविवार की रात को बड़े इंटरस्टेट ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। दो प्रमुख कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर पुलिस ने कुल 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह खुलासा हुआ कि पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड अहमदाबाद के शातिर ठग हैं, जिनके नाम विकास शुक्ला और संजय शर्मा हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है। किराए पर लिए गए ऑफिस और फ्लैट अभियुक्तों ने रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और अंजनी टावर में कॉल सेंटर चलाने के लिए ऑफिस किराए पर लिया था। इसके अलावा ‘पाम बेलागियो’ में एक लग्जरी फ्लैट भी किराए पर लिया गया था। मास्टरमाइंड खुद रायपुर में स्थायी रूप से नहीं रहते थे। वे कुछ दिनों के अंतराल पर आते, मैनेजरों को निर्देश देते और फिर वापस अहमदाबाद लौट जाते थे। फिलहाल पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय ठगी का तरीका पूरी योजना अमेरिका के समय के अनुसार तैयार की गई थी। कॉल सेंटर के कर्मचारी रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक सक्रिय रहते थे, क्योंकि उस समय अमेरिका में दिन होता है। आरोपियों के पास व्हाट्सऐप के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा आता था, जिनके पास अमेरिका के चार बड़े बैंकों से लोन थे। कॉल करने के बाद उन्हें डराया जाता था कि उनका CIBIL स्कोर खराब हो गया है या किस्त जमा नहीं हुई। इसके बाद खाते की जानकारी लेकर चाइनीज ऐप के जरिए ऑनलाइन चेक जनरेट कर लाखों डॉलर की ठगी की जाती थी। कॉल सेंटर प्रभारियों और वेतन संरचना पुलिस ने कॉल सेंटर के तीन मुख्य प्रभारियों को भी गिरफ्तार किया है। इसमें रोहित यादव, सौरभ सिंह और गौरव यादव शामिल हैं। रोहित यादव और सौरभ सिंह पिथालिया कॉम्प्लेक्स के मैनेजर थे, जबकि गौरव यादव अंजनी टावर में संचालित कॉल सेंटर का प्रभारी था।जांच में यह भी सामने आया कि इन प्रभारियों को लगभग 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। कॉल करने वाले युवाओं को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता था। हिंदी स्क्रिप्ट से अंग्रेजी कॉलिंग जांच में यह भी पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी केवल 12वीं पास थे और उन्हें अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान नहीं था। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कागज पर हिंदी में लिखी अंग्रेजी स्क्रिप्ट दी जाती थी। कर्मचारी उसी स्क्रिप्ट को पढ़कर अमेरिकी नागरिकों से बातचीत करते थे। यदि कोई ग्राहक कठिन या तकनीकी सवाल पूछता, तो कॉल तुरंत सीनियर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। युवाओं को इस ठगी के लिए दो महीने की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस का कहना है कि यह अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ठगी का नेटवर्क बहुत संगठित था, और इसके मास्टरमाइंड को पकड़ना प्राथमिकता है। मकान-मालिकों और अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।

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छत्तीसगढ़ में एलपीजी सुरक्षा और वितरण व्यवस्था में कड़ा कदम: पुलिस और होमगार्ड करेंगे निगरानी

छत्तीसगढ़ सरकार ने रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए अहम निर्णय लिया है। राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने गुरुवार को ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक कर इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले किए। अब एलपीजी वितरण केंद्रों और गोदामों की निगरानी पुलिस और होमगार्ड के जवान करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामा न हो। बैठक में बढ़ती मांग और संभावित संकट को देखते हुए बड़ी घोषणा की गई। अब कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं जैसे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को पिछले महीने की उनकी कुल खपत का केवल 20 प्रतिशत ही एलपीजी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य घरेलू उपयोगकर्ताओं और अनिवार्य सेवाओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना है। डिलीवरी प्रणाली में समय-सीमा तय खाद्य सचिव ने वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की है। शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को 25 दिन के भीतर ऑनलाइन रिफिल बुकिंग की सुविधा मिलेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में यह समय-सीमा 45 दिन रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समय पर रिफिल प्राप्त कर सकें और किसी को भी गैस की कमी का सामना न करना पड़े। प्राथमिकता सूची गैस की किल्लत की स्थिति में शासन ने प्राथमिकता वाले संस्थानों की सूची भी जारी की है। सबसे पहले स्टॉक निम्नलिखित संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा: हर दिन स्टॉक की जानकारी भेजनी होगी भीड़ और हंगामा रोकने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड तैनात की जाए। इसके अलावा, ऑयल कंपनियों को हर दिन स्टॉक और वितरण की जानकारी विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है। वितरकों को यह भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रखें और किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान करें। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह कदम राज्य में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए उठाया गया है।

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पूर्व मंत्री के फॉलो वाहन ने बाइक को टक्कर मारी, 2 युवकों की मौत | VIDEO

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर-रायपुर NH-30 पर एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के काफिले की फॉलो वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों युवक टक्कर लगते ही करीब 50 मीटर दूर तक उछलते नजर आए। घटना इतनी भयानक थी कि दोनों की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बुधवार, 25 मार्च को बालेंगा पेट्रोल पंप के पास हुआ। बताया जा रहा है कि फॉलो वाहन की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बोलेरो वाहन के चालक हिमांशु चक्रवर्ती को पूर्व मंत्री के काफिले में शामिल होना था, लेकिन समय पर नहीं पहुँच पाए। काफिले को कवर करने की जल्दी में उन्होंने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान सामने से बाइक पर कमलेश उइके (40) और राम प्रसाद चिरम (30) आ रहे थे। दोनों मिस्त्री अपने निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। अचानक बाइक को मोड़ते ही तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर बिखर गए। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने गुस्से में वाहन चालक को घेर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। एक युवक की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक दुबेगांव, जगदलपुर के रहने वाले थे। प्राथमिक जांच में पुलिस ने तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ने को हादसे की मुख्य वजह बताया है। बालेंगा इलाके में निर्माण कार्य और सड़क पर बढ़ी भीड़ भी हादसे को और गंभीर बना रही थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो और तस्वीरों से यह साफ नजर आ रहा है कि सड़क पर तेज रफ्तार वाहन कितनी जानलेवा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि काफिले में वाहन तेज चलाने से जान का जोखिम बढ़ जाता है। इस हादसे ने इलाके में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद परिवार और स्थानीय लोग शोक में हैं। मृतकों के परिजनों को नुकसान की भरपाई और न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। प्रशासन और पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। यह दुखद हादसा यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन नियंत्रित करना कितना महत्वपूर्ण है। काफिले और बड़े वाहन चालक को सड़क नियमों का पालन करना चाहिए ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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बस्तर में सेंट्रल फोर्स हटेंगी, पुलिस कैंप होंगे विकास और स्वास्थ्य केंद्र: गृह मंत्री विजय शर्मा का ऐलान

छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कैंप बंद नहीं होंगे, बल्कि इन्हें पूरी तरह विकास और प्रशासनिक केंद्र के रूप में बदला जाएगा। गृह मंत्री ने बताया कि नक्सल ऑपरेशन में लगी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की वापसी तुरंत शुरू हो जाएगी और राज्य की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ पुलिस संभालेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि 31 मार्च बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की अंतिम तारीख है और इसमें कोई विस्तार नहीं होगा। सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला फैसला पुलिस कैंपों को लेकर है। अब तक खूनी संघर्ष का गवाह रहे ये कैंप भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाओं के केंद्र में बदल दिए जाएंगे। इस योजना के तहत हर कैंप में अस्पताल और विकास केंद्र खोले जाएंगे, ताकि क्षेत्र में प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को तेजी से बढ़ाया जा सके।

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रायगढ़ में नौकरी का झांसा देकर 20 लाख की ठगी, दुर्ग से आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नौकरी दिलाने के झांसे में तीन लोगों से कुल 20 लाख 4 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने नौकरी न मिलने पर पीड़ितों को फर्जी चेक देकर धोखा दिया। पुलिस ने आरोपी को दुर्ग से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा। जानकारी के अनुसार, पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम घुघवा निवासी कुंजबिहारी पटेल ने 22 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई। ग्राम गोपालपुर निवासी सितेश पाणिग्राही ने मंत्रालय में पहचान होने और सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे 4 लाख 58 हजार 300 रुपये और बाद में 3 लाख 69 हजार रुपये लिए। कुछ महीनों तक नौकरी नहीं मिलने पर जब कुंजबिहारी ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने धीरे-धीरे देने का झांसा देकर टालमटोल किया। बाद में पता चला कि उसने इसी तरह अन्य लोगों से भी ठगी की, जिनमें मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3 लाख 77 हजार और देवकुमार से 8 लाख रुपये शामिल हैं। पीड़ितों को आरोपी ने दुर्ग ले जाकर विवेक कुमार से मिलवाया। दोनों ने नौकरी का झांसा देकर फर्जी चेक दिए, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ितों को समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर विवेक कुमार को दुर्ग से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में नौकरी का झांसा देकर पैसे लेने की बात स्वीकार की। आरोपी के कब्जे से बैंक चेक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, दूसरे आरोपी सितेश पाणिग्राही की तलाश जारी है। SSP शशि मोहन सिंह ने आम जनता से सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

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रायगढ़ में शादी विवाद के दौरान जीजा ने साले को पीटा, इलाज के दौरान हुई मौत; आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शादी समारोह के दौरान जीजा ने अपने बड़े साले को बांस के डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान साले की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और उसे जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, पंचराम निषाद (43) अपने परिवार के साथ ग्राम कुजेमुरा में जाति समाज के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। 14 मार्च की रात घर जाने को लेकर उनका अपने बड़े साले झस्केतन निषाद (49) से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर पंचराम ने झस्केतन पर बांस के डंडे से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें पहले उर्जानगर के जिंदल अस्पताल में भर्ती कराए, फिर हालत गंभीर होने पर रायपुर के आरोग्य अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 19 मार्च को उनकी मौत हो गई। मामले की जांच तमनार पुलिस ने शुरू की। गवाहों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने पाया कि पंचराम ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को हुंकराडीपा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया और घटना में इस्तेमाल बांस का डंडा भी बरामद हुआ। अंततः आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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