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छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर, साइकिल से शुरू हुआ सफर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय मंच तक

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की बेटी और राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीत लिया है। महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 111 किलोग्राम तक वजन उठाया। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में अहम पदक दिलाया। यह जीत ज्ञानेश्वरी के लिए बेहद खास है, क्योंकि प्रतियोगिता के दौरान उनके भाई रितेश यादव दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती थे। परिवार की चिंता के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अपना पूरा ध्यान खेल पर रखा और भाई से किए पदक जीतने के वादे को पूरा कर दिखाया। ज्ञानेश्वरी का सफर आसान नहीं रहा है। उनके पिता दीपक यादव इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं और उनकी मासिक आय करीब 3 से 5 हजार रुपए थी। सीमित आर्थिक हालात के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। ज्ञानेश्वरी ने राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में वह गांव भोड़िया से करीब 8 किलोमीटर दूर राजनांदगांव तक साइकिल से अभ्यास करने जाती थीं। परिवार ने कई मुश्किलों के बीच उनकी ट्रेनिंग, डाइट और खेल सामग्री का खर्च उठाया। इससे पहले भी ज्ञानेश्वरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की थी। ज्ञानेश्वरी यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य नेताओं ने बधाई देते हुए इसे पूरे देश और प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है।

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बिलासपुर में 50 ई-बसों के रूट पर जनता की राय लेगा निगम, यात्रियों के सुझाव से तय होगा नया रूट प्लान

बिलासपुर। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होने से पहले बिलासपुर में इलेक्ट्रिक बसों के रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर में चलने वाली 50 ई-बसों के संचालन को लेकर अब यात्रियों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं, ताकि लोगों की जरूरत और आवागमन के आधार पर बेहतर रूट तैयार किया जा सके। बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी ने छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोगों से राय मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मार्गों पर रोजाना अधिक संख्या में लोगों का आना-जाना होता है, उन रूटों को प्राथमिकता दी जाएगी। ई-बसों के रूट तय करते समय विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल, औद्योगिक क्षेत्र, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी-निजी कार्यालयों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आसपास के गांवों और कस्बों से रोज शहर आने वाले लोगों की सुविधा को भी इसमें शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिलासपुर को 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है। इनमें पहले चरण में 35 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा, जबकि बाद में 15 और बसें चलाई जाएंगी। ई-बसों के संचालन के लिए कोनी में करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से डिपो तैयार किया जा रहा है। डिपो में चार्जिंग स्टेशन, वर्कशॉप, सब-स्टेशन और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां 14 चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जहां एक साथ 14 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, नागरिक अपने सुझाव ई-मेल के माध्यम से या नगर निगम के विकास भवन स्थित अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी के कक्ष क्रमांक-42 में जमा कर सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम रूट चार्ट तैयार किया जाएगा।

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रायपुर मेकाहारा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगी आग, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट

रायपुर। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल (मेकाहारा) के मेडिसिन विभाग स्थित इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार दोपहर अचानक आग लगने से अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया। आग के कारण इमरजेंसी वार्ड में धुआं भर गया, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दिया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में तकनीकी खराबी आने या उसके फटने की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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रायपुर में अवैध कॉलोनी और बिना पार्किंग वाली बिल्डिंग की बनेगी लिस्ट, निगम करेगा कार्रवाई

शहर में अवैध निर्माण, अवैध प्लॉटिंग और बिना पार्किंग संचालित हो रहे व्यावसायिक परिसरों पर अब नगर निगम सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सभी जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर ऐसे मामलों को चिन्हित करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निगम की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अवैध कॉलोनियों, अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों की सूची तैयार की जाए। इसके साथ ही मुख्य सड़कों पर बिना पार्किंग सुविधा के चल रहे व्यावसायिक भवनों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। बड़े बकायेदारों पर होगी सीलबंदी और कुर्की बैठक में राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार टैक्स वसूली में तेजी लाई जाए और लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने वालों की संपत्तियों पर नियमानुसार कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई की जाए। आयुक्त ने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक संपत्तिकर जमा करने वाले नागरिकों को 5 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर कर जमा करें। अवैध नल कनेक्शन नियमित करने अभियान तेज नगर निगम क्षेत्र में अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने के अभियान को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि लोगों को योजना की जानकारी देकर ज्यादा से ज्यादा आवेदन प्राप्त किए जाएं और लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर रहेगा जोर ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत सभी वार्डों में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। निगम आयुक्त ने अधिकारियों से ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू कराने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने को कहा। निर्माण नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना बैठक में बिना ग्रीन नेट के निर्माण कार्य कराने, सड़क पर अतिक्रमण करने, कचरा फैलाने और सीएंडडी वेस्ट नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में ई-चालान के माध्यम से जुर्माना लगाने को कहा गया है। जन शिकायतों का समय पर समाधान आयुक्त ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर कॉल सेंटर, निदान-1100 और जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली शिकायतों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधूरे मकानों को जल्द पूरा कराने और बीएलसी घटक के पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

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28 जुलाई को रायपुर आएंगे कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन में हो सकते हैं शामिल

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट 28 जुलाई को रायपुर पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि वे NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, उनके दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम अभी प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, रायपुर प्रवास के दौरान सचिन पायलट की प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकों की भी संभावना है। पार्टी संगठन में संभावित बदलाव और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उनके इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जून में भी आए थे रायपुर इससे पहले 25 जून को सचिन पायलट रायपुर आए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया था। उस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा को कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी सरकार और संगठन की आंतरिक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस एक पुरानी और मजबूत संगठनात्मक परंपरा वाली पार्टी है, जो नए जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। सचिन पायलट ने यह भी कहा था कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के अभियान पर काम कर रही है। देशभर में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ भाजपा सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति भी तैयार की जा रही है।

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सिम्स बिलासपुर में पहली बार VATS तकनीक से फेफड़ों की जटिल सर्जरी, मरीजों को मिली बड़ी राहत

बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में पहली बार आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरास्कोपिक सर्जरी (VATS) तकनीक के जरिए टीबी जनित प्लूरल इफ्यूजन (फेफड़ों के आसपास पानी भरने) से पीड़ित 57 वर्षीय मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया। इस उपलब्धि के बाद अब फेफड़ों और छाती से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का इलाज सिम्स में ही संभव होगा। जानकारी के अनुसार, 57 वर्षीय मरीज पिछले तीन महीने से लगातार बुखार से पीड़ित था। शुरुआती इलाज निजी अस्पताल में किया गया, जहां उसे टाइफाइड की दवाइयां दी गईं, लेकिन बाद की जांच में दाहिने फेफड़े के आसपास पानी जमा होने की पुष्टि हुई। सिम्स के टीबी विभाग में भर्ती करने पर मरीज में टीबी जनित प्लूरल इफ्यूजन की पहचान हुई और उपचार शुरू किया गया। बार-बार पानी निकालने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे जनरल सर्जरी विभाग भेजा गया। इसके बाद टीबी, जनरल सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने पहली बार VATS तकनीक का उपयोग करते हुए सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान फेफड़े के आसपास जमा तरल पदार्थ निकाला गया, डिकॉर्टिकेशन किया गया और बायोप्सी भी की गई। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब तेजी से स्वस्थ होकर नियमित फॉलो-अप पर है। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि VATS मशीन उपलब्ध होने के बाद यह संस्थान की पहली सफल सर्जरी है। पहले इस तरह के 10 से 12 मरीजों को हर महीने बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा बिलासपुर में ही उपलब्ध रहेगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार, निजी अस्पतालों में इस सर्जरी पर लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि सिम्स में यह सुविधा शासकीय शुल्क पर तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि लगातार बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या फेफड़ों में पानी भरने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराएं। इस सफल सर्जरी को जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. कोमल प्रसाद देवांगन, डॉ. विनोद तमकनंद और डॉ. सुशील पात्रे ने अंजाम दिया। उनके साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ. ऋतेश, डॉ. गरिमा शर्मा, टीबी विभाग के डॉ. अनिल डरसेना एवं उनकी टीम तथा एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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रायपुर में 360 स्कूल बसों की जांच, 22 बसों में मिली सुरक्षा खामियां; 53 हजार रुपए का जुर्माना

राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान 38 स्कूलों की कुल 360 बसों की मैकेनिकल और दस्तावेजी जांच की गई। जांच के दौरान 22 बसों में सुरक्षा संबंधी विभिन्न खामियां पाई गईं, जिसके चलते संबंधित स्कूल प्रबंधन पर कुल 53 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 15 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि स्कूलों को करीब दो महीने पहले ही बसों की जांच को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कई बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं। जांच के दौरान बसों के चालक और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें कई लोगों में उच्च रक्तचाप (बीपी), शुगर और कमजोर दृष्टि जैसी समस्याएं सामने आईं। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने चालक और परिचालकों को बस में आग लगने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। अधिकारियों ने आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान अधिकांश बसों में सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल किट, फायर फाइटिंग सिस्टम और खिड़कियों पर सुरक्षा जाली जैसी सुविधाएं मौजूद मिलीं। हालांकि कुछ बसों में ऑटोमैटिक डोर लॉक की व्यवस्था नहीं थी। कई बसों के बीमा और फिटनेस से जुड़े दस्तावेज अधूरे पाए गए, जबकि कुछ चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी थी। कुछ बसों के दरवाजे हाथ से बंद किए जा रहे थे और कई बसों की सीटें भी पुरानी हालत में मिलीं। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान एक 62 वर्षीय चालक अपनी जगह परिचालक को जांच के लिए भेजकर बचने की कोशिश करता मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह बीपी और शुगर की दवाइयां ले रहा है। बाद में उसकी भी जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण में 48 चालक-परिचालकों में बीपी और शुगर की समस्या तथा 22 चालकों की नजर कमजोर पाई गई। कई चालक जरूरत होने के बावजूद चश्मा नहीं पहन रहे थे। इससे पहले मई महीने में तीन दिन तक चले विशेष अभियान में 751 स्कूल बसों की जांच की गई थी, जिसमें 284 बसों में खामियां मिली थीं। स्कूलों को एक महीने के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद रविवार को दोबारा हुई जांच में 22 बसों में फिर से कमियां मिलने के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि पहले जारी किए गए नोटिस के बाद सुधार कार्यों की निगरानी किस स्तर पर की गई। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी 16 बिंदुओं वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर बसों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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श्रावणी मेला 2026: बाबाधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, इतवारी-मधुपुर स्पेशल ट्रेन अगस्त में चलेगी

श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी (नागपुर) और मधुपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह स्पेशल ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त तक संचालित होगी और कुल 5-5 फेरे लगाएगी। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के यात्रियों को देवघर पहुंचने में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। ट्रेन का संचालन कब होगा? रायपुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यह स्पेशल ट्रेन दुर्ग, रायपुर और भाटापारा सहित बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर जैसे स्टेशनों पर भी रुकेगी, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। रायपुर स्टेशन पर समय 08895 इतवारी–मधुपुर 08896 मधुपुर–इतवारी सीटें अभी उपलब्ध रेलवे के अनुसार इस विशेष ट्रेन में फिलहाल पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। अगस्त माह की सभी निर्धारित यात्राओं में AC-3 और स्लीपर श्रेणी में अच्छी संख्या में सीटें खाली हैं। ऐसे में श्रद्धालु समय रहते टिकट बुक कर कन्फर्म सीट प्राप्त कर सकते हैं। ट्रेन में होंगे 20 कोच यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें: अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी रुकेगी ट्रेन यह स्पेशल ट्रेन झारसुगुड़ा, बामड़ा, गारपोस, राजगंगपुर, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद और चित्तरंजन सहित कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर भी ठहरेगी। इससे झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधे यात्रा करने का बेहतर विकल्प मिलेगा.

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बिलासपुर में जलभराव से भड़का लोगों का आक्रोश, NH-49 पर चक्काजाम; 150 से अधिक घरों में घुसा पानी

बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों का कहना है कि अधूरे पुल और ड्रेनेज निर्माण के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है, जिससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। जलभराव की वजह से लोगों के घरों में रखा घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पुल और ड्रेनेज का निर्माण पूरा नहीं होगा और समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण NH-49 पर भारी और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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महादेव बेटिंग ऐप केस: ED ने शेफाली बग्गा से दो दिन की पूछताछ, 30 लाख कैश और प्रमोशन डील्स पर उठे सवाल

महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट और ‘बिग बॉस 13’ की पूर्व प्रतिभागी शेफाली बग्गा से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनके घर से बरामद 30 लाख रुपये नकद, अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रचार, विदेश यात्राओं और कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर कई सवाल किए। यह पूछताछ 30 मई को दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई ED की छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। उस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 30 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। ED का दावा है कि यह राशि कथित तौर पर अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी कमाई हो सकती है। जांच के दौरान ED ने शेफाली बग्गा से सोशल मीडिया प्रमोशन, भुगतान के तरीके और महादेव सिंडिकेट से जुड़े कथित संपर्कों के बारे में जानकारी ली। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ में शेफाली ने बताया कि बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी व्यावसायिक डील्स उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे, जिनमें एंडोर्समेंट, भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं। ED का आरोप है कि शेफाली ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रचार किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, उनके बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लोगों को एक टेलीग्राम चैनल पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर बेटिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती थीं। जांच एजेंसी ने शेफाली, उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी समन जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, शेफाली अब जांच में शामिल हो चुकी हैं, जबकि उनके पिता और भाई अब तक पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या कथित प्रमोशन से मिलने वाले भुगतान नकद में किए जाते थे और क्या यह रकम परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंची। इसके अलावा दुबई और लंदन की यात्राओं, लग्जरी होटलों में ठहरने तथा महादेव सिंडिकेट से जुड़े कथित लोगों के साथ संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज का इस्तेमाल कर नए यूजर्स को जोड़ा जाता था। इसके बाद कथित तौर पर हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और अन्य वित्तीय माध्यमों से पैसों के स्रोत को छिपाने की कोशिश की जाती थी। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है। ED आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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